9 साल तक कोमा में रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रियरंजन दासमुंशी का निधन

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नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री, पश्चिम बंगाल और अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता प्रियरंजन दासमुंशी नहीं रहे. नयी दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल में उन्होंने सोमवार को अंतिम सांस ली. वह करीब 9 साल तक कोमा में रहे. वह 72 साल के थे. पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने श्री दासमुंशी के निधन की पुष्टि की. वर्ष 2008 में श्री दासमुंशी को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद वह अचेत अवस्था में थे. ब्रेन हेमरेज के बाद से वह लगातार वेंटिलेटर पर थे.

ब्रेन हेमरेज के कारण उन्हें लकवा मार गया था. चलने-फिरने में वह असमर्थ हो गये. वह बोल भी नहीं पा रहे थे. हालांकि, उनके अंगों ने काम करना बंद नहीं किया था, लेकिन सांस लेने के लिए उनके गले तक एक नली लगानी पड़ी थी. एक अन्य पाईप के जरिये उनके पेट तक भोजन पहुंचाया जा रहा था. हालांकि, उनकी श्वसन प्रक्रिया, रक्तचाप (ब्लडप्रेशर), नींद आदि का चक्र सामान्य था, लेकिन वह अपने आसपास की गतिविधियों से पूरी तरह अनभिज्ञ थे.

दासमुंशी के बीमार पड़ने के बाद उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी ने प्रियरंजन की परंपरागत सीट रायगंज से लोकसभा चुनाव जीता, लेकिन वर्ष 2014 के संसदीय चुनाव में वह हार गयीं. उनका एक बेटा भी है, जिसका नाम प्रियदीप दासमुंशी है. प्रियरंजन पश्चिम बंगाल के सबसे लोकप्रिय और सर्वमान्य कांग्रेस नेताओं में से एक थे. दूसरी पार्टी के नेता भी उनका उतना ही सम्मान करते थे, जितना कांग्रेस के नेता. यही वजह है कि कांग्रेस ने उन्हें संसदीय कार्यमंत्री बनाया था, ताकि संसद में किसी मुद्दे पर लंबा गतिरोध न हो.

कांग्रेस ने इस बड़े नेता के इलाज में कोई कमी नहीं रखी गयी. जर्मनी में उनका इलाज कराया गया, ब्रिटेन के बड़े डॉक्टरों की भी राय ली गयी, लेकिन उन्हें ठीक नहीं किया जा सका. अन्य पार्टियों में प्रिय दा की स्वीकार्यता का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार ने यह एलान कर दिया कि उनके इलाज पर होने वाला खर्च सरकार वहन करेगी.

दीपिका-भंसाली के सिर काटने वाले को 10 करोड़ का इनाम देंगे भाजपा नेता

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भाजपा नेता

चंडीगढ़। फिल्म पद्मावती पर विवाद रूकने का नाम नहीं ले रहा है. इन विवादों के चलते फिल्म निर्माताओं ने फिल्म के रिलीज को टाल दिया है, लेकिन अभी फिल्म को लेकर विरोध कम नहीं हुआ है. ताजा मामले में हरियाणा में भाजपा के चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर सूरज पाल अम्मू ने फिल्म के अभिनेता रणवीर सिंह को धमकी दी है कि वह फिल्म के पक्ष में कहे अपने शब्द वापस नहीं लेते हैं तो टांगें तोड़कर हाथ में दे देंगे.

इतना ही नहीं पाल ने यह भी धमकी दी कि वह इस फिल्म को कभी भी प्रदर्शित नहीं होने देंगे. पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए इस फिल्म को ‘डस्टबीन’ में डाल दें.

दरअसल, रणवीर सिंह ने फिल्म पद्मावती को लेकर दिए अपने एक बयान में कहा था कि वह फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ हैं. उन्होंने कहा था कि वह 200 फीसदी इस फिल्म के साथ खड़े हैं. साथ ही रणवीर ने लोगों से अपील की थी कि फिल्म एक बार देखें फिर अपना विचार बनाएं. रणवीर ने कहा था कि भंसाली एक शानदार फिल्ममेकर हैं और वह भारतीय संस्कृति की बहुत इज्जत करते हैं.

