आज़ादी के 70 साल बाद दलित मुख्यधारा में क्यों नहीं?

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भारत में पिछले कुछ समय में दलितों और ऊंची जातियों के बीच तनाव बढ़ा है. हालांकि सरकारें अलग अलग समय पर दलितों के उत्थान के लिए कदम उठाती रही हैं.

एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए दलित उम्मीदवार ही चुना है. इन खबरों के बीच बीबीसी हिंदी ने अपने पाठकों से पूछा था कि दलित-ऊंची जाति तनाव के बीच वो इस समस्या के किस पहलू के बारे में जानना चाहेंगे.

बड़ी संख्या में पाठकों ने हमारे लिए ये सवाल रखा कि आज़ादी के 70 साल बाद भी अब तक दलित देश की मुख्यधारा में क्यों नहीं आ पाए हैं.

पाठकों के इस सवाल का जवाब खोजा है बीबीसी हिंदी के संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने अपनी इस रिपोर्ट में. 1. सामाजिक आधार पर देखें तो आप समानता और स्वतंत्र के लिए क़ानून बना सकते हैं लेकिन भाईचारे के लिए क़ानून नहीं बना सकते. अब तक 70 सालों में क़ानून ऊंच-नीच और भेदभाव को ख़त्म नहीं कर पाया है. क़ानून एक या दो को सजा दे सकता है पूरे समाज को कैसे सजा देगा? दलितों पर जारी अत्याचार एक सामूहिक विफलता है जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विवेक कुमार कहते हैं- “समाज की दलितों की तरफ जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी तब तक निरंतर बदस्तूर उन पर अन्याय जारी रहेगा.

2. क़ानून बनाना और क़ानून लागू करना केवल एक प्रक्रिया है. ये आल-राउंड विकास की प्रक्रिया होनी चाहिए. सामाजिक कार्यकर्ता अनिल चमड़िया कहते हैं- “पिछले 70 में तजुर्बा बताता है कि केवल क़ानून से भेदभाव ख़त्म नहीं होगा. ये समाज में कास्ट सिस्टम से जुड़ा हुआ है. भेदभाव से जुड़ा हुआ है. ये संविधान बनने के कई सौ साल से ऐसा ही चला आ रहा है जो अब तक टूट नहीं सका है.

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3. दलित सामाजिक कार्यकर्ता कहते हैं कि दलितों के खिलाफ छुआछूत प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा बन गया है. अनिल चमड़िया कहते हैं “लोकतंत्र की जो संस्थाएं हैं उनके ज़रिये ये सामाजिक अन्याय और मज़बूत हुआ है.”

4. रोटी-बेटी का सम्बन्ध होना चाहिए. अनिल चमड़िया के अनुसार भीम राव आंबेडकर के कहे अनुसार अंतर जाति विवाह को बढ़ावा देना चाहिए. उनका कहना था कि अगर दोनों जातियों के लोग एक दूसरे की जाति में शादी करें तो जातपात की जड़ों को हिलाया जा सकता है.

5. आरक्षण की मंशा समझी जाए. प्रोफेसर विवेक कुमार के अनुसार आरक्षण आर्थिक समस्या को सुलझाने का काम नहीं है. उनके मुताबिक- “ये प्रतिनिधित्व का कार्यक्रम था कि समाज की सभी संस्थाओं में दलितों का प्रतिनिधित्व हो लेकिन दलितों को अब भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है जिसकी वजह से आरक्षण को जारी रखने की ज़रुरत है.

6. सरकार के इलावा निजी क्षेत्र और पूरे समाज की ज़िम्मेदारी बनती है छुआछूत ख़त्म हो. अनिल चमड़िया और विवेक कुमार दोनों कहते हैं कि समाज भी अपनी ज़िम्मेदारी उठाये. लेकिन वो इस बात पर ज़ोर देते हैं कि दलितों के खिलाफ अन्याय रोकने और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने पूरी ज़िम्मेदारी सरकार पर आयद होती है.

साभारः बीबीसी हिंदी

उपराष्‍ट्रपति पद के लिए चुनाव 5 अगस्‍त को :चुनाव आयोग

नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव आयोग ने उपराष्‍ट्रपति पद के लिए भी चुनाव तारीखों की घोषणा कर दी है. उपराष्ट्रपति चुनाव पांच अगस्त को होगा जिसमें सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक मतदान किया जायेगा. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना 4 जुलाई को जारी होगी. नामांकन भरने की आखिरी तारीख 18 जुलाई होगी और छंटनी कार्य 19 जुलाई को किया जाएगा.

उपराष्ट्रपति चुनाव की मतगणना मतदान वाले दिन, पांच अगस्त को ही होगी. मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के कार्यकाल का अंतिम दिन 10 अगस्त 2017 है. वह दो बार से इस पद पर हैं. जानकारी के मुताबिक एनडीए खेमे की तरफ से केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और राज्‍यपाल नजमा हेपतुल्‍लाह का नाम इस पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है. गौरतलब है की राज्यसभा और लोकसभा के निर्वाचित और नामांकित सदस्य उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है. इस समय दोनों सदनों की कुल सदस्य संख्या 790 है लेकिन कुछ सीटें अभी भी खालीं हैं.

