दौलत के मामले में बिहार का यह शख्स अनिल अंबानी से भी काफी आगे

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नई दिल्ली। आपसे देश के सबसे अमीर व्यक्ति की बात की जाएं तो फट से मुकेश अंबानी का नाम बता देंगे. जी हां आप बिल्कुल सही हैं. पिछले दिनों मशहूर पत्रिका फोर्ब्स ने भारत के 100 सबसे धनी लोगों की सूची जारी की थी. 60 वर्षीय मुकेश अंबानी फिर से भारत के सबसे दौलतमंद इंसान हैं. फोर्ब्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 39 बिलियन डॉलर है. इस सूची में दूसरे नंबर पर अजीज प्रेम जी, तीसरे पर हिन्दुजा फैमिली, चौथे पर लक्ष्मी मित्तल और पांचवें पर पी मिस्त्री हैं.

जबकि इस लिस्ट में मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी 2.4 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ 45वें नंबर पर हैं. अब बात करते हैं बिहार के उस शख्स की जिन्होंने संपत्ति के मामले में अनिल अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है. बिहार के जहानाबाद में जन्मे संप्रदा सिंह फोर्ब्स की लिस्ट में 43वें नंबर पर हैं. फोर्ब्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 3.3 बिलियन डॉलर (करीब 2 खरब 13 अरब 41 करोड़ 59 लाख रुपए) है.

पटना यूनिवर्सिटी से बीकॉम करने वाले संप्रदा सिंह अलकेम लेब्रोटीज के संस्थापक और चेयरमैन हैं. फिलहाल वह मुंबई में रहते हैं. संप्रदा सिंह के अलकेम ग्रुप की संपत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है. वित्त वर्ष 2017 की समाप्ति के वक्त मार्च में अलकेम की ग्रोथ 20 प्रतिशत दर्ज की गई.

मजेदार बात यह है कि संपद्रा सिंह संपत्ति के मामले में दुनियाभर में मेटल और माइनिंग किंग के रूप में पहचाने जाने वाले वेदांता फेम के अनिल अग्रवाल से भी आगे निकल गए हैं. फेम के अनिल अग्रवाल की संपत्ति फोर्ब्स ने 2017 में संप्रदा सिंह से कम आंकी है. मूल रूप से पटना के रहने वाले अनिल अग्रवाल इस सूची में 44वें नंबर पर हैं.

भारत के सबसे बड़े 100 दौलतमंदों की लिस्ट में पेटीएम वाले विजय शेखर शर्मा को भी इंट्री मिल गई है. वह इस सूची में सबसे कम उम्र वाले कारोबारी हैं. 44 वर्षीय विजय शेखर शर्मा का जन्म यूपी के अलीगढ़ में हुआ था. डीटीयू से शिक्षा प्राप्त करने वाले शर्मा की कुल संपत्ति फोर्ब्स ने 1.47 बिलयन डॉलर की आंकी है.

AMU के प्रोफेसर ने व्हाट्सऐप पर दिया पत्नी को तीन तलाक

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अलीगढ़। एक साथ तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है लेकिन मुस्लिम समाज में ऐसे भी कुछ लोग हैं जो इसका अभी भी धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में संस्कृत विभाग के प्रोफेसर ने अपनी पत्नी को व्हाट्सऐप के जरिए तलाक दे दिया. पीड़ित पत्नी अब मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक इंसाफ की गुहार लगा रही है. महिला ने न्याय नहीं मिलने पर सुसाइड करने की धमकी दी है.

यास्मीन खालिद ने आरोप लगाया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग के प्रोफेसर और चेयरमैन खालिद बिन यूसुफ खान ने व्हाट्सएप पर उन्हें तलाक दिया है. हालांकि यास्मीन ने सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करा दिया है. इस दौरान यास्मीन के हाथों में एक तख्ती थी, जिस पर लिखा है, ‘माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी मुझे इंसाफ दिलाइए.’

