RBI में है वैकेंसी, पढ़िए पूरा डिटेल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Office Attendant पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इन पदों के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 7 दिसंबर, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन से जुड़ी जानकारियां नीचे दी गई हैं. संस्थान का नाम भारतीय रिजर्व बैंक पद का नाम ऑफिस अटेंडेंट पदों की संख्या नोटिफिकेशन के अनुसार कुल पदों की संख्या 526 है. योग्यता उम्मीदवार ने देश के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं कक्षा पास की हो. अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें. चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन टेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा. अंतिम तिथि 7 दिसंबर 2017 कैसे करें आवेदन आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

हार्दिक पटेल के करीबी ने थामा भाजपा का दामन

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अहमदाबाद। गुजरात की राजनीति में चुनाव से पहले भारी उलटफेर देखने को मिल रहे हैं. खासकर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल मंझधार में फंसते नजर आ रहे हैं. एक तरफ कांग्रेस ने पाटीदारों की आरक्षण मांग पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, वहीं दूसरी तरफ हार्दिक के करीबी लगातार भाजपा के पाले में जा रहे हैं.

इस कड़ी में शनिवार को एक नाम और जुड़ गया है. पाटीदार आंदोलन के प्रसिद्ध नेता रहे केतन पटेल शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने जा रहे हैं. केतन पटेल एक वक्त में हार्दिक पटेल का साया माना जाते थे. आरक्षण आंदोलन के दौरान वो हार्दिक के इर्द-गिर्द नजर आते थे. हालांकि बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए थे. केतन पर राजद्रोह का मामला दर्ज था. जिसके बाद वो हार्दिक के खिलाफ गवाह भी बने. अब उनके हाथ में भाजपा का झंडा होगा.

हार्दिक के लिए ये बड़ा झटका नहीं माना जा रहा है, लेकिन लगातार पाटीदार आरक्षण से जुड़े नेताओं का भाजपा में जाना इस पूरे आंदोलन को कहीं न कहीं असर डालता दिखाई दे रहा है. इससे पहले हार्दिक के बेहद करीबी रेशमा पटेल और वरुण पटेल ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है. इन नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन करने के बाद हार्दिक पर पटेल समाज के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया था. इन दोनों के अलावा चिराग पटेल और महेश पटेल भी पाटीदारों को छोड़ सत्ताधारी भाजपा के साथ जा चुके हैं.

दिल्ली विश्वविद्यालय का इस कॉलेज का नाम हुआ ‘वंदे मातरम महाविद्यालय’

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नई दिल्ली। दिल्ली के दयाल सिंह ईवनिंग कॉलेज का नाम ‘वंदे मातरम महाविद्यालय’ करने का फैसला किया गया है. कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर यह फैसला किया. हालांकि, मॉर्निंग और ईवनिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को देखते हुए बैठक रोक दी गई.

गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन अमिताभ सिन्हा ने कहा कि नोटिफिकेशन में बताया गया कि एग्जिक्युटिव काउंसिल ने दयाल सिंह ईवनिंग कॉलेज को पूर्ण कॉलेज का दर्जा दे दिया है. तब हमने इसे नया और प्रेरणादायी नाम देने का फैसला किया. हमने फैसला किया कि इसका नाम वंदे मातरम महाविद्यालय होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. लेकिन कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया जो कि स्वीकार्य नहीं है? क्यों? हर कोई यूनिवर्स में अपनी मां के कारण है, कोई कहता है कि मां को सम्मान देना सही नहीं है तो वह जानवर हो सकता है इंसान नहीं.’

हाल ही में आधिकारिक परिषद की मीटिंग में ईवनिंग कॉलेज को पूर्ण कॉलेज बनाने की अनुमति दी गई, जिस फैसले का छात्र और शिक्षक विरोध कर रहे हैं. इधर, मॉर्निंग कॉलेज के स्टूडेंट्स ने बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर प्रदर्शन किया. मॉर्निंग कॉलेज के प्रफेसर प्रेमेंद्र कुमार परिहार ने कहा कि कॉलेज में बुनियादी ढांचे की कमी है. उन्होंने कहा कि बंटवारा होने के बाद दोनों कॉलेजों में संसाधन बटेंगे. पार्किंग और दूसरे संसाधनों को लेकर टीचर और स्टूडेंट्स के बीच पहले से ही रार ठनी हुई है.

