Sunday, February 15, 2026

ओपीनियन

ये कैसा राष्ट्रवाद और कैसा चौकीदार?

सरकार हो तो ऐसी? जो कहा वो नहीं किया मगर वो काम कर गयी जिसके कारण भाजपा को आरएसएस की मुखौटा वाली पार्टी कहा जाता है वोट के लिए सबका साथ और सबका विकास का नारा दिया. मगर पांच वर्षों में सामाजिक और आर्थिक...

पर्रीकर थे ताजी हवा के झोंकों का अहसास

गोवा के मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर पैंक्रियाटिक कैंसर से एक वर्ष तक जूझने के बाद देह से विदेह हो जाना न केवल गोवा बल्कि भाजपा एवं भारतीय राजनीति के लिए दुखद एवं गहरा आघात है. उनका असमय निधन हो जाना सभी...

चंद्रेशेखर मोदी को हराना चाहते हैं या जिताना?

पिछले कुछ दिनों से, विशेष रूप से जब से लोकसभा चुनावों की सरगर्मी तेज़ हुई है, भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद को मीडिया द्वारा काफ़ी स्पेस दिया जा रहा है. कुछ दिन पहले बिना प्रशासनिक अनुमति के रैली करने के लिए उनकी गिरफ़्तारी और...

“बहुजन मीडिया के कंधो पर बड़ी ज़िम्मेदारी”

 पिछले 5 सालों में जिस तरह से बहुजन मीडिया ने ज़बरदस्त प्रगति की है वो वाकई प्रशंसनीय है. असल में ये समय की मांग भी थी क्यूंकि जिस तरह से मनुवादी ताकतों ने टीवी सैटलाइट मीडिया पर कब्ज़ा कर लिया है उससे पुरे अम्बेडकरवादी...

उत्तर भारत में सवर्ण वर्चस्व विरोधी बहुजन राजनीति के प्रणेता मान्यवर कांशीराम

बाबासाहब डा. अंबेडकर का मानना था कि भारत का इतिहास ब्राह्मण एवं बौद्ध संस्कृतियों के बीच संघर्ष का इतिहास है. 185 ई.पू. में ब्राह्मण सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने बौद्ध सम्राट बृहद्रथ की धोखे से हत्या किया तथा स्वयं राजा बन बैठा. इसने बौद्ध संस्कृति...

हवाई चप्पल पहन कर घूमने वाला यह बन्दा कौन है?

25 साल का यह युवा मगना राम केडली है,जो नोखा इलाके का रहनेवाला है. एकदम निडर युवक. बाबा साहेब के विचारों से प्रभावित हो कर 10 वर्षों से जन संघर्ष में जुटा है. आज अचानक ही जयपुर की सड़क पर भेंट हो गई, विधानसभा के...

13 प्वाइंट रोस्टरः वंचितों को गुलाम बनाने की पहल                 

  आजकल "13 प्वाइंट रोस्टर" आम 85 फीसदी पिछड़े लोगों के लिए एक कौतूहल का विषय बना हुआ है तो समझदार पिछड़ों  के लिए आक्रोश का। लोग जानना चाहते हैं आखिर यह 13 पॉइंट रोस्टर है क्या? लेकिन विशेषज्ञों के अभाव में विस्तार से 13...

वंचित बहुजन नौकरियों,खासकर निजीक्षेत्र में आरक्षण की सीमाबद्धता को समझें!

सवर्ण आरक्षण से पनपा : संख्यानुपात में आरक्षण का जज्बा !  गत 7 जनवरी को जब यह तय हो गया कि मोदी सरकार गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का विधेयक लोकसभा और राज्य सभा में न सिर्फ लाएगी, बल्कि उसे पारित भी करा लेगी,...

मीडिया का वॉर हिस्टीरिया

भारतीय मीडिया ने बालाकोट में भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद हुई मौतों के आंकड़ों पर जो खबर चलाई, वो एजेंडा सेटिंग का हिस्सा था. संख्या क्या है कोई नहीं जान पाएगा, जब तक पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर नहीं बता दे. लेकिन वह क्यों...

पीएम मोदी ने वही किया जिसका अंदेशा था

पीएम मोदी ने सेना की उपलब्धि को ठीक उसी तरह भुनाया जिसका अंदेशा था. इंडिया टुडे कॉनक्लेव में वो ठीक वही बोले जिसका अंदाज़ा था. उन्होंने मोदी विरोध और देश विरोध एक कर दिया. खुद पर उठ रहे सवालों को सेना के शौर्य और...

