डेरा सच्चा सौदा के नई चीफ के लिए घमासान

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मीडिया से लेकर पंजाब और हरियाणा में ऐसी चर्चा है कि डेरा सच्चा सौदा की नई चीफ बाबा की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत इंसा होगी. हनीप्रीत बाबा की वही मुंहबोली बेटी है जिसके बाबा के साथ संबंध होने की बात कही जा रही है. हनीप्रीत वही लड़की है, जिसे गुरमीत राम रहीम के साथ सरकारी हेलिकॉप्टर पर देखा गया था.

हनीप्रीत का असली नाम प्रियंका तनेजा है. फेसबुक पर हनीप्रीत खुद को पेशे से समाज सेविका, डायरेक्टर, एडिटर और एक्ट्रेस, पापा की परी बेटी लिखती हैं. असल में हनीप्रीत हमेशा से सुर्खियों में रही है. युवाओं को डेरा से जोड़ने में हनीप्रीत की प्रमुख भूमिका रही है. हनीप्रीत के डेरा सच्चा सौदा में कद को इस बात से समझा जा सकता है कि वह युवाओं को संगठन की ओर लाने का काम करती हैं. ट्विटर पर उसके दस लाख जबकि फ़ेसबुक पर लगभग पांच लाख लोग उन्हें लाइक और फॉलो करते हैं.

गुरमीत सिंह ने हिसार के नजदीक फतेहाबाद की रहने वाली प्रियंका तनेजा की शादी साल 1999 में विश्वास गुप्ता से करवाई थी. उसके पति विकास भी डेरा के ही अनुयाई थे. इस शादी के साथ ही उनका नाम हनीप्रीत हो गया. साल 2009 में राम रहीम ने हनीप्रीत को गोद लिया और विश्वास को अपने दामाद के तौर पर अपनाया.

हालांकि यह शादी ज्यादा दिन नहीं चल सकी. हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता के मुताबिक उसने अपनी पत्नी और बाबा की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को बाबा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, जिसके बाद यह रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चल सका और हनीप्रीत डेरे में ही बाबा के साथ रहने लगी. इसके बाद ही हनीप्रीत का डेरे में प्रभाव बढ़ता चला गया. हनीप्रीत हमेशा बाबा के साथ हर काम में देखी जाती है. चाहे बात फिल्मों की हो या फिर अन्य किसी कार्यक्रम की. बाबा की तरह उसका भी फिल्मों में जबरदस्त रुझान है. हनीप्रीत राम रहीम की फिल्मों ‘एमएसजी2: द मेसेंजर’, ‘एमएसजी: द वॉरियर लायन हार्ट’, ‘हिंद का नापाक को जवाब: एमएसजी लायन 2 हार्ट’ और ‘जट्टू इंजीनियर’ में काम कर चुकी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, अपनी एक्टिंग से वह एक रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं. उन्होंने ‘हिंद का नापाक को जवाब’ में एक्टिंग की थी. इस फिल्म में हनीप्रीत ने 21 भूमिकाएं निभाकर हॉलीवुड एक्टर जैकी चैन का रिकॉर्ड तोड़ा था. पूरे हरियाणा और पंजाब सहित मीडिया में भी अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि गुरमीत राम रहीम के बाद उसके अरबों रुपए के साम्राज्य को खुद को पापा की परी कहने वाली हनीप्रीत संभालेगी. लेकिन क्या यह इतना आसान है? क्या राम रहीम अपने बेटे को किनारे कर हनीप्रीत को अपना उत्तराधिकारी घोषित करेंगे? आइए सबसे पहले जानते हैं डेरे की संपत्ति के बारे में जिसके लिए राम रहीम के घर में संग्राम होने की गुंजाइश बन गई है. डेरे के पास अरबों रुपये की प्रॉपटी है. इसमें – 700 एकड़ खेत, 250 आश्रम, आईबैंक से लेकर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक शामिल है. डेरे के एक दिन की कमाई 16 लाख रु. है. – डेरे के पास सिरसा में लगभग 700 एकड़ खेती की जमीन है. – डेरा तीन अस्पताल और एक इंटरनेशनल आई बैंक भी चलाता है. – इसके साथ ही गैस स्टेशन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स – दुनिया में करीब 250 आश्रम और करोड़ों समर्थक होने का दावा. – 2010-11 में डेरा की कुल वार्षिक इनकम 16 करोड़ रुपए थी. 2011-12 में बढ़कर यह 20 करोड़ रुपए हो गई. 2012-13 में कुल आमदनी 29 करोड़ रुपए थी. डेरा सच्चा सौदा और इससे संबंधित अन्य संगठनों को इनकम टैक्स कानून 1961 की धारा 10(23) के तहत टैक्स से छूट मिली हुई है. सवाल है कि क्या राम रहीम अपने बच्चों को छोड़कर मुंहबोली कही जाने वाली बेटी को कमान देंगे और क्या राम रहीम के बच्चे उन्हें ऐसा करने देंगे.