हाफ मैराथन में दौड़ेगा दिल्ली, यातायात रहेगा बाधित

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दिल्ली में रविवार को आयोजित होने वाले एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन (एडीएचएम) को देखते हुए यातायात पर प्रतिबंध लगाये जायेंगे. हाफ मैराथन के चलते दिल्ली के 12 मार्ग बाधित रहेंगे. संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) गरिमा भटनागर ने कहा कि ये प्रतिबंध रविवार सुबह छह बजे से दोपहर साढ़े 11 बजे तक भीष्म पितामह मार्ग, रफी अहमद किदवई मार्ग, लोधी रोड, मथुरा रोड, संसद मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, सी-हेक्सागॉन इंडिया गेट, जनपथ, राजपथ और विंडसर प्लेस समेत कई मार्गों पर प्रतिबंध लगाये जायेंगे. हाफ मैराथन में हिस्सा ले रहे प्रतिभागी जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में एकत्रित होंगे.

स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आया तो टांगों पर चला दी कैंची

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कानपुर। योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश से आई एक घटना स्कूल प्रशासनों के ऐसे सच को बयां करती है जो गाहे बगाहे सामने आते रहते हैं. यूपी के कानपुर में 11वीं क्लास के एक स्टूडेंट के साथ स्कूल प्रशासन द्वारा बेरहम हरकत करने का आरोप लगा है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 11 वीं क्लास का तस्वीर में दिख रहा छात्र स्कूल में यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आया बल्कि जींस की पैंट पहन कर आया जिसके बाद उसे लहूलुहान कर दिया गया. खबर लिखे जाने तक, न तो कोई माफी आई है और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया है.

एएनआई के मुताबिक, आरोप है कि इस बात से नाराज स्कूल के स्टाफ ने सजा के तौर पर उसकी पहनी हुई जींस उसके पहने-पहने ही काट दी. जींस कैंची से काटने की कोशिश में युवक के पैर भी बुरी तरह कट गए. मामले की पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है.

पिता विनोद पाल का कहना है कि यदि स्कूल को बच्चे के स्कूल ड्रेस न पहनने पर आपत्ति थी ही तो वे उसे वापस भेज देते लेकिन इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. पिता का कहना है, स्कूल मैनेजर ने यूनिफॉर्म पहन कर न आने के युवक के कारण को अनसुना कर दिया और यह बेहद दर्दनाक सजा दे डाली.

युवक के पिता का कहना है कि उन्होंने उनके बेटे की एक नहीं सुनी और पहले तो उसकी जींस काट दी और बाद में उसके पैरों पर ‘कैंची चला दी’.

1 अरब मोबाइल और बैंक खातों से जोड़ा जाएगा आधार

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मूडीज की ‘ईज ऑफ डुइंग रैकिंग्स’ लिस्ट में भारत को 30 पायदान उछाल मिलने के बाद मोदी सरकार एक बड़े प्लान में जुट गई है. मोदी सरकार ‘एक अरब-एक अरब-एक अरब’ के विजन को पूरा करने की हर कोशिश कर रही है. विजन के हिसाब में एक अरब आधार नंबरों को एक अरब बैंक खातों और एक अरब मोबाइल से लिंक करने का प्लान बनाया जा रहा है. दरसलअ, मूडीज की ओर से जीएसटी, नोटबंदी और आधार लिंक की तारीफ की गई है और इसी ऐवज में केंद्र सरकार अपने इस प्लान पर जोर देने लग गई है.

‘वन प्लस-वन प्लस-वन प्लस’ के इस विजन को हासिल करने की अटकलें सरकारी महकमे में गूंजने लगी हैं, हालांकि इसे पूरा करने की कोई तारीख तय नहीं रखी गई है. सरकार के इस प्लान पर जोर देने के और भी कारण है, पहला 6 लाख करोड़ रुपये के बड़े नोटों का चलन से बाहर होना है.

पिछले साल पीएम मोदी ने जब नोटबंदी का ऐलान किया था उस वक्त नोटों की कीमत 15.44 लाख करोड़ रुपये थी, जो कि इस साल सितंबर तक 12 लाख करोड़ रुपये रह गई. अगर नोटबंदी नहीं लागू होती तो ये बड़े नोटों की ये कीमत करीब 18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन अब वह घटकर 6 लाख करोड़ रह गई है.

नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों के चलते पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार को विरोधियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मूडीज की ओर से सकारात्मक पहलू आने के बाद सरकार को मजबूत स्थिति मिली है. मूडीज की माने तो सरकार के ये कदम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला है.

देखिए, तुम्हारी सुलु’ के पहले दिन की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट

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नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन की फिल्म ‘तुम्हारी सुलु’ इस शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई है. इस फिल्म में विद्या एक आरजे का रोल निभा रही हैं और फिल्म में वह लेट नाइट आरजे के रूप में नजर आती हैं. विद्या का यह लेट नाइट शो कई लोगों द्वारा पसंद किया जाता है और इस शो से वह ‘तुम्हारी सुलु’ बन जाती हैं क्योंकि विद्या के इस शो का नाम ही ‘तुम्हारी सुलु’ है.

शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म की शुरुआत थोड़ी सी कमजोर रही लेकिन शाम होते होते इसकी कमाई में भी वृद्धी देखी गई. इस फिल्म में विद्या के अलावा मानव कौल, नेहा धूपिया और आरजे मलिश्का ने काम किया है. फिल्म के पहले दिन की कमाई के आंकड़े भी अब सामने आ गए हैं. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट कर फिल्म की पहले दिन की कमाई की जानकारी दी है. पहले दिन फिल्म ने 2.87 करोड़ की कमाई की है.

बता दें, इस साल रिलीज हुई विद्या की यह दूसरी फिल्म है. इससे पहले उनकी फिल्म ‘बेगम जान’ रिलीज हुई थी, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी और इस वजह से विद्या के करियर के लिए ‘तुम्हारी सुलु’ काफी महत्वपूर्ण है. हालांकि, अगर ‘तुम्हारी सुलु’ की कहानी की बात की जाए तो यह एक साधारण कहानी है जिससे कोई भी आसानी से जुड़ सकता है और इसलिए उम्मीद है कि आने वाले वक्त में फिल्म अच्छा प्रदर्शन कर सकती है.

राजनीति में वंशवाद तो कुछ घटा

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एक सर्वे के मुताबिक मौजूदा संसद में वंशवादी सांसदों की संख्या में 2 प्रतिशत और सरकार में ऐसे मंत्रियों की संख्या में 12 प्रतिशत की कमी आई है. ख्यात लेखक पैट्रिक फ्रेंच ने 2012 में अपनी एक किताब में भारत के बारे में लिखा था, ‘यदि वंशवाद की यही राजनीति चलती रही, तो भारत की दशा उन दिनों जैसी हो जाएगी जब यहां राजा-महाराजाओं का शासन हुआ करता था.’ वंशवादी राजनीति तो कुछ घटी है लेकिन, क्या हमारी राजनीति ने युवाओं को स्वीकार करना शुरू कर दिया है, क्योंकि युवा शक्ति की बजाय जाति-धर्म की राजनीति को चुनाव जीतने की रामबाण तरकीब मान लिया गया है. आज देश के सामने शिक्षा का गिरता स्तर, बेरोजगारों की बढ़ती संख्या और सामाजिक असंतुलन की समस्याएं हैं. इनसे निजात का कोई इलाज सियासतदानों के पास दिखता नहीं.

जब हम संविधान निर्माण में अन्य देशों से प्रेरणा ले सकते हैं तो हमारे युवाओं को राजनीतिक हक दिलवाने के मामले में विदेशों से कुछ सीख क्यों नहीं लेते? ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज की उम्र 31 वर्ष है. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न की उम्र सिर्फ 37 वर्ष है, जो दुनिया की सबसे युवा नेता हैं. फिर देश के राजनीतिक दल 70 साल से अधिक के नेताओं को क्यों ढो रही है? क्या राजनीति में संन्यास लेने की कोई उम्र नहीं होनी चाहिए? जब नौकरियों में आयु सीमा निर्धारित है तो राजनीति उससे अछूती क्यों?