भाजपा सांसद मिनाक्षी लेखी नहीं लिख पाई ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’

नई दिल्ली। बीजेपी सरकार ने सत्ता में आते ही स्वच्छ भारत अभियान को पूरे देश में जोरशोर से लांच किया गया था. प्रधानमंत्री मोदी इस अभियान को लेकर काफी प्रचार करते रहे हैं तो उनके सांसद और नेता भी झाडू के साथ समय- समय पर तस्वीरें खिचातें रहे हैं. लेकिन अब इस मामले को लेकर एक बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी का सोशल मीडिया पर जमकर मजाक बनाया जा रहा है.

मामला यह है कि बीजेपी की सांसद मीनाक्षी लेखी की एक तस्वीर वायरल हो रही है.  जिसमें वह ‘स्वच्छ’  गलत लिखती दिखाई दे रहीं हैं. मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार, यह तस्वीर 27 जून की है जब दिल्ली से सांसद और मशहूर वकील मीनाक्षी लेखी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की तरफ से एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचीं थीं. इस कार्यक्रम में मीनाक्षी लेखी के साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी मौजूद थे. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के इस स्वस्थ सारथी अभियान का मकसद वाहनों को प्रदूषण मुक्त बनाने और चालकों को स्वस्थ रखना था.

इस अभियान के लिए मीनाक्षी लेखी ने बोर्ड पर स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत की जगह ‘सवस्थ भारत, सवच्छ भारत’ लिख दिया. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ना शुरू हो गया. किसी ने लिखा कि खुद हिन्दी नहीं जानते लेकिन दूसरों पर थोंपने में लगे हैं. एक ने लिखा मोदी जी देखिए आपके सांसद तो ‘स्वच्छ’ लिखना तक नहीं जानते, स्वच्छता कैसे लाएंगे. काग्रेंस के नेताओं द्वारा ट्विटर पर इस वाक्ये का खूब मजाक उड़ाया जा रहा है. बता दें कि मीनाक्षी ने दिल्ली के हिन्दू कॉलेज और डीयू से पढ़ाई पूरी की है.

अच्छे कपड़े पहन कर सामने से गुजरा तो मार दी ‘गोली’

Victim

बहराइच। भले ही सीएम योगी ने अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े फरमान जारी कर रखे हों लेकिन बहराइच में उनके फरमान का पुलिस पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है. मामला थाना हुजूरपुर क्षेत्र का है जहां जातिवादी गुंडों ने दलित किशोर को इसलिए एयरगन से गोली मार दी क्योंकि उसने उनके सामने से अच्छे कपड़े पहन कर गुजरने की जुर्रत कर ली. परिजन जब शिकायत लेकर थाने पहुचें तो तो तीन दिनों तक उन्हें दौड़ाने के बाद चौथे दिन डकैती के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर थाने से भगा दिया.

पीड़ित दलित परिवार नें एसपी से मिलकर न्याय की गुहार की है. ये लोग थाना हुजूरपुर के भेटिया त्रिभुवन दत्त सिंह पुरवा के निवासी हैं. इन पीड़ितो को अभी तक बहराइच की पुलिस इंसाफ नहीं दिला सकी है.

पीड़ित के परिवार ने एसपी को दी गई तहरीर में कहा कि 02 जून को उनका बेटा बारात जा रहा था रास्ते मे गांव के जातिवादी गुंडों ने रोक कर जाति सूचक गाली देते हुऐ कहा कि इतने अच्छे कपड़े पहन कर कहा जा रहे हो, किशोर के शादी में जाने की बात कहने पर जातिवादी गुंडों ने एयरगन से किशोर को गोली मार दी जो उसके पैर में लगी.

किसी तरह घर पहुंचे किशोर ने घटना के सम्बंध में अपनी मां को बताया. मां जब उनके घर शिकायत करने गई तब उसे भी मारा. पीड़ित का कहना है कि जब वह जातिवादी गुंडों की शिकायत लेकर हुजूरपुर थाने गए तो उसे धमकी देकर भगा दिया. अब पीड़ित इंसाफ की आस में एसपी के दरवाजे पर दस्तक दी है. फिलहाल एसपी इस सम्बन्ध में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं.

झारखंड: काजू की खेती से सुधरेगा आदिवासियों का जीवन स्तर

झारखंड: झारखंड के साहिबगंज जिले में काजू की खेती वन समिति के सदस्यों के जीवन में खुशहाली लाने वाली है. इन वन समितियों में आदिवासी व पहाड़ी ग्रामीण शामिल हैं. उत्पादित काजू की बिक्री से जो लाभ मिलेगा उसमें समिति के सदस्य बराबर के हिस्सेदार होंगे.

जो पथरीली जमीन खेती के लिए अब तक अनुपयुक्त थी वही अब काजू की खेती का आधार बनेगी. अच्छी बात यह है कि इससे क्षेत्र में पत्थर के खनन पर भी रोक लग सकती है. साहिबगंज क्षेत्र एक मॉडल के रूप में आसपास के लोगों को काजू की खेती के फायदे और पत्थर के खनन से नुकसान बतायेगा. वन विभाग ने नर्सरी में लगभग दस हजार काजू के पौधे तैयार किए हैं.  जिससे वन समिति आस पास के तीन ब्लॉक में जल्दी लगायेगी.

