DMRC के किराया बढ़ाने पर दिल्ली सरकार ने मेट्रो प्रमुख को दी चेतावनी
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के बढ़ते किराए को लेकर दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) आमने-सामने हो गए हैं. दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह को चेतावनी दी है कि वह डीएमआरसी बोर्ड की बैठक में दिल्ली सरकार का पक्ष रखने के लिए बाध्य हैं.
अगर दिल्ली सरकार को लगेगा कि इस मामले में अगर कोई ढिलाई बरती गई तो सरकार डीएमआरसी एक्ट के अनुसार कार्रवाई करेगी. इस बारे में शुक्रवार को दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने डीएमआरसी चेयरमैन को एक पत्र भी लिखा है. इसमें डीएमआरसी प्रबंधन निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया व जिम्मेदारियों का भी जिक्र है.
दिल्ली सरकार का कहना है कि एक्ट के अनुसार, डीएमआरसी बोर्ड में दिल्ली सरकार पांच निदेशक नामित करती है. केंद्र सरकार से चर्चा करके दिल्ली सरकार ही डीएमआरसी चेयरमैन को भी बोर्ड में भेजती है. यह पांच निदेशक में से एक होता है.
पत्र में लिखा गया है कि इस प्रावधान के अनुसार सरकार ने मंगू सिंह को डीएमआरसी का प्रबंध निदेशक नामित किया है. ऐसे में दिल्ली सरकार अपेक्षा करती है कि वह बोर्ड बैठक में दिल्ली सरकार के पक्ष को सही तरीके से मजबूती के साथ रखेंगे.
परिवहन मंत्री ने पत्र में लिखा है कि अगर किसी भी समय दिल्ली सरकार को लगेगा कि अगर उसकी राय को सही संदर्भ में बोर्ड बैठक में नहीं लिया गया तो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार काम करने को मजबूर होगी. पत्र में हालांकि सरकार ने सीधे तौर पर कार्रवाई की बात नहीं की है. वहीं, दिल्ली सरकार आधिकारिक तौर पर इस पत्र को चेतावनी पत्र नहीं मान रही है.
बता दें कि दिल्ली सरकार किराया निर्धारण समिति के उस फैसले का विरोध कर रही है, जिसमें 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो का किराया दोबारा बढ़ाने का प्रस्ताव है. इस बारे में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को पत्र लिखा है. आदिवासी सेंगेल अभियान और बामसेफ करेंगे भाजपा सरकार के खिलाफ महारैली

रांची। झारखंड की भाजपा सरकार के खिलाफ आदिवासी सेंगेल अभियान और बैकवर्ड एंड माइनोरिटी कम्युनिटीज इम्प्लाइज फेडरेशन (BAMCEF) महारैली करेंगे. पांच सूत्री मांग आधारित यह महारैली 23 अक्टूबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में होगी. इसमें पांच राज्यों के आदिवासी एवं बामसेफ के लाखों कार्यकर्ता शामिल होंगे.
आदिवासी सेंगेल अभियान के अध्यक्ष और पूर्व सासंद सालखन मुर्मू ने कहा कि झारखंड में आदिवासी का अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी और सरना-ईसाई आदिवासी की एकता खतरे में है. उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से इस अभियान के माध्यम से भूमि अधिग्रहण बिल की वापसी की मांग बुलंद की जाएगी. साथ ही धर्मांतरण बिल 2017 को भी रद्द करने की मांग उठाई जाएगी.
मुर्मू ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की सरकार गलत नियम कानून बना कर पूंजीपतियों के लिए आदिवासी और मूलनिवासियों को उजाड़ने पर आमादा है. उन्होंने कहा कि जनगणना फॉर्म में सरना के लिए अलग धर्म कोड बनाने, डोमिसाइल नीति को रद्द करने और विकास के नाम पर आदिवासी-मूलवासी का विस्थापन पलायन बंद करने की मांग महारैली में की जाएगी.
उसालखन मुर्मू ने कहा कि जितने भी आदिवासी नेता विभिन्न पार्टियों में हैं, वे ही आदिवासियों के सबसे बड़े शत्रु हैं. उन्होंने कहा कि मेरी इनसे अपेक्षा है कि मिल बैठकर हर समस्या का हल निकाला लिया जाए. अगर ऐसी नहीं कर सकते तो इस्तीफा देकर सरकार को गिरा दें.
