बाबर-अकबर की कलंक कथा को इतिहास से निकाल रही है भाजपा: संगीत सोम

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मेरठ। भाजपा विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को लेकर का एक विवादित बयान दिया है. ताजमहल को उन्होंने भारतीय संस्कृति पर धब्बा बताया है. रविवार को उन्होंने कहा है कि ताज महल बनाने वाले ने उत्तर प्रदेश और हिंदुस्तान से सभी हिंदुओं का सर्वनाश करने का काम किया था. ऐसों का नाम अगर इतिहास में होगा तो वह बदला जाएगा.

संगीत सोम मेरठ के सिसौली गांव में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में ऐसी एक निशानी, जिसे नहीं कहना चाहिए. बहुत लोगों को बड़ा दर्द हुआ कि आगरा का ताजमहल ऐतिहासिक स्थलों में से निकाल दिया गया. कैसा इतिहास, कहां का इतिहास, कौन सा इतिहास? क्या वह इतिहास कि ताज महल बनाने वाले ने अपने बाप को कैद किया था? क्या वह इतिहास कि ताजमहल बनाने वाले ने उत्तर प्रदेश और हिंदुस्तान से सभी हिंदुओं का सर्वनाश करने का काम किया था? ऐसे लोगों का नाम अगर आज भी इतिहास में होगा, तो यह दुर्भाग्य की बात है और मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि इतिहास बदला जाएगा.”

सोम ने कहा कि ये कैसा इतिहास, किस काम का इतिहास जिस में अपने पिता को ही कैद कर डाला था. इन लोगों ने हिंदुस्तान में हिन्दुओं का सर्वनाश किया था. संगीत सोम बोले कि अब भाजपा सरकार देश के इतिहास से बाबर, अकबर और औरंगजेब की कलंक कथा को इतिहास से निकालने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि देश का इतिहास अब तक बिगड़ा हुआ था उसे सुधारने का काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है. यहां एक तरफ भगवान शिव, भगवान राम और भगवान कृष्ण का अवतार हुआ तो दुर्भाग्य से यहां बाबर और अकबर का अवतार भी हुआ.

राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने बीते दिनों ऐतिहासिक धरोहरों और स्थलों की एक सूची जारी की थी, जिसमें आगरा के ताजमहल का नाम नहीं था. बाद में सरकारी की उस पर सफाई आई थी कि वह गलती से उस सूची में शामिल किए जाने से रह गया था. राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया पर योगी सरकार की इस बाबत खूब आलोचना हुई थी.

दलित सांसद धरने पर बैठा, भाजपा ने गाय के गोबर और गंगाजल से किया शुद्धिकरण

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शुद्धिकरण

नई दिल्ली। समाज की पुरानी और दकियानूसी सोच को बदलने का जिम्मा नेताओं पर ही होता है. लेकिन जब देश को चलाने वाले नेता की सोच मे ही गरीबी हो तो समाज का भला क्या होगा. पिछले दिनों जिस तरह से केरल में भाजपा नेताओं ने हरकत की है वो वाकई समाज को शर्मसार कर देने वाली है.

दरअसल, स्थानीय नेता राजेश्वरी राजेंद्रन के नेतृत्व में भाजपा महिला मोर्चा की एक कार्यकर्ता ने गाय के गोबर और गंगाजल से कोलम जिले के कोट्टाराक्कारा की एक जगह का शुद्धिकरण किया. इस जगह पर कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने 24 घंटे की भूख हड़ताल की थी. 11 अक्टूबर को सुरेश ने यह भूख हड़ताल रेलवे गेज-रूपांतरण परियोजना में देरी होने के कारण किया था. कोडिकुनिल सुरेश एक दलित सासंद हैं.

कांग्रेस की कोट्टाराक्कारा यूनिट ने इस घटना के एक दिन बाद 12 अक्टूबर को अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया है. लगातार छह बार लोकसभा सांसद रहने वाले सुरेश लॉ ग्रेजुएट हैं और 1980 के दशक में यूथ कांग्रेस के नेता बने. वह विरोध स्थल से लगभग 50 किलोमीटर दूर मवेलिककर सीट से सांसद हैं.

कोट्टाराक्कारा के एक कांग्रेसी पार्षद नेल्सन थोमस ने कहा कि पार्टी दलित नेता के खिलाफ ऐसे “अत्याचार” को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने आगे कहा कि यह भाजपा की जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के “शुद्धिकरण” के खिलाफ भूख हड़ताल वाली जगह पर दूध छिड़क दिया. थोमस ने कहा कि दूध शुद्धता का प्रतीक है, गोबर नहीं. हमारे विरोध का मतलब है कि भाजपा की जातिवादी राजनीति केरल में काम न करे.