आईए आपको राम रहीम के परिवार से मिलवाते हैं. गुरमीत राम रहीम के तीन बच्चे हैं. हालांकि मीडिया और ग्लैमर की दुनिया में जितनी चर्चित मुंहबोली बेटी है, उतना राम रहीम के अपने बच्चे नहीं हैं. अपने बच्चों को राम रहीम हमेशा मीडिया और ग्लैमर की दुनिया से हमेशा दूर रखता था.

राम रहीम की बड़ी बेटी चरणप्रीत इंसां और छोटी बेटी अमनप्रीत इंसां है. दोनों की शादी भी हो चुकी है. ये दोनों बेटियां शादी के बाद भी लगातार पिता से जुड़ी हुई हैं और डेरे को लेकर उनकी दिलचस्पी जग जाहिर है. बड़ी बेटी चरणजीत इंसा के पति डॉ. शान-ए-मीत और छोटी बेटी अमनप्रीत के पति रूह-ए-मीत लंबे समय से डेरे से जुड़े रहे हैं. माना जाता है कि डेरे से जुड़े फैसलों में उन दोनों की भी भूमिका रहती है. अपनी पत्नियों के जरिए ये दोनों भी डेरे पर कब्जा लेने की पूरी कोशिश कर सकते हैं.

गुरमीत का एक बेटा जसप्रीत इंसा है. बेटे की शादी बठिंडा के पूर्व एमएलए हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी हुस्नमीत से हुई है. जसप्रीत ही डेरा सच्चा सौदा को संभालता है. डेरे से जुड़े सारे बिजनेस जसप्रीत ही देखता है. जसप्रीत काफी पावरफुल माना जाता है. जसप्रीत के ससुर नेता हैं जो जाहिर है कि वह अपने दामाद को प्रमुख बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे.

अपनी इस बेटी से भी थे बाबा के संबंध…

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तकरीबन दो दर्जन लड़कियों को अपने झांसे में लेकर उनका शारिरीक शोषण करने वाले बाबा राम रहीम के अपनी बेटी से भी शारिरीक संबंध थे. यह आरोप राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत इंसा के पति विश्वास गुप्ता का है. विश्वास गुप्ता की मानें तो बाबा के अपनी मुंहबोली बेटी के साथ अवैध संबंध थे. विश्वास गुप्ता का यह भी आरोप है कि राम रहीम के उसकी पत्नी हनीप्रीत इंसा के साथ शादी के पहले से ही संबंध थे इसिलिए उन्होंने सबके सामने उसे अपनी मुंहबोली बेटी बनाकर रखा था.

विश्वास गुप्ता ने ये आरोप इंडिया टीवी को दिये एक इंटरव्यू में लगाया था, जिसे बाद में जनसत्ता अखबार में भी प्रकाशित किया गया है.

हनीप्रीत के चर्चा में आने के बाद चैनल को दिये गए अपने बयान में हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता ने कहा था-

“एक रात जब मैं डेरे में बाबा की गुफा की तरफ गया तो बाबा के कमरे का दरवाजा गलती से खुला रह गया था. जब मैंने अंदर झांका तो देखा कि बाबा मेरी पत्नी और अपनी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के साथ आपत्तिजनक अवस्था में थे. अगर बाबा गुरमीत राम रहीम मेरी पत्नी हनीप्रीत को बेटी मानते हैं तो फिर मुझे दूर क्यों रखते हैं. जब होटलों में बाबा जाते हैं तो मुझे बगल वाले कमरे में भेज दिया जाता था, जबकि मेरी पत्नी रात में बाबा के साथ रहती थी. बाबा मुंहबोली बेटी को दामाद के साथ रहने से क्यों रोकते हैं?”

हनीप्रीत इंसान के पति विश्वास गुप्ता ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर उनकी पत्नी को दूर रखने का आरोप लगाया था. इसके बाद हनीप्रीत सिंह ने विश्वास गुप्ता के ख़िलाफ़ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था. इसके बाद से हनीप्रीत डेरा मुख्यालय में ही रह रही हैं.a

