भीम ऐप से रेलवे टिकट के पेमेंट पर मिलेगा फ्री सफर का मौका

भीम ऐप से भुगतान करना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. भीम और यूपीआई ऐप से भुगतान करने पर आप रेलवे से फ्री में सफर करने का मौका पा सकते हैं. भारतीय रेलवे ने 1 अक्टूबर को ‘लकी ड्रॉ स्कीम’ लॉन्च की है. इस स्कीम के तहत हर महीने 5 लोगों को फ्री में सफर करने का मौका मिलेगा. हालांकि इस स्कीम में वही लोग शामिल हो सकेंगे, जो भीम और यूपीआई ऐप से भुगतान करेंगे.

भारतीय रेलवे इस नई स्कीम के तहत हर महीने 5 लोगों को पुरस्कृत करेगी. हर महीने कंप्यूटर के जरिये 5 लकी विजेताओं का नाम चुना जाएगा. इनका चुनाव होने के बाद उन्होंने टिकट के लिए जो भी भुगतान किया होगा, वह उन्हें रिफंड कर दिया जाएगा. इस तरह आपको फ्री में सफर करने का मौका मिलेगा.

एक अक्टूबर को शुरू हुई यह स्कीम अगले 6 महीनों तक चलेगी. स्कीम की शर्तों के मुताबिक इन ऐप से टिकट बुक करने के बाद आपको लकी ड्रॉ के उस महीने में ही सफर भी करना होगा. भीम ऐप या यूपीआई से टिकट बुक करने के बाद उसे कैंसल करने पर इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा. आईआरसीटीसी के मुताबिक टिकट बुक कर बाद में बुकिंग रद्द किए जाने वाले पीएनआर नंबर इसमें शामिल नहीं होंगे.

हर महीने लकी ड्रॉ जीतने वालों का नाम आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर डिसप्ले किया जाएगा. इसके अलावा विजेताओं को उनकी रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी पर भी इसकी जानकारी दी जाएगी. मोदी सरकार लगातार कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने में जुटी हुई है. उसी तरफ भारतीय रेलवे की तरफ से यह कदम उठाया गया है. अगर आप भारतीय रेलवे की इस लकी ड्रॉ स्कीम के बारे में और जानकाारी चाहते हैं, तो आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर इसकी पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं.

‘खुदकुशी करने जैसी है नोटबंदी, केवल ढाई लोग चला रहे हैं सरकार’

Arun Shourie

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में अब मोदी सरकार के विरोध में स्वर उठने लगे हैं. पहले यशवंत सिंहा और अब वायपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे अरूण शौरी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है.

एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में अरूण शौरी ने कहा कि नोटबंदी काले धन को सफेद करने की सरकार की बड़ी स्कीम थी, जिसके पास भी काला धन था उसने नोटबंदी में उसे सफेद कर लिया. उन्होंने ये भी कहा कि बड़े आर्थिक फैसले सिर्फ ढाई लोग लेते हैं, पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और घर के वकील, उनका इशारा वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर है.

शौरी ने इंटरव्यू में कहा कि सरकार का केवल नए खुलासों पर जोर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रात को कहा कि नोटबंदी होनी चाहिए. ये एक साहसिक कदम था. ये ध्यान रखिए कि खुदकुशी करना भी एक साहसी कदम होता है.

अरुण शौरी ने कहा, ”नोटबंदी काले धन को सफेद करने के लिए सरकार की ओर से चलाई गई सबसे बड़ी स्कीम थी. जिसके पास भी काला धन था उसने सफेद कर लिया. RBI ने कहा कि नोटबंदी के बाद 99 फीसद पुराने नोट वापस आ गए, मतलब साफ है कि नोटबंदी से काला धन नष्ट नहीं हुआ.”

जीएसटी पर अरुण शौरी ने कहा, ”जीएसटी अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए बड़ा कदम था लेकिन इसे ठीक से लागू नहीं किया गया. तीन महीने के अंदर सात बार नियम बदले गए. आर्थिक नीति को लेकर बड़े फैसले एक चैंबर में बैठकर सिर्फ ढाई लोग ले रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और घर के एक” घर के एक वकील से अरुण शौरी का इशारा वित्त मंत्री जेटली की ओर था.

