सारा, अर्जुन के फर्जी अकाउंट चलाने वालों को तेंदुलकर की चेतावनी

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नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर अकसर ही सोशल मीडिया में एक्टिव रहते है और फैंस के साथ सम्पर्क बनाए रहते हैं. इस बार उन्होंने सारा और अर्जुन के फर्जी अंकाउट को देखकर ट्विटर अकांउट पर गुस्सा जाहिर किया है और उन्होंने इन दोनों से जुड़े सभी फर्जी अकाउंट को हटाने की ट्विटर से अपील भी की है.

दरअसल, सचिन ने लगातार दो ट्वीट करते हुए सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा है कि मैं लगातार इस बात को दोहराता रहता हूं कि मेरे बच्चे (सारा और अर्जुन) ट्विटर पर नहीं हैं. मैं ट्विटर से अपील करता हूं कि वो इस तरह के सारे अकाउंट को जल्द से जल्द डिलीट करें.

वहीं, अपने दूसरे ट्वीट में सचिन ने कहा है कि, “दूसरों के नाम से अकाउंट चलाकर कुछ भी लिखना गलतफहमी पैदा करता है, जिससे हमें परेशानी होती है. मेरी ट्विटर से गुजारिश है कि वो फौरन इस मामले में एक्शन लें.” सारा और अर्जुन के फर्जी अकाउंट के चलते ‘क्रिकेट के मसीहा’ के शब्दों में तल्खी और गुस्सा दोनों देखा जा सकता है और उन्होंने ट्विटर के माध्यम से इसे सार्वजनिक भी किया है, लेकिन इन सबसे इतर देखना होगा कि सचिन की नाराजगी के बाद ट्विटर कब और कैसे एक्शन लेगा.

उत्तर प्रदेश में 2682 मदरसों की मान्यता होगी रद्द

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madarsa

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड ने 2682 मदरसों की मान्यता रद्द करेगा. मदरसा बोर्ड के वेब पोर्टल पर विवरण अपलोड न करने की वजह से इन मदरसों की मान्यता रद्द की जाएगी. फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यूपी के करीब 2682 मदरसों के खिलाफ सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

विवरण अपलोड करने की अंतिम तारीख रविवार थी. दरअसल, मदरसा शिक्षा परिषद ने मदरसों में फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए वेब पोर्टल www.madarsaboard.upsdc.gov.in बनवाया था. इस वेबसाइट पर सभी 19143 मदरसों को अपना विवरण अपलोड करना था. इसमें टीचर, अन्य स्टाफ, छात्रों के विवरण के अलावा भवन की फोटो, क्लासरूम का माप और आधार की डिटेल शामिल थी.

मदरसा बोर्ड ने विवरण अपलोड करने की तिथि दो बार बढ़ायी. पहले अंतिम तिथि 15 सितम्बर थी. जिसे बढ़ाकर 30 सितम्बर किया और फिर 15 अक्टूबर. इसके बावजूद 16, 461 मदरसों ने ही विवरण अपलोड किया है.

मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने बताया कि जिन मदरसों ने वेब पोर्टल पर अपना विवरण अपलोड कर दिया है उनकी ही मान्यता बनी रहेगी. अंतिम तिथि तक कुल 32, 483 शिक्षकों का डाटा आधार लिंक के साथ अपलोड हुआ है.

‘बिग बॉस’ के घर में फिर से हुई मारपीट

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रिएलिटी शो ‘बिग बॉस’ सीजन 11 में तीसरे हफ्ते की नॉमिनेशन प्रक्रिया के बाद एक बार फिर मारपीट हो गई है. घर का कैप्टन होने के नाते विकास गुप्ता को इस हफ्ते 7 लोगों को नॉमिनेट करने का राइट मिला था. विकास ने नॉमिनेशन प्रक्रिया में अपने किसी भी दोस्त को नॉमिनेट नहीं किया. विकास के इस फैसले के बाद घरवाले काफी गुस्सा हो गए. विकास ने 14 वें दिन की शुरुआत में हिना खान से पुरानी बातें भूलाकर फिर से दोस्ती करने के लिए कहा. हिना ने कहा कि ठीक है तुम अपनी हरकतों के लिए माफी मांग लो. लेकिन जब नॉमिनेशन प्रक्रिया के लिए कंटेस्टेंट का नाम लेने की बात आई तो विकास ने हिना को नॉमिनेट कर दिया.

