उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष उतारेगा साझा उम्मीदवार

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे ही विपक्षी दलों की भागदौड भी तेज हो गयी है. इस चुनाव के लिए विपक्ष एक साझा उम्मीदवार उतारने की तैयारी में लगा है. विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष एक साझा उम्मीदवार देगा. इसके लिए गैर एनडीए दलों की बैठक दिल्ली में 11 जुलाई को होगी. आजाद ने कहा कि इसमें सभी विपक्षी दलों को बुलाया गया है जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं. आजाद ने कहा की पिछली बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में नीतीश कुमार ने NDA उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया था. चूकि इस बार मीरा कुमार का नाम बाद में सामने आया इसीलिए इस बार हमने पहले ही बैठक बुलाई है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार नीतीश कुमार विपक्ष के साथ होंगे और इस बार जो उम्मीदवार चुना जाएगा, वह आम सहमति पर होगा. कांग्रेस इस पर बिल्कुल जोर नहीं देगी कि, उम्मीदवार कांग्रेस का हो. अगर किसी और नाम पर सहमति बनती है तो कांग्रेस पूरी तरह से उस उम्मीदवार का समर्थन करेगी जिसके लिए फैसला संपूर्ण विपक्ष के ऊपर होगा.  

अंधविश्वासः कर्नाटक में महिलाएं तोड़ रहीं हैं अपना मंगलसूत्र

Representative image

बेंगलुरु। कर्नाटक में एक ऐसी अफवाह उड़ी कि कर्नाटक की शादीशुदा महिलाओं की नींद उड़ गई, उन्हें अपने पतियों पर मौत का खतरा मंडराता महसूस होने लगा. मंगलवार रात को एक मेसेज धड़ाधड़ फैलने लगा कि मंगलसूत्र के मोती बुधवार को उनके पतियों के दुर्भाग्य का कारण बनेंगे. कुछ ही घंटों में अफवाह और तेजी से फैलने लगी और सुबह होते-होते कई महिलाओं को यकीन हो गया कि मंगलसूत्र के मोती न सिर्फ उनके पतियों के लिए दुर्भाग्य लाएंगे, बल्कि उनकी मौत का कारण भी बन सकते हैं.

राज्य के 6 जिलों और आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों में महिलाओं ने मोतियों को पत्थरों से कूच-कूचकर दुर्भाग्य दूर करने की कोशिशें शुरू कर दीं. कई महिलाओं ने मंगलसूत्र पहने रखा लेकिन उसके मोतियों को तोड़ अलग कर दिया, तो कुछ ने मंगलसूत्र ही निकाल दिया. स्थानीय टीवी चैनलों ने दिखाया कि कैसे महिलाएं अपने गले से मंगलसूत्र निकालकर उसके मोतियों को अलग किया. कोप्पल, चित्रदुर्ग, बेल्लारी, देवनागरी और रायचुर जिलों में फैली इस अफवाह से हड़कंप-सा मच गया था.

हालात नियंत्रण से बाहर होते देख राज्य सरकार के महिला व बाल कल्याण विभाग ने एक नोटिस जारी कर महिलाओं ने अपील की कि वे अफवाहों पर यकीन न करें. विभाग ने सभी जिलों के डीसीपी से हालात पर नियंत्रण स्थापित करने और लोगों को जागरूक किए जाने की अपील की. अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया.

बुद्धिजीवियों ने महिलाओं से इस तरह की बातों को नजरअंदाज करने की अपील की. लाल मूंगा मोती मंगलसूत्र के साथ कई शताब्दियों के लिए अपने सजावटी मूल्यों की वजह से जुड़ा हुआ है, “उनमें से एक ने कहा,” लाल मूंगा और किसी के जीवन के बीच कोई संबंध नहीं है.

कसीनो में जुआ खेलते हैं रजनीकांत: सुब्रमण्‍यम स्‍वामी

नई दिल्ली। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्‍यम स्वामी ने सुपरस्टार रजनीकांत की ट्वीटर पर तस्वीर पोस्ट करते हुए एक बार फिर हमला बोला है। स्वामी ने रजनीकांत जो तस्वीर ट्वीट की है उसमें वो कसीनो में बैठे नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के नीचे बीजेपी सांसद ने लिखा है कि अमेरिका के कसीनो में बैठकर रजनीकांत अपनी सेहत सुधार रहे हैं।

सुब्रमण्‍यम स्वामी ने ये भी लिखा है कि सरकार को इस बात की जांच करनी चाहिए कि रजनीकांत के पास इतने पैसे कहां से आ रहे हैं कि वो कसीनो में बैठकर जुआ खेल रहे हैं। बता दें की इससे पहले भी एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में स्वामी ने कहा था कि लोगों का ये सुपरस्टार धोखेबाज है, जिसने बहुत सी आर्थिक धोखाधड़ियां की हैं। स्वामी ने रजनीकांत को इस पोस्ट में 420 भी कहा.

फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार रजनीकांत के बारे में खबर आई थी कि वो अमेरिका में हेल्थ चेकअप के लिये गए हैं। इसी बात की चुटकी लेते हुए स्वामी ने उनकी कसीनो की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा है कि अमेरिका के रजनीकांत 420 कसीनो में बैठकर अपनी सेहत सुधार रहे हैं. स्वामी ने ईडी से कहा है कि वो इस बात की जांच करें कि आखिर उनके पास इतने पैसे आ कहां से रहे हैं कि वे जुआ खेलने में लगे हैं.

       

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मिला तो जाएगी डिग्री और नौकरी

fake caste Certificate

नई दिल्ली। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर डिग्री और नौकरी पाने वालों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई फर्जी प्रमाण पत्र के दम पर डिग्री या नौकरी लेता पाया गया तो उससे यह छीन लिए जाएंगे. साथ ही उन्हें सजा भी दी जाएगी चाहे फिर उसने कितने भी समय नौकरी क्यों ना कर ली हो.

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश से भी असहमति जताई जिसमें कहा गया था कि अगर किसी ने लंबे समय तक नौकरी कर ली है तो उसे नौकरी से ना निकलते हुए उसे काम करने दिया जाए.

गुरुवार को एक रोजगार संबंधी केस की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने यह बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो कितने ऊंचे पद पर कार्यरत है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘यहां तक कि अगर किसी व्यक्ति को नकली जाति (दस्तावेज) के आधार पर 20 साल के लिए नौकरी मिल गई है, तो वह नौकरी खो देगा और उसे दंडित भी किया जाएगा.’

इससे पहले बीते महीने केंद्र सरकार ने कहा था कि जाली अनुसूचित या पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों की नौकरी खारिज कर दी जाएगी. केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय सरकारी विभागों से संबंधित विभिन्न संगठनों से ऐसी नियुक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं.

चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश से असहमति जताई है. अदालत ने यह आदेश महाराष्ट्र सरकार के अलावा अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है.

तोंद वाले आईपीएस का प्रमोशन नहीं होगा

0

नई दिल्ली. अब भारत सरकार तोंद वाले आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति की राह मुश्किल करने जा रही है. दरअसल सरकार चाहती है कि सीनियर पुलिस अधिकारी की केंद्र सरकार इन अधिकारियों के प्रमोशन को उनके फिटनेस से जोड़ा जाये.

गृह मंत्रालय ने आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति से पहले एक जरुरी कदम के रूप में उनकी शारीरिक फिटनेस की सिफारिश की है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इस सिफारिश को शामिल करने के लिए मसौदा सेवा नियमों को अंतिम रूप दिया है. इसने सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के प्रशासकों से अपनी टिप्प्णी देने को कहा है.

मसौदा नियमों में कहा गया है की विभिन्न पदों पर आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति शारीरिक फिटनेस पर निर्भर होगी. जो समय-समय पर गृह मंत्रालय के द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप हो सकती है. गौरतलब है कि मौजूदा नियमों में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. सेवा की आवश्यक अवधि पूरी करने के बाद उन्हें विभिन्न स्तरों और ग्रेड पर पदोन्नति मिलती है पर अब इन नियमों में बदलाव होने जा रहा है.

 

यूपी: जेल में बंद कैदियों से मुलाकात के लिए अब ऑनलाइन बुकिंग

0

लखनऊ। जेल में बंद कैदियों से मुलाकात के लिए परिजनों को बड़ी राहत मिल गयी है. अब उत्तर प्रदेश की जेलों में बंदियों से मुलाकात करने के लिए इन्टरनेट के माध्यम से बुकिंग की जा सकती है. यह कदम सरकार ने आने वालों से उगाही की शिकायत के बाद उठाया है. राज्य सरकार ने इस पर नकेल कसने के लिए ऑनलाइन बुकिंग सुविधा शुरू की है.

अब प्रदेश में कैदियों से मिलने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है. इसकी शुरूआत लखनऊ जिला कारागार से कर दी गई है.जेल में कैदियों से मुलाकातियों को अब सुबह जल्दी जेल पहुंचकर मुलाकाती पर्ची नहीं लगानी पड़ेगी. ऑनलाइन व्यवस्था से मुलाकातियों को घंटों जेल में बिताने और जेल कर्मियों द्वारा उनसे रुपए लेने की समस्या से भी निजात मिल जाएगी.

