निजी लाभ के लिए भारतीयों का खून बहा रहे हैं मोदीः राहुल गांधी

Rahul Gandhi

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मोदी की नीतियों ने ही कश्मीर में आतंकियों के लिए जगह बनाई है. जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन कर पीएम मोदी ने आतंकियों को शह दिया है.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर केन्द्र और जम्मू सरकार पर कई आरोप लगाए. राहुल ने एक ट्वीट में लिखा, “मोदी का पर्सनल गेन=भारत की रणनीतिक हानि+निर्दोष भारतीयों के खून का बलिदान. वहीं एक अन्य ट्वीट में राहुल ने बीजेपी-पीडीपी गठबंधन पर निशाना साधते हुए लिखा, “बीजेपी-पीडीपी गठबंधन का क्षणिक लाभ देश के लोगों पर भारी पड़ रहा है.”

बुधवार को राहुल गांधी ने ट्विटर के जरिए लिखा कि पीएम मोदी की नीतियों ने कश्मीर में आतंकियों के लिए जगह बनाई, जिससे देश का काफी नुकसान हुआ है. राहुल ने लिखा कि थोड़े समय के राजनीतिक फायदे के लिए पीएम मोदी ने पीडीपी से गठबंधन किया, जो देश की सुरक्षा पर भारी पड़ा. उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्सनल फायदे के कारण देश को रणनीतिक नुकसान हुआ और निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी.

इससे पहले जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के लोगों की तारीफ की. अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से भरी हुई बस पर हुए आतंकी हमले में 7 लोगों की मौत हुई. सोमवार रात को आतंकियों के द्वारा गोलीबारी में करीब 19 लोग घायल हुए. लेकिन इसके बावजूद भी अमरनाथ यात्रा नहीं रुकी, यात्रा अभी भी जारी है.

बुधवार को राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले से हर कोई दुखी है, यह एक निंदनीय घटना थी. काफी वर्षों के बाद कश्मीर किसी मुद्दे पर एकजुट हुआ है, हर कश्मीरी को इस हमले से दुख हुआ है. कश्मीर कभी भी ऐसे हमलों के साथ नहीं है.

फर्जी दस्तावेज मामले में फंसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर फर्जी दस्तावेज के आरोप पाये गये हैं. पनामा पेपर लीक मामले में बेटी मरियम के फर्जी दस्तावेज से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कुर्सी खतरे में पड़ गई है. शरीफ पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है. पनामा गेट मामले की जांच करने वाले संयुक्त जांच दल ने मरियम पर जाली दस्तावेज सौंपने का आरोप लगाया है. साथ ही इसे आपराधिक मामला करार दिया है.

बता दें की मरियम को राजनीति में शरीफ के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है. छह सदस्यीय जेआइटी ने शरीफ परिवार की विदेश में संपत्ति और मनी लांडिंग से जुड़े मामलों की जांच कर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की.

जानकारी के अनुसार जेआइटी ने मरियम, उनके भाइयों हुसैन व हसन के साथ ही उनके पति सफदर ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज सौंपे. जांच में नवाज शरीफ परिवार के पास अकूत संपत्ति होने का भी पता चला. इस बीच मरियम ने ट्वीट कर जेआइटी के आरोपों से इन्कार किया है. दूसरी और विपक्ष के नेता इमरान खान ने नवाज शरीफ से तत्काल इस्तीफे की मांग की और घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

एसिड अटैक के बाद इस क्रिकेटर ने छोड़ दिया टूर्नामेंट

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इंग्लैंड. बांग्लादेश के स्टार बल्लेबाज तमीम इकबाल इंग्लैंड में एसेक्स काउंटी क्लब में शामिल होने गये थे. खुद पर हुए एसिड अटैक के बाद उन्होंने टुर्नामेंट छोड़ने का फैसला कर लिया है. अपने देश बांग्लादेश की ओर से सर्वाधिक अन्तरराष्ट्रीय रन बनाने वाले बल्लेबाज तमीम इकबाल ने इंग्लैंड में खुद पर हुये हमले के बाद यह फैसला किया है. बता दें कि तमीम ने टी 20 ब्लास्ट काउंटी चैंपियनशिप में एसेक्स की तरफ से मात्र एक मैच में हिस्सा लिया था. बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार की जानकारी अनुसार यह घटना उस वक्त हुई जब तमीम अपनी पत्नी आयशा और एक वर्षीय बेटी के साथ एक रेस्टॉरेंट में खाना खा रहे थे. आयशा ने हिजाब पहना हुआ था. ये तीनों जैसे ही रेस्टॉरेंट से बाहर निकले तब कुछ लोगों ने इनका पीछा किया और इन पर तेजाब (एसिड) फेंका, ये भाग्यशाली रहे कि इस हमले में बाल-बाल बचे. बांग्लादेश के स्टार बल्लेबाज 28 वर्षीय तमीम इस घटना से इतने डर गए कि उन्होंने तुरंत काउंटी चैंपियनशिप से हटने का फैसला किया. वे एसेक्स की तरफ से एकमात्र मैच केंट के खिलाफ खेले थे और रविवार को हुए इस मैच में उनकी टीम को सात विकेट से हार मिली थी. उन्होंने इंग्लैंड में कुछ दिन और रहने पर अपनी जान पर खतरे की आशंका जतायी थी.

