अधर्म पर संविधान की जीत

गुरमीत राम रहीम को मिली सजा असल में अधर्म पर संविधान की जीत है. क्योंकि अगर देश में संविधान का राज नहीं होता तो अरबों की संपत्ति के मालिक और राजनीतिक रसूख वाला राम रहीम जेल की सलाखों के पीछे नहीं गया होगा. मैं तो यही सोच रहा हूं कि जब देश का संविधान नहीं बना था और यह देश मनुस्मृति के हिसाब से चलता था तो यहां क्या होता होगा?

फिर देश की गरीब और बहुसंख्यक आबादी को ‘भगवान के भक्त’ और ‘भगवान के दूत’ किस तरह कुचलते होंगे. केरल का इतिहास आपके सामने है. वहां की निम्न वर्ग की महिलाओं को शरीर का ऊपरी भाग ढकने का अधिकार नहीं था. आप सोचिए कि किसी औरत के लिए यह कितने शर्मिंदगी की बात रहती होगी. दक्षिण में देवदासी प्रथा की प्रथा की आहट गाहे-बिगाहे अब भी सुनाई देती रहती है. लेकिन बाबासाहेब के बनाए संविधान ने और आईपीसी बनाने वाले लार्ड मैकाले की दखल होने के बाद इन कुप्रथाओं पर काफी हद तक रोक लगी है.

हालांकि घोड़ी पर नहीं चढ़ने देना, मंदिर में नहीं घुसने देना, चारपाई पर बैठने पर मारपीट करने जैसी घटनाएं ढलते मनुवाद की ही निशानी है. लेकिन देश का कानून और संविधान अब वंचित तबके को संबल देने लगा है. संविधान और कानून की बदौलत ही गरीब से गरीब आदमी किसी भी ताकतवर इंसान से टकरा जाने की हिम्मत रखता है. जैसा की राम रहीम के विरोध में दो साध्वियां आई. और संविधान और कानून की मदद से उसके नर्क का साम्राज्य खत्म कर दिया. उम्मीद है कि कानून और अदलात की मदद से राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में कैद अन्य लड़कियों को भी जल्दी ही मुक्ति मिल जाएगी.

10 महीने से कोमा में हैं ‘फिर हेरा फेरी’ का निर्देशक नीरज वोरा

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विरासत, रंगीला और मन जैसी फिल्‍मों में नजर आने वाले कॉमेडी एक्‍टर नीरज वोरा गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. वे पिछले 10 महीने से कोमा में हैं. नीरज वोरा 19 अक्टूबर, 2016 को ब्रेन स्ट्रोक के शिकार हुए थे. इसके बाद उन्‍हें दिल्ली स्थित एम्स में एडमिट कराया गया था. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. बाद में हालत में कुछ सुधार के बाद उनके दोस्त फिरोज नाडियाडवाला मार्च, 2017 में उन्हें मुंबई वापस लाए. उसी समय से नीरज अपने दोस्‍त के यहां रह रहे हैं.

बताया जा रहा है कि उनके दोस्त फिरोज नाडियाडवाला उनकी सारी जिम्‍मेदारी उठा रहे हैं. फिरोज ने जुहू स्थित अपने घर ‘बरकत विला’ के एक कमरे को आईसीयू में बदल दिया है. फिरोज के अनुसार, मार्च 2017 से ही 24 घंटे एक नर्स, वॉर्ड ब्वॉय और कुक नीरज के साथ रहता है. इसके अलावा फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूरो सर्जन, एक्यूपंक्चर थेरेपिस्ट और जनरल फिजिशियन हर हफ्ते विजिट पर आते हैं. नीरज का पूरा ख्‍याल रखा जा रहा है.

बता दें कि नीरज ने फिर हेराफेरी, खिलाड़ी 420 जैसी फिल्‍म निर्देशित की है. वे थिएटर में भी सक्रिय हैं. वे गुजराती प्‍ले आफ्टरनून कर चुके हैं. इसके अलावा नीरज वोरा राइटर भी हैं. उन्‍होंने रंगीला, अकेले हम अकेले तुम, ताल, जोश, बदमाश, चोरी चोरी चुपके चुपके, अवारा पागल दीवाना जैसी फिल्‍मों के संवाद लिखे हैं.

नीरज हेराफेरी 3 पर काम कर रहे थे, लेकिन बीमारी के चलते इसमें रुकावट आ गई. बताया जा रहा है कि नीरज पैसों की तंगी से भी जूझ रहे हैं.

UPTET 2017 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलटी टेस्ट (UPTET) के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू हो चुकी है. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 8 सितंबर 2017 तक किया जा सकता है. इसके बाद 15 अक्टूबर 2017 को परीक्षा आयोजित की जाएगी. परीक्षा में दो पेपर होंगे, जिसमें से पेपर एक कक्षा 1 से लेकर 5वीं तक के शिक्षकों के लिए और दूसरा कक्षा 6 से लेकर 8वीं तक के शिक्षकों के लिए होगा. आवेदनकर्ता अपनी योग्यता अनुसार दोनों पेपरों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आयोजित परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे.

