वापस काम पर लौटे AIIMS के डॉक्टर, दीदी को 48 घंटे का अल्टीमेटम

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल आज भी जारी है. डॉक्टरों से मारपीट के बाद शुरू हुई हड़ताल का असर बंगाल से लेकर दिल्ली तक देखने को मिल रहा है. देश के 19 से ज्यादा राज्यों के डॉक्टरों ने हड़ताल का खुलकर समर्थन किया है. इस बीच दिल्ली AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल खत्म कर अपने काम पर वापस लौट आएं हैं, लेकिन उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मांगे पूरी करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.

– डॉक्टरों से हिंसा को लेकर कोलकाता के एनआरएस अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी है.

– इंडियन मेडिकल असोसिएशन (IMA) के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात की.

– हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने कहा है कि वे शाम को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाए गए बैठक में शामिल नहीं होंगे.

– एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह मल्ही ने कहा है कि सभी रेजिडेंट डॉक्टर काम पर वापस आ गए हैं, लेकिन हम काले बैज, पट्टियाँ और हेलमेट पहनकर सांकेतिक विरोध जारी रखेंगे. अगर हालत बिगड़े तो हम 17 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

– डॉक्टर्स असोसिएशन ने कहा है कि हम पश्चिम बंगाल सरकार को हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं. अगर सरकार नाकाम रहती है तो हमें एम्स में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ेगा.

17 जून को देशव्यापी हड़ताल पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुई हिंसा के विरोध में इंडियन मेडिकल असोसिएशन भी हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में आ गया है. दिल्ली मेडिकल असोसिएशन (DMA) और इंडियन मेडिकल असोसिएशन (IMA) ने देश के 19 राज्यों के डॉक्टरों ने एकसाथ मिलकर 17 जून को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है. एसोसिएशन ने बकायदा सरकार को पत्र लिखकर केंद्रीय अस्पताल सुरक्षा कानून बनाकर पूरे देश में लागू करने की मांग की है. साथ ही कहा कि यदि मांगे पूरी नहीं की जातीं तो सोमवार को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी.

AIIMS रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की मांगें

– पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर राजनीतिक से प्रेरित हमले रोकने के लिए केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे.

– देश भर के अस्पतालों में एक समान सुरक्षा कोड लागू किया जाए और वार्डो में तीमारदारों को प्रवेश देने के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर) बनाया जाए.

-अस्पतालों में सुरक्षा गार्ड बढ़ाए जाएं, बंदूकधारी गार्ड भी तैनात किए जाएं.

-मेडिकल कॉलेजों के छात्रवास में सुरक्षा बढ़ाई जाए.

-सभी अस्पतालों में सीसीटीवी की सुविधा हो, खासतौर पर इमरजेंसी में.

– अस्पतालों में सुरक्षा के लिए हॉटलाइन अलार्म सिस्टम लगाया जाए.

– सुरक्षा की नियमित समय पर समीक्षा की जाए.

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यूपी: हार पर कांग्रेस का मंथन, कई द‍िग्‍गज नदारद

लखनऊ। ‘जिस सेना का सेनापति कन्फ्यूज होता है, वह सेना हार ही जाती है महाराज. हमारे सेनापति आखिर तक यह तय नहीं कर पाए कि कार्यकर्ताओं को लड़ाना है या पैराशूट प्रत्याशियों को. यही कन्फ्यूजन पार्टी की इस बुरी हार का कारण बना. पार्टी की मजबूती के लिए अब प्रयोग बंद कीजिए.’ शुक्रवार को लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के दौरान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने ऐसे ही खरी-खरी सुनाई. ज्‍योतिरादित्‍य के साथ जहां प्रभारी सचिव रोहित चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर मौजूद थे, वहीं पार्टी के कई वरिष्‍ठ नेताओं ने इस बैठक से किनारा कर लिया.

हालांकि, राज बब्बर भी पश्चिमी यूपी की फतेहपुर सीट से पार्टी के प्रत्याशी थे और उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा. 30 जून तक सभी राज्यों के प्रभारियों को समीक्षा रिपोर्ट एआईसीसी को सौंपनी है. इस बैठक से जो बड़े कांग्रेस नेता गायब रहे, उनमें जितिन प्रसाद, इमरान मसूद, सलमान खुर्शीद और श्री प्रकाश जायसवाल शामिल हैं. कई कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि दिल्‍ली-एनसीआर के नजदीक के प्रत्‍याशियों को दिल्‍ली में एक अन्‍य मीटिंग में हिस्‍सा लेना था, इसलिए वे नहीं आए हैं.

बैठक में भाग लेने वाले 28 प्रत्‍याशियों में से एक ने कहा, ‘अनुपस्थित रहने वाले बड़े नेताओं के साथ पार्टी अलग व्‍यवहार क्‍यों करती है. लखनऊ दिल्‍ली से दूर नहीं है. हम भी दिल्‍ली जा सकते थे.’ बैठक के बाद ज्‍योतिरादित्‍य ने ट्वीट कर कहा, ‘कार्यकर्ताओं की बात से मैं पूरी तरह सहमत हूं कि यूपी में 2022 विधानसभा चुनाव जीतने के लिए संगठन को मजबूत करना बेहद आवश्यक है.’

दोपहर 11:30 बजे से शुरू हुई बैठक शाम साढ़े पांच बजे तक चली. इस दौरान प्रभारी महासचिव और प्रभारी सचिव ने प्रत्याशियों और पार्टी नेताओं से बात की. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व तक को नहीं बख्शा. अधिकतर प्रत्याशियों ने हार का कारण बताते हुए कहा कि उनके यहां पार्टी का संगठन था ही नहीं. जहां संगठन था, वहां मदद नहीं की गई.

जिला और शहर अध्यक्षों का कहना था कि प्रत्याशी ने चुनाव के दौरान संगठन को तवज्जो ही नहीं दी. इसके बाद भी वह पार्टी के नाते प्रचार में लगे रहे. यही अनदेखी हार का कारण बनी. बैठक से निकलकर बरेली के प्रत्याशी रहे प्रवीण सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि संगठन कमजोर रहा. मिसरिख से प्रत्याशी रहीं मंजरी राही ने आरोप लगाया कि जो संगठन में हैं, उनकी सोच कांग्रेसी नहीं है. बहराइच की प्रत्याशी सावित्री बाई फुले ने भी हार का कारण संगठन का कमजोर होना बताया.