विकास ने हिना के अलावा शिल्पा, आकाश, पुनीश, सपना और लव को भी घर से बाहर जाने के लिए नॉमिनेट किया. इसके बाद ये सभी लोग विकास पर भड़क गए और उन्होंने विकास पर अपने दोस्तों की साइड लेने का आरोप लगाया. पुनीश और आकाश इस हफ्ते नॉमिनेट होने के बाद काफी गुस्से में आ गए. दोनों ने ही दावा किया कि वह विकास को सबक सिखा के रहेंगे. लेकिन बिग बॉस के सोर्सज ने जानकारी दी है कल का एपिसोड पूरा होने के बाद विकास और पुनीश में झगड़ा हो गया है.

बिग बॉस से जुड़ी जानकारी देने वाले ट्विटर हैंडल द खबरी ने बताया है कि विकास ने गुस्से में पुनीश पर हाथ उठाया है. विकास को अपनी इस हरकत का खामियाजा कैप्टनसी गंवाकर उठाना पड़ा है. विकास के कैप्टनसी गंवाने के बाद पुनीश को घर का नया कैप्टन बना दिया गया है. इतना ही दावा किया जा रहा है कि विकास को इस हरकत के लिए काल कोठरी में रहने की सजा दी गई है और अब पूरे सीजन में कभी भी कैप्टन नहीं बन सकते.

नाराज जावानों ने राजनाथ सिंह को नहीं दिया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’

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Rajnath singh

जोधपुर। भारतीय सेना और पुलिस को छप्पन इंच वाली सरकार देश के लिए अहम बताती है, लेकिन सरकार उनके वेतन में हर महीने कटौती कर रही है. वेतन कटौती से नाराज जवान विरोध जताने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. जवानों ने देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने से इनकार कर दिया.

दरअसल, राजनाथ सिंह सोमवार को जोधपुर में संक्षिप्त दौरे पर पहुंचे थे. जिन 8 जवानों को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने जाना था, वे सामूहिक अवकाश पर चले गए. हालांकि बाद में दूसरी टीम भेजकर गृहमंत्री को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया.

जवानों का विरोध करने का यह कोई पहला तरीका नहीं है. इससे पहले भी जोधपुर दौरे पर आए एडीजी एमएल लाठर को भी जवानों ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने से मना कर दिया था. जवानों का कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानेंगी. तब तक हम ऐसे ही विरोध करते रहेंगे.

जवानों ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि वेतन से कटौती नहीं की जाए. मैस भत्ता 1600 रु. से बढ़ाकर चार हजार रुपए किए जाए. हार्ड ड्यूटी भत्ता 12% से बढ़ाकर 50% किया जाए. कांस्टेबल की योग्यता 12वीं पास की जाए. बाइक भत्ता 2000 रु. किया जाए. 7वां वेतन आयोग एक जनवरी 2016 से लागू हो.

अब देखना होगा कि सरकार देश के जवानों को कितना महत्व देती है? जो जवान देश की सुरक्षा के लिए दिन रात एक कर देते हैं, क्या सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी?

दीपावली पर बाजारों में रौनक

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नागपुर। दीपावली से एक दिन पहले धनतेरस पर्व को स्वर्ण आभूषण और पीली धातु खरीदी के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन खरीदी करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि प्रतिवर्ष धनतेरस पर बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ती है. नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद इस साल भी बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है. शहर के इतवारी, बर्डी, गोकुलपेठ, कमाल चौक आदि स्थानों पर सर्राफा, इलेक्ट्रानिक्स, वाहन, बर्तन, कपड़ा आदि बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है. केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में सर्राफा व्यवसाय को कुछ राहत दी गई है, जिससे व्यापारियों और खरीदारों में हर्ष है.

सर्राफा व्यापारी पुरुषोत्तम कावले ने बताया कि पिछले दो तीन दिन से बाजार में ग्राहकी बढ़ी है. लोग धनतेरस के लिए ज्वेलरी की बुकिंग कर रहे हैं. समय पर होनेवाली भीड़ से बचने के लिए पहले ही बुकिंग की जा रही है. वहीं कपड़ा व्यापारियों में कुछ खास खुशी नहीं है. कपड़ा व्यापारी राजेश झाम के अनुसार, पिछले 2 दिन से बाजार में अच्छी ग्राहकी दिख रही है.