मुलाकातियों द्वारा मिल रही लगातार शिकायत के बाद ऑनलाइन व्यवस्था का शुभारंभ किया गया है जिससे मुलाकाती पर्ची के नाम पर कोई उगाही न हो सके और उन्हें बेवजह जेल में रुकना न पड़े. लखनऊ जिला कारागार के जेलर सत्यप्रकाश सिंह के मुताबिक, मुलाकात के इच्छुक व्यक्ति को वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यू डॉट यूपीप्रिजन डॉट एनाईसी डॉट इन पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद एक पेज खुलेगा. इस पेज के ऊपर स्थित ‘न्यू विजिटर रजिस्ट्रेशन’ ऑप्शन क्लिक कर मुलाकाती पर्ची ले सकते हैं. इससे बंदियो के परिजनों के साथ साथ उनसे मिलने वाले सभी व्यक्तियों को फायदा होगा और पुलिस प्रशासन की सिरदर्दी भी बहुत हद तक कम हो जायेगी.

 

राजस्थान में एयरफोर्स का MI-23 ट्रेनिंग विमान क्रैश

0

राजस्थान। राजस्थान के जोधपुर इलाके में गुरुवार की दोपहर एयरफोर्स का एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. हेलीकॉप्टर क्रैश की यह घटना जोधपुर के बालेसर क्षेत्र के गोपालसर गांव की है. सेना का यह हेलीकॉप्टर MS-3472 की आपातकालीन लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ. क्रैश होने से पहले हेलीकॉप्टर में सवार पायलट समेत 3 लोग सुरक्षित निकले में कामयाब रहे. आपातकालीन लैंडिंग वाले तीनों लोग बताए जा रहे तीनों लोग सुरक्षित बताए जा रहे है. वहीं हादसे के बाद हैलीकॉप्टर पूरी तरह जलकर खाक हो गया है.

ग्रामीणों ने बताया की दोपहर को यहां एक खेत में हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था. यहां तेज धमाके के बाद धुआं उठता देखा गया. इसी दौरान 3 लोगों को इमरजेंसी लैंडिंग करते हुए भी देखा गया. इस हादसे में धमाके के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई थी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक वह पूरी तरह जल कर खाक हो चुका था. हालांकि हेलीकॉप्टर क्रैश की इस घटना की फिलहाल अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है पर इस हादसे में जवान पूरी तरह से सुरक्षित है.

 

गुजरात में बौद्ध धर्म अपनाएंगे 200 दलित

अहमदाबाद: दलितों पर अत्याचार की घटनाऐँ रुकने का नाम नहीं ले रहीं है. गुजरात के अमरेली जिले में दलित समुदाय के एक युवक की दो सप्ताह पहले न्यायिक हिरासत में मौत हो गयी थी. पुलिस पर निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए 200 दलितों ने जल्दी ही बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी दी है. अमरेली जिले के उप-कारागार में बंद जिग्नेश सौंदरवा (29) की 15 जून को सदर अस्पताल में मौत हो गयी थी. हालांकि अमरेली पुलिस ने जिग्नेश सौंदरवा की हत्या के आरोप में उप-कारागार के चार कैदियों को कल हिरासत में लिया, लेकिन दलित समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ पीड़ित के परिजनों ने जांच को लेकर नाराजगी जाहिर की और धर्म परिवर्तन के लिए फ़ॉर्म लेने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गये.

पुलिस ने बताया कि अमरेली उप-कारागार में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आने पर सौंदरवा को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसे राजुला तहसील के डुंगर गांव से गुजरात निषेध कानून के तहत गिरफ्तार कर 12 जून को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. सौंदरवा के परिवार ने पहले शव लेने से इनकार करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की थी.

पर युवक के परिजनों और स्थानीय दलित नेताओं ने पुलिस कारवाई पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि उसकी मौत पुलिस की पिटाई के कारण हुई है.दलित नेता नवचेतन परमार ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि जेल भेजे जाने से पहले सौंदरवा को तीन-चार दिन तक खूब पीटा गया था. इसका मतलब है कि पुलिस हिरासत के दौरान उसे प्रताड़ित किया गया था.

उनका कहना है, हमारी मांग है कि मामले की जांच सीबीआई करे. इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे परमार का कहना है, सरकार को कड़ा संदेश देने के लिये डुंगर और आसपास के क्षेत्रों के करीब 200 दलितों ने सनातन धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया है. इनमें से कई लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय से फॉर्म भी ले लिया है. कहा हम आने वाले दिनों में यह फॉर्म जमा करेंगे और जल्दी ही बौद्ध धर्म अपनाएंगे, हिन्दू धर्म में लगातार दलितों पर अत्याचार हो रहे है इससे तंग आकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाने का निर्णय लिया है.