फ्रांस के राष्ट्रपति की उम्र 39 साल है, और हमारे देश में सत्तर और अस्सी वर्ष की उम्र में मंत्री और प्रधानमंत्री बनने के ख़यालात आते हैं. ये कुछ उदाहरण हैं, जिससे हमारे देश की राजनीति काफी पिछड़ी नज़र आती है. विश्व में राजनीतिक दलों की औसत आयु 43 वर्ष है. लेकिन हमारे देश का युवा तो सड़कों पर डिग्री लेकर घूमने पर विवश है. देश में डिग्रियां बिक रही हैं, रोजगार नहीं. युवाओं पर नाज है लेकिन, राजनीति में उनका कोई स्थान नहीं. अब इस रवायत को बंद करना होगा. युवाओं की समस्या युवा नेता अच्छे तरह समझ सकते हैं, इसलिए युवाओं को राजनीति में मौका मिलना चाहिए.

महेश तिवारी, माखनलालचतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल. यह लेख दैनिक भास्कर से साभार है.

भूकंप के तगड़े झटके से दहला अरुणाचल प्रदेश

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गुवाहाटी। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर आज तड़के सुबह 4 बजकर 14 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिएक्‍टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.4 आंकी गई है. भूकंप से अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि इस भूकंप से कहीं किसी तरह का कोई नुकसान तो नहीं हुआ है. भूकंप का केंद्र भारत चीन के बॉर्डर क्षेत्र में था, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से पूरी जांच की जा रही है. यूएस जियोलॉजीकल सर्वे के अनुसार भूकंप का केंद्र भारतीय नगरों पासीघाट और तेजू से 240 किमी दूर चीन के कब्जे वाला तिब्बत था.

उधर भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि भूकंप सुबह 4 बजकर, 14 मिनट पर आया था. भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई पर था.

पाटीदार समिति और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर हुआ विवाद

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नई दिल्ली। गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पाटीदार समिति और कांग्रेस के बीच बातचीत बिगड़ गई है. चुनाव में पाटीदार नेताओं को टिकट और पाटीदारों को आरक्षण देने के प्रस्तावित फॉर्म्यूले को लेकर पाटीदार समिति और कांग्रेस के बीच दिल्ली में अहम बैठक थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित रूप से नजरअंदाज किए जाने से नाराज पटेल नेताओं ने कांग्रेस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है. जानकारी के मुताबिक पटेल नेताओं ने 30-35 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए जाने की मांग की थी. लेकिन सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस इतनी सीटें देने को तैयार नहीं हुई.

शुक्रवार को कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने पाटीदार नेताओं से बातचीत की. इस बातचीत के बाद पाटीदार नेताओं में नाखुशी दिखी. देर रात पाटीदार नेताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी. हार्दिक पटेल के प्रतिनिधि दिनेश बमभानिया ने कांग्रेस पर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. दिनेश बमभानिया ने कहा कि कांग्रेस ने हमें मिलने के लिए बुलाया लेकिन पूरे दिन हमें मिलने का वक्त नहीं दिया. कांग्रेस ने हमारी बेइज्जती की है. सूत्र बताते हैं कि पाटीदार नेताओं की रणनीति ज्यादा से ज्यादा सीट मांगने के लिए कांग्रेस पर दबाव बनाना है. अब देखना होगा कि आगे की राह कैसे तैयार होती है.

बता दें कि पाटीदार समिति ने गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन इसके लिए कांग्रेस के सत्ता में आने पर समुदाय के लिए संवैधानिक रूप से आरक्षण का दर्जा देने सहित कुछ अन्य मांगें की थीं.

बारिश के साथ जहरीली हवा से मिली दिल्ली वालों को राहत

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नई दिल्ली। प्रदूषण की मार झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बारिश ने राहत दी है. बारिश से दिल्ली एनसीआर में ठंड ने भी दस्तक दे दी है. 10 दिनों से प्रदूषण की मार झेल रहे दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार देर रात बारिश के बाद बड़ी राहत मिली है. देर रात बूंदाबांदी के बाद कुछ देर के लिए बारिश हुई, जिससे ठंड भी बढ़ गई है. सुबह तेज हवा चलने से मौसम काफी सर्द हो गया. हाल ही में कश्मीर में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई थी.

वहीं, मौसम विभाग ने कश्मीर में 18 नवंबर को व्यापक बारिश होने और आने वाले दिनों में राज्य के उच्च क्षेत्रों में बर्फबारी होने का अनुमान लगाया है. ऐसे में दिल्ली समेत उत्तर भारत में आज पारा गिरा है. जबकि जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में बुधवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई थी. तापमान -3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.