न्याय नहीं मिलने पर दलित पीड़िता ने योगी से मांगी ‘इच्छा मृत्यु’

Crime against women

आगरा। जहां एक तरफ योगी सरकार महिलाओं को अत्याचार से बचाने और उन्हें हर संभव सहायता करने और न्याय दिलाने की बात करती है वहीं दूसरी तरफ पीड़िताओं को न्याय के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है. ऐसा ही एक मामला ताजनगरी आगरा में सामने आया है. आगरा में एक दलित गैंगरेप पीड़िता ने सीएम योगी और राज्य के डीजीपी को ट्वीट कर इच्छा मृत्य की मांग की है पीड़िता ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘मैं एक दलित लड़की हूं जिसके साथ दो मई को सामूहिक बालात्कार होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. मुझे न्याय दिलाएं नहीं तो मुझे इच्छा मृत्यु की इजाजत दें.’

गैंगरेप पीड़िता ने पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है. पीड़िता आगरा के खंदारी स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के निवास पर अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी. जहां उसने आयोग के चेयरमेन राम शंकर कठेरिया से मुलाकात की और अपनी व्यथा सुनाई.

26 वर्षीय पीड़िता दलित युवती ने बताया कि उसने थाना सिकंदरा में गैंगरेप का मुकद्दमा दर्ज कराया था. पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ सामूहिक बलात्‍कार की घटना 2 मई को सिकंदरा थाना क्षेत्र के कारगिल पेट्रोल पंप के पास एक ऑफिस में हुई. जिसके बाद लगातार अधिकारियों के यहां गुहार लगाने के बाद 16 जून को पीड़िता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया. मुकदमे में रेप के साथ एससी-एसटी की धारा भी शामिल है. इसके बाद भी पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है.

पीड़िता ने बताया कि आरोपी पवन वर्मा, अनिल, धीरज और गगन मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. पीड़ित ने बताया की उसके परिवार ने लोकलाज के चलते उसे घर से निकाल दिया है. अब वो अकेले ही रह रही है.

सदर थाना क्षेत्र के एक चौकी इंचार्ज पर पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि न्याय दिलवाने की बात कहकर दरोगा उसके साथ गलत काम करना चाहता है. इस पूरे मामले की बातचीत का ऑडियो पीड़िता द्वारा पुलिस अधिकारी को सौंप दिया गया है. उसके बाद भी उक्त दरोगा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

वहीं पीड़िता की व्यथा सुनने के बाद एससी आयोग के चेयरमैन राम शंकर कठेरिया ने हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए पीड़िता को जल्द न्याय दिलवाने की बात कही है।

सामूहिक बलात्कार का दंश झेल रही पीड़िता को मुकदमा दर्ज कराए हुए डेढ़ महीने हो गए. इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी आगरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है जो उनकी लापरवाही की ओर साफ इशारा कर रही है. पुलिस की कार्यप्रणाली से दुखी पीड़िता ने अब मुख्यमंत्री को ट्वीट कर इच्छा मृत्यु की मांग की है. जो योगी सरकार के पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के वादों पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रही है.

घरेलू नौकरानी को बंधक बनाने पर मचा बवाल

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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-49 स्थित महागुन अपार्टमेंट में रहने वाले एक परिवार ने घरेलू नौकरानी पर पैसे चोरी का आरोप लगाकर पूरी रात घर में बंधक बना कर रखा. बुधवार सुबह नौकरानी के परिजनों ने सैकड़ों  लोगों के साथ मिलकर सोसाइटी पर धावा बोला और जमकर तोड़फोड़, पथराव किया. इस मामले में नौकरानी ने अपनी मालकिन सहित कई लोगों को नामित करते हुए थाना सेक्टर-49 में मुकदमा दर्ज कराया है.

जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार सिंह ने बताया कि महागुन अपार्टमेंट में रहने वाली स्कूल संचालिका हर्षिता सेठी के घर पर जोरा बीबी नामक नौकरानी काम करती है. बीती रात को हर्षिता सेठी ने नौकरानी पर आरोप लगाया कि उसने घर पर रखी नकदी चोरी कर ली है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नौकरानी जोरा बीबी का आरोप है कि उसकी मालकिन ने सेक्टर के अन्य लोगों की सहायता से उसे पूरी रात घर में बंधक बनाकर रखा.

उन्होंने बताया कि नौकरानी के पति बाबू खान ने बीती रात को इस बात की सूचना पुलिस को दी थी. जब पुलिस हर्षिता सेठी के घर पर गई तो उन्होंने बताया कि नौकरानी वहां पर नहीं है. उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह नौकरानी बेसुध हालत में सोसाइटी में पड़ी मिली. इसकी सूचना मिलते ही सोसाइटी में काम करने वाले महिला-पुरूष कामगारों ने सैकड़ों की संख्या में सोसाइटी पर लाठी-डंडे से लैस होकर धावा बोल दिया. इन लोगों ने हर्षिता सेठी के घर पर भी धावा बोला और वहां पर जमकर तोड़फोड़ एवं पथराव किया. आस-पास के लोगों ने किसी तरह से सेठी परिवार को दूसरे दरवाजे से बाहर निकाला. घटना की सूचना पाकर मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा. पुलिस ने तोड़फोड़ व पथराव कर रहे लोगों को मौके से भगा दिया पर वहां का माहौल अभी भी तनावपूर्ण हालत में है.