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के हिस्से में यूपी की 39 लोकसभा सीटें आती हैं. पश्चिमी यूपी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और पार्टी यहां कोई सीट नहीं जीत पाई. हालांकि, कांग्रेस का प्रदर्शन पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ठीक नहीं रहा. रायबरेली छोड़ कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की परंपरागत अमेठी सीट भी हार गई. ज्योतिरादित्य पश्चिमी यूपी की 39 में 14 सीटों की समीक्षा पिछले दिनों दिल्ली में कर चुके हैं. बाकी 25 सीटों की समीक्षा के लिए कांग्रेस नेताओं, प्रत्याशी, जिला और शहर अध्यक्षों के साथ लोकसभा को-ऑर्डिनेटरों को भी लखनऊ बुलाया गया था. इस दौरान धौरहरा से जितिन प्रसाद और सीतापुर से कैसरजहां को छोड़ कर बाकी सभी 23 प्रत्याशी मौजूद रहे.

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SCO Summit: आखिरकार PM मोदी- इमरान खान में हुई दुआ-सलाम

बिश्केक में एससीओ समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक-दूसरे का अभिवादन किया. किर्गिस्तान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इमरान खान एक-दूसरे से 7 अलग-अलग मौकों पर औपचारिक मुलाकात भी की.

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव की ओर आयोजित बुधवार को रात्रिभोज में भी पीएम मोदी और इमरान खान आमने-सामने कई बार आए. इसके अलावा शुक्रवार को 5 बार मोदी और इमरान खान एक-दूसरे से मिले. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पीएम मोदी और इमरान खान के मुलाकात की पुष्टि की है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने का फैसला लिया है. पाकिस्तान की ओर से जब तक आतंकवादी गतिविधियों को रोकने पर पहल नहीं की जाती, भारत सीधे तौर पर पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा. पुलवामा हमले के बाद से ही लगातार यही स्थिति बनी हुई है.

एससीओ सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और इमरान खान के बीच कोई वार्ता नहीं होगी. पीएम मोदी ने वहां मौजूद सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की, लेकिन इमरान खान से नहीं. दोनों नेता एक वक्त पर हॉल में आए थे.

पीएम मोदी इमरान खान के आगे-आगे चल रहे थे. लेकिन फिर भी दोनों के बीच न तो कोई बातचीत हुई, न नजरें मिलीं और न ही हाथ. हॉल में पीएम मोदी इमरान खान से सिर्फ तीन सीट दूर बैठे थे. गाला कल्चरल नाइट प्रोग्राम में भी दोनों नेता एक-दूसरे के आसपास ही रहे. मगर दोनों में कोई बातचीत नहीं हुई.

पुलवामा आतंकी हमले और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट चरम पर है. पाकिस्तान की ओर से लगातार वार्ता की पेशकश की जा रही है. लेकिन भारत का साफ कहना है कि जब तक सीमा पार से आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाई जाती, दोनों देशों के बीच कोई वार्ता नहीं होगी.

हाल ही में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम के बीच बिश्केक के एससीओ सम्मेलन से इतर कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि दोनों नेताओं के बीच कोई मीटिंग तय नहीं है. पहले ऐसी खबरें आई थीं कि इसी रुख पर कायम रहते हुए पीएम मोदी ने इमरान खान की ओर न तो देखा और न ही हाथ मिलाया.

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वडोदरा में एक होटल की सीवेज टैंक साफ करने उतरे 7 मजदूरों की दम घुटने से मौत

गुजरात में वडोदरा के डभोई तहसील में एक होटल की सीवेज टैंक साफ करने उतरे 7 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई है. मौके पर पहुंचकर वडोदरा दमकल विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया मगर किसी को बचाया नहीं जा सका.

घटना शुक्रवार रात की है. मौके पर पहुंचकर सीवेज में फंसे मजदूरों के शवों को बाहर न‍िकाला गया. फ‍िलहाल ये पता नहीं लग पाया है क‍ि मजदूरों की मौत की असली वजह क्या रही. क्या वहां कोई जहरीली गैस न‍िकली या फ‍िर दम घुटने से उनकी मौत हुई.

मीड‍िया की खबरों के अनुसार, सीवर सफाई के दौरान हादसों में मजदूरों की दर्दनाक मौतों की खबरें लगातार आ रही हैं. दिल्ली में अक्सर सीवर या टैंक सफाई के दौरान लोगों की मौत होने की खबरें सामने आती रहती हैं.

7 मई को उत्तर पश्चिम दिल्ली में एक मकान के सेप्टिक टैंक में उतरने के बाद दो मजदूरों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे. इस मामले में भी जांच में यह बात सामने आई थी कि मजदूर टैंक में बिना मास्क, ग्लव्स और सुरक्षा उपकरणों के उतरे थे.

उससे पहले 2 मई को नोएडा सेक्टर 107 में स्थित सलारपुर में देर रात सीवर की खुदाई करते समय पास में बह रहे नाले का पानी भरने से दो मजदूरों की डूबने से मौत हो गई थी. दोनों के शव पानी के साथ निकली मिट्टी से दब गए थे.

15 अप्रैल को दिल्ली से सटे गुड़गांव के नरसिंहपुर में एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई थी. जनवरी महीने में भी उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर में सीवर लाइन साफ करने गए एक सफाईकर्मी की दम घुटने से मौत हो गई थी.

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पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली और मुंबई तक हड़ताल पर डॉक्टर

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल से शुरू हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अब दिल्ली तक आ पहुंची है. बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना से मेडिकल एसोसिएशन में गु्स्सा है. पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों का समर्थन करते हुए राजधानी में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) ने हड़ताल बुलाई है. इसका सबसे ज्यादा असर AIIMS जैसे बड़े अस्पतालों पर देखने को मिल रहा है. वहीं महाराष्ट्र में भी डॉक्टरों ने काम करने से साफ इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि वह साइलेंट प्रोटेस्ट करेंगे. खबरों के मुताबिक, दिल्ली और महाराष्ट्र के अलावा पंजाब, केरल, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश में भी डॉक्टरों ने काम करने से मना कर दिया है.

आइएम से जुड़े एक डॉक्टर ने मीडिया को बताया कि आज एम्स, सफदरजंग के अलावा निजी क्लिनिक-नर्सिंग होम भी बंद रहेंगे. एम्स (AIIMS) में नए मरीजों का इलाज नहीं होगा, जबकि सफदरजंग में केवल इमर्जेंसी चलेगी. पश्चिम बंगाल में NRS मेडिकल कॉलेज और अस्पताल द्वारा उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज, सिलीगुड़ी में डॉक्टरों ने प्रोटेस्ट का आयोजन किया.

हैदराबाद में भी निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा पर विरोध मार्च निकाली.

जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों को गुरुवार को दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया. लेकिन, उन लोगों ने उनका निर्देश नहीं माना. उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

दरअसल, कोलकाताल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में इउलाज के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई थी. बुजुर्ग के परिवार वालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया और डॉक्टरों की पिटाई कर दी. आरोप है की करीब 200 लोग ट्रको में भरकर आए और अस्पताल पर हमला कर दिया. इस हमले में दो जूनियर डॉक्टर बुरी तरह से घायल हो गए.