विदित हो कि जीएसटी लगने के बाद से बाजारों में सुस्ती सी छाई थी. गत 3-4 दिन से बाजारों में रौनक लौटी है. सोने की खपत बढ़ते ही इसके दाम बढ़ रहे हैं. सोने के दाम में और बढ़त आने की संभावना व्यापारियों द्वारा व्यक्त की जा रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में मजबूती देखी गई. सोना हाजिर 1.15 डॉलर चमककर 1,304.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. दिसंबर का अमेरिकी सोना वायदा 2.2 डॉलर की बढ़त में 1,306.80 डॉलर प्रति औंस बोला गया. सोना हुआ 31 हजारी

धनतेरस से पहले सोमवार को सोना 31 हजार रुपए प्रति ग्राम के आंकड़े को पार कर गया. शनिवार के मुकाबले सोने के दाम में 120 रुपए की बढ़त रही. सोना 31,100 रुपए प्रति 10 ग्राम बिका, वहीं चांदी 100 रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ 41930 रुपए बिकी.

शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा को दी आत्ममंथन करने की नसीहत

Satrughan sinha

नई दिल्ली। भाजपा नेता और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पंजाब में गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली करारी हार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इस हार पर पार्टी की किरकिरी के बीच उन्होंने कहा है कि जैसी उम्मीद थी पार्टी को दो लाख वोटों से अपमानजनक हार मिली है.

एक के बाद एक ट्वीट करते हुए लिखा है कि पार्टी और इससे जुड़े लोगों के लिए मेरा प्यार हमेशा है, मैं प्रशंसा करता हूं. मेरा अवलोकन और फीडबैक पार्टी के आत्मनिरीक्षण के लिए है. उन्होंने कहा कि हम अपनी हार स्वीकार करते हैं और मैं सुनील जाखड़ को बड़ी जीत पर बधाई देता हूं.

पार्टी को आइना देखने की जरूरत बताते हुए सिन्हा ने कहा है कि उसे दीवार पर लिखी साफ इबारत को पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए नहीं तो जनता के मूड का आंकलन करने में नाकामयाबी की बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. ट्वीट में उन्होंने कहा कि इसकी उम्मीद पहले से ही थी क्योंकि स्वर्गीय विनोद खन्ना के किसी करीबी को टिकट नहीं दिया गया.

11 अक्टूबर को गुरदासपुर में लोक सभा की सीट पर उपचुनाव हुआ था, जहां कांग्रेस के सुनील जाखड़ ने भाजपा के स्वर्ण सिंह सलारिया को 2 लाख वोटों से हरा दिया था. वहीं इतनी अपमानजनक हार की किसी को उम्मीद भी नहीं थी. सिन्हा ने ट्वीट कर पार्टी को आत्ममंथन करने की सलाह दी है.

सिन्हा इससे पहले भी अपने बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं और कई बार पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर चुके हैं. हाल ही में पटना यूनिवर्सिटी के 100 साल पूरे होने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया लेकिन खुद कार्यक्रम में नहीं पहुंचे क्योंकि उनके अनुसार उन्हें शनिवार के कार्यक्रम के लिए शुक्रवार की सुबह 10 बजे न्योता मिला था. उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा द्वारा मोदी की आर्थिक नीतियों की आलोचना किए जाने का भी समर्थन किया है.

डरपोक नीतीश को साथ जन्मों तक नहीं करूंगा माफः लालू यादव

lalu yadav

पटना। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री को डरपोक बताया है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह अगले सात जन्मों में भी नीतीश कुमार को माफ नहीं करेंगे.

लालू ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके यहां अब नीतीश कुमार को दोबारा एंट्री नहीं मिलेगी. रविवार को पटना के एक कार्यक्रम में नीतीश ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहसी और कड़े क़दम उठाने वाले व्यक्ति हैं. इस पर लालू ने कहा कि सृजन घोटाले के डर से नीतीश कुमार अब पीएम मोदी और भाजपा की माला जप रहे हैं. लालू ने कहा कि नीतीश कुमार बहुत बड़े डरपोक व्यक्ति हैं.