रेल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग पर नहीं लगेगा सेवा शुल्क

irctc

नई दिल्ली। अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए है और अगर आप ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी. सरकार ने ट्रेन टिकट की ऑनलाइन बुकिंग पर सर्विस चार्ज से छूट की सीमा बढ़ाकर सितंबर कर दी है.

अब सितंबर तक ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर सेवा शुल्क से छूट मिलती रहेगी. सरकार ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल नवंबर में नोटबंदी के बाद सेवा शुल्क हटा दिया था. आईआरसीटीसी के जरिये रेल टिकट बुक कराने पर 20 से 40 रुपये प्रति टिकट का सेवा शुल्क लगता है.

नोटबंदी के बाद 23 नवंबर, 2016 से 31 मार्च, 2017 के बीच टिकट बुक कराने पर सेवा शुल्क से छूट दी गयी थी जिसे बाद में बढ़ाकर 30 जून, 2017 तक कर दिया गया. रेलवे के एक सीनियर अफसर ने कहा कि सरकार ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के मकसद से इस छूट का ऐलान किया है. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब सरकार ने यह समयसीमा इस साल सितंबर के आखिर तक बढ़ा दी.

बस ने कार को टक्कर मारी, महिलाओं-बच्चों सहित 9 की मौत

 

Accident Image

बिजनौर। यूपी के बिजनौर में आज सुबह (छह जुलाई) देहरादून-नैनीताल नेशनल हाइवे-74 पर एक रोडवेज बस और कार की टक्कर हो गई. हादसे में कार सवार 9 लोगों की मौत हो गई, ज‍िसमें 3 बच्चे, 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं. वहीं 2 बच्चों समेत 4 लोग घायल हुए हैं. फिलहाल पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन की टीम मौके पर पहुंच गई है. कहा जा रहा है क‍ि हादसा बस के ड्राइवर को नींद आने की वजह से हुआ है. पुल‍िस और लोगों की मदद से कार सवार लोगों को बाहर न‍िकाला गया.

घटना धामपुर थानाक्षेत्र की है. यहां गढ़मुक्तेश्वर डिपो की बस और इनोवा कार की आमने-सामने से टक्कर हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को किसी तरह बाहर निकाला. हालांक‍ि, तब तक 7 लोग दम तोड़ चुके थे. बाहर निकालने के बाद 2 और लोगों ने दम तोड़ दिया. घायलों को तुरंत धामपुर हॉस्प‍िटल ले जाया गया. वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को बिजनौर हॉस्प‍िटल रेफर कर दिया गया. एक बच्चे के होश में आने पर स‍िर्फ इतनी ही जानकारी मिल पाई कि सभी लखीमपुर खीरी के रहने वाले हैं.

एसडीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सुबह जानकारी मिली क‍ि एक इनोवा कार और रोडवेज बस का एक्सीडेंट हो गया है. इसमें कार सवार 9 लोगों की मौत हुई है. घटना के बाद पुल‍िस प्रशासन के लोग मौके पर पहुंचे. घायलों को तुरंत हॉस्प‍िटल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

कलेक्टर ने पेश की मिसाल, बेटी का सरकारी स्कूल में कराया दाखिला

avnish

नई दिल्ली। शिक्षा के मामले में बेहद संवेदनशील माने जाने वाले छत्तीसगढ के बलरामपुर जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपने मजबूत इरादों से प्रदेश के अन्य नौकरशाहों के बीच एक बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने अपनी पांच साल बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में कराया है. कलेक्टर साहब ने बेटी की प्राथमिक स्तर की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय के शासकीय प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय को चुना है.

अवनीश कुमार शरण हमेशा से ही शिक्षा के स्तर को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं. इन्होंने न तो कभी शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त की और न ही कभी शिक्षकों को कोताही बरतने दी है. इसे लेकर वे राजधानी में भी अपनी पदस्थापना के दौरान सुर्खियों में रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब कलेक्टर अवनीश कुमार ने ऐसा कदम उठाया हो, इससे पहले अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए आंगनवाड़ी स्कूल में भी भेज चुके हैं. आपको बता दें बलरामपुर जिले में लोगों को शिक्षा के प्रति जागरुक करने के लिए ‘उड़ान’ और ‘पहल’ जैसी योजनाएं भी लॉन्च कीं इन योजनाओं की तारीफ खुद सूबे के मुखिया सीएम रमन सिंह कर चुके हैं.

आज जब हर कोई अपने बच्चे को महंगे से महंगे स्कूल में पढ़ाने की ख्वाहिश पाले हुए हैं ऐसे में कलेक्टर अवनीश कुमार शरण का यह फैसला एक मिसाल बनकर उभरा है. अवनीश कुमार का यह फैसला उन अभिवावकों के लिए एक बड़ा संदेश है जो सरकारी स्कूल में कमियां निकालते हैं और फिर मोटी रकम चुका कर अपने बच्चों का दाखिला निजी संस्थानों करा देते हैं.