इस घटना के बाद से निजी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहीं. वहीं भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने घटना के खिलाफ और हड़ताली डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय विरोध दिवस घोषित कर दिया है. साथ ही एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रधानाचार्य साइबल मुखर्जी और चिकित्सा अधीक्षक और उपप्रधानाचार्य प्रो. सौरभ चटोपाध्याय ने संस्थान के संकट से निपटने में विफल रहने की वजह से इस्तीफा दे दिया है.

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बिहार में चमकी बुखार ने ली अब तक 54 बच्चों की जान

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में संदिग्ध एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार के कारण मरने वाले बच्चों की संख्या 54 हो गई है. मुजफ्फरपुर जिले के श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में अभी तक 46 बच्चों की मौत हो चुकी है. वहीं केजरीवाल मातृ सदन (केएमएस) में 8 बच्चों की मौत हो चुकी है. गुरुवार तक कुल मिलाकर यह आंकड़ा 54 तक पहुंच गया. इस साल जनवरी से कुल 179 संदिग्ध एईएस मामले सामने आए हैं. इस बीच यह भी सवाल उठने लगे हैं कि कहीं इन बच्चों की मौत के पीछे लीची तो वजह नहीं है?

मौतों के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सात सदस्यीय केंद्र सरकार की टीम मुजफ्फपुर में है. बिहार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अधिकांश मौतें हाइपोग्लाइसीमिया (शरीर में अचानक शुगर की कमी) के कारण हुई हैं. इसका कारण इस इलाके में चिलचिलाती गर्मी, नमी और बारिश का न होना बताया जा रहा है. पहले की रिपोर्टों में कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एईएस के कारण हो रही इन मौतों के पीछे लीची का होना बताया था. कहा जा रहा है कि मुजफ्फरपुर के आस-पास उगाई जाने वाली लीची में कुछ जहरीले तत्व हैं, जो इस बीमारी और मौतों का कारण हैं.

गर्मियों के दौरान इस इलाके के गरीब परिवारों से संबंधित बच्चों को आमतौर पर नाश्ते के लिए सुबह से ही लीची खाने को दी जाती है. ऐसा माना जाता है कि यह फल बच्चों में घातक मेटाबॉलिक बीमारी पैदा करता है, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया इंसेफेलोपैथी कहा जाता है. लीची में मिथाइल साइक्लोप्रोपाइल-ग्लाइसिन (MCPG), नाम का एक केमिकल भी पाया जाता है.

जब शरीर में देर तक भूखे रहने और पोषण की कमी के कारण शरीर में शुगर लेवल कम हो जाता है तो यह मस्तिष्क को प्रभावित करता है. बिहार के स्वास्थ्य अधिकारियों ने माता-पिता को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों को खाली पेट लीची न खिलाएं और आधा पका हुआ या बिना लीची वाला भोजन ही करें.

अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाएगा भारत: इसरो प्रमुख

नई दिल्ली। भारत अपना स्पेस स्टेशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. यह कहना है इसरो प्रमुख के सिवन का. उन्होंने कहा कि यह गगनयान मिशन का विस्तार होगा. इसरो चीफ ने बताया, ‘ह्यूमन स्पेस मिशन के बाद हमें गगनयान प्रोग्राम को बनाए रखना होगा. ऐसे में भारत अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा है.’

इससे पहले सरकार और इसरो ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि 15 जुलाई को लॉन्च होनेवाले मिशन चंद्रयान-2 के साथ ही भारत की नजर अब वीनस (शुक्र) और सूर्य तक है. मिशन चंद्रयान की कुल लागत 10000 करोड़ होगी. भारत के महत्वाकांक्षी स्पेस प्रॉजेक्ट के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वक्त में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई सिद्धि प्राप्त की है. इसरो चेयरमैन ने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया कि भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान ने सूर्य, वीनस जैसे ग्रहों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

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टीम इंडिया 3 अगस्त से शुरू करेगी वेस्टइंडीज दौरा, जानें पूरा शेड्यूल

भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अपने अभियान की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ 22 अगस्त से यहां दो टेस्ट मैचों की सीरीज से करेगा. हालांकि उसका यह दौरा तीन अगस्त से फ्लोरिडा में होने वाले दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से शुरू हो जाएगा. वेस्टइंडीज के दौरे में भारत 2019 में विदेशों में एकमात्र टेस्ट सीरीज खेलेगा. ए दोनों टीमें दो टेस्ट और तीन टी-20 मैचों के अलावा पांच सप्ताह के इस दौरे में तीन मैचों की वनडे सीरीज भी खेलेंगी.

पहला टेस्ट 22 से 26 अगस्त के बीच यहां विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट मैच 30 अगस्त से सबीना पार्क जमैका में शुरू होगा. इन टेस्ट मैचों से आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की भी शुरुआत भी होगी जो कि अगले दो साल तक चलेगी.

क्रिकेट वेस्टइंडीज (सीडब्ल्यूआई) के मुख्य कार्यकारी जॉनी ग्रेव ने बुधवार को कहा, ”वेस्टइंडीज और भारत के बीच लंबी और आकर्षक प्रतिद्वंद्विता रही है और इस सीरीज में भी खेल के हर प्रारूप में भी रोमांचक प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी.”

सीरीज की शुरुआत टी-20 मैचों से होगी. पहले दो मैच तीन और चार अगस्त को अमेरिका के फ्लोरिडा में लॉडरिल के ब्रोवार्ड काउंटी स्टेडियम में खेले जाएंगे. इन दोनों टीमों के बीच तीन साल पहले भी यहां तीन मैच खेले गए थे, जिनमें से दो का ही परिणाम निकला था. दूसरे मैच का बारिश और तकनीकी खामियों के कारण परिणाम नहीं निकल पाया था.

सीरीज का तीसरा और अंतिम टी-20 मैच छह अगस्त को गयाना के नेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इसी मैदान पर वनडे सीरीज शुरू होगी जिसका पहला मैच आठ अगस्त को होगा. अगले दो वनडे 11 और 14 अगस्त को त्रिनिदाद के क्वीन्स पार्क ओवल में खेले जाएंगे.

भारत को पहले 14 जुलाई को होने वाले विश्व कप के तुरंत बाद वेस्टइंडीज दौरे पर जाना था, लेकिन बीसीसीआई के आग्रह पर सीडब्ल्यूआई ने इसे आगे खिसका दिया.