महत्वपूर्ण तारीखें ऑनलाइन एप्लिकेशन शुरू होने की तारीख: 25 अगस्त, 2017 एप्लीकेशन के लिए फीस जमा करना शुरू होगा: 26 अगस्त, 2017 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख: 8 सितंबर, 2017 फीस जमा कराने की आखिरी तारीख: 11 सितंबर, 2017 ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रोसेस पूरी करने की आखिरी तारीख: 13 सितंबर, 2017 एप्लिकेशन फॉर्म में करेक्शन (सुधार) की आखिरी तारीख: 15 सितंबर, 2017 12 बजे से लेकर 19 सितंबर 2017 को शाम 6 बजे तक

ऐसे करें आवेदन आवेदन करने के लिए UPTET की आधिकारिक वेबसाइट (http://upbasiceduboard.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन एप्लिकेशन भरनी होगी. इससे पहले आवेदनकर्ताओं को वेबसाइट के होमपेज पर मौजूद लिंक से खुद को रजिस्टर करना होगा.

रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदनकर्ताओं को एप्लिकेशन फीस जमा करवानी होगी. इसे ऑनलाइन जमा करवा सकते हैं या फिर पास के किसी एसबीआई बैंक की ब्रांच से ई-चालान लगाकर एप्लिकेशन फीस भर सकते हैं. इसके बाद जारी डीयू नंबर को आप ट्रांजेक्शन आईडी या जर्नल नंबर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं. फीस जमा कराने के बाद अगले दिन पूरी एप्लिकेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.

अफगानिस्तान में हुआ आत्मघाती हमला, 13 की मौत और 22 घायल

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हेलमंड। अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंड प्रांत के नावा जिले में हुए एक आत्मघाती बम हमले में 13 लोगों की मौत और 22 अन्य घायल हो गए. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक नावा जिले के डोपुल इलाके में एक आत्मघाती हमलावर ने एक हथियारबंद वाहन के सामने विस्फोट कर दिया. टोलो समाचार ने गवर्नर उमर जवाक के प्रवक्ता का हवाला देते हुए कहा कि विस्फोट में 22 नागरिक और सैन्य कर्मचारी घायल हो गए.

हमला एक सैन्य वाहन के पास किया गाय. हालांकि, टोलो समाचार के मुताबिक पहले 2 लोगों की मौत बताई गई थी जो बाद में बढ़कर 13 हो गई. हमले की तालिबान समेत कोई समूह ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली है.

इससे गुस्साए कई आतंकवादी संगठनों ने अमेरिकी सरकार के इस फैसले का विरोध किया था और अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. हाल ही में हेलमंद के ही लश्कर गाह में पुलिस हेडक्वार्टर पर हुए सुसाइड ब्लास्ट में 5 लोगों की मौत हो गई थी और बच्चों समेत कई घायल हो गए थे. 2 अगस्त को अफगानिस्तान के हेरात शहर में भी एक मस्जिद में हुए बम धमाके में 29 लोग मारे गए थे. अगस्त महीने में अफगानिस्तान में ये तीसरा बड़ा बम धमाका है.

सुसाइड ब्लास्ट में काफी तादाद में अफगान जवान मारे जाते हैं. यूएस वॉचडॉह SIGAR के मुताबिक, 2016 में 6800 सेना और पुलिस के जवान मारे गए थे. ये धमाकों में मारे गए लोगों का 35% है. इस साल एक जनवरी से 8 मई तक अफगान सेना और पुलिस के 2500 जवान मारे जा चुके हैं.

यूनाइटेड नेशन्स असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अफगानिस्तान में हमलों में 3498 आम लोगों की मौत हुई थी. 7920 लोग घायल हुए. यानी 11418 लोग हताहत हुए. पिछले आठ सालों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था. 2015 की तुलना में इसमें 2% का इजाफा हुआ था. UNAMA की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च तक अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक और आतंकी हमलों में 715 लोगों की मौत हुई थी. 1466 लोग घायल हुए थे.

डेरा सच्चा सौदा के नई चीफ के लिए घमासान

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मीडिया से लेकर पंजाब और हरियाणा में ऐसी चर्चा है कि डेरा सच्चा सौदा की नई चीफ बाबा की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत इंसा होगी. हनीप्रीत बाबा की वही मुंहबोली बेटी है जिसके बाबा के साथ संबंध होने की बात कही जा रही है. हनीप्रीत वही लड़की है, जिसे गुरमीत राम रहीम के साथ सरकारी हेलिकॉप्टर पर देखा गया था.