थोमस ने कहा कि सुरेश केवल कोल्लम-चेनगोट्टई रेलवे लिंक परियोजना में देरी होने का विरोध कर रहे थे. उनकी मांग थी कि परियोजना बिना किसी देरी के पूरी की जाए जिससे की स्थानीय लोगों की यात्रा में सुविधा हो सकें.

राज्य कांग्रेस के महासचिव जोसेफ वाखक्कन ने कहा है कि भाजपा की नीति “दलितों और निचले तबको के खिलाफ है.” यह एक सम्मानित दलित नेता पर हमला है. जिसे लोगों ने कई बार चुना है. हम इस मुद्दे को उच्च स्तर पर लेकर जाएंगे.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंडलम सुधाकरन ने कहा कि यह घटना भाजपा की सांस्कृतिक मानसिकता को दर्शाता है. सुधाकरन ने राज्य सरकार से भाजपा महिला मोर्चा के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की हैं. उन्होंने कहा कि यह दलित समुदाय को अपमानित करने और संसद का अपमान करने जैसा ही है. सुरेश एक लोकसभा सांसद है.

भाजपा ने “शुद्धिकरण” से इंकार नहीं किया है लेकिन सांसद सुरेश को ही आरोपी बनाया. कोल्लम भाजपा अध्यक्ष जी गोपीनाथ ने कहा कि वह (सुरेश) एनडीए सरकार द्वारा केरल और जिले को देने वाले अनुदान से बनने वाली परियोजना का श्रेय लेना चाहते हैं. सुरेश अक्सर विरोध प्रदर्शन शुरू करते हैं और परियोजनाओं के लिए श्रेय लेते हैं.

अब आप ही सोचिए एक दलित सांसद के साथ भाजपा इस तरह के जातिगत भेदभाव कर सकती है तो आम दलित लोगों के प्रति उनका क्या रवैया होता होगा?

 

मुझे लगा कि सोनिया गांधी मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति और मुझे पीएम बनाएंगी: प्रणब मुखर्जी

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मनमोहन सिंह

नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी नई किताब में यूपीए दौर के कई राज से पर्दा उठाया है. अपनी नई किताब ‘कोएलिशन ईयर्स (1996-2012)’ में प्रणब मुखर्जी ने 2012 के राष्‍ट्रपति चुनाव से पहले के वाकये का जिक्र करते हुए लिखा कि दो जून, 2012 को वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के लिए गए. उस वक्‍त राष्‍ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी थीं. मीटिंग के दौरान सोनिया गांधी ने कहा, ”प्रणबजी आप इस पद के लिए सबसे योग्य शख्स हैं लेकिन आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकार चलाने में आपकी भूमिका बेहद अहम है. लिहाजा कोई वैकल्पिक नाम सुझाएं?”

प्रणब मुखर्जी ने लिखा, ”मीटिंग खत्म होने के बाद मुझे लगा कि सोनिया गांधी यूपीए के राष्‍ट्रपति पद के प्रत्‍याशी के लिए मनमोहन सिंह के नाम पर विचार कर रही हैं. मैंने सोचा कि यदि मनमोहन सिंह को राष्‍ट्रपति बनाया जाएगा तो वह मुझे प्रधानमंत्री पद के लिए चुन सकती हैं. मैंने इस बारे में भी चर्चा सुनी कि कौशांबी पहाड़ियों में छुट्टियां बिताने के दौरान भी उन्होंने इस विचार पर मंथन किया.”

एक घटना में उन्‍होंने मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के बाद मनमोहन सिंह से विदेश मंत्री के रूप में अपनी मुलाकात का जिक्र अपनी किताब में करते हुए लिखा है, ”मैं जब मनमोहन सिंह से मिलने उनके ऑफिस पहुंचा तो उन्‍होंने बताया कि शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के पद से इस्‍तीफा दे दिया और सोनिया गांधी ने सुझाव दिया है कि मुझे इस पद भार को संभाल लेना चाहिए. मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि उन्‍होंने सोनिया गांधी से ऐसा नहीं करने को कहा है क्‍योंकि मैं विदेश मंत्री के रूप में पहले ही उस घटना के बाद युद्ध जैसे हालात को संभाल रहा था. लिहाजा ऐसे में इस पद को छोड़ना मेरे लिए मुनासिब नहीं था. फिर यह तय किया गया कि पी चिदंबरम को गृह मंत्रालय की जिम्‍मेदारी दी जाए.”