अरुण शौरी 1999-2004 के बीच वाजपेयी सरकार में विनिवेश मंत्री रहे. BALCO पहली सरकारी कंपनी थी जिसका शौरी के कार्यकाल में विनिवेश हुआ. देश के पहले और आखिरी विनिवेश मंत्री रहे, अभी ये विभाग वित्त मंत्री के पास होता है. साल 1998-2004, 2004-2010 दो बार राज्यसभा के सांसद रहे. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के संपादक भी रहे हैं.

 

ब्रिटेन में फिर गिरफ्तार हुए विजय माल्या

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Vijay malya

लंदन। शराब कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन में इस साल दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के मुताबिक इस बार मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है. अप्रैल में भी उन्हें गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उस समय उन्हें जमानत मिल गई थी. विजय माल्या विभिन्न बैंकों के 9,000 करोड़ रुपये के ऋण चूक मामले में भारत में वॉन्टेड हैं.

पिछले साल विजय माल्या उस समय देश छोड़कर जाने में कामयाब हो गए थे, जब विभिन्न बैंक उनसे ऋण की वसूली की कोशिशों में जुटे हुए थे. बाद में भारत सरकार ने विजय माल्या का पासपोर्ट भी रद्द कर दिया था, और इसी आधार पर यूके की सरकार से उन्हें भारत डिपोर्ट कर देने का आग्रह किया था. इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय को जानकारी दी गई कि भारत का डिपोर्टेशन अनुरोध यूके के कानूनों के तहत काम नहीं करेगा, क्योंकि यूके में ऐसे लोगों को भी रहने की अनुमति है, जिनके पासपोर्ट वैध नहीं रहे हैं.

ब्रिटेन की एक अदालत ने माल्या के प्रत्यर्पण से संबंधित मामले में मुख्य मुकदमे की कार्रवाई से पहले की सुनवाई की तारीख 20 नवंबर तय की है. विजय माल्या के खिलाफ भारत में आधे दर्जन से अधिक गिरफ्तारी वारंट हैं. अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन्स शुरू करने वाले विजय माल्या पर सीबीआई ने 1,000 पृष्ठ की चार्जशीट में धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोप लगाए थे.

यूपी सरकार ने पर्यटन स्थल की सूची से हटाया ‘ताजमहल’

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Tajmahal

लखनऊ। अगर आपसे कहा जाए कि ताजमहल अब घुमने की जगह नहीं… तो आप चौंक जाएंगे… लेकिन जनाब ये खबर ही चौकाने वाली है… ये हम नहीं कह रहे बल्कि यूपी सरकार कह रही है… मुमताज की याद में शाहजहां की तरफ से दिए गए इस नायाब तोहफे को यूपी सरकार ने अपनी टूरिस्ट सूची से हटा दिया है. प्रदेश सरकार की तरफ से जो नई बुकलेट जारी की गई है उसमें दुनिया के इस सातवें अजूबे यानि ताजमहल का नाम शामिल नहीं किया गया. हां इनके जगह पर कुछ नए नामों को जरुर शामिल किया है जिसमें खासतौर पर गोरखधाम मंदिर का नाम है… साथ ही गोरखपुर के देवी पटन शक्ति पीठ को भी इस सूची में शामिल किया गया है. आईए देखते है यूपी सरकार के इस फैसले पर लोगों का क्या कहना है…

जहां नए बुकलेट का पहला पेज वाराणसी की गंगा आरती के नाम समर्पित किया गया है…वहीं दूसरे पेज में सीएम योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी की तस्वीर भी लगाई गई है… लेकिन बुकलेट से ताजमहल के नाम को जिस तरह से हटाया गया है उससे तय हो गया है कि प्रदेश सरकार अपने हिन्दुत्व के एजेंडे पर काम कर रही है जिसमें पुराने धरोहरों को हटाकर या बदलकर उसे एक खास रंग देने की कोशिश में लगी है. आपको बता दें कि इससे पहले योगी सरकार मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का फैसला कर चुकी है

हालांकि ताजमहल मामले में सरकार की तरफ से अभी कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है… लेकिन जिस तरह से इस एतिहासिक धरोहर को सियासत के रंग में रंगने की कोशिश की गई है और सीएम के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर को ज्यादा तबजौ देने की कोशिश की गई है…उससे देश की छवि दुनिया के रंगमंच पर कहीं न कहीं जरुर धुमिल होगी…

इलाहाबाद में हुई बसपा नेता की हत्या, कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

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राजेश यादव

इलाहाबाद। बहुजन समाज पार्टी के नेता राजेश यादव की सोमवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना से आक्रोशित उनके समर्थकों ने मंगलवार को शहर के इंडियन प्रेस चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया गया.