इस बयान पर पलटवार करते हुए सूरज पाल ने रणवीर को धमकी देते हुए कहा, ‘अगर तूने (रणवीर) अपने शब्द वापस नहीं लिए तो तेरी टांगों को तोड़कर तेरे हाथ में दे देंगे.’ सूरज पाल यहीं नहीं रूके. उन्होंने फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और निर्देशक संजय लीला भंसाली का सिर कलम करने के लिए 5 करोड़ का इनाम रखने वाले मेरठ के युवक की प्रशंसा कर डाली. पाल ने कहा, ‘मैं मेरठ के उस युवा को बधाई देना चाहता हूं. हम 5 नहीं बल्कि 10 करोड़ रुपये देंगे अगर कोई ऐसा करता है. इतना ही नहीं सिर कलम करने वाले के परिवार की जरूरतों का भी ख्याल रखेंगे.’

राहुल गांधी जल्द बनेंगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष

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नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब कुछ ही दिन में, संभवतः 4 दिसंबर को आधिकारिक रूप से पार्टी प्रमुख बन जाएंगे. सोमवार को पार्टी की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10, जनपथ पर हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई.

घोषित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की अधिसूचना 1 दिसंबर को जारी होगी, और नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर तय की गई है. यदि एक से ज़्यादा वैध नामांकन दाखिल किए जाते हैं, और चुनाव की नौबत आती है, तो मतदान 15 दिसंबर को होगा, तथा मतगणना 19 दिसंबर को करवाई जाएगी. लेकिन चूंकि माना जा रहा है कि राहुल गांधी के खिलाफ कोई भी नेता नामांकन पत्र दाखिल नहीं करेगा, सो, 4 दिसंबर को ही उनका निर्विरोध चुना जाना तय है.

कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी ने कहा कि गुजरात में चुनावी प्रचार की सफलता का श्रेय और नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर विपक्ष की सफल अगुवाई का श्रेय कांग्रेस उपाध्यक्ष को जाता है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने आगे बढ़कर अगुवाई की है और बहुत ही क्षमतावान नेता हैं. आजाद ने कहा कि ये कुछ ही दिनों की बात है, जब पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा. राहुल गांधी आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करेंगे.

‘ वर्ल्ड टॉयलेट डे’ पर खुले में पेशाब करते दिखे भाजपा मंत्री

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मुंबई। 19 नवंबर को विश्व टॉयलेट डे मनाया गया. इस दिन एक ओर लोग देश को खुले से शौचमुक्त बनाने के लिए प्रण ले रहे थे, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के जल संरक्षण मंत्री राम शिंदे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में शिंदे सड़क के किनारे खुले में पेशाब करते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री अपने बचाव में उतरे और पूरे मामले में सफाई दी.

उन्होंने कहा कि वे सरकार के जलयुक्‍त शिविर स्‍कीम के लिए पिछले एक महीने से दौरा कर रहे थे और इसके चलते वह काफी बीमार महसूस कर रहे थे. ऐसे में उन्हें जल्दी बाथरूम जाना था, लेकिन बीमार होने के कारण वह टॉयलेट की तलाश नहीं कर पाए और उन्हें खुले में पेशाब करना पड़ा.

ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्‍वच्‍छ भारत अभियान पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. वीडियो पर एनसीपी ने कहा कि मंत्री को हाईवे पर कोई शौचालय नहीं मिला इससे पता चलता है कि मोदी का स्‍वच्‍छ भारत अभियान कितना सफल हो पाया है. राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि यह अब साबित हो गया है कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर स्वच्छ भारत उपकर के नाम पर लोगों को लूट रही है. शिंदे कारजाट जामखेड़ विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं.

गौरतलब है कि कृषि मंत्री राधामोहन सिंह की भी एक तस्वीर पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. जिसमें उन्हें खुले में पेशाब करते देखा गया था.

दलितों की अनदेखी से नाराज भाजपा नेता ने दिया पार्टी से इस्तीफा

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गांधीनगर। गुजरात में चुनावी माहौल के बीच भाजपा विधायक और दलित नेता जेठा सोलंकी ने शनिवार को विधायक पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया. जेठा सोलंकी संसदीय सचिव भी थे. कोली समुदाय के नेता सोलंकी ने पहले विधानसभा अध्यक्ष रमनलाल वोरा को विधायक पद से इस्तीफा दिया. बाद में भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा सौंपा. सोलंकी गिर सोमनाथ जिले के कोडीनार विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे.

