डेढ़ लाख CCTV कैमरे लगाएगी दिल्ली सरकार
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी अपने घोषणा पत्र के सभी वादों को धीरे-धीरे पूरा करती जा रही है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान CCTV कैमरे लगवाने का वादा अब केजरीवाल पूरा करने जा रहे हैं. दिल्ली में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम केजरीवाल सरकार ने अब शुरु कर दिया है. पीडब्ल्यू मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने सीएम केजरीवाल को एक रिपोर्ट भेजी है. जिसके मुताबिक डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे न सिर्फ रिहायशी कॉलोनियों में बल्कि बाजार में भी लगाए जाएंगे और पिछड़े इलाकों में भी समान रूप से ध्यान दिया जायेगा.
सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के लिए हर इलाके में सेंट्रल मॉनिटरिंग केंद्र बनाए जाएंगे. जिसका रखरखाव करने की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए और बाजार के एसोसिएशन पर होगा. इस बारे में 15 अगस्त तक पीडब्लूडी मंत्री सत्येंद्र जैन को सूचित करने के लिए कहा गया है. अक्टूबर महीने में इसके लिए ग्लोबल टेंडर होगा और जनवरी 2018 तक कैमरे लग जाने की उम्मीद जताई जा रही है.
दिल्ली सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में कुल 250 करोड़ रुपये में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे यानी एक सीसीटीवी करीब 16 हजार 667 रुपये का पड़ेगा. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार डीटीसी और क्लस्टर बसों में 140 करोड़ रुपये की लागत से 6350 बसों में कुल 19050 सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रही है. दिल्ली सरकार का यह कदम सुरक्षा के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण है, जिससे अपराधों पर लगाम लगाने के पूरे प्रयास किए जाएगें और अपराधियों की पहचान कैमरे द्वारा करके उनकी धरपकड़ तेज हो जाएगी.
योगीराज में बीजेपी नेता ने कराया मुजरा

नोएडा। नोएडा के कासना कोतवाली क्षेत्र के एक मकान में पुलिस ने छापा मारकर 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. मौके से 2 महिलाएं और एक भाजपा का स्थानीय नेता फरार हो गया. पुलिस ने पकड़े गए लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की.
दरअसल कासना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर 4 में मकान नंबर 136 में पुलिस को कुछ स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि कान में कुछ लोग अनैतिक काम कर रहे हैं. सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बतया कि पुलिस को 100 नंबर पर 5 जुलाई को दोपहर ढाई बजे सूचना मिली कि कंपलीशन के मकान में कुछ लोग कई दिनों से हंगामा कर रहे हैं और मकान में कई दिनों से अनैतिक काम हो रहे हैं. पुलिस ने मौके पर छापेमारी की तो मकान से कुछ लोग पुलिस को देखकर मकान से फरार हो गए, जिसमें 2 महिलाएं भी शामिल थीं.
पुलिस ने मौके पर शराब के नशे में धुत लोगों को पकड़ लिया. पुलिस ने पकड़े गए 13 लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि सभी लोग यूपी के चंदौली जिले के रहने वाले हैं. सीओ ने बताया कि पुलिस को पूछताछ में पता चला कि सभी लोग 28 जून को ग्रेटर नोएडा आए हुए थे और सभी चंदौली जिले के साहबगंज ब्लॉक के पंचायत सदस्य हैं.
16 जुलाई को बलॉक प्रमुख का चुनाव होना हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने वाले हैं. चंदौली क्षेत्र में कुल 75 पंचायत सदस्ट हैं. चंदौली के भाजपा के ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी ने भाजपा के ही दादरी में रहने वाले स्थानीय नेता के संरक्षण में यहां रूके हुए थे. पुलिस ने छापा मारा तो सभी नेता शराब के नशे में म्यूजिक सिस्टम पर दो महिलाओं के साथ डांस करते हुए रंगरेलियां मना रहे थे. पकड़े गए लोगों में राजू, रामेश उपाध्याय, राजन, गिरिश नंदन, रामधर, दिनेश पांडेय, रमेश भिखारी दास, गुलाब, हिमांशु, महेंद्र, सतीश को हिरासत में लेकर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने चीफ जस्टिस और राज्यपाल को RTI के अंदर आने की वकालत की
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा बयान दिया है जिसमें कहा है कि देते हुए कहा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और राज्यपाल के दफ्तर को भी आरटीआई के अंदर आना चाहिए. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और अमितवा रॉय की पीठ ने यह सवाल केंद्र सरकार के द्वारा बांबे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया.
खबरों के अनुसार जवाब में केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटिर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही इस तरह का मामला लंबित है. उस याचिका को भी इस याचिका के साथ जोड़ दिया जाना चाहिए.वहीं वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि राज्यपाल के रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और इसे आरटीआई के दायरे में भी लाया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि पिछले दिनों बांबे हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि गवर्नर ऑफिस को पब्लिक अथॉरिटी घोषित कर देना चाहिए. बांबे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी.