हनीप्रीत का असली नाम प्रियंका तनेजा है. फेसबुक पर हनीप्रीत खुद को पेशे से समाज सेविका, डायरेक्टर, एडिटर और एक्ट्रेस, पापा की परी बेटी लिखती हैं. असल में हनीप्रीत हमेशा से सुर्खियों में रही है. युवाओं को डेरा से जोड़ने में हनीप्रीत की प्रमुख भूमिका रही है. हनीप्रीत के डेरा सच्चा सौदा में कद को इस बात से समझा जा सकता है कि वह युवाओं को संगठन की ओर लाने का काम करती हैं. ट्विटर पर उसके दस लाख जबकि फ़ेसबुक पर लगभग पांच लाख लोग उन्हें लाइक और फॉलो करते हैं.

गुरमीत सिंह ने हिसार के नजदीक फतेहाबाद की रहने वाली प्रियंका तनेजा की शादी साल 1999 में विश्वास गुप्ता से करवाई थी. उसके पति विकास भी डेरा के ही अनुयाई थे. इस शादी के साथ ही उनका नाम हनीप्रीत हो गया. साल 2009 में राम रहीम ने हनीप्रीत को गोद लिया और विश्वास को अपने दामाद के तौर पर अपनाया.

हालांकि यह शादी ज्यादा दिन नहीं चल सकी. हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता के मुताबिक उसने अपनी पत्नी और बाबा की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को बाबा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, जिसके बाद यह रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चल सका और हनीप्रीत डेरे में ही बाबा के साथ रहने लगी. इसके बाद ही हनीप्रीत का डेरे में प्रभाव बढ़ता चला गया. हनीप्रीत हमेशा बाबा के साथ हर काम में देखी जाती है. चाहे बात फिल्मों की हो या फिर अन्य किसी कार्यक्रम की. बाबा की तरह उसका भी फिल्मों में जबरदस्त रुझान है. हनीप्रीत राम रहीम की फिल्मों ‘एमएसजी2: द मेसेंजर’, ‘एमएसजी: द वॉरियर लायन हार्ट’, ‘हिंद का नापाक को जवाब: एमएसजी लायन 2 हार्ट’ और ‘जट्टू इंजीनियर’ में काम कर चुकी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, अपनी एक्टिंग से वह एक रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं. उन्होंने ‘हिंद का नापाक को जवाब’ में एक्टिंग की थी. इस फिल्म में हनीप्रीत ने 21 भूमिकाएं निभाकर हॉलीवुड एक्टर जैकी चैन का रिकॉर्ड तोड़ा था. पूरे हरियाणा और पंजाब सहित मीडिया में भी अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि गुरमीत राम रहीम के बाद उसके अरबों रुपए के साम्राज्य को खुद को पापा की परी कहने वाली हनीप्रीत संभालेगी. लेकिन क्या यह इतना आसान है? क्या राम रहीम अपने बेटे को किनारे कर हनीप्रीत को अपना उत्तराधिकारी घोषित करेंगे? आइए सबसे पहले जानते हैं डेरे की संपत्ति के बारे में जिसके लिए राम रहीम के घर में संग्राम होने की गुंजाइश बन गई है. डेरे के पास अरबों रुपये की प्रॉपटी है. इसमें – 700 एकड़ खेत, 250 आश्रम, आईबैंक से लेकर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक शामिल है. डेरे के एक दिन की कमाई 16 लाख रु. है. – डेरे के पास सिरसा में लगभग 700 एकड़ खेती की जमीन है. – डेरा तीन अस्पताल और एक इंटरनेशनल आई बैंक भी चलाता है. – इसके साथ ही गैस स्टेशन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स – दुनिया में करीब 250 आश्रम और करोड़ों समर्थक होने का दावा. – 2010-11 में डेरा की कुल वार्षिक इनकम 16 करोड़ रुपए थी. 2011-12 में बढ़कर यह 20 करोड़ रुपए हो गई. 2012-13 में कुल आमदनी 29 करोड़ रुपए थी. डेरा सच्चा सौदा और इससे संबंधित अन्य संगठनों को इनकम टैक्स कानून 1961 की धारा 10(23) के तहत टैक्स से छूट मिली हुई है. सवाल है कि क्या राम रहीम अपने बच्चों को छोड़कर मुंहबोली कही जाने वाली बेटी को कमान देंगे और क्या राम रहीम के बच्चे उन्हें ऐसा करने देंगे.

आईए आपको राम रहीम के परिवार से मिलवाते हैं. गुरमीत राम रहीम के तीन बच्चे हैं. हालांकि मीडिया और ग्लैमर की दुनिया में जितनी चर्चित मुंहबोली बेटी है, उतना राम रहीम के अपने बच्चे नहीं हैं. अपने बच्चों को राम रहीम हमेशा मीडिया और ग्लैमर की दुनिया से हमेशा दूर रखता था.