वहां के बोरियो ब्लॉक के बांझी, जसायडी गांव, बरहेट के पतौड़ा और तालझारी के मालीटोक गांव का चयन किया गया है. यहां लगभग 15 एकड़ पथरीली भूमि पर काजू के पौधे लगाए जाएंगे. वन विभाग अपनी तीन नर्सरी में काजू के पौधे तैयार करा रहा है. ये पौधे अभी 6 इंच लंबे हुए हैं. जैसे ही इनकी लंबाई डेढ़ फीट होगी, इन्हें रोपने का काम शुरू किया जाएगा. विभाग के अनुसार एक पौधे के पेड़ बनने व फल देने में लगभग पांच से छह साल का समय लगता है.

एक पेड़ से एक साल में लगभग दस किलो तक काजू का उत्पादन हो सकता है। यानी कुछ एकड़ भूमि पर इसकी खेती कर सालाना पांच से दस लाख रुपये की आमदनी की जा सकती है। जिले की आदिवासी पहाड़िया व अन्य जाति के लोग इसका लाभ ले सकते हैं।

गौरतलब है की झारखंड में आदिवासियों की संख्या काफी आधिक है इस मुहीम से इस तबके जरूर फायदा होगा और जीवन स्तर में सुधार भी जरुर होगा.

 

‘नॉट इन माइ नेम’: धर्म और जाति के नाम पर हो रही हत्याओं के खिलाफ प्रदर्शन

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Protest against mob lynching

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित भारत के अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. यह विरोध प्रदर्शन भीड़ द्वारा जगह-जगह की जा रही हत्याओं के खिलाफ हो रहा है. यह विरोध प्रदर्शन ‘नॉट इन माइ नेम’ के नाम से किया जा रहा है.

फिल्म निर्माता सबा दीवान ने जब दिल्ली के पास ट्रेन में एक युवक की भीड़ द्वारा हत्या के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लगाई थी, तो उन्हें एहसास भी नहीं था कि उस पर उन्हें व्यापक समर्थन मिलेगा. सोशल मीडिया पर सबा द्वारा लगाई गई पोस्ट और तस्वीर वायरल हो गई है.

ईद से ठीक पहले दिल्ली के बाहर भीड़ द्वारा ट्रेन में जुनैद नाम के लड़के की हत्या कर दी गई थी. उससे पहले भी पिछले कुछ वक्त में भीड़ द्वारा लोगों के मारे जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं. पिछले दिनों कश्मीर में भी एक पुलिस अफसर को भी भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था.

Protest against mob lynching

सबा दीवान का कहना है, “समाज में धर्म और जाति के नाम पर जो हिंसा हो रही है, उसका विरोध करने के लिए यह प्रदर्शन है. ‘नॉट इन माइ नेम’ लिखी तख्तियां दिखाकर लोग यह कहना चाहते हैं कि वे इन हत्याओं के खिलाफ हैं और इनकी निंदा करते हैं…”

सबा दीवान ने अपनी ताज़ा फेसबुक पोस्ट में लिखा है, “मैं अकेली नहीं हूं… मैं इस विरोध-प्रदर्शन का बहुत छोटा हिस्सा हूं, जिसे अब हज़ारों लोग चला रहे हैं… अजनबी अब साथी बन चुके हैं… ये वे लोग हैं, जो भारत के संविधान पर भरोसा करते हैं… ये वे लोग हैं, जो बराबरी, मानवीय गरिमा और आत्मसात करने के मूल्यों के साथ हैं…” यह प्रदर्शन दिल्ली के अलावा चंडीगढ़, कोलकाता, बेंगलुरू, हैदराबाद और त्रिवेंद्रम समेत कई शहरों में आयोजित हुआ.

योगी सरकार एक अंक के भी लायक नहीं :मायावती

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि योगी सरकार का सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड बिल्कुल खराब रहा है. यह सरकार एक अंक भी देने लायक नहीं है. उन्होंने कहा कि सौ दिन के शासन में बीजेपी सर्वसमाज की उम्मीदों पर जरा भी खरी नहीं उतरी है.

मंगलवार को जारी बयान में मायावती ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ढेरो घोषणाएं कीं जिसका नतीजा शून्य रहा. कर्जमाफी का इस सरकार ने डंका बजा कर वादा किया परंतु यह घोषणा कागजी सी नजर आती है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस सरकार ने वादे किए घोषणाएं कीं और अब सत्ता बनने पर सब भूल गयी.

भाजपा व उनकी सरकारों की यही नीति रही है. उन्होंने कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मामले में सरकार को जीरो बताया. मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस वार्ता में केवल एक फोटो फीचर बुक जारी कर सौ दिन की उपलब्धियों की बखान सिर्फ दिखावा है.

बसपा मुखिया ने आरोप लगाया कि भगवा संघी नीति को अपना आदर्श बना रही है इस कारण ही कानून व्यवस्था का बुरा हाल है. भाजपा के गमछाधारी और गौ रक्षा दल ही सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हैं. इनके खिलाफ सरकार कोई भी कदम उठाने को तैयार नहीं है और न ही कानून व्यवस्था पटरी पर आ रही है.

इस खबर का संपादन नागमणि कुमार शर्मा ने किया है.

यूपीः योगीराज में हुआ दलित किशोरी के साथ सामूहिक बलात्कार

crime against woman

बलिया। एक तरफ यूपी के मुख्यमंत्री अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने की उपलब्धियां गिनवा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर राज्य में गुंडागर्दी, अपराध और बलात्कार कर जैसी घटनाएं तेजी से घट रही है. मामला है उत्तर प्रदेश के बलिया का. बलिया के बांसडीह इलाके में 14 वर्षीय एक दलित किशोरी के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है.