वहीं प्रोफेसर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मैंने केवल व्हाट्सएप्प या मैसेज के जरिए तलाक नहीं दिया बल्कि 2 लोगों के सामने और शरियत की अवधि का पालन करते हुए उसे तलाक दिया. उन्होंने कहा कि वह पिछले दो दशकों से मुझे परेशान कर रही है. उसने हमारे विवाह से पहले मुझसे कई तथ्यों को छिपाया. मुझे बाद में यह पता चला कि वह ग्रेजुएट भी नहीं थी, जो कि उसने दावा किया था. सही तिथि पर मैं उसे तीन तलाक भी दे दूंगा, और कोई भी मुझे रोक नहीं सकता. मुझे इसकी परवाह नहीं है कि वह क्या करती है.

आपको बता दें कि इसी साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को खत्म कर दिया था. फैसले में तीन जजों ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताया. ये तीन जज जस्टिस नरीमन, जस्टिस ललित और जस्टिस कुरियन हैं. वहीं, चीफ जस्टिस खेहर और जस्टिस नजीर ने इसे संवैधानिक बताया है.

ईरान-इराक में आया 7.3 तीव्रता का भूकंप, 164 लोगों की मौत और 1600 से ज्यादा घायल

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सुलेमानिया। रविवार को ईरान-इराक बॉर्डर के पास 7.3 तीव्रता वाला भूकंप आया है. इस भूकंप में कम से कम 164 लोगों की मौत हो गई और 1600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. कई लोग अब भी इमारतों के मलबे में दबे हुए हैं जिन्हें निकालने का काम जारी है.

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, 7.3 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र इराकी शहर हलबजा से 31 किलोमीटर दूर था. स्थानीय मीडिया की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भूकंप में अब तक करीब 164 लोगों की मौत हो चुकी है. भूकंप की वजह से दोनों देशों में काफी नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि भूकंप में करीब 1600 से ज्यादा लोगों के घायल हैं. भूकंप रविवार रात 9.18 मिनट पर आया जिसकी गहराई 15 मील थी.

ईरानी टीवी के मुताबिक, भूकंप से ईरान के कई स्थानों पर बिजली भी बाधित हुई है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है. कुर्दिश टीवी का कहना है कि इराकी कुर्दिस्तान में कई लोग भूकंप की वजह से अपने घरों को छोड़कर जान बचाकर भाग गए हैं. हालांकि अभी वहां से जानमाल के नुकसान की कोई ख़बर नहीं मिली है.

पांच साल पहले भी ईरान-इराक में दो बड़े भयानक भूकंप आए थे जिसमें सैंकड़ों लोगों की जान गई थी. अगस्त 2012 में भी ईरान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में दो जबर्दस्त भूकंपों में करीब 250 लोग मारे गए और 1300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

पाकिस्तान पर फारूख अब्दुल्ला और ऋृषि कपूर का विवादित बयान

पाकिस्तान को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला की टिप्पणी के बाद शुरू हुए विवाद में फिल्म अभिनेता ऋृषि कपूर भी कूद गए हैं. ऋृषि कपूर ने इस मामले में फारूख अब्दुल्ला का समर्थन किया है. ऋृषि‍ कपूर ने फारूख अब्दुल्ला के POK को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए एक लंबा ट्वीट लिखा है. इस ट्वीट में उन्होंने फारूख अब्दुल्ला के बयान को सही बताते हुए लिखा है कि कश्मीर की समस्या के समाधान का एक यही सही तरीका है और वह मरने से पहले पाकिस्तान देखना चाहते हैं. पिछले दिनों ही जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री फारूख अब्दुल्ला ने कहा था कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पाकिस्तान का हिस्सा है और उसे पाकिस्तान से कोई छीन नहीं सकता वैसे ही कश्मीर का जो हिस्सा है वो भारत का ही हिस्सा है. फारूख अब्दुल्ला के इसी बयान पर अपनी सहमति जताते हुए ऋृषि‍ कपूर ने ट्वीट किया, फारूख अब्दुल्ला जी, सलाम! मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं सर. जम्मू कश्मीर हमारा है और POK उनका है. यही एक तरीका है जिससे हम इस समस्या को सुलझा सकते हैं. इसके अलावा मैं 65 साल का हो गया हूं और मरने से पहले पाकिस्तान देखना चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे अपनी जड़ों को देखें, बस करवा दीजिए सर, जय माता दी.’