राम रहीम की बड़ी बेटी चरणप्रीत इंसां और छोटी बेटी अमनप्रीत इंसां है. दोनों की शादी भी हो चुकी है. ये दोनों बेटियां शादी के बाद भी लगातार पिता से जुड़ी हुई हैं और डेरे को लेकर उनकी दिलचस्पी जग जाहिर है. बड़ी बेटी चरणजीत इंसा के पति डॉ. शान-ए-मीत और छोटी बेटी अमनप्रीत के पति रूह-ए-मीत लंबे समय से डेरे से जुड़े रहे हैं. माना जाता है कि डेरे से जुड़े फैसलों में उन दोनों की भी भूमिका रहती है. अपनी पत्नियों के जरिए ये दोनों भी डेरे पर कब्जा लेने की पूरी कोशिश कर सकते हैं.

गुरमीत का एक बेटा जसप्रीत इंसा है. बेटे की शादी बठिंडा के पूर्व एमएलए हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी हुस्नमीत से हुई है. जसप्रीत ही डेरा सच्चा सौदा को संभालता है. डेरे से जुड़े सारे बिजनेस जसप्रीत ही देखता है. जसप्रीत काफी पावरफुल माना जाता है. जसप्रीत के ससुर नेता हैं जो जाहिर है कि वह अपने दामाद को प्रमुख बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे.

अपनी इस बेटी से भी थे बाबा के संबंध…

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तकरीबन दो दर्जन लड़कियों को अपने झांसे में लेकर उनका शारिरीक शोषण करने वाले बाबा राम रहीम के अपनी बेटी से भी शारिरीक संबंध थे. यह आरोप राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत इंसा के पति विश्वास गुप्ता का है. विश्वास गुप्ता की मानें तो बाबा के अपनी मुंहबोली बेटी के साथ अवैध संबंध थे. विश्वास गुप्ता का यह भी आरोप है कि राम रहीम के उसकी पत्नी हनीप्रीत इंसा के साथ शादी के पहले से ही संबंध थे इसिलिए उन्होंने सबके सामने उसे अपनी मुंहबोली बेटी बनाकर रखा था.

विश्वास गुप्ता ने ये आरोप इंडिया टीवी को दिये एक इंटरव्यू में लगाया था, जिसे बाद में जनसत्ता अखबार में भी प्रकाशित किया गया है.

हनीप्रीत के चर्चा में आने के बाद चैनल को दिये गए अपने बयान में हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता ने कहा था-

“एक रात जब मैं डेरे में बाबा की गुफा की तरफ गया तो बाबा के कमरे का दरवाजा गलती से खुला रह गया था. जब मैंने अंदर झांका तो देखा कि बाबा मेरी पत्नी और अपनी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के साथ आपत्तिजनक अवस्था में थे. अगर बाबा गुरमीत राम रहीम मेरी पत्नी हनीप्रीत को बेटी मानते हैं तो फिर मुझे दूर क्यों रखते हैं. जब होटलों में बाबा जाते हैं तो मुझे बगल वाले कमरे में भेज दिया जाता था, जबकि मेरी पत्नी रात में बाबा के साथ रहती थी. बाबा मुंहबोली बेटी को दामाद के साथ रहने से क्यों रोकते हैं?”

हनीप्रीत इंसान के पति विश्वास गुप्ता ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर उनकी पत्नी को दूर रखने का आरोप लगाया था. इसके बाद हनीप्रीत सिंह ने विश्वास गुप्ता के ख़िलाफ़ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था. इसके बाद से हनीप्रीत डेरा मुख्यालय में ही रह रही हैं.a