शुक्रवार को इस प्रणब मुखर्जी की पुस्‍तक के प्रकाशित होने के मौके पर मौजूद पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने वर्ष 2004 में अपने प्रधानमंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुना और ”प्रणबजी मेरे बहुत ही प्रतिष्ठित सहयोगी थे.” उन्होंने कहा, ”इनके (मुखर्जी के) पास यह शिकायत करने के सभी कारण थे कि मेरे प्रधानमंत्री बनने की तुलना में वह इस पद (प्रधानमंत्री) के लिए अधिक योग्य हैं. पर वह इस बात को भी अच्छी तरह से जानते थे कि मेरे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था.”

DM की कुर्सी पर बैठे भाजपा मंत्री, सोशल मीडिया पर हुई फजीहत

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पटना। सत्ता का नशा जब सर चढ़ कर बोलता है तो हमारे मंत्री जी अजीबोगरीब हकरत करने लगते हैं. कुछ इसी तरह की हरकतें करते दिखें बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा. जो भाजपा कोटे से श्रम मंत्री बनाए गए हैं. दरअसल मंत्री बनने के बाद वे पहली बार शेखपुरा के डीएम ऑफिस में पहुंचे थे. जहां पर डीएम साहब मंत्री के स्वागत के लिए कुछ सामान मंगवाने बाहर निकल गए. मौका देखकर मंत्री जी तपाक से डीएम साहब की कुर्सी पर बैठ गए. और खुद डीएम दरबार लगाते दिखे.

अब मंत्री जी के इस हरकत से उनका कुछ ज्यादा ही छीछालेदर हो रहा है. क्योकि उनके सर्मथकों ने भी मौके का फायदा उठाते हुए तपाक से मंत्री की तस्वीर ले ली थी. और फेसबुक पर पोस्ट कर दिया था. अब जिस तरह से सोशल मीडिया पर मंत्री फोटो वायरल हो रही है. उनके लिए सफाई देने के आलावा और कोई चारा नहीं दिख रहा है. उन्होंने अपनी सफाई भी दी तो बचकाना तरीके से. उनका कहना था कि कि डीएम साहब जाने से पहले ये बता कर नहीं गए थे कि उन्हें कहां बैठना है

दूसरी तरफ आरजेडी के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मंत्री जी पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है, “हारे हुए लोगों को सता मिली है तो सिर चकराया हुआ है. बिहार में इनका इतना मन बढ़ा हुआ है कि राज्यपाल से मिलेंगे तो उनकी कुर्सी पर भी बैठ जायेंगे.”

गुजरात में दलितों की चमड़ी उधेड़ी जाएगी, तो पागल ही होगा विकास: कांग्रेस

गुजरात के विकास मॉडल को देश का सबसे आधुनिक मॉडल माना जाता है. इसी गुजरात मॉडल का प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया है. लेकिन अब गुजरात चुनाव के मद्देनजर विकास के इसी गुजरात मॉडल पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ना केवल सवाल बल्कि कांग्रेस पार्टी तो यहां तक कह रही है कि गुजरात में विकास पागल हो गया है. बीजेपी के तमाम मंत्री और नेता राहुल गांधी की ओर से विकास पर दिए बयान को गुजरात की जनता का अपमान बता रहे हैं लेकिन फिर भी कांग्रेस पार्टी अपने नेता के बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच विकास के इसी मॉडल को लेकर ‘आजतक’ के कार्यक्रम पंचायत आजतक में तीखी बहस हुई.

विकास के पागल होने को लेकर अपने नेता राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि हमें जुमलों से आगे बढ़कर अब जिम्मेदारी तय करनी होगी. उन्होंने कहा कि जब सूरत के व्यापारियों पर बीजेपी सरकार में लाठी चार्ज होता है तो विकास पगलाएगा ही. उन्होंने कहा कि जब गुजरात में पटेल समुदाए के लोगों पर 12 हजार मुकदमे दर्ज होंगे और पुलिस घर में घुसकर महिलाओं-बुजुर्गों पर डंडे बरसाएगी तो विकास पगला ही जाएगा.

कांग्रेस प्रवक्ता यहीं नहीं रुके, सुरजेवाला ने विकास के पागल हो जाने के और भी उदाहरण भी पेश किए. उन्होंने कहा कि जब उना में दलित साथियों की चमड़ी उधेड़ दी जाएगी तो विकास पगलाएगा ही. उन्होंने कहा कि सूबे के नौजवानों को अस्थाई नौकरी पर रखा जाएगा और पूरी सैलरी भी नहीं दी जाएगी तो विकास पागल ही होगा. युवाओं रो नौकरी नहीं मिलेगी और वो इधर-उधर भटकेगा तो विकास पगलाएगा ही.