फ्री कंडोम पर ऐसे टूट पड़े लोग

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देश के लोग भले ही खुद के कितना भी मार्डन होने का दावा कर रहें हो, कुछ चीजें ऐसी है, जिससे वो आज भी बचते हैं. सेक्स और इससे जुड़ी चीजों के बारे में बात करना भी इसी में आता है. शायद तभी दुकानों से कंडोम खरीदने वाले लोगों को जब फ्री में ऑनलाइन कंडोम मिला तो वो टूट पड़े. भारत में ऑनलाइन फ्री कंडोम स्टोर से सिर्फ 69 दिनों में 9.56 लाख कंडोम ऑर्डर किए गए हैं. एड्स हेल्थकेयर फाउंडेशन की ओर से 28 अप्रैल को फ्री कंडोम स्टोर को शुरू किया गया था. इस स्टोर से लोगों को फोन या ईमेल भेजकर कंडोम मंगाने की सुविधा है. भारत के गर्भनिरोधक बाजार में कंडोम का शेयर सिर्फ 5 फीसदी है, जिससे यह साफ होता है कि भारत के लोग कंडोम इस्तेमाल करनेसे परहेज करते हैं. लेकिन फ्री ऑनलाइन कंडोम की खपत नया इशारा कर रही है. हालांकि करीब 10 लाख में 5.14 लाख कंडोम कम्यूनिटी और एनजीओ की ओर से ऑर्डर किए गए, जबकि आम लोगों ने सिर्फ 4.41 लाख कंडोम ऑर्डर किया. आम लोगों में दिल्ली और कर्नाटक के लोगों की संख्या काफी अधिक रही. कहा जा रहा है कि ऑनलाइन स्टोर से लोगों ने अधिक कंडोम इसलिए ऑर्डर किए क्योंकि उन्हें दुकानों पर जाकर कंडोम खरीदने में शर्मिंदगी होती है.  

यमन में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 11 आतंकी

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अदेन। यमन के दक्षिणपूर्वी प्रांत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा समर्थित यमन के सुरक्षाबलों द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियानों में शुक्रवार को अलकायदा के 11 आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया. सूत्र ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, “यूएई सैन्यकर्मियों द्वारा समर्थित आतंकवाद रोधी जवानों ने आतंकवादियों के कब्जे से कुछ क्षेत्रों को छुड़ाने और हवाता के शाब्वा गांव में स्थिरता बहाल करने के लिए संगठित अभियान शुरू किए.”

सूत्र के मुताबिक, आतंकवादियों से लोहा लेते हुए यूएई समर्थित यमनी की सेना के नेता कर्नल अली बुहार और 10 जवान घायल हो गए. एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी घायल सैनिकों को पड़ोस के हाद्रामाउंट में इलाज के लिए यूएई के हेलीकॉप्टर के जरिए भेजा गया.

सऊदी अरब नीत गठबंधन ने यमन में विद्रोहियों के कब्जे वाली राजधानी सना में रक्षा मंत्रालय पर आज तड़के दो हवाई हमले किए. प्रत्यक्षदर्शियों और विद्रोही मीडिया ने बताया कि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हवाई हमले के बाद भी सना के ऊपर युद्धक विमान चक्कर लगाते रहे.

हुती विद्रोहियों के मीडिया संगठन अल-मसीरा ने भी दो हवाई हमलों की खबर दी है. खबर में किसी के हताहत होने के बारे में नहीं बताया गया है. सऊदी नीत गठबंधन ने पहले भी रक्षा मंत्रालय पर हमले करके इसे भारी क्षति पहुंचाई थी लेकिन यह ताजा हमला सऊदी अरब और हुती विद्रोहियों का समर्थन करने वाले ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच हुआ है.

