उत्तर प्रदेश के 2017 के विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी भले ही सत्ता में न आ पाई हो, बसपा प्रमुख मायावती द्वारा दलित-मुस्लिम गठबंधन की कोशिश ने सबके होश उड़ा दिए थे. विपक्षी भी मायावती के इस राजनीतिक पैतरे से परेशान थे. माना...
भारत के लोगों ने कभी यह नहीं सोचा होगा कि राम को लेकर एक वक्त देश की राजनीति इतनी गरमा जाएगी कि कोई राजनीतिक दल राम का इस्तेमाल राजनीति और सत्ता के लिए करेगा. राम और रथयात्रा के जरिए पहले ही तमाम प्रदेशों और...
बहुजन समाज पार्टी की दिल्ली यूनिट की ओर से 4 फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यकर्ता सम्मेलन को बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने संबोधित किया. इस दौरान मायावती ने तमाम मुद्दों पर...
एक फिल्म के विरोध को लेकर करणी सेना को आतंक मचाने की खुली छूट के बाद भाजपा शासित केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठने लगे हैं। सड़कों पर तलवार लहराते एक जाति विशेष के कुछ लोगों की तस्वीरें सामने आने के बाद बड़ा...
हिन्दुत्व का झंडा बुलंद करने वाले राजनीतिक दल अपने एजेंडे में सफल होते दिख रहे हैं. देश में हिन्दुत्व के एजेंडे की सफलता पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भी दिखी, जब एक दलित युवक द्वारा दलितों के घरों से देवी-देवताओं के पोस्टर हटाकर...
15 जनवरी को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का जन्मदिन है. इस मौके पर दलित दस्तक आपके लिए उन 136 दिनों का इतिहास लेकर आया है, जब मायावती पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं.
जब प्रधानमंत्री नरसिंह राव ने सुना कि मायावती उत्तर प्रदेश...
भीमा-कोरेगांव आज ऐसा नाम है, जिसे हर कोई जान गया है. देश में आज हर कोई यह जान गया है कि भीमा-कोरेगांव की लड़ाई क्या थी, और इसमें क्या हुआ था. खासकर दलित-बहुजन तबका जो आज तक अपने इस इतिहास से अंजान था, आज...
वैसे तो बामसेफ के कई धड़े सक्रिय हैं, लेकिन वामन मेश्राम और बी.डी बोरकर ग्रुप की चर्चा ज्यादा होती है. मेश्राम धड़े के बामसेफ से जहां दूसरे और तीसरे दर्जे के सरकारी नौकरीपेशा बड़ी संख्या में जुड़े हैं तो बी. डी बोरकर के बारे...
दलित वर्ग का कोई भी चेहरा जब भी पहली बार उभरता है, उस पर दलित होने का ठप्पा पहले लगा दिया जाता है. जिग्नेश मेवाणी भी जब आंदोलन में सक्रिय हुए तो उनके मुद्दों से पहले उनकी जाति की चर्चा होने लगी थी. हालांकि...
खुद को सामाजिक न्याय और गरीबों का मसीहा कहने वाले लालू प्रसाद यादव की राजनीति और परिवार खतरे में है. कई घोटाले और वित्तिय अनियमितता के लिए लालू यादव का पूरा परिवार ही जांच एजेंसियों के शिकंजे में है. तो ताजा घटनाक्रम में सीबीआई...
भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों के अलावा बहुजन समाज पार्टी देश की इकलौती ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है जो हर प्रदेश में प्रमुखता से चुनाव लड़ती है. उत्तर प्रदेश को छोड़कर पार्टी हर बार अन्य प्रदेशों में भयंकर हार का सामना करती है, बावजूद इसके...
राहुल गांधी आज औपचारिक तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाल लेंगे. राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान ऐसे वक्त में मिल रही हैं, जब पार्टी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. लोकसभा चुनाव में 50 सीटों के नीचे तो कांग्रेस 2014...
बाबासाहेब अम्बेडकर आज इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन उनको मानने वालों की तादात लगातार बढ़ रही है। लोग लगातार बाबासाहेब के जीवन से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानना चाहते हैं। लेकिन आज भी बाबासाहेब के जीवन से जुड़े तमाम पहलू...
देश में फिलहाल चारो ओर गुजरात चुनाव की चर्चा है। अखबारों और टेलिविजन में हर दिन गुजरात चुनाव की खबरें दिख रही है। इस बीच 27 नवंबर को जिग्नेश मेवाणी ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर के गुजरात चुनाव को नया मोड़ दे दिया...
दिल्ली में भाजपा के अशोका रोड स्थित केंद्रीय पार्टी मुख्यालय सुना सा पड़ा है. ज्यादातर नेता गायब हैं. पूछने पर पता चलता है कि सब गुजरात गए हैं. यानि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह तक सब गुजरात में हैं. अमित शाह...
संविधान दिवस को सेलिब्रेट करने के लिए मैं अमरावती में था. महाराष्ट्र के विदर्भ में यह नागपुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है. कार्यक्रम बामसेफ की तरफ से आयोजित किया गया था. संत गाडगेबाबा की प्रतिमा लगे यहां के सांस्कृतिक भवन में तकरीबन...
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने यह घोषणा कर दी है कि बिहार में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. हालांकि इस घोषणा को औपचारिक ही कहा जाएगा, क्योंकि जिस दिन तेजस्वी गठबंधन सरकार में...
दिल्ली धुंआ-धुंआ है. लोग नाक और मुंह ढक कर घूम रहे हैं. बावजूद इसके अंदर जहर ही घोट रहे हैं. आखिर हम कैसे समाज में रह रहे हैं, जहां न साफ पानी है और न साफ हवा. आप सड़कों पर निकल जाइए, हवा में...
अपने कैडर में मान्यवर कांशीराम एक बहुत दिलचस्प किस्सा बताते थे. और इस किस्से के जरिए तमाम लोग मान्यवर की बात को समझ जाया करते थे. असल में मान्यवर कांशीराम जिन लोगों के बीच काम कर रहे थे, जिन्हें जगा रहे थे उसका बहुसंख्यक...
“तुम उनसे असहमत हो और उनकी आलोचना करने का 'दुस्साहस' भी करते हो तो पहले वे तुम पर तमाम तोहमत लगायेंगे. इसके बाद भी तुम ख़ामोश नहीं हुए तो वे तुम्हें कोर्ट-कचहरी में उलझायेंगे और इसके बाद भी तुम नहीं झुके तो वे वही...
Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...