पत्रकारों से बातचीत में सोलंकी ने भाजपा पर उनकी और दलित मुद्दों की अवहेलना करने का आरोप लगाया. दलित नेता ने कहा कि पार्टी ने जब उन्हें बताया कि इस बार मुझे टिकट नहीं दिया जाएगा तो मुझे निराशा हुई थी. उन्होंने कहा कि मैंने एक विधायक और संसदीय सचिव के तौर पर भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है क्योंकि पार्टी ने मेरी बातों को सुनना बंद कर दिया है.

उना दलित अत्याचार मामले का हवाला देते हुए सोलंकी ने कहा कि भाजपा के इस शासन में दलित समुदाय ने कई अत्याचार का सामना किया है. समुदाय कठिन स्थिति का सामना कर रहा है. सोलंकी ने कहा कि उना घटना के दौरान इससे पहले आनंदीबेन पटेल के शासन में कुछ कदम उठाए गए थे लेकिन विजय रूपाणी के मुख्यमंत्री बनने पर उनकी सरकार ने दलितों के उत्थान के लिए कोई कदम नहीं उठाया.

कोडीनार सहित 88 सीटों के पर पहले चरण में 9 दिसंबर को चुनाव होगा. इससे पहले सोशल मीडिया में उनके इस्तीफे की प्रति के वायरल होने के बाद उन्होंने इससे इंकार किया था. बाद में उन्होंने इस्तीफा देने की बात स्वीकार कर ली.

गुजरात प्रशासन ने रद्द की हार्दिक पटेल की रैली

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नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मुखर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने गांधीनगर में रैली की इजाजत नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रशासन ने भाजपा के दबाव में आकर रैली रद्द कर दी. हार्दिक पटेल ने कहा, ‘आचारसंहिता लगने के बाद भी सत्ता का हुकुम चलता है? आज मेरी गांधीनगर में जनसभा है.’

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के अध्यक्ष पटेल ने कहा, ‘कलेक्टर ने जनसभा की इजाजत दी थी, लेकिन भाजपा के प्रेशर से जनसभा की इजाज़त रद्द कर दी! SRP से लेकर पुलिस को भी मैदान में उतार दिया है. आज की जनसभा में हज़ारों की तादाद में जनता आनेवाली हैं.’

हार्दिक ने कहा कि गांधीनगर जिले एसपी ने बोला की जितने भी लोग आएंगे सभी को अरेस्ट किया जाएगा, जनसभा में जो भी चीज का उपयोग होगा सभी चीज पुलिस के अंडर में ली जाएगी! क्या हो रहा है गुजरात में कुछ समझ नहीं आ रहा, पुलिस का गलत तरीके से इस्तेमाल हो रहा है.’ उन्होंने कहा कि गांधीनगर में होने वाली अधिकार जनसभा से बीजेपी डर गई हैं. जनता में आक्रोश है. भाजपा पुलिस को साथ रखकर जनता पर गुंडागर्दी कर रही है.

आपको बता दें कि हार्दिक कथित सेक्स टेप में नाम आने के बाद पहली बड़ी गांधीनगर के मनसा में रैली करने वाले थे. हार्दिक पटेल पिछले दो साल से पटेल समाज के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी से आरक्षण की मांग कर रहे हैं.

RBI में है वैकेंसी, पढ़िए पूरा डिटेल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Office Attendant पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इन पदों के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 7 दिसंबर, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन से जुड़ी जानकारियां नीचे दी गई हैं. संस्थान का नाम भारतीय रिजर्व बैंक पद का नाम ऑफिस अटेंडेंट पदों की संख्या नोटिफिकेशन के अनुसार कुल पदों की संख्या 526 है. योग्यता उम्मीदवार ने देश के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं कक्षा पास की हो. अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें. चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन टेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा. अंतिम तिथि 7 दिसंबर 2017 कैसे करें आवेदन आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

हार्दिक पटेल के करीबी ने थामा भाजपा का दामन

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अहमदाबाद। गुजरात की राजनीति में चुनाव से पहले भारी उलटफेर देखने को मिल रहे हैं. खासकर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल मंझधार में फंसते नजर आ रहे हैं. एक तरफ कांग्रेस ने पाटीदारों की आरक्षण मांग पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, वहीं दूसरी तरफ हार्दिक के करीबी लगातार भाजपा के पाले में जा रहे हैं.