वो 6 लोग जिनकी वजह से सलाखों के पीछे पहुंचा गुरमीत राम रहीम

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बलात्कारी बाबा राम रहीम को जेल के पीछे पहुंचाना इतना आसान नहीं था. लगभग आधे दर्जन लोग तमाम दबावों के बीच डेढ़ दशक तक बाबा के खिलाफ डटे रहे, तब जाकर अध्यात्म और भगवान के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने वाले गुरमीत राम रहीम को इस मामले में दोषी ठहराया जा सका. हालांकि बाबा को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में कई लोगों का योगदान रहा है. जान जोख़िम में डालकर अपने साथ हुए अन्याय की लड़ाई लड़ने वाली दो साध्वियों से लेकर सीबीआई के जांच अधिकारियों तक ने इस मामले में बेहद बड़ा ख़तरा मोल लिया. आइये जानते हैं उन लोगों के बारे में जिनकी वजह से राम रहीम को सजा हुई. 1 – वो दो साध्वियां जिन्होंने अपनी परवाह नहीं की इस मामले में दो साध्वियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जुलाई 2002 एक गुमनाम पत्र लिखा. इस पत्र में उन्होंने अपने साथ हुए अन्याय का जिक्र किया. बाबा राम रहीम पर बलात्कार का जो आरोप साबित हुआ है, उसकी शुरुआत 2002 से हुई. 2002 में ही यह बात सामने आई थी कि बाबा गुरमीत राम रहीम ने दो साध्वियों के साथ बलात्कार किया था. इन दोनों साध्वियों ने करीब 15 साल तक लड़ाई लड़ी और आखिरकार अब सीबीआई कोर्ट ने बाबा राम रहीम को दोषी करार दिया है. 2 – पत्रकार रामचंद्र छत्रपति साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने ही अपने अखबार के जरिए दो साध्वियों से रेप होने की घटना को उजागर किया था. रामचंद्र के ही अखबार पूरा सच में पहली बार साध्वी की उस चिट्ठी को छापा गया था. आपको बता दें कि चिट्ठी छापने के कुछ समय बाद ही उनकी हत्या कर दी गई और रामचंद्र की हत्या का आरोप भी बाबा गुरमीत राम रहीम पर है. रामचंद्र छत्रपति की 24 अक्टूबर 2002 में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 3 – जांच अधिकारी सतीश डागर और मुलिंजो नारायनन सीबीआई बीते कई सालों से गुरमीत राम रहीम के ख़िलाफ़ जांच कर रही थी. इस दौरान सीबीआई पर कई बार उच्चाधिकारियों से लेकर राजनीतिक स्तर पर दबाव बनाए गए. लेकिन सीबीआई के जांच अधिकारी सतीश डागर और मुलिंजो नारायनन ने किसी दवाब की परवाह किए बिना इस मामले में जांच जारी रखी. राम चंदेर के बेटे अंशुल ने बताया कि अगर सीबीआई के डीएसपी सतीश डागर नहीं होते तो शायद कभी भी इंसाफ नहीं मिल पाता. वह सतीश डागर ही थे, जिन्होंने साध्वियों को समझाया और अपनी लड़ाई लड़ने के लिए उन्हें प्रेरित किया. 4 – सीबीआई जज जगदीप सिंह अपने ईमानदार स्वभाव और सख़्त मिज़ाज के लिए चर्चित सीबीआई जज जगदीप सिंह ने इस हाई प्रोफ़ाइल मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराया है. जगदीप सिंह ने ही रोहतक की जेल में गुरमीत राम रहीम सिंह को सज़ा सुनाई. जगदीप सिंह को पिछले साल ही सीबीआई स्पेशल जज के लिए चुना गया था, जो कि एक न्यायिक ऑफिसर के रूप में दूसरी पोस्ट है.

लोगों के नाक के नीचे बढ़ती रहीं पेट्रोल की कीमतें

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देश में पेट्रोल की कीमत में जुलाई से लेकर अबतक 6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया जा चुका है. बीते 60 दिनों के दौरान प्रतिदिन बढ़ती-घटती कीमतों के नए नियम से पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 2014 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है.

वहीं डीजल की कीमतों पर लागू इस नए नियम के चलते इस दौरान धीरे-धीरे कर कीमतें 3.67 रुपये बढ़ चुकी है. डीजल की ये कीमतें बीते चार महीनों के दौरान शीर्ष स्तर पर हैं.15 जून तक सरकारी तेल कंपनियां महीने में दो बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों का आंकलन करते हुए कीमतों में कटौती अथवा इजाफा करती थीं. लेकिन जुलाई से पेट्रोल-डीजल की कीमतों का आंकलन प्रतिदिन किया जाने लगा. इसके असर से बीते जुलाई से अभीतक पेट्रोल की कीमतों में 6 रुपये और डीजल की कीमत में 3.67 रुपये का इजाफा हो चुका है.

16 जून को दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत 54.49 रुपये थी जो कि 2 जुलाई को गिरकर 53.36 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 69.04 रुपये है. वहीं अगस्त 2014 में पेट्रोल की कीमत 70.33 रुपये थी. 16 जून 2017 को पेट्रोल की कीमत 65.48 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं 2 जुलाई को यह कीमत गिरकर 63.06 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई.

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को सरकार के कंट्रोल से 1 अप्रैल 2002 को मुक्त कर बाजार के हवाले कर दिया गया था. इसके बाद से ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में प्रति 15 दिनों में बदलाव किया जाने लगा.

अब इस अस्पताल में एक महीने में मरे 60 बच्चें

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जमशेदपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई के कारण हुई 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद अब झारखंड में भी ऐसे हालात बन गए हैं. लापरवाही के कारण झारखंड के एक सरकारी अस्पताल में कई नवजात दम तोड़ चुके हैं. यह मामला जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल का है. यहां पर 30 दिनों में 60 नवजात बच्चों की मौत हो चुकी है.

