भारत में शुरु हुई डीजल की होम डिलिवरी

बैंगलुरू। ऑनलाइन शॉपिंग साइट द्वारा प्रॉडक्ट की घर पर डिलिवरी के बारे में तो सब जानते होंगे लेकिन बैंगलुरू देश का ऐसा पहला शहर बन गया है जहां घर पर डीजल की डिलिवरी दी जा रही है. हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार देश में पेट्रोल-डीजल के होम डिलिवरी शुरू करने पर विचार कर रही है.

घर तक डीजल की डिलिवरी की शुरूआत करने वाले महज एक साल पुराने स्टार्ट्अप ने 15 जून को 950-950 लीटर की क्षमता वाले तीन डिलिवरी व्हीकल्स से घर तक डीजल पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है. डीजल की डिलिवरी उस दिन की कीमत में फिक्स डिलिवरी चार्ज जोड़कर की जा रही है. 100 लीटर तक की डिलिवरी पर वन टाइम चार्ज 99 रुपये है जबकि 100 लीटर से ऊपर की डिलिवरी पर डीजल की कीमत के साथ-साथ प्रति लीटर एक रुपया चार्ज लिया जाएगा.

डीजल की डिलिवरी करने वाले स्टार्टअप के ग्राहकों में ऐसे स्कूल हैं जिनकी बस हैं और अपार्टमेंट्स हैं. कंपनी अब तक 5,000 लीटर डीजल लोगों के घर तक पहुंचा चुकी है. डीजल की होम डिलिवरी के लिए ऑनलाइन ऑर्डर, फोन कॉल या माइपेट्रोलपंप एप के जरिए भी दिया जा सकता है.

माइपेट्रोलपंप के फाउंडर आशीष कुमार गुप्ता ने कहा कि हम सितंबर 2016 से ही पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के संपर्क में हैं. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हमारे इनोवेशन की सराहना की. अभी यह स्टार्टअप सिर्फ डीजल की डिलीवरी करता है. गुप्ता का कहना है कि हम भविष्य में पेट्रोल की भी डिलिवरी देंगे.

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्टः 93 फीसदी नंबर लाकर प्रेम कुमार बने टॉपर

पटना। बिहार बोर्ड ने मैट्रिक के नतीजे घोषित कर दिए हैं. परीक्षा में गोविंद सिंह हाई स्कूल के प्रेम कुमार ने टॉप किया है. उन्हें 465 अंक मिले हैं जो कुल अंको का 93 फीसदी है. दूसरे स्थान पर सिमुलतला स्कूल की छात्रा भव्या कुमारी रही हैं. उन्हें 464 अंक मिले हैं जो कि कुल अंकों का 92.8 फीसदी है. तीसरे स्थान पर भी सिमुलतला की हर्षिता कुमारी रही हैं जिन्हें 462 अंक मिले हैं जो कुल अंकों का 90.02 फीसदी है. रवि कुमार राय, किशनगंज को चौथा स्थान मिला है. इस वर्ष का रिजल्ट पिछले साल की अपेक्षा इस साल बेहतर रहा है. इस साल मिले ग्रेस मार्क्स को इसकी वजह माना जा रहा है.

कुल 51.3 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं. बिहार बोर्ड में 8 लाख 56 हजार से अधिक बच्चे पास हो गए हैं. परीक्षा में 17 लाख 49 हजार छात्र परीक्षा में शामिल हुए. 40 फीसदी से अधिक छात्राएं पास हो गई हैं. जबकि 49.6 फीसदी छात्र सफल हुए हैं. पिछले साल कुल पास प्रतिशत करीब 44 प्रतिशत रहा है.

बिहार बोर्ड के मैट्रिक टॉपरों में पहला स्थान पाने वाले को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. दूसरे स्थान पर आने वाले विद्यार्थी को 75 हजार और तीसरे स्थान पर आने वाले विद्यार्थी को 50 हजार दिए जाएंगे. साथ ही लैपटॉप और ई बुक रीडर भी दिए जाएंगे. चौथे से 10वें स्थान तक के छात्रों को 10 हजार रुपये व लैपटॉप दिए जाएंगे. मैट्रिक के टॉपर छात्रों को भी किंडल ई-बुक रीडर दिया जाएगा.

इसी साल 3 दिसंबर को इंटर और मैट्रिक के टॉपरों को राजेंद्र स्मृति व्याख्यान पर सम्मानित किया जाएगा. पिछली बार कुछ गड़बड़ियों की वजह से छात्रों को सम्मानित नहीं किया जा सका था.

बिहार बोर्ड इंटर टॉपरों में पहला स्थान पाने वाले को एक रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले को क्रमश: 75 हजार व 50 हजार दिए जाएंगे. साथ ही लैपटॉप और ई बुक रीडर भी दिए जाएंगे. इंटर में चौथा और 5वां स्थान प्राप्त करनेवालों को 15 हजार रुपये और लैपटॉप दिए जाएंगे.

जॉन अब्राहम की ‘ ‘परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण’ का पहला पोस्टर रिलीज

नई दिल्ली। जॉन अब्राहम ने ट्विटर पर अपनी आगामी फिल्म ‘परमाणु : द स्टोरी ऑफ पोखकरण’ का पहला पोस्टर जारी किया है. फिल्म के पोस्टर में इंडिया का नक्शा बना हुआ है, साथ ही इस नक्शे के ऊपर जॉन अब्राहम की झलक दिखाई दे रही है. जॉन अब्राहम प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही इस फिल्म के निर्माता और मुख्य अभिनेता जॉन अब्राहम ही है. अभिषेक शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में डायना पेंटी और बोमन ईरानी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे.