BPSC ने निकाली 1 हजार से ज्यादा पदों पर वैकेंसी, जल्द करें आवेदन

Bihar Public Service Commission ने Assistant Engineer के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इन पदों के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 6 दिसंबर, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन से जुड़ी जानकारियां नीचे दी गई हैं. संस्थान का नाम Bihar Public Service Commission पदों के नाम Assistant Engineer पदों की संख्या नोटिफिकेशन के अनुसार कुल पदों की संख्या 1,345 हजार है. योग्यता उम्मीदवार ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग की डिग्री ली हो. चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन प्रीलिमरी टेस्ट, मेन टेस्ट और इंटरव्यू के आधार पर होगा. पे-स्केल 9, 300 से 34, 800 रुपये लोकेशन बिहार महत्वपूर्ण तारीख आवेदन करने की अंतिम तारीख 6 दिसंबर, 2017 है. उम्मीदवार शाम 5 बजे से पहले आवेदन कर सकते हैं. कैसे करें आवेदन उम्मीदवार अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स नीचे दिए पते पर भेज सकते हैं. Joint Secretary-Cum-Examination Controller, Bihar Public Service Commission 15, Jawahar Lal Nehru Marg (Baily Road), Patna-800001 उम्मीदवार वैकेंसी से संबंधित जानकारी आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर देख सकते हैं.

फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान, कहा- पाकिस्तान का है POK

पाकिस्तान

श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पाकिस्तान का हिस्सा है और उसे पाकिस्तान से कोई छीन नहीं सकता. उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि कश्मीर का जो हिस्सा भारत के पास है, वह भारत का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी जंग क्यों न हो जाए, ये नहीं बदलने वाला है.

अब्दुल्ला ने मांग की कि दोनों ही देशों में कश्मीर की जनता को स्वायत्तता दी जानी चाहिए. फारूक ने कहा कि आजादी की मांग बेइमानी है. कश्मीर चारों तरफ से जमीन और परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्रों से घिरा है. इसलिए आजादी की मांग उचित नहीं है.

फारूक ने केंद्र सरकार के वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा की बातचीत पर कहा, ‘मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकता हूं. उन्होंने बातचीत की है लेकिन केवल बातचीत समाधान नहीं है. यह मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का है. भारत सरकार को पाकिस्तान की सरकार के साथ बातचीत करनी चाहिए क्योंकि कश्मीर का एक हिस्सा उनके पास भी है.’

कांफ्रेंस नेता ने कहा, ‘पाकिस्तान के एक मंत्री ने बिल्कुल ठीक कहा है कि आप उस हिस्से को भूल गए हो जो पाकिस्तान के पास है.’ नैशनल कांफ्रेंस नेता ने कहा कि यदि आप अपने हिस्से की बात करते हो तो दूसरे का भी ध्यान रखना चाहिए.

फारूक ने कहा कि अगर कश्मीर में भारत सरकार अमन चैन चाहती है तो उसे पाकिस्तान के साथ भी बातचीत करनी होगी. इसमें कश्मीर के दोनों ही हिस्सों को स्वायत्तता देनी होगी. बता दें कि फारूक अबदुल्ला के विपरीत भारत सरकार का मानना है कि पाक अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

13 नवंबर से नहीं लागू होगा ऑड-ईवन

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नई दिल्ली। दिल्ली में सोमवार से ऑड-ईवन लागू नहीं होगा. दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन लागू करने का अपना फैसला वापस ले लिया है. ये फैसला आज दोपहर तीन बजे हुई एक बैठक में लिया गया. सरकार अब सोमवार को दोबारा एनजीटी जाएगी और उसके बाद ऑड-ईवन लागू करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

दिल्ली के परिवहन मंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि एनजीटी द्वारा ऑड-ईवन से महिलाओं और दोपहिया वाहनों को छूट ना दिए जाने के कारण ऑड-ईवन लागू करने का फैसला वापिस लिया गया है. इसके खिलाफ हम सोमवार को फिर एनजीटी के समक्ष जाकर रिव्यू याचिका लगाएंगे.

दरअसल, एनजीटी ने आज सरकार के ऑड-ईवन फैसले को हरी झंडी देते हुए उसमें कुछ शर्तों को जोड़ दिया था. जिसमें सबसे अहम ये था कि दिल्ली सरकार ने दोपहिया वाहनों को जो छूट दी थी उसे एनजीटी ने अपने फैसले में खारिज कर दिया. एनजीटी के इस आदेश के बाद ही दिल्ली सरकार में हडकंप मच गया, क्योंकि बिना किसी छूट के ऑड-ईवन को लागू करने पर लोगों के सामने भारी समस्याएं आने की आशंका थी.