सरकारी स्कूल की लड़कियां भी ले सकेंगी खेलों में भाग

Girls in saudi arabia

दुबई। सऊदी अरब के शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में भी लड़कियां खेलों में भाग ले सकती है. इस आदेश से पहले सिर्फ निजी स्कूलों में लड़कियां खेल में भाग लेती थी. देशभर में महिलाएं वर्षों से अपने अधिकारों तथा खेलों में भाग लेने की मांग कर रही थीं, जिसके बाद अब यह कदम उठाया गया है. शिक्षा मंत्रालय ने 11 जुलाई को कहा था कि वह धीरे-धीरे और इस्लामिक शरिया कानूनों के अनुसार शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं भी शुरू करेगा.

सऊदी अरब के एक कार्यकर्ता ने टि्वटर पर पूछा कि क्या लड़कियों को खेलों में भाग लेने से पहले पुरुष संरक्षक जैसे कि पिता से अनुमति लेनी होगी. यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या ये कक्षाएं पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं या नहीं. सरकारी स्कूलों में लड़कियों को खेलों में भाग लेने की मंजूरी देने का फैसला सऊदी अरब में काफी अहम है क्योंकि यहां महिलाओं का खेलना अब भी सही नहीं माना जाता है. देश के कुछ कट्टरपंथी महिलाओं के खेलने को निर्लज्जता बताते हैं.

सऊदी अरब में है रूढ़िवादी मानसिकता 4 साल पहले देश में निजी स्कूलों में लड़कियों को खेलों में भाग लेने की अनुमति मिल गई थी. महिलाएं पहली बार 2012 के लंदन खेलों के दौरान सऊदी अरब की ओलंपिक टीम का हिस्सा बनीं थी. सऊदी अरब में महिलाओं को लेकर काफी रूढ़िवादी मानसिकता है. महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध है और उन्हें विदेश यात्रा करने या पासपोर्ट बनवाने के लिए पुरुष संरक्षक यानि पिता, पति या भाई की अनुमति लेना अनिवार्य होता है.

शिवसेना: गौरक्षकों को कश्मीर जाकर आतंकियों से लड़ना चाहिए

महाराष्ट्र।  जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले के बाद शिवसेना के सांसद संजय राऊत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि शिवसेना कि गोरक्षक जो हिंदू रक्षा के नाम पर देश के अलग अलग हिस्सो में हिंसा कर रहे हैं, उन्हें कश्मीर में जाकर आतंकवादियों से लड़ना चाहिए.

इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी गोरक्षकों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आतंकियों के बैग में गोमांस होता तो गोरक्षक क्या करते? देश ने गोरक्षकों की ख्याति के बारे में बहुत सुना है अब वो जाएं और आतंकियों से लड़ कर हिन्दुओं की रक्षा करें.

बता दें कि अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में सोमवार रात हमला हुआ था. उस हमले में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. साथ ही 30 घायल हो गए थे. मारे गए लोगों में पांच महिलाएं थी. ज्यादातर लोग गुजरात के थे.

गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा मार्ग पर करीब 30 हजार पुलिस व अर्धसैनिक बल लगाए गए हैं मंगलवार सुबह यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से तय भी किया गया है सरकार पर आंतकी हमले के बाद बड़ी जिम्मेदारी आ पड़ी है इस समय देश मे इस हमले को लेकर बड़ी राजनीति जारी है.

 

जिम्बाब्वे से हार के बाद एंजेलो मैथ्यूज ने छोड़ी कप्तानी

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जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है. मैथ्यूज पहले से ही कप्तानी छोडऩे पर विचार कर रहे थे साथ ही वो इस हार से काफी निराश थे. एकदिवसीय रैंकिंग में 11वें स्थान की टीम जिम्बाब्वे ने 5 मैचों की सीरीज में श्रीलंका को 3-2 से हराकर पहली बार श्रीलंका के खिलाफ कोई वनडे सीरीज जीती है.

एंजेलो मैथ्यूज ने जिम्बाब्वे से मिली हार को अपने करियर का सबसे दुखद समय बताया है. हार के बाद ही उनकी कप्तानी पर सवाल उठने लगे थे. उनकी कप्तानी में टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है. चैंपियंस ट्रॉफी में भी श्रीलंका की टीम कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी. इसके बाद टीम के हेड कोच ग्राहम फोर्ड ने भी अपना पद छोड़ दिया था.

मैथ्यूज ने श्रीलंका की तरफ से अंडर –19 टीम और श्रीलंका की टीम A की भी कप्तानी की है. साल 2013 में महेला जयवर्धने के इस्तीफे के बाद 25वर्ष की उम्र में मैथ्यूज को सबसे कम उम्र के श्रीलंकाई टेस्ट कप्तान का जिम्मा दिया गया था. टेस्ट में कप्तान बनने से पहले मैथ्यूज ने एकदिवसीय और टी-20 में श्रीलंका क्रिकेट टीम की कमान संभाली है.

