जातिवादियों ने किया दलित चाचा-भतीजे पर तलवार से हमला

अजमेर। अजमेर के नसीराबाद कस्बे में कुछ जातिवादी गुंडों ने दलित चाचा-भतीजे पर सरिये और तलवार से हमला कर दोनों को जख्मी कर दिया. हमले में चाचा-भतीजे के गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद दोनों को जेएलएन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां भतीजे की हालत नाजुक बनी हुई है.

फर्स्ट इंडिया न्यूज के मुताबिक एक महीने पहले हमलावर पक्ष और पीड़ित पक्ष के बीच बच्चों की किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. उस वक्त पीड़ित पक्ष ने हमलावरों के खिलाफ मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का मामला दर्ज करवाया था. हमलावर लगातार पीड़ित पक्ष पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे थे.

इसके बाद 28 जून को भी पीड़ित पक्ष को डराने-धमकाने के लिए हमलावर उसकी भैरू चौक स्थित दुकान पहुंचे. तब दुकान पर मौजूद चाचा-भतीजा ने मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया. इस पर हमलावरों ने उन पर सरिये और तलवार से हमला कर दिया.

 गौमांस ले जाने के शक में भीड़ ने युवक को पीटा

नागपुर। प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद भी गाय के नाम पर मारपीट और हत्याऐँ कम होने का नाम नहीं ले रहा हैं.  अब ताजा मामला  महाराष्ट्र के नागपुर शहर का है जहां स्कूटी सवार एक युवक को बीफ ले जाने के शक में पिटाई का मामला सामने आया है. यह घटना वहां के भारसिंगी गांव की है जहां भीड ने एक व्यक्ति की गौ बीफ ले जाने के शक में बुरी तरह पिटाई कर दी.

बता दें की सलीम इस्माइल शाह नाम का युवक अपनी स्कूटी से जा रहा था. भीड़ ने उसे रोका और गाय का मांस ले जाने का आरोप लगाते हुए मारने लगे. इस मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया हैं. हिरासत में लिए गए लोगों का नाम मोरेश्वर तांदूळकर, जगदीश चौधरी, अश्विन उईके, रामेश्वर तायवाडे है.

जानकारी के अनुसार कटोल गांव में रहने वाला सलीम शाह बुधवार सुबह अपनी स्कूटी की डिक्की में मांस लेकर जा रहा था.जब युवक भारसिंगी गांव से गुजर रहा था तब कुछ लोगों ने अचानक उसे पकड़ लिया. उन्होंने सलीम पर गाय काटकर उसका मांस ले जाने का इल्जाम लगते हुए पिटाई कर दी. इस घटना का विडियो भी सामने आया है. पुलिस मौके पर पहुंची और सलीम को भीड़ से छुड़वाया. पुलिस ने मारपीट का मामला दर्ज कर 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

   

दलित कॉनक्लेव का आयोजन करेगी कांग्रेस

नई दिल्ली। काग्रेंस की नजर एक बार फिर दलित वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की है जिसके लिए वह एक बड़े दलित कॉन्क्लेव का आयोजन करने जा रही है. सत्ता खोने के बाद कांग्रेस एक बार फिर से दलितों, आदिवासियों व गरीबों को अपने साथ लाने की कोशिश में है. जिसके लिए कांग्रेस दलित व आदिवासी तबकों पर फोकस देने व उनसे जुड़े मुद्दों को उठाने में लगी है. इस बाबत कांग्रेस ने आने वाली 21 जुलाई से तीन दिन का एक अंतराष्ट्रीय कॉन्क्लेव करने की योजना बनाई है. बता दें की यह आयोजन 21 से 23 जुलाई तक कनार्टक के बेंगलुरू में आयेजित किया जा रहा है. इस कॉनक्लेव को भीमराव अंबेडकर से जोड़ कर किया जायेगा. जानकारी के अनुसार  इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश-विदेश से विद्वान व वक्ता आएंगे,  जो सामाजिक अधिकारिता और अंबेडकर पर अपने विचार रखेंगे. इसमें आयोजन का उद्घाटन 21 जुलाई को राहुल गांधी करेंगे, वहीं अगले दिन अंबेडकर पर सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है.