सहारनपुर हिंसा में दलितों ने 700 से ज्यादा लोगों के खिलाफ दी तहरीर

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जातीय हिंसा को लेकर तनाव अभी थमा नहीं है. मामला शांत होने के बाद अब दलित पक्ष ठाकुरों के विरोध में स्वर मुखर करता नजर आ रहा है. दलित पक्ष की ओर से सात सौ से अधिक ठाकुरों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है. आरोपित ठाकुर पक्ष के लोगों पर दलितों के घर में तोड़फोड़ करने, आगजनी करने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.
5 जुलाई को दलित पक्ष ने पुलिस को शिकायत पत्र देते हुए चार-चार अलग अलग तहरीर सौंपी हैं. जिनमें ठाकुर पक्ष के 24 नामजद लोगों को नामजद किया गया है जबकि 700 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मारपीट और लूट का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने जांच के बाद केस दर्ज करने का आश्वासन दिया है.
सहारनपुर के एक स्थानीय दैनिक में प्रकाशित खबर के मुताबिक जातीय हिंसा के इस मामले में चार अलग-अलग तहरीर सहारनपुर देहात के पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई हैं. एक तहरीर में ठाकुर पक्ष के तीन सौ अज्ञात पर आगजनी और लूटपाट का आरोप लगाया गया है. दूसरी तहरीर में अनुज कुमार ने चार को नामजद किया है जबकि पांच अज्ञात लोग इसमें शामिल हैं. इसी तरह अन्य दो तहरीरों में भी ठाकुर पक्ष के कई लोगों को नामजद और सैंकड़ो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने चारों तहरीर बडगांव थाने भेज दी हैं.
जातीय हिंसा की घटना के बाद 23 मई को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती शब्बीरपुर गांव में दलितों का हाल जानने पहुंची थी. उनके वहां से जाने के बाद फिर से हिंसा भड़क गई थी. उस हिंसा में कुछ दंगाईयों ने आशीष नामक एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस इस मामले में आरोपी की तलाश में थी. पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था. जिसके मुख्य आरोपी सुधीर ने 6 जुलाई को अदालत में सरेंडर कर दिया है. अब आरोपी पुलिस रिमांड पर है.
बताते चलें, इस जातीय हिंसा के बाद कई नेताओं ने शब्बीरपुर का दौरा किया था. यहां तक कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर भी सहारनपुर पहुंचे थे. इस मामले में सपा और बीजेपी नेताओं पर दोनों पक्षों के लोगों को भड़काने का आरोप भी लगा है. हालांकि इस मामले में सबसे ज्यादा भीम आर्मी के चन्द्रशेखर का नाम सुर्खियों में रहा था.
ताजा मिली जानकारी के मुताबिक सब्बीरपुर प्रकरण मे कोर्ट ने आज सात लोगों की जमानत स्वीकार कर ली है. अब दलित पक्ष के कुल 20 लोग जेल से बाहर आ चुके हैं. जबकि ठाकुर पक्ष के एक भी व्यक्ति की अभी तक जमानत नहीं हो पायी है. ओर बाकी बचे 15 लोगो की जमानत भी जल्द ही करा ली जाएगी.
यूपी के ‘सुस्त अधिकारी’ उम्र से पहले होगें रिटायर
लखनऊ। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक नया फैसला लेने जा रहे हैं यह निर्णय सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के संबध में है. अब सरकार उम्र से पहले ही ऐसे कर्मचारियों को रिटायर करने का ऐलान कर रही है जो अपने काम के प्रति सुस्ती दिखाते हैं. ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को सरकार ने 50 साल की उम्र में ही रिटायरमेंट देने का फैसला किया है.
योगी का ये फैसला कई लोगों की नींद उड़ाने वाला है. फैसले को लागू किए जाने से पहले ही अलग-अलग सरकारी विभागों में हलचल बढ़ गई है.
बता दें कि अधिकारियों के इस रिटायरमेंट को लेकर योगी सरकार केंद्र सरकार की राह पर ही है. केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले तीन साल में कई अधिकारियों को कंपलसरी रिटायरमेंट दिया है. करीब आधा दर्जन आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार रिटायरमेंट दे चुकी है. सरकार ने फैसला किया है कि जो सरकारी कर्मचारी और अधिकारी काम में सुस्त हैं, उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दिया जाएगा. इसके लिए कार्मिक विभाग ने शासनादेश भी जारी कर दिया है.
सुस्त माने जाने वाले ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की लिस्ट तैयार की जाएगी. उसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस में रिटायरमेंट का कोई कारण नहीं बताया जाएगा. तीन महीने का नोटिस पीरियड रहेगा, उसके बाद ऐसे अधिकारियों को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा.
संसद में विपक्षी नेताओं पर हमला, सांसद बेहोश
काराकास। वेनेजुएला में सरकार समर्थकों ने 5 जुलाई को संसद में घुसकर विपक्षी नेताओं पर हमला बोल दिया. वेनेजुएला के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था. उसी वक्त लाल कपड़े पहने लगभग 100 लोग संसद में घुसे और हिंसा शुरू कर दी. हमले में 4 विपक्षी नेता घायल हो गए और संसद की दीवारों पर खून के छींटें फैल गए.