बर्फबारी के कारण पूरे उत्तर भारत का तापमान प्रभावित होगा और ठंड बढ़गी. सोनमर्ग में 3 इंच बर्फबारी हुई. राजौरी में पीर पंजाल के पहाड़ बर्फ से ढक गए. बता दें कि जम्मू क्षेत्र और श्रीनगर में भी बारिश की सूचना मिली थी.

समलैंगिक था अलाउद्दीन खिलजी

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संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती से दिल्ली सल्तनत के बादशाह अल्लाउद्दीन मोहम्मद खिलजी को लेकर विवाद छिड़ गया है. रानी पद्मावती की जो कहानी सबसे लोकप्रिय है वो मलिक मोहम्मद जायसी की रचना पद्मावत पर आधारित है. जायसी के पद्मावत मेवाड़ की रानी पद्मावती को पाने के लिए दिल्ली के सुल्तान खिलजी द्वारा किए गये आक्रमण की कहानी है. पद्मावती का पति और मेवाड़ का राजा रतन सिंह युद्ध में वीरगति को प्राप्त होता है. खिलजी के हाथों में पड़ने से बचने के लिए रानी पद्मावती जौहर कर लेती हैं. इस तरह खिलजी युद्ध जीतकर भी पद्मावती को हासिल नहीं कर पाता. बहुत से लोग पद्मावत की कहानी को काल्पनिक मानते हैं. भंसाली की फिल्म की कहानी एक दिसंबर को उसके रिलीज होने के बाद ही सामने आएगी और तभी पता चल सकेगा कि उसमें कितना सच है और कितना फसाना. अभी हम आपको खिलजी के जीवन से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य बताएंगे जो ऐतिहासिक माने जाते हैं.

अल्लाउद्दीन खिलजी का असली नाम और जन्म- अल्लाउद्दीन खिलजी के जन्म की ठीक-ठीक तारीख का पता नहीं चलता है. कुछ इतिहासकार उसका जन्म सन् 1250 में मानते हैं. लेकिन 16वीं-17वीं सदी के लेखक हाजी-उद-दबीर ने लिखा है कि खिलजी जब 34 साल का थ तो उसने रणथंभोर पर चढ़ाई की थी. खिलजी ने सन् 1300-01 में रणथंभोर पर हमला किया था. इस आधार पर माना जाता है कि उसका जन्म सन् 1266-67 में हुआ होगा. खिलजी का असली नाम अली गुरशस्प था. खिलजी वंश के पहले शासक जलालुद्दीन खिलजी उसके चाचा थे.

ससुर और चाचा को मारकर हासिल की गद्दी- जलालुद्दीन खिलजी ने अपनी बेटी मल्लिका-ए-जहां की शादी भतीजे अल्लाउद्दीन खिलजी से की थी. जलालुद्दीन ने सन् 1291 में अल्लाउद्दीन को वर्तमान उत्तर प्रदेश में स्थित कड़ा रियासत का अमीर नियुक्त किया था. अल्लाउद्दीन की महत्वाकांक्षा केवल अमीर बनने तक सीमित नहीं रही. उसने तय कर लिया कि वो अपने चाचा और ससुर की जगह लेगा. सन् 1296 में उसने जलालुद्दीन को धोखे से मार दिया और खुद को दिल्ली सल्तनत का सुल्तान घोषित कर दिया. इस तरह वो 1296 में खिलजी वंश का दूसरा शासक बना. खिलजी सन् 1316 में अपनी मृत्यु तक दिल्ली का सुल्तान रहा.

खिलजी की पत्नियां- खिलजी की पहली पत्नी मल्लिका-ए-जहां उसके चाचा और खिलजी वंश के पहले संस्थापक जलालुद्दीन की बेटी थी. माना जाता है कि मल्लिका अल्लाउद्दीन को बहुत ज्यादा तवज्जो नहीं देती इसलिए दोनोें के बीच संबंध मधुर नहीं थे. अल्लाउद्दीन की दूसरी पत्नी महरू थी जो उसके सिपहसालार अलप खान की बहन थी. हालांकि बाद में अल्लाउद्दीन ने तख्तापलट की आशंका में अलप खान को मरवा दिया था. खिलजी की तीसरी पत्नी गुजरात के वाघेला राजा राजा कर्ण की विधवा कमला थी. अल्लाउद्दीन की चौथी पत्नी देवगिरी के राजा रामचंद्र की बेटी क्षत्यपली थीं. अल्लाउद्दीन की सेना ने रामचंद्र को हराकर उसे अधीनता स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया था. इनके अलावा खिलजी के हरम में सैकड़ों महिलाएं दासियों और लौंडियों के तौर पर रहती रही होंगी.