पुलिस विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 27 जून की दोपहर 14 वर्षीय एक दलित किशोरी को उसके गांव का ही अजय पासवान खींचकर घर में ले गया तथा फिर अजय, कृष्णा और रजवंत ने उसके साथ मारपीट की, अपशब्द कहे तथा धमकाने के बाद कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया.

पुलिस ने किशोरी की मां की शिकायत पर भारतीय दंड विधान और पॉक्सो एक्ट के तहत नामजद मामला दर्ज किया है. पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी अजय को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है तथा अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

भारत डच को देगा 5 साल तक का बिजनेस और टूरिस्ट वीजा

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एमस्टरडम। भारत सवा अरब लोगों का एक बाजार है, जो निवेश के लिए बांहें फैलाए आपका इंतजार कर रहा है. कारोबार के लिए यहां बेहतरीन माहौल तैयार कर दिया गया है. ये बातें भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने डच कंपनियों के सीईओ के साथ चर्चा में कहीं. प्रधानमंत्री ने कहा कि नीदरलैंड में बसे भारतीयों की तादाद ब्रिटेन के बाद सर्वाधिक है. भारत भी डच नागरिकों को पांच साल के लिए बिजनेस व टूरिस्ट वीजा देगा. इसका निर्णय निकट भविष्य में किया जाएगा.

2 दिन की अमेरिका यात्रा के बाद 27 जून को नीदरलैंड की राजधानी एमस्टरडम पहुंचे मोदी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके वो 80 करोड़ लोग हैं, जो अभी तक 35 साल की उम्र से नीचे हैं. ये हमारा बेहतरीन भविष्य हैं. नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रुटे से बातचीत में पीएम मोदी ने एमटीसीआर में स्थायी सदस्यता प्राप्त होने पर यूरोप का आभार व्यक्त किया. यह वही संघ है, जिसमें शामिल होने के बाद भारत के मिसाइल कार्यक्रम ने रफ्तार पकड़ी. भारत रूस के साथ संयुक्त रूप से मिसाइल कार्यक्रम पर काम कर रहा है. दोनों देशों के बीच जलवायु परिवर्तन के नियमों पर अमल करते रहने की सहमति बनी. साथ ही अक्षय ऊर्जा में हिस्सेदारी और जल परियोजनाओं को लेकर भी बातचीत हुई.

मोदी ने कहा कि भारत में 7 हजार से ज्यादा बार सुधार करके एफडीआई (फोरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट) को इस काबिल बनाया गया है कि विदेशी निवेश आसानी से हो पाए. सरकार ने आर्थिक क्षेत्र को इस लायक बनाया है, जिससे भारत का स्तर और ऊंचा उठे. मार्क रुटे ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक महाशक्ति बना है. आज राजनीति के साथ आर्थिक क्षेत्र में वह बड़ी ताकत है. मेक इन इंडिया और क्लीन इंडिया की तारीफ करते हुए रुटे ने कहा कि यूरोप के साथ भारत के कारोबार का 20 फीसदी माल नीदरलैंड के रास्ते वहां जाता है.

पूंजी प्रवाह होगा और भी आसान नीदरलैंड और भारत के बीच पिछले 70 सालों से बिजनेस संबंध हैं. नरेंद्र मोदी ने डच पीएम के साथ चर्चा में बिजनेस के लिए नियमों को और आसान बनाने पर सहमति दी. ऐसा करने से दोनों के बीच पूंजी का प्रवाह आसान हो जाएगा. अगले 70 साल के लिए ये नियम संशोधित किए जा रहे हैं. भारत-नीदरलैंड के बीच राजनयिक संबंधों को भी 70 साल पूरे हो चुके हैं. दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद का एक साथ सामना करने की बात कही.

39 आईएएस अफसरों के खिलाफ होगी भ्रष्टाचार की जांच

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नई दिल्ली। वर्तमान सरकार ने देश के 39 आईएएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच चल रही है. इन अफसरों में से कई आईएएस अफसर केंद्रीय सचिवालय सेवा में तैनात हैं. इनके खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया की कार्रवाई चल रही है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आईएएस अफसरों के मामले को देखने वाली नोडल एजेंसी केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ही इस जांच प्रक्रिया को देख रहा है. कुल अफसरों के खिलाफ पूछताछ चल रही है. इनमें से कुछ वरिष्ठ स्तर के अधिकारी हैं. इन अफसरों के खिलाफ शिकायतों की जांच के साथ ही उनके सेवा रिकार्ड को भी खंगाला जा रहा है. मानकों के अनुसार एक केंद्रीय कर्मचारी की सेवा की दो बार समीक्षा होती है. पहली बार 15 सालों की सेवा के बाद और दोबारा 25 सालों की सेवा के बाद होती है.

पिछले एक साल में केंद्र सरकार ने काम न करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है. साथ ही कामकाज ने करने वाले अफसरों के सेवा रिकार्ड की भी पड़ताल जारी है. समूचे भारत में ग्रुप ए सेवा में आईएएस,आईपीएस और आईआरएस समेत 25 हजार अधिकारी हैं.