राष्ट्रपति मादुरो ने हिंसा की निंदा की और जांच के आदेश दिए. हमलावरों ने संसद में नेताओं, पत्रकारों और मेहमानों को कई घंटों तक बंधक बनाए रखा. सुबह संसद का सत्र चलने के दौरान ही राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कुछ लोग अंदर घुस गए.
सांसद स्ट्रेचर पर ले गए एंबुलेंस तक
सबसे ज्यादा चोटिल हुए सांसद अमेरिको डि ग्राजिया को सर पर चोट लगी, और वो वहीं बेहोश हो गए और उन्हें स्ट्रेचर पर एबुलेंस तक ले जाया गया. ग्राजिया के परिवारवालों ने बाद में बताया कि अब वह खतरे से बाहर हैं.
संसद के अंदर से फोन पर बात करते हुए विपक्षी सांसद विलियम डविला ने कहा, ‘हमे किडनैप कर लिया गया है.’ चुनाव की मांग को लेकर हिंसा जारी है, वेनेजुएला में विपक्षी पार्टी मध्यावधि चुनाव की मांग कर रही है. उनका कहना है कि इससे ही देश का आर्थिक संकट दूर हो पाएगा, वहीं सरकार का कहना है कि अमेरिका के समर्थन से विपक्ष देश में तख्तापलट करना चाहता है. इस कारण से सरकार समर्थक और विरोधियों के बीच देश में हिंसा बढ़ती जा रही है.
वेनेजुएला में अप्रैल से जारी गतिरोध से अब तक 123 सैनिकों को राजद्रोह, चोरी आदि जैसे आरोपों के चलते हिरासत में लिया जा चुका है. इनमें नौसेना, वायुसेना और नेशनल गार्ड तक के अधिकारी शामिल हैं.
डर के साए में जी रहे हैं आदिवासी परिवार
हजारीबाग। 70 वर्षीय अमरावती कुंवर अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला है. दो दशक पहले मिले बिरसा आवास में रहती हैं, जो पूरी तरह जर्जर है. किसी भी वक्त छत का टुकड़ा गिर सकता है. इस बात का डर हमेशा उन्हें सताता है. अमरावती कुंवर का कहना है कि कई बार प्रखंड कार्यालय गई लेकिन किसी ने नहीं सुना. अमरावती का यह अनुभव कोई अकेला नहीं. दरअसल पलामू के चैनपुर प्रखंड में आज भी आदिवासी परिवार बदहाल जीवन जीने को विवश हैं.
रानीताल गांव में दो दर्जन से अधिक परहिया आदिवासी परिवार पिछले कई सालों से टूटे फूटे झोपड़े व बिरसा आवास में रहने को मजबूर हैं. रहने का समुचित व्यवस्था नहीं. कोई झुग्गी-झोपड़ियों में वास कर रहे हैं तो कई दो दशक पूर्व मिले बिरसा आवास में. बिरसा आवास पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. उसमें रहने वालों को डर सताता रहता है कि कभी भी भवन का छत गिर जाएगा के दिनों में ज्यादा परेशानी होती है. इस बात को लेकर पहिया परिवार पिछले कई सालों से प्रखंड कार्यालय व मुखिया का चक्कर काट रहे हैं. मगर उन्हें अभी तक बिरसा आवास हो या इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला.
क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया से पूछने पर उन्होंने कहा कि मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है तो जरूर उन आदिवासी परिवारों से मिलकर उनके हालात का जायजा लेंगे और प्रधानमंत्री के आवास योजना का लाभ उन्हें दिया जाएगा. अब देखने वाली बात होगी कि विधायक के द्वारा इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कब तक मिल पाएगा.
सीबीआई का लालू यादव के 12 ठिकानों पर फिर छापा
पटना। भाजपा सरकार ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ाती है. चारा घोटाले के बाद लालू यादव रेलवे टेंडर घोटाले में घिर गए हैं, जिसको लेकर सीबीआई की टीम उनके 12 ठिकानों पर छापेमारी की. कई जगहों पर अभी भी तलाशी जारी है. इसमें पटना के अलावा दिल्ली, रांची, पुरी, गुड़गांव समेत कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी हुई थी. सीबीआई ने लालू यादव के खिलाफ केस दर्ज किया है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए होटल आवंटन में गड़बड़ी की थी.
सीबीआई सूत्रों ने बताया की राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बिहार के उप मुख्यमंत्री और उनके बेटे तेजस्वी यादव, आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी पी के गोयल, यादव के विश्वासपात्र प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सुजाता और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
वहीं लालू यादव के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर भाजपा के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है. उन्होंने जैसा किया है ये उसी का परिणाम है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर नीतीश कुमार को भी मीडिया के सामने आना चाहिए. वे मूक दर्शक बने नहीं रह सकते. उन्हें सबके सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा.
इस बीच कई राजद नेताओं ने सीबीआई की कार्रवाई को राजनीति से जुड़ा हुआ बताया. बिहार में सीबीआई की छापेमारी के बाद कई नेता लालू यादव के आवास पहुंचे.