एंजेलो मैथ्यूज ने 34 टेस्ट में श्रीलंका की कप्तानी की, जिसमें टीम को 13 में जीत मिली और 15 में उनकी टीम को हार का मूंह देखना पड़ा. उनकी कप्तानी में श्रीलंका 47 वनडे मैच जीती और 46 में हार गई. टी-20 की बात करें तो 4 मैच उनकी कप्तानी में टीम ने जीते और 7 में उन्हें हार मिली. मैथ्यूज की कप्तानी में ही श्रीलंका ने पिछले साल टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से हराया था.

भारत माता की जय नहीं बोला तो मारा थप्पड़  

हिसार। यह मामला हरियाणा के हिसार का है जहां अमरनाथ आतंकी हमले के विरोध में बजरंग दल ने वहां के लाहौरिया चौक के नजदीक आतंकवाद का पुतला फूंका. पुतला दहन एक समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल के बाहर किया गया. इस दौरान धार्मिक स्थल में आए उत्तर प्रदेश के आम व्यापारी को भारत माता की जय नहीं बोलने पर थप्पड़ जड़ दिया जिसका बाद वहां तनाव बढ़ गया.

बता दें की बजरंग दल के जिला प्रमुख कपिल वत्स ने कई कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पारिजात चौक पर आतंकवाद का पुतला फूंका, सभी कार्यकर्ता लाहौरिया चौक के नजदीक धार्मिक स्थल के बाहर पुतला लेकर पहुंच गए थे. इस दौरान कार्यकर्ता पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. इसी दौरान सहारनपुर के व्यापारी सब्जी मंडी में आम बेचने के बाद वहां आए थे.

बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ता भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे. इस दौरान प्रदर्शन में शामिल कुछ युवकों ने हंगामा किया तो धार्मिक स्थल से कुछ युवक बाहर आ गए. इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उन युवकों को भारत माता की जय बोलने को कहा. ऐसा न करने पर प्रदर्शनकारी ने आम व्यापारी को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई. बाद में धार्मिक स्थल का दरवाजा बंद कर दिया गया और आसपास के क्षेत्र में तनातनी हो गयी. वहां चारो और पुलिस तैनात है

 

आदिवासियों की दुर्दशा के लिए भाजपा विधायक जिम्मेदार

रांची। मंगलवार 11 जुलाई को आदिवासी सेंगेल अभियान ने रवींद्र भवन परिसर से जन विरोधी रघुवर सरकार के खिलाफ अभियान शुरू किया. मुर्मू जिला कमेटी के कई नेताओं के नेतृत्व में विशाल जुलूस निकाला गया. जुलूस में आस पास के ग्रामीणों क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए, जो रघुवर दास के खिलाफ नारे बाजी कर रहे थे. इसमें महिलाओं की संख्या काफी अधिक रही. जुलूस रवींद्र भवन से निकल कर शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरने के बाद पुन: रवींद्र भवन से लौटकर समाप्त हुआ. अपनी बात रखते हुए सालखन मुर्मू ने कहा कि झारखंड अदिवासी मूलवासियों की वर्तमान दुर्दशा के लिए भाजपा, आरएसएस सरकार सभी 28 आदिवासी एमएलए और पूंजीपति उद्योगपति दोषी हैं. लेकिन सर्वाधिक दोषी सभी आदिवासी एमएलए हैं, जो आदिवासी समाज की फिक्र छोड़ अपनी पेट परिवार पार्टी के स्वार्थ में लिप्त हैं. नतीजतन आज आदिवासी मरने की कगार पर खड़े हैं.आदिवासी विधायक चाहते तो झारखंड में कोई गैर आदिवासी मुख्यमंत्री और टीएसी का सदस्य नहीं बन पाता.  उन्होंने कहा कि एएसए सभी 28 आदिवासी एमएलए विधायकों के खिलाफ विरोध जताने के लिए यह कार्यक्रम है. अब भाजपा और जेएमएम खेल रहे हैं. अपनी-अपनी संपत्ति और जमीन घोटालों को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर जनता को बेवकूफ बना रहे हैं, पक्ष-विपक्ष दोनों को 17 वर्षों को समय मिला लेकिन जनता बेहाल है. पूरे देश में दलितों के उपर अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं तो झारखंड़ जैसे क्षेत्रों में आदिवासियों का शोषण भी लगातार जारी है. 

अमरनाथ यात्रा: बस ड्राइवर सलीम को मिलेगा बहादुरी पुरस्कार

नई दिल्ली।  सोमवार 10 जुलाई  को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा के लिए जा रही बस पर आतंकियों ने हमला कर दिया था. इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गयी थी. गौरतलब है कि मरने वालों में ज्यादातर श्रद्धालु गुजरात के रहने वाले हैं. अगर ड्राइवर ने सही समय पर बस ना भगाई होती तो इस मरने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती थी. सेना के विशेष विमान से सूरत पहुंचे सलीम ने बताया कि “आतंकियों ने लगातार फायरिंग की, इसलिए मैं रुका नहीं, लगातार बस चलाता रहा. अल्लाह ने मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत दी और मैं वैसा करता गया.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने खुद ड्राइवर सलीम की सराहना की है. मुख्यमंत्री ने सलीम को बहादुरी पुरस्कार के लिए नामित करने की भी बात भी कही. इस बस के ड्राइवर सलीम के भाई जावेद मिर्जा ने वलसाड में मीडिया से बात की.