झारखंड: गाय के शव को लेकर भीड़ ने बुज़ुर्ग को पीटा  

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झारखंड की राजधानी रांची के एक गांव में भीड़ ने एक बुज़ुर्ग को बुरी तरह पीटा, क्योंकि उसके घर के बाहर एक मरी हुई गाय पड़ी थी. भीड़ ने उस्मान अंसारी के घर को आग भी लगा दी. उस्मान अंसारी इस वक्त धनबाद में अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस जल्द ही घटनास्थल पर पहुंच गई  और उन्होंने भीड़ को हटाने के लिए करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं गयीं.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया की पुलिस ने भीड़ का सामना किया  और उस्मान अंसारी और उनके परिवार को बचाया जब पुलिस ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की तो उन पर भारी पथराव किया गया.

पुलिस की गोलीबारी में भी दो लोग ज़ख्मी हुए हैं. पथराव के दौरान 50 पुलिसकर्मी भी घायल हुए बताए गए हैं. गांव में सुरक्षा के भारी इंतज़ाम किए गए हैं. उस्मान अंसारी पर हमले के लिए फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. गोरक्षा के नाम पर बढ़ती जा रही हिंसक घटनाओं को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हाल ही में कहा था कि सरकार ‘इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है कि यदि कोई हिंसा करता है, तो कानून अपना काम ज़रूर करेगा. पर गौरतलब है की गौ रक्षा के नाम पर लगातार हो रही घटनाऐँ रूकने का नाम नहीं ले रहीं हैं.

खट्टर सरकार का विवादित विज्ञापनः घूंघट को बताया हरियाणा की पहचान

Advertisement by Haryana Govt.

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की एक पत्रिका में छपी तस्वीर के साथ लगे कैप्शन में ‘घूंघट’ को ‘राज्य की पहचान’ बताया गया है, जिससे विवाद पैदा हो गया है. विपक्ष के लोगों का कहना है कि यह भाजपा सरकार की ‘पिछड़ी’ सोच को दिखाता है. हालांकि वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने महिला सशक्तीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं और वह इस बात का समर्थन नहीं कर रही कि महिलाओं को ‘घूंघट’ रखने के लिए विवश किया जाना चाहिए.

कृषि संवाद नामक पत्रिका के हालिया अंक में घूंघट वाली महिला की तस्वीर छपी है. महिला अपने सिर पर चारा लेकर जा रही है और कैप्शन में लिखा है, ”घूंघट की आन-बान, म्हारे हरियाणा की पहचान”. यह पत्रिका राज्य सरकार की मासिक पत्रिका हरियाणा संवाद की एक परिशिष्ट है.पत्रिका के मुख्य पृष्ठ पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तस्वीर छपी है.

महिला की तस्वीर के साथ छपे कैप्शन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह सत्ताधारी भाजपा सरकार की पिछड़ी हुई सोच दिखाता है. हुड्डा ने कहा, ”यह भाजपा सरकार की पिछड़ी सोच दिखाता है. हरियाणा की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं. तीन ही दिन पहले राज्य की एक युवती को मिस इंडिया का ताज पहनाया गया. राज्य की लड़कियों ने खेलों और अन्य क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी है. भारत में जन्मी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री दिवंगत कल्पना चावला हरियाणा से ही थीं.” हाल ही में हरियाणा की लड़की मानुषी चिल्लर को फेमिना मिस इंडिया 2017 का ताज पहनाया गया.

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

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उत्तराखंड के मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक बारिश एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा सकती है. जानकारी के मुताबिक कुमाऊं मंडल, गढ़वाल मंडल, चमोली, उत्तरकाशी और विशेषकर पिथौरागढ़ में भारी बारिश होने की सम्भावना है. उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक ने भविष्वाणी की है कि अगले 48 घंटे उत्तराखंड पर भारी पड़ सकते हैं. जिसके लिए लोगों को सतर्क होना बेहद जरुरी है.

गौरतलब है कि उत्तराखंड में पहले से ही बारिश जारी है लकिन मौसम विभाग की भविष्वाणी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगो को सावधान रहने को कहा है. मौसम विभाग ने कहा है कि जो लोग इस मौसम में यात्रा पर जा रहे है वे लोग खासतौर से सावधानी बरतें. मौसम विभाग ने बारिश के कारण भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका भी जताई है जिससे सड़कें यात्रियों को बहुत अधिक परेशान कर सकती हैं.

वेनेजुएला में सुप्रीम कोर्ट पर आतंकी हमला

वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट पर आंतकवादियों ने हेलीकॉप्टर से ग्रेनेड बरसाए हैं. इस हमले को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने आतंकी हमला बताया है. निकोलस ने सरकार और सेना को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है और सुरक्षा को कड़ी करने का फरमान जारी कर दिया है.

आंतकवादियों ने जब ग्रेनेड बरसाए तब मादुरो राष्ट्रपति भवन में एकत्रित सरकार समर्थक संवाददाताओं से सरकारी टेलीविजन पर लाइव बातचीत कर रहे थे. राष्ट्रपति मादुरो ने कहा कि देश की हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय है तथा हमले को नाकाम करने में जुटी है.

राष्‍ट्रपति निकोलस करीब तीन से माह से राजनीतिक और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. उनकी सरकार में ही शामिल कई लोग उनका विरोध कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति मादुरो के सत्ता में बने रहने का हमेशा समर्थन किया है. इसे भी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है.