IS के कब्जे में 20 हजार निर्दोष
बगदाद। इराकी सेना जल्द ही मोसुल को इस्लामिक स्टेट यानि आईएस आतंकियों के कब्जे से छु़ड़ाने में कामयाब होने वाली है. अंतिम चरण के संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र ने करीब 20 हजार निर्दोष नागरिकों के आतंकियों के कब्जे में होने की बात कही है. भागने की कोशिश करने वालों को आतंकियों गोली मार रहे हैं.
इराकी सेना ने मोसुल को आतंकियों से आजाद कराने के लिए 8 महीने पहले अभियान चलाया था. इसमें अमेरिकी सेना भी उनकी मदद कर रही है. आईएस मोसुल के पुराने इलाके के एक क्षेत्र में सिमट गया है, जिसे छु़ड़ाने के लिए सेना को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. इराक में मानवीय मदद पहुंचाने के अभियान की संयोजक लिज ग्रांडे ने बताया कि द्विपक्षीय संघर्ष में हजारों नागरिक फंसे है.उन्होंने बताया कि यूएन के आंकलन के अनुसार, आईएस के कब्जे वाले पुराने शहर में 15 से 20 हजार नागरिक आतंकियों के कब्जे में हैं.
ग्रांडे के अनुसार, ‘संघर्ष वाले क्षेत्र में फंसे लोग खौफनाक हालात में हैं. बमबारी और लगातार गोलीबारी के चलते इन लोगों को खतरनाक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। आईएस लड़ाके अब भी वहां मौजूद हैं, जो भागने वालों को निशाना बना रहे हैं.’ गौरतलब है कि इस खूनी संघर्ष के चलते 9.15 लाख लोगों को घर-बार छो़ड़ कर भागना पड़ा है. इनमें से 7 लाख लोग अब भी विस्थापित हैं. ग्रांडे ने युद्धग्रस्त क्षेत्र के पुनर्निर्माण पर उम्मीद से कहीं ज्यादा खर्च आने की बात कही है.ब्रिटेन में बना जिहादी जेल अमेरिका के ग्वांतानामो बे की ही तर्ज पर ब्रिटेन ने आतंकियों के लिए विशेष सेल बनाया है. इसे ‘जिहादी जेल’ का नाम दिया गया है. यह कदम ब्रिटिश जेलों में बंद कैदियों को कट्टरपंथी बनाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है. खबरों के अनुसार, ऐसा पहला सेल डरहम के समीप एचएमपी फ्रैंकलैंड में बनाया जा चुका है. एचएमपी फुल सटन (यॉर्क) और एचएमपी लांग लार्टिन (वर्केस्टरशायर) में भी ऐसे दो सेल बनाए जाएंगे. तीनों सेल में 28 सबसे ज्यादा कुख्यात आतंकियों को रखा जाएगा. ब्रिटिश जेल मंत्री सैम गिमाह ने बताया कि आतंकवाद के किसी भी रूप को खत्म करना जरूरी है. लिहाजा ऐसे कैदियों को अलग सेल में रखा जाएगा.
टीम इंडिया का 3-1 से सीरीज पर कब्जा, कोहली ने जड़ा शतक
जमैका। वेस्टीइंडीज के खिलाफ जमैका में खेले गए आखिरी मैच में कप्तान विराट कोहली ने शानदार शतक जड़ा. टीम इंडिया ने विंडीज को आठ विकेट करारी मात दी. वेस्टइंडीज टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज का फैसला किया और निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 205 रन बनाए. जवाब में भारत ने 79 गेंद शेष रहते महज दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. इसके साथ ही भारत ने वेस्टइंडीज में खेली गई वनडे सीरीज में मेजबान टीम को 3-1 से मात दे दी. पांच मैचों की सीरीज का एक मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो सकता था.
इस मैच में विराट कोहली ने शानदार पारी खेलते हुए अपने वनडे करियर का 28वां शतक जमाया. इस पारी में कोहली ने 115 गेंदों का सामना किया और 111 रन बनाए. कोहली के बल्ले से 12 चौके और 02 शानदार छक्के भी निकले. टीम इंडिया के कप्तान को उनकी इस पारी के लिए मैन ऑफ द मैच के खिताब से भी नवाजा गया. कोहली ने इस पारी में पहले रहाणे के साथ मिलकर 79 रन की साझेदारी की और उसके बाद कार्तिक के साथ मिलकर सौ से ज्यादा रन जोड़े. इससे पहले भारतीय पारी के पहले ही ओवर में जोसफ ने धवन (04) को आउट कर भारत को पहला झटका दे दिया. इविन लुईस ने धवन का कैच पकड़ा.
वेस्टइंडीज की तरफ से शाई होप ने सबसे ज्यादा 51 रन की ,पारी खेली तो वहीं कप्तान होल्डन ने भी तेज़-तर्रार 36 रन बनाए. भारत की तरफ से मोहम्मद शमी ने चार, उमेश यादव ने तीन तो वहीं पांड्या और जाधन ने एक-एक विकेट लिए 34 गेंदों में 36 रन बनाकर वेस्टइंडीज़ के कप्तान जेसन होल्डर मोहम्मद शमी की गेंद पर शिखर धवन को अपना कैच थमा बैठे. 51 रन बनाकर शाई होप मोहम्मद शमी की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में रहाणे को कैच दे कर पवेलियन लौट गए. इस मैच के बाद भारत की आईसीसी रैंकिग में भी सुधार आने के पूरे चांस हैं.