पटना लौटने के बाद लालू यादव पहली बार संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उनका नीतीश के प्रति ग़ुस्से का कारण है कि दो बार उन्होंने राज तिलक लगाया, लेकिन उसके बावजूद नीतीश भाजपा के साथ चले गए, हालांकि लालू का मानना है कि भाजपा नीतीश का इस्तेमाल कर रही है.

इससे पहले लालू ने रविवार को सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि रविवार का दिन और हजामत, ये तथाकथित बनावटी चाय वाले की नहीं, दूध वाले की निखालस शुद्ध देसी शैली है…एकदम ओरिजिनल.

इस ट्वीट के जरिये लालू किस पर निशाना साध रहे ये ट्वीट देखकर साफ पता चलता है. लालू यादव सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहते हैं. अपनी हर बात वह एक ट्वीट के जरिये कह दते हैं. लालू यादव की हेयरस्टाइल और उनका देसी अंदाज ही उनको दूसरे नेताओं से अलग करता है. लालू यादव इसे बेहतर समझते हैं यही कारण है कि वह ट्वीट करते वक्त भी इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं.

सरकारी नौकरी के लिए रखें इन बातों का ध्यान

अगर आप सरकारी नौकरी करना चाहते हैं और मेहनत भी कर रहे हैं, लेकिन नौकरी नहीं मिल रही हैं, तो परेशान होने की कोई बात नहीं है. कई बार आप खुद ही ऐसी गलती करते रहते हैं, जिसके बारे में आपको पता नहीं चलता और वो आपके करियर में रुकावट बनती है. ऐसी ही गलतियां लगातार होने से आप उसके आदि हो जाते हैं, लेकिन उस गलती को पहचानना आवश्यक है.

इंटरव्यू पर ध्यान दें- अधिकतर लोग लिखित परीक्षा में तो पास हो जाते हैं, लेकिन इंटरव्यू में पास नहीं हो पाते हैं. इसलिए हमेशा इंटरव्यू में अपने कॉन्फिडेंस, व्यक्तित्व का ध्यान रखते हुए हर बात का जवाब देना चाहिए. साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप सही और सटीक जवाब दें. साथ ही कभी भी नौकरी की चाह में युवा अपने सीवी में बढ़ा चढ़ाकर लिखते हैं.

ज्यादा स्मार्ट ना बनें- कभी भी नौकरी के लिए आवेदन करते समय फर्जी सर्टिफिकेट , जॉनिंग लेटर और आपनी सैलरी स्लीप जो असली नहीं ऐसी चीज़े न केवल सामने आने पर आपकी छवि खराब करती है बल्कि अगर आपका बॉस नाराज होता है तो आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाई भी कर सकता है.

नौकरी के लिए अलर्ट- कई बार ऐसी भर्तियां होती है, जिसके लिए आप योग्य होते हैं और आपको पता नहीं रहता कब वो आपके हाथ से चली जाती है. इसलिए सभी नौकरियों पर ध्यान रखना आवश्यक है. इसके लिए जॉब्स वेबसाइट से लेकर अन्य वेबसाइट निरंतर पढ़ते रहें.

शेड्यूल बनाकर करें तैयारी- किसी भी परीक्षा में चाहे वो स्कूली परीक्षा हो या फिर नौकरी की परीक्षा, अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए टाइम टेबल या शेड्यूल बनाकर पढ़ना काफी फायदेमंद होता है. अगर आप अपना एक स्टडी टाइम टेबल बना लेते हैं और उसे हर रोज ध्यान में रखकर तैयारी करते हैं तो आपकी सफलता निश्चित है.

दिग्गज गोलकीपर हुडा की खेल के दौरान हुई मौत

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एक मैच के दौरान अपनी टीम के साथी खिलाड़ी से टकराने के कारण इंडोनेशिया के दिग्गज गोलकीपर चोइरुल हु़डा की मौत हो गई। पार्सेला लामोनगन क्लब के लिए मैच के दौरान पहले हाफ में 38 वर्षीय गोलकीपर हुडा की अपनी टीम के साथी खिलाड़ी रामोन रोड्रिगेज से टक्कर हो गई थी।

पर्सेला लैमनगन और सेमेन पेडांग टीम के बीच चल रहे फुटबॉल मैच के फर्स्ट हाफ में ये दुखद घटना हुई. पर्सेला की टीम मैच में 1-0 से आगे चल रही थी. चोइरुल हुडा विपक्षी टीम का गोल बचाने के लिए आगे बढ़े, तब एक साथी खिलाड़ी से उनकी टक्कर हो गई. सिर पर गहरी चोट लगने के कारण वो जमीन पर गिर पड़े.