पुलिस के मुताबिक, राजेश यादव सोमवार को अपने मित्र डॉ. मुकुल सिंह के साथ फॉर्च्यूनर एसयूवी से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ताराचंद हॉस्टल में किसी से मुलाकात करने गए थे.

रात तकरीबन ढाई बजे हॉस्टल के बाहर किसी से उनका विवाद हो गया. कहासुनी ज़्यादा बढ़ने पर दूसरे पक्ष ने यादव पर गोली चला दी जो उनकी पेट में लगी.

यादव की देर रात अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. सुबह उनकी मौत की ख़बर फैलते ही उनके समर्थक अस्पताल के निकट स्थित इंडियन प्रेस चौराहे पर एकत्र हो गए और रोडवेज़ की एक बस को आग लगा दिया. बस पूरी तरह से जल गई.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय भेजा गया है.

इस संबंध में यादव की पत्नी की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. इसमें यादव के साथी मुकुल सिंह के सहित अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है.

उल्लेखनीय है कि ज्ञानपुर सीट से राजेश यादव पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा के प्रत्याशी थे.

गुजरात में 300 दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म

Buddha

अहमदाबाद। अहमदाबाद और वडोदरा में शनिवार को विजयादशमी के अवसर पर 300 से अधिक दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाया. गुजरात बुद्धिस्ट एकेडमी के सचिव रमेश बांकेर ने बताया कि उनके संगठन की ओर से यहां आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 200 दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाया. इनमें करीब 50 महिलाएं थीं.

बांकर ने बताया कि कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) के बौद्ध धर्म के प्रमुख ने दीक्षा दी. तथागत बुद्ध ने परिनिर्वाण प्राप्त करने के लिए कुशीनगर में ही अपने शरीर का त्याग किया था. कार्यक्रम के संयोजक मधुसूदन रोहित ने बताया कि वड़ोदरा में एक कार्यक्रम में 100 से अधिक दलितों ने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली. पोरबंदर के एक बौद्ध भिक्षु ने उन्हें दीक्षा दी.

दलित समुदाय के लोग विजयादशमी के मौके पर बौद्ध धर्म अपनाने को तरजीह देते हैं. दरअसल, 1956 में इसी दिन बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर ने नागपुर में एक समारोह में लाखों दलितों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. डॉ. अम्बेडकर के साथ पांच लाख लोगों ने हिंदू धर्म त्यागकर समता, करुणा, शांति का संदेश देने वाले महान बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी. विश्व में शांतिपूर्वक हुए इस धम्म क्रांति ने इतिहास रच दिया है. 1956 के धर्मांतरण समारोह के बाद से हर वर्ष अशोक विजयदशमी को लाखों अम्बेडकरी अनुयायी तथागत बुद्ध और बाबासाहेब को स्मरण कर उनके विचारों पर चलने का संकल्प लेते हैं. यह परंपरा 60 वर्षों से लगातार जारी है.

बसपा के क्षेत्रीय समन्वयक रोहित ने बताया, इस कार्यक्रम के पीछे कोई खास संगठन नहीं था. रोहित ने कहा, हमने धर्मांतरण के लिए संकल्प भूमि (वड़ोदरा) को चुना क्योंकि बाबासाहेब अम्बेडकर ने छुआछूत के खिलाफ लड़ने के लिए यहीं से संकल्प लिया था.