इस कड़ी में शनिवार को एक नाम और जुड़ गया है. पाटीदार आंदोलन के प्रसिद्ध नेता रहे केतन पटेल शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने जा रहे हैं. केतन पटेल एक वक्त में हार्दिक पटेल का साया माना जाते थे. आरक्षण आंदोलन के दौरान वो हार्दिक के इर्द-गिर्द नजर आते थे. हालांकि बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए थे. केतन पर राजद्रोह का मामला दर्ज था. जिसके बाद वो हार्दिक के खिलाफ गवाह भी बने. अब उनके हाथ में भाजपा का झंडा होगा.

हार्दिक के लिए ये बड़ा झटका नहीं माना जा रहा है, लेकिन लगातार पाटीदार आरक्षण से जुड़े नेताओं का भाजपा में जाना इस पूरे आंदोलन को कहीं न कहीं असर डालता दिखाई दे रहा है. इससे पहले हार्दिक के बेहद करीबी रेशमा पटेल और वरुण पटेल ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है. इन नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन करने के बाद हार्दिक पर पटेल समाज के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया था. इन दोनों के अलावा चिराग पटेल और महेश पटेल भी पाटीदारों को छोड़ सत्ताधारी भाजपा के साथ जा चुके हैं.

दिल्ली विश्वविद्यालय का इस कॉलेज का नाम हुआ ‘वंदे मातरम महाविद्यालय’

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नई दिल्ली। दिल्ली के दयाल सिंह ईवनिंग कॉलेज का नाम ‘वंदे मातरम महाविद्यालय’ करने का फैसला किया गया है. कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर यह फैसला किया. हालांकि, मॉर्निंग और ईवनिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को देखते हुए बैठक रोक दी गई.

गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन अमिताभ सिन्हा ने कहा कि नोटिफिकेशन में बताया गया कि एग्जिक्युटिव काउंसिल ने दयाल सिंह ईवनिंग कॉलेज को पूर्ण कॉलेज का दर्जा दे दिया है. तब हमने इसे नया और प्रेरणादायी नाम देने का फैसला किया. हमने फैसला किया कि इसका नाम वंदे मातरम महाविद्यालय होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. लेकिन कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया जो कि स्वीकार्य नहीं है? क्यों? हर कोई यूनिवर्स में अपनी मां के कारण है, कोई कहता है कि मां को सम्मान देना सही नहीं है तो वह जानवर हो सकता है इंसान नहीं.’

हाल ही में आधिकारिक परिषद की मीटिंग में ईवनिंग कॉलेज को पूर्ण कॉलेज बनाने की अनुमति दी गई, जिस फैसले का छात्र और शिक्षक विरोध कर रहे हैं. इधर, मॉर्निंग कॉलेज के स्टूडेंट्स ने बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर प्रदर्शन किया. मॉर्निंग कॉलेज के प्रफेसर प्रेमेंद्र कुमार परिहार ने कहा कि कॉलेज में बुनियादी ढांचे की कमी है. उन्होंने कहा कि बंटवारा होने के बाद दोनों कॉलेजों में संसाधन बटेंगे. पार्किंग और दूसरे संसाधनों को लेकर टीचर और स्टूडेंट्स के बीच पहले से ही रार ठनी हुई है.

हाफ मैराथन में दौड़ेगा दिल्ली, यातायात रहेगा बाधित

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दिल्ली में रविवार को आयोजित होने वाले एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन (एडीएचएम) को देखते हुए यातायात पर प्रतिबंध लगाये जायेंगे. हाफ मैराथन के चलते दिल्ली के 12 मार्ग बाधित रहेंगे. संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) गरिमा भटनागर ने कहा कि ये प्रतिबंध रविवार सुबह छह बजे से दोपहर साढ़े 11 बजे तक भीष्म पितामह मार्ग, रफी अहमद किदवई मार्ग, लोधी रोड, मथुरा रोड, संसद मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, सी-हेक्सागॉन इंडिया गेट, जनपथ, राजपथ और विंडसर प्लेस समेत कई मार्गों पर प्रतिबंध लगाये जायेंगे. हाफ मैराथन में हिस्सा ले रहे प्रतिभागी जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में एकत्रित होंगे.