क्रिकेट के विवाद में दलितों पर हमला
मेरठ। क्रिकेट के विवाद में दो गुट आमने-सामने आ गए. जमकर हुए पथराव और फायरिंग में एक महिला समेत कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने दलित पक्ष की तहरीर पर दूसरे पक्ष के 8 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है. सभी आरोपी फरार हैं. मामला थाना सरधना क्षेत्र के पोहल्ली गांव का है.
चार दिन पहले क्रिकेट खेलने के दौरान मुस्लिम व दलित युवकों के बीच विवाद हो गया था. हालांकि दोनों पक्षों के बीच बैठक के बाद समझौता हो गया था. आरोप है कि बुधवार रात आठ बजे मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पंचायत करने के बाद दलितों के घरों पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद धारदार हथियारों से हमला किया गया. गांव के प्रधान पति नूरालम पर आरोप है कि उसने देसी तमंचे से कई राउंड फायर किए. हमले में अंकेश, प्रवेश, ललित पत्नी सौराज व अन्य घायल हो गए. फायरिंग के दौरान गोली लगने से बंटी व नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए.
सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा फोर्स लेकर पहुंचे और घायलों को सीएचसी पहुंचाया. दलित पक्ष ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष उन्हें गांव से भगाना चाहता है. वहीं, मुस्लिम पक्ष के लोगों ने दलित पक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया. नवभारत टाइम्स के मुताबिक इंस्पेक्टर सरधना मनोज मिश्र ने बताया कि टीटू की तहरीर पर गांव के आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों के घरों पर दबिश दी गई है, वे सभी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
तृप्ति देसाई ने दिखाया जातीय अहम
महाराष्ट्र। सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई गंभीर विवादों में फंस गयी हैं. इन्होनें महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर और हाजी अली दरगाह में महिलाओं को प्रवेश दिलाया था. पर अब उन पर दलित सामाजिक कार्यकर्ता का उत्पीड़न करने का मामला सामने आया है. तृप्ति देसाई और उनके पति पर एक दलित कार्यकर्ता ने लूटपाट, मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है. जिसमें पुणे की हिंजवाड़ी पुलिस ने तृप्ति समेत 6 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है.
हिंजवाड़ी पुलिस ने बताया की 27 जून की सुबह विजय मकासरे नाम का व्यक्ति अपनी कार से कहीं जाने के लिए निकला था. इसी दौरान तृप्ति देसाई, उनके पति प्रशांत देसाई, सतीश देसाई समेत 6 लोगों ने विजय की कार का रास्ता रोका और डंडे और रॉड से उसकी पिटाई करना शुरू कर दी. पुलिस को दी शिकायत में विजय ने बताया कि प्रशांत देसाई ने उनके गले से सोने की चेन खींच ली और उनके पास रखे 27 हजार रुपये भी लूट लिए.
पीड़ित विजय ने बताया की तृप्ति ने अपने पद भूमाता ब्रिगेड अध्यक्ष की धमकी देते हुए कि तुम मुझे जानते नहीं हो, अगर उसने पुलिस में शिकायत की तो वह उसे झूठे मुकदमे में फंसा देगी. साथ ही तृप्ति ने विजय पर जातिसूचक टिप्पणी भी की. केस दर्ज होने के बाद तृप्ति देसाई ने इन आरोपों का खंडन किया. उन्होंने सभी आरोपों को झूठा करार देते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया. पुलिस ने तृप्ति, उनके पति प्रशांत देसाई समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
नवविवाहित जोड़ों को कॉन्डोम और गर्भनिरोधक गोलियां देगी यूपी सरकार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के नवविवाहितों को शगुन किट देने की तैयारी कर रही है. इस शगुन किट की खास बात यह रहेगी कि इसमें कंडोम और गर्भनिरोधक दिए जाएंगे. राज्य सरकार ऐसा परिवार नियोजन का संदेश देने के लिए करने जा रही है. इस योजना को विश्व जनसंख्या दिवस यानी कि 11 जुलाई को ‘मिशन परिवार विकास’ के तहत लॉन्च किया जाएगा.
खबरों के अनुसार यह शगुन किट नवदंपति को उनके आसपास रहने वाली आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दिया जाएगा. किट में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जोड़े को परिवार नियोजन की खासियत के बारे में बताया जाएगा. साथ ही उन्हें इस बारे में भी जानकारी दी जाएगी कि दो बच्चों के बीच कितने समय का अंतर रखा जाना चाहिए.
मिशन परिवार विकास के प्रोजेक्ट मैनेजर अवनीश सक्सेना ने कहा, ‘इस प्रोजेक्ट का मकसद नवविवाहित जोड़ों को शादीशुदा जीवन की जिम्मेदारियों के बारे में बताना है. कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियों के अलावा इसमें रुमाल, नेल कटर, कंघी और शीशा भी होगा.’ अवनीश सक्सेना के अनुसार परिवार नियोजन से जुड़ी जरूरी जानकारी सरल भाषा में इस किट में उपलब्ध होगी.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के यूपी के निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि कुछ दंपति होते हैं जो पढ़-लिख नहीं सकते, उनका भी ध्यान रखा गया है. उन्होंने बताया, ‘यह किट दंपति को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दी जाएगी. कार्यकर्ताएं उन्हें किट सौंपते वक्त इसकी पूरी जानकारी उन्हें देंगी. जो लोग पढ़ नहीं पाते उनके सवालों और जिज्ञासाओं का भी समाधान आशा कार्यकर्ताएं करेंगी.
