नई दिल्ली। आकाश आनंद के ससुर और पुराने बसपाई अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाले जाने के बाद बहुजन समाज पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बसपा मुखिया बहन मायावती के आज के सोशल मीडिया पोस्ट से यही लग रहा है। इस पोस्ट में साफ नजर आ रहा है कि बसपा प्रमुख मायावती के दिल और दिमाग में काफी हलचल है। इस पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ को चेतावनी है तो आकाश आनंद के लिए भी बड़ा मैसेज है।
12 फरवरी को अशोक सिद्धार्थ को बसपा से बाहर किये जाने के फरमान के बाद 16 फरवरी को एक के बाद अपने 5 एक्स पोस्ट में बसपा प्रमुख की बेचैनी साफ दिखी। बहनजी ने इशारों-इशारों में नसीहत देते हुए लिखा कि-
1. बीएसपी, देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवाँ को सत्ता तक पहुँचाने हेतु, मान्यवर श्री कांशीराम जी द्वारा सब कुछ त्यागकर स्थापित की गई पार्टी व मूवमेन्ट, जिसमें स्वार्थ, रिश्ते-नाते आदि महत्वहीन अर्थात बहुजन-हित सर्वोपरि है।
— Mayawati (@Mayawati) February 16, 2025
बीएसपी, देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवाँ को सत्ता तक पहुँचाने हेतु, मान्यवर श्री कांशीराम जी द्वारा सब कुछ त्यागकर स्थापित की गई पार्टी व मूवमेन्ट, जिसमें स्वार्थ, रिश्ते-नाते आदि महत्वहीन अर्थात बहुजन-हित सर्वोपरि है।
इसी क्रम में मान्यवर श्री कांशीराम जी की शिष्या व उत्तराधिकारी होने के नाते उनके पदचिन्हों पर चलते हुए मैं भी अपनी आखिरी सांस तक हर कुर्बानी देकर संघर्ष जारी रखूंगी ताकि बहुजन समाज के लोग राजनीतिक गुलामी व सामाजिक लाचारी के जीवन से मुक्त होकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
इसके बाद बहनजी ने जो पोस्ट लिखा वो भतीजे आकाश आनंद को चेतावनी की तरह है। बहनजी ने लिखा-
3. अतः मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह ही मेरे जीतेजी भी पार्टी व मूवमेन्ट का कोई भी वास्तविक उत्तराधिकारी तभी जब वह भी, श्री कांशीराम जी के अन्तिम सांस तक उनकी शिष्या की तरह, पार्टी व मूवमेन्ट को हर दुःख-तकलीफ उठाकर, उसे आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लगातार लगा रहे।
— Mayawati (@Mayawati) February 16, 2025
मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह ही मेरे जीतेजी भी पार्टी व मूवमेन्ट का कोई भी वास्तविक उत्तराधिकारी तभी जब वह भी, श्री कांशीराम जी के अन्तिम सांस तक उनकी शिष्या की तरह, पार्टी व मूवमेन्ट को हर दुःख-तकलीफ उठाकर, उसे आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लगातार लगा रहे।
साथ ही, देश भर में बीएसपी के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी पार्टी प्रमुख द्वारा निर्देश, निर्धारित अनुशासन एवं दायित्व के प्रति पूरी निष्ठा व ईमानदारी से जवाबदेह होकर पूरे तन, मन, धन से लगातार काम करते रहना ज़रूरी है।
बहनजी के एक्स पोस्ट से साफ है कि उन्होंने यह संदेश दे दिया है कि कोई बसपा का उत्तराधिकारी तभी बना रह सकता है जब वो उनके हर निर्देश का पालन करे। बता दें कि जिस तरह से बहनजी ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को बाहर का रास्ता दिखाया है, उससे पार्टी के भीतर नई बहस शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि आकाश आनंद भी इस फैसले से खुश नहीं हैं। आकाश आनंद बहनजी के हर पोस्ट को रि-पोस्ट करते हैं, लेकिन 12 फरवरी को अशोक सिद्धार्थ को निकाले जाने की खबर पर उनकी चुप्पी साफ दिखी। उन्होंने बसपा मुखिया के इस पोस्ट को रि-पोस्ट भी नहीं किया। और अब जिस तरह इस उठा पटक के चौथे दिन बहनजी ने पार्टी के उत्तराधिकारी की योग्यता को लेकर जो बयान जारी किया है, उससे हलचल और बढ़ गई है।