एमजीएम अस्पताल में पिछले चार माह में 164 बच्चों की मौत हुई हैं. इनमें से 60 बच्चों की मौत पिछले 30 दिनों में हुई है. बच्चों की मौत का कारण कुपोषण बताया जा रहा है. एक जांच रिपोर्ट के अनुसार 16 बच्चों की मौत अंडरवेट के कारण हुई. सामान्य तौर पर नवजात का वजन जन्म के दौरान 2.5 किलो तक ठीक माना जाता है. हालांकि मरने वालों में 9 सौ ग्राम से लेकर 1.5 किलोग्राम के बच्चे थे.

अस्पताल के सुप्रींटेंडेंट का कहना है कि इन मौत के पीछे का कारण कुपोषण है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस इलाके में बड़े सरकारी अस्पतालों की कमी होने की वजह से एमजीएम अस्तपताल में झारखंड के अलावा ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल से भी मरीज आते हैं. साथ ही यह बात किसी से छिपी नहीं है कि यह इलाका कुपोषण बेल्ट है. इस वजह से मौतों का आंकड़ा इतना ज्यादा है.

वहीं बिना संसाधन बढ़ाए, अस्पताल में प्रसव करवाने की सरकारी योजना की वजह से भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं. एमजीएम अस्तपताल के अध‍ीक्षक डॉ. विभीषण ने बताया कि बच्चों की मौत अंडरवेट और प्रीमैचयोर डिलीवरी की वजह से हुई है. अस्पताल प्रशासन अपनी तरफ से बच्चों को बचाने की काफी कोश‍िश कर रहा है. हालांकि 900 ग्राम जैसे कम वजन के बच्चो की सर्वाइवल रेट कम होने की वजह से इतने मामले बढ़े हैं. वहीं मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से मौतों की संख्या में इजाफा हुआ है.

बलात्कारी बाबा को मिली 20 साल की सजा, सिरसा में हुई आगजनी

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रोहतक। दो रेप के मामले में दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा सुना दी गई है. सीबीआई कोर्ट में जज जगदीप सिंह ने फैसला सुनाया. सुनवाई के दौरान राम रहीम कोर्ट में माफी मांग रहा था. माफी मांगते-मांगते रो रहा था. यह पहली बार हुआ जब हरियाणा के किसी जेल परिसर में अदालत लगाकर सजा सुनाई गई. सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल में दोपहर बाद 2.30 बजे विशेष कोर्ट में सुनवाई चल रही थी.

राम रहीम के वकील ने जज से समाज सेवा का हवाला देकर सजा कम करने की मांग की लेकिन जज ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट में सजा मिलने से पहले ही राम रहीम के समर्थको हिंसा शुरू कर दी. समर्थकों ने सिरसा में दो वाहनों में आग लगा दी. हालांकि हरियाणा और पंजाब में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

सैकड़ों डेरा समर्थकों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है. सेना, अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के जवानों तैनात किया गया है. रोहतक, सिरसा सहित कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. मोबाइल इंटरनेट सेवाए ठप्प कर दी गई हैं. रोहतक को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की तीन धाराओं 376 (दुष्कर्म), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़) के तहत दोषी ठहराया है. वहीं, फैसले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई अलर्ट पर हैं. पंचकूला में हुई आगजनी से सबक लेते सरकार ने रोहतक जेल के बाहर पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है. पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर ही तुरंत एक्शन लेने व उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. हेलीकॉप्टर व ड्रोन से नजर रखी जाएगी. अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियां तैनात की गई हैं. सेना स्टैंड बाई पर रहेगी.

भारत की बेटी ने गाड़े ब्रिटेन में झंडे

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लैंड एंड। ब्रिटेन में रह रही भारतीय मूल की एक लॉयर, एक दिन में लैंड एंड से जॉन ओग्रेट्स तक अकेले ड्राइव करने वाली पहली महिला बन गई हैं.

44 वर्षीय भारुलता काम्बले के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं. निडरता, दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों ने भारुलता को भारतीय मूल की पहली महिला बनाया, जिन्होंने सिर्फ एक दिन में ब्रिटेन के एक छोर से दूसरे छोर तक का सफर सफलतापूर्वक पूरा किया. वह जहां कहीं भी जाती हैं भारत के तिरंगे को फहराती हैं. उनके देश-प्रेम को दर्शाने के इस अंदाज को कई लोगों ने सराहा है.

लिंग के आधार पर गर्भपात को खत्म करने के अभियान की जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने पिछले हफ्ते ग्रेट ब्रिटेन के दो हिस्सों के बीच 874 मील की दूरी सिर्फ 14 घंटे और 33 मिनट में तय की. भारुलता का मानना ​​है कि असमानता का मुद्दा उस समय तक खत्म नहीं होगा जब तक कि महिलाओं को स्वयं पर विश्वास नहीं हो. लड़कियों को शिक्षा प्रदान करना पर्याप्त नहीं है; उन्हें सिर्फ एक समान कहना काफी नहीं है. निर्णय लेने के अवसरों पर भी उनका पूरा योगदान लिया जाना चाहिए. हर लड़की को जीवन और शिक्षा का अधिकार होना चाहिए. एक लड़की की उत्पत्ति अगली पीढ़ी की मां की उत्पत्ति होती है.

