मध्य प्रदेश का बड़वानी जिला 1948 से पहले राज्य की राजधानी हुआ करता था. यह छोटा सा राज्य अपनी चट्टानी इलाकों और कम उत्पादक भूमि के चलते अंग्रेज, मुगल और मराठों के शासन से बचा रहा. यह जैन तीर्थ यात्रा का केंद्र चूलगिरि और...
कहते हैं कि जज़्बा दमदार हो तो पत्थर का सीना चीर कर भी पानी निकाला जा सकता है। झारखण्ड के हजारीबाग जिले के डाडी प्रखंड अंतर्गत स्थित आदिवासियों के एक गाँव कुरकुट्टा में रहने वाले बेदिया जनजाति के युवा इस कहावत को चरितार्थ कर...
भारत में दलितों की स्थिति देश के कई हिस्सों में आज भी बदतर है। आज भी वो मूल अधिकारों और जीवन जीने की जरूरी चीजों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दलितों की एक बड़ी आबादी तक आज तक न तो शिक्षा पहुंच पाई...
मध्यप्रदेश का मण्डला जिला एक आदिवासी बाहुल्य है। जो पांचवी अनुसूची क्षेत्र में आता है। इस जिले में बसे आदिवासी समुदाय की आजीविका का प्रमुख साधन खेती है। लेकिन, सहजता से खेती कर पाना इतना सरल नहीं है, यह हमें मण्डला जिले का मोहगांव...
बुलंदशहर, यूपी। आपको याद होगा साल 2018 में 20 मार्च दिन। जब एससी-एसटी एक्ट कानून में संशोधन के खिलाफ दलित समाज गुस्से में था। इसके खिलाफ दो अप्रैल को देश के अलग-अलग हिस्सों में दलित समाज सड़क पर उतरा था। इस दौरान हुई हिंसा...
बिहार के सारण जिले की अपनी एक अंतरराष्ट्रीय पहचान है। वजह हैं लोक कलाकार और रंगकर्मी भिखारी ठाकुर। बिहार के चर्चित मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव का यह राजनीतिक क्षेत्र रहा है। इसी सारण जिले में एक गांव है अफौर। जिला मुख्यालय से 12...
Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...