दलित बच्ची का अंतिम संस्कार कर रहे परिजनों पर सवर्णों ने किया पथराव

girl child

कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक दलित परिवार को उसकी मासूम बेटी का शव दफनाने से सवर्णों ने रोक दिया. दलित परिवार ने इसका विरोध किया तो पास के गांव के सवर्णों ने तालाब की जमीन को अपना बताते हुए उन्हें जबरन मार-पीट और पथराव कर भगा दिया. जिससे नाराज़ सैंकड़ों की संख्या में इकठ्ठे हुए दलितों ने स्थानीय रोड को जामकर दिया. घटना सैनी थाना इलाके के थुलथुला गांव की बताई जा रही है. इस पूरे मामले पर जहां पुलिस के अधिकारी सवर्णों पर कोई ठोस कार्रवाई न करने के कारण मीडिया के सवालों से बच रहे है, वहीं दूसरी तरफ कौशाम्बी के डीएम पूरे मामले की जांच एसडीएम से कराकर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं.

स्थानीय लोगों के मुताबिक सैनी थाने के थुलथुला गांव में रहने वाले मोती लाल की 8 महीने की बेटी बीमारी के कारण मौत के मुंह में चली गई. जिसके अंतिम संस्कार के लिए परिवार ने गांव के तालाब की जमीन पर गड्डा खोद कर दफनाने की प्रक्रिया शुरू की. अभी कब्र खोद कर लोग शव लेकर पहुंचे ही थे कि पास के ही गांव के कुछ सवर्णों ने तालाब की जमीन को अपना बता कर मोती लाल को शव दफनाने से मना कर दिया. इतना ही नहीं जातिवादियों ने दलित परिवार के विरोध करने पर उनके साथ मार-पीट की और पथराव कर उन्हें वहां से भगा दिया.

शव का अंतिम संस्कार न कर पाने से नाराज़ मोती ने गांव के लोगों से अपनी बात बताई. जिसके बाद सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे दलितों ने सैनी के देवीगंज रोड को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. घटना की जानकारी लोगों से मिलने के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पंहुचा. कई घंटे की जद्दोजहद के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तालाब की ज़मीन को सरकारी भूमि बताते हुए शव का अंतिम संस्कार कराया. जिसके बाद पूरा मामला शांत हुआ.

इस पूरे मामले पर सैनी थाना पुलिस ने जातिवादियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है. कार्रवाई के बाबत तहरीर न मिलने का हवाला देकर पुलिस अधिकारी मीडिया के सवालों से बच रहे हैं. फिलहाल कौशाम्बी के डीएम ने इस पूरे मामले की जांच एसडीएम सिराथू को सौंपी है. कौशाम्बी के डीएम मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही ठीक-ठीक कहना उचित होगा और रिपोर्ट के बाद ही ठोस कार्रवाई की जाएगी. जिससे भविष्य में इस तरह की घटना दोहराई न जा सके.

संपादित-रमेश कुमार

जेएनयू में 13 अक्टूबर तक हीं भर सकेंगे फॉर्म, जल्दी करें अप्लाई

नई दिल्ली। जेएनयू में इस साल से ऐडमिशन के लिए दिसंबर में एंट्रेंस एग्जाम होंगे. ऐकडेमिक सेशन 2018-19 के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है. यूनिवर्सिटी 27 दिसंबर से 30 दिसंबर तक देशभर के 53 शहरों और देश से बाहर काठमांडु, नेपाल में एंट्रेंस एग्जाम रखेगी. इससे पहले तक एंट्रेंस एग्जाम मई में होते थे. ऑनलाइन ऐप्लिकेशन भरने का प्रोसेस 15 सितंबर को 10 बजे से शुरू होगा और 13 अक्टूबर (रात 11:59 बजे तक) तक फॉर्म भरे जा सकेंगे.

एमफिल/पीएचडी, जेआरएफ से एमफिल/पीएचडी, पीएचडी, जेआरएफ से पीएचडी, एमटेक, एमपीएच, पीजीडीई, एमए, एमएससी, एमसीए, फॉरेन लैंग्वेज में बीए ऑनर्स और सभी पार्ट टाइम कोर्स के लिए एंट्रेंस एग्जामिनेशन होंगे. जेएनयू की वेबसाइट (jnu.ac.in) में प्रॉस्पेक्टस देखा जा सकता है. सभी कोर्स के लिए ऑनलाइन ऐप्लिकेशन भरी जाएगी.