जावेद ने कहा कि सलीम ने उन्हें सोमवार रात को करीब 9.30 बजे फोन किया था और बस पर हुई फायरिंग के बारे में बताया था. उसने कहा था कि फायरिंग के दौरान उसने बस नहीं रोकी, उसने सिर्फ श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए गाड़ी चलाना जारी रखा.

रिलायंस JIO  के ग्राहकों का आंकड़ा लीक

मुंबई। रिलायंस  जियो  फ्री इंटरनेट और कालिंग की वजह से भारत में सबसे बड़ा नेटवर्क बनकर उभरा है. पर अब JIO  के ग्राहकों के आंकड़े लीक होने का मामला सामने आया है. इस आरोप में महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार रात राजस्थान के एक 35 वर्षीय व्यक्ति इंजीनियर को गिरफ्तार किया है जिसको ​रिलायंस जियो के आंकड़ें लीक करने में लिप्त पाया गया है. महाराष्ट्र साइबर पुलिस के अधीक्षक बालसिंह राजपूत ने बताया कि एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है जिससे पूछताछ की प्रक्रिया जारी है. आरोपी की पहचान ‘इमरान सिंपा’ के तौर पर की गई है और उसे राजस्थान के चुरू जिले से हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि संदिग्ध कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई बीच में छोड़ चुका है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र साइबर पु​लिस के महानिरीक्षक बृजेश सिंह के नेतृत्व में जांच अधिकारियों ने उस स्थान पर ध्यान केंद्रित किया जहां से डाटा की चोरी हुआ. उन्होंने कहा कि चुरू में स्थानीय पुलिस से मदद मांगी गई और संदिग्ध को जांच शुरू होने के24 घंटे के भीतर हिरासत में लिया गया. उन्होंने बताया कि संदिग्ध के कंप्यूटर, मोबाइल और स्टोरेज उपकरण को जब्त कर लिया गया है और उसे जांच के लिये भेजा जाएगा. फिलहाल महाराष्ट्र साइबर पुलिस, नवी मुंबई पुलिस और रिलायंस जियो अधिकारी मिलकर राजस्थान में तलाशी और जब्ती अभियान चला रहे हैं.

गोपालकृष्ण गांधी उपराष्ट्रपति पद के सही उम्मीदवारःमायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उपराष्ट्रपति पद के लिए 18 विपक्षी पार्टियों द्वारा पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाए जाने की पहल का स्वागत किया. गोपालकृष्ण गांधी महात्मा गांधी के पड़पोते भी हैं।

बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी योग्यता व बौद्धिकता स्वीकार करते हुए भाजपा और एनडीए जिम्मेदारी बनती है कि वे भी व्यापक देशहित में उन्हें स्वीकार करके उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी न खड़ा करें और गोपालकृष्ण गांधी निर्विरोध उपराष्ट्रपति पद पर चुने जा सकें.

मायावती ने कहा कि विपक्षी पार्टियों द्वारा आज की बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिये अपना संयुक्त उम्मीदवार चुनना काफी शुभ संकेत है. सत्ताधारी भाजपा व एनडीए को यह सब कतई अच्छा नहीं लगने वाला है, खासकर तब जबकि वे लोग विपक्षी एकता को तोड़ने व विपक्षी पार्टियों को राजनीतिक तौर से ब्लैकमेल करने के लिये अनेकों प्रकार के हथकण्डे लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं. सीबीआई, इनकम टैक्स व प्रवर्तन निदेशालय आदि सरकारी मशीनरी का भी खुलकर ग़लत राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं.

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि योगी सरकार द्वारा विधानसभा आमचुनाव के लगभग चार महीने के बाद आज विधानसभा में पेश किये गये बजट ने प्रदेश के करोड़ो आमजनता, गरीब, मजदूर, किसान व अन्य मेहनतकश लोगों के साथ-साथ बेरोजगार युवकों को बहुत ही मायूस किया है. इस बजट में कहा गया है कि ’हमें आर्थिक विपन्नता’ मिली परन्तु इसके निदान के मामले में केन्द्र की सहायता नहीं हासिल कर पाना वास्तव में केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा दोनों ही स्तर पर प्रदेश की जनता के साथ धोखाधड़ी है. मोदी सरकार ने यूपी में भाजपा सरकार बन जाने पर भरपूर केन्द्रीय सहायता देकर उत्तर प्रदेश को ’उत्तम प्रदेश’ बनाने का बार-बार वायदा किया था, परन्तु योगी सरकार के बजट में इसकी कोई झलक नहीं मिलती है, जो प्रदेश की 22 करोड़ जनता के लिये काफी दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण बात है.

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी व राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं के खिलाफ विद्वेश की कार्रवाई आदि इसके पक्के प्रमाण हैं जबकि भाजपा के नेताओं व उनके समर्थकों आदि को हर प्रकार का अपराध करने की खुली छूट दे दी गयी है और उन पर कोई शिकंजा नहीं कसा जा रहा है, यह देश व लोकतंत्र के लिये चिन्ता की बात है.