मलिक काफूर से रिश्ता- अल्लाउद्दीन खिलजी और मलिक काफूर के रिश्ते को लेकर इतिहासकारों में मतभेद है. अल्लाउद्दीन खिलजी को काफूर पर अपने किसी भी अन्य रिश्तेदार या दोस्त से ज्यादा भरोसा था ये बात सभी मानते हैं लेकिन दोनों के बीच समलैंगिक संंबंध को लेकर इतिहासकारों में मतभेद है. मलिक काफूर ने अल्लाउद्दीन खिलजी के लिए दक्षिण भारत में कई राजाओं से लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की. माना जाता है कि खिलजी के सिपहसालार नुसरत खान ने गुजरात में एक युद्ध के बाद मलिक काफूर को गुलाम बाजार से खरीदा था. लेकिन अपनी बहादुरी और स्वामीभक्ति से वो खिलजी का दायां हाथ बन गया. हालांकि अल्लाउद्दीन खिलजी के मौत के कुछ महीनों बाद उसके मलिक काफूर की हत्या कर दी गयी थी.

जनसत्ता से साभार

इस सीरियल रेपिस्ट ने किया 50 महिलाओं का रेप

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चेन्नई। चेन्नई पुलिस ने गुरुवार को 28 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है. एक सॉफ्टवेयर कंपनी के पूर्व कर्मचारी इस युवक पर लूटपाट करने और सीरियल रेपिस्ट होने का आरोप है. पुलिस की मानें तो युवक 50 से ज्यादा महिलाओं का रेप कर चुका है.

कृष्णागिरि जिले के माथुर के रहने वाले माधन अरिवालगन के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच की जा रही है. एक जांच अधिकारी ने बताया, ‘आरोपी युवक लड़कियों को घर में फंसाकर उनका रेप करता था और ऐसे कई मामलों में उसने फोन में रिकॉर्डिंग भी की. इन रिकॉर्डिंग की मदद से वह पीड़ित महिलाओं को धमकाता और उन्हें जबरन संबंध बनाने पर मजबूर करता था.’ पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और बाकी सामान जब्त कर लिया है, इसकी मदद से बाकी बातें सामने आने की उम्मीद है.

पुलिस अधिकारी ने बताया,’आरोपी के खिलाफ पहले कुछ रेप के मामले दर्ज हुए और फिर एक के बाद एक मामले सामने आते गए. आरोपी कृष्णगिरि कॉलेज से मैथ्स ग्रेजुएट है और इससे पहले बेंगलुरु की एक सॉफ्टवेयर फर्म में काम करने के बाद 2015 में चेन्नई आया था.’ आरोपी ने पुलिस से बताया कि चेन्नई में उसके पास काम नहीं था इसके बाद उसने लोगों को लूटना शुरु कर दिया और बाद में ऐसे अपराध करने लगा.

तेजस्वी ने शेयर की राहुल गांधी के साथ लंच की तस्वीरें

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पटना। गुजरात विधानसभा चुनावों की तैयारियों में पूरे जी-जान से लगे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने बिजी शेड्यूल में से समय निकाल कर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी चीफ लालू यादव के बेटे तेजस्वी के साथ लंच किया. तेजस्वी ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी.

तेजस्वी ने ट्विटर पर राहुल के साथ लंच करते हुए तस्वीर पोस्ट कर कहा, ‘मुझे शानदार लंच के लिए ले जाने के लिए राहुल गांधी का बहुत धन्यवाद. मैं राहुल का आभारी और कृतज्ञ हूं. अपने बिजी शेड्यूल से समय निकालते हुए लंच के लिए जाने के लिए आपका फिर से धन्यवाद.’ हालांकि तेजस्वी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह तस्वीर कहां की है.