यह फिल्म परमाणु नगरी पोखरण में 11 और 13 मई 1998 को हुए सिलसिलेवार पांच परमाणु परीक्षणों पर आधारित है. इसके बाद से ही पोखरण विश्व मानचित्र पर एक शक्तिस्थल के रूप में उभरा है. ऐसी खबरें आई थी कि पहले इस फिल्म का नाम ‘शांतिवन’ रखा गया था, लेकिन बाद में फिल्म का नाम बदलकर ‘परमाणु : द स्टोरी ऑफ पोखरण’ रखा गया.

31 मई को फिल्म की शूटिंग शुरू हुई थी. इसकी जानकारी जॉन अब्राहम ने इंस्टाग्राम पर दी थी. फिल्म की शूटिंग मुंबई, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान में हुई है. 31 मई को फिल्म की शूटिंग शुरू हुई थी. इसकी जानकारी जॉन अब्राहम ने इंस्टाग्राम पर दी थी. फिल्म की शूटिंग मुंबई, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान में हुई है.

बीजेपी कार्यकर्ताओं की दादागिरी, दीवारों पर लिख दिया- ‘मेरा घर, भाजपा का घर’

मध्य प्रदेश में अब एक और घटना सामने आयी है. मंदसौर के किसानों पर फायरिंग विवाद से बीजेपी सरकार अभी उबरी नहीं थी कि अब बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर लोगों के घरों की दीवारों पर ‘मेरा घर, बीजेपी का घर’ स्लोगन लिखने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि विरोधियों के घरों को बीजेपी कार्यकर्तओं द्वारा निशाना बनाया जा रहा है. राजधानी भोपाल के कुछ इलाकों में ऐसा किए जाने पर स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया है. उनलोगों ने कहा कि ऐसा नारा लिखने से पहले बीजेपी का कार्यकर्ताओं या नेताओं ने उनसे एकबार भी नहीं पूछा. जिन घरों पर स्लोगन लिखा गया है, उनमें से कई घर ऐसे हैं जो कांग्रेस समर्थकों के हैं. उन लोगों ने बीजेपी के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है.

कांग्रेस से जुड़े प्यारे खान ने कहा, “बीजेपी का यह नारा मेरे घर की दीवारों पर भी लिखा गया है. मैं घर पर नहीं था. हमारे घर के लोगों ने ऐसा करने से मना किया बावजूद इसके उनलोगों ने लिख दिया.” इसके जवाब में बीजेपी नेताओं ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने उत्साह में लिख दिया। बीजेपी नेता राहुल कोठारी ने कहा, “पार्टी कार्यकर्ता उत्साह में हैं। अगर उन लोगों ने स्लोगन लिख भी दिया तो उसमें कुछ गलत नहीं है.

सुष्मिता सेन ने ट्वीट कर पांड्या को कहा-आई लव यू

नई दिल्ली। चैंपियंस ट्रॉफी फ़ाइनल में पाकिस्तान के हाथों करारी शिकस्त बावजूद हार्दिक पांड्या की तूफ़ानी पारी ने भारतीय फैंस के ज़ख़्मों पर मरहम का काम किया है. पंड्या ने 43 गेंदों में 76 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर लाखों को अपना मुरीद बना दिया जिसमें बॉलीवुड की कई हीरोइनें भी शामिल हैं.

23 साल के पांड्या की आतिशी पारी देख कर कई बॉलीवुड अदाकारा उन पर लट्टू हो गईं हैं और इनमें सबसे बड़ा नाम है पूर्व मिस युनिवर्स रही ग्लैमरस सुष्मिता सेन. सुष्मिता ने तो पांड्या की तारीफों के पुल ही बांध दिए.

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम 180 रनों के विशाल मार्जिन से पाकिस्तान से हार गई. इस मैच में एक को छोड़कर किसी भी भारतीय खिलाड़ी का बल्ला नहीं चला. हार्दिक पांड्या की शानदार पारी के बाद सोशल मीडिया पर उनको लेकर एक से बढ़कर एक ट्वीट किए जाने लगे. क्रिकेट प्रेमी से लेकर सेलिब्रिटी भी हार्दिक की इन शानदारी पारी को देखकर अपनी खुशी जताने में पीछे नहीं रहे.

रणवीर सिंह, अर्चना विजय और गौहर खान ने पंड्या की पारी को लेकर ट्वीट तो किया ही, मगर सुष्मिता सेन ने पांड्या के लिए कुछ ऐसा कहा, जिसे सुन कर फैंस हैरान हैं.उन्होंने तो हार्दिक से अपने प्यार का इजहार कर दिया और उन्हें आई लव यू का मैसेज भेजा. इसके अलावा सौनल चैहान, सोफिया चौधरी,रितेश देशमुख समेत तमाम सेलिब्रिटी ने हार्दिक के लिए ट्विट किए.

ISIS ने इराक की 800 साल पुरानी अल-नूरी मस्जिद को नष्ट किया

इराक के मोसुल में 800 साल पुरानी अल-नूरी मस्जिद को आईएसआईएस के विद्रोहियों ने उड़ा दिया. इस मस्जिद में आईएस नेता अबू बकर अल बगदादी ने 2014 में पहली बार लोगों के सामने भाषण दिया था और अपनी विद्रोह की घोषणा की थी. अमाक न्यूज एजेंसी ने इसका आरोप अमेरिका पर लगाया, लेकिन अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इससे इनकार कर दिया. अमेरिका की अगुवाई वाले गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल रयान डिलन ने कहा, हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि अल-नूरी मस्जिद नष्ट हो गई लेकिन यह गठबंधन हमले के कारण नष्ट नहीं हुई है. हमारी सेना ने इस इलाके में शाम को हमला नहीं किया. इराकी सेना के एक शीर्ष कमांडर अब्दुलमीर याराल्लाह ने एक बयान में कहा, हम पुराने शहर में अंदर तक उनके ठिकानों की ओर बढ़ रहे थे और जब नूरी मस्जिद के 50 मीटर के दायरे में घुस गए तो आईएस ने नूरी मस्जिद और उससे लगी इमारत हदबा को उड़ा कर एक और ऐतिहासिक अपराध किया.