जेएनयू में इस साल एंट्रेंस एग्जाम 16 से 19 मई को हुए थे. मई की बजाय दिसंबर में एग्जाम रखने के फैसले पर पिछले दो साल से काम चल रहा था और ऐकडेमिक काउंसिल के बाद इस साल स्टैंडिंग काउंसिल ने इस पर मोहर लगा दी थी. इसके लिए एक कमिटी भी बनाई गई थी और सभी डीन से राय भी ली गई थी. दिसंबर एंट्रेंस रखने की वजह है, ताकि जेएनयू के लिए ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स अप्लाई कर सके.

बिहार की बेटी ज्योति मचा रही बिग बॉस में धमाल

पटना जिले के मसौढ़ी की रहनेवाली ज्योति कुमारी ने रविवार को बिग बॉस सीजन 11 के घर में इंट्री कर ली। बिग बॉस के घर में ज्योति ने रात 10.10 बजे पर इंट्री ली। बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने ज्योति कुमारी सहित सभी प्रतिभागियों का बिग बॉस के घर में स्वागत किया।

बिग बॉस के सीजन 11 के लिए आयोजित ग्रैंड प्रीमियर में जुड़वा 2 के स्टार्स वरुण धवन, जैकलीन फर्नांडीज और तापसी पन्नू के साथ ज्योति भी मंच पर पहुंचीं। ज्योति ने सलमान खान को उनकी तस्वीरों के कलेक्शन को लाल रंग के रैपर में गिफ्ट किया। सलमान ने रैपर को खोला जिसमें उनकी तस्वीरों का कोलाज बना हुआ था।

ज्योति मसौढ़ी के गंगाचक मलकाना मोहल्ले की रहनेवाली हैं। फिलहाल दिल्ली के हंसराज कॉलेज से पढ़ाई कर रही है। ज्योति के पिता पटना में एक संस्थान में चपरासी हैं। बिग बॉस में इंट्री लेने से पहले ज्योति के पिता ने बताया कि मेरी बेटी ज्योति मुंबई जाने का सपना देखा करती थी। उसका सपना पूरा हो गया है। बचपन से ही उसका ख्वाब था कि वह बॉलीवुड में काम करे। उसे सपनों की सीढ़ी मिल गयी है।

ज्योति ने एक साक्षात्कार में कहा कि एक मामूली चपरासी की बेटी के सपने भी मामूली हों यह जरूरी नहीं। बिग बॉस में प्रवेश लेने से पहले ज्योति का आत्मविश्वास देखते बन रहा था। ज्योति के परिजनों ने बताया कि वह शुरू से ही अपनी बातों को जोरदार तरीके से रखती थी। पक्ष हो या विपक्ष तुरंत अपनी बात कह देती है।

आस्ट्रेलियाई कप्तान स्मिथ के साथ धोनी पहुंचे अपने घर

तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मैच के लिए भारत व आस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों का रांची आना शुरू हो गया है. सोमवार को भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी, आस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ, पेन व हेनरिक्स रांची पहुंच गए. आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जहां बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सीधे होटल चले गए वहीं धौनी अपने घर रवाना हो गए. रांची स्थित धौनी के फार्म हाउस में अनुपम खेर, धौनी का दोस्त चितु और महेंद्र सिंह धौनी मौजूद रहे. राज्य में फिल्मों के भविष्य को लेकर फिल्‍म अभिनेता अनुपम खेर आज रांची में पत्रकारों से बात करेंगे. सात अक्टूबर को भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मैच जेएससीए स्टेडियम में खेला जाएगा. दोनों टीमों के खिलाड़ी अलग-अलग रांची पहुंचेंगे. माना जा रहा है कि पांच अक्टूबर तक दोनों टीमों के सभी खिलाड़ी रांची पहुंच जाएंगे. नागपुर में एक अक्टूबर को संपन्न एकदिवसीय सीरीज के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ी अपने-अपने घर रवाना हो गए, जबकि कुछ आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भारत भ्रमण करने का निर्णय लिया. पहले से खिलाड़ियों के आने की सूचना नहीं होने के कारण एयरपोर्ट पर प्रशंसकों की भीड़ नजर नहीं आई. हालांकि, धौनी को देखते ही मौजूद लोगों में उनकी तस्वीरें लेने की होड़ मच गई. सात अक्टूबर को होने वाले मैच के लिए टिकटों की बिक्री मंगलवार से शुरू हो जाएगी. स्टेडियम के टिकट काउंटर से सुबह साढ़े नौ बजे से टिकटों की बिक्री शुरू हो जाएगी. इस मैच के लिए 900 से लेकर पांच हजार तक के टिकट हैं. कुल छह काउंटरों से टिकट मिलेंगे जबकि एक काउंटर महिलाओं व दिव्यांगों के लिए है.

अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दलित छात्र से प्रोफेसर कर रहे हैं भेदभाव

ambedkar University

नई दिल्ली। देश में दलितों के साथ भेदभाव लगातार जारी है. ये भेदभाव स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनवरत रूप से जारी है. डेढ़ साल पहले रोहित वेमुला की हैदराबाद विश्वविद्यालय में संस्थानिक हत्या के बाद, बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में आठ दलितों के साथ भेदभाव किया गया और विश्वविद्यालय से निकाल दिया गया था. बहुत विरोध प्रदर्शन और तमाम आयोगों को शिकायत पत्र देने के बाद ही छात्रों की बहाली हुई.

अब दिल्ली स्थित अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दलित क्वीर छात्र के साथ पिछले कई महीनों से भेदभाव जारी है. 19 वर्षीय आरोह अकुंथ के विश्वविद्यालय प्रशासन से तकरार के बाद वे कैंपस से बाहर हो सकते हैं. आरोह का कहना है कि वो क्वीर हैं और दलित भी, इस वजह से उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा. अब आरोह ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बातें लोगों तक पहुंचाई है. हालांकि, यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी का कहना है कि अभी यह मामला वीसी अपने स्तर पर देख रहे हैं. आरोह ने वीसी को भी मेमो दिया है.

आरोह ने सोशल मीडिया पर एक ओपन लेटर लिखा है. जिसमें उन्हें उन्होंने अपनी पूरी व्यथा बताई और भेदभाव करने वाले प्रोफेसरों के नाम भी बताए हैं.

सेकंड ईयर के स्टूडेंट आरोह का कहना है कि अगर स्टूडेंट ने 14 पेपर पास किए हों, तो उसे अगले साल के लिए प्रमोट कर दिया जाता है. आरोह ने 12 पेपर पास किए, एक में फेल हुए और तीन के रिजल्ट को चैलेंज किया. सुधार के लिए कोई रिड्रेसल सिस्टम नहीं है. इसलिए डीन से मिलने के बाद उन्होंने मुझे मामला सॉल्व होने तक थर्ड ईयर में बैठने की इजाजत दी.

Protest

आरोह का कहना है, जब मैंने अपना असाइनमेंट जमा किया तो मेरी कोर्स कोऑर्डिनेटर ने इसलिए लेने से मना कर दिया क्योंकि वो हाथ से लिखा है और मैं फेल हो गया. उन्होंने ‘दया’ का हवाला देते हुए मेरा वाइवा लिया लेकिन वो असाइनमेंट से आधे नंबर का होता है. कोऑर्डिनेटर ने ईमेल के जरिए कई बार मेरी क्वीर आइडेंटिटी पर सवाल और कमेंट भी किए, जबकि उन्हें पता है कि मैं कैंपस में होमोफोबिक और जातिवादी लोगों का सामना करने के लिए थेरेपी भी ले रहा हूं.

अंडरग्रैजुएट स्टडीज स्कूल के डीन डॉ़ तनुजा कोठियाल ने जांच के लिए चार मेंबर की इंटरनल कमिटी बनाई, जिसमें सभी टीचर्स थे, स्टूडेंट्स की ओर से कोई नहीं था. एक महीने के बाद केस स्टूडेंट्स-फैकल्टी कमिटी में भेजा गया, जहां इसे पर्सनल मैटर बताते हुए मदद से इनकार कर दिया गया. यूजीसी के हिसाब से शिकायतों पर कमिटी को एक हफ्ते से एक महीने के अंदर रिजल्ट देना होता है मगर इस केस में उल्टा आरोह को फैकल्टी के खिलाफ जाने के लिए धमकाया जा रहा है.