बहरहाल कलेक्टर साहब की इस पहल से अब लगता है की सरकारी स्कूलों की पढ़ाई के स्तर में कुछ सुधार जरूर आएगा. जाहिर है कि जिस स्कूल में जिले के कलेक्टर या आला अधिकारियों के बच्चे पढेंगे उस स्कूल का शिक्षा का स्तर खुद-ब-खुद सुधर जाएगा.

अवनीश कुमार का फैसला एक बड़ी प्रेरणा है, राज्य सरकार अगर इससे सीख लेकर पूरे प्रदेश में इस फैसले को लागू कर दे तो वो दिन दूर नहीं जब प्रदेश के शासकीय स्कूलों के माथे पर लगा दाग मिट जाएगा. इसके साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लग सकेगी.

GST पर एक बार फिर विचार करे सरकार: रजनीकांत

rajnikanth

नई दिल्ली। तमिलनाडु में 30 प्रतिशत कॉर्पोरेशन टैक्स के विरोध में पिछले तीन दिनों से सिनेमा घरों के मालिक हड़ताल पर है. इस बीच तमिल सुपर स्टार रजनीकांत भी इसके विरोध में उतर आए हैं. रजनीकांत ने कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर एक बार फिर विचार जरूर करें. रजनीकांत ने इस हड़ताल का विरोध करते हुए ट्वीट किया है कि ‘राज्य के लाखों लोगों की जिंदगी फिल्म इंडस्ट्री पर टिकी हुई है और मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस पर फिर से एक विचार करें’.

आपको बता दें कि रतजनीकांत फिलहाल अमेरिका में अपने मेडिकल चैक-अप के लिए गए हुए हैं. बता दें कि इस मुद्दे पर तमिलनाडु की फिल्म इंडस्ट्री बंटी हुई दिख रही है. कई तमिल फिल्म स्टार ने इसका विरोध किया है तो कई प्रसिद्ध कलाकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है.

तमिल फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अबामी रामनाथन ने इसका विरोध करते हुए है कि ‘वस्तु सेवा कर’ और ‘मनोरंजन टैक्स’ मिलाकर कुल 58 प्रतिशत टैक्स होता है. ऐसे में कोई भी इस प्रकार के टैक्स के अंतर्गत सिनेमा घरों को नहीं चला सकता. इससे तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी. आपको बता दें कि सिनेमा मालिकों के हड़ताल पर जाने की वजह से राज्य की फिल्म इंडस्ट्री को हर रोज 4 करोड़ रूपये का नुकसान हो रहा है. इस बीच विपक्ष पार्टी डीएमके ने भी इस प्रकार के टैक्स का विरोध करते हुए सरकार पर जीएसटी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.

इससे पहले राज्य के एक और सुपर स्टार कमल हसन ने इस प्रकार के टैक्स पर मोर्चा खोलते हुए कहा था कि जल्द ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री एक साथ बाहर आएगी और इसके खिलाफ एक आवाज में बोलेगी. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जो तमिल स्टार जल्लीकट्टू के विरोध में तमिलनाडु लोगों के साथ खड़े थे वो इस मुद्दे पर बिल्कुल चुप्पी साधे बैठे हैं.

भारत-इजराइल की दोस्ती करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल देगी: साझा बयान

0

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के दौरे पर निकलें है जहां उनका शानदार स्वागत हुआ. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दोनों देशों की तरफ से एक साझा बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि भारत ओर इजराइल की दोस्ती से करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल जाएगी. पीएम नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे को बहुत महत्वपूर्ण बताया है और कहा है कि यह एक इतिहास बनने जा रहा है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पीएम मोदी ने इजराइली राष्ट्रपति रेयुवेन रिवलिन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच के रिश्ते मजबूत करने के तरीके पर चर्चा की.

दोनों ने इसपर चर्चा की कि कैसे इस्राइल की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी ‘मेक इन इंडिया’ पहल में मदद कर सकती है. इजराइल की तीन दिन की यात्रा पर कल तेल अबीब पहुंचे मोदी ने पहले सीमित वार्ता के लिए नेतन्याहू से मुलाकात की. मोदी ने इजराइल की अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा की मेजबानी करने और दोनों देशों के बीच के रिश्तों का एक अहम अध्याय लिखने में अहम भूमिका निभाने पर इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का शुक्रिया अदा किया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बाग्ले ने अपने ट्वीट में बताया कि नेतन्याहू के साथ अपनी मुलाकात में प्रधानमंत्री ने कल से इजराइल में अपने प्रवास और लोगों से अपनी मुलाकात की चर्चा की जिसने द्विपक्षीय रिश्तों के एक नए अध्याय की शुरुआत करने की शुरूआत हुई है.