बता दें कि मोसुल में पिछले कुछ दिनों से भयंकर लड़ाई छिड़ी हुई है. पिछले आठ महीनों में इराकी सुरक्षा बलों ने धीरे-धीरे इस्लामिक राज्य के ऐतिहासिक शहर मोसुल से उग्रवादियों को खत्म करने का अभियान चला रखा है। इसी अभियान के दौरान वह शहर के सबसे प्रतीकात्मक अल-नूरी मस्जिद के पास थे तभी आईएस के आतंकियों ने इसे विस्फोटक से उड़ा कर नष्ट कर दिया.

 

राष्ट्रपति चुनावः मीरा कुमार सहित सात लोगों के नाम दे सकता है विपक्ष

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव को लेकल विपक्ष गुरुवार को एक साथ बैठेगा और अपना फैसला लेगा. लेकिन इससे पहले ही विपक्ष में दरार दिख रही है, जेडीयू ने पहले ही एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. इस बीच कांग्रेस के नेतृत्व में होने वाली विपक्ष की बैठक पर सभी की नजर होगी. बैठक से पहले शरद पवार ने एनसीपी के नेताओं की बैठक बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने के नीतीश कुमार के फैसले से विपक्ष में नाराजगी है.

इससे पहले बुधवार को कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात की, जिसके बाद सरगर्मी बढ़ गई है. इस बीच सीपीएम नेता सीताराम येचुरी का भी बयान आया है कि विपक्ष राष्ट्रपति चुनाव जरूर लड़ेगा.

बताया जा रहा है कि इस बैठक कई नामों पर चर्चा हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की बैठक में इन सात नामों मीरा कुमार, सुशील कुमार शिंदे, प्रकाश अम्बेडकर, मल्लिकार्जुन खड़गे, भालचंद मुंगेरकर, गोपाल कृष्ण गांधी और डी राजा पर चर्चा संभव है.

चुनाव के लिए कांग्रेस के विकल्प के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह एक काल्पनिक सवाल है तथा 17 जुलाई के चुनाव के लिए विपक्ष एक संयुक्त रणनीति के बारे में फैसला करेगा. वहीं सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि विपक्षी दल बैठक में संयुक्त रूप से किसी उम्मीदवार के बारे में फैसला करेंगे.

जेडीयू ने बुधवार को अपनी बैठक में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन का फैसला किया जिसके बाद वह अब विपक्ष की इस बैठक में शामिल नहीं होंगे. नीतीश कुमार पहले भी ऐसे संकेत दे चुके थे कि वह कोविंद का विरोध नहीं करेंगे.

‘मेक इन इंडिया’ को झटका, भारत में बनी ‘असॉल्ट राइफल’ सेना ने किया रिजेक्ट

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मेक इन इंडिया की बात करते हैं, लेकिन मोदी के इस सपने को एक बार फिर झटका लगा है. इंडियन आर्मी ने देश में बनी असॉल्ट राइफल एक्स-कैलिबर को रिजेक्ट कर दिया है, ऐसा लगातार दूसरे साल है जब सेना ने इसे रिजेक्ट किया है. इस राइफल का उपयोग एके-47 और इसांस की जगह होना था, लेकिन अब सेना इंसास की तरह के ही हथियार मिला सकती है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस असॉल्ट राइफल में कुछ कमियां हैं जैसे कि यह तेजी से झटका देती है. इसके अलावा तेज आवाज़ और चमक भी इसमें एक समस्या है. यह राइफल इशापुर की फैक्ट्री में बने थे.

पिछले साल भी सेना ने एक्स-कैलिबर नाम की इस स्वदेशी राइफल को रिजेक्ट कर दिया था. खबरों की मानें तो 5.56 एमएम की एक्स-कैलिबर सेना के फायरपावर आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती. “एक्स-कैलिबर को फिलहाल इस्तेमाल की जा रही 5.56 एमएम की इंसास राइफल का संभावित विकल्प माना जा रहा है लेकिन परीक्षण के दौरान कई खमियां मिलने से इंतजार और बढ़ गया है.”

आपको बता दें कि इंडियन आर्मी फिलहाल एके 47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था. बॉर्डर पर दुश्मनों से निपटने के उच्च मारक क्षमता वाली एक्स कैलिबर को इस साल सेना में शामिल किया जाना था. वैसे भारतीय सेना 70 फीसदी हथियार आयात करती है. केंद्र की मोदी सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण पर अगले एक दशक में लगभग 250 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है.