वो 6 लोग जिनकी वजह से सलाखों के पीछे पहुंचा गुरमीत राम रहीम

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बलात्कारी बाबा राम रहीम को जेल के पीछे पहुंचाना इतना आसान नहीं था. लगभग आधे दर्जन लोग तमाम दबावों के बीच डेढ़ दशक तक बाबा के खिलाफ डटे रहे, तब जाकर अध्यात्म और भगवान के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने वाले गुरमीत राम रहीम को इस मामले में दोषी ठहराया जा सका. हालांकि बाबा को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में कई लोगों का योगदान रहा है. जान जोख़िम में डालकर अपने साथ हुए अन्याय की लड़ाई लड़ने वाली दो साध्वियों से लेकर सीबीआई के जांच अधिकारियों तक ने इस मामले में बेहद बड़ा ख़तरा मोल लिया. आइये जानते हैं उन लोगों के बारे में जिनकी वजह से राम रहीम को सजा हुई. 1 – वो दो साध्वियां जिन्होंने अपनी परवाह नहीं की इस मामले में दो साध्वियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जुलाई 2002 एक गुमनाम पत्र लिखा. इस पत्र में उन्होंने अपने साथ हुए अन्याय का जिक्र किया. बाबा राम रहीम पर बलात्कार का जो आरोप साबित हुआ है, उसकी शुरुआत 2002 से हुई. 2002 में ही यह बात सामने आई थी कि बाबा गुरमीत राम रहीम ने दो साध्वियों के साथ बलात्कार किया था. इन दोनों साध्वियों ने करीब 15 साल तक लड़ाई लड़ी और आखिरकार अब सीबीआई कोर्ट ने बाबा राम रहीम को दोषी करार दिया है. 2 – पत्रकार रामचंद्र छत्रपति साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने ही अपने अखबार के जरिए दो साध्वियों से रेप होने की घटना को उजागर किया था. रामचंद्र के ही अखबार पूरा सच में पहली बार साध्वी की उस चिट्ठी को छापा गया था. आपको बता दें कि चिट्ठी छापने के कुछ समय बाद ही उनकी हत्या कर दी गई और रामचंद्र की हत्या का आरोप भी बाबा गुरमीत राम रहीम पर है. रामचंद्र छत्रपति की 24 अक्टूबर 2002 में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 3 – जांच अधिकारी सतीश डागर और मुलिंजो नारायनन सीबीआई बीते कई सालों से गुरमीत राम रहीम के ख़िलाफ़ जांच कर रही थी. इस दौरान सीबीआई पर कई बार उच्चाधिकारियों से लेकर राजनीतिक स्तर पर दबाव बनाए गए. लेकिन सीबीआई के जांच अधिकारी सतीश डागर और मुलिंजो नारायनन ने किसी दवाब की परवाह किए बिना इस मामले में जांच जारी रखी. राम चंदेर के बेटे अंशुल ने बताया कि अगर सीबीआई के डीएसपी सतीश डागर नहीं होते तो शायद कभी भी इंसाफ नहीं मिल पाता. वह सतीश डागर ही थे, जिन्होंने साध्वियों को समझाया और अपनी लड़ाई लड़ने के लिए उन्हें प्रेरित किया. 4 – सीबीआई जज जगदीप सिंह अपने ईमानदार स्वभाव और सख़्त मिज़ाज के लिए चर्चित सीबीआई जज जगदीप सिंह ने इस हाई प्रोफ़ाइल मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराया है. जगदीप सिंह ने ही रोहतक की जेल में गुरमीत राम रहीम सिंह को सज़ा सुनाई. जगदीप सिंह को पिछले साल ही सीबीआई स्पेशल जज के लिए चुना गया था, जो कि एक न्यायिक ऑफिसर के रूप में दूसरी पोस्ट है.

लोगों के नाक के नीचे बढ़ती रहीं पेट्रोल की कीमतें

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देश में पेट्रोल की कीमत में जुलाई से लेकर अबतक 6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया जा चुका है. बीते 60 दिनों के दौरान प्रतिदिन बढ़ती-घटती कीमतों के नए नियम से पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 2014 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है.

वहीं डीजल की कीमतों पर लागू इस नए नियम के चलते इस दौरान धीरे-धीरे कर कीमतें 3.67 रुपये बढ़ चुकी है. डीजल की ये कीमतें बीते चार महीनों के दौरान शीर्ष स्तर पर हैं.15 जून तक सरकारी तेल कंपनियां महीने में दो बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों का आंकलन करते हुए कीमतों में कटौती अथवा इजाफा करती थीं. लेकिन जुलाई से पेट्रोल-डीजल की कीमतों का आंकलन प्रतिदिन किया जाने लगा. इसके असर से बीते जुलाई से अभीतक पेट्रोल की कीमतों में 6 रुपये और डीजल की कीमत में 3.67 रुपये का इजाफा हो चुका है.

16 जून को दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत 54.49 रुपये थी जो कि 2 जुलाई को गिरकर 53.36 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 69.04 रुपये है. वहीं अगस्त 2014 में पेट्रोल की कीमत 70.33 रुपये थी. 16 जून 2017 को पेट्रोल की कीमत 65.48 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं 2 जुलाई को यह कीमत गिरकर 63.06 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई.

