Saturday, February 14, 2026

ओपीनियन

नॅन्सी फ्रेझर और सामाजिक न्याय की अवधारणा

समकालीन वास्तविकता में जीन कुछ गिने चुने विचारक एवं चिंतको का नाम जागतिक परिपेक्ष में आदरसे लिया जाता है, उनमे से एक नाम ‘नॅन्सी फ्रेजर’ जी का है. सामजिक सुधार के क्षेत्र में 'चिकत्सक सिद्धांतवादी' नॅन्सी अपने आप को 'फ्रॅंकफुर्ट स्कूल' से संबधित मानती...

East to West – privilege is the worst!

“Not all, those who soar against the tide are the ones left standing in the end after all. Some perish in making a way for the others to lead, some disappear, some propel the discourse with their knowledge, light, life and struggles, some hijack...

भारत की शिक्षा व्यवस्थाः एक सॉफ्ट आतंकवाद

पाकिस्तानी पत्रकार हसन निसार बार बार एक शब्द दोहराते हैं "सॉफ्ट टेरोरिज्म". इस शब्द से उनका मतलब उन वहशियाना चालबाजियों से है जिनके जरिये किसी समाज या देश मे सत्ता और धर्म के ठेकेदार अपने ही गरीबों का खून चूसते हैं. हसन निसार बताते हैं...

डॉ. आंबेडकर एवं कार्ल मार्क्स – वर्ण बनाम वर्ग

वर्ग बनाम वर्ण की चर्चा इससे पहले भी होती रही है. लेकिन जब हम कार्ल मार्क्स के बरअक्स इस चर्चा को आगे बढ़ाते हैं, तो यहां पर वर्ग के मायने कुछ अलग हो जाते हैं. भारत में वर्ग के मायने होते हैं अमीर वर्ग...

बहुजन भारत के निर्माण का सबसे आसान और कारगर उपाय

क्या आपको पशु पक्षियों या पेड़ पौधों में ऐसी प्रजातियों का पता है जो अपने ही बच्चों के लिए कब्र खोदती है? या अपने ही बच्चों का खून निकालकर अपने दुश्मनों को पिलाती है? मैंने तो आजतक ऐसा कोई जानवर या पक्षी या पेड़...

मोदी संघ का गुप्त अजेंडा पूरा करने में उम्मीद से आगे निकल गए

अच्छे दिन लाने और प्रत्येक के खाते में सौ दिन के अन्दर 15 लाख जमा कराने तथा हर साल युवाओं को दो करोड़ नौकरियां देने के वादे के साथ सत्ता में आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे हो गए हैं....

भारतीय सेना के राजनीतिकरण की आहट

कर्नाटक के हालिया चुनावी अभियान में भारतीय सेना का जिस प्रकार क्षुद्र राजनीतिक स्‍वार्थों के लिए इस्‍तेमाल किया गया है और जिस प्रकार केंद्र में सत्‍तारूढ़ भाजपा के शीर्षस्‍थ व्‍यक्ति द्वारा भारतीय सैन्‍य इतिहास के साथ तोड़-मरोड़ की गई है, वह एक लोकतांत्रिक राष्‍ट्र...

यौन शिक्षा से परहेज क्यूँ

भारत में योग का शिक्षा,खेल-कूद, पर्यावरण की शिक्षा,कम्प्यूटर की शिक्षा अनिवार्य कर दी गई या किया जा रहा है,ऐसे में में सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) अनिवार्य क्यूँ नहीं किया जा रहा है, यह समझ से परे हैं. इससे पहले यूपीए की सरकार में यौन...

Hope and humiliations that shadows the life of a Safai Karmchari!

While the fascist are trying their best to snatch every opportunity of dignified life - education, progress and research from scholars of marginalized background, a tenacious resolve is all it takes to assert identity, politics and representation in one go. Achievement has its way...

वालमार्ट  में विविधता नीति लागू करने का दबाव बनाना जरुरी !

रिटेल सेक्टर की दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी वालमार्ट द्वारा ई-कॉमर्स बाजार की सबसे बड़ी भारतीय कम्पनी फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा भारतीय आर्थिक जगत में चर्चा का एक बड़ा विषय बना हुआ है. फ्लिपकार्ट के जरिये भारतीय ई-कॉमर्स में प्रवेश...