सरकार आंकड़ों का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात विकास के तमाम मापदंडों में लगातार नीचे खिसक रहा है. मानव विकास सूचकांक से लेकर, शिक्षा, शिशु मृ्त्यु दर, कुपोषण जैसे तमाम उदाहरण में गुजरात फिसलता जा रहा है तो विकास का पागल हो जाना तय है. केंद्र सरकार में मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुरजेवाला के आरोपों को जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एक सामाजिक मुद्दे पर राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार हर मामले में दखल देकर सुधार की कोशिशों में जुटी है. निर्मला ने कहा कि अगर हमारे विकास का मॉडल ठीक नहीं है तो कांग्रेस की जहां सरकार है वहां के मॉडल के बारे में हमें बताती क्यों नहीं.

बिग बॉस 11′ के आकाश का झूठ पकड़ा गया, विशाल ददलानी को बताया था भाई

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‘बिग बॉस 11’ के कंटेस्‍टेंट आकाश ददलानी ने खुद को जानेमाने म्‍यूजिक डायरेक्‍टर विशाल ददलानी का रिश्‍तेदार बताया था. विशाल ददलानी से जुड़ी कई बातें आकाश घरवालों को बता चुके हैं. आकाश एक रैपर हैं और वे जब इस शो में आये थे तो उन्‍होंने खुद को म्‍यूजिक लवर बताया था. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि विशाल ददलानी आज तक आकाश से कभी मिले ही नहीं है.

ऐसा सुनने में आया था कि आकाश ने खुद को विशाल के मृत भाई का बेटा बताया था. इसे लेकर आकाश ने ट्वीट कर बताया है कि वो आकाश को नहीं जानते और न ही वे उनके रिश्‍तेदार हैं. विशाल ने लिखा,’ बिग बॉस के अंदर कोई व्‍यक्ति है जो मुझे अपना रिश्‍तेदार बता रहे हैं. मैंने इसे चेक किया और पता चला कि वे काफी दूर के रिश्‍तेदार है. मैं उन्‍हें नहीं जानता.’ उन्‍होंने आगे लिखा,’ उन्‍होंने मुझे टेक्‍स्‍ट भी किया था और वह काम मांग रहे थे. उन्‍होंने कई बार मुझसे इस बारे में बात भी करने की कोशिश की. लेकिन सिर्फ सरनेम एक सा होने से काम नहीं मिलता. अगर वह मेरे पिता ‘मरे हुए भाई’ (जैसा वह कहते हैं) होते भी तो मैं उन्‍हें काम नहीं देता.’

म्‍यूजिक डायरेक्‍टर ने लिखा,’ उन्‍हें मेहनत के दम पर यहां आना होगा और अपने लिए खुद जगह बनानी होगी. मैं आपको बता दूं कि मेरा कोई भाई नहीं है. यह क्लियर है कि मैं इन्‍हें नहीं जानता.’ बता दें कि इस सीजन का दूसरा ऐसा मामला है जब किसी सदस्‍य ने अपनी गलत पहचान बनाई हो. इससे पहले जुबैर खान ने खुद को अंडरवर्ल्‍ड दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर का दामाद बताया था. लेकिन बाद में ऐसा खुलासा हुआ कि वे उनके रिश्‍तेदार नहीं हैं. सलमान खान ने भी उन्‍हें झूठी पहचान बताने के लिए खूब खरी-खोटी सुनाई थी.

पुलवामा में सुरक्षा बलों ने लश्कर के 2 आतंकी किए ढेर

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indian army

पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को मार गिराया. मुठभेड़ के दौरान एक आम नागरिक की भी मौत हो गई और एक जख्मी हो गया. मारे गए दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे.

सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों को पुलवामा के लस्सीपोरा के एक घर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने उस घर को घेर लिया और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी. खुद को घिरता देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी जिसकी जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी ढेर हो गए.

मारे गए दोनो आतंकियों की पहचान वसीम शाह और नशीर के तौर पर हुई.आपकों बता दें कि दोनों आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी थे जिसमें से एक A++ कैटेगरी का और दूसरा B कैटेगरी का था. जानकारी के अनुसार लश्कर कमांडर वसीम शाह जो आतंकी संगठन के लिए युवाओं की भर्तियां करता था.