मेडिकल स्टाफ ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों ने फुटबॉलर के मौत की वजह सिर पर गहरी चोट बताई है. 38 साल के फुटबॉलर- गोलकीपर चोइरुल हुडा ने 1999 में अपना करियर शुरू किया था. पर्सेला टीम ने उनकी मौत पर शोक जाहिर किया है.

जन्मदिन विशेष- हेमा मालिनी से ड्रिम गर्ल बनने तक का सफर

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बॉलीवुड की स्‍वप्‍न सुंदरी यानि ड्रीम गर्ल से हेमा मालिनी ने सफल राजनीतिज्ञ बनने तक का लंबा सफर तय किया है। 2003 से 2009 तक राज्‍यसभा में और 2014 से लोक सभा में भाजपा की सांसद के बारे शायद ही ऐसा कुछ हो जो सुपर स्‍टारडम को जीने वाली पहली एक्‍ट्रेस हेमा के बारे में उनके फैंस ना जानते हों। इसके बावजूद उनके जन्‍मदिन पर चलिए उनकी कहानी की कुछ खास बातें बताते फिर से दोहराते हैं।

करियर की शुरूआत में हेमा मालिनी को एक तमिल निर्देशक श्रीधर ने अपनी फिल्म में काम देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया था कि उनमें स्टार अपील नहीं है। हालांकि सत्तर के दशक में जब हेमा सुपर स्‍टार बन चुकी थीं श्रीधर ने उनकी लोकप्रियता को कैश कराने के लिए 1973 में फिल्म ‘गहरी चाल’ का निर्माण किया।

सालों तक संघर्ष करने बाद हेमा मालिनी को जिक्र के काबिल काम नहीं मिला था। इसके बाद 1968 उनके कैरियर का सुनहरा साल साबित हुआ जब उन्हें बॉलीवुड के शोमैन राजकपूर की फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ में पहली बार लीड रोल मिला। इसी फिल्म के प्रचार के दौरान हेमा को ड्रीम गर्ल के रूप में प्रमोट किया गया हालांकि फिल्म फ्लॉप हुई लेकिन अभिनेत्री के रूप में हेमा मालिनी को दर्शकों ने पसंद कर लिया।

तीन महीने में भाजपा की तीन बड़ी चुनावी हार​ से मोदी परेशान

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नई दिल्ली। भाजपा सरकार भले ही देश की जनता को अच्छे दिनों का सपना दिखाकर अपना उल्लू सीधा कर रही हो. लेकिन पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग जगहों से भाजपा की हार की जो खबरें मिली है, उससे साफ जाहिर होता है कि देश की जनता हिंदुत्व के सपनों की हकीकत जान चुकी है. चाहे वो गुरदासपुर का उप चुनाव हो या फिर दिल्ली और इलाहाबाद ​विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव. इन सभी चुनावों में भाजपा को करारी हार का ​सा​​​मना करना पड़ा है. बीजेपी के लिए सबसे बुरी खबर गुरदासपुर लोकसभा उप-चुनाव से आई है. जहां से कांग्रेस के उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने भाजपा प्रत्याशी सवर्ण सिंह सलारिया को लगभग दो लाख मतों के अंतर से हरा दिया है. ये सीट पहले भाजपा के ही खाते में थी.​ भाजपा की इस हार में हार का अंतर शर्मनाक है.​