उनका यह भी कहना है कि कैंपस में दलित या क्वीर होने की वजह से भेदभाव होता है, मगर इस पर टीचर्स चुप रहते हैं. यूनिवर्सिटी में ना ही इक्वल ऑपर्चुनिटी सेल और ना ही एससी/एसटी सेल है. जेंडर सेंसेटाइजेशन कमिटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरसमेंट (GSCASH) में क्वीर कम्यूनिटी का रिप्रेजेंटेशन नहीं है. स्टूडेंट्स इन सेल की डिमांड और इनमें स्टूडेंट्स के प्रतिनिधित्व के लिए आज प्रोटेस्ट करेंगे.

संपादित-रमेश कुमार

BSF कैंप पर आतंकी हमला, 3 आतंकी ढेर

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श्रीनगर। श्रीनगर एयरपोर्ट के करीब स्थित बीएसएफ कैंप पर मंगलवार (3 अक्टूबर) सुबह आतंकवादियों ने हमला कर दिया. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने हमला करने वाले तीनों आतंकवादियों को मार गिराया. आतंकियों ने बीएसएफ की 182वीं बटालियन को निशाना बनाकर यह हमला किया था. आतंकी कैंपस के अंदर मौजूद एक बिल्डिंग में घुस गए थे. कई घंटों तक चले ऑपरेशन के बीद तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया. हमले में बीएसएफ के एक ASI शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हुए हैं. घटना के मद्देनजर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है.

बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4.30 बजे आतंकवादी फायरिंग करते हुए बीएसएफ कैंप के अंदर घुस गए. तुरंत हरकत में आए जवानों ने आतंकवादियों पर जवाबी कार्रवाई शुरू करते हुए पूरे इलाके को घेर लिया. ऑपरेशन के दौरान सभी वाहनों और यात्रियों को एयरपोर्ट की तरफ जाने से रोक दिया गया था. यहां तक कि एयरपोर्ट के कर्मचारियों को भी एयरपोर्ट नहीं जाने दिया जा रहा था. बाद में एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बहाल कर दी गई.

हमले के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में सुरक्षाबल पहुंच गए थे. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, 53 राष्ट्रीय राइफल्स, बीएसएफ और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के जवान शामिल थे. काफी देर तक आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग चलती रही. आखिरकार तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने सोमवार को दो हमलों को अंजाम दिया है. कश्मीर घाटी के पुलवामा जिले में आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी है. इससे पहले पिछले हफ्ते ही बांदीपोरा में बीएसएफ जवान रमीज अहमद पैरे को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने घर में घुसकर गोली मार दी थी. उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

2002 का रिकॉर्ड तोड़ 62 के पार हुआ डीजल

देश भर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सिलसिला अभी भी जारी है। जहां डीजल 62 के पार चला गया है, वहीं पेट्रोल भी 80 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गए हैं। पूरे देश में इनके प्राइस सबसे ज्यादा मुंबई में हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत 2002 के बाद अब अपने सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। वहीं कोलकाता में यह तीन साल के रिकॉर्ड पर है। इससे पहले अगस्त 2014 में डीजल की कीमतें देश के तीन बड़े महानगरों मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में सबसे ज्यादा थी। ​

1 जुलाई से दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में 7 रुपये 74 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं डीजल के दाम में 5.74 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। दिल्ली में 2 अक्टूबर को पेट्रोल 70.83 रुपये और डीजल 59.07 रुपये की दर से बेचा गया।

वहीं कोलकाता में पेट्रोल 73.57 रुपये, मुंबई में 79.94 रुपये और चेन्नई में 73.43 रुपये की दर से बिका। अगर डीजल की बात करें तो कोलकाता में 2 अक्टूबर को यह 61.73 रुपये, मुंबई में 62.75 रुपये और चेन्नई में 62.22 रुपये की दर थी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री प्रधान ने कहा, ‘अमेरिका में हरीकेन तूफान के कारण हाल में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में कमी होगी, ईंधन की कीमतों में कमी आ जाएगी।’

पेट्रोल और डीजल के मूल्य पिछले 20 सालों से बाजार से जुड़े हुए हैं। पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स में कमी की संभावना के सवाल पर प्रधान ने कहा कि आधारभूत ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं के मद्देनजर करों में कटौती नहीं की जाएगी।

सामने आई हनीप्रीत, रो-रो कर खोले बलात्कारी बाबा के राज

honeypreet

पंचकुला। बलात्कारी बाबा की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत 38 दिनों के बाद सबके सामने आई. वह राम रहीम की सजा मिलने के बाद से ही फरार चल रही थी. हनीप्रीत के करीबियों ने दावा किया है कि वह पंचकूला पुलिस के सामने सरेंडर करेगी. बता दें कि वह एक महीने से ज्यादा समय से फरार चल रही है.