भारूलता ने अपने इस मिशन के बाद आगे आने वाली और भी बड़ी चुनौतियों के बारे में बात की. भारुलता ने उन सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी मदद की. विशेष रूप से श्रीमती विभेद मेहंदीरत्ता का जिन्होंने भारुलाता के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा में एक भाषण देकर उन्हे प्रोत्साहित किया. इसके अलावा अनीताबेन रुपेलिया ने भारुलता की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. भारुलता ने सभी गणमान्य व्यक्तियों, शुभचिंतक और कई समर्थकों के लिए आभार प्रकट किया, जिन्होंने झंडा फहराने में उनको समर्थन दिया.

दिल्ली के बवाना उपचुनाव में AAP ने दी भाजपा को 24 हजार वोटों से मात

नई दिल्ली। 23 अगस्त को दिल्ली के बवाना में हुए मतदान का आज रिजल्ट आ गया. आम आदमी पार्टी ने यहां 24 हजार मतों से चुनाव जीत लिया है. वहीं भाजपा दूसरे नंबर पर तो कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही.

शुरुआती चरण में कांग्रेस ने पहले नंबर पर बढ़त बनाए रखी तो भाजपा दूसरे और आप तीसरे नंबर पर रही. लेकिन कुछ चरणों के बाद आप ने जबरदस्त वापसी की और नंबर वन पर बनी रही. इसके बाद बीजेपी की स्थिति में भी बेहतरी दिखी और वह दूसरे नंबर पर आ गई. इन सब के बीच शुरुआती चरणों में कांग्रेस के लिए उम्मीद की एक किरण जगी थी लेकिन चंद चरणों के बाद कांग्रेस पिछड़ी और फिर वापसी नहीं कर पाई.

आखिरकार नतीजे आने पर आम आदमी पार्टी पहले नंबर पर , भाजपा दूसरे नंबर पर और कांग्रेस तीसरे नंबर की पार्टी बनकर पिछड़ गई. ये सीट आम पार्टी के विधायक रहे वेदप्रकाश के बीजेपी में चले जाने के बाद खाली हुई. भाजपा की ओर से वेदप्रकाश ही उम्मीदवार हैं.

दिल्ली के बवाना सीट आप उम्मीदवार की जीत पर आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए अग्रिम बधाई दी है. बवाना सीट पर वोटों की गिनती में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार की बढ़त देखने के बाद ही कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, ‘बवाना में जीत की बधाई अरविंद केजरीवाल, मेरे प्रयासों में कमी रही आपके घोटालों को घर घर तक नहीं पहुंचा पाया, भ्रष्टाचार से जंग जारी रहेगी.’

न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है महादलित छात्र!

अरवल। सुशासन बाबू के राज में दलितों पर अत्याचार कम नहीं हो रहा है. बिहार में आए दिन दलितों से भेदभाव किया जा रहा है, उन्हें मारा-पीटा जा रहा है और जातिसूचक गालियां दी जा रही है. शिकायत करने पर न तो पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है और न ही प्रशासन दलितों की मदद कर रहा है. सब सिर्फ जातिवादी गुंडों का साथ दे रहे हैं.

ऐसी ही एक घटना बिहार के अरवल जिले से आई है. कुर्था थाने के अंतर्गत आने वाले चमंडी गांव के पैक्स अध्यक्ष एवं सदस्य (तेल-राशन बांटने वाला डीलर) रंजीत कुमार ने महादलित छात्र अजय कुमार को शिकायत सभा में जिलापदाधिकारी के सामने पीटा और जातिसूचक गालियां दी.

पीड़ित छात्र अजय कुमार थाने में शिकायत करने गया तो कुर्था थानाध्यक्ष ने पहले तो शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया. बार-बार थाने के चक्कर काटने और पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद उसकी शिकायत दर्ज की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अजय ने फिर एससी/एसटी थाना में शिकायत की लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है. आरोपी खुले आम गांव में घूम रहा है और पीड़ित छात्र के साथ-साथ उसके परिवार वालों पर भी केस वापस लेने का दबाव बना रहा है. परिवार के लोग भी जब उसका विरोध करते हैं तो वह उनको भी जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी देता है.