वहीं यूपी में योगी सरकार बनने के बाद ​बीते रविवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में पांच में से चार सीटों पर ​भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी को हार का मुंह देखना पड़ा.​ ​यानि हिन्दुत्व का दम भरने वाली योगी सरकार की हकीकत से जनता अब वाकिफ हो चुकी है. ​जिस युवा वर्ग के भरोसे मोदी 2014 का चुनाव जीते थे, वही मोदी की उम्मीदों पर पानी फेरने को अमादा है.​ इधर केरल में भी भाजपा के लिए बुरी खबर है. हाल ही में केरल की वेंगाना सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था. लेकिन जीतना तो दूर की बात है. वोट का प्रतिशत भी पहले के मुकाबले कम हो गया. लगातार हो रही भाजपा की हार का असर इन दिनों सियासत में साफ देखा जा रहा है. क्योंकि चुनाव आयोग ने हिमाचल और गुजरात में एक साथ चुनाव कराने की घोषणा करने का फैसला किया था. लेकिन जिस तरह से गुजरात चुनाव की तारीख की घोषणा रोक दी गई है. इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा और मोदी डरे हुए हैं.

आतंकी हमले में 276 लोगों की मौत और 300 घायल

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सोमालिया

मोगादिशू। सोमालिया की राजधानी मोगादिशू में शक्तिशाली विस्फोट में 276 लोग मारे गए हैं. धमाके में 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं. देश के सूचना मंत्री ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी. धमाकों में मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय नागरिकों ने इसे अब तक का सबसे शक्तिशाली विस्फोट बताया है.

पुलिस कैप्टन मोहम्मद हुसैन ने बताया कि इस विस्फोट को होडान जिले के एक व्यस्त मार्ग पर स्थित होटल को निशाना बनाया गया. धमाके 276 लोगों की मौत हो गई और 300 लोग घायल हो गए हैं. सुरक्षाबलों ने संदेह होने पर इस ट्रक का पीछा करना शुरु किया था.

सोमालियाई नेता अब्दीरहमान उस्‍मान ने अपने ट्वीट में इस हमले को ‘बर्बर’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि तुर्की और केन्या सहित कई देशों ने मेडिकल सहायता की पेशकेश की है. शनिवार को विदेश मंत्रालय समेत महत्वपूर्ण मंत्रालयों के पास व्यस्त चौराहे को निशाना बनाकर किये गए ट्रक बम विस्फोट के बाद अस्पतालों में भारी भीड़ लग गई है.

घटना के विरोध में रविवार को विस्फोट की जगह पर बड़ी संख्या में गुस्साए लोग जमा हुए. सोमालिया सरकार ने हमले को ‘राष्ट्रीय आपदा’ करार देते हुए अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन अल-शबाब को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है.

अफ्रीका का यह घातक आतंकी संगठन इससे पहले भी कई बार मोगादिशू के महत्वपूर्ण इलाकों को अपना निशाना बना चुका है. हालांकि इस हमले को लेकर उसने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है. ट्रंप प्रशासन और नवनिर्वाचित सोमालियाई राष्ट्रपति ने इस साल के शुरू में अल-शबाब के खिलाफ सैनिक कार्रवाई तेज करने की घोषणा की थी. जिसके बाद अल-शबाब ने अपने हमले तेज करने की धमकी दी थी.

दिवाली से पहले थोक महंगाई दर में कमी; फिर भी महंगे हुए प्याज़, अंडे और मीट

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थोक महंगाई में लगातार दो माह की तेजी के बाद पहली गिरावट दर्ज की गयी है. अगस्त में यह चार महीने के उच्चतम स्तर 3.24 प्रतिशत पर रही थी. इससे पहले जुलाई में यह 1.88 प्रतिशत रही थी. पिछले साल सितंबर में थोक महंगाई दर 1.36 प्रतिशत दर्ज की गयी थी. सरकार द्वारा आज यहां जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सितंबर की तुलना में इस साल सितंबर में खाद्य पदार्थो के दाम 2.04 प्रतिशत की मामूली दर से बढ़े हैं. इस श्रेणी में महंगाई दर कम रहने का मुख्य कारण दालों के दाम एक साल पहले की तुलना में 24.26 प्रतिशत और आलू के 46.52 प्रतिशत घटना रहा है. गेहूँ की कीमतों में 1.71 प्रतिशत और मोटे अनाजों में 0.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी. सितंबर में थोक महंगाई दर कम होने में सब्जियों के दाम में आई कमी ने सहारा दिया है. महीने दर महीने आधार पर सितंबर में खाने पीने की चीजों की थोक महंगाई दर 1.99 पर आ गई है. इससे पहले महीने यह 4.41 फीसदी पर थी. सितंबर 2017 में फूड आर्टि‍ल्‍स की थोक महंगाई दर गिरकर 2.04 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 5.75 फीसदी थी. थोक महंगाई दर में फूड इन्‍फ्लेशन की हिस्‍सेदारी 15.26 फीसदी है. सितंबर में सब्जियों के दाम गिरे हैं. सब्जियों की थोक महंगाई गिरकर 15.48 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 44.91 फीसदी पर थी. फलों की थोक महंगाई भी पिछले महीने गिरकर 2.93 फीसदी पर आ गई जो अगस्‍त में 7.35 फीसदी थी.