किसान विरोधी है योगी का पहला बजट

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लखनऊ। योगी सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में अपना पहला बजट पेश किया. बजट पेश करने के बाद सीएम योगी ने इसे गरीब, किसान, महिलाओं, बेरोजगारों को समर्पित बजट करार दिया. लेकिन विपक्षी दलों की राय सीएम योगी राय से अलग रही. उन्होंने इस बजट को किसान विरोधी और निराशाजनक करार दिया.

वहीं बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि योगी सरकार का बजट निराशाजनक रहा. इसमें किसानों की अनदेखी की गई है. बजट पूरी तरह से खोदा पहाड़ निकली चुहिया रहा.

विधानसभा में नेता विपक्ष समाजवादी पार्टी के रामगोविंद चौधरी ने बजट पर कहा कि योगी सरकार का यह बजट किसान विरोधी है. इस बजट से कोई लाभ नहीं मिलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने पूर्व की सपा सरकार द्वारा चलाई गईं कई लाभकारी योजनाओं को बदल दिया है. उन्होंने इस बजट को पूरी तरह से महिला विरोधी करार दिया.

विधानपरिषद में नेता विरोधी दल समाजवादी पार्टी के अहमद हसन ने कहा कि योगी सरकार द्वारा पेश किया गया बजट महज आंकड़ों का पुलिंदा भर है. बीजेपी सरकार आंकड़ों पर खेल रही है. सरकार कानून व्यवस्था पर जवाब नहीं दे पाई है. उन्होंने कहा कि सपा किसानों के मुद्दे सदन में उठाती रहेगी.

उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, गरीबों, पिछड़ों की उपेक्षा की गई है. ये बजट महज केंद्र की योजनाएं यूपी में चलाने वाला ही है. बजट में बुंदेलखंड की उपेक्षा की गई. यही नहीं बजट में जितना घाटा लिखा है, उससे ज्यादा का घाटा होगा. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल को 200 और बुंदेलखंड को 300 करोड़ रुपए निराशाजनक हैं.

Wimbledon: डबल्स में टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की हार

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नई दिल्ली। गुरुवार को सानिया मिर्जा साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबलडन के महिला युगल वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच गईं थीं. सानिया ने अपनी बेल्जियाई जोड़ीदार क्रीस्टीन फ्लिपकिंस के साथ जापान की नाओमी ओसाका और चीन की शुआई झांग को पराजित किया था.

पर आज सानिया मिर्जा और कर्स्टन फ्लिपकेंस को विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला युगल में स्विट्जरलैंड की दिग्गज मार्टिना हिंगिस और युंग जान चेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. सानिया और बेल्जियम की उनकी जोड़ीदार को तीसरे दौर के मुकाबले में तीसरी वरीय जोड़ी के खिलाफ 71 मिनट में 2-6 4-6 से हार झेलनी पड़ी. सानिया की चुनौती हालांकि मिश्रित युगल में बरकरार है जहां वह क्रोएशिया के इवान डोडिग के साथ हिस्सा ले रही हैं.

जूनियर प्रतियोगिता में भारत की महक जैन ने लड़कियों के एकल वर्ग में क्रोएशिया की लिया बोसकोविच को 7-6 4-6 6-4 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई. सिद्धांत बंठिया को हालांकि लड़कों के एकल के पहले दौर में फ्रांस के मातियो मार्टिन्यू के खिलाफ 6-3 2-6 5-7 से हार का सामना करना पड़ा.

 

SC ने केंद्र सरकार को फिर दिया झटका

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Supreme Court

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा पशुओं के वध मामले में खरीदफरोख्त के लिए जारी की गयी अधिसूचना पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते हुए कहा है कि जब तक इसके नियमों में बदलाव नहीं किया जाता यह लागू नहीं होगा साथ ही कोर्ट ने अधिसूचना के दोबारा जारी होने के बाद लोगों को पर्याप्त वक्त मुहैया कराने का भी आदेश दिया है.

दूसरी ओर अदालत में केंद्र सरकार ने कहा कि इन नियमों पर राज्य सरकारों द्वारा बताए गए सभी सुझाव व आपत्ति विचाराधीन हैं. फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ये नियम लागू नहीं किए जाएंगे और इसके बदलाव में करीब तीन माह का समय लग जाएगा. केंद्र सरकार ने आगे बताया कि राज्यों को पशुओं के लिए बाजारों की पहचान करने में तीन महीने का वक्त लगेगा और अगस्त के आखिर तक नियमों में बदलाव किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने सारी याचिकाओं का निपटारा किया और कहा कि जब नए नियम बनेंगे तो कोई भी कोर्ट में चुनौती दे सकता है. केंद्र सरकार द्वारा पशुओं को वध के लिए बेचने ओर खरीदने को लेकर जारी अधिसूचना के विरोध में दायर याचिका अपना पक्ष रखा गया.