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) अगले दो सालो में खेला जाएगा, जिसमें 12 टेस्ट खेलने वाले देशों में से नौ अन्य आठ टीमों में से छह के खिलाफ एक टेस्ट सीरीज खेलेगी. हर सीरीज में दो से पांच मैच होंगे. हालांकि, हर टीम छह सीरीज खेलेगी (तीन घर पर और तीन घर से बाहर) लेकिन सभी एकसमान टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे.

हर टीम हर सीरीज में अधिकतम 120 अंक हासिल कर सकती है और लीग स्तर के अंत में शीर्ष दो टीमें फाइनल में खेलेंगी. फाइनल मुकाबला जून 2021 को इंग्लैंड में खेला जाएगा. डब्ल्यूटीसी में भाग ले रही नौ में से कुछ टीमें इस दौरान अन्य टेस्ट मैच भी खेलेगी जो इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं होगी.

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दरवेश हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी

आगरा में यूपी बार काउंसिल की चेयरमैन दरवेश यादव की हत्या के वक्त उनकी भांजी कंचन यादव और उनका एक रिश्तेदार मनोज यादव भी उनके साथ थे. गोलीकांड से पहले सब दरवेश की जीत से खुश थे. लेकिन कुछ देर में ही वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा का चैंबर इस हत्याकांड का गवाह बन गया. एक बाद एक 4 गोली चलीं और जीत की खुशी अचानक मातम में बदल गई. हर तरफ अफरा तफरी का माहौल था. चश्मदीदों के मुताबिक जब मनीष ने पहली गोली चलाई तो दरवेश तेजी से चिल्लाई थी. वो मनीष को रोकना चाहती थी. मगर ये हो ना सका.

पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी मनीष बाबू शर्मा ने पहली गोली दरवेश के रिश्तेदार मनोज यादव पर चलाई थी. लेकिन वो नीचे की तरफ झुक कर बच गया था. इसके बाद मनीष ने दो गोली दरवेश यादव पर दाग दी. एक गोली उसके सीने में लगी और दूसरी पेट में. और बिना देर किए चौथी गोली मनीष ने खुद को मार ली. लेकिन इस पूरी वारदात के बाद एक सवाल का जवाब पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है कि आखिर मनीष बाबू शर्मा ने मनोज यादव पर गोली क्यों चलाई. उन दोनों के बीच में क्या विवाद था. क्या कोई दुश्मनी थी. पुलिस को अगर इस सवाल का जवाब मिल जाता है, तो ये केस आसानी से सुलझ सकता है.

ये पूरा हत्याकांड दरवेश की भांजी कंचन यादव के सामने हुआ. कंचन ट्रेनी सब इंस्पेक्टर है. वो छुट्टी पर घर आई हुई थी. मौसी दरवेश की ये हालत देखकर वो बदहवास हो गई. चश्मदीदों के मुताबिक मौसी को लहूलुहान हालत में देखकर उसने वहां पड़ी पिस्टल उठाकर खुद को गोली मारने की कोशिश की थी. लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे ऐसा करने से रोका था.

जिस वकील के चैंबर में ये हत्याकांड हुआ, उन्हें भी ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी कि वहां मनीष किसी की जान ले लेगा. इस वारदात के चश्मदीद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा का कहना है कि कुछ समय से दरवेश यादव और मनीष बाबू शर्मा के बीच की दोस्ती में दरार आ गई थी. लेकिन यह मामला इतना बढ जाएगा. ये कोई सोच भी नहीं सकता था. जिस वक्त घटना को अंजाम दिया गया, उस वक्त उनका चैंबर लोगों से भरा हुआ था.

दरवेश यादव स्वागत समारोह के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में मौजूद थीं. वहां कई अधिवक्ता और अन्य लोग भी थे. कोर्ट परिसर में मौजूद में कुछ अधिवक्ताओं के हवाले से जानकारी मिली है कि एडवोकेट मनीष बाबू शर्मा ने अरविंद मिश्रा के चैंबर में जाने से पहले अपनी पिस्टल लोड की थी. यानी वह पहले से ही इस वारदात को अंजाम देने की तैयारी करके आया था. चश्मदीदों के मुताबिक मनीष अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में जाकर तेज आवाज़ में बोल रहा था. तभी उसे दरवेश यादव ने टोका और समझाने की कोशिश की. इसी दौरान वहां मौजूद दरवेश के रिश्तेदार मनोज ने भी मनीष को टोक दिया. बस इसी बात से मनीष आपा खो बैठा. उसने पिस्टल निकली और मनोज पर गोली चला दी. लेकिन मनोज तेजी से नीचे झुक गया और गोली उसे नहीं लगी. इस दौरान दरवेश चिल्लाई, लेकिन तभी मनीष ने उस पर गोलियां दाग दी.

जब दरवेश यादव ने साल 2004 में वकालत शुरू की थी. तभी से मनीष बाबू शर्मा और वो दोनों दोस्त थे. जब दरवेश ने 2011 में पहली बार काउंसिल का चुनाव लड़ा था, तब मनीष ने उसके लिए रात दिन मेहनत की थी. इसके बाद भी मनीष ने हर चुनाव में दरवेश का प्रचार किया. उसकी मदद की. यूपी बार कॉउसिंल के चुनाव में भी मनीष ने दरवेश के पक्ष में जमकर मेहनत की थी.

आगरा की दीवानी कचहरी में यूपी बार काउंसिल की नवनिर्वाचित चेयरमैन दरवेश का स्वागत समारोह था. लेकिन इस बारे में मनीष को पता नहीं था. और ना ही वो वहां मौजूद था. उसे वहां ना पाकर कुछ वकीलों ने मनीष को फोन किया और वहां समारोह में आने के लिए कहा. दरअसल, अधिवक्तागण चाहते थे कि मनीष और दरवेश के बीच जो मनमुटाव है, वो खत्म हो जाए. साथियों के कहने पर मनीष बाबू शर्मा कोर्ट परिसर में आ गया. लेकिन वो गुस्से में था. वो किसी खौफनाक इरादे के चलते ही घर से अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर वहां आया था.

इस हत्याकांड के संबंध में दरवेश यादव के भतीजे सनी यादव ने मुकदमा दर्ज कराया है. जिसमें मनीष बाबू शर्मा के अलावा उसकी पत्नी वंदना शर्मा को भी आरोपी बनाया गया है. सनी के मुताबिक उसकी बुआ दरवेश की गाड़ी, गहने और चैंबर पर मनीष ने कब्जा कर रखा था. कई बार तकादा करने पर भी वे उनकी गाड़ी और गहने वापस नहीं कर रहे थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था. सनी का आरोप है कि वंदना शर्मा ने उसकी बुआ को जान से हाथ धोने की धमकी भी दी थी. लेकिन दरवेश यादव ने इस तरफ कभी ध्यान नहीं दिया.