दलित कॉनक्लेव के आयोजन के पीछे जहां एक वजह देश में दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के खिलाफ मुद्दे को उठाना है्, वहीं इसे कहीं न कहीं कनार्टक में होने वाले असेंबली चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. गौरतलब है कि कांग्रेस के सामने एक चुनौती कनार्टक में अपने किले को बचाने की भी रहेगी. बता दें की कर्नाटक में दलित वोट 24 फीसदी है जिसको पाले में लाने के लिए सभी पार्टियां संघर्ष करती नजर आ रही हैं.

तेजस्वी यादव के सुरक्षाकर्मियों ने मीडियावालों को पीटा

पटना। बिहार की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है. इस बीच पटना सचिवालय में मीडिया वालों के साथ उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सुरक्षाकर्मियों ने बदसलूकी की है. दरसअल जब तेजस्वी यादव कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने जा रहे थे उस वक्त मीडिया वालों ने सवाल पूछना चाहा तो उन्होंने कहा कि बैठक से वापस आकर बात करेंगे.

इसके बाद जब तेजस्वी यादव बैठक से बाहर निकले तब पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछना चाहा. इसी दौरान तेजस्वी के स्पेशल ब्रांच वाले सुरक्षाकर्मी मीडिया वालों से धक्कामुक्की करने लगे. इसके बाद सुरक्षाकर्मी एक कैमरा मैन को खींचते हुए नीचे ले गए और उसके साथ मारपीट की गयी.

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है. मीडिया के जरिए लालू परिवार का भ्रष्टाचार सबके सामने आ गया. नीतीश कुमार को तुरंत इन सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में किसी के साथ ऐसा ना हो. लालू यादव को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

एबीपी न्यूज के मुताबिक जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, ”जो हुआ वो गलत है, पत्रकार और राजनेता एक दूसरे के पूरक हैं. आसे सुरक्षाकर्मियों की पहचान करके उन पर कार्रवाई की जाएगी. अब कैबिनेट की बैठक सचिवालय में नहीं योजना भवन में होगी.”

लालू और उनके परिवार पर लगे आरोपों और सीबीआई और ईडी के छापों के बाद बिहार की राजनीति में आए उफान के बीच आज जब नीतीश की कैबिनेट की बैठक हुई तो उसमें सीएम के साथ उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शरीक रहे. कैबिनेट की मीटिंग महज़ 25 मिनट ही चली. कैबिनेट मीटिंग के बाद तेजस्वी यादव जमकर मोदी और अमित शाह पर बरसे, लेकिन नीतीश खामोश ही रहे.

आपको बता दें यह पहला मौका नहीं है जब मीडिया वालों के साथ बदसलूकी हुई है. इससे पहले जब सीबीआई छापों के बाद पटना में लालू यादव प्रेस कॉन्फेंस करने आए थे उस वक्त तेजस्वी यादव ने कुछ पत्रकारों के साथ बदसलूकी की थी.

पाकिस्तानी सेना ने किया हमला, 2 भारतीय जवान शहीद

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास पाकिस्तानी आर्मी ने घात लगाकर हमला किया. इसमें दो जवान शहीद हो गए. यह घटना बडगाम जिले में सिक्युरिटी फोर्सेस के साथ हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादियों के मारे जाने के बाद हुई. उधर, आतंकी हमले में 7 अमरनाथ यात्रियों के मारे जाने के बाद सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हाईएस्ट अलर्ट घोषित कर दिया है.

सोमवार को हुए हमले के बाद मोदी सरकार के दो मिनिस्टर कश्मीर कश्मीर पहुंचे. पीएमओ में मिनिस्टर जितेंद्र सिंह और होम मिनिस्ट्री में राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने अफसरों से मुलाकात की. दोनों मिनिस्टर गवर्नर एनएन. वोहरा और सीएम महबूबा मुफ्ती से भी मिले. इस दौरान सिक्युरिटी इंतजामों को भी रिव्यू किया गया.

डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन ने न्यूज एजेंसी को बताया कि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि पाकिस्तानी आर्मी ने एलओसी पार कर हमला किया या फिर अपने इलाके से फायरिंग की. हमला पैट्रोलिंग कर रहे जवानों पर किया गया. इसमें दो जवान बुरी तरह जख्मी हो गए. बाद में इलाज के दौरान दोनों की जान चली गई.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जितेंद्र सिंह और हंसराज अहीर नरेंद्र मोदी के ऑर्डर पर कश्मीर गए थे. राज्यपाल और मुख्यमंत्री से उन्होंने पूरी सिक्युरिटी को लेकर जानकारी ली. इसके बाद लोकल कमांडर्स के साथ मीटिंग की. इसमें सिक्युरिटी रिव्यू किया गया. इस मीटिंग में आर्मी कमांडर्स के अलावा, चीफ सेक्रेटरी, पुलिस चीफ यानी डीजीपी के अलावा सीआरपीएफ के डीजी भी मौजूद थे. बीएसएफ के आला अफसर भी मीटिंग का हिस्सा बने. इंटेलिजेंस एजेंसियों के अफसरों से भी बातचीत की गई.

होम मिनिस्ट्री ने बुधवार को एक स्टेटमेंट जारी किया. कहा- कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों पर दुर्भाग्यपूर्ण हमला हुआ. कुछ लोगों की मौत हुई और कुछ घायल हुए. इसके बाद पूरे सिक्युरिटी एस्टेबिलिशमेंट को हाईएस्ट अलर्ट पर रखा गया है. बता दें कि सोमवार रात हुए आतंकी हमले में 7 अमरनाथ यात्री मारे गए थे. 19 लोग घायल हुए थे. मारे गए लोगों में 6 महिलाएं थीं. सभी लोग गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले थे. घटना अनंतनाग जिले में हुई थी.

खेत में मजदूरी कर बालिका वधु को बनाया डॉक्टर

जयपुर। प्रतिभा को चमकने से कोई नहीं रोक सकता है यह बात एक बार फिर सही साबित हुई है. जयपुर के गांव करेरी की रहने वाली रूपा यादव ने संसाधनों की कमी के बावजूद वो कर दिखाया दिया जिसके लिए संपन्न लोग लाखों रुपये लेकर बैठे रहते हैं.

बता दें की छोटी सी उम्र में रूपा की शादी होने के बावजूद 12 साल बाद वह अब मेडिकल की पढ़ाई करने जा रही है. रूपा की शादी केवल 8 साल  की उम्र में कर दी गई थी उस समय उनके पति की की उम्र सिर्फ 12 साल थी . उस समय रुपा सिर्फ तीसरी कक्षा में पढती थी. इसके बाद 15 साल की उम्र में जब वो दसवीं के एग्जाम दे रहीं थी उस दौरान उनका गौना हुआ. दसवीं के परिणाम में रूपा ने 84 फीसदी अंक दर्ज किए.

आगे की पढ़ाई के लिए उनका दाखिला एक प्राइवेट स्कूल में करा दिया. वहीं इसी दौरान उनके एक चाचा की मौत इलाज के अभाव में हो गई जिसके बाद रूपा ने ठान ली डॉक्टर बनने की.

बेहद साधारण परिवार में जन्मी रुपा का पढ़ाई खर्चा पूरा करने के लिए पति ने खेत में काम किया. बाद में रुपा का दाखिला एक कोचिंग संस्थान में करा दिया. पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उनके पति ने टेम्पो तक चलाया. लेकिन जब कोचिंग को इस बारे में बताया गया तो कोचिंग ने 75 प्रतिशत फीस माफ कर दी. इस बार के सीपीएमटी के रिजल्ट में रुपा ने  603 अंक प्राप्त किए और उनकी नीट रैंक 2283 है.

जानकारी देते हुए कोचिंग संस्थान के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि रूपा और उसके परिवार के जज्बे की मेहनत औऱ जज्बे को सलाम करते हैं. रुपा को कोचिंग संस्थान की ओर से एमबीबीएस की पढ़ाई के चार साल तक संस्थान की ओर से मासिक छात्रवृत्ति दी जाएगी ताकी उन्हें डाक्टरी की पढ़ाई के लिए कोई दिक्कत न हो.