हालांकि प्‍याज के दामों में सितंबर में राहत नहीं दिखी. सितंबर महीने में प्‍याज के दाम 79.78 फीसदी के स्‍तर पर पहुंच गए. वहीं, अंडे, मीट और मछलियों के दाम 5.47 फीसदी के स्‍तर पर रहे. अंडा,मीट,मछली के दाम बढ़े सितंबर में प्रोटीन प्रोडक्‍ट्स अंडा, मीट और मछली की थोक महंगाई बढ़ी है. सितंबर में इसकी महंगाई दर 5.47 फीसदी रही, जो अगस्‍त में 3.93 फीसदी थी. मिनरल्‍स की महंगाई में गि‍रावट दर्ज की गई है. पिछले महीने मिनरल्‍स की थोक महंगाई दर -7.73 फीसदी दर्ज की गई, जून में यह आंकड़ा 24.84 फीसदी पर था. आलू, दाल और गेहूं की थोक महंगाई सितंबर में भी शून्‍य से नीचे बनी रही. यह क्रमश: -46.52 फीसदी, -24.26 और -1.71 फीसदी दर्ज की गई.

सिलेंडर ब्लास्ट में 6 की मौत, हादसे में बची मासूम को गोद लेगी सरकार

कर्नाटक

बेंगलुरु। बेंगलुरु में सोमवार सुबह हुए एक सिलेंडर ब्लास्ट में छह लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद राहत और बचाव का काम जारी है. बचाव दल ने मकान के मलबे से एक बच्ची सुरक्षित बाहर निकाला है लेकिन बच्ची के मां-बाप की हादसे में मौत हो गई है.

बेंगलुरु के विकास मंत्री के जी जॉर्ज ने कहा है कि इस हादसे में मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये दिए जाएंगे. मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार उस बच्ची को गोद लेगी जिसने इस हादसे में अपने परिजनों को खो दिया है. उन्होंने कहा है कि बच्ची के परवरिश का खर्च अब सरकार उठाएगी.

इससे पहले गृहमंत्री रामालिंगा रेड्डी ने कहा है कि इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से पांच लोग इसी बिल्डिंग में रहते थे और एक पड़ोसी था. रेड्डी ने कहा कि बिल्डिंग के ग्राउंड और फर्स्‍ट फ्लोर पर रखे सिलेंडरों में गैस नहीं थी, इसलिए यह संभावना नहीं है कि विस्फोट के कारण इमारत ढही.

दमकल विभाग एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने मलबे से लोगों के शव बरामद किए. मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल थीं. दो मृतकों की पहचान कलावती (68) और रविचंद्रन (30) के तौर पर हुई है. पुलिस ने बताया कि मलबे से दो बच्चों को जीवित निकाला गया, जिनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

ये हादसा बेंगलुरु के इजीपुरा इलाके में हुआ है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सिलेंडर विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास के कई घर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. वहीं इस हादसे के बाद से राहत बचाव का काम जारी है और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

मौके पर पुलिसकर्मियों का कहना है कि मकान के मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लिया जा रहा है और घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जमीनी विवाद में निहंगों ने की दलित की हत्या, एक दर्जन से ज्यादा घायल

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संगरूर। पंजाब के संगरूर जिले के शाहपुरकलां गांव में जमीनी विवाद को लेकर निहंगो (हथियार रखने वाले सिख, इन्हें अकाली भी कहा जाता है.) और दलित समुदाय में हुई हिंसक झड़प में एक दलित की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए हैं. गंभीर रूप से घायल सभी लोगों को सुनाम के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इस घटना के बाद गांव में तनाव है. पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है.