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को सरकार के कंट्रोल से 1 अप्रैल 2002 को मुक्त कर बाजार के हवाले कर दिया गया था. इसके बाद से ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में प्रति 15 दिनों में बदलाव किया जाने लगा.

अब इस अस्पताल में एक महीने में मरे 60 बच्चें

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जमशेदपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई के कारण हुई 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद अब झारखंड में भी ऐसे हालात बन गए हैं. लापरवाही के कारण झारखंड के एक सरकारी अस्पताल में कई नवजात दम तोड़ चुके हैं. यह मामला जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल का है. यहां पर 30 दिनों में 60 नवजात बच्चों की मौत हो चुकी है.

एमजीएम अस्पताल में पिछले चार माह में 164 बच्चों की मौत हुई हैं. इनमें से 60 बच्चों की मौत पिछले 30 दिनों में हुई है. बच्चों की मौत का कारण कुपोषण बताया जा रहा है. एक जांच रिपोर्ट के अनुसार 16 बच्चों की मौत अंडरवेट के कारण हुई. सामान्य तौर पर नवजात का वजन जन्म के दौरान 2.5 किलो तक ठीक माना जाता है. हालांकि मरने वालों में 9 सौ ग्राम से लेकर 1.5 किलोग्राम के बच्चे थे.

अस्पताल के सुप्रींटेंडेंट का कहना है कि इन मौत के पीछे का कारण कुपोषण है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस इलाके में बड़े सरकारी अस्पतालों की कमी होने की वजह से एमजीएम अस्तपताल में झारखंड के अलावा ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल से भी मरीज आते हैं. साथ ही यह बात किसी से छिपी नहीं है कि यह इलाका कुपोषण बेल्ट है. इस वजह से मौतों का आंकड़ा इतना ज्यादा है.

वहीं बिना संसाधन बढ़ाए, अस्पताल में प्रसव करवाने की सरकारी योजना की वजह से भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं. एमजीएम अस्तपताल के अध‍ीक्षक डॉ. विभीषण ने बताया कि बच्चों की मौत अंडरवेट और प्रीमैचयोर डिलीवरी की वजह से हुई है. अस्पताल प्रशासन अपनी तरफ से बच्चों को बचाने की काफी कोश‍िश कर रहा है. हालांकि 900 ग्राम जैसे कम वजन के बच्चो की सर्वाइवल रेट कम होने की वजह से इतने मामले बढ़े हैं. वहीं मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से मौतों की संख्या में इजाफा हुआ है.

बलात्कारी बाबा को मिली 20 साल की सजा, सिरसा में हुई आगजनी

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रोहतक। दो रेप के मामले में दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा सुना दी गई है. सीबीआई कोर्ट में जज जगदीप सिंह ने फैसला सुनाया. सुनवाई के दौरान राम रहीम कोर्ट में माफी मांग रहा था. माफी मांगते-मांगते रो रहा था. यह पहली बार हुआ जब हरियाणा के किसी जेल परिसर में अदालत लगाकर सजा सुनाई गई. सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल में दोपहर बाद 2.30 बजे विशेष कोर्ट में सुनवाई चल रही थी.

राम रहीम के वकील ने जज से समाज सेवा का हवाला देकर सजा कम करने की मांग की लेकिन जज ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट में सजा मिलने से पहले ही राम रहीम के समर्थको हिंसा शुरू कर दी. समर्थकों ने सिरसा में दो वाहनों में आग लगा दी. हालांकि हरियाणा और पंजाब में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

सैकड़ों डेरा समर्थकों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है. सेना, अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के जवानों तैनात किया गया है. रोहतक, सिरसा सहित कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. मोबाइल इंटरनेट सेवाए ठप्प कर दी गई हैं. रोहतक को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की तीन धाराओं 376 (दुष्कर्म), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़) के तहत दोषी ठहराया है. वहीं, फैसले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई अलर्ट पर हैं. पंचकूला में हुई आगजनी से सबक लेते सरकार ने रोहतक जेल के बाहर पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है. पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर ही तुरंत एक्शन लेने व उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. हेलीकॉप्टर व ड्रोन से नजर रखी जाएगी. अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियां तैनात की गई हैं. सेना स्टैंड बाई पर रहेगी.

भारत की बेटी ने गाड़े ब्रिटेन में झंडे

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लैंड एंड। ब्रिटेन में रह रही भारतीय मूल की एक लॉयर, एक दिन में लैंड एंड से जॉन ओग्रेट्स तक अकेले ड्राइव करने वाली पहली महिला बन गई हैं.