दरवेश यादव ने विवाह नहीं किया था. अपने पिता की मृत्यु के बाद वही परिवार का पालन पोषण करती रहीं. अपने छोटे भाई बहनों को पढ़ाया लिखाया. कहा जाता है कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर ही थी. लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी जिंदगी का खात्मा ऐसे होगा.

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AN-32 विमान हादसे में कोई नहीं मिला जिंदा, क्रैश साइट पर पहुंची सर्च टीम ने की पुष्टि

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वायुसेना की सर्च टीम आज यानी गुरुवार सुबह AN-32 की क्रैश साइट पर पहुंच गई है. उन्हें कोई जीवित नहीं मिला है. इसके बारे में सेना ने विमान में सवार सभी 13 यात्रियों के परिवारों को सूचना दे दी है. वायुसेना ने जान गंवाने वाले सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि दी.

3 जून को असम के जोरहाट से उड़े AN-32 का मलबा 11 जून को अरुणाचल प्रदेश के टेटो इलाके के पास मिला था. इसके बाद क्रैश साइट पर पहुंचने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मौसम खराब होने के कारण सर्च टीम पहुंच नहीं पा रही थी. बुधवार को 15 पर्वतारोहियों को एमआई-17s और एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) से लिफ्ट करके मलबे वाली जगह के नजदीक तक पहुंचाया गया.

ये लोग थे सवार

जीएम चार्ल्स, एच विनोद, आर थापा, ए तंवर, एस मोहंती, एमके गर्ग, केके मिश्रा, अनूप कुमार, शेरिन, एसके सिंह, पंकज, पुताली और राजेश कुमार

चीन की सीमा के पास आखिरी लोकशन

जोरहाट से चीन की सीमा के पास अरुणाचल के मेंचुका के लिए उड़ान भरने वाला वायुसेना का एएन-32 विमान 3 जून दोपहर करीब एक बजे लापता हो गया था. इस विमान की आखिरी लोकेशन अरुणाचल के पश्चिम सियांग जिले में चीन की सीमा के पास मिली थी. एअररूट से 15 से 20 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश के टेटो इलाके के पास घने जंगल में विमान का मलबा मिला.

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‘चंद्रयान 2’ की पहली झलक: आठ हाथियों के वज़न वाला ‘चंद्रयान-2’ उतरेगा चांद के अनदेखे हिस्से पर

नई दिल्ली। अपनी पृथ्वी के चंद्रमा की ओर भारत का दूसरा मिशन ‘चंद्रयान 2’ श्रीहरिकोटा से 15 जुलाई को लगभग आधी रात को रवाना होगा. इस वक्त ISRO 3.8 टन वज़न वाले उपग्रह को अंतिम रूप दे रहा है, जिस पर देश का 600 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च हुआ है. प्रक्षेपण के बाद उपग्रह ‘चंद्रयान 2’ को कई हफ्ते लगेंगे, और फिर वह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा. गौरतलब है कि यह चंद्रमा का वह हिस्सा है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी अंतरिक्ष यान नहीं उतरा है. NDTV के साइंस एडिटर पल्लव बागला से खास बातचीत में ISRO के असिस्टेंट साइंटिफिक सेक्रेटरी विवेक सिंह ने कहा कि यह भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का अब तक का सबसे जटिल मिशन है, जिस पर 1,000 करोड़ रुपये से कम खर्च हुआ है.

आइए, जानते हैं चंद्रयान 2 मिशन की खासियतें
  1. चंद्रयान 2 15 जुलाई, 2019 को लगभग आधी रात को प्रक्षेपित किया जाएगा.
  2. चंद्रयान 2 तैयार है, और इसे ‘बाहुबली’ अथवा जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (GSLV Mk III) के ज़रिये लॉन्च किया जाएगा.
  3. चंद्रयान 2 में एक ऑरबिटर, ‘विक्रम’ नामक एक लैंडर तथा ‘प्रज्ञान’ नामक एक रोवर शामिल हैं.
  4. चंद्रयान 2 का वज़न 3.8 टन है, जो आठ वयस्क हाथियों के वज़न के लगभग बराबर है.
  5. चंद्रयान 2 चंद्रमा के ऐसे हिस्से पर पहुंचेगा, जहां आज तक किसी अभियान में नहीं जाया गया.
  6. यह भविष्य के मिशनों के लिए सॉफ्ट लैंडिंग का उदाहरण बनेगा.
  7. भारत चंद्रमा के धुर दक्षिणी हिस्से पर पहुंचने जा रहा है, जहां पहुंचने की कोशिश आज तक कभी किसी देश ने नहीं की.
  8. चंद्रयान 2 कुल 13 भारतीय वैज्ञानिक उपकरणों को ले जाएगा.
  9. LASER रेंजिंग के लिए NASA के उपकरण को निःशुल्क ले जाया जाएगा.
  10. चंद्रयान 2 पूरी तरह स्वदेशी अभियान है.
  11. भुगतान करने के बाद भारत NASA के डीप स्पेस नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा.
  12. चंद्रयान 2 काफी उत्साहवर्द्धक मिशन है.
  13. चंद्रयान 2 ISRO का अब तक का सबसे जटिल अभियान है.
  14. लैंडर के अलग होने तथा चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के बीच वाले 15 मिनट सबसे ज़्यादा घबराहट रहेगी.
  15. चंद्रयान 2 को कामयाब बनाने के लिए ISRO कड़ी मेहनत कर रहा है.
  16. ISRO में पुरुष और महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं.
  17. चंद्रयान 2 में मज़बूती को सुनिश्चित करने और इसकी कामयाबी के प्रति पूरी तरह आश्वस्त होने के लिए देरी की गई.
साभार-ndtvइंडिया Read it also-डॉक्टर पायल तडवी आत्महत्या मामले में सभी 3 आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार

चौथी बार खारिज हुई नीरव मोदी की जमानत याचिका

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले मामले में आरोपी और भगोड़े नीरव मोदी को लंदन की अदालत से झटका लगा है. अदालत ने नीरव को जमानत देने से इनकार कर दिया है. इसके अलावा जज ने नीरव को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए ये शक जताया है कि अगर बेल मिली तो सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है.

सुनवाई के दौरान जज की तरफ से नीरव मोदी के वकील को फटकार भी लगाई गई है. जज ने कहा है कि वह इस बात पर यकीन नहीं कर सकते कि बेल मिलने पर किसी सबूत को नष्ट नहीं किया जाएगा. सुनवाई के दौरान जज ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि भविष्य में क्या होगा, कौन जानता है.

जज ने कहा कि याचिकाकर्ता पर कई देशों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, ऐसे में जमानत देना ठीक नहीं होगा. बता दें कि ये चौथी बार है जब नीरव मोदी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है.