केंद्र सरकार के इस नोटिफिकेशन का केरल समेत देश के कई राज्यों में विरोध किया गया है. केरल में तो विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में हिस्सा लेने से पहले विधायकों ने नाश्ते में गोमांस का सेवन कर विरोध जताया था.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पशु बाजार में वध के लिए मवेशियों को खरीदने और बचने पर रोक लगाने वाली अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया था. हैदराबाद निवासी याचिकाकर्ता ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी और कहा था कि केंद्र का नोटिफिकेशन ‘भेदभाव पूर्ण और असंवैधानिक’ है क्योंकि यह मवेशी व्यापारियों के अधिकारों का हनन करता है. याचिकाकर्ता मोहम्मद फहीम कुरैशी ने पशु क्रूरता रोकथाम (जब्त पशुओं की देखभाल तथा इलाज) कानून, 2017 को भी चुनौती दी है. पेशे से वकील फहीम कुरैशी ने दलील दी है कि पशु क्रूरता रोकथाम (मवेशी बाजार विनियमन) कानून, 2017 तथा पशु क्रूरता रोकथाम (जब्त पशुओं की देखभाल तथा इलाज) कानून, 2017 मनमाना, अवैध तथा असंवैधानिक है.

याचिकाकर्ता ने 23 मई को जारी दोनों अधिसूचनाओं के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती दी है. फहीम कुरैशी ने उस नियम पर सवाल उठाया है, जिसमें कम उम्र के मवेशियों को तब तक बाजार में नहीं बेचा जा सकता, जबतक कि खरीदार एक हलफनामा भरे, जिसमें वह बताए कि वह एक किसान है, मवेशी का केवल कृषि उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगा और उसे छह महीनों तक नहीं बेचा जाएगा.

 

6000 NGO से छिन सकता है विदेशी दान पाने का लाइसेंस

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नई दिल्ली। विदेश से लाइसेंस पाने वालो के लिए बुरी खबर है. 6000 एनजीओ के विदेशी दान पाने का लाइसेंस खतरे में पड़ गया है. पांच साल के आय-व्यय का रिकार्ड नहीं देने पर गृह मंत्रालय ने उन्हें जारी किया है. आठ जुलाई को जारी नोटिस का 23 जुलाई तक जवाब मांगा गया है. ऐसा नहीं करने पर उनका लाइसेंस रद हो सकता है. जिन एनजीओ नोटिस भेजा गया है उनमें नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) भी शामिल हैं.

गृह मंत्रालय ने इस साल मध्य मई में 18,523 गैर सरकारी संगठनों को 14 जून तक अपने आय और व्यय का विवरण देने का अंतिम मौका दिया था. विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के तहत पंजीकृत इन एनजीओ को पांच साल (2010-11 से 2014-15) के रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा गया था. गृह मंत्रालय के अनुसार सभी एनजीओ को बिना किसी जुर्माने के अपना सालाना रिटर्न भरने के लिए 14 जून तक का अंतिम मौका दिया गया था.

इस बाबत उन्हें ईमेल और एसएमएस अलर्ट भी भेजे गए थे. इसके बावजूद 5,922 संगठनों ने निर्धारित समय में अपना सालाना रिटर्न अपलोड नहीं किया. इन सभी एनजीओ को आठ जुलाई को भेजकर कहा गया है कि क्यों न इनका एफसीआरए पंजीकरण रद कर दिया जाए. इसका जवाब देने के लिए 23 जुलाई तक का समय दिया गया है अब देखना यह है कि इन सभी एनजीओ पर कैंची चलती है या नहीं.

अब घर बैठे दाखिल होगी आरटीआई

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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने आरटीआई को आनलाईन कर दिया है अब से प्रत्येक कामकाज को ऑनलाइन कर दिया गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ऑनलाइन आरटीआई सेवा rti.online.delhi.gov.in का शुभारंभ किया. कहा कि यह दिल्ली के लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन है. समाजसेवी अन्ना हजारे और अरुणा रॉय ने आरटीआई के क्षेत्र में काफी काम किया है. सरकार द्वारा ई-आरटीआई सुविधा को लेकर केजरीवाल ने बताया कि अब किसी को भी दफ्तर आने की जरूरत नहीं है अब घर बैठे ऑनलाइन आरटीआइ फाइल कर सूचना हासिल कर सकेंगे. सरकार के प्रत्येक विभाग नोडल अधिकारी हैं, जो इसमें मदद करेंगे. उन्होंने निर्देश दिए कि जितनी भी आरटीआई आएं, उनके जवाब भी नेट पर डाले जाएं, इससे कई आरटीआई कम हो जाएंगी. अगर राशन दुकानों का प्रतिदिन का बही-खाता ऑनलाइन कर दें, तो राशन वालों को लगेगा कि वो पकड़ा जाएगा. सभी विभाग अपने मेजरमेंट बुक और बिल वेबसाइट पर डाल दे, तो सबको डर रहेगा कि कहीं पकड़े न जाएं. इस दायरे में मंत्री ही नहीं मुख्यमंत्री भी होंगे. दिल्ली के प्रशासनिक सुधार मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि इस पोर्टल से सभी विभागों को लिंक किया गया है जिसके बाद सारी प्रक्रिया आनलाईन हो गयी है.