ISIS के खात्मे के लिए भारत ने फिलीपींस को दिए 5 लाख डॉलर

नई दिल्ली। भारत ने फिलीपींस को आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से लड़ाई के लिए 5 लाख डॉलर यानी तकरीबन 3.2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी है. ऐसा पहली बार है जब भारत ने किसी देश को आतंकी समूहों से सुरक्षा के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराई है. देश के दक्षिणी इलाके के मारावी शहर में लगभग 2 महीने से ज्यादा समय से आईएस ने कब्जा कर रखा है और सुरक्षाबल इसे मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

भारत की तरफ से यह सहायता विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और फिलीपींस के विदेश मंत्री अलन पीटर काएटानो के बीच 6 जुलाई को हुई बातचीत के बाद दी गई है. मनीला में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान में कहा गया, ‘मारावी सिटी में लोगों के मारे जाने पर सुषमा स्वराज ने शोक व्यक्त किया है.’

सूत्रों के मुताबिक फिलीपींस की सेना और IS समर्थित आतंकी समूहों के बीच 26/11 जैसा संघर्ष चल रहा है, जो बीचे 7 हफ्तों से जारी है. इस संघर्ष में अब तक 90 से ज्यादा जवान शहीद हो चुके हैं. लड़ाई में 380 आतंकवादी और दर्जनों आम नागरिक भी मारे जा चुके हैं. आतंकियों ने सैकड़ों लोगों को अभी भी बंधक बना रखा है.

इस संकट से निपटने के लिए आर्थिक मदद करने वालों में भारत अब सबसे बड़ा देश है. फिलीपींस का नए बेस्ट फ्रेंड चीन ने इस संकट की स्थिति में 2 करोड़ रुपये से भी कम की आर्थिक मदद दी है. फिलीपींस के राष्ट्रपति रॉड्रिगो डुटर्ट ने मिंदानाओ प्रांत में बीते 60 दिनों से मार्शल लॉ लागू किया हुआ है. उन्होंने अगले 15 दिनों में इस इलाके से आतंकवादियों का सफाया करने का दावा किया है.

जनसंख्या नियंत्रण की जागरूकता के लिए उल्टे पांव चल रहे हैं दंपती

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देहरादून. चाहे रोजगार की बात हो या उच्च जीवन स्तर की भारत में बढ़ती जनसंख्या के कारण दिक्कतें साफ देखी जा सकतीं है. 24 साल पहले जनसंख्या नियंत्रण की मुहिम छेड़ने वाले मेरठ निवासी तलवार दंपती दिनेश व दिशा अब तक 120 शहरों की पदयात्रा कर चुके हैं. बता दें की यह दंपति चार साल से उल्टे पांव चलकर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकारी नीतियों का विरोध कर रहा है. 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस पर दिनेश व दिशा मंगलवार को उत्तराखंड के देहरादून पहुंचे और जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को ज्ञापन भी दिया. ज्ञापन में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने सहित अन्य कई महत्वपूर्ण भी सुझाव दिए गए.

इसके बाद वह नगर निगम पहुंचे और लोगों को अपनी बुलंद आवाज में बढ़ती जनसंख्या से भविष्य में पैदा होने वाले खतरे के प्रति आगाह किया. उन्होंने सभी से जनसंख्या नियंत्रण में सहयोग करने की अपील की. तलवार दंपती ने सुरभि परिवार फाउंडेशन की स्थापना भी की है. दिनेश तलवार ने बताया कि 1994 में जनसंख्या नियंत्रण के लिए मुहिम की शुरुआत की थी. इस मुहिम में पत्नी दिशा के साथ ही दोनों बच्चे भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं.

अब तक वे देश के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों के 120 शहरों की पदयात्रा कर चुके हैं. उन्होंने कहा की देश की बढ़ती जनसंख्या गंभीर मुद्दा है. वर्तमान में देश की आबादी 133 करोड़ है. ऐसा ही रहा तो एक साल के अंदर हम जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ देंगे. सरकारें तमाम समस्याओं और योजनाओं पर अरबों खर्च कर रही है, लेकिन जनसंख्या नियंत्रण जैसे अभियान पर कुछ नहीं.

उन्होंने 2013 से उल्टा चलते हुए विरोध करना शुरू किया. दिशा तलवार ने बताया कि अभी तक हमने सरकार को पांच हजार ज्ञापन, 90 हजार पोस्टकार्ड और 80 से ज्यादा बार जंतर-मंतर पर उपवास कार्यक्रम किया और लगातार इस अभियान के साथ जुड़े हैं.