इससे पहले लंदन की ही एक अदालत ने नीरव मोदी को 26 जून तक जेल (न्यायिक हिरासत) में रहने का फैसला सुनाया था. 48 साल का कारोबारी नीरव मोदी हिंदुस्तान में 13,000 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में वॉन्टेड है.

उसे 19 मार्च को होलबोर्न से गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद से ही वह प्रत्यर्पण कार्यवाही के खिलाफ लड़ रहा है. नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) 13,000 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में जांच कर रही हैं.

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अब हरियाणा और छत्तीसगढ़ में भी मायावती ने तोड़ा गठबंधन

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लोकसभा चुनाव 2019 की सियासी जंग फतह करने के लिए बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने देश के अलग-अलग राज्यों में विभिन्न क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन के फॉर्मूले को आजमाया था, लेकिन उनकी यह कोशिश पूरी तरह से फेल हो गई. उत्तर प्रदेश से बाहर किसी और राज्य में बसपा कुछ खास असर नहीं दिखा सकी है. इसी का नतीजा है कि बसपा ने एक-एक कर सारे दलों के गठबंधन तोड़ दिया है. इसकी शुरुआत यूपी में सपा के साथ हुई और अब छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी से बसपा ने गठबंधन खत्म कर लिया है.

यूपी के बाद बसपा ने हरियाणा में भी अपने गठबंधन साथी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (एलएसपी) से नाता तोड़ लिया है. मायावती ने एलएसपी के अध्यक्ष राजकुमार सैनी के साथ चुनावी तालमेल किया था. गठबंधन के तहत हरियाणा की 10 सीटों में से 8 पर बसपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे और एलएसपी ने 2 सीटों पर चुनाव लड़ा था. मोदी लहर में दोनों पार्टियों को बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ा है.

लोकसभा चुनावों से पहले हुए बसपा-एलएसपी गठबंधन में 55-35 का फार्मूला विधानसभा चुनावों के लिए तय किया गया था. बसपा को 55 और एलएसपी को 35 सीटों पर चुनाव लड़ना था, लेकिन लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद मायावती ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. हालांकि, मायावती ने पहले हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल के साथ गठबंधन किया था, लेकिन इनेलो की पारिवारिक टूट का हवाला देकर बसपा ने यह गठबंधन तोड़ा और राजकुमार सैनी की पार्टी एलएसपी के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया और अब उसे खत्म कर दिया.

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रह है. छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ बसपा ने गठबंधन तोड़ दिया है. अब आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में दोनों ही पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने बसपा के अपने कैडर वोट को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 से पहले सितंबर में अजीत जोगी की पार्टी ने बसपा के साथ गठबंधन किया था. इस चुनाव में प्रदेश की कुल 90 में से 35 सीटों पर बसपा और 55 सीटों पर गठबंधन में अजीत जोगी की पार्टी ने चुनाव लड़ा था. दोनों के गठबंधन को सात सीटें मिली थीं, जिनमें दो बसपा की थीं. इसके बाद लोकसभा चुनाव में सभी 11 सीटों पर बसपा ने अकेले चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद अब दोनों की राह जुदा हो गई है.

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कुछ ही देर में एम्स एमबीबीएस 2019 परीक्षा का परिणाम होगा जारी,

नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स नई दिल्ली का परीक्षा खंड 12 जून को यानि आज एम्स एमबीबीएस 2019 परिणाम जारी करने के लिए पूरी तरह तैयार है. परिणाम कुछ ही देर में जारी किया जाएगा. एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एम्स परिणाम 2019 परीक्षा के संयोजक की आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.org पर अपलोड किया जाएगा. मेरिट सूची और प्रत्येक उम्मीदवार के स्कोरकार्ड भी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध किए जाएंगे. जानकारी के अनुसार, सामान्य योग्यता सूची और श्रेणी-वार एम्स एमबीबीएस 2019 की मेरिट सूची 12 जून को इसके होमपेज पर ऑनलाइन मोड में उपलब्ध होगी.

वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए लगभग 1207 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एम्स 2019 प्रवेश परीक्षा प्रत्येक दिन 25-26 मई को दो पालियों में आयोजित की गई थी. ये सीटें नई दिल्ली, बठिंडा, भोपाल, भुवनेश्वर, देवगढ़, गोरखपुर, जोधपुर, कल्याणी, मंगलगिरी, नागपुर, पटना, रायपुर, रायबरेली, ऋषिकेश और तेलंगाना में स्थित 15 एम्स में विभाजित हैं.

एम्स परिणाम 2019 रैंक कार्ड डाउनलोड कैसे करें

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स की परीक्षा अनुभाग की आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.org पर जाएं.
  • मुखपृष्ठ पर, एम्स परिणाम 2019 टैब खोजें. परिणाम के लिंक पर क्लिक करें और आवश्यक विवरण जैने नाम, रोल नंबर या पंजीकरण संख्या दर्ज करें.
  • आपका अनुभागीय स्कोर और एम्स परिणाम 2019 स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा.
  • परिणाम डाउनलोड करें और एम्स एमबीबीएस 2019 रिजल्ट का प्रिंटआउट लें.

काउंसलिंग का दौर जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होगा और कुल तीन चरणों में योग्य उम्मीदवारों को सीट आवंटित करने के लिए निर्धारित किया गया है. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, एम्स नई दिल्ली की तरफ से मेरिट के आधार पर स्टूडेंट्स की काउंसलिंग जुलाई के पहले सप्ताह से आयोजित की जाएगी. रिपोर्ट्स की मानें तो एम्स द्वारा तीन चरणों में सीटों का अलॉटमेंट किया जाएगा. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, एम्स की परीक्षा में जो स्टूडेंट्स सफल होते हैं उनको सलाह है कि वो काउंसलिंग के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.

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मौत का बुखार: बिहार में ‘चमकी’ से 11 दिन में 60 बच्चों की मौत

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उत्तर बिहार के बच्चों पर दिमागी बुखार का कहर जारी है. बीते 24 घंटे में मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में इलाजरत पांच बच्चों की मौत हो गई. वहीं, इस बीमारी से ग्रसित 23 नए बच्चों को मंगलवार को दोनों अस्पतालों में भर्ती कराए गए. इनमें से 15 बच्चों का एसकेएमसीएच व आठ का केजरीवाल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. इन बच्चों की मौत के साथ बीते 11 दिनों में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 60 हो गई है. वहीं, नए भर्ती बच्चों को मिलकर 154 पीड़ित सामने आ चुके हैं.