क्या आप इन ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद नहीं कर सकते? कर दीजिए- रवीश कुमार

अगर आप अपनी नागरिकता को बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप लोकतंत्र में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में भूमिका निभाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप अपने बच्चों को सांप्रदायिकता...

सफाई कर्मचारियों के पैर धोने से कौन महिमामंडित होता है?

24 फरवरी 2019 का दिन देश के इतिहास में हमेशा याद रहेगा. शायद इसलिए कि प्रधान मंत्री मोदी ने कुंभ में सफाई करने वाले कुछ सफाई कर्मचारियों के पैर धोने का उपक्रम किया. इस मौके पर कुंभ में सफाई अभियान की तारीफ करते हुए...

 क्या संविधान ने हमे सम्मान से जीने के लिए पैर धोने की व्यस्था दी है?

क्या भारत के संविधान में दलितों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए पैर धौने की व्यवस्था दी गई है? आप संविधान पढ़ेंगे तो पता चलेगा और उसका उत्तर होगा "बिल्कुल भी नही" ! तो फिर दलितों/सामाजिक रूप से बहिष्कृत निचली और पिछड़ी जातियों...

संख्यानुपात में आरक्षण का मुद्दा म्लान कर सकता है: राष्ट्रवादी लहर !

एक ऐसे समय में जबकि लोकसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा होने ही वाली है, गत 14 फ़रवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीऍफ़ की टुकड़ी पर एक भयावह आतंकी हमला हुआ, जिसमें 40 से अधिक जवानों की जान चली गयी और कई...

शहादत ताक पर रख चुनाव प्रचार में जुटी है सत्ताधारी दल

बहुजन समाज हमेशा से देशभक्त रहा है, बहुजनों को देशभक्ति के लिए किसी भी राजनैतिक पार्टी से सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है, बहुजनों के ख़ून में देशभक्ति भरी पड़ी है वह हमेशा से कुर्बानी देता आया है. अपने कार्य को पूरी ईमानदारी, लगन से...

अर्ध सैनिक बलों को पूर्ण सैनिक के सम्मान के लिए भी लड़ना होगा- रवीश कुमार

सीआरपीएफ हमेशा युद्धरत रहती है. माओवाद से तो कभी आतंकवाद से. साधारण घरों से आए इसके जाबांज़ जवानों ने कभी पीछे कदम नहीं खींचा. ये बेहद शानदार बल है. इनका काम पूरा सैनिक का है. फिर भी हम अर्ध सैनिक बल कहते हैं. सरकारी...

अवसरों और संसाधनों पर पहला हक़ : मूलनिवासी वंचित वर्गों का!

भारत वर्ष आरक्षण का देश है.अगर महान समाज विज्ञानी कार्ल मार्क्स के अनुसार अगर अबतक विद्यमान समाजो का लिखित इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है तो भारत में वह आरक्षण पर केन्द्रित संघर्ष का इतिहास है. इसलिए यहाँ शक्ति के स्रोतों पर काबिज विशेषाधिकारयुक्त...

दुबई (यु. ए. इ.) यात्रा : एक अनुभव

दुबई में रह रहे बहुजन भारतियों नें पहली बार सत्तरवें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक प्रोग्राम का आयोजन किया जिसका विषय था –“भारतीय संविधान और प्रजातंत्र”. 25 जनवरी 2019 को कार्यक्रम आयोजित था. मेरे अलावें डॉ मुन्नी भारती, भू-वैज्ञानिक सरविंद जी और सेल...

हरियाणाः बसपा इनेलो गठबंधन टूटने के मायने

इनेलो से अलग होकर जजपा ने जींद उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन करके प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है, वहीं भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी के उम्मीदवार ने भी 13000 वोट लेकर दिखाया कि प्रदेश की राजनीति में उनका भी अहम स्थान है....

131 दलित सांसद क्या वास्तव में दलितों का प्रतिनिधित्व करते हैं?

आज पूरे देश में दलित मुद्दों को लेकर एक बहस छिड़ी हुई है. अभी हाल ही में 13 रोस्टर प्रणाली के उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू करने का पूरे भारत मे विरोध हो रहा है. 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण का दलित पिछड़े समाज ने...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

राजनीति

राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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