बता दें कि शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान एनजीटी ने दिल्ली सरकार की दलीलें सुनने के बाद इसे मंजूरी दी है. इसके साथ ही एनजीटी ने शर्त रखी की ऑड ईवन स्कीम से दोपहिया वाहनों के अलावा महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को भी राहत नहीं दी जाएगी. मतलब अब इन्हें भी फॉर्मूले के हिसाब से ही घर से निकलना होगा. बता दें कि राजधानी में 66 लाख दोपहिया वाहन हैं. एनजीटी ने अपने फैसले से वीआईपी लोगों को भी बाहर नहीं रखा है लेकिन इमरजेंसी वाहनों को इससे छूट दी गई है. साथ ही दिल्ली सरकार को राजधानी में पार्किंग शुल्क 4 गुना तक करने पर विचार करने के लिए भी कहा है.

हिमाचल में शराब बांट रही थी भाजपा, पत्रकार ने कैमरे में कैद किया तो भाजपाईयों ने जम कर पीटा

हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश में चुनाव हो चुका है. रिजल्ट भी तय तारीख पर निकल जाएगा. लेकिन इस दौरान वहां एक पत्रकार के साथ जो भी हुआ, वह लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है. हिमाचल का चुनाव कवर करने गए एक पत्रकार के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने जो किया, उसने एक बार फिर पार्टी विद डिफरेंट की हकीकत खोल कर रख दी है. पत्रकार से खुद सुनिए उसकी कहानी… शायद मैं हिमाचल अब कभी न जाऊं… हम और हमारी टीम लगातार पिछलें एक महीने से डीपीआर से आज्ञा लेकर चुनावी कवरेज पर थे. सब कुछ अच्छा जा रहा था हिमाचल को बेहद करीब से देखा, जैसा सुना वैसा लगा भी. पर शायद मैं किसी भ्रम में ही था, या शायद कोई बुरा सपना जो परसों रात टूट गया. हम पौंटा साहिब में राहुल की रैली कवर कर के नाहन के लिए निकलें क्योंकि वहां सीएम राजा वीरभद्र की रैली थी. बहुत अच्छा जा रहा था और हम निकलने वाले थे कि स्थानीय लोगों से पता चला यहां रात को शराब बंटती हैं. एक गजब की स्टोरी हमारे सामने थी और हमने सुबह से उस स्टोरी पर काम करना शुरू भी कर दिया था. चूंकि हम बाहरी थे तो हमारे चैनल को वहां के रिपोर्टर का साथ चाहिए था, जो कि मिला भी. दिन में मैं हरियाणा के कुछ मंत्री और एमएलए से मिला, जिनकी मैंने बाईट भी ली. चुनावी माहौल पर चर्चा भी की. पर हमें वहां कुछ ऐसा नहीं लगा जो सूत्रों से पता लगता. मेरे जीवन की सबसे काली रात में से एक थी 7 नवम्बर की रात. शाम 5 बजे तक प्रचार थमने वाला था, जैसे शाम हुई वाकई सरेआम चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही थी. भाजपा कार्यालय में शराब का बांटी जा रही थी. ग्रामीणों को एक पर्ची दी जा रही थी जो किसी निजी होटल में दिखा शराब लें सकतें थे. मैं और मेरे सर चंद्र मौली शर्मा ने जैसे पूरा माहौल देखा और कुछ हिला देने वाले विजुअल हमारे हाथ लगें तो हम भी हिल गयें कि शराब की इतनी खेप. हमारे हाथ इतना मैटिरियल लग चुका था की हम चैनल पर चला सकें. उसके साथ हमें नाहन से भाजपा प्रत्याशी का पक्ष भी जानना था तो हमने स्थानीय पत्रकार को कॉल की, पर उस समय वो बाहर थे तो हमने भाजपा के मीडिया सलाहकार से समय मांगा की एक बाईट चाहिए तो भाजपा प्रत्याशी ने हमारी टीम को ऑफिस में बाईट लेने का समय दिया. जैसे ही हमने बिंदल जी को बाहर ही पार्टी के ऑफिस के बाहर बाईट लेनी चाही और बताया की आपके यहां के कुछ दृश्य भी हाथ लगें हैं तो भाजपा प्रत्याशी वहां से निकल पड़े और उनके जाने के करीब 2-3 मिनट बाद सभी पार्टी कार्यकर्ता हम पर टूट पड़े. #Mob_lynching को आज तक सिर्फ टीवी पर देखा था. शिकार पहली बार हुए थे. जैसे ही हमारे साथ छीना-झपटी हुई तो उन्होंने सबसे पहले मेरा कैमरा छीना और मुझे अंदर खिंचने लगे. जैसे ही मेरे सर चंद्र मौली जी बीच बचाव को आयें तो उनको वे भाजपा कार्यालय में ले जा रहें थे, तभी सर ने कहा भाग और SP को फोन करो… मैंने जैसे फोन किया पुलिस 1 घंटे बाद आकर उल्टा हमें ही थाने ले जाती है. गुन्नूघाट (नाहन) के थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह थाने ले जाकर कहते हैं, “तुम साले पत्रकार हो जुत्ती खाने लायक” और भी न जानें क्या-क्या कहा.. मेडिकल में जान बुझ कर रात से अगले दिन की शाम करना, ताकि बिना मेडिकल के बात रुक जाये.. सहन बहुत किया पर कुछ स्थानीय पत्रकारों की वज़ह से बहुत सहायता हुई. सर का फोन नही था सिर्फ मेरा फोन था. किस-किस प्रकार का दबाव झेला, एफआईआर वापिस लेने के लिए फोन पर फोन… मैं टूट चुका था, पर सर की हिम्मत से संघी और भाजपा के गुंडों से लड़ाई जारी है… जो सहा सब लिखना चाहता हूं पर हिम्मत नहीं है अब… गौरव सगवाल की फेसबुक वॉल से साभार