राष्‍ट्रपति मादुरो ने कहा है कि जिस हेलीकॉप्‍टर से सुप्रीम कोर्ट पर हमला किया है वही हेलीकॉप्‍टर ने जस्टिस और इंटीरियर मंत्रालय की बिल्डिंग के ऊपर भी नजर आया था.

गौरतलब है कि राष्ट्रपति का समर्थन करने वाले सुप्रीम कोर्ट को विरोधी नापसंद करते हैं. मादुरो ने एक बयान में कहा कि दुनिया को बता देता हूं कि अगर वेनेजुएला गुलामी और हिंसा में डूबा और हमारी सरकार गिरी, तो यह देश बर्बादी की कगार पर पहुंच जायेगा. हम सुप्रीम कोर्ट पर हुऐ हमले की कड़ी निंदा करते हैं और आतंक का विरोध करते हैं.

इस खबर का संपादन नागमणि कुमार शर्मा ने किया है.

महाभारत पर फिल्म बनायेंगे शाहरुख

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मुंबई। बॉलीवुड के किंग खान महाभारत पर फिल्म बनायेंगे. शाहरुख ने कहा कि वह पिछले एक-डेढ़ वर्षो से महाभारत पढ़ रहे हैं. इससे पहले भी शाहरुख खान ने मौर्य वंशज सम्राट अशोक पर फिल्म बनाई थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया था. ईद के मौके पर शाहरुख खान ने पत्रकारों के लिए एक स्पेशल पार्टी रखी. इसी दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहरुख ने कहा कि हमें एकदूसरे के धर्म से प्रेम करना चाहिए.

मुंबई में होटल ‘ताज लैंड्स एंड’ में ईद मनाने के बाद शाहरुख ने पत्रकारों से कहा “ बीते एक-डेढ़ साल से महाभारत पढ़ रहा हूं. इसमें वर्णित कहानी पसंद आ रही है.” बॉलीवुड अभिनेता शाहरूख खान महाभारत पर आधारित फिल्म बनाना चाहते. शाहरुख ने ख्वाहिश जाहिर कि है कि, वह महाभारत को बड़े पर्दे पर लाना चाहते है लेकिन अपना सपना पूरा करने के लिए उनके पास पैसे नहीं है.

शाहरुख ने कहा कि मैं चाहता हूं कि महाभारत पर फिल्म बनाऊं लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं बिना किसी की मदद के इस फिल्म बना पाऊंगा. इसके लिए मैं इण्डियन प्रोड्यूसर्स से बात करूंगा और अगर फिर भी कुछ नहीं हो पाया तो मैं इण्टरनेशनल प्रोड्यूसर्स से इस प्रोजेक्ट में शामिल होने की अपील करूंगा. उनका मानना है कि इंडियन प्रोड्यूसर्स और इंडियन फिल्मों का मार्केट काफी सीमित है तो ऐसे में इण्टरनेशनल प्रोड्यूसर्स के साथ मिलकर ही इस सपने को पूरा किया जा सकता है.

वाराणसी: जीएसटी के विरोध में उतरे साड़ी व्यापारी

वाराणसी। कपड़े पर जीएसटी लागू होने  का चौतरफा विरोध हो रहा है. मंगलवार को वाराणसी के साड़ी व्यापारियों ने 29 जून तक बंद का एलान किया है. उन्होंने अपनी दुकान के बाहर कपड़े पर जीएसटी मंजूर नहीं के पोस्टर भी लगाए.

दूसरी तरफ राजस्थान में कपड़ा व्यापारियों ने भी कारोबार बंद रखकर जीएसटी का विरोध किया. राजस्थान कपडा जीएसटी संघर्ष समिति के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने कपडे पर जीएसटी लागू किया तो प्रदेश भर के कपडा कारोबारी एक जुलाई से अनिश्चितकालीन बंद पर चले जायेंगे.

कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि आजादी के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब कपड़े पर भी कर लगाया जा रहा है. उनका कहना है कि कपड़े पर एक्साइज, वेट सर्विस टैक्स लागू नहीं है फिर भी इस पर जीएसटी लागू किया जा रहा है.

व्यापारियो का यह भी कहना है कि छोटे व्यापारियों के लिए कम्प्यूटर जैसी व्यवस्थाएं करना असंभव होगा और कपड़े का ज्यादातर व्यापार उधार होता है जिसकी वसूली सालभर तक नहीं हो पाती. ऐसे में जीएसटी लागू होने पर व्यापार में मुश्किल होगी. इससे कपड़े के व्यापार पर काफी गहरा असर होगा जिसका सीधा असर आम जनता पर भी पड़ेगा.

1 जुलाई से पैन के लिए अनिवार्य हो जाएगा आधार

  Adhar card with PAN

नई दिल्ली। अगर आपने अब तक अपने पैन कार्ड को आधार नंबर से नहीं जोड़ा है तो तुरंत यह काम करवा लीजिए. क्‍योंकि सरकार ने यह अनिवार्य कर दिया है और यह नियम एक जुलाई से लागू हो जाएगा. इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव को लेकर सरकार ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. अब एक जुलाई से नया पैन नंबर प्राप्त करने के लिए 12 अंक का आधार नंबर देना अनिवार्य होगा.

वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने 2017-18 के लिए वित्‍त विधेयक के कर प्रस्‍तावों में संसोधन करते हुए इनकम रिटर्न्स फाइल करने वालों के लिए आधार को अनिवार्य बनाया था. इसके अलावा पैन को आधार के साथ जोड़ना भी अनिवार्य किया गया था, जिससे कई पैन कार्ड के इस्तेमाल के जरिए टैक्‍स चोरी को रोका जा सके.

राजस्व विभाग ने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति, जिसे एक जुलाई से 2017 तक पैन नंबर उपलब्ध करा दिया गया है, उसे इनकम टैक्स की धारा 139एए की सब-सेक्शन-2 के प्रावधानों के तहत आधार नंबर की जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी.

राजस्व विभाग ने आईटी एक्ट की धारा 114 में सुधार करते हुए कहा कि इस नियम को एक जुलाई 2017 से लागू कर दिया जाएगा. एक अनुमान के मुताबिक करीब 2.07 करोड़ करदाता पैन के साथ आधार को लिंक कर चुके हैं. देश में कुल 111 करोड़ लोगों के पास आधार है, जबकि मात्र 25 करोड़ लोगों के पास ही पैन कार्ड हैं. हाल में उच्च न्यायालय की ओर से आईटी एक्ट के प्रावधानों को सही ठहराया गया था, हालांकि उच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा फैसला सुनाए जाने तक इस पर रोक लगा दी गयी थी.

अब अगर आपने एक जुलाई तक अपने आधार और पैन कार्ड की लिंकिंग के काम को पूरा नहीं किया तो आपका पैनकार्ड रिजेक्ट किया जा सकता है. ऐसी स्थिति में आप मौजूदा वित्त वर्ष में अपना इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भर सकते, क्योंकि टैक्स रिटर्न भरने के लिए आधार और पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है.

एमपी: शिवराज ने कलेक्टरों को दिया रासुका लगाने का अधिकार

भोपाल। शिवराज सरकार किसान आंदोलन से बुरी तरह घबराई हुई है इसका ताजा उदहारण अभी सामने आया है. किसानों के विरोध प्रदर्शन से घबराई भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश के जिलाधिकारियों को किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत गिरफ्तार करने का अधिकार दे दिया है. यह सूचना गजट में भी छाप दी गई है.

मध्यप्रदेश सरकार के 19 जून के राजपत्र में गृह विभाग की ओर से अधिसूचना प्रकाशित करते हुए कहा है कि राज्य शासन के पास ऐसी रिपोर्ट है कि कुछ सांप्रदायिक तत्व मेल-मिलाप को संकट में डालने के लिए लोक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा पर विपरित प्रभाव डालने वाला कोई कार्य करने के लिए सक्रिय है. या उनके सक्रिय होने की संभावना है. इस अधिसूचना में आगे कहा गया है कि एक जुलाई से 30 सितंबर  के दौरान जिलाधिकारी अपनी स्थानीय सीमाओं के भीतर रासुका की धारा 3 की उपधारा 3 का उपयोग कर सकेंगे.

गौरतलब है कि किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की दमनकारी कार्रवाई में छह किसानों की मौत और एक के बाद एक 15 किसानों की आत्महत्या से मध्यप्रदेश एक बार फिर राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में है. किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो वहीं विपक्षी पार्टियां स्वाभाविक रूप से उनके समर्थन में उतर आई हैं.

उधर सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाए जाने के खिलाफ नर्मदा बचाओ आंदोलन भी जोर पकड़ रहा है. आंदोलनों के बीच सरकार के इस दमनकारी फैसले का राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है.

इस मामले में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव बादल सरोज ने एक बयान जारी कर कहा है कि देशभर में आपातकाल थोपकर लोकतंत्र पर जघन्य हमले की 42वीं बरसी के एक सप्ताह पहले ही मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश में आपातकाल थोपने जैसी घोषणा की है.

उन्होंने आगे कहा कि शिवराज सरकार ने कलेक्टरों को मनमानी गिरफ्तारियों का अधिकार प्रदेशभर में फैल रहे किसानों में असंतोष, जीएसटी के विरुद्ध व्यापारियों में असंतोष और सरकारी कारगुजारियों के चलते जनता में उपजी बेचैनी से डरकर दिया है. इनकी मंशा राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं को पकड़कर बिना मुकदमा जेल में डालने की है.

एकता परिषद के अध्यक्ष रणसिंह परमार ने कहा है कि राज्य सरकार की यह अधिसूचना विभिन्न आंदोलनों का दमन करने की नीति है. सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को असीमित अधिकार दे दिए हैं, जिसके जरिए वे किसी भी व्यक्ति को जेल भेज सकते हैं. शांतिपूर्वक और अहिंसक तरीके से आंदोलन करना जनता का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह सरकार संवैधानिक अधिकारों को छीनना चाह रही है जिसका विरोध होना चाहिए.

 

अमेरिका पहुंचना होगा अब आसान

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वाशिंगटन. अमेरिका जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए यह खबर खुशखबरी से कम नहीं है. अब वहां पहुंचने के लिए भारतीयों को कोई दिक्कत नहीं होगी और वे आसानी से यहां प्रवेश कर सकते हैं. इसका कारण भारत का अमेरिकी पहल वाले कार्यक्रम में औपचारिक रूप से शामिल होना है.