‘जब हैरी मेट सेजल’ का तीसरा पोस्टर रिलीज़
मुंबई। शाहरुख़ खान और अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ के दो पोस्टर रिलीज हो चुके हैं यह फिल्म लगातार चर्चाओं में बनी बनी हुई है. दोनों की जोड़ी तीसरी बार बड़े पर्दे पर साथ नज़र आने वाली है.
शाहरुख, अनुष्का और इम्तियाज़ अली द्वारा रिलीज किये गए गीत ‘बीच बीच मे’ के जरिये दर्शकों को शाहरुख और अनुष्का का एक अनदेखा रूप देखने मिला. फ़िल्म के इस गाने में शाहरुख और अनुष्का एक क्लब में जश्न मनाते हुए नज़र आ रहे है. इस गीत में आगे कई ऐसे उदाहरणों को प्रदर्शित किया गया है जब हैरी की सेजल से मुलाक़ात हुई थी. गीत के अंत में शाहरुख और अनुष्का दोनों ही चश्मा पहनकर पोज़ करते हुए नज़र आये.
हैरी और सेजल के पात्रों को हर एक नए मिनी ट्रेलर के साथ दर्शकों द्वारा आपार प्रेम प्राप्त हो रहा है. ‘राधा’ और ‘बीच बीच मे’ ने पहले से ही दर्शकों के बीच अपनी एक अटूट जगह बना ली है. ‘जब हैरी मेट सेजल’ की कहानी एक पंजाबी गाइड और गुजराती लड़की के आसपास घूमती हुई नज़र आएगी. ‘जब हैरी मेट सेजल’ इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित है. फिल्म 4 अगस्त 2017 को रिलीज होगी.
पत्थरबाजों पर पैलेट गन नहीं बदबूदार कैप्सूल से वार करेगी सेना
नई दिल्ली। इत्र की खूशबू के लिए मशहूर कन्नौज अब जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों को लगाम लगाने के लिए घाटी में दुर्गंध फैलाने जा रहा है. घाटी के पत्थरबाजों को निगाह में रखते हुए कन्नौज स्थित फ्रैग्नैंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (एफएफडीसी) के वैज्ञानिकों ने एक नया दुर्गंध युक्त कैप्सूल विकसित किया है. एफएफडीसी के प्रिंसिपल डायरेक्टर शक्ति विनय शुक्ला ने कहा कि इस कैप्सूल को टीयर गन्स से फायर किए जाने के साथ धुआं उठेगा, जिसकी गंध को बर्दाश्त करना संभव नहीं होगा.
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और रक्षा मंत्रालय की आवश्यक मंजूरी और स्वीकृति के बाद इसे आर्मी को सौंपा जाएगा. दिलचस्प ये है कि इस कैप्सूल की गंध ही असहनीय है और व्यक्ति के स्वास्थ्य पर इसका कोई असर नहीं होता है.
बता दें कि मौजूदा समय में पत्थरबाजों को रोकने के लिए सुरक्षा बल पैलेट गन का उपयोग कर रहे हैं. हालांकि इसके चलते सैकड़ों लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा है और इसका उपयोग विवाद का विषय रहा है. हालांकि पुलिस का कहना है कि यह घातक हथियार नहीं है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि पैलेट गन से घायल लोग हमेशा के लिए अपंग हो जाते हैं.
शुक्ला ने कहा कि दुर्गंध फैलाने वाले केमिकल को एक छोटे कैप्सूल में रखा जाएगा. इन कैप्सूल को टीयर गन्स के जरिए फायर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ग्लावियर की डिफेंस लैब्रोरेट्री में जल्द ही इसका ट्रायल किया जाएगा.
ट्रायल सफल होने के बाद भारतीय सेना इसका उपयोग कर सकती है. हालांकि माइक्रो मीडियम और स्मॉल इंडस्ट्रीज राज्य मंत्री गिरिराज सिंह को इस बारे में पहले ही बता दिया गया है. ये गिरिराज सिंह की ही पहल है कि रक्षा मंत्रालय ने इसके ट्रायल को मंजूरी दी है.
भारत के खिलाफ टी-20 मैच के लिए क्रिस गेल की वापसी
किंग्सटन: वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल की भारत के खिलाफ रविवार को होने वाले एकमात्र टी-20 मैच के लिए वेस्टइंडीज टीम में वापसी हो रही है. गेल को खराब फॉर्म से जूझ रहे लेंडल सिमंस की जगह 13 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है.