गुजरात के इस मुख्यमंत्री की पाकिस्तानी फाइटर ने की थी हत्या

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नई दिल्ली। कांग्रेस द्वारा ट्विटर पर करवाए गए एक सर्वे के बाद गुजरात के एक पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या का मामला फिर से चर्चा में आ गया है. दरअसल गुजरात विधानसभा चुनाव की सरगरर्मियों के बीच कांग्रेस ने ट्विटर पर एक सर्वे कराया जिसमें जानने की कोशिश की गई कि किस मुख्यमंत्री को पंचायती राज का चैंपियन माना जाना चाहिए? इसके लिए 4 नाम यूजर्स के सामने रखे गए, जिनमें आनंदी बेन पटेल, केशुभाई पटेल, बलवंत राय मेहता और नरेंद्र मोदी का नाम शामिल है.

रिजल्ट बलवंत राय मेहता के पक्ष में आया क्योंकि उन्होंने पंचायती राज की जड़े मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी. बलवंत राय मेहता का नाम सामने आते ही उनके जीवन से जुड़े रहस्य भी सामने आने लगे. इनमें से एक उनकी हत्या से जुड़ा हुआ है. बलवंत राय मेहता को पाकिस्तान ने हवाई हमले में मारा था. सितंबर 1995 में पाकिस्तान के फाइटर जेट ने मेहता के प्लेन को अपना निशाना बनाया था. हादसा कच्छ के रण में हुआ था. उस समय मेहता बीचक्राफ्ट नाम के प्लेन में अपनी पत्नी, 3 स्टाफ मेंबर, एक पत्रकार और 2 क्रू मेंबर्स के साथ थे.

उस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध का माहौल गर्म था और पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने की हर कोशिश में जुटा था. सूत्रों की माने तो मेहता के कच्छ बॉर्डर पर जाने से पहले उन्हें मीठापुर में रोका गया था. इस बीच जब मेहता का प्लेन मीठापुर से निकला तो पाकिस्तानी पायलेट कैश हुसैन ने उनके प्लेन को अपना निशाना बनाया.

रिपोर्ट्स की मानें तो उस समय पायलट हुसैन (25 साल) ने करीब 3000फुट की ऊंचाई पर ही मेहता के प्लेन पर हमला किया था. ये वही वक्त था जब हुसैन पाकिस्तानी आर्मी की तरफ से हमले की अनुमति मिलने का इंतजार कर रहा था. जब हुसैन हमला करने जा रहा था उस समय मेहता के पायलट ने हवा में प्लेन की विंग्स हिलाकर दया मांगी थी. लेकिन हुसैन ने ऑर्डर मिलने के बाद मेहता के प्लेन पर हमला कर दिया.