ऑपरेशन के दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने जवानों पर पथराव भी किया. आतंकियों के पास से एक AK-47, एक AK-56 और छह मैगजीन मिली हैं. आईजी मुनीर खान ने बताया कि उनको वहां दो आतंकियों के छिपे होने की जानकारी थी इस वजह से पुलिस, आर्मी और सीआरपीएफ ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया था.

आईजी मुनीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के दोनों आतंकियों के मारे जाने का पुष्टि करते हुए बताया कि आतंकी वसीम शाह को उर्फ अबू उसामा का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है क्योंकि वो लगातार आतंकी गतिविधियों में संलिप्त रहता था और घाटी के युवाओं को आतंकी सगंठन में शामिल करवाने का काम करता था. वसीम शाह के उपर 7 एफआईआर दर्ज थी.

वसीम शाह का मारा जाना लश्कर के लिए एक बड़ा झटका है. उन्होंने सुरक्षा बलों को इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई दी और कहा कि ये सुरक्षाबलों की तत्परता का ही परिणाम है कि आतंकियों के हमलें के कई प्रयासों को विफल कर दिया और सीमा पर घुसपैठ के प्रयासों के दौरान करीब 70 आतंकवादी मार गिराए.

भाजपा की नजरें बिहार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर

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पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को बिहार के दौरे पर हैं. मोदी ने पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लिया. उसके बाद मोकामा में कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के अलावा कुछ नए पुलों का कार्यारंभ भी किया. लेकिन मोदी के स्वागत में लगाए गए पोस्टरों ने बिहार की सियासत को नया रूप दे दिया है.

दरअसल, मोदी की स्वागत में पटना में जगह-जगह पोस्टर बैनर लगे हैं. लेकिन बिहार में बहार लाने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर ही इन पोस्टरों से गायब है. इनमें भाजपा अपने सभी सहयोगियों पर भारी पड़ रही है. सबसे ज़्यादा परिवर्तन इस बार ये देखने को मिल रहा है कि भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए होर्डिंग में नीतीश कुमार का चेहरा भी ग़ायब है.

इस सरकारी कार्यक्रम में भाजपा अपने सभी सहयोगियों पर भारी पड़ती दिखी. दोबारा दोस्ती की गाथा लिखने के बाद नीतीश कुमार के साथ पीएम का ये पहला कार्यक्रम था. लेकिन पोस्टरों में चारों ओर सिर्फ मोदी ही छाए रहे. नीतीश के साथ-साथ जेडीयू के नेता और कार्यकर्ता मूकदर्शक ही बने दिख रहे थे.

पीएम के आने से भले ही नीतीश की नगरी में आज उत्साह का माहौल दिख रहा था. लेकिन जिस तरह से भाजपा के नेता अपनी डपली बजा रहे हैं और होर्डिंग के जरिए पटना की सड़कों पर सियासत की नई सूरत दिखा रहे हैं. उससे साफ जाहिर है कि भाजपा आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में अपने बूते आगे बढ़ने का मन बना चुकी है.

जन्मदिन विशेष। जानिए गौतम गंभीर के बारे में कुछ खास बातें

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नई दिल्ली: टीम इंडिया के धमाकेदार बल्लेबाजी गौतम गंभीर आज यानि कि 14 अक्टूबर को जन्मदिन है। चाहें इन दिनों यह खिलाड़ी टीम से बाहर हैं, लेकिन एक समय में इन्होंने अपनी धमाकेदार पारी से सभी का दिल जीत लिया था। आइए, जानते है इनसे जुड़ी कुछ खास बाते- 10 साल की उम्र में ही खेलना शुरु किया था क्रिकेट उनके पिता दीपक गंभीर टेक्सटाइल बिजनेसमैन हैं और मां का नाम सीमा है। गंभीर को बचपन से ही क्रिकेट का क्रेज हैं और उन्होंने 10 साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। जिसके बाद 22 साल की उम्र में उन्होंने टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया और धमाकेदार पारियां खेलकर फैंस के दिलों में जगह बनाई। वनडे करियर 2003 में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज करने वाले गौतम गंभीर ने अब तक 147 मैच खेले है, जिसमें उन्होंने 5238 रन बनाए और इस धमाकेदार पारियों में 11 शतक और 34 अर्धशतक लगाए। टेस्ट करियर 2004 में इन्होंने टेस्ट करियर में कदम रखा और अब तक 58 मैचों में 4154 रन बना चुके हैं, जिसमें 9 शतक और 1 दोहरा शतक भी शामिल है। पहला टेस्ट मैच अॉस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया था। टी 20 और IPL करियर टी 20 फॉमेट की बात करें तो इस फॉर्मेंट में भी यह पीछे नहीं रहे। इन्होंने कुल 37 मैच खेला और जिसमें 932 रन बनाए, इसके अलावा इन्होंने आईपीएल में काफी धूम मचाई और 148 मैचों में 4133 रन बनाए। दो वर्ल्डकप के फाइनल में शानदार बल्लेबाजी दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी-20 वर्ल्डकप में भारत की खिताबी जीत में गौतम गंभीर की बल्लेबाजी थी। इस टूर्नामैंट में उन्होंने 3 अर्धशतक लगाए। इसके अलावा 2011 के वर्ल्डकप फाइनल में भी उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैच में उन्होंने 97 रनों की पारी खेली।