पीड़ित छात्र अजय ने बताया, “14 मई 2017 को गांव में जिलापदाधिकारी गांव के लोगों की समस्या सुनने आए हुए थे. मैंने जब जिलापदाधिकारी से गांव अपनी समस्या बताई तो पैक्स अध्यक्ष मुझे चुप कराने की कोशिश करने लगे. मैंने फिर भी गांव में मिलने वाले राशन की समस्या के बारे में बताया. जिलाधिकारी ने तो कहा कि हम जांच कर बीपीएल और एपीएल कार्ड का निर्धारण करेंगे. लेकिन पैक्स अध्यक्ष ने उन्हें जांच करने से मना कर दिया और कहा कि यहां सब एपीएल कार्डधारक है. सब अच्छा कमाते हैं, सबके बड़े घर हैं. लेकिन मैंने रंजीत कुमार की बातों का विरोध किया. जिसके बाद उसने मुझे मारना-पीटना शुरू कर दिया. और जाति सूचक गालियां भी दी. रास्ते में मेरे पिताजी को भी जातिसूचक गालियां और उनसे कहा कि अपने लड़कों को समझा लो. नेता बन रहा है.”

अजय ने पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर अरवल जिला के पुलिस अधिक्षक, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के राज्यपाल, पुलिस महानिरिक्षक अपराध अनुसंधान (कमजोर वर्ग) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को शिकायत पत्र लिखा है.

लालू सहित 18 दलों का भाजपा के खिलाफ जंग का ऐलान

पटना। राष्ट्रीय जनता दल और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा 27 अगस्त को बुलाई गई “भाजपा भगाओ-देश बचाओ रैली” में 18 दलों ने भाजपा के खिलाफ जंग का ऐलान किया. बिहार के 20 जिलों में बाढ़ के बावजूद पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आधा से ज्यादा भरा रहा. तकरीबन 7 लाख की क्षमता वाले गांधी मैदान में लाखों समर्थकों के पहुंचने से लालू यादव और विपक्षी दल गदगद दिखे.

लालू के साथ मंच साझा करने वालों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद और सी.पी जोशी, जदयू के विद्रोही धड़े से शरद यादव, अली अनवर और रमई राम, सीपीआई से डी. राजा, झारखंड विकास मोर्चा के बाबू लाल मरांडी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन और राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी शामिल प्रमुख नाम थे.

इस दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी का रिकार्डेड मैसेज भी सुनाया गया. हालांकि विपक्ष के दो बड़े दलों मायावती की बहुजन समाज पार्टी और शरद पंवार की एनसीपी ने रैली से दूरी बनाए रखी. लालू यादव के साथ मंच पर राबड़ी देवी सहित उनके दोनों बेटे तेजस्वी और तेजपाल यादव और बेटी मीसा भारती मौजूद रहें. लालू यादव के दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर खुल कर हमला बोला. तेजस्वी यादव ने अपने छोटे भाई और पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को नीतीश कुमार के खिलाफ लड़ाई का अस्त्र कहा तो तेजस्वी यादव ने मौजूद लोगों से आने वाले लोकसभा चुनाव में 2014 की गलती सुधारने की अपील की. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के खिलाफ खुले जंग का ऐलान किया. ममता बनर्जी ने कहा कि उनका विश्वास हमेशा से लालू यादव पर रहा है और वह इस रैली में उनका संबल बढ़ाने के लिए आई हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के खिलाफ गठबंधन बढ़ता जा रहा है और इसे और बढ़ाने की जरूरत है. शरद यादव ने नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन को धोखा दिए जाने की बात कही तो लालू यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह नीतीश कुमार की आखिरी पलटी है. विपक्ष की इस एकजुटता भविष्य में भाजपा के लिए नई चुनौती पेश कर सकती है और 2019 लोकसभा चुनाव में उसके 350+ का टारगेट मुंह के बल गिर सकता है.

पटना से मोहित और सुशील कुमार की रिपोर्ट

राम रहीम को आज सुनाई जाएगी सजा, उपद्रव किया तो चलेगी गोली

रोहतक। रेप के मामले में दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आज सजा सुनाई जाएगी. मोर्चा संभाले जवानों को संदिग्ध गतिविधि पर असामाजिक तत्वों को गोली मारने के निर्देश दिए गए हैं. सुबह से ही पूरा रोहतक और सिरसा सेना की निगरानी में रहेगा. राम रहीम को 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया था. सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल में दोपहर बाद 2.30 बजे विशेष कोर्ट लगाई जाएगी.

यह पहली बार होगा जब हरियाणा के किसी जेल परिसर में अदालत लगाकर सजा सुनाई जाएगी. राम रहीम को न्यूनतम सात साल व अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है. 15 साल पुराने इस मामले में सब्र और हिंसा के बाद पीडि़त साध्वियों को न्याय मिलेगा.

सीबीआइ कोर्ट ने राम रहीम को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की तीन धाराओं 376 (दुष्कर्म), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़) के तहत दोषी ठहराया है. वहीं, फैसले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई अलर्ट पर हैं. पंचकूला में हुई आगजनी से सबक लेते सरकार ने रोहतक जेल के बाहर पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है. पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर ही तुरंत एक्शन लेने व उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. हेलीकॉप्टर व ड्रोन से नजर रखी जाएगी. अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियां तैनात की गई हैं. सेना स्टैंड बाई पर रहेगी.