तेजस्वी की ताजपोशी से जुड़े सवाल

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने यह घोषणा कर दी है कि बिहार में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. हालांकि इस घोषणा को औपचारिक ही कहा जाएगा, क्योंकि जिस दिन तेजस्वी गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री बने थे, तभी यह तय हो गया था कि राजद का चेहरा तेजस्वी ही होंगे. इसमें अच्छी बात यह रही कि तेजस्वी के नाम पर पार्टी के भीतर और यहां तक की उनके बड़े भाई तेजप्रताप ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई. जाहिर है कि यह लालू यादव और राबड़ी देवी के पार्टी और परिवार को बांध कर रखने की क्षमता दिखाता है. यहां सवाल यह नहीं है कि तेजस्वी योग्य हैं या नहीं, क्योंकि उपमुख्यमंत्री रहने के दौरान और उसके बाद भी तेजस्वी ने जिस तरह से एक सधे हुए नेता की तरह काम किया है, वह काबिले-तारीफ है. इस दौरान सबसे अच्छी बात यह रही कि तेजस्वी आज की राजनीति करते दिखे. कब क्या कहना है, तेजस्वी को इसकी समझ है. अगर वो इसके लिए किसी का सहारा भी लेते हैं तो भी यह कहा जा सकता है कि तेजस्वी ने अच्छी टीम चुनी है. इसलिए यहां सवाल यह है कि लालू यादव ने तेजस्वी के नाम की घोषणा अभी क्यों की? क्या लालू यादव थक चुके हैं, या फिर उन्होंने हार मान ली है और आगे की राजनीति नहीं करना चाहते हैं. या फिर कहीं चारा घोटाले को लेकर सीबीआई के बढ़ रहे शिकंजे के बीच लालू यादव को अपना बचना मुमकिन नहीं लग रहा है? वजह शायद सीबीआई जांच हो सकती है. पहले चारा घोटाला मामले में फंसे होने के बावजूद लालू थके हुए नहीं दिखते थे. वह लगातार संघर्ष करते और विरोधियों को चुनौती देते दिखते थे. विरोधियों को चुनौती का सिलसिला अब भी कायम है, लेकिन लालू के तेवर पहले वाले नहीं हैं. तो क्या कहीं लालू यादव को यह तो नहीं लगने लगा है कि अब चारा घोटाले की सीबीआई जांच का नतीजा आने वाला है. अगर इसकी संभावना थोड़ी सी भी है तो संभव है कि लालू यादव पार्टी के भीतर विरोध या फिर किसी आपात स्थिति को लेकर डर गए हों, जैसा कि इससे पहले इस तरह की स्थिति में लालू यादव ने रातों रात राबड़ी देवी को रसोई घर से निकाल कर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा दिया था. अपने उत्तराधिकारी के तौर पर तेजस्वी की ताजपोशी कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है.

10 सालों से बिना घर के हैं 200 दलित परिवार

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सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो कि वो लोगों की बुनियादी जरुरतों को तो पूरा कर ही दे रही है. लेकिन देश में आज भी कई दलित परिवार ऐसे हैं जिनके सिर पर छत नसीब नहीं हुई है. हम बात कर रहे हैं जम्मू के हीरानगर की जहां पर 200 दलित परिवारों को कोर्ट के आदेश के बावजूद भी आज तक आशियाना हासिल नहीं हुआ है.

दरअसल 1965 में राज्य सरकार ने कठुआ जिले के 350 भूमिहीन दलित परिवारों को बसाने के लिए भूमि मुहैया करवाने की घोषणा की थी, जिसमें 150 परिवारों का घर तो बसा दिया गया, लेकिन हीरानगर के 200 भूमिहीन दलित परिवारों के सर पर आज तक छत मयस्सर नहीं हो पाई है.

इस बाबत पिछले एक दशक से दलित परिवार सरकारी बाबूओं के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन इनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. लोगों का मानना है कि जिस भूमि को सरकार ने उनके लिए आंवटित किया है उस पर भू माफिया कुंडली मारे बैठे हैं और प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है.