मोदी की सवर्णपरस्त नीतियों ने छीनी बहुजन भारत की खुशियां

वर्ल्ड हैपिनेस रिपोर्ट -2018 में भारत की करुणतर स्थिति सबका साथ-सबका विकास का ढोल पीटने वाली मोदी सरकार की नीतियों के चलते खुशियों के मामले में बहुसंख्य लोगों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, यह बात वर्ल्ड हैपिनेस की ताज़ी रिपोर्ट...

इंग्लैंड में भी दलितों से छूआछूत

दलितों के अधिकारों की लड़ाई सिर्फ भारत में ही नहीं चल रही है, सात समुंदर पार ब्रिटेन में रह रहे दलित भी वहां फैले छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं. दरअसल ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई मूल के करीब 30...

दलितों के घर भोजन पर एक पत्र संघ प्रमुख के नाम

आदरणीय मोहन भागवत जी, आजकल आपके राजनीतिक संगठन भाजपा के नेताओं में भारी तामझाम के साथ दलितों के घर भोजन करने की होड़ लगी है और उनका यह काम काफी सुर्खियाँ बटोर रहा है. ऐसा होने का प्रधान कारण यह है कि आपके लोग दलितों...

सावरकर ने जिन्ना के मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन किया था

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, हैदराबाद यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज के बाद अब एएमयू हिंदुत्व समूहों के निशाने पर है, जहां उनका दावा है कि कैंपस में ‘देश-विरोधी’ गतिविधियां हो रही हैं. एएमयू स्टूडेंट यूनियन के हॉल में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की एक...

Speaking from hegemony to hegemony

In the light of the peaceful protest and demonstrations against the Supreme Court’s decision to dilute certain key provisions to the Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act 1989, on 1st May, International Labour Day, held at the Jantar Mantar, New Delhi...

अब तक किसी भी प्रधानमंत्री ने झूठ को लेकर इतने रचनात्मक प्रयोग नहीं किए हैं

अगर चुनावी जीत में प्रधानमंत्री के झूठ का इतना बड़ा रोल है तो हर झूठ को हीरा घोषित कर देना चाहिए.इस हीरे का एक कंगन बना लेना चाहिए.फिर उस कंगन को राष्ट्रीय स्मृति चिह्न घोषित कर देना चाहिए. तथ्यों को कैसे तोड़ा मरोड़ा जाता है,...

दलित आदिवासी आंदोलन के लिए जिम्मेदार कौन?

सियासी गलियारों में बड़े ज़ोरशोर से आवाज उठ रही है कि दलित आदिवासी आंदोलन के लिए जिम्मेदार कौन है? और इस प्रकार दलितों आदिवासीयों के स्वयं प्रेरित शोषण के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में राजनीतिक पार्टियाँ अपने-अपने ढंग से रोटियाँ सेकने में लगी...

संपादकीय: दलित दास्तान

कहने को हमारे संविधान में सबको बराबरी का दर्जा हासिल है, लेकिन ऐसी घटनाएं रोज होती हैं जो बताती हैं कि संवैधानिक प्रावधानों और कड़वे सामाजिक यथार्थ के बीच कितना लंबा फासला है. उदाहरण के लिए दो ताजा खबरों को लें. एक खबर उत्तर...

That’s how India celebrated Buddha Poornima!

2018 Buddha Poornima, was a day of celebration and reverence as the day went by in India. We present you updates from various corners of the country where Buddha Poornima was celebrated with reverence and Dhamma values were shared and propagated. Starting on the day...

बौद्ध धर्म क्यों अपना रहे हैं भारत के दलित?

रविवार की रात को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुजरात के ऊना गांव के दलित परिवार समेत राज्य के विभिन्न स्थानों से आये 300 से अधिक दलितों ने अंबेडकर द्वारा प्रचारित बौद्ध धर्म को अंगीकार किया. बौद्ध धर्म के मानने वालों के लिए बुद्ध...
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

कास्ट मैटर्स

वीडियो

ओपीनियन

January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

राजनीति

राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
Skip to content