उधर, पीड़ितों व मौत की बढ़ रही संख्या के मद्देनजर पटना मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई. वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ. आरडी रंजन, राज्य वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी डॉ. एमपी शर्मा व राज्य जेई-एईएस के नोडल समन्वयक संजय कुमार ने एसकेएमसीएच पहुंच पूरी स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान अधिकारियों ने दो राउंड चारों पीआईसीयू का निरीक्षण किया. इसके बाद विभाग की टीम केजरीवाल अस्पताल भी पहुंची. इधर, सिविल सर्जन डॉ ने बताया कि मंगलवार को चार ही बच्चों की मौत चमकी बुखार से हुई है. भर्ती मरीजों की संख्या में भी अंतर देखा जा रहा है. ऐसे में अधिकारियों ने सुव्यवस्थित तरीके से डाटा अपडेट करने पर भी जोर दिया है.

एससकेएमसीच में मंगलवार को मोतीपुर के मछुआ की पांच वर्षीय चांदनी कुमारी, बोचहां कनहारा के चार वर्षीय शिवा कुमार, मोतीपुर की नौ वर्षीया सगुफ्ता की मौत हो गई. वहीं, सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर के जिलावतपुर के सात वर्षीय नीलेश कुमार ने इमरजेंसी में दम तोड़ दिया. परिजनों के अनुसार उसे भी चमकी-तेज बुखार की समस्या थी. उधर, केजरीवाल अस्पताल में मुशहरी कन्हौली की ढाई वर्षीय संध्या की मौत हो गयी.

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ऋषभ पंत जाएंगे इंग्लैंड, शिखर धवन की जगह मिल सकता है मौका

नई दिल्ली। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के बैकअप के तौर पर गुरुवार सुबह इंग्लैंड के लिए रवाना होंगे. सूत्रों ने पुष्टि की है कि वह चोटिल ओपनर शिखर धवन के कवर के तौर पर इंग्लैंड पहुंचेंगे. उन्होंने साथ ही बताया कि बीसीसीआई पंत के लिए सबसे उपयुक्त फ्लाइट का इंतजाम करने की कोशिशों में लगा था ताकि वह जल्द से जल्द इंग्लैंड में भारतीय टीम से जुड़ सकें. हालांकि धवन चोट से उबर रहे हैं और अभी भारत की 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा रहेंगे.

वर्ल्ड कप के लिए टीम चुने जाने से पहले पंत को टीम इंडिया के अंतिम 15 में शामिल होने का बड़ा दावेदार माना जा रहा था लेकिन उनकी जगह दिनेश कार्तिक को चयनकर्ताओं ने वरीयता दी. सूत्रों की मानें तो धवन के चोटिल होने के बाद पंत को टीम में शामिल किया जा सकता है.

सूत्रों ने बताया कि ऋषभ को बैकअप के तौर पर इंग्लैंड बुलाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘ऋषभ पंत को स्टैंडबाय के तौर पर पहले ही बुलाया जा रहा है, ताकि वह परिस्थितियों के मुताबिक ढल सकें. यदि धवन फिट नहीं हो पाते हैं तो हम आईसीसी के समक्ष इस बात को रखेंगे और स्वीकृति मिलने पर ऋषभ को तुरंत टीम में शामिल कर लिया जाएगा.’

उम्मीद है कि ऋषभ पंत गुरुवार को भारत और न्यू जीलैंड के बीच होने वाले मैच की शाम को नॉटिंगम पहुंचेंगे. हालांकि वह तब तक टीम से नहीं जुड़ सकेंगे, जब तक शिखर धवन चोटिल होने के चलते आगे नहीं खेल सकेंगे. पंत को दिल्ली में उनके घर पर टीम जर्सी से लेकर आधिकारिक सामान तक दे दिया गया है. यदि पंत टीम में शामिल होते हैं तो वह नंबर-4 पर खेल सकते हैं और रोहित शर्मा के साथ लोकेश राहुल ओपनिंग का जिम्मा संभाल सकते हैं.

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गुजरात में कल 140 से 165 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से आ सकता है ‘वायु’

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नई दिल्ली। अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवात ‘वायु’ महाराष्ट्र से उत्तर में गुजरात की ओर बढ़ रहा है. 13 जून यानी कल ‘वायु’ चक्रवात गुजरात पहुंच जाएगा. राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. स्कूल और कॉलेज दो दिन (12 और 13 जून) के लिए बंद है. मौसम विभाग के आधिकारिक ट्वीट के मुताबिक चक्रवाती तूफान ‘वायु’ पिछले 6 घंटे में पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर उत्तर की ओर बहुत गंभीर तरीके आगे बढ़ा है. 12 जून को तड़के करीब 02:30 बजे पूर्वी मध्य अरब सागर में गोवा से 450 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में, मुंबई से 290 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और वेरावल (गुजरात) से लगभग 380 किमी की दूरी पर केंद्रित रहा.

मौसम विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, सुदूर समुद्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र तेजी से बनने के कारण ‘वायु’ के 13 जून को गुजरात के तटीय इलाकों पोरबंदर और कच्छ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है. विभाग ने अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की संभावना व्यक्त करते हुये कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी गति 140 से 150 किमी से 165 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है.

उधर चक्रवात ‘वायु’ से निपटने के लिये गुजरात प्रशासन हाई अलर्ट पर है, जिसके गुरुवार को वेरावल के पास तट पर पहुंचने की संभावना है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मंगलवार को कहा कि तटीय इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जायेगा. मौसम संबंधी हालिया रिपोर्ट के अनुसार चक्रवात ‘वायु’ वेरावल तट के करीब 650 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और अगले 12 घंटे में इसके तीव्र चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है. यह तूफान 13 जून तक राज्य के तट पर पहुंच सकता है.

मौसम विभाग ने तूफान के मद्देनजर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13 और 14 जून को भारी बारिश होने और 110 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. इसे देखते हुये गुजरात सरकार ने भी हाई अलर्ट जारी करते हुये सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में नेशनल डिजास्टर रेस्पोंस फोर्स (एनडीआरएफ) के जवानों को तैनात किया है. तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. साथ ही बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा गया है.

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बागी होकर भी शिवपाल हैं सपा के विधायक, घर वापसी की चर्चा तेज

समाजवादी पार्टी से बगावत करके पिछले साल शिवपाल यादव ने अलग अपनी पार्टी बनाई और लोकसभा चुनाव में ताल ठोककर कुछ सीटों पर सपा के सियासी समीकरण को बिगाड़ दिया. वहीं अखिलेश यादव बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ गठबंधन कर शानदार प्रदर्शन के लिए पूरी तरह आश्वस्त थे, लेकिन गठबंधन का गणित ऐसा ध्वस्त हो गया कि सपा अब तक के सबसे खराब दौर में पहुंच गई. अब शिवपाल की सपा में वापसी और अखिलेश के साथ उनके रिश्ते को सुधारने के लिए मुलायम सिंह यादव की ओर से कोशिश की जा रही है.