चैम्पियंस ट्रॉफी को खत्म करने का विचार कर रही है आईसीसी

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अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद चैम्पियंस ट्रॉफी को खत्म करने के बारे में विचार कर रही है. वह चैम्पियंस ट्रॉफी को खत्म करके चार साल के अंदर दो विश्व टी-20 टूर्नामेंट कराने पर विचार कर रही है. चैम्पियंस ट्रॉफी का अगला संस्करण 2021 में भारत में होना है, लेकिन टी-20 की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इस टूर्नामेंट के भविष्य पर संदेह है. आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा है की , “हमेशा से 50 ओवर के दो टूर्नामेंट में अंतर करना मुश्किल रहा है. अब विश्व कप दस टीमों का होने वाला है. ऐसे में चैम्पियंस ट्रॉफी भी लगभग विश्व कप की तरह ही हो गई है. मेरा मानना है कि विश्व कप अभी भी लंबा टूर्नामेंट होगा. विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ चार टीमों को सेमीफाइनल में खेलने का मौका मिलता है. इसमें बारिश से बाधित होने वाले मैच और टीम के एक-दो बुरे मैचों का प्रभाव नहीं पड़ता जैसा कि चैम्पियंस ट्रॉफी में होता है.” उन्होंने कहा, “वैसे 2021 में चैम्पियंस ट्रॉफी होगी या नहीं या इसकी जगह दो विश्व टी-20 टूर्नामेंट होंगे, इसके बारे में अभी चर्चा चल रही है. हां, पर ऐसी संभावना है. मैं यह नहीं कह सकता कि ऐसा होने वाला है क्योंकि हमने देखा था कि हाल ही में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी अच्छा टूर्नामेंट साबित हुई, खासकर ब्रिटेन में जहां आपको हर टीम के समर्थन में माहौल देखने को मिला.” इसलिए इसे खत्म करने की जल्दबाजी नहीं है, लेकिन ईमानदारी से और स्पष्ट कहूं तो चार साल के दौरान दो विश्व टी-20 टूर्नामेंट लाने पर चर्चा चल रही है. रिचर्डसन ने कहा, “चार साल में दो विश्व टी-20 टूर्नामेंट हमें खेल को वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर बढ़ाने का मौका देगा. हम यह टूर्नामेंट 16 या 20 टीम का कर सकते हैं. जिसके बाद क्रिकेट का फन दुगना होने की पूरी संभावना है. जल्दी ही आईसीसी इस संदर्भ में अपना फैसला सुनायेगी.

छह ग्रैंडस्लेम जीतने वाले नंबर एक खिलाड़ी हुए दिवालिया

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लंदन। छह बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन जर्मनी के महान टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर को लंदन की एक कोर्ट ने एक निजी बैंक का कर्ज चुकाने में असफल रहने पर दिवालिया घोषित कर दिया है. बेकर पर आर्बथनोट लैथम नामक एक निजी बैंक ने 2015 से बकाया कर्ज न चुकाने के लिए केस किया था. बेकर के वकीलों ने इस कर्ज को .चुकाने के लिए कोर्ट से और समय दिए जाने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने इस अपील को ठुकराते हुए बेकर को दिवालिया घोषित करने का फैसला किया.

बेकर के वकील की दलील पर रजिस्ट्रार क्रिस्टीन डेरेट ने कहा कि इस बात के कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं हैं कि बेकर 28 दिनों के भीतर कर्ज चुका देंगे. डेरेन ने ये भी कहा कि उन्होंने कभी बेकर को सेंटर कोर्ट पर टेनिस खेलते हुए देखा था.

इंग्लैंड में पैदा हुए बेकर जर्मनी के लिए टेनिस खेलते थे और उन्होंने अपने करियर में तीन विम्बलडन समेत कुल छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीते और दुनिया में नंबर एक टेनिस खिलाड़ी भी रहे.

टेनिस से संन्यास लेने के बाद वह बिजनेस और मीडिया से जुड़े रहे और वर्तमान में वह कई टीवी चैनलों के लिए कॉमेंटेटर की भूमिका निभा रहे हैं. बेकर 2013 से 2016 तक पूर्व विश्व नंबर वन खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच के कोच भी रहे हैं.

क्वार्टर फाइनल हॉकी में मलेशिया से भिड़ेगा भारत

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हॉकी वर्ल्ड लीग के क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम गुरुवार को मलेशिया के सामने मैदान पर उतरेगी. ग्रुप दौर में भारत अपने चार में से तीन मैच जीत चुका है. जीत की हैट्रिक लगाने के बाद उसे नीदरलैंड से 3-1 से हार मिली. यह उसका आखिरी ग्रुप मैच था. मलेशिया ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में चीन को 5-1 से करारी मात दी थी. हालांकि वरीयताक्रम में भारत की टीम मलेशिया की टीम से ऊपर है. लेकिन  मलेशिया की टीम पूरे आत्मविश्वास से भारत के खिलाफ उतरेगी. उसे सुल्तान अजलान शाह कप में भारत पर मिली जीत से भी मानसिक संबल मिलेगा.

मलेशिया ने इसी साल की शुरुआत में 26वें सुल्तान अजलान शाह कप में भारत को 1-0 से हराया था. भारतीय कोच रोएलैंट ओल्टमैंस के दिमाग में यह बात जरूर होगी. भारत ने ग्रुप दौर में स्कॉटलैंड को 4-1, कनाडा को 3-0 और पाकिस्तान को 7-1 से मात दी थी. इन जीतों में अपने बेहतरीन और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम एक और जीत के लिए अपना सबकुछ झौंकने को तैयार खड़ी है. चीन के अलावा मलेशिया ने कोरिया को 1-0 से हराया था, लेकिन अर्जेटीना और इंग्लैंड के हाथों उसे मात खानी पड़ी थी.

कोच ओल्टमैंस ने कहा है, “हमारी टीम के लिए कुछ अच्छी बातें हैं। टीम अच्छे फील्ड गोल कर रही है. टीम की फॉरवर्ड पंक्ति ने अभी तक जो किया है, उससे मैं खुश हूं. हम हर मैच के साथ बेहतर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा, हालांकि कुछ क्षेत्र हैं जहां हमें काम करने की जरूरत है. जैसे कि अच्छी शुरुआत करना और ऐसा लगातार करते रहना और गलतियां न करना.

गौरतलब है कि भारतीय टीम को हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स के पूल-बी के आखिरी मैच में मंगलवार को नीदरलैंडस के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा है. अपने पिछले मैच में पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में 7-1 से मात देकर हैट्रिक पूरी करने वाली भारतीय टीम को नीदरलैंडस ने इस टूर्नामेंट की पहली हार दी है.