44 वर्षीय भारुलता काम्बले के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं. निडरता, दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों ने भारुलता को भारतीय मूल की पहली महिला बनाया, जिन्होंने सिर्फ एक दिन में ब्रिटेन के एक छोर से दूसरे छोर तक का सफर सफलतापूर्वक पूरा किया. वह जहां कहीं भी जाती हैं भारत के तिरंगे को फहराती हैं. उनके देश-प्रेम को दर्शाने के इस अंदाज को कई लोगों ने सराहा है.

लिंग के आधार पर गर्भपात को खत्म करने के अभियान की जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने पिछले हफ्ते ग्रेट ब्रिटेन के दो हिस्सों के बीच 874 मील की दूरी सिर्फ 14 घंटे और 33 मिनट में तय की. भारुलता का मानना ​​है कि असमानता का मुद्दा उस समय तक खत्म नहीं होगा जब तक कि महिलाओं को स्वयं पर विश्वास नहीं हो. लड़कियों को शिक्षा प्रदान करना पर्याप्त नहीं है; उन्हें सिर्फ एक समान कहना काफी नहीं है. निर्णय लेने के अवसरों पर भी उनका पूरा योगदान लिया जाना चाहिए. हर लड़की को जीवन और शिक्षा का अधिकार होना चाहिए. एक लड़की की उत्पत्ति अगली पीढ़ी की मां की उत्पत्ति होती है.

भारूलता ने अपने इस मिशन के बाद आगे आने वाली और भी बड़ी चुनौतियों के बारे में बात की. भारुलता ने उन सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी मदद की. विशेष रूप से श्रीमती विभेद मेहंदीरत्ता का जिन्होंने भारुलाता के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा में एक भाषण देकर उन्हे प्रोत्साहित किया. इसके अलावा अनीताबेन रुपेलिया ने भारुलता की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. भारुलता ने सभी गणमान्य व्यक्तियों, शुभचिंतक और कई समर्थकों के लिए आभार प्रकट किया, जिन्होंने झंडा फहराने में उनको समर्थन दिया.

दिल्ली के बवाना उपचुनाव में AAP ने दी भाजपा को 24 हजार वोटों से मात

नई दिल्ली। 23 अगस्त को दिल्ली के बवाना में हुए मतदान का आज रिजल्ट आ गया. आम आदमी पार्टी ने यहां 24 हजार मतों से चुनाव जीत लिया है. वहीं भाजपा दूसरे नंबर पर तो कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही.

शुरुआती चरण में कांग्रेस ने पहले नंबर पर बढ़त बनाए रखी तो भाजपा दूसरे और आप तीसरे नंबर पर रही. लेकिन कुछ चरणों के बाद आप ने जबरदस्त वापसी की और नंबर वन पर बनी रही. इसके बाद बीजेपी की स्थिति में भी बेहतरी दिखी और वह दूसरे नंबर पर आ गई. इन सब के बीच शुरुआती चरणों में कांग्रेस के लिए उम्मीद की एक किरण जगी थी लेकिन चंद चरणों के बाद कांग्रेस पिछड़ी और फिर वापसी नहीं कर पाई.

आखिरकार नतीजे आने पर आम आदमी पार्टी पहले नंबर पर , भाजपा दूसरे नंबर पर और कांग्रेस तीसरे नंबर की पार्टी बनकर पिछड़ गई. ये सीट आम पार्टी के विधायक रहे वेदप्रकाश के बीजेपी में चले जाने के बाद खाली हुई. भाजपा की ओर से वेदप्रकाश ही उम्मीदवार हैं.

दिल्ली के बवाना सीट आप उम्मीदवार की जीत पर आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए अग्रिम बधाई दी है. बवाना सीट पर वोटों की गिनती में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार की बढ़त देखने के बाद ही कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, ‘बवाना में जीत की बधाई अरविंद केजरीवाल, मेरे प्रयासों में कमी रही आपके घोटालों को घर घर तक नहीं पहुंचा पाया, भ्रष्टाचार से जंग जारी रहेगी.’

न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है महादलित छात्र!

अरवल। सुशासन बाबू के राज में दलितों पर अत्याचार कम नहीं हो रहा है. बिहार में आए दिन दलितों से भेदभाव किया जा रहा है, उन्हें मारा-पीटा जा रहा है और जातिसूचक गालियां दी जा रही है. शिकायत करने पर न तो पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है और न ही प्रशासन दलितों की मदद कर रहा है. सब सिर्फ जातिवादी गुंडों का साथ दे रहे हैं.