विंडीज टीम में गेल की लगभग एक साल बाद वापसी हुई है. उन्होंने आखिरी बार अपने देश के लिए टी-20 मैच पिछले साल भारत की मेजबानी में हुए टी-20 विश्व कप में ईडन गार्डेंस में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल खेला था. गेल टी-20 प्रारूप में वेस्टइंडीज के सबसे सफल क्रिकेटर हैं. उन्होंने 35.32 की औसत से दो शतक सहित 1519 रन कूटे हैं. गेल पहली बार अपने घरेलू मैदान सबीना पार्क में कोई अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच खेलेंगे. इसके अलावा टेस्ट और वनडे में टीम की अगुआई करने वाले ऑलराउंडर जेसन होल्डर को एक बार फिर टी-20 में आराम दिया गया है और कप्तानी कालरेस ब्रेथवेट करेंगे.
क्रिकेट वेस्टइंडीज के मुख्य चयनकर्ता कार्टनी ब्राउन ने कहा की हम गेल का टी-20 टीम में स्वागत करते हैं. वह इस प्रारूप के सबसे धाकड़ बल्लेबाज हैं और उनके आने से हमारे शीर्ष क्रम को मजबूती मिलेगी. उनके पास मजबूत भारत के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर मैच खेलने का मौका है और अपनी पुरानी फार्म को वापस करने का भी मौका है. फिल्मों के महाकुंभ में सिनेप्रेमियों का जमावाड़ा
नई दिल्ली. दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में पिछले पांच दिनों से जारी 8वां जागरण फिल्म फेस्टिवल बुधवार को समापन हो गया, अंतिम दिन फेस्टिवल के दिल्ली चैप्टर का समापन अभिनेता ओमपुरी को श्रद्धांजलि और उनकी आखिरी फिल्म मि. कबाड़ी की स्क्रीनिंग के साथ खत्म हुआ.
उनको श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी पूर्व पत्नी सीमा कपूर, अभिनेत्री सारिका, अभिनेता विनय पाठक समेत दिल्ली के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे. ओमपुरी को श्रद्धासुमन अर्पित करते वक्त सबकी आंखें नम थीं. सीमा कपूर ने भर्राए गले से ओमपुरी को याद किया तो अभिनेता विनय पाठक ने कहा कि जब मन भारी हो, हृदय द्रवित हो तो कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं होता है. विनय के मुताबिक, ओम के निधन के बाद ऐसा लग रहा है कि सिर्फ कला जगत को नहीं बल्कि पूरे देश को क्षति हुई है. सारिका ने ओमपुरी को याद करते हुए उनके साथ किए फिल्मों को याद किया. जेएफएफ के आखिरी दिन बुधवार को सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में तिल रखने की जगह नहीं थी. अपने प्राण त्यागने के लिए काशी पहुंचे 77 साल के बुजुर्ग को केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्म ‘मुक्ति भवन’ को देखने के लिए भारी भीड़ जुटी थी .
हॉल भर जाने के बाद कई लोगों ने करीब ढाई घंटे तक जमीन पर बैठकर इस फिल्म को देखा. राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘मुक्ति भवन’ को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में खास जोश और उत्साह था. जब इस फिल्म के मुख्य अभिनेता ललित बहल हॉल में पहुंचे तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
शनिवार से आरंभ हुए इस फेस्टिवल में हर दिन सितारों का मेला लगा था. अभिनेता ऋषि कपूर, मनोज बाजपेयी दिव्या दत्ता, टिस्का चोपड़ा, तनिष्ठा चटर्जी, स्वरा भास्कर, अस्मिता शर्मा, जैसी बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियों ने शिरकत की थी. दर्शकों से इन सितारों को मिलने और बातचीत का अवसर भी मिला था, औसतन यह फिल्म फेस्टिवल सफल रहा.
सात साल में भी नहीं पहुंचे तथागत बुद्ध के अस्थि अवशेष
वैशाली। आज से लगभग सात साल पहले वर्ष 2010 में पटना हाइकोर्ट ने बिहार सरकार को आदेश दिया था कि वह ‘विदिन ए इयर’ वैशाली में एक संग्रहालय बनवा कर वहां बुद्ध की उन अस्थि अवशेषों को वापस वैशाली में रखे, जहां से उसे सुरक्षा के कारणों से पटना संग्रहालय में रखा गया है. मगर अब तक वैशाली में संग्रहालय और बुद्धिस्ट सेंटर के लिए जमीन ही अर्जित की जा सकी है.
अब वैशाली के बुद्धिजीवी और वहां की जनता पूछ रही है कि क्या विदिन ए इयर का मतलब यही होता है? जो सरकार पटना में बुद्ध स्मृति पार्क सिर्फ चार साल में तैयार करवा सकती है, उसे हाइकोर्ट के निर्देश के बाद भी वैशाली में संग्रहालय और बुद्धिस्ट सेंटर बनवाने में इतना वक्त क्यों लग रहा है. इसको लेकर पटना हाइकोर्ट में इसी वर्ष मार्च में एक अवमानना का मुकदमा भी दायर किया गया है. वैशालीगढ़ स्थित रेलिका स्तूप साइट पर आज भी वह जगह खाली नजर आती है, जहां से 1958 में खुदाई के दौरान अति दुर्लभ बुद्ध के अस्थि अवशेष मिले थे. ये वो अस्थि अवशेष हैं,
जिन्हें बुद्ध के अंतिम संस्कार के बाद आठ जनपदों के बीच बांटा गया था. इनमें से कुछ ही जगहों पर ये अस्थि अवशेष मिले हैं. ऐसे में इन अवशेषों का महत्व बढ़ जाता है. जानकार बताते हैं कि ये अवशेष 1972 तक वैशाली में ही थे, मगर बाद में सुरक्षा कारणों से इसे पटना संग्रहालय में ले जाकर रखा गया. इस बीच कई बार ये खबरें पुष्ट और अपुष्ट स्रोतों से सामने आयीं कि इन्हें या तो नालंदा या पटना में बनने वाले बुद्ध स्मृति पार्क में रखा जायेगा.