लेकिन अब भारतीय टीम का पूरा फोकस क्वार्टर फाइनल में मलेशिया को हराकर फोइनल में पहुंचने पर रहेगा.

चपरासी की नौकरी के लिए एमबीए-बीएड डिग्री धारकों ने किया आवेदन

रोहतक। हरियाणा में बेरोजगारी कितनी बड़ी समस्या बन गई है, इसका उदाहरण रोहतक में देखने को मिला. यहां महर्षि दयानंद विश्वविधालय में चपरासी की नौकरी के लिए एमए, एमबीए, बीएड कर चुके लोगों ने आवेदन दिया है.

एक तरफ सरकार पचास वर्ष पूरे होने की खुशी में सरकारी खजाने को पानी की तरह बहा रही है. वहीं दूसरी ओर हरियाणा में लाखों युवा बेरोजगार हैं. इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते है कि महर्षि दयानन्द विश्वविधालय रोहतक में 92 चपरासी पद के लिए 22 हजार आवेदन आए. चपरासी की इस नौकरी के लिए आवेदन करने वालों में एमए, एमबीए, बीएड, जेबीटी, बीए, बारहवीं कर चुके लोग शामिल है, जबकि चपरासी पद की शैक्षणिक योग्यता महज आठवीं पास है.

महर्षि दयानन्द विश्वविधालय रोहतक के कैम्पस में दूरदराज से आये युवक युवतियों सुबह से लंबी-लंबी लाइनों में लग कर पहले फॉर्म खरीदा और उसके बाद भर कर उसे जमा कर रहे थे. 92 चपरासी पद के लिए एक साल अनुबंधित (कॉन्ट्रेक्ट) आवेदन मांगे हैं, जिसके लिए जिसकी शैशणिक योग्यता आठवीं पास है. साथ ही वेतन 8800 रुपये प्रति महीना है.

आए हुए आवेदको में से एक ज्योति ने बताया कि उसने एमबीए और बी फार्मा पास है. यहां चपरासी के लिए फार्म भरा है. उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देती नहीं है. सरकार बहुत कम सरकारी नौकरी निकालती है. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में पैसा व शिफारिश चलती है. उम्मीद है कि चपरासी की नौकरी मिल जाए उसके लिए कोशिश कर रही हूँ .वहीं दिनेश ने बताया की वह इस पद के लिए फार्म भरने भिवानी से आए है. उसने एमए के साथ वेटनरी कोर्स, बस परिचालक का कोर्स, डेयरी फार्मिंग कोर्स किया हुआ है. उनका कहना था कि वैसे ही हम जरनल कैटगरी से है, तो जॉब तो वैसे भी नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि ‘मैने और भी जगह नौकरी के लिए कोशिश की पर मिली नहीं.

वहीं जेबीटी और बीए पास आवेदकों का भी यह कहना था हरियाणा में बेरोजगारी के कारण उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है. यहां आवेदन किया ताकि रोजगार मिल सके. एक साल के अनुबंध के आधार पर आवेदन मांगे गये है. .

गौतम गंभीर के घर आयी एक और ‘नन्हीं परी’

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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार क्रिकेटर गौतम गंभीर के घर नन्ही परी ने जन्म लिया है वह एक बार फिर से पिता बन गए हैं.21 जून बुधवार को गंभीर के घर एक और बेटी ने जन्म लिया है. गंभीर ने इस बात की जानकारी अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक तस्वीर के जरिए सभी को दी. गौतम गंभीर ने अपनी बड़ी बेटी की गोद में लेटी नवजात बेटी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि हमारे घर परी ने जन्म लिया है, इस दुनिया में स्वागत है नन्हीं परी. आपको बता दें कि गंभीर की ये दूसरी संतान है. इससे पहले साल 2014 में उनकी बड़ी बेटी का जन्म हुआ था. अभी हाल ही में चैंपियन ट्राफी के दौरान टीम इंडिया के खिलाड़ी रविन्द्र जडेजा के यहां भी बेटी ने जन्म लिया था.  

भाजपा शासित राज्यों में टैक्स फ्री होगी ‘टॉयलेटः एक प्रेम कथा’

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान पर आधारित अक्षय कुमार की फिल्म फैंस और राजनीतिकदलों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है. फिल्म ‘टॉयलेटः एक प्रेम कथा’ ग्रामीण इलाकों में हाइजीन सैनिटेशन की जरूरत पर आधारित है और दूर-दराज गांवों के घरों में शौचालय बनाने पर जोर देती दिख रही है.

देश भर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के सन्देश के कारण ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ को सभी भाजपा-शासित राज्यों में टैक्स फ्री किया जाएगा. नरेंद्र मोदी ने अक्षय कुमार के इस प्रॉजेक्ट की तारीफ करते हुए ट्वीट किया. पीएम ने कहा कि इसे एक फिल्म के बजाए अपने आप में एक आंदोलन कहा जाना चाहिए. फिल्म से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, सरकार ने सभी भाजपा- शासित राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री करने का फैसला लिया है.

‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है बल्कि सामाजिक सुधार के लिए एक उपकरण भी है. इस फिल्म को सभी लोग देख सकें इसलिए इसे टैक्स फ्री किया जाना चाहिए. फिल्म में स्वच्छता की जरूरत के साथ ही खुले में शौच के दौरान महिलाओं को पेश आने वाली परेशानियों को भी उजागर किया गया है.