 

10वीं पास के लिए बिग बाजार में बंपर भर्तियां

नई दिल्ली। बिग बाजार ने नोटिफिकेशन जारी कर बंपर भर्तियां निकालीं है, जिसमें ग्रेजुऐट और 10वीं पास के लिए काफी भर्तियां निकली हैं. बिग बाजार ने नोटिफिकेशन जारी कर स्टोर मैनेजर, रिटेल हेड समेत 46,157 पदों पर आवेदन के लिए आमंत्रित किया है. इस पद के लिए आवश्यक योग्यता निम्न प्रकार से हैं. कंपनी का नाम बिग बाजार (Big Bazaar) पदों के नाम स्टोर मैनेजर, रिटेल हेड (Store Manager, Retail Head) समेत अन्य पद भी शामिल. पदों की संख्या 46,150 आवश्यक योग्यता इसमें 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट करने वाले कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते हैं. उम्र 18 साल से कम न हो चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन परफॉर्मेंस और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. सैलरी 21,570 से 48,550 रुपए. ऐसे करें आवेदन आवेदन के लिए बिग बाजार की ऑफिशियल वेबसाइट www.bigbazaar.com पर जाकर आवेदन करें. अभी इसमें आवेदन के लिए कोई अंतिम तारीख नहीं है.  

मंदिर में प्रवेश करने पर दलित युवक को पीटा

shudra not allow in temple

ललितपुर। ललितपुर के कपासी गांव में एक दलित युवक को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया. जब दलित युवक ने इसका विरोध किया तो कुछ सवर्णों ने उससे मारपीट की और जाति सूचक गाली दी. इसके अलावा दलित युवक को जान से मारने की धमकी भी दी. पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

कपासी गांव के रहने वाले रमेश कुमार अहिरवार ने शिकायती पत्र में बताया कि तीन जुलाई की शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपने घर के पास बने मंदिर में जा रहा था. इसी दौरान मंदिर के बाहर खड़े गांव के ही एक सवर्ण युवक ने उसको रोक लिया और मंदिर में प्रवेश करने के कारण उसे थप्पड़ जड़ दिया. आरोप है कि आरोपी जाति सूचक शब्दों का उपयोग करते हुए कहना लगा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मंदिर में प्रवेश करने की.

कुछ समय बाद मारपीट करने वाले युवक के परिजन व अन्य लोग भी वहां आ गए और दलित युवक बुरी तरह पीट दिया. जब पीड़ित की पत्नी और भाई बचाने के लिए आए तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी. साथ ही गाली-गलौज करके जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया. वहीं, पीड़ित ने मारपीट के दौरान पांच हजार रुपए निकाल लेने का भी आरोप लगाया है. पीड़ित ने चिकित्सीय परीक्षण कराकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

NET परीक्षा का शेड्यूल जारी, पहली अगस्त से होगें आवेदन

नई दिल्ली। सीबीएसई ने नेट परीक्षा के लिए संक्षिप्त अधिसूचना जारी कर दी है. इस बार यह परीक्षा नवम्बर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों में होगी. इसके लिए पहली अगस्त से आवेदन शुरू किये जायेगें. इस संबंध में 24 जुलाई से विस्तृत अधिसूचना उपलब्ध हो गयी है. जुलाई माह में होनी वाली इस परीक्षा की आवेदन तिथि के लिए हजारों विद्यार्थी इंतजार कर रहे हैं. संक्षिप्त अधिसूचना के अनुसार पहली अगस्त से ऑनलाइन आवेदन सीबीएसई नेट की आधिकारिक वेबसाइट से किया जा सकेगा. आवेदन प्रक्रिया तीस दिनों तक चलेगी. 30 अगस्त के बाद ऑनलाइन आवेदन नहीं किया जा सकेगा. 31 अगस्त तक शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा. अब तक हुई परीक्षाओं में हिमाचल में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के लिए सीबीएसई की तरफ से दो सेंटर बनाए गए हैं. इनमें धर्मशाला व शिमला शामिल हैं. उम्मीदवार आवेदन के समय सेंटर का चयन कर सकता है. हिमाचल से नजदीक चंडीगढ़ में सेंटर बनाया गया है. राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के लिए स्नातक में 55 प्रतिशत से अधिक नंबर पाने वाले आवेदन कर सकते हैं. इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार विश्वविद्यालय, महाविद्यालय सहित अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति की पात्रता हासिल करते हैं. इसके जरिये पीएचडी और डीफिल में दाखिला भी मिलता है. इस परीक्षा के जरिये जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) भी अवार्ड की जा सकती है.