ऐसी ही एक घटना बिहार के अरवल जिले से आई है. कुर्था थाने के अंतर्गत आने वाले चमंडी गांव के पैक्स अध्यक्ष एवं सदस्य (तेल-राशन बांटने वाला डीलर) रंजीत कुमार ने महादलित छात्र अजय कुमार को शिकायत सभा में जिलापदाधिकारी के सामने पीटा और जातिसूचक गालियां दी.

पीड़ित छात्र अजय कुमार थाने में शिकायत करने गया तो कुर्था थानाध्यक्ष ने पहले तो शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया. बार-बार थाने के चक्कर काटने और पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद उसकी शिकायत दर्ज की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अजय ने फिर एससी/एसटी थाना में शिकायत की लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है. आरोपी खुले आम गांव में घूम रहा है और पीड़ित छात्र के साथ-साथ उसके परिवार वालों पर भी केस वापस लेने का दबाव बना रहा है. परिवार के लोग भी जब उसका विरोध करते हैं तो वह उनको भी जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी देता है.

पीड़ित छात्र अजय ने बताया, “14 मई 2017 को गांव में जिलापदाधिकारी गांव के लोगों की समस्या सुनने आए हुए थे. मैंने जब जिलापदाधिकारी से गांव अपनी समस्या बताई तो पैक्स अध्यक्ष मुझे चुप कराने की कोशिश करने लगे. मैंने फिर भी गांव में मिलने वाले राशन की समस्या के बारे में बताया. जिलाधिकारी ने तो कहा कि हम जांच कर बीपीएल और एपीएल कार्ड का निर्धारण करेंगे. लेकिन पैक्स अध्यक्ष ने उन्हें जांच करने से मना कर दिया और कहा कि यहां सब एपीएल कार्डधारक है. सब अच्छा कमाते हैं, सबके बड़े घर हैं. लेकिन मैंने रंजीत कुमार की बातों का विरोध किया. जिसके बाद उसने मुझे मारना-पीटना शुरू कर दिया. और जाति सूचक गालियां भी दी. रास्ते में मेरे पिताजी को भी जातिसूचक गालियां और उनसे कहा कि अपने लड़कों को समझा लो. नेता बन रहा है.”

अजय ने पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर अरवल जिला के पुलिस अधिक्षक, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के राज्यपाल, पुलिस महानिरिक्षक अपराध अनुसंधान (कमजोर वर्ग) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को शिकायत पत्र लिखा है.

लालू सहित 18 दलों का भाजपा के खिलाफ जंग का ऐलान

पटना। राष्ट्रीय जनता दल और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा 27 अगस्त को बुलाई गई “भाजपा भगाओ-देश बचाओ रैली” में 18 दलों ने भाजपा के खिलाफ जंग का ऐलान किया. बिहार के 20 जिलों में बाढ़ के बावजूद पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आधा से ज्यादा भरा रहा. तकरीबन 7 लाख की क्षमता वाले गांधी मैदान में लाखों समर्थकों के पहुंचने से लालू यादव और विपक्षी दल गदगद दिखे.

लालू के साथ मंच साझा करने वालों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद और सी.पी जोशी, जदयू के विद्रोही धड़े से शरद यादव, अली अनवर और रमई राम, सीपीआई से डी. राजा, झारखंड विकास मोर्चा के बाबू लाल मरांडी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन और राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी शामिल प्रमुख नाम थे.

इस दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी का रिकार्डेड मैसेज भी सुनाया गया. हालांकि विपक्ष के दो बड़े दलों मायावती की बहुजन समाज पार्टी और शरद पंवार की एनसीपी ने रैली से दूरी बनाए रखी. लालू यादव के साथ मंच पर राबड़ी देवी सहित उनके दोनों बेटे तेजस्वी और तेजपाल यादव और बेटी मीसा भारती मौजूद रहें. लालू यादव के दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर खुल कर हमला बोला. तेजस्वी यादव ने अपने छोटे भाई और पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को नीतीश कुमार के खिलाफ लड़ाई का अस्त्र कहा तो तेजस्वी यादव ने मौजूद लोगों से आने वाले लोकसभा चुनाव में 2014 की गलती सुधारने की अपील की. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के खिलाफ खुले जंग का ऐलान किया. ममता बनर्जी ने कहा कि उनका विश्वास हमेशा से लालू यादव पर रहा है और वह इस रैली में उनका संबल बढ़ाने के लिए आई हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के खिलाफ गठबंधन बढ़ता जा रहा है और इसे और बढ़ाने की जरूरत है. शरद यादव ने नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन को धोखा दिए जाने की बात कही तो लालू यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह नीतीश कुमार की आखिरी पलटी है. विपक्ष की इस एकजुटता भविष्य में भाजपा के लिए नई चुनौती पेश कर सकती है और 2019 लोकसभा चुनाव में उसके 350+ का टारगेट मुंह के बल गिर सकता है.