अभिनव बिंद्रा ने विराट कोहली पर साधा निशाना

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नई दिल्ली। भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन संभवत: भारतीय क्रिकेट टीम के संदर्भ में खुलासा किया कि आखिर कैसे वह 20 साल तक उस कोच से जुड़े रहे जिससे वह नफरत करते थे. कप्तान विराट कोहली से मतभेद के कारण अनिल कुंबले के इस्तीफा देने के घंटों बाद बिंद्रा ने जर्मनी के उवे रीस्टरर के साथ अपने समीकरण को लेकर ट्वीट किया, जो लंबे समय तक उनके कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे.

अब संन्यास ले चुके बिंद्रा ने ट्वीट किया, ‘मेरे सबसे बड़े शिक्षक कोच रीस्टरर थे. मैं उनसे नफरत करता था, लेकिन 20 साल तक उनके साथ रहा. वह हमेशा मुझे वह बातें बोलते थे, जो मैं सुनना नहीं चाहता था. बिंद्रा ने इस अपने ट्वीट पर ‘जस्टसेयिंग’ हैशटैग के साथ ट्वीट किया है.

रीस्टरर 2008 में बीजिंग ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के दौरान भी बिंद्रा के सहयोगी स्टाफ का हिस्सा थे. वह पिछले साल रियो ओलिंपिक में भी बिंद्रा के साथ जुड़े थे, जहां यह दिग्गज भारतीय निशानेबाज 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहा था और फिर संन्यास ले लिया था.

बता दें कि कुंबले ने अपने इस्तीफे के बाद किए ट्वीट में इस बात का जिक्र किया है कि कोहली के साथ संबंधों में बढ़े विवाद के चलते उन्होंने कोच पद से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा. उन्होंने माना कि बोर्ड की ओर से कोच और कप्तान में सुलह की कोशिशों के बावजूद कोच-कप्तान की जोड़ी अब अस्थिर हो गई. इस 46 वर्षीय पूर्व कप्तान ने कहा, ‘यह मालूम चलने के बाद कि कप्तान कोहली को उनके साथ दिक्कते हैं, तो उन्होंने अपने कदम वापस खींचना ही बेहतर समझा.’

आईएस ने फिलीपींस के गांव पर कब्जा किया, लोगों को बनाया बंधक

आतंकी संगठन आईएस ने इस बार दक्षिणी फिलीपींस में एक गांव पर कब्जा कर लिया और बाद में भागने के लिए गांव वालो को ढाल के रूप में लोगों को बंधक बना लिया.

स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर रियलान मैमन ने बताया कि सरकारी सुरक्षा बलों को मालागकिट गांव पर कब्जा करने वाले बंगसमोरो इस्लामिक फ्रीडम फाइटर्स के दर्जनों बंदूकधारियों से निपटने के लिए भेजा गया है. क्योंकि आंतकियों ने बड़ी संख्या में गांव को घेरा था. मैमन ने रेडियो स्टेशन से कहा कि बंदूकधारियों ने सुबह लगभग 5 बजे गांव पर हमला किया. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों और बीआईएफएफ के बीच संघर्ष में अज्ञात संख्या में नागरिक फंसे हैं.

इससे पहले पुलिस ने कहा था कि सशस्त्र लोगों ने पिगकावायन कस्बे के एक स्कूल पर हमला किया है. यह कस्बा मारावी के दक्षिण-पूर्व में स्थित हैं, जहां सुरक्षा बलों और बीआईएफएफ आतंकवादियों के बीच 23 मई से संघर्ष जारी है. फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप में आईएस की मौजूदगी के चलते और अधिक हमलों की चेतावनी जारी की है.

सुरक्षा बलों ने मोरो इस्लामिक लिबरेशन फ्रंट (एमआईएलएफ) से वैचारिक मतभेदों के कारण अलग हुए बीआईएफएफ को फिलीपींस का एक विद्रोही समूह करार दिया है. बीआईएफएफ आतंकवादी संगठन आईएस का समर्थक है.

फरार साध्वी जयश्री गिरी राजस्थान से गिरफ्तार

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गुजरात से फरार शातिर अपराधी शातिर अपराधी साध्वी जयश्री गिरी को क्राइम ब्रांच की टीम ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है.यह मामला तब ज्यादा चर्चा में आया जब साध्वी गिरी एक सप्ताह पहले मेडिकल पेरोल पर बाहर आने के बाद पुलिस निगरानी के बीच अहमदाबाद के एक मॉल से फरार हो गई थी. उसके खिलाफ हत्या, अपहरण और वसूली के कई मामले दर्ज हैं. पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी पर साध्वी के भागने के बाद पुलिस प्रशासन की बेहद किरकिरी हुई थी.

अहमदाबाद से फरार होने वाली शातिर साध्वी जयश्री गिरी को गुजरात पुलिस पिछले एक सप्ताह से तलाश कर रही थी. इसी दौरान गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उसे राजस्थान के उदयपुर के टोल प्लाजा से गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान भी साध्वी अपनी हरकतों से बाज नहीं आई और भागने की कोशिश की.

दरअसल, साध्वी को साबरमती सेंट्रल जेल से 10 दिन की मेडिकल पेरोल पर इलाज के लिए रिहा किया गया था. इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में लाया गया था. उत्तर गुजरात के मुक्तेश्वर मठ की पूर्व महंत साध्वी जयश्री गिरी इसी दौरान अहमदाबाद के एक मॉल से पुलिसवालों को चकमा देकर 14 जून को फरार हो गर्इ थी.

तभी उसे पुलिस तलाश कर रही थी. पुलिस ने साध्वी को वो गाड़ी भी बरामद कर ली है, जिससे वह फरार हुई थी. गिरफ्तारी के वक्त साध्वी जयश्री गिरी के साथ एक छोटा बच्चा भी था. पुलिस के मुताबिक साध्वी अपने बच्चे को इस लिये अपने साथ रख रही थी ताकि किसी को उस पर शक ना हो. पर उसकी चालाकी को क्राइम ब्रांच ने भाप लिया.