दिलचस्प बात यह है कि शिवपाल यादव अभी भी सपा से ही विधायक हैं. सपा से बगावत करने के बाद शिवपाल की सदस्यता के समाप्त करने के लिए सपा आलाकमान की ओर से आज तक किसी तरह की कोई चिट्ठी नहीं लिखी गई है. जबकि सपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव में खुद भी लड़ चुके हैं और अपनी पार्टी से कई नेताओं को अलग सीट पर मैदान में उतारा था.

इसके बाद भी अखिलेश यादव ने शिवपाल के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया, जिससे की उनकी विधानसभा से सदस्यता खत्म हो. इसी के चलते आज भी वो सपा के ही विधायक हैं. माना जा रहा है कि सपा की ओर से समझौते की यह आखिरी गुंजाइश रखी गई है.

सोमवार को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में मुलायम सिंह का हालचाल लेने उनके आवास पर पहुंचे थे. इस दौरान शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव भी वहां पर मौजूद थे. सपा सूत्रों की मानें तो सीएम योगी के वहां से जाने के बाद मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल और अखिलेश यादव से बंद कमरे में करीब आधे घंटे बातचीत की.

बता दें कि लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव बेटे अखिलेश और भाई शिवपाल के बीच सुलह कराने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं. दोनों के बीच मतभेद दूर करने के लिए पिछले दिनों मुलायम ने अखिलेश और शिवपाल से अलग-अलग मुलाकात की थी. इसके बाद सोमवार को दोनों नेता मुलायम सिंह को देखने उनके आवास पर पहुंचे थे. इसके चलते माना जा रहा है कि उनके बीच नजदीकियां बढ़ती दिख रही है.

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योगी कैबिनेट ने वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाई, सरकारी नौकरी के लिए BTC के साथ B.Ed किया अनिवार्य

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज  कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में सरकार ने 6 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है. योगी सरकार ने राज्य के बुजुर्गों को तोहफा दिया है. सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन में इजाफा कर दिया है. पेंशन राशि को 400 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति महीना कर दिया गया है. आपको बता दें कि हर मंगलवार को योगी कैबिनेट की मीटिंग होती है. इससे पहले बीते मंगलवार यानी 4 जून को हुई बैठक में 8 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई थी.

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

  • वृद्धा अवस्था पेंशन 400 से बढ़कर 500 रुपये कर दिए गए हैं. राज्य अंश में 100 रुपए की और वृद्धि की गई है. आपको बता दें कि 79 से ऊपर के बुजुर्ग को पहले से ही 500 रुपये पेंशन दी जा रही है. यूपी में 41 लाख लाभार्थी अभी पेंशन पा रहे है. 1 जनवरी से यह बढ़ा हुआ पैसा लागू होगा.
  • प्रदेश में लघु माइक्रो ग्रेवी की स्थापना हेतु निमवाली 1961 में छठवां संशोधन किया गया है. ताजी बियर के तहत यह संशोधन किया गया है, जिसमे होटल में माइक्रो ग्रेवी लगाया गया है जिसमे बियर का उत्पादन होता है देश के 7 राज्यो में ऐसी स्थापना हुआ है.
  • लाइसेंस फीस 25 हजार से बढ़ाकर ढाई लाख की गई है. लाइसेंस नवीनी करण के लिए 2 लाख रुपये लगेंगे. प्रतिदिन 600 लीटर 2.1 लाख लीटर प्रतिवर्ष से अधिक उत्पादन नहीं होगा.
  • रायबरेली में एम्स के निर्माण चल रहा है, जिसे साल 2020 में निर्माण को पूरा करना है. वहीं, पुराने और जर्जर पड़े भवन को ध्वस्त करने से संबंधित प्रस्ताव पर भी कैबिनेट बैठक में मुहर लगी है. इस प्रस्ताव के तहत 76 आवास को ध्वस्त किया जाएगा.
  • पीजीआई के डॉक्टरों के एज लिमिट अब 2 साल बढ़ाया गया है, अब भर्ती के लिए 35 से 37 साल कर दिया है.
  • सहायक शिक्षा के लिए बीटीसी के साथ अब शिक्षकों को बीएड करना होगा.
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अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में मिला लापता विमान AN-32 का मलबा

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के लापता एएन-32 विमान का मलबा मिल गया है. मलबा अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में मिला है. हादसे के वक्त इस विमान में 13 लोग सवार थे. इंडियन एयरफोर्स के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने पुष्टि करते हुए यह जानकारी दी है. भारतीय वायुसेना ने कहा, “अरुणाचल प्रदेश के टाटो इलाके के उत्तरपूर्व में लीपो से 16 किलोमीटर उत्तर में लगभग 12,000 फुट की ऊंचाई पर वायुसेना के लापता एएन-32 विमान का मलबा आज देखा गया. अब हेलीकॉप्टर विस्तृत इलाके में तलाश कर रहे हैं”. 3 जून से लेकर अब तक लापता हुए इस विमान को तलाशने के लिए इंडियन एयरफोर्स ने लगातार अभियान जारी कर रखा था.

बता दें कि हवाई खोज अभियान पिछले 7 दिनों से जारी है. रूसी एएन-32 विमान से सम्पर्क 3 जून को दोपहर में असम के जोरहट से चीन के साथ लगी सीमा के पास स्थित मेंचुका उन्नत लैंडिंग मैदान के लिए उड़ान भरने के बाद टूट गया था. विमान में 13 व्यक्ति सवार थे. विमान के लापता होने के बाद वायुसेना ने मेंचुका और उसके आसपास के क्षेत्र में एक व्यापक खोज अभियान शुरू किया गया था.

वायुसेना ने बीते शनिवार को एएन- 32 परिवहन विमान के बारे में सूचना मुहैया कराने वाले को पांच लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की थी. शनिवार को एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने समग्र खोज अभियान की असम के जोरहट हवाई ठिकाने पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की थी.

1986 में एयरफोर्स में हुआ था शामिल रूस निर्मित एएन-32 परिवहन विमान को 1986 में भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया था. वर्तमान में, भार तीय वायुसेना 105 विमानों को संचालित करती है जो ऊंचे क्षेत्रों में भारतीय सैनिकों को लैस करने और स्टॉक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसमें चीनी सीमा भी शामिल है. 2009 में भारत ने 400 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट यूक्रेन के साथ किया था जिसमें एएन-32 की ऑपरेशन लाइफ को अपग्रेड और एक्सटेंड करने की बात कही गई थी. अपग्रेड किया गया एएन-32 आरई एयरक्राफ्ट 46 में 2 कॉन्टेमपररी इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर्स शामिल किए गए हैं. लेकिन एएन-32 को अब तक अपग्रेड नहीं किया गया था.

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