मैला ढोने वाली 44 दलित महिलाएं दिल्ली में करेंगी मंत्रोच्चार

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अलवर। अलवर में कभी मैला ढोने की कुप्रथा से जुड़ी दलित महिलाएं अब वेद मंत्रों का उच्चारण कर धार्मिक अनुष्ठान भी करवाएंगी. डेढ़ साल के अभ्यास के बाद अब अलवर की दलित महिलाएं बुधवार को दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मंत्रोच्चार करेंगी. इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत भी शरीक होंगे.

अलवर में सुलभ इंटरनेशनल स्कूल ऑफ सोशल चेंज यू नॉन वायलेंस कार्यक्रम में नई दिशा संस्था से जुड़ी करीब 44 महिलाएं बुधवार को दिल्ली जाकर वेद मंत्रों का उच्चारण कर कार्यक्रम को शुरू करवाएंगी.

नई दिशा संस्था से जुड़ी नीतू अरोड़ा ने बताया कि यह कार्यक्रम दिल्ली में बुधवार (12 जुलाई) को सुबह साढ़े 10 बजे रफी मार्ग स्थित मावलंकर ऑडिटोरियम में होगा. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मुख्य अथिति होंगे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा मुख्य रूप से इस कार्यक्रम में होंगे और इस कार्यक्रम में ही अलवर में कभी मैला ढोने वाली प्रथा से जुड़ी महिलाएं वेद श्लोकों को स्वस्वर सुनाएंगी.

इस अवसर पर सुलभ इंटरनेशनल के संचालक डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक द्वारा लिखित पुस्तक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया जाएगा. यह पुस्तक भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित है.

न्यूज 18 के मुताबिक नई दिशा की कोऑर्डिनेटर नीतू अरोड़ा ने बताया कि 44 महिलाएं मंगलवार को दोपहर बाद 4 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगी. इन महिलाओं के साथ इनके जिजमान भी जाएंगे. जिजमान का मतलब कि जिन परिवारों में यह मैला ढोने का काम करती थीं. इन महिलाओं को दिल्ली व बनारस के विद्वानों ने चार माह का प्रशिक्षण दिया है. इनमें अधिकतर महिलाएं न तो कभी स्कूल गईं न कभी किताब उठाई, लेकिन समारोह के लिए इन महिलाओं ने नियमित अभ्यास किया. इस संस्था में रहकर स्वरोजगार का काम कर रही हैं.

ललिता नंदा ने बताया की जब 2003 में इस संस्था से जुड़े थे. उससे पहले हम मैला ढोने का काम करते थे. धीरे-धीरे इस प्रथा को खत्म किया और आज हम देश-विदेश में होकर आए हैं और नए अनुभव लिए हैं. यहां की महिलाओं ने अमेरिका के न्यूयार्क में जाकर नामी मॉडल्स के साथ कैटवॉक भी किया है. उन्होंने बताया कि जब हम मैला ढोने का काम करते थे तो हमें इस काम से घृणा आती थी, लेकिन पेट पालने के लिए हमें यह काम करना पड़ता था और हमारा स्वास्थ्य भी खराब रहता था. जब से हमने यह काम बंद किया है तब से हम सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं.

भारत का अमेरिका, जापान संग नौसैनिक अभ्यास शुरू

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चेन्नई। भारतीय नौसेना ने अमेरिकी व जापानी नौसेनाओं के साथ सोमवार को सबसे बड़ा अभ्यास शुरू कर दिया है. बता दें की बंगाल की खाड़ी में पांच दिनों तक तीनों देश एक दूसरे से अपनी रणनीति साझा करेंगे. इससे तीनों के बीच सैन्य गठबंधन में मजबूती आने की संभावना है.

युद्धाभ्यास में 95 विमान, 16 जहाज व दो पनडुब्बियों को शामिल किया गया है. बंगाल की खाड़ी में अमेरिकी जहाज निमित्ज, गाइडेड मिसाइल क्रूज प्रिंसटन, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर हावर्ड, शूप, किड, ए पॉसीडान पी-8ए विमान व लॉस एंजिलिस की तेज रफ्तार पनडुब्बी की क्षमता का प्रदर्शन हो रहा है. इसके साथ जापान का जहाज जेएस आइजूमो, एसएस सजानी और भारत का जलस्वा व आइएनएस विक्रमादित्य भी अपने शौर्य का एहसास करा रहा है.

भारत के समुद्री क्षेत्र में अतिक्रमण करने के साथ जिस तरह से बीजिंग दक्षिण चीन सागर में अपनी हरकतें बढ़ा रहा है उसमें अमेरिका व जापान के साथ भारत की नौसेना का साथ आना अहम है. इससे चीन को कड़ा संदेश मिलेगा. अमेरिका के रियर एडमिरल विलियम डी बर्न जूनियर का कहना है कि साझा अभ्यास न केवल चीन के लिए रणनीतिक संदेश है बल्कि उत्तर कोरिया व उस जैसे कई और देशों को भी हमारी चेतावनी है. उधर भारत के फ्लैग अफसर ईस्टर्न नेवल कमांड के कमांडिंग इन चीफ एचसीएस बिष्ट ने कहा कि इससे हमें एक दूसरे की तकनीक व मजबूत पक्ष को समझने में सहायता मिलेगी.