झारखंड सरकार से ये हैं पांच सूत्री मांगें-
* भूमि अधिग्रहण बिल 2017 रद्द किया जाए.
* धर्मांतरण बिल 2017 रद्द किया जाए.
* सरना धर्म को कॉलम कोड प्रदान किया जाए.
* गलत डोमिसाइल नीति रद्द किया जाए.
* विकास के नाम पर आदिवासी मूलवासी का विस्थापन बंद किया जाए.
महारैली में मुख्य अतिथि बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम और विशिष्ट अतिथि मौलाना सज्जाद नोमानी होंगे.
सामंती अन्याय के विरुद्ध दलितों का ‘मूंछ आंदोलन’
मूंछें रखने की वजह से गुजरात के गांधीनगर में पीयूष परमार और उनके दो भाइयों की गैर दलितों द्वारा की गई पिटाई के खिलाफ आक्रोश देश भर में बढ़ता जा रहा है. इस कृत्य की राष्ट्रव्यापी निंदा की जा रही है. मूंछों की वजह से हुई इस पिटाई की प्रतिक्रिया में गुजरात के दलितों ने अपनी मूंछों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने की शुरुआत की, दो-तीन दिन में ही विरोध का यह तरीका देशव्यापी होने लगा है.
गुजरात से सटे राजस्थान, महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश सहित मुल्क के कई हिस्सों के दलित युवा फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अपनी मूंछों वाली फोटो डाल रहे हैं. अधिकांश लोगों ने फेसबुक पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर ही मूंछों को बना दिया है. व्हाट्सएप की डीपी में भी अब मूंछें दिखाई पड़ रही हैं. विशेष रूप से दलित युवा इस प्रकार की मूंछों सहित फोटो डालते हुए लिख रहे हैं, “हम दलित हैं और मूंछे रखते हैं, आओ हम पर हमला करो.”
देखा जा रहा है कि इन दिनों सोशल मीडिया पर मूंछों वाली सर्वाधिक फोटो प्रवासी राजस्थानी अपलोड कर रहे हैं. ये प्रवासी राजस्थानी सामंती प्रभाव वाले राजस्थान के भीतरी इलाकों से निकले हैं, इन्होने या इनके पूर्वजों ने मूंछवालों के सामंती अत्याचारों को सहा है. चूंकि यहां सदैव से ही मूंछें मर्दानगी का पर्याय रही हैं और मर्दानगी दिखाने का अधिकार सवर्ण क्षत्रियों तक सीमित रहा है, इसलिए वही मूंछें रखते रहे, उन पर ताव देते रहे और लोगों को डराते रहे हैं. राजस्थान में मूंछों का सामंतशाही से बहुत गहरा रिश्ता रहा है जिससे पीढ़ियों तक जनता त्रस्त रही हैं, इसीलिए यह दलित युवा यदा-कदा उसे चुनौती देते रहते हैं.
आजकल यह देखने में आ रहा है कि दलित युवा अपना पहनावा, नाम के मध्य ‘ सिंह’ लिखना तथा सामंतों जैसी मूंछें रखना शुरू कर चुके हैं. खासतौर पर राजस्थान के मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र में जारी सामंती अन्याय के विरुद्ध मूंछें उगाई जाने लगी हैं, उनको बड़ा किया जा रहा है और उनकी धार को तीखा करके ललकारा जा रहा है. मूंछों का उगना हर पुरुष के लिए स्वाभाविक बात है, यह किसी जातिविशेष का एकाधिकार नही है और न ही केवल कुछ जातियां ही मूंछों के नाम पर अपना प्रभुत्व कायम रख सकती हैं. गुजरात का मूंछ आंदोलन राजस्थान व अन्य राज्यों में एक अलग किस्म के उग्र प्रतिरोध के रूप में फूट रहा है, फल रहा है और फैल रहा है.
हालांकि दलित-बहुजन बुद्धिजीवी प्रतिक्रिया में पनप रहे इस मूंछ आंदोलन की मर्दाना छवि में कोई सार नहीं देख रहे हैं. उन्हें इसके लैंगिक स्वरूप से अच्छी खासी परेशानी है, उनको लगता है कि इन्हीं सामंतवाद व जातिवाद की प्रतीक मूंछों के खिलाफ लड़ कर दलित विमर्श समता का वितान रचता है, जो स्त्री-पुरुष समानता के विचार को पल्लवित-पोषित करता है, मगर अब प्रतिक्रिया स्वरूप आ रहा ‘मूंछवाद’ दलित आंदोलन के भीतर की पितृसत्तात्मकता को और अधिक मजबूत करेगी जो कि किसी भी रूप में शुभ संकेत नहीं है.
