दलित महिला को हैंड पंप से पानी पीना पड़ा भारी, स्थानीय बदमाशों ने की बुरी तरह पिटाई

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक शर्मनाक घटना सामने आई है जहां एक दलित महिला को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने एक सार्वजनिक हैंड पंप से पानी पी लिया. यह घटना भोजपुर इलाके की है. आरोप है कि एक दलित महिला जब भोजपुर में एक सार्वजनिक हैंड पंप से पानी पीने गई तो स्थानीय गुंडों ने उसकी पिटाई कर दी. फिलहाल यूपी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. यह घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है.

घटना को लेकर मुराबाद के एसपी विशआल यादव ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘इस मामले की चांज की जा रही है और दोषी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे. गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में दलित समुदाय के खिलाफ हिंसा में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.’

बीते दिनों एक दलित युवक की शादी उत्तर प्रदेश में कई महीनों तक सिर्फ कुछ लोगों की दबंगई की वजह से रुकी हुई थी. 27 वर्षीय दलित युवक की शादी सिर्फ इसलिए रुकी हुई थी क्योंकि उसकी बारात ठाकुरों के इलाके से नहीं गुजर सकती है.

कासगंज में लड़की के गांव वाले ठाकुर समुदाय ने अपने इलाके से बारात को ले जाने से मना कर दिया था जिसके बाद दोनों की शादी अटकी पड़ी थी.

दलित युवक संजय कुमार ने अपनी शादी के लिए सरकार के सभी कार्यालयों, डीजीपी, मुख्यमंत्री से लेकर एससी/एसटी आयोग और यहां तक कि स्थानीय अखबारों तक में अपनी बात रखी लेकिन किसी ने उसकी मदद उस वक्त नहीं की.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह युवक शादी के बारात को अपनी दुल्हन के गांव में ले जाने के लिए मदद मांग रहा है जो कि ठाकुरों के वर्चस्व का इलाका था.

युवक ने कहा कि क्या वह हिंदू नहीं है? उसने प्रखंड विकास परिषद के एक सदस्य से कहा, ‘जब हमारा संविधान कहता है कि हम सभी बराबर हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि हम सभी हिंदू हैं वे हिंदूवादी पार्टी को लीड करते हैं तो मैं ऐसी चीजों का सामना क्यों कर रहा हूं?’

संजय ने कहा, ‘क्या तब मैं हिंदू नहीं हूं? एक संविधान के द्वारा लोगों के लिए शासन करने का नियम अलग-अलग नहीं हो सकता है.’

गुजरात के ऊना से लेकर महाराष्ट्र तक और यूपी से लेकर झारखंड तक उच्च जाति के कुछ लोगों दलितों को निशाना बना देते हैं. हाल ही में यूपी में एक दूल्हे को घोड़े पर बैठकर शादी में जाने के लिए पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी थी.

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