हाइकोर्ट में याचिका करने वाले डॉ रामनरेश राय कहते हैं, अब राज्य में महागठबंधन की सरकार है, फिर भी काम में अपेक्षित गति नहीं नजर आ रही है. 2006 से वैशाली वासी सिर्फ नेताओं के वादे सुन रहे हैं. इस परियोजना में जमीन देने वाले किसानों में भी आक्रोश है. वे भू-अर्जन पदाधिकारी पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. किसान मजदूर संघर्ष मोरचा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र राय कहते हैं कि एक ही तरह की जमीन के अलग-अलग मुआवजे तय किये गये हैं. नब्बे फीसदी किसानों ने मुआवजे को लेकर आपत्ति दर्ज करायी है. ऐसे में इन आपत्तियों का समाधान किये बगैर अगर काम शुरू हुआ तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.
सात साल में केवल जमीन का हुआ अधिग्रहण इन्हीं मसलों को लेकर एक स्थानीय व्याख्याता डॉ रामनरेश राय की अगुआई में कुछ प्रबुद्ध लोगों ने 2008 में पटना हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की. इस पर फैसला सुनाते हुए सात दिसंबर 2010 को हाइकोर्ट ने कहा कि सरकार विदाउट एनी डिले, प्रिफरेबली विदिन ए इयर वहां संग्रहालय और बुद्धिस्ट सेंटर की स्थापना करे. मगर अब तक वहां इस काम के लिए सिर्फ 76 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो सका है. अभी इसके सीमांकन और चहारदीवारी का काम शुरू होना है. इस अभियान से शुरुआत से जुड़े पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह कहते हैं, क्या कहा जाये, सरकार की ढिलाई है. ऐसे ही काम हो रहा है. फिलहाल 432 करोड़ की राशि चुका कर भूमि अर्जन का काम हाल ही में संपन्न हुआ है. अब 154 करोड़ की लागत से यहां आइआइटी की निगरानी में बुद्धिस्ट सेंटर बनेगा. गौरतलब है कि यहां बौद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय, मेडिटेशन सेंटर, अस्थि कलश भवन आदि का निर्माण होना है. रघुवंश प्रसाद सिंह काफी वर्षों से वैशाली को बुद्धिस्ट सेंटर के रूप में विकसित करने के अभियान से जुड़े हैं. 2007 में इस मसले को लेकर उनके और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के अगुवाई में केसरिया से पटना तक पदयात्रा निकाली गयी थी, जिसमें खास तौर पर अस्थि अवशेषों को वैशाली लाने की मांग रखी गयी थी.
अंबेडकर यूनिवर्सिटी के तीन विषयों में सौ फीसद कटऑफ
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने अंबेडकर विश्वविद्यालय के तीन विषयों में सौ फीसदी कटऑफ जारी किया है. दिल्ली से बाहर के सामान्य वर्ग के उन छात्रों के लिए सौ फीसद कटऑफ है, जिन्होंने 12वीं में कॉमर्स की पढ़ाई की है और बीए ऑनर्स हिस्ट्री, बीए ऑनर्स साइकोलॉजी और बीए ऑनर्स सोशियोलॉजी में दाखिला लेना चाहते हैं. सोशियोलॉजी में 12वीं में साइंस स्ट्रीम के लिए भी 100 फीसद कटऑफ है. साइकालोजी में साइंस स्ट्रीम के लिए कटऑफ 99.5 फीसदी है.
दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालयों (आइपीयू, डीटीयू और अंबेडकर विश्वविद्यालय) में दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए 85 फीसदी सीटें आरक्षित रहती हैं. बीए ऑनर्स इकोनामिक्स में दिल्ली के छात्रों के लिए सामान्य वर्ग आर्ट स्ट्रीम में 88.75 फीसदी और दिल्ली से बाहर के विद्यार्थियों के लिए 92.25 फीसद कटऑफ है.
अंग्रेजी, गणित में वहीं छात्र दाखिला ले सकते हैं, जिनके अंक 12वीं में इन विषयों में 65 फीसदी या उससे अधिक हों. अंबेडकर विश्वविद्यालय एक ही विषय में आर्ट, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग कटऑफ निकालता है. गत वर्ष पांच विषयों में दिल्ली से बाहर के छात्रों के लिए 100 फीसदी कटऑफ था. इन विश्वविद्यालयों का कटऑफ मुख्यत अधिक ही रहता है.