 

वोट के लिए ओबीसी कोबिंद को दलित बता रही है भाजपाः लालू

lalu prasad yadav

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के स्‍थापना दिवस समारोह में एनडीए के राष्‍ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे दलित नहीं है. वो कोली जाति से आते हैं और गुजरात में चुनाव है इसलिए उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है ताकि 18 फीसदी वोट मिल सके. कोली जाति गुजरात में ओबीसी है.

लालू ने कहा कि हम सिद्धांत से समझौता नहीं करते हैं. कांग्रेस भी अगर एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करती इसके वावजूद वो उन्हें समर्थन नहीं करते. इस मौके पर राजद सुप्रीमो ने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज देश में अघोषित इमरजेंसी की स्थिति बन गई है. बीजेपी ने लोगों से झूठा वायदा किया. सब्जबाग दिखाकर नरेंद्र मोदी सत्ता में बैठ गए क्योंकि हमलोग बंटे हुए हैं. तीन सालों में एक भी आदमी को नौकरी नहीं मिली.

लालू प्रसाद ने कहा कि देश में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. गाय के नाम पर लोगों की हत्या की जा रही है. देश के किसान आत्महत्या कर रहे हैं. देश में अभी भयावह स्थिति है. इस मौके पर लालू यादव ने समान विचारधारा के लोगों को एक साथ आने की अपील की. कहा कि मायावती और अखिलेश मिल जाएंगे तो बीजेपी का गेम फिनिश हो जाएगा. मायावती, अरविंद केजरीवाल, ममता, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा और उनके परिवार को खत्म करने की कोशिश की जा रही है क्योंकि वो जानते हैं कि सब एक हो जाएंगे तो बीजेपी खत्म हो जाएगी.

इस मौके पर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं उस पार्टी का सिपाही हूं जिसने आजतक अपने विचारधारा से समझौता नहीं किया. जब से पार्टी बनी है तबसे साम्प्रदायिक ताकत पार्टी के पीछे लगी हुई है. इसके बावजूद विरोधियों को मुंह की खानी पड़ी है. उन्होंने कहा कि आज देश में नाकारात्मक राजनीति हो रही है. जो गरीबों की बात करता है उसे बदनाम किया जाता है. 27 अगस्त की रैली देश की नई दिशा तय करेगी. हमारी पार्टी अब जवान हो गई है.

सुशील मोदी पर हमला करते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि कुछ लोग अखबार में बने रहने के लिए हमपर आरोप लगाते हैं. हम डरने वाले नहीं है. 27 अगस्त को पता चलेगा कि कौन बेईमान है? हमलोगों ने भी सुशील मोदी के खिलाप सबूत पेश किये लेकिन न कोई रेड हुआ और ना ही सीबीआई जांच हुई. क्या जो बीजेपी के खिलाफ बोलेगा उसे टारगेट किया जाएगा. हमारी तीन पीढियां साजिश की शिकार हुई है. मां-पिता के बाद अब हमलोग और हमारी बहनों के बच्चे सीबीआई रेड देख रहे हैं. लेकिन हम डरने वाले नहीं. महागठबंधन को अटूट बताते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि हमें बीजेपी से संघर्ष करना है. बीजेपी को भगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन होगा.

राजद आज अपना स्‍थापना दिवस मना रहा है. इस अवसप पर पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम हो रहा है. इसके अलावा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव आज अपने आवास पर 27 अगस्त की ‘भाजपा भागाओ देश बचाओ’ की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे. इस बीच राजद के स्‍थापना दिवस को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है.

नरेन्द्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री है: राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विट करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक कमजोर प्रधानमंत्री बताया है. राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीटर पर लिखा है कि भारत के पास एक कमजोर प्रधानमंत्री है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी कि अमेरिकी यात्रा के दौरान अमेरिका ने कश्मीर को कथितरूप से भारत अधिकृत कश्मीर करार दिया था. उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका को इस बात के लिए स्वीकृति दी थी.

राहुल ने एच 1 बी वीसा के मामले में भी मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बारे में कोई बात नहीं की. राहुल ने कहा है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे का समाधान करने में नाकाम रहे है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने इसके लिए कुछ दो खबरों को ट्वीट किया है जिनमें से एक द हिंदू की है और दूसरा राहुल द्वारा शेयर की गई खबर में लिखा है, कि भारत ने अमेरिका को इस बात की स्वीकृति दे दी है कि वह भारत द्वारा शासित जम्मू-कश्मीर शब्द का इस्तेमाल कर सकता है. इस बात पर राहुल गांधी ने सवालिया निशान उठाए हैं. यह उनकी निजी रॉय है जो ट्विटर के माध्यम से उन्होनें कही है.