गौरी लंकेश की हत्या में शामिल संदिग्ध की पहचान, SIT ने जारी किए स्केच

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नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में शामिल तीन संदिग्धों के स्केच जारी हुए है. ये स्केच एसआईटी ने जारी किए हैं. फिलहाल पुलिस को इसकेअलावा कोई भी अहम सुराग नहीं मिला है. लिहाजा अब पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों के स्केच जारी कर लोगों से मदद की गुहार लगाई.

पुलिस SIT प्रमुख बीके सिंह ने स्केच जारी करते हुए कहा कि जानकारी के आधार पर हमने ये स्केच जारी किए हैं. हम लोगों से सहयोग चाहते हैं और इसीलिए संदिग्धों के इन स्केच को जारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास मामले का वीडियो भी है, जिसको भी जारी कर रहे हैं. मामले में हमने अभी तक 200 से 250 लोगों से पूछताछ की है.

बीके सिंह ने कहा कि दो संदिग्धों के स्केच में काफी समानता है. इनको दो अलग-अलग कलाकारों ने प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी के आधार पर बनाया है. उन्होंने कहा कि पहनावे के आधार पर यह स्पष्ट नहीं किया जा सकता है कि संदिग्ध किस धर्म के हैं. गुमराह करने के लिए भी तिलक या कुंडल पहने जा सकते हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और अपराधियों को जल्द जेल भेजा जाएगा.

गौरी लंकेश साप्ताहिक मैग्जीन ‘लंकेश पत्रिके’ की संपादक थीं. इसके साथ ही वो अखबारों में कॉलम भी लिखती थीं. टीवी न्यूज चैनल डिबेट्स में भी वो एक्टिविस्ट के तौर पर शामिल होती थीं. लंकेश के दक्षिणपंथी संगठनों से वैचारिक मतभेद थे. इस मशहूर हत्याकांड की जांच एसआईटी कर रही है. इससे पहले पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगे थे, जिसमें बाइक सवार हमलावर हेलमेट पहने नजर आए थे. पुलिस के मुताबिक हमलावर पूरी बांह की शर्ट और पैंट पहने हुए थे. अब तक पुलिस 600 से ज्यादा डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग का विश्लेषण कर चुकी है. इसके साथ ही 200 से 250 लोगों से भी पूछताछ की गई थी.

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई थी कि वारदात को अंजाम देने से पहले हमलावरों ने गौरी के घर की रेकी थी. बाइक से गौरी के घर के तीन चक्कर लगाए थे. मुख्य आरोपी की उम्र करीब 35 साल बताई जा रही है. हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि गौरी लंकेश की हत्या में उसी तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया, जिस तरह का एमएम कलबुर्गी की हत्या करने के लिए किया गया था.

चोरी के तीन दिन बाद मिली केजरीवाल की कार

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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चोरी हुई वेगनआर कार बरामद कर ली गई है. गाजियाबाद पुलिस ने यह कार मोहननगर से बरामद कर ली है. पुलिस को कार के अंदर से एक तलवार भी मिली है. चोर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बहुचर्चित नीली वैगनआर कार पर ही गुरुवार को हाथ साफ कर दिया था. वह भी दिल्ली सचिवालय के बाहर से.

हैरानी की बात यह थी कि चोर दिनदहाड़े मुख्यमंत्री दफ्तर के बाहर से ही कार ले उड़ा और सुरक्षा के सारे इंतजाम धरे रह गए. चोरी की ये वारदात गुरुवार दोपहर दो बजे के आसपास हुई. चोरी की रिपोर्ट आईपी स्टेट थाने में दर्ज कराई गई थी.