स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आया तो टांगों पर चला दी कैंची

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कानपुर। योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश से आई एक घटना स्कूल प्रशासनों के ऐसे सच को बयां करती है जो गाहे बगाहे सामने आते रहते हैं. यूपी के कानपुर में 11वीं क्लास के एक स्टूडेंट के साथ स्कूल प्रशासन द्वारा बेरहम हरकत करने का आरोप लगा है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 11 वीं क्लास का तस्वीर में दिख रहा छात्र स्कूल में यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आया बल्कि जींस की पैंट पहन कर आया जिसके बाद उसे लहूलुहान कर दिया गया. खबर लिखे जाने तक, न तो कोई माफी आई है और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया है.

एएनआई के मुताबिक, आरोप है कि इस बात से नाराज स्कूल के स्टाफ ने सजा के तौर पर उसकी पहनी हुई जींस उसके पहने-पहने ही काट दी. जींस कैंची से काटने की कोशिश में युवक के पैर भी बुरी तरह कट गए. मामले की पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है.

पिता विनोद पाल का कहना है कि यदि स्कूल को बच्चे के स्कूल ड्रेस न पहनने पर आपत्ति थी ही तो वे उसे वापस भेज देते लेकिन इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. पिता का कहना है, स्कूल मैनेजर ने यूनिफॉर्म पहन कर न आने के युवक के कारण को अनसुना कर दिया और यह बेहद दर्दनाक सजा दे डाली.

युवक के पिता का कहना है कि उन्होंने उनके बेटे की एक नहीं सुनी और पहले तो उसकी जींस काट दी और बाद में उसके पैरों पर ‘कैंची चला दी’.

1 अरब मोबाइल और बैंक खातों से जोड़ा जाएगा आधार

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मूडीज की ‘ईज ऑफ डुइंग रैकिंग्स’ लिस्ट में भारत को 30 पायदान उछाल मिलने के बाद मोदी सरकार एक बड़े प्लान में जुट गई है. मोदी सरकार ‘एक अरब-एक अरब-एक अरब’ के विजन को पूरा करने की हर कोशिश कर रही है. विजन के हिसाब में एक अरब आधार नंबरों को एक अरब बैंक खातों और एक अरब मोबाइल से लिंक करने का प्लान बनाया जा रहा है. दरसलअ, मूडीज की ओर से जीएसटी, नोटबंदी और आधार लिंक की तारीफ की गई है और इसी ऐवज में केंद्र सरकार अपने इस प्लान पर जोर देने लग गई है.

‘वन प्लस-वन प्लस-वन प्लस’ के इस विजन को हासिल करने की अटकलें सरकारी महकमे में गूंजने लगी हैं, हालांकि इसे पूरा करने की कोई तारीख तय नहीं रखी गई है. सरकार के इस प्लान पर जोर देने के और भी कारण है, पहला 6 लाख करोड़ रुपये के बड़े नोटों का चलन से बाहर होना है.

पिछले साल पीएम मोदी ने जब नोटबंदी का ऐलान किया था उस वक्त नोटों की कीमत 15.44 लाख करोड़ रुपये थी, जो कि इस साल सितंबर तक 12 लाख करोड़ रुपये रह गई. अगर नोटबंदी नहीं लागू होती तो ये बड़े नोटों की ये कीमत करीब 18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन अब वह घटकर 6 लाख करोड़ रह गई है.

नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों के चलते पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार को विरोधियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मूडीज की ओर से सकारात्मक पहलू आने के बाद सरकार को मजबूत स्थिति मिली है. मूडीज की माने तो सरकार के ये कदम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला है.

देखिए, तुम्हारी सुलु’ के पहले दिन की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट

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नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन की फिल्म ‘तुम्हारी सुलु’ इस शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई है. इस फिल्म में विद्या एक आरजे का रोल निभा रही हैं और फिल्म में वह लेट नाइट आरजे के रूप में नजर आती हैं. विद्या का यह लेट नाइट शो कई लोगों द्वारा पसंद किया जाता है और इस शो से वह ‘तुम्हारी सुलु’ बन जाती हैं क्योंकि विद्या के इस शो का नाम ही ‘तुम्हारी सुलु’ है.

शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म की शुरुआत थोड़ी सी कमजोर रही लेकिन शाम होते होते इसकी कमाई में भी वृद्धी देखी गई. इस फिल्म में विद्या के अलावा मानव कौल, नेहा धूपिया और आरजे मलिश्का ने काम किया है. फिल्म के पहले दिन की कमाई के आंकड़े भी अब सामने आ गए हैं. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट कर फिल्म की पहले दिन की कमाई की जानकारी दी है. पहले दिन फिल्म ने 2.87 करोड़ की कमाई की है.