बीजेपी के गढ़ में 65 गायों की मौत

गुजरात। भारत देश में मौजूदा समय में गाय का मुद्दा व्यापक रूप से चर्चा में है. ऐसे में बीजेपी के गढ़ गुजरात के कच्‍छ जिले में 65 गायों और बछड़ों की मौत की खबर सामने आई है. यह घटना रापर तालुका के एक मवेशी-खाने में हुई, जहां बहुतायत से गायें मौजूद थी. पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गायों की मौत की वजह सायनाइड के जहर की वजह से हुई है.

साल भर में इतनी बड़ी संख्‍या में गायों की मौत की यह दूसरी घटना है. जानकारी के अनुसार कस्‍बे से करीब 7 किलोमीटर दूर श्री जिवदया मंडल के मवेशी-खाने में हुई. शनिवार रात को कुछ गायें अचानक बेहोश होती जा रही थी. गौशाला के मैनेजर राजेन्‍द्र कोठारी ने बताया की, जैसे ही हमारे लोगों ने बताया कि मवेशी बेहोश हो रहे हैं. हमनें पशु-चिकित्‍सकों को मौके पर भेजा और करीब 80 गायों व बछड़ों का इलाज शुरू कर दिया लेकिन 30 को बचा पाए जबकि 65 की मौत हो गई.

बता दें कि श्री जिवदया मंडल (एसजेएम) एक ट्रस्‍ट है, जो रापर में तीन मवेशी-पाल गृह चलाता है. यह संस्‍था करीब 8,000 पशुओं की देशभाल करती है, पर गौ रक्षा मंडल ने उस वक्त हुई बारिश को जिम्मेदार बताया पर पशु चिकित्‍सकों ने साफ कर दिया है की गायों की मौत बारिश की वजह से नहीं हुई. रापर के सरकारी वेटरिनरी अधिकारी शैलेष चौधरी ने बताया की गायों के पोस्‍टमॉर्टम से साफ हो गया कि उनकी मौत सायनाइड के जहर की वजह से हुई थी जो कि उनके खाने हरे बाजरे में पाया गया जो शनिवार की दोपहर को खिलाया गया था. कोठारी ने बताया की मवेशियों के लिए चारा पड़ोसी गांवों से आता है. उन्‍होंने कहा, ”हमें रोज करीब 10 ट्रक चारे की जरूरत होती है. शनिवार को सभी जानवरों को हरे बाजरे का चारा दिया गया था जिसके बाद से गायों की तबियत तेजी से खराब होती चली गयी और एक के बाद एक गाय मरती गयीं.

ठाकुरों ने किया दलित परिवार की भूमि पर कब्जा

Victim family

ललितपुर। बानपुर के खिरिया छतारा गांव में सामने आया है. जहां एक दलित परिवार की जमीन पर वहां रहने वाले ठाकुरों ने बलपूर्वक अपना कब्जा जमाकर उस जमीन पर अपनी फसल भी बो ली. उस दलित परिवार को मारपीट कर गांव से निकल जाने फरमान भी जारी कर दिया. सुनने में यह कहानी फिल्मी लगती है मगर यह बुंदेलखंड के सबसे पिछड़े जिले ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों की हकीकत है.

इस मामले में पीड़ित परिवार के सिमुल ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र देकर अवगत कराया. उन्होंने कहा कि बहू दीपा ने रजिस्ट्री बैनामा के जरिए जमीन खरीदी थी और उसने जमीन की नियमता पूर्वक हदबंदी भी करा चुके हैं. मगर उसी गांव में रह रहे गुंडें प्रवृति के इंद्रपाल सिंह और उनके भाई राजपाल सिंह, देवेंद्र सिंह ठाकुर आदि लोगों ने मिलकर उसकी हदबंदी की बाड़-उखाड़ कर फेंक दी.

यही नहीं जब पूरा परिवार एक रिश्तेदार की शादी में गया हुआ था तब उनकी जमीन पर ठाकुरों ने कब्जा कर अपनी फसल को बो दिया. जब इस घटना का विरोध दलित परिवार ने किया तो जातिवादी गुंडों ने लाठी-डंडों से मारपीट कर दलितों को गांव से निकल जाने का फरमान जारी कर दिया.

दलित परिवार का आरोप है कि ठाकुर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं, जिनसे हमें जान का खतरा बना हुआ है. हालांकि दलित परिवार ने थाने में शिकायत की मगर उसकी वहां नहीं सुनी गई. उसके बाद दलित परिवार अपनी औरतों बच्चों को लेकर जिला मुख्यालय आया और जिलाधिकारी परिसर में अपना डेरा डाल दिया एवं अपनी जान माल की सुरक्षा की गुहार भी लगाई है.