यह भी सही है कि यह महज प्रतिक्रिया भर है. कई दलित युवा सहजता से पहले भी मूंछें रखते आये हैं और आगे भी रखेंगे. उनके लिए मूंछें कभी कोई मुद्दा रही भी नहीं, हां, मूंछों से उन्हें वितृष्णा जरूर रही है, पहले मूंछों वाले अत्याचार करते थे, अब मूंछों के नाम पर अत्याचार हो रहा है. ऐसी प्रतिक्रिया स्वाभाविक मानी जा रही है. कुल मिलाकर दलित युवाओं में आक्रोश की अभिव्यक्ति का एक साधन बन रहा है गुजरात से पैदा हुआ दलित मूंछ आंदोलन.
(लेखक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्र पत्रकार हैं ). यह लेख आउटलुक हिंदी से साभार है.
गाली देने से मना किया तो मनुवादियों ने दलित को पीटा, फूंक दी झोपड़ी
भिंड। चम्बल में आज भी दलित समाज के लोग जातिवाद का शिकार हो रहे है. मामला भिंड के सेमरा गांव का है. जहां एक दलित परिवार को अपना सम्मान बचाना इतना भारी साबित हुई कि जातिवादियों ने उसकी झोपड़ी में ही आग लगा दी.
दरअसल, सेमरा निवासी देशराज जाटव से गांव के ही जातिवादी मानसिकता वाले अनरुद्ध से रंजिश चली आ रही थी. इसी रंजिश के तहत शुक्रवार(6 अक्टूबर) की रात अनुरुद्ध ने देशराज को गाली देना शुरू कर दिया. जब देशराज ने गाली देने से मना किया तो अनुरुद्ध ने अपने बेटे और भाई के साथ मिलकर देशराज से मारपीट की.
इतने पर से भी जब उनका का मन नहीं भरा तो जातिवादी गुंडों ने देशराज की झोपड़ी में आग लगा दी. अपने साथ हुए इस अन्याय की शिकायत पीड़ित ने अमायन थाने में की है. पुलिस ने देशराज समेत 3 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
ईनाडु इंडिया से साभार
सुखप्रीत कौर ने खोले हनीप्रीत के कई राज
पंचकूला। बलात्कारी बाबा राम रहीम के ड्राइवर इकबाल सिंह की पत्नी सुखदीप कौर ने हनीप्रीत को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं. सुखदीप कौर और उसके परिवार को डेरा का सबसे करीबी माना जाता है. इसका परिवार एक दशक पहले अपना गांव छोड़कर सिरसा में बस गया था. हनीप्रीत की मदद करने वाली सुखदीप कौर को पुलिस ने जीरकपुर से गिरफ्तार किया है.
सुखदीप कौर चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह हनीप्रीत की गाड़ी चला रही थी. उस पर दंगे भड़काने के आरोपी महेंद्र इंसा को राजस्थान में छिपाने का आरोप भी है. सुखदीप कौर की मदद से हनीप्रीत पंजाब के कई शहरों में घूम चुकी है. सूत्रों के मुताबिक दोनों का ठिकाना भटिंडा ही रहा है. एक और जहां हनीप्रीत अपनी पूछताछ के दौरान पुलिस को खूब बेवकूफ बना रही है वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार की गई सुखदीप कौर ने पुलिस के सामने हनीप्रीत से जुड़े कई खुलासे किए हैं.
सुखदीप कौर ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि हनीप्रीत की हैसियत डेरे में नंबर 2 की है. पिछले 38 दिनों के दौरान जब हनीप्रीत पुलिस की नजर से इधर-उधर भाग रही थी तो उसे जब भी उसे रुपए-पैसे की जरूरत होती थी वह डेरे के लोगों को फोन कर उनसे पैसे मंगाती थी.
हनीप्रीत फोन पर बातें करते वक्त सुखदीप कौर को गाड़ी से उतार देती थी. 38 दिनों के दौरान हनीप्रीत कई लोगों के साथ संपर्क में थी उसे जब भी किसी से कोई बात करनी होती थी तो सुखदीप कौर को गाड़ी से उतर जाने को कहती थी और चुपचाप किसी से बातचीत करती थी. बातें किसके साथ होती थीं इसका पता सुखदीप कौर को भी नहीं है.