बता दें, इस साल रिलीज हुई विद्या की यह दूसरी फिल्म है. इससे पहले उनकी फिल्म ‘बेगम जान’ रिलीज हुई थी, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी और इस वजह से विद्या के करियर के लिए ‘तुम्हारी सुलु’ काफी महत्वपूर्ण है. हालांकि, अगर ‘तुम्हारी सुलु’ की कहानी की बात की जाए तो यह एक साधारण कहानी है जिससे कोई भी आसानी से जुड़ सकता है और इसलिए उम्मीद है कि आने वाले वक्त में फिल्म अच्छा प्रदर्शन कर सकती है.

राजनीति में वंशवाद तो कुछ घटा

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एक सर्वे के मुताबिक मौजूदा संसद में वंशवादी सांसदों की संख्या में 2 प्रतिशत और सरकार में ऐसे मंत्रियों की संख्या में 12 प्रतिशत की कमी आई है. ख्यात लेखक पैट्रिक फ्रेंच ने 2012 में अपनी एक किताब में भारत के बारे में लिखा था, ‘यदि वंशवाद की यही राजनीति चलती रही, तो भारत की दशा उन दिनों जैसी हो जाएगी जब यहां राजा-महाराजाओं का शासन हुआ करता था.’ वंशवादी राजनीति तो कुछ घटी है लेकिन, क्या हमारी राजनीति ने युवाओं को स्वीकार करना शुरू कर दिया है, क्योंकि युवा शक्ति की बजाय जाति-धर्म की राजनीति को चुनाव जीतने की रामबाण तरकीब मान लिया गया है. आज देश के सामने शिक्षा का गिरता स्तर, बेरोजगारों की बढ़ती संख्या और सामाजिक असंतुलन की समस्याएं हैं. इनसे निजात का कोई इलाज सियासतदानों के पास दिखता नहीं.

जब हम संविधान निर्माण में अन्य देशों से प्रेरणा ले सकते हैं तो हमारे युवाओं को राजनीतिक हक दिलवाने के मामले में विदेशों से कुछ सीख क्यों नहीं लेते? ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज की उम्र 31 वर्ष है. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न की उम्र सिर्फ 37 वर्ष है, जो दुनिया की सबसे युवा नेता हैं. फिर देश के राजनीतिक दल 70 साल से अधिक के नेताओं को क्यों ढो रही है? क्या राजनीति में संन्यास लेने की कोई उम्र नहीं होनी चाहिए? जब नौकरियों में आयु सीमा निर्धारित है तो राजनीति उससे अछूती क्यों?

फ्रांस के राष्ट्रपति की उम्र 39 साल है, और हमारे देश में सत्तर और अस्सी वर्ष की उम्र में मंत्री और प्रधानमंत्री बनने के ख़यालात आते हैं. ये कुछ उदाहरण हैं, जिससे हमारे देश की राजनीति काफी पिछड़ी नज़र आती है. विश्व में राजनीतिक दलों की औसत आयु 43 वर्ष है. लेकिन हमारे देश का युवा तो सड़कों पर डिग्री लेकर घूमने पर विवश है. देश में डिग्रियां बिक रही हैं, रोजगार नहीं. युवाओं पर नाज है लेकिन, राजनीति में उनका कोई स्थान नहीं. अब इस रवायत को बंद करना होगा. युवाओं की समस्या युवा नेता अच्छे तरह समझ सकते हैं, इसलिए युवाओं को राजनीति में मौका मिलना चाहिए.

महेश तिवारी, माखनलालचतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल. यह लेख दैनिक भास्कर से साभार है.

भूकंप के तगड़े झटके से दहला अरुणाचल प्रदेश

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गुवाहाटी। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर आज तड़के सुबह 4 बजकर 14 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिएक्‍टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.4 आंकी गई है. भूकंप से अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि इस भूकंप से कहीं किसी तरह का कोई नुकसान तो नहीं हुआ है. भूकंप का केंद्र भारत चीन के बॉर्डर क्षेत्र में था, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से पूरी जांच की जा रही है. यूएस जियोलॉजीकल सर्वे के अनुसार भूकंप का केंद्र भारतीय नगरों पासीघाट और तेजू से 240 किमी दूर चीन के कब्जे वाला तिब्बत था.