जानकारी के मुताबिक, संगरूर जिले के शाहपुरकलां गांव में कुछ पंचायती जमीन का पिछले लंबे समय से निहंगो और दलितों में विवाद चल रहा था. आज इस विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब गांव के दलित निहंगो से जमीन का अपना बनता हिस्सा लेने के लिए उनके साथ बात करने गए. लेकिन इसी दौरान माहौल बिगड़ गया.

बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो गई. इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से धारदार हथियारों का प्रयोग किया गया. इसके चलते एक व्यक्ति तेजा सिंह की तो मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन लोग जख्मी हो गए. घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं. सभी घायलों को सुनाम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल पैदा हो गया है. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस बल पहुंच कर स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पिछले लंबे समय से गांव की जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था, लेकिन आज जब निहंगो से कब्जा लेने के लिए दलित आए तो दोनों पक्षों में झड़प हो गई.

भाजपा के खिलाफ प्रचार करेगी बर्खास्त दलित IAS

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shashi karnawat

भोपाल। सतना जिले के चित्रकूट में उपचुनाव होने वाले हैं. इस उपचुनावमें एक बर्खास्त दलित महिला आईएस ऑफिसर शशि कर्णावत शिवराज सरकार के खिलाफ प्रचार करेंगी.

कर्णावत, शिवराज सिंह के लिए आने वाले चुनाव में तनाव का कारण बन सकती हैं. बर्खास्त आईएएस शशि कर्णावत ने शिवराज सरकार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चाबंदी करना शुरू कर दिया है. वह कहती हैं कि जो पार्टी मेरी अच्छाइयों और बुराइयों के साथ मुझे स्वीकार करेगी वह उसी के साथ काम करेंगी.

शशि कर्णावत ने कहा कि चित्रकूट विधानसभा के उपचुनाव के दौरान भाजपा, खासकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रचार करेंगी. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस राजनीतिक पार्टी का समर्थन करेंगी. उन्होंने कहा कि प्रत्याशी की घोषणा के बाद तय करेंगे की किसका समर्थन करना है.

शशि ने कहा कि मैं पहली दलित महिला आईएएस हूं, जिसे सरकार ने साजिश कर फंसाया है. शशि कर्णावत के बर्खास्त होने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा था कि वह बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर सकती हैं लेकिन शशि ने साफ कर दिया है कि वह अभी फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी में नहीं जा रही हैं. लेकिन भाजपा के खिलाफ वह जरूर चुनाव प्रचार करेंगी.

जाट लड़कियों ने दलित को पीटा, इलाके में भारी तनाव

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मुजफ्फर नगर

मुज़फ्फरनगर। यूपी के मुजफ्फरनगर के एक गांव में दलित-जाट समुदाय के बीच तनातनी हो गई है. गांव में जाट समुदाय की 4 लड़कियों ने एक दलित लड़की की पिटाई कर दी, जिससे इलाके में तनाव फैल गया. घटना के बाद गांव में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और तनाव कम करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है.

दरअसल, मामला मुज़फ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मुस्तफाबाद पचेंडा स्थित जनता इंटर कॉलेज का है. यहां एक हफ्ता पहले कुछ छात्राओं के बीच मामूली बात को लेकर झगड़ा हो गया था. जिसके बाद, 13 अक्टूबर को कुछ जाट छात्राओं ने कॉलेज में दलित समाज की एक छात्रा की पिटाई कर दी थी. इसमें दलित छात्रा को चोटें भी आईं. इसे लेकर पीड़ित छात्रा की ओर से नई मंडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था.

पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न होने पर, नाराज होकर दलित परिवार ने जिलाधिकारी कार्यालय की पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने लगे. इसकी सूचना पर सर्किल ऑफिसर(सीओ) राजीव कुमार गौतम भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. यहां वे पीड़ितां के परिवार और समर्थन में आए लोगों को यह समझाने में जुट गए कि आरोपी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है और जल्द ही इसमें कार्रवाई की जाएगी.

सीओ राजीव कुमार ने बताया कि पीड़िता के पिता अजय सिंह ने आरोपी लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जो जाट समुदाय की हैं. ये सभी लड़कियां बारहवीं कक्षा की छात्रा हैं.