एक ओर जहां पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि हनीप्रीत कौर ने 38 दिनों के दौरान 17 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है वहीं दूसरी ओर उसकी मददगार सुखदीप ने पुलिस को बताया है कि अक्सर हनीप्रीत सिम कार्ड का इस्तेमाल करने के बाद या तो उसे तोड़ देती थी या फिर लापरवाही से उसे फेंक देती थी.
हनीप्रीत ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि उसका फोन कहीं गिर गया है. अपने नाम से पंजीकृत सिम कार्ड के बारे में भी उसने गोलमोल जवाब दिया है. लेकिन सुखदीप कौर ने हनीप्रीत का भांडा फोड़ते हुए कहा है कि उसका मोबाइल फोन पंजाब के तरनतारन के किसी गांव में है. हालांकि पुलिस को अभी यह मालूम नहीं है कि यह मोबाइल फोन नष्ट कर दिया गया है या फिर किसी के सुपुर्द कर दिया गया है.
गौरतलब है कि 38 दिनों के सफर के दौरान ज्यादातर समय यह दोनों महिलाएं एक साथ रही हैं. सुखदीप ही हनीप्रीत की गाड़ी चलाती थी और हनीप्रीत शीशे पर तौलिया रखकर उसे निर्देश देती थी.
पीएम मोदी से शादी करने के लिए धरने पर बैठी ये महिला…

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महिला पिछले एक महीने से धरने पर बैठी है. जयपुर की रहने वाली महिला ये धरना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शादी करने के लिए दे रही है.
44 वर्षीय ओम शांति शर्मा जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गईं हैं और उनकी मांग है कि वो पीएम मोदी से शादी करना चाहती हैं. ओम शांति अपने साथ पीएम की तस्वीर और एक बैनर लेकर बैठी हैं जिस पर उन्होंने अपनी ख्वाहिश लिख रखी है.
उनका कहना है कि उनके पति ने उन्हें धोखा दिया और अब पीएम ही उनका दुख समझ सकते हैं. जब उनसे पूछा गया कि वो पीएम मोदी से शादी क्यों करना चाहती हैं तो उन्होंने कहा कि मेरी बात सुनकर लोग मुझपर हंसते हैं. मुझे सबने ठुकरा दिया. मैं पीएम की सेवा करना चाहती हूं. वो भी मेरी तरह अकेले हैं.
ओम शांति आगे कहती हैं कि पीएम का व्यवहार अच्छा है और वो गरीबों और दुखियों की आवाज सुनते हैं इसलिए मैं उनसे प्रभावित हूं. बता दें कि ओम शांति 8 सितंबर से यहां धरने पर बैठी हैं और यहीं रहती हैं. उनकी ख्वाहिश है कि पीएम एक बार आकर उनसे मिले तो वो अपना धरना खत्म कर देंगी.
ओम शांति की मानें तो उनके पति ने 1989 में उन्हें शादी के एक साल बाद ही छोड़ दिया था, वे तब से अकेली हैं. उन्होंने हमें यह भी बताया कि उन्हें कई लोगों ने शादी का प्रस्ताव दिया पर उन्हें प्रधानमंत्री मोदी में ही वो बात नजर आई.
बाहुबली प्रभाष और देवसेना अनुष्का में क्या चल रहा है?
