अदेन। यमन के दक्षिणपूर्वी प्रांत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा समर्थित यमन के सुरक्षाबलों द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियानों में शुक्रवार को अलकायदा के 11 आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया. सूत्र ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, “यूएई सैन्यकर्मियों द्वारा समर्थित आतंकवाद रोधी जवानों ने आतंकवादियों के कब्जे से कुछ क्षेत्रों को छुड़ाने और हवाता के शाब्वा गांव में स्थिरता बहाल करने के लिए संगठित अभियान शुरू किए.”
सूत्र के मुताबिक, आतंकवादियों से लोहा लेते हुए यूएई समर्थित यमनी की सेना के नेता कर्नल अली बुहार और 10 जवान घायल हो गए. एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी घायल सैनिकों को पड़ोस के हाद्रामाउंट में इलाज के लिए यूएई के हेलीकॉप्टर के जरिए भेजा गया.
सऊदी अरब नीत गठबंधन ने यमन में विद्रोहियों के कब्जे वाली राजधानी सना में रक्षा मंत्रालय पर आज तड़के दो हवाई हमले किए. प्रत्यक्षदर्शियों और विद्रोही मीडिया ने बताया कि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हवाई हमले के बाद भी सना के ऊपर युद्धक विमान चक्कर लगाते रहे.
हुती विद्रोहियों के मीडिया संगठन अल-मसीरा ने भी दो हवाई हमलों की खबर दी है. खबर में किसी के हताहत होने के बारे में नहीं बताया गया है. सऊदी नीत गठबंधन ने पहले भी रक्षा मंत्रालय पर हमले करके इसे भारी क्षति पहुंचाई थी लेकिन यह ताजा हमला सऊदी अरब और हुती विद्रोहियों का समर्थन करने वाले ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच हुआ है.


नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानि एनजीटी ने केजरीवाल सरकार के ऑड-इवन फार्मूले पर पेंच फंसा दिया है. ऑड इवन पर अपना फैसला सुनाते हुए एनजीटी ने कहा कि वह ऑड-इवन को मंजूरी देने को को तैयार है. लेकिन एनजीटी ने इसमें पेंच फंसा दिया. एनजीटी ने इस स्कीम में दोपहिया वाहनों को भी शामिल करने को कहा है. एनजीटी के इस फैसले के बाद केजरीवाल सरकार मुसीबत में पड़ सकती है. वैसे बिना एनजीटी को भरोसे में लिए ऑड-इनव की घोषणा करने से नाराज यह संस्था पहले से ही केजरीवाल सरकार से नाराज थी.
एनजीटी की नाराजगी इस वजह से थी कि उसकी सुनवाई से पहले केजरीवाल ने ऑड इवन पर फैसला ले लिया. एनजीटी ने इस बात पर विरोध भी जताया था. उसका तर्क था कि जब तक यह साफ नहीं हो जाता कि प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ दिनों में कितना घटा या बढ़ा है, तब तक ऑड इवन की घोषणा जरूरी नहीं थी. उसने केजरीवाल द्वारा ऑड इवन में दिए गए तमाम छूटों पर भी आपत्ति जताई थी. अब एनजीटी के इस फैसले के बाद सरकार और एनजीटी के बीच शीतयुद्ध शुरू हो सकता है.