हनीप्रीत ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि अभी हुए इस पूरे वाकये से मैं खुद डरने लगी हूं, मैं अपनी मेंटल स्थिति बयां नहीं कर सकती. हनीप्रीत ने सामने आने के बाद खुद को बेकसूर बताया है. हनीप्रीत ने कहा है कि वह अपना पक्ष पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के सामने रखेंगी. राम रहीम की बेहद करीबी रहीं हनीप्रीत ने कहा है वो इस पूरे मामले में कानूनी सलाह लेंगी.

हनीप्रीत ने अपने और राम रहीम के रिश्ते पर भी सफाई दी. हनीप्रीत ने कहा कि उनका और राम रहीम का रिश्ता बेहद पवित्र था. बातचीत में हनीप्रीत ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया.

कुछ दिनों पहले हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दी थी. हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने हनीप्रीत की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उसे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका देनी चाहिए.

हनीप्रीत आखिरी बार 25 अगस्त को रोहतक में दिखी थी. 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया था और उसे रोहतक की सुनारिया जेल भेज दिया था. पंचकूला से हनीप्रीत भी उसके साथ हेलिकॉप्टर में रोहतक गई थी. उसके बाद हनीप्रीत को एक गाड़ी में रोहतक से निकलते हुए देखा था. उसके बाद वह कहां थी इसका कोई पता नहीं चल पाया था.

संपादित-रमेश कुमार

…इन तीन वैज्ञानिकों को मिला मेडिसिन का नोबेल प्राइज

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स्टॉकहोम। यूएस के जेनेसिसिस्ट्स जेफरी सी. हॉल, माइकल रॉसबैस और माइकल डब्ल्यू यंग को इंटरनल बायलॉजिकल क्लॉक के बारे में महत्वपूर्ण शोध के लिए 2017 के चिकित्सा के नोबेल के लिए चुना गया है. इंटरनल बायलॉजिकल क्लॉक के जरिए ही ज्यादातर जीवित लोगों में जगने-सोने की प्रक्रिया संचालित होती है. नोबेल असेंबली ने ऐलान किया, ‘उनकी खोज ने इसकी व्याख्या की कि कैसे पौधे, जानवर और इंसान अपने जैविक लय के मुताबिक खुद को ढाल लेते हैं, जिससे वे धरती की परिक्रमा से तालमेल बैठा पाते हैं.’

इंटरनल बायलॉजिकल क्लॉक यानी आंतरिक जैविक घड़ी को सर्केडियन रिदम के नाम से भी जाना जाता है. धरती पर जीवन हमारे इस ग्रह के परिक्रमा के अनुरूप होता है. कई सालों से हमारे वैज्ञानिकों को पता है कि जीवों में एक इंटरनल क्लॉक होता है जो दिन के रिदम के अनुरूप खुद को ढालता है. नोबेल असेंबली ने कहा, ‘हॉल (72), रॉसबैश (73) और यंग (68) ने बायलॉजिकल क्लॉक और उसकी आंतरिक कार्यप्रणाली का करीब से अध्ययन किया.’

बता दें कि इंटरनल बायलॉजिकल क्लॉक हॉर्मोन्स लेवल्स, नींद, शरीर के तामपाम और मेटाबोलिजम जैसे जैविक कार्यों को प्रभावित करता है. यही वजह है कि जब हम अपने टाइम जोन को बदलते हैं तो तत्काल हमारा इंटरनल क्लॉक और बाहरी वातावरण में तालमेल नहीं बैठ पाता. तीनों चिकित्सा वैज्ञानिकों को कुल 9 लाख स्विडिश क्रोनोर यानी 11 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 7 करोड़ रुपये) की प्राइज मनी मिलेगी. पिछले साल जापान के योशिनोरी ओशुमी को चिकित्सा का नोबेल मिला था.

एनबीटी से साभार