तमिलनाडु। उत्तर भारत में जातिवाद की चर्चा अक्सर होती है, लेकिन दक्षिण भारत के राज्यों में भी जातिवाद चरम पर है। तमिलनाडु में मनुवादी जातिवादी समाज के कुछ लड़कों ने एक दलित युवक पर इसलिए हमला कर दिया क्योंकि वह महंगी बुलेट चला रहा था। घटना 12 फरवरी की तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के मेलपीडावुर की है। इस हमले में दलित युवक के हाथ पर हमला किया गया, जिससे उसका हाथ बुरी तरह कट गया। दलित युवक इय्यासामी थर्ड ईयर का छात्र है।
दिल्ली। दिल्ली चुनाव के नतीजे सबके सामने हैं। आम आदमी पार्टी और उसके दिग्गज नेताओं की हार और भाजपा की बंपर जीत के बाद अब किसने किसको और क्यों वोट दिया, इसके विश्लेषण का दौर है। इस बारे में लोकनीति और सीएसडीएस ने आंकड़ा जारी कर दिया है, जिसको इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट में साफ है कि सवर्ण जातियों ने इस बार भाजपा को बंपर वोट किया है। तो वहीं, आम आदमी पार्टी मुस्लिम समुदाय और दलित समाज का समर्थन हासिल करने में कामयाब रही है। रिपोर्ट में हर जाति का अलग से जिक्र किया गया है। इसमें एक बड़ा सवाल कांग्रेस के लिए है कि
इन आंकड़े से साफ है कि अगर आम आदमी पार्टी की इज्जत बच पाई है तो मुस्लिम और दलित वोटों की वजह से। हालांकि यहां एक बड़ा सवाल यह भी है कि राहुल गांधी के तमाम संविधान बचाओ सम्मेलनों के बावजूद दलितों और मुसलमानों ने कांग्रेस को समर्थन क्यों नहीं दिया। जाहिर है कांग्रेस पार्टी को इन सवालों का जवाब तलाशना होगा।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले दलित समाज के एक किशोर का बाराबंकी में जबरन धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित को जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया। इसके लिए उसे न सिर्फ बंधक बनाया गया बल्कि टार्चर भी किया गया। इस घटना को लेकर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने विरोध जताया है। 
संत रैदास जी की वाणी में से कुछ महत्वपूर्ण निम्नलिखित हैं-
आरएसएस-भाजपा के चंगुल से भारतीय लोकतंत्र को निकालने के मार्ग की एक पहली बाधा राहुल गांधी पार करते हुए दिख रहे हैं। पहली चीज यह समझनी और कहनी थी कि आरएसएस-भाजपा से संघर्ष सामान्य राजनीतिक संघर्ष नहीं है, जिसमें एक पार्टी सत्ता में आती है और दूसरी पार्टी उसे चुनावों में सत्ता से बेदखल कर देती है। कमोबेश जैसी राजनीति नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के केंद्रीय सत्ता पर कब्जा करने से पहले थी, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के सत्ता पर कब्जा करने के बाद स्थिति गुणात्मक तौर पर बदल गई थी। यह पिछले 10 सालों में और साफ हो गया है।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव की 70 सीटों पर 5 जनवरी को मतदान हो चुका है। चुनाव के बाद जो एग्जिट पोल हुए हैं; उसमें भाजपा सरकार बनाती हुई दिख रही है। दिल्ली चुनाव के अनुमानित नतीजों को लेकर हुए ग्यारह प्रमुख एक्जिट पोल में से 9 पर भाजपा को बहुमत मिलता दिखाया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो 1993 के बाद भाजपा सत्ता में लौटेगी। एग्जिट पोल में भाजपा को 35 से 50 सीटें मिलती बताई जा रही है। जबकि आम आदमी पार्टी को 20 से 30 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब है और हर एक्जिट पोल में उसको जीरो से 3 सीटें मिलने का अनुमान है।
नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेला 2025 शुरू हो गया है। गणतंत्र के 75वें वर्ष में भारत के पहुंचने के कारण इस बार विश्व पुस्तक मेले की थीम रिपब्लिक@75 रखा गया है। दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में पुस्तक मेला 1-9 फरवरी तक चलेगा। एक फरवरी को मेले का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया। इस बार पुस्तक मेले में 2000 से ज्यादा प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं। दलित/अंबेडकरी साहित्य की बात करें तो हर बार की तरह सम्यक प्रकाशन और गौतम बुक सेंटर के अलावा दलित दस्तक और उसके प्रकाशन दास पब्लिकेशन का स्टॉल भी लगा है।
अख़बार में पढ़ा था कि गत दिनों बनारस में कुछ दलित छात्रों ने मनुस्मृति को जलाने का कार्यक्रम किया था, और वे सब जेल में बंद हैं। समझ में नहीं आता कि दलित ऐसी बेवकूफियां क्यों करते हैं? वे डा. आंबेडकर का अनुसरण करते हैं, पर भूल जाते हैं कि उस दौर की परिस्थितियां अलग थीं। डा. आंबेडकर ने मनुस्मृति को हिन्दू अलगाववाद के रूप में देखा था। आज दलित उसे किस रूप में देख रहे हैं? अगर वे अपने आप को हिन्दू समझ रहे हैं तो मनुस्मृति का विरोध क्यों कर रहे हैं? दलितों को मालूम चाहिए कि मनुस्मृति में दलित जातियों अर्थात अछूतों के बारे में कुछ नहीं लिखा है। मनु ने जो प्रतिबंध लगाए हैं, वे शूद्रों और स्त्रियों पर लगाए हैं, वह भी सवर्ण स्त्रियों पर। दलित क्यों बिलबिला रहे हैं।
नई दिल्ली। इंफोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन और भारतीय विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक बालाराम पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। यह मामला सदाशिव नगर पुलिस स्टेशन में सिटी सिविल और सेशन कोर्ट (CCH) के निर्देशों के आधार पर दर्ज किया गया। मामला दर्ज कराने वाले दुर्गप्पा हैं जो भारतीय विज्ञान संस्थान के फैक्लटी सदस्य हैं।
महू, मध्य प्रदेश। देश भर के दलितों को कांग्रेस के पाले में एकजुट करने के लिए कांग्रेस पार्टी और इसके नेता राहुल गांधी ने पूरा जोर लगा दिया है। गणतंत्र दिवस के एक दिन बाद 27 जनवरी को कांग्रेस ने बाबासाहेब आम्बेडकर की जन्मस्थली महू से इसका आगाज कर दिया। महू में जय बापू,जय भीम, जय संविधान रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर हमला बोलते हुए कहा कि, वे कहते हैं कि आजादी 15 अगस्त 1947 को नहीं मिली। यह संविधान पर हमला है। भाजपा को निशाने पर लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा संविधान खत्म कर देश की संपत्ति को अडानी-अंबानी को देना चाहती है। वंचित समाज को आगाह करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अगर संविधान खत्म हुआ तो दलित, आदिवासी, ओबीसी के लिए कुछ नहीं बचेगा।
तमाम संसाधनों और संस्थानों में दलितों और आदिवासियों की गैर-मौजूदगी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार आई तो हम दलितों और आदिवासियों को भागीदारी देंगे और जाति जनगणना करवाएंगे। हम आरक्षण के 50 प्रतिशत कोटे के नियम को बदल देंगे। राहुल गांधी का पूरा भाषण आप यहां वीडियो में सुनिये-
नई दिल्ली। भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर झांकी निकली। इस दौरान भगवान बुद्ध और बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर की झांकी भी निकली।
नई दिल्ली। जब देश में 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था, बसपा सुप्रीमों मायवती ने ऐसा मुद्दा उठाया, जिसका जिक्र अब नहीं होता। देश-विदेश में रहने वाले भारतीयों का गणतंत्र दिवस की शुभकामना देते हुए बहनजी ने कहा कि- भारत के विकास में हर भारतीय का हक है। अतः बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों की संख्या में हो रही वृद्धि से अधिक बहुजन व अन्ततः देशहित में देश की पूंजी में विकास जरूरी। सरकार की नीति आमजनहित को बढ़ावा देने वाली हो तो उचित ताकि अपार गरीबी, बेरोजगारी आदि की समस्याएं दूर हों। देखिए दलित दस्तक की वीडियो रिपोर्ट-