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता वंदना सिंह इस कार को लेकर सचिवालय किसी काम से आई थीं. आमतौर पर कार की एंट्री सचिवालय के अंदर हो जाती थी और कार अंदर ही पार्क होती थी, लेकिन वंदना के मुताबिक गुरुवार को किसी वजह से कार का पास नहीं बन पाया, इसीलिए उसे उन्होंने गेट नंबर 6 और 8 के बीच सड़क किनारे ही पार्क कर दिया गया था.

थोड़ी देर बाद वंदना लौटीं, तो कार वहां से गायब थी. आसपास तलाश किया, लेकिन कार कहीं नहीं मिली. इसके बाद आईपी स्टेट पुलिस थाने में सूचना दी गई. पहले संभावना जताई गई कि कहीं कार को ट्रैफिक पुलिस नो पार्किंग की वजह से टो करके न ले गई हो, लेकिन कार जब वहां भी नहीं मिली, तो चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

डीएल-3-सीजी 9769 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली नीले कलर की ये कार 2013 में उस वक्त चर्चा में आयी थी, जब केजरीवाल पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे. केजरीवाल ने आम आदमी और सादगी को अपनी पहचान बनाया था और चुनाव प्रचार में वो इसी कार का इस्तेमाल करते थे, इसी वजह से इस कार की पहचान भी आम आदमी की कार के तौर पर बन गई थी.

Amazon और Flipkart का दिवाली धमाका

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नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार करीब आने के साथ ही देशभर के ग्राहकों के लिए तमाम सामानों पर भारी डिस्काउंट का दौर चल पड़ा है. ऐसे में दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां भी नए नए ऑफर लाकर लोगों को आकर्षित कर रही हैं और अपनी कमाई भी कर रही हैं. इसी के मद्देनजर आज अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर सेल शुरु हो गई है.

अमेजॉन पर आज से ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल शुरु होगी और 17 अक्टूबर तक चलेगी. इस सेल में कई स्मार्टफोन्स पर 40 फीसदी से ज्यादा की छूट दी जा रही है. मोबाइल और एक्सेसरी कैटेगरी में 50 फीसदी छूट दी जा रही है. वहीं दूसरी एक्सेसरीज पर 80 फीसदी, पावर बैंक पर 65 फीसदी और मोबाइल कवर पर 80 फीसदी छूट दी जा रही है. सेल में ग्राहकों को टेलीविजन पर 40 फीसदी, लैपटॉप पर 20 फीसदी और हेडफोन व स्पीकर पर 60 फीसदी की छूट ऑफर की जा रही है. सेल में शाओमी, लेनोवो, वनप्लस, ऐपल, सैमसंग, एलजी के स्मार्टफोन पर छूट मिल रही है. एस.बी.आई. के क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खरीददारी करने पर ग्राहकों को 10 फीसदी छूट दी जा रही है. 30 हजार से ज्यादा के प्रोडक्ट पर नो-कॉस्ट ई.एम.आई. का ऑफर दिया जा रहा है. अमेजॉन पे के जरिए खरीददारी करने पर ग्राहकों को 500 रुपए का कैशबैक दिया जा रहा है.

फ्लिपकार्ट की सेल 14 अक्टूबर से शुरु होकर 17 अक्टूबर तक चलेगी. कंपनी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट पर 70 फीसदी तक का डिस्काउंट दे रही है. ऐपल और सैमसंग के प्रीमियम रेंज फोन की बात करें तो कंपनी की तरफ से आईफोन 6 और आईफोन 7 पर भी छूट दी जाएगी. इसके अलावा सैमसंग गैलेक्सी S7 पर भी आप ऑफर का फायदा उठा सकते हैं. 4 दिन चलने वाली बिग दिवाली सेल के दौरान हर दिन दोपहर 12 बजे एक फ्लैश सेल भी चलेगी. इस दौरान 8,999 रुपए वाले पैनासोनिक एलुगा रे X को 6,999 रुपए में बेचा जाएगा. सेल में जो ग्राहक HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड से शॉपिंग करेंगे, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त डिस्काउंट दिया जाएगा.

…तो इसलिए बाबासाहेब ने ली थी ये 22 प्रतिज्ञाएं

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Ambedkar

आज का दिन इतिहास के पन्नों में इसलिए खास है, क्योंकि आज ही के दिन संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर ने अपने 3,80,000 साथियों के साथ हिन्दू धर्म को त्याग कर बौद्ध धर्म अपना लिया था. 1950 के दशक में ही बाबासाहेब बौद्ध धर्म के प्रति आकर्षित हुए और बौद्ध सम्मेलन में भाग लेने श्रीलंका (तब सीलोन) गए. 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में उन्होंने अपने लाखों समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया.