क्रिकेट एक हिन्दू विरोधी खेल है!

एक बहुत ही गंभीर बात है. 1857 में गाय की चर्बी कारतूस में होने के चलते अंग्रेजों की फौज में जीवन- यापन के लिये काम करने वाले सैनिकों नें हथियार डाल दिये थे और लड़ने से इन्कार कर दिया था. इस धार्मिक आपत्ति को अंग्रेजों के खिलाफ बगावत करार देकर भारत का प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन घोषित कर दिया गया था. जैसे कारतूस में गाय की चर्बी की बात लोगों को पता नहीं थी उसी तरह अब तक आमलोगों को यह पता नहीं है की क्रिकेट का सबसे उत्कृष्ट व बेहतरीन चिकनाई वाला बॉल गाय के ही चमड़े से बनता है. अब सवाल यह है कि जब कारतूस में गाय की चर्बी होने से धर्म भ्रष्ट हो सकता है तो क्रिकेट बॉल में गाय का चमड़ा होने से क्या यह नहीं होगा? अगर उपर्युक्त सवाल सही है तो यह तथाकथित हिन्दू धर्म और उसके मानने वाले लोगों को भ्रष्ट करने की अंतर्राष्ट्रीय साजिश है कि इस विदेशी खेल ‘क्रिकेट’ बना कर हर गली- मुहल्ले व घर- परिवार में घुसा दिया गया है. देश के सभी हिन्दू क्रिकेट खिलाड़ियों से और जिस किसी हिन्दू ने जीवन में कभी भी क्रिकेट बॉल छुआ है, उन सभी से सख्त अपील है कि गंगा स्नान कर अपना- अपना शुद्धिकरण हरिद्वार या संगम तट पर करायें. जो क्रिकेट खेलते हुये मर गये उनकी अशुद्ध आत्मा को ‘गया (बिहार)’ में अर्पण- तर्पण कराकर मुक्ति दिलायें. यह सब रहस्योदघाटन होने के बाद सभी हिन्दू मान्यता वालों को क्रिकेट का खुलकर बहिष्कार करना चाहिये. यही नहीं हिन्दू धर्म मानने वालों को शपथ लेनी चाहिये कि क्रिकेट बॉल छुना तो दूर, जीवन में कभी क्रिकेट नहीं खेलेंगे. कितनी बुरी व तकलीफ की बात है कि वो गाय जिसे सभी हिन्दू अपनी माता मानते हैं, उसके मरने के बाद मृत शरीर का चमड़ा छीलकर- निकालकर क्रिकेट का बॉल बनता है. एक बॉलर उसे जोर से पटककर बॉलिंग करता है और बैट्समैन कितनी बेदर्दी से शॉट मारता है. इसी चौके- छक्के वाले शॉट पर सभी ताली बजाते हैं. ताली बजाने वालों में हिंदुओं भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं. इस गाय समर्थक एवं क्रिकेट विरोधी विचार पर गैर हिंदुओं को आपत्ति हो सकती है तो अन्यथा न लें, संविधान में दिये गये धार्मिक मान्यता की स्वतंत्रता के लिहाज से क्रिकेट खेल सकते हैं. अभी हाल ही में भारत की पर्यावरण नीति से संबंधित एक ड्राफ्ट के बारे में पता चला कि वह अमेरिकी पर्यावरण नीति का ही हूबहू नकल किया गया है, वह भी बिना रेफरेंस नोट या आभार व्यक्त किये. यह खबर पूरी सोशल मीडिया पर छाई हुई है. जिन महानुभव के मंत्रालय के अंतर्गत यह कॉपी- पेस्ट पॉलिसी ड्राफ्ट हुआ वो ब्रह्मज्ञानी श्री प्रकाश जावडेकर जी अब मानव संसाधन मंत्री बन चुके हैं. वैसे भी भारत की शिक्षा नीति, आर्थिक नीति, विदेश नीति तो अमेरिका के ही रास्ते पर, उसके ही आदेश- निर्देश का पालन करते हुये चलती है तो क्यों नहीं भारत की खेल नीति भी अमेरिका के हिसाब से कॉपी- पेस्ट कर बनाई जाती है जिसमें क्रिकेट जैसे घटिया खेल के लिये कोई जगह नहीं है. वैसे भी क्रिकेट ब्रिटिश साम्राज्यवाद का प्रतीक खेल माना जाता है, जिसमें गाहे- बगाहे आतंकियों के भी पैसे लगे होने की बात कई बार खबरों की सुर्खियां भी बनती रही हैं. क्रिकेट के बॉल का दाम पिछले एक साल में दुगना हो गया है यानि 400 रूपये से बढ़कर 800 रूपये हो गया है. क्रिकेट बॉल की इस बढ़ी हुई महंगाई में आम जनता के न समझ पाने वाला वो पेंच कहीं नहीं है कि पेट्रोल- डीजल का दाम लगातार घटने पर भी वस्तुओं- फल, सब्जी, अनाज, का दाम क्यों नहीं घटता है! क्रिकेट बॉल बनाने के लिये आमतौर पर गाय के चमड़े का इस्तेमाल होता आया है लेकिन केन्द्र में बीजेपी सरकार आने के बाद राजनीतिक कारणों से उत्तर प्रदेश में गौमांस पर रोक लगा दी गई है. हालांकि भारत के कई राज्यों केरल, पश्चिम बंगाल, अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में गाय का वध वैध/ मान्य है. लेकिन बदले राजनीतिक माहौल के चलते गौमांस व चमड़े की खरीद- बिक्री व परिवहन एक चुनौतिपूर्ण खतरनाक काम हो गया है जिसपर अखलाक का साया पड़ गया है. इन्हीं सब कारणों से उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित वो खेल कारखाने जो क्रिकेट बॉल बनाते हैं संकटकाल से गुजर रहे हैं. लेकिन जब हिन्दू धर्म पर ही संकट माना जा रहा हो तो व्यापार- उद्योग को कौन पूछे, इन धंधों पर निर्भर लोग कोई दूसरा जीवन- यापन का रास्ता तलाश सकते हैं. सरकार और सरकार की आड़ में हिन्दूवाद- राष्ट्रवाद की ठेकेदारी करने वाले लोगों ने गौहत्या, गौमांस की बिक्री व गाय के चमड़े- अवशेषों आदि के परिवहन को लेकर सख्ती का माहौल बना रखा है. देश में कई घटनायें घट चुकी हैं जिनमें कट्टर हिन्दूवादी संगठन के लोगों ने गायों की तस्करी, गौमांस पकाने आदि शक के आधार पर कई लोगों को नृशंस हत्या भी कर दी है. इन सब कारणों से नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की केन्द्र सरकार से मामले की गंभीरता- संवेदनशीलता को देखते हुये अपील है कि देशभर में गाय के चमड़े से बनने वाले क्रिकेट बॉल को खोजवाकर जब्त करे, साथ ही इस हिन्दू विरोधी खेल के भारत में खेले जाने पर रोक लगाकर धर्मनिरपेक्ष होने का सबूत दे. भारत सरकार आईपीएल पर भी अविलंब रोक लगाये जिसमें हवाला कारोबारियों एवं कॉरपोरेट- बिजनेस समूहों का कालाधन लगे होने की अफवाह- चर्चा आम जुबान से होती है. बीसीसीआई को भी नोटिस जारी कर सरकार सफाई मांगे और उसकी सभी सम्पत्ति को जब्त कर देश में क्रिकेट से इतर अन्य सभी खेलों के विकास में उस पैसे को लगाये. भारत का संविधान हर धर्म का सम्मान करने की सीख देता है और सभी धर्मों के मान- सम्मान व भावना का ख्याल करना सिखाता है  जिस बात से जाहिर है भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और उनके नेतृत्व में चलने वाली सरकार को भी ऐतराज नहीं होगा. भारत में सरकार संविधान से चलती है और सरकार में शामिल सभी लोग संविधान के प्रति कर्तव्य निष्ठा की शपथ लेते हैं. इस लिहाज से भारत के किसी भी सरकार का पहला कर्तव्य है कि संविधान की रक्षा करे. अत: भारत सरकार से गुजारिश है कि गाय के चमड़े से बने बॉल से खेले जाने वाले क्रिकेट पर बैन लगाये और हिन्दू धर्म के सम्मान की रक्षा करे.