उधर भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि भूकंप सुबह 4 बजकर, 14 मिनट पर आया था. भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई पर था.

पाटीदार समिति और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर हुआ विवाद

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नई दिल्ली। गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पाटीदार समिति और कांग्रेस के बीच बातचीत बिगड़ गई है. चुनाव में पाटीदार नेताओं को टिकट और पाटीदारों को आरक्षण देने के प्रस्तावित फॉर्म्यूले को लेकर पाटीदार समिति और कांग्रेस के बीच दिल्ली में अहम बैठक थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित रूप से नजरअंदाज किए जाने से नाराज पटेल नेताओं ने कांग्रेस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है. जानकारी के मुताबिक पटेल नेताओं ने 30-35 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए जाने की मांग की थी. लेकिन सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस इतनी सीटें देने को तैयार नहीं हुई.

शुक्रवार को कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने पाटीदार नेताओं से बातचीत की. इस बातचीत के बाद पाटीदार नेताओं में नाखुशी दिखी. देर रात पाटीदार नेताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी. हार्दिक पटेल के प्रतिनिधि दिनेश बमभानिया ने कांग्रेस पर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. दिनेश बमभानिया ने कहा कि कांग्रेस ने हमें मिलने के लिए बुलाया लेकिन पूरे दिन हमें मिलने का वक्त नहीं दिया. कांग्रेस ने हमारी बेइज्जती की है. सूत्र बताते हैं कि पाटीदार नेताओं की रणनीति ज्यादा से ज्यादा सीट मांगने के लिए कांग्रेस पर दबाव बनाना है. अब देखना होगा कि आगे की राह कैसे तैयार होती है.

बता दें कि पाटीदार समिति ने गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन इसके लिए कांग्रेस के सत्ता में आने पर समुदाय के लिए संवैधानिक रूप से आरक्षण का दर्जा देने सहित कुछ अन्य मांगें की थीं.

बारिश के साथ जहरीली हवा से मिली दिल्ली वालों को राहत

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नई दिल्ली। प्रदूषण की मार झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बारिश ने राहत दी है. बारिश से दिल्ली एनसीआर में ठंड ने भी दस्तक दे दी है. 10 दिनों से प्रदूषण की मार झेल रहे दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार देर रात बारिश के बाद बड़ी राहत मिली है. देर रात बूंदाबांदी के बाद कुछ देर के लिए बारिश हुई, जिससे ठंड भी बढ़ गई है. सुबह तेज हवा चलने से मौसम काफी सर्द हो गया. हाल ही में कश्मीर में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई थी.

वहीं, मौसम विभाग ने कश्मीर में 18 नवंबर को व्यापक बारिश होने और आने वाले दिनों में राज्य के उच्च क्षेत्रों में बर्फबारी होने का अनुमान लगाया है. ऐसे में दिल्ली समेत उत्तर भारत में आज पारा गिरा है. जबकि जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में बुधवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई थी. तापमान -3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.

बर्फबारी के कारण पूरे उत्तर भारत का तापमान प्रभावित होगा और ठंड बढ़गी. सोनमर्ग में 3 इंच बर्फबारी हुई. राजौरी में पीर पंजाल के पहाड़ बर्फ से ढक गए. बता दें कि जम्मू क्षेत्र और श्रीनगर में भी बारिश की सूचना मिली थी.

समलैंगिक था अलाउद्दीन खिलजी

Padmavati

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती से दिल्ली सल्तनत के बादशाह अल्लाउद्दीन मोहम्मद खिलजी को लेकर विवाद छिड़ गया है. रानी पद्मावती की जो कहानी सबसे लोकप्रिय है वो मलिक मोहम्मद जायसी की रचना पद्मावत पर आधारित है. जायसी के पद्मावत मेवाड़ की रानी पद्मावती को पाने के लिए दिल्ली के सुल्तान खिलजी द्वारा किए गये आक्रमण की कहानी है. पद्मावती का पति और मेवाड़ का राजा रतन सिंह युद्ध में वीरगति को प्राप्त होता है. खिलजी के हाथों में पड़ने से बचने के लिए रानी पद्मावती जौहर कर लेती हैं. इस तरह खिलजी युद्ध जीतकर भी पद्मावती को हासिल नहीं कर पाता. बहुत से लोग पद्मावत की कहानी को काल्पनिक मानते हैं. भंसाली की फिल्म की कहानी एक दिसंबर को उसके रिलीज होने के बाद ही सामने आएगी और तभी पता चल सकेगा कि उसमें कितना सच है और कितना फसाना. अभी हम आपको खिलजी के जीवन से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य बताएंगे जो ऐतिहासिक माने जाते हैं.