बाहुबली फेम प्रभास और अनुष्का शेट्टी के रिलेशन के बारे में जानने के लिए हर कोई बेताब है। दोनों के लिंकअप की खबरें काफी वक्त से आ रही है। कहा जाता है कि प्रभास औऱ अनुष्का काफी वक्त से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं।
लेकिन हाल ही में प्रभास ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने औऱ अनुष्का के रिश्तों पर बात की है। अभी कुछ वक्त पहले ही खबर आई है कि ये दोनों दिसंबर में सगाई करने जा रहे हैं। वहीं अब इन दोनों के बीच क्या है ये अबतक साफ नहीं हो पाया है। प्रभास ने एक इंटरव्यू में कहा कि, वो इन अफवाहों को सुन-सुनकर परेशान हो गए हैं। वो नहीं जानते कि ये खबरें कहां से आती हैं। इन खबरों से अनुष्का भी परेशान होती होगी, लेकिन अब दोनों ने इन खबरों पर रिएक्शन देना बंद कर दिया है।
प्रभास ने इस दौरान अपने और अनुष्का के रिश्तों को लेकर कहा कि, हम लोग पिछले 9 सालों से एक-दूसरे के दोस्त हैं। हम फैमिली फ्रेंड्स हैं और पिछले काफी सालों से एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन जब ऐसी खबरें आती हैं तो मैं वाकई सोच में पड़ जाता हूं कि क्या सही में हमारे बीच कुछ है। लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता है। इसके साथ ही प्रभास ने बताया कि इस तरह की बातें अब इंड्स्ट्री में आम हो गई हैं। अगर आप किसी को स्टार के साथ काम करते हो तो आपका नाम उससे जोड़ दिया जाता है। खैर अब प्रभास की बातें तो कुछ और ही कह रही हैं। इसका मतलब साफ हो चला है कि बाहुबली अपनी देवसेना को फिलहाल प्रभास साहो में बिजी हैं, जिसमें उनके साथ श्रद्धा कपूर उनके साथ हैं।भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टी-20 मैच आज रांची में
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज से तीन मैचों की टी-20 सीरीज शुरू हो रही है. इस सीरीज का पहला मैच आज रांची के जेसीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा. तीन मैचों का टी-20 सीरीज के लिए दोनों ही टीमों ने कमर कस ली है, इसलिए मुकाबला जोरदार होने की उम्मीद है. दोनों टीमों के लिए टी-20 के माहौल में ढलना होगा, क्योंकि दोनों ही टीमों ने पांच मैचों की सीरीज खेली है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के लिए इस माहौल में ढलना कोई बड़ी बात नहीं होनी चाहिए. दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों के पास टी-20 में आपार अनुभव है. ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों के पास इस सीरीज में जीत हासिल करके अपनी साख बचाने का मौका होगा. ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत के दौरे पर टेस्ट और वनडे सीरीज पहले ही हार चुकी है, इसलिए टी-20 सीरीज में यह टीम जरूर जीतना चाहेगी. वहीं, भारतीय टीम के पास टी-20 में अपनी रैंकिंग सुधारने का मौका होगा. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 13 टी-20 मैच हुए हैं, जिसमें भारत ने 9 में तो ऑस्ट्रेलिया ने 4 मैचों में जीत हासिल की है.
पांच वनडे मैचों की सीरीज में आस्ट्रेलिया को 4-1 से मात देने के बाद मेजबान भारत आज से शुरू हो रही टी-20 सीरीज में भी अपने इसी प्रदर्शन को कायम रखना चाहेगी. भारतीय टीम में आशीष नेहरा, दिनेश कार्तिक और शिखर धवन की वापसी हुई है. इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी में भारत अपने विपक्षी के सामने और मजूबती के साथ उतरेगा. वनडे सीरीज में हार्दिक पांड्या, चाइनामैन कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने ऑस्ट्रेलिया को पूरी सीरीज में परेशान किया था. बता दें कि रांची का जेसीए स्टेडियम पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का होम ग्राउंड भी है.
भारत के लिए 38 साल के नेहरा का टीम में वापसी करना अहम साबित होगा. नेहरा, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की तिगड़ी भारत को तेज गेंदबाजी में अच्छे विकल्प मुहैया कराएगी. पत्नी की तबियत खराब होने के कारण वनडे सीरीज से बाहर रहे धवन सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे. हालांकि, वनडे सीरीज में उनकी गैरमौजूदगी में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले अंजिक्य रहाणे को टीम में नहीं चुना गया है. धवन अपने पुराने जोड़ीदार रोहित शर्मा के साथ एक बार फिर नजर आ सकते हैं.
परीक्षाओं में बढ़ा-चढ़ाकर नंबर देना करें बंद-MHRD
नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शनिवार को राज्यों और सीबीएसई को परामर्श जारी कर कहा कि वे अगले साल से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बढ़ा-चढ़ाकर नंबर देने का चलन बंद करें. बहरहाल, मॉडरेशन नीति पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया और यह चलन जारी रहने की संभावना है. ऐसे छात्रों को कृपांक (ग्रेस मार्क्स) देने का चलन जारी रहेगा जिन्हें परीक्षा पास करने के लिए कुछ ही अंकों की जरूरत हो. लेकिन स्कूल और राज्य बोर्ड की वेबसाइटों पर यह सूचना देनी होगी.