एअर इंडिया को खरीद सकता है टाटा ग्रुप

लंबे समय से केन्द्र सरकार एअर इंडिया को कर्ज के बोझ से मुक्त करने के रास्ते तलाश रही है. लंबे समय से एअर इंडिया घाटे में चल रही है. ऐसे में खबर आ रही है कि निजी कंपनी टाटा बहुत जल्दी सरकार से एअर इंडिया को खरीद सकती है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बाबत टाटा के अधिकारों और सरकार के बीच अनौपचारिक बातचीत भी हुई है. अगर ऐसा होता है तो एअर इंडिया की जोरदार तरीके से वापसी होगी.  क्योंकि वर्ष 1953 से पहले एअर इंडिया का स्वामित्व टाटा समूह के पास ही था. रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सरकार के साथ अनौपचारिक बातचीत की, जिसमें उन्होंने 51 प्रतिशत इक्विटी के साथ एयर इंडिया पर टाटा समूह के नियंत्रण की इच्छा जताई है. सरकार एक दशक से घाटे में चल रही विमान कंपनी एयर इंडिया के निजीकरण के बारे में विचार कर रही है. हाल ही में, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि विमानन मंत्रालय को उन सभी संभावनाओं का पता लगाने की जरूरत है जिससे एयर इंडिया का निजीकरण किया जा सकता है.एयर इंडिया के 52,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है. जिससे सरकार जल्दी ही मुक्ति पाना चाहती है उसके लिए टाटा समूह का सहारा लिया जा रहा है.

किसानों का 50 हजार तक कर्ज माफ करेगी कर्नाटक सरकार

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कर्नाटक सरकार ने किसानों के कर्ज को माफ करने का फैसला किया है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के किसानों की कर्जमाफी के बाद कर्ज माफी की लिस्ट में एक और राज्य का नाम जुड़ गया है. कर्नाटक सरकार ने प्रति किसान 50,000 रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा कर दी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को हमारी नीतियों के जरिए सक्षम बनाने के लिए काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय के दौरान में हमारी सरकार प्रति किसान 50,000 रुपये तक का कर्ज माफ किए जाने की घोषणा करती है. ये फायदा उनको मिलेगा, जिन्होंने 20/06/2017 तक सहकारी बैंकों से लोन लिया है. इससे राज्य भर में 22,27,506 किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा. इससे राज्य के सरकारी खजाने पर 8,165 करोड़ रुपये का भारी बोझ पड़ेगा पर किसानों के संकट को खत्म करना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है.

हम जानते हैं कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए उन पर ऋण की मार को कम करना जरुरी होगा. किसानों की ओर से मैं पीएमओ इंडिया से अनुरोध करता हूं कि जल्दी ही सूखे पर विचार करें और वाणिज्यिक बैंकों से किसानों के ऋण को माफ कर दें. जिससे किसानों की जरुरी मदद के साथ-साथ उनके आर्थिक स्तर में भी सुधार आयेगा.