डीडीसीए में अपनी नई पारी शुरु करने की तैयारी मे हैं गंभीर

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की उम्मीदों के बीच टेस्ट सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को दिल्ली क्रिकेट में नई जिम्मेदारी मिली है. गंभीर दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ की प्रबंध समिति में सरकार के प्रतिनिधि होंगे. अपनी इस नई भूमिका को लेकर गौतम काफी गंभीर दिखे और उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह विवादों से घिरे संघ का पुराना वैभव लौटाने के लिए अपनी ओर से पूरा प्रयास करेंगे.

दिल्ली के दिग्गज और मौजूदा क्रिकेटर गंभीर ने खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को ट्विटर पर धन्यवाद दिया. उन्होंने लिखा ,‘‘फिरोजशाह कोटला पर फील्ड में बदलाव का मौका मिला. अब डीडीसीए में बदलाव का समय है. इसका खोया गौरव लौटाना है. डीडीसीए की प्रबंध समिति में सरकारी प्रतिनिधि बनकर गौरवान्वित हूं. धन्यवाद राज्यवर्धन सिंह राठौर.’’

गंभीर ने भारत के लिये 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी20 मैच खेले हैं. साल की शुरुआत में गंभीर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए टीम में चुना गया था लेकिन वापसी के बाद एक फिर उन्हें टीम से बाहर कर दिय गया. बल्लेबाजी पर ध्यान देने के लिए गंभीर ने रणजी सीजन 2017-18 के शुरु होने से पहले दिल्ली की कप्तानी छोड़ दी थी.

दलितों पर अत्याचार नहीं रोक पा रही बीजेपी सरकार

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मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार यानि बीजेपी सरकार में दलितों के उपर अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है. यहां एक बार फिर मनुवादियों ने दलितों के उपर जुल्म ढाया है. दरअसल टीकमगढ़ के सुजानपुरा में मनुवादियों ने एक दलित परिवार पर लाठी डंडों से जमकर कहर बरपाया है. इस हमले में एक महिला समेत चार लोग गंभीर रुप से घायल हो गए हैं.

पीड़ित दलित परिवार के लोगों का कहना है. गांव के मनुवादी उनके परिवार के लोगों का रास्ता अक्सर रोक दिया करते हैं. जिस वजह से उनलोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है. साथ ही दलित परिवारों का ये कहना है कि वे लोग इस बात की शिकायत थाने में कई बार कर चुके हैं लेकिन पुलिस के कानों पर कोई असर नहीं हुआ है.

लेकिन इस घटना के बाद जब पुलिस को ये महसूस हुआ कि बात अब उपर तक पहुंचने वाली है तब उसने आनन फानन में मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की बात की. इधर सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. जहां पर उनलोगों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.

मुंबई में शुरू हुईं इलेक्ट्रॉनिक बसें

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इलेक्ट्रॉनिक बैटरी से चार्ज होने वाली बसें शुक्रवार से मुंबई की सड़कों पर दौड़ना शुरू हो गईं. लगातार घाटे में चल रही बेस्ट बसों को फायदे में लाने और उन पर हो रहे अधिक खर्च से बचने के लिए बेस्ट ने अब इलेक्ट्रॉनिक बसों का सहारा लिया है. ये बसें करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से मुंबई की सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी.

इन बसों में लीथियम आयन बैटरी लगी है, जिसे एक बार चार्ज करने पर बस 200 किमी तक चल सकती है. शुरू में 4 बसों को टेस्टिंग के तौर पर मुंबई की सड़कों पर उतारा गया है. एक बस की कीमत करीब 1.67 करोड़ रुपए है यानि करीब 10 करोड़ रुपए खर्च कर इन बसों को सड़क पर उतारा गया है.

इन ई-बसों को चलाने पर प्रति किलोमीटर का खर्च सीएनजी के मुकाबले 46 प्रतिशत कम तथा डीजल के मुकाबले 60 प्रतिशत कम आएगा. सीएनजी बसों को चलाने में जहां 15 रुपये प्रति घंटा लगता है, डीजल बसों को चलाने में प्रति किलोमीटर 20 रुपये का खर्च आता है, तो वहीं इलेक्ट्रिक बसों को चलाने में प्रति किलोमीटर 8 रुपये का खर्च आएगा. इन बसों में 31 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है. और हर बड़े डिपो में इन बसों का चार्जर लगाया गया है जहां पर इन बसों को चार्ज किया जा सकता है.