एक दिन पहले ही तेजस्वी ने राहुल गांधी की तारीफों के पुल बांधे थे. एक के बाद एक लगातार ट्वीट करते हुए तेजस्वी ने प्रधानत्री नरेंद्र मोदी को ‘गप्पू’ बताया. तेजस्वी यादव ने ट्वीट में कहा कि ‘पप्पू’ जहां एक ओर लोकप्रियता में ऊपर जा रहे हैं, वहीं ‘गप्पू’ नीचे आ रहे हैं.

आरजेडी और कांग्रेस का साथ कोई नया नहीं है. वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-आरजेडी-जेडीयू ने बीजेपी के खिलाफ गठबंधन किया था. इस दौरान तेजस्वी-राहुल की जोड़ी भी साथ में नजर आई थी.

सिंबल को लेकर जेडीयू में तकरार खत्म, नीतीश के पाले में गिरा तीर

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पटना। जनता दल यूनाइटेड में सिंबल को लेकर चल रही तकरार खत्म हो गई. चुनाव आयोग ने जदयू के चुनाव चिन्ह तीर पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि चुनाव चिन्ह ‘तीर’ पर शरद यादव का नहीं, बल्कि नीतीश कुमार का हक है. चुनाव आयोग के फैसले के बाद नीतीश गुट में खुशी की लहर है.

जदयू नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि पार्टी के पक्ष में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला दिया है और इस फैसले का गुजरात चुनाव पर बड़ा असर पड़ेगा, उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है. उन्होंने कहा कि यह शरद यादव के साथ ही कांग्रेस की भी बड़ी हार है.

संजय झा ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे खेल में शामिल थी और अब कांग्रेस के हाथ कुछ नहीं लगा है, इससे सबसे बड़ा घाटा शरद यादव को ही हुआ है.

जदयू नेता नीरज कुमार ने शरद यादव पर हमला करते हुए कहा कि अब शरद जी लालू यादव-लालू यादव करेंगे. चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुना दिया है, अब शरद यादव क्या करेंगे? दरअसल वो लोगों के बहकावे में आकर बेवजह की जिद पाल लिए थे, अब तेजस्वी और तेजप्रताप के चाचा बनेंगे.

बता दें कि शरद यादव और नीतीश कुमार के गुट ने पार्टी सिंबल पर अपनी-अपनी दावेदारी पेश की थी और फैसला चुनाव आयोग को देना था और आज आयोग ने नीतीश के पक्ष में फैसला दे दिया है.

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दर्ज जानकारी के मुताबिक, 23 अप्रैल 2016 को नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने अक्टूबर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें शरद यादव सहित कुल 195 लोगों के नाम शामिल हैं. वर्तमान में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में से 138 लोगों का समर्थन नीतीश कुमार को प्राप्त है, जो कि हलफनामे के साथ चुनाव आयोग को सौंपा गया था.

मेट्रो स्टेशन पर महिला पत्रकार से छेड़छाड़, वीडियो वारयल

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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में एक महिला पत्रकार के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया तो पता चला कि उसने 10 मिनट में ही दो लड़कियों के साथ छेड़खानी की है. मामला 13 नवंबर की रात का है.

दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाली महिला पत्रकार ने पुलिस शिकायत में बताया कि आईटीओ स्टेशन पर छेड़खानी की इस वारदात तो अंजाम दिया गया. पीड़ित ने यमुना बैंक थाने में शिकायत दर्ज कराई.

मेट्रो पुलिस के मुताबिक आईटीओ मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक की सीढ़ियों से उतरते वक्त एक शख्स ने पत्रकार के साथ छेड़छाड़ की. महिला पत्रकार ने कहा, पहले उन्हें लगा कि गलती से हुआ होगा लेकिन जब दोबारा उसने मुझे छुआ तो मुझे संभलने में कुछ वक्त लगा. वहां कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था.

पुलिस ने सीसीटीवी खंगाली तो आरोपी की तस्वीर निकल आई. इसके बाद पुलिस को बहुत मेहनत करनी पड़ी उस तक पहुंचने में, करीब 5 हजार लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने आखिरकार 25 साल के अखिलेश नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में आरोपी ने गुनाह कुबूल कर लिया है.