इस मौके पर उन्होंने जो 22 प्रतिज्ञाएं लीं उससे हिंदू धर्म और उसकी पूजा पद्धति को उन्होंने पूर्ण रूप से त्याग दिया. डॉक्टर अम्बेडकर के साथ लाखों दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाया और ये पूरी दुनिया में धर्म परिवर्तन की सबसे बड़ी घटना थी. हालांकि खुद उन्होंने इसे धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि धर्म-जनित शारीरिक, मानसिक व आर्थिक दासता से मुक्ति बताया.

अम्बेडकर का जन्म हिन्दू जाति में अछूत और निचली मानी जाने वाली महार जाति में हुआ था. उन्होंने हिन्दू धर्म में व्याप्त छूत प्रथा को खत्म करने के लिए न सिर्फ सामाजिक बल्कि कानूनी रास्ता भी अख्तियार किया. वे मानते थे कि कानून में बदलाव लाकर ही दिल और दिमाग में बदलाव संभव है. उनके बौद्ध धर्म अपनाने के पीछे बौद्ध धर्म में छुआछूत और जाति प्रथा जैसी कुरीति का न होना था.

हिंदू पैदा तो हुआ हूं, लेकिन हिंदू मरूंगा नहीं बाबासाहेब जिस ताकत के साथ दलितों को उनका हक दिलाने के लिए उन्हें एकजुट करने और राजनीतिक-सामाजिक रूप से उन्हें सशक्त बनाने में जुटे थे, उतनी ही ताकत के साथ उनके विरोधी भी उन्हें रोकने के लिए जोर लगा रहे थे. लंबे संघर्ष के बाद जब अम्बेडकर को भरोसा हो गया कि वे हिंदू धर्म से जातिप्रथा और छुआ-छूत की कुरीतियां दूर नहीं कर पा रहें तो उन्होंने वो ऐतिहासिक वक्तव्य दिया जिसमें उन्होंने कहा कि मैं हिंदू पैदा तो हुआ हूं, लेकिन हिंदू मरूंगा नहीं.

बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने के लिए 22 प्रतिज्ञाएं:-

1. मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा और न ही मैं उनकी पूजा करूंगा.

2. मैं राम और कृष्ण को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा, और न ही मैं उनकी पूजा करूंगा.

3. मैं गौरी, गणपति जैसे हिंदू धर्म के किसी देवी देवता को नहीं मानूंगा और न ही उनकी पूजा करूंगा.

4. ईश्वर ने कभी अवतार लिया है, इस पर मेरा विश्वास नहीं.

5. मैं ऐसा कभी नहीं मानूंगा कि तथागत बौद्ध विष्णु के अवतार हैं. ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा समझता हूं.

6. मैं कभी श्राद्ध नहीं करूंगा और न ही पिंडदान करवाऊंगा.

7. मैं बौध धम्म के विरुद्ध कभी कोई आचरण नहीं करूंगा.

8. मैं कोई भी क्रिया-कर्म ब्राह्मणों के हाथों से नहीं करवाऊंगा.

9. मैं इस सिद्धांत को मानूंगा कि सभी इंसान एक समान हैं.

10. मैं समानता की स्थापना का यत्न करूंगा.

11. मैं बुद्ध के आष्टांग मार्ग का पूरी तरह पालन करूंगा.

12. मैं बुद्ध के द्वारा बताई हुई दस परिमिताओं का पूरा पालन करूंगा.

13. मैं प्राणी मात्र पर दया रखूंगा और उनका लालन-पालन करूंगा.

14. मैं चोरी नहीं करूंगा.

15. मैं झूठ नहीं बोलूंगा.

16. मैं व्याभिचार नहीं करूंगा.

17. मैं शराब नहीं पीऊंगा.

18. मैं अपने जीवन को बुद्ध धम्म के तीन तत्वों-अथार्त प्रज्ञा, शील और करुणा पर ढालने का यत्न करूंगा.

19. मैं मानव मात्र के विकास के लिए हानिकारक और मनुष्य मात्र को उच्च– नीच मानने वाले अपने पुराने हिंदू धर्म को पूर्णत: त्यागता हूं और बुद्ध धम्म को स्वीकार करता हूं.

20. यह मेरा पूर्ण विश्वास है कि गौतम बुद्ध का धम्म ही सही धम्म है.

21. मैं यह मानता हूं कि अब मेरा नया जन्म हो गया है.

22. मैं यह प्रतिज्ञा करता हूँ कि आज से मैं बुद्ध धम्म के अनुसार आचरण करूंगा.

आजतक से साभार