पटना से मोहित और सुशील कुमार की रिपोर्ट

राम रहीम को आज सुनाई जाएगी सजा, उपद्रव किया तो चलेगी गोली

रोहतक। रेप के मामले में दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आज सजा सुनाई जाएगी. मोर्चा संभाले जवानों को संदिग्ध गतिविधि पर असामाजिक तत्वों को गोली मारने के निर्देश दिए गए हैं. सुबह से ही पूरा रोहतक और सिरसा सेना की निगरानी में रहेगा. राम रहीम को 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया था. सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल में दोपहर बाद 2.30 बजे विशेष कोर्ट लगाई जाएगी.

यह पहली बार होगा जब हरियाणा के किसी जेल परिसर में अदालत लगाकर सजा सुनाई जाएगी. राम रहीम को न्यूनतम सात साल व अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है. 15 साल पुराने इस मामले में सब्र और हिंसा के बाद पीडि़त साध्वियों को न्याय मिलेगा.

सीबीआइ कोर्ट ने राम रहीम को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की तीन धाराओं 376 (दुष्कर्म), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़) के तहत दोषी ठहराया है. वहीं, फैसले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई अलर्ट पर हैं. पंचकूला में हुई आगजनी से सबक लेते सरकार ने रोहतक जेल के बाहर पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है. पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर ही तुरंत एक्शन लेने व उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. हेलीकॉप्टर व ड्रोन से नजर रखी जाएगी. अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियां तैनात की गई हैं. सेना स्टैंड बाई पर रहेगी.

मायावती ने की खट्टर सरकार की बर्खास्तगी की मांग

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने राम रहीम के दोषी करार होने के बाद हुई हिंसा पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने खट्टर सरकार पर भी हमला किया. उन्होंने हरियाणा में भड़की हिंसा का जिम्मेदार खट्टर सरकार को माना और मनोहर लाल खट्टर की बर्खास्तगी की मांग की है.

मायावती ने कहा कि हरियाणा सरकार की लापरवाही और लिप्तता के कारण पंचकूला, सिरसा सहित अन्य राज्यों में हिंसा भड़की. हरियाणा सरकार के इस शर्मनाक प्रदर्शन की जितनी निंदा की जाए कम है.,

मायावती ने 30 लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे हरियाणा में जो हिंसा हुई उसके लिए भाजपा की वोट बैंक राजनीति और मनोहर लाल खट्टर की लापरवाही है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के सख्त व स्पष्ट निर्देश के बावजूद कानून व संविधान की जिम्मेंदारी निभाने में विफल रहने वाली ऐसी सरकार को तुरन्त बर्खास्त कर देना चाहिये. लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र सरकार के साथ-साथ भाजपा के शीर्ष नेता भी इस प्रकार के गंभीर मामले में गैर-जवाबदेह और लापरवाह बने हुए है.

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस तरह की हिंसा पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले 6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में भी भाजपा ने संविधान की धज्जियां उड़ाई थी. कानून, कोर्ट और संविधान को भाजपा की वोट बैंक की राजनीति को इजाजत नहीं देनी चाहिए. जनहित और देशहित को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए.

बामसेफ करेगा ‘भारत निर्माण में बहुजन आंदोलन का योगदान’ पर सम्मेलन

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नई दिल्ली। बामसेफ (पे बैक टू सोसाइटी) 10 सितंबर 2017 तो एक सम्मेलन का आयोजन करेगा. यह सम्मेलन ‘भारत निर्माण में बहुजन आंदोलन का योगदान’ के नाम से हो रहा है. यह सम्मेलन दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब के मावंलकर हॉल में दोपहर 2.30 से 6.00 बजे शाम तक चलेगा.

बामसेफ (पे बैक टू सोसाइटी) के इस सम्मेलन में डॉक्टर्स, वरिष्ठ नौकरशाह, प्रख्यात व्यक्ति और सामाजिक कार्यकर्ता आदि शामिल होंगे. कुल मिलाकर सम्मेलन में ऐसे 650 लोग आएंगे और बाबासाहेब की विचारधारा को मजबूत बनाएंगे.

कार्यक्रम में दलित चिंतक और जेएनयू के प्रोफेसर विवेक कुमार और डॉ. धर्मवीर अशोक मुख्य अतिथि होंगे और सभा को संबंधित करेंगे.