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत के इंटरनेशनल एक्सीपेडेट ट्रैवलर इनीशिएटिव (ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम) में प्रवेश का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह भारत और अमेरिकी नागरिकों के बीच व्यापार और शैक्षणिक संबंधों को सुगम बनाएगा.

ट्रंप और मोदी के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीयों और भारतीय अमेरिकियों के व्यवहार और काम की सराहना की है जिससे दोनों देशों को लाभ हुआ. भारत जिस कार्यक्रम से अब जुड़ा है, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन उससे पहले से जुड़े हैं.

ग्लोबल एंट्री अमेरिकी कस्टम और बोर्ड प्रोटैक्शन कार्यक्रम का हिस्सा है जो अमेरिका पहुंचने वाले भारतीयों को यथाशीघ्र प्रवेश की अनुमति देता है. इसका फायदा उन नागरिकों को मिलेगा जिनको लेकर कोई संदेह नहीं है.

चुनिंदा हवाईअड्डों पर पहुंचने के बाद कार्यक्रम से जुड़े सदस्यों को आव्रजन अधिकारियों द्वारा आव्रजन मंजूरी के लिये कतार में लगने के बजाए ‘आटोमेटिक कियोस्क’ के उपयोग की अनुमति होगी और वे उसके जरिये अमेरिका में प्रवेश कर सकेंगे.

हवाईअड्डों पर सदस्य ‘ग्लोबल एंट्री कियोस्क’ पर पहुंचेंगे और अपना मशीन द्वारा पढ़ने योग्य पासपोर्ट या अमेरिका स्थायी निवासी कार्ड पेश करेंगे, अंगुली निशान के सत्यापन के लिये कियोस्क पर अंगुली लगाएंगे और कस्टम प्रक्रिया पूरी करेंगे. उसके बाद कियोस्क यात्री को रसीद जारी करेगा और सामान के दावे तथा और बाहर निलने का निर्देश देगा.

सीबीपी की वेबसाइट के अनुसार इसके लिये यात्रियों को वैश्विक प्रवेश कार्यक्रम के लिये पहले से मंजूरी ली होनी चाहिए. सभी आवेदनकर्ताओं को इसमें नाम दर्ज कराने के लिये कठिन जांच प्रक्रिया और साक्षात्कार से गुजरना होगा. हालांकि इसके अनुसार ग्लोबल एंट्री का लक्ष्य यात्रियों के अमेरिका प्रवेश को आसान बनाना है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित सदस्यों से आगे की पूछताछ की जा सकती है.

इस सुविधा के लिये जिन हवाईअड्डों का चयन किया गया है, उसमें न्यूयॉर्क, नेवार्क, वाशिंगटन, ऑस्टिन, डल्लास, हयूस्टन, बोस्टन, शिकागो, सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजलिस , लास वेगास, मियामी और सिएटल शामिल हैं. अमेरिकी हवाईअड्डों के अलावा, आयरलैंड में डबलिन, कनाडा में वैंकुवर और टोरोंटो व अबू धाबी भी सूची में शामिल है. यात्री इन हवाईअड्डों पर अमेरिकी आव्रजन मंजूरी ले सकते हैं और वह अमेरिका की यात्रा वैसे ही कर सकते हैं जैसा कि घरेलू यात्रा करते हैं. इससे भारतीय यात्रियों को पहले से अधिक सुविधाऐँ प्राप्त होगीं और अमेरिका जाने की जटिल प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलेगा.

भीड़ द्वारा लोगों की हत्याओं के विरोध में शबनम हाशमी ने किया अवार्ड वापसी

Shabnam Hasmi

नई दिल्ली। प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में भीड़ द्वारा हत्या की घटनाओं के विरोध में 27 जून को अपना राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार अवॉर्ड वापस कर दिया. अवॉर्ड वापस करते हुए हाशमी ने कहा कि देश में भय और आतंक का माहौल छाता जा रहा है.

हाशमी को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने 2008 में इस अवॉर्ड से सम्मानित किया था. देश में हिंसा के मौजूदा हालात के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए हाशमी ने कहा, ‘मौजूदा केंद्र सरकार के अधीन अल्पसंख्यक वर्गों को हाशिए पर धकेला जाना आम बात हो चली है.’ उन्होंने कहा, ‘यह सरकार न सिर्फ बहरा कर देने वाली चुप्पी साधे हुए है, बल्कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले और भीड़ द्वारा हत्या को खुलेआम बढ़ावा देने में लगी हुई है.’

हाशमी ने अल्पसंख्यक समुदाय की गरिमा बनाए रखना सुनिश्चित करने और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में सक्रियता न दिखाने के लिए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग पर भी निशाना साधा. उन्होंने आयोग के अध्यक्ष के उस विवादित बयान की भी आलोचना की, जिसमें आयोग के अध्यक्ष ने कहा था कि चैम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वाले भारतीयों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए या उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए.

आज तक के मुताबिक हाशमी ने कहा, ‘आयोग और मौजूदा केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदाय को सम्मान दिलाने और उसकी सुरक्षा का दिखावा तक करने में असफल रही है’. करीब 2 साल पहले कई लेखकों, फिल्म निर्माताओं, बुद्धिजीवियों और वैज्ञानिकों ने गोमांस की अफवाह को लेकर उत्तर प्रदेश में मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या के बाद राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाए थे.