अल्लाउद्दीन खिलजी का असली नाम और जन्म- अल्लाउद्दीन खिलजी के जन्म की ठीक-ठीक तारीख का पता नहीं चलता है. कुछ इतिहासकार उसका जन्म सन् 1250 में मानते हैं. लेकिन 16वीं-17वीं सदी के लेखक हाजी-उद-दबीर ने लिखा है कि खिलजी जब 34 साल का थ तो उसने रणथंभोर पर चढ़ाई की थी. खिलजी ने सन् 1300-01 में रणथंभोर पर हमला किया था. इस आधार पर माना जाता है कि उसका जन्म सन् 1266-67 में हुआ होगा. खिलजी का असली नाम अली गुरशस्प था. खिलजी वंश के पहले शासक जलालुद्दीन खिलजी उसके चाचा थे.

ससुर और चाचा को मारकर हासिल की गद्दी- जलालुद्दीन खिलजी ने अपनी बेटी मल्लिका-ए-जहां की शादी भतीजे अल्लाउद्दीन खिलजी से की थी. जलालुद्दीन ने सन् 1291 में अल्लाउद्दीन को वर्तमान उत्तर प्रदेश में स्थित कड़ा रियासत का अमीर नियुक्त किया था. अल्लाउद्दीन की महत्वाकांक्षा केवल अमीर बनने तक सीमित नहीं रही. उसने तय कर लिया कि वो अपने चाचा और ससुर की जगह लेगा. सन् 1296 में उसने जलालुद्दीन को धोखे से मार दिया और खुद को दिल्ली सल्तनत का सुल्तान घोषित कर दिया. इस तरह वो 1296 में खिलजी वंश का दूसरा शासक बना. खिलजी सन् 1316 में अपनी मृत्यु तक दिल्ली का सुल्तान रहा.

खिलजी की पत्नियां- खिलजी की पहली पत्नी मल्लिका-ए-जहां उसके चाचा और खिलजी वंश के पहले संस्थापक जलालुद्दीन की बेटी थी. माना जाता है कि मल्लिका अल्लाउद्दीन को बहुत ज्यादा तवज्जो नहीं देती इसलिए दोनोें के बीच संबंध मधुर नहीं थे. अल्लाउद्दीन की दूसरी पत्नी महरू थी जो उसके सिपहसालार अलप खान की बहन थी. हालांकि बाद में अल्लाउद्दीन ने तख्तापलट की आशंका में अलप खान को मरवा दिया था. खिलजी की तीसरी पत्नी गुजरात के वाघेला राजा राजा कर्ण की विधवा कमला थी. अल्लाउद्दीन की चौथी पत्नी देवगिरी के राजा रामचंद्र की बेटी क्षत्यपली थीं. अल्लाउद्दीन की सेना ने रामचंद्र को हराकर उसे अधीनता स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया था. इनके अलावा खिलजी के हरम में सैकड़ों महिलाएं दासियों और लौंडियों के तौर पर रहती रही होंगी.

मलिक काफूर से रिश्ता- अल्लाउद्दीन खिलजी और मलिक काफूर के रिश्ते को लेकर इतिहासकारों में मतभेद है. अल्लाउद्दीन खिलजी को काफूर पर अपने किसी भी अन्य रिश्तेदार या दोस्त से ज्यादा भरोसा था ये बात सभी मानते हैं लेकिन दोनों के बीच समलैंगिक संंबंध को लेकर इतिहासकारों में मतभेद है. मलिक काफूर ने अल्लाउद्दीन खिलजी के लिए दक्षिण भारत में कई राजाओं से लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की. माना जाता है कि खिलजी के सिपहसालार नुसरत खान ने गुजरात में एक युद्ध के बाद मलिक काफूर को गुलाम बाजार से खरीदा था. लेकिन अपनी बहादुरी और स्वामीभक्ति से वो खिलजी का दायां हाथ बन गया. हालांकि अल्लाउद्दीन खिलजी के मौत के कुछ महीनों बाद उसके मलिक काफूर की हत्या कर दी गयी थी.

जनसत्ता से साभार