गुजरात चुनावः भाजपा ने जारी की पहली लिस्ट, जताया पटेलों पर भरोसा

gujarat नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात चुनाव के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में कुल 70 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है. भाजपा ने कांग्रेस के उन चार विधायकों को भी टिकट दिया है जिन्‍होंने राज्‍यसभा चुनाव के दौरान भाजपा का समर्थन किया था. वहीं, भाजपा ने पहली लिस्‍ट में एक मौजूद विधायक का टिकट काटा है. पहली सूची में भाजपा ने 12 पटेल उम्‍मीदवारों को टिकट दिया है. भाजपा ने गोधरा सीट पर कांग्रेस से शामिल हुए विधायक सी के राउलजी को टिकट दिया है. bjp गुजरात चुनाव भाजपा के लिए साख का सवाल बना हुआ है. यही कारण है कि भाजपा अपना हर पासा सोच समझ कर डाल रही है. भाजपा ने अपनी इस लिस्ट में 49 विधायकों को दोबारा मौका दिया है. कांग्रेस से आने वाले नेताओं को भी टिकट दिया गया है. अपनी पहली लिस्ट में बीजेपी ने जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा है. गौरतलब है कि गुजरात में पहले चरण के 19 जिलों की 89 सीटों के नामांकन की अंतिम तारीख 21 नवंबर है. इसलिए बीजेपी के पास अभी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करने के लिए समय है. वहीं दूसरे चरण के 93 सीटों के नामांकन की अंतिम तारीख 27 नवंबर है.

गुजरात चुनाव- कांग्रेस की आज आ सकती है पहली लिस्ट

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आज अपनी पहली उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर सकती है. गुजरात चुनाव उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने के लिए कांग्रेस केंद्रीय समिति की बैठक है. कांग्रेस ने 89 उम्मीदवारों के नाम को तय कर लिया है, केंद्रीय समिति की बैठक में इन नामों पर अंतिम मंजूरी दी जानी है. वहीं बीजेपी ने 145 उम्मीदवारों के नाम तो तय कर लिए हैं, लेकिन अभी इसकी लिस्ट जारी नहीं की है. बीजेपी की इस रणनीति को देख माना जा रहा है कि वो फिलहाल वेट एंड वॉच मोड में है.

गुजरात विधानसभा चुनाव के मतदान 9 दिसंबर और 14 दिसंबर को है. ऐसे में समय बहुत कम बचा है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की है. दोनों पार्टियां एक दूसरे के उम्मीदवारों के लिस्ट के इंतजार में है, जिसके चलते देर हो रही थी. कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाने के लिए केंद्रीय समिति की बैठक बुलाई है. ये बैठक शाम को होनी है. केंद्रीय समिति में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं तथा पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता इसमें शामिल है. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस की केन्द्रीय चुनाव समिति ने राज्य के पहले चरण में 89 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कुछ उम्मीदवारों के नाम पर पिछले हफ्ते सप्ताह हुई बैठक में चर्चा कर ली थी, लेकिन किसी नाम की घोषणा नहीं की गयी. कांग्रेस सूत्रों ने मुताबिक 182 सीटों के लिए सभी उम्मीदवारों के बारे में आज बैठक में चर्चा होगी, इसके बाद देर शाम उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर सकती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति ने गुजरात चुनाव के लिए 182 विधानसभा सीटों में से लगभग 145 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बना ली है. 145 उम्मीदवारों के नाम पर सहमति के बाद पीएम मोदी, अमित शाह, विजय रुपाणी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जीतू वघानी ने लगभग 50 मिनट तक मीटिंग की और ये तय किया कि अभी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं करनी चाहिए. उसके बाद अमित शाह ने अपनी रणनीति में कुछ बदलाव किया है. बीजेपी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करने से पहले एक बार फिर हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी के करीबी लोगों को तोड़कर बीजेपी में शामिल करा उन्हें टिकट देकर कांग्रेस को बड़े झटके देना चाहती है. बीजेपी नेतृत्व हार्दिक की सीडी आने के बाद पाटीदार समाज का रुख हार्दिक को लेकर कैसा रहेगा उस पर भी नज़र बनाए हुए हैं. इसीलिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने में देर कर रही है.

गुजरात में पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 14 नवंबर से ही शुरू हो गई और पर्चा दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 नवंबर है. जबकि दूसरे चरण के लिए नामांकन भरने की प्रक्रिया 20 नवंबर से शुरू होगी. ऐसे में समय बहुत कम बचा है.