कार्यक्रम स्थलः मावलंकर हॉल, कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब, रफी मार्ग, दिल्ली कार्यक्रम का दिनांकः 10 सितंबर 2017 (रविवार), समयः दोपहर 2.30 से शाम 6.00 बजे तक

400 बच्चों की जान बचाने के लिए 10 किलो बम लेकर 1KM तक भागा पुलिसवाला

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भोपाल। एक पुलिसवाले ने अपनी जान की बाजी लगाकर 400 स्कूली बच्चों की जान बचाई. हेड कांस्टेबल अभिषेक पटेल अपने हाथों में करीब 10 किलो का बम उठाकर बच्चों से दूर ले गए. अभिषेक बम को बच्चों से करीब 1 किमी. दूर लेकर भागे.

एक अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट के अनुसार यह मामला मध्यप्रदेश का है. अभिषेक ने बताया कि मेरा लक्ष्य सभी बच्चों को सुरक्षित करना था. बम ले जाते समय थोड़ा डर भी लगा लेकिन फिर भी मन में एक खुशी थी कि अगर मुझे कुछ होता है तो मैं इतने लोगों की जान बचा लूंगा.

अभिषेक ने बताया कि सूचना मिलते ही वह 10 मिनट बाद ही मौके पर पहुंच गए और स्कूल को खाली कराया. लेकिन जैसे ही बम की सूचना इलाके के लोगों को लगी तो वह भी आस-पास इकट्टठे हो गई. उन्होंने कहा कि मैं बम को रिहायशी इलाके से लेकर दूर भागा. बम को हाथ में लेकर भागते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है.

आपको बता दें कि भोपाल के एक स्कूल में शुक्रवार को बम की खबर आई थी. जिसके बाद 100 नंबर पर शिकायत की गई. जब वहां पर पुलिस आई तो उन्होंने बम देखा और स्कूल को खाली करने को कहा. सभी बच्चों को स्कूल से बाहर जाने को कहा. स्कूल के एक छात्र ने बताया कि जैसे ही स्कूल में बम की खबर आई, टीचर्स ने बच्चों की छुट्टी कर दी. हालांकि बाद में हालात को काबू में पा लिया गया.

जातिवादियों ने दलित किशोर की हत्या कर नहर के पास शव फेंका

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भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. घटना भोजपुर जिले के धनगाई थाना क्षेत्र के दीघा गांव की है. जहां एक 14 वर्षीय किशोर को मजाक और चिढ़ाने को लेकर लात-घूसे से जातिवादी किशोरों ने पिटाई कर हत्या कर दी. दलित किशोर युवक का शव गांव के नहर के पास पड़ा मिला.

जानकारी के मुताबिक यह घटना शुक्रवार (25 अगस्त) की है. मृत किशोर का नाम रोहित कुमार था और वह गांव के गणेश गोंड का बेटा है. हत्या के पीछे मजाक और चिढ़ाने की बात सामने आ रही है.

दलित किशोर का शव मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा पूरी तरह भड़क उठा. ग्रामीणों ने आपस में सलाह मशविरा कर युवक के शव के साथ जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बिहिया-जगदीशपुर मार्ग को जाम कर दिया. ग्रामीण के साथ किशोर के परिजन दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. बाद में सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बूझाकर जाम हटवाया. बाद में पुलिस के प्रयास से युवक के शव का पोस्टमार्टम हो सका.

रोहित नजदीक के चकवा गांव के उत्क्रमित मिडिल स्कूल में 7 वीं कक्षा में पढ़ता था. वह पढ़ने में काफी तेज था. परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं. मृत दलित किशोर के चाचा सनोज कुमार ने गांव के सवर्णों श्रीभगवान यादव के बेटे समरेश कुमार और अमरेश कुमार, रामजी यादव के पुत्र रजनीश कुमार, शिवबचन सिंह के पुत्र विजय कुमार और रामजी सिंह पर प्राथमिकी दर्ज कराई है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हैं. जानकारी के मुताबिक गांव के ही उच्च जाति के लोगों की ने दलित किशोर की हत्या की है. वे लोग गांव के दलितों को जानवर से भी गया गुजरा समझते हैं. रोहित का परिवार भी इसी जातिवादी मानसिकता से काफी परेशान था. घटना के बाद गांव के दलितों में दहशत है. हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच करने की बात कह रही है.

ग्रामीणों ने बताया कि रोहित जिन लड़कों के साथ रोजाना खेलता था, उन्हीं लड़कों ने उसे मार डाला है. बताया जा रहा है कि सवर्णों के लड़के रोहित को रोज चिढ़ाते थे. जिससे वह गुस्से में आकर गांव के रसूखदारों के बच्चों से उलझ गया. गुरुवार को रोहित ने चिढ़ाने वाले लड़कों को जवाब दे दिया, उसके बाद वह गुस्से में आ गये और शुक्रवार को जैसे ही वह शौच करने निकला, उनलोगों ने उसे पीटकर मार डाला.