स्कूल शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप की ओर से जारी परामर्श में कहा गया, ‘‘इकट्ठे मार्क्स (बंचिंग ऑफ मार्क्स) देना और उन्हें बढ़ाकर देने से परहेज करना चाहिए. ग्रेस मार्क्स देने का चलन जारी रहना चाहिए ताकि कुछ ही नंबर से फेल होने की कगार पर खड़े छात्रों को पास किया जा सके.’’
मॉडरेशन नीति के तहत छात्रों को ऐसे विषयों में अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं जिन्हें बेहद मुश्किल माना जाता है या प्रश्न-पत्रों के सेटों में अंतर होते हैं. जबकि ‘स्पाइकिंग’ के तहत बोर्डों की ओर से काफी बढ़ा-चढ़ाकर अंक दिए जाते हैं ताकि पिछले साल की सांख्यिकी के संबंध में पास प्रतिशत में समानता लाई जा सके. सीबीएसई और 32 अन्य बोर्डों ने 24 अप्रैल को एक बैठक में मॉडरेशन नीति रद्द करने पर आम राय कायम की थी. बहरहाल, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई से कहा था कि वह नीति को रद्द नहीं करे. न्यायालय ने कहा था कि बीच में बदलाव लागू करने की सलाह नहीं दी जा सकती.
केंद्र ने 2018 में 12वीं परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों के लिए एकसमान मार्किंग सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का भी गठन किया है ताकि बढ़ा-चढ़ाकर नंबर दिए जाने के चलन को बंद किया जा सके.
सीबीएसई के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी इस समिति के सदस्य हैं. समिति में गुजरात, जम्मू-कश्मीर, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मणिपुर और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) बोर्डों के अधिकारी इसमें सदस्य के तौर पर शामिल हैं. यह समिति 24 अप्रैल को हुई बैठक में लिए गए निर्णयों से पैदा होने वाले मुद्दों का समाधान करेगी.
स्कूल के गार्ड ने 4 बच्चों पर शराब डालकर जिंदा जलाया, 50 लोग घायल

रियो डी जनेरियो। भारत हो या विश्व का कोई भी देश स्कूलों पर सरकार और प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है. हाल ही में दिल्ली से सटे गुरूग्राम में रेयान इंटरनेशल स्कूल में एक छात्र की हत्या की गई थी. अब ब्राजील के एक स्कूल में गार्ड ने स्कूल के 4 बच्चों पर शराब डाल कर जिंदा जला दिया.
यह घटना गुरुवार को ब्राजील के जनौबा शहर में हुई. स्कूल के गार्ड ने शराब डालकर चार बच्चों को जिंदा जला दिया और उसके बाद खुद को भी आग के हवाले कर दिया. इस हमले में 50 अन्य लोग घायल हुए हैं.
स्थानीय अस्पताल के निदेशक ब्रूनो एटाइड सैंटोस ने बताया कि करीब 50 लोगों को भर्ती कराया गया है. जिनमें से 25 जली हुई अवस्था में हैं और 15 सदमे में हैं. 50 वर्षीय गार्ड ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया. घटना के समय नर्सरी स्कूल में करीब 80 बच्चे मौजूद थे.
अस्पताल में बाकी के मरीजों में 14 बच्चे हैं, जिनकी उम्र चार से पांच साल है और बाकी स्कूल का स्टाफ है. इनमें से सभी 20 फीसदी से अधिक जल गए हैं. हमलावर स्कूल में 2008 से रात के समय चौकीदारी करता रहा है और कथित तौर पर अवसाद से जूझ रहा था.
राज्य के महापौर और पुलिस के मुताबिक, स्कूल में एक सुरक्षाकर्मी ने बच्चों पर शराब डाल दी और फिर उनमें आग लगा दी.
राष्ट्रपति मिशेल टेमर ने इस भयावह घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट कर कहा, मुझे जनौबा में हुई इस घटना पर खेद हैं, इसमें बच्चों को भी निशाना बनाया गया है. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं.
जीएसटी की नई दरों से जानिए क्या-क्या होगा ‘सस्ता’
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने के 3 महीने बाद समिति ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शुक्रवार को 22 वीं परिषदीय बैठक में कई अहम फैसले लिए. छोटे एवं मझोले उद्यमों को कर के भुगतान और रिटर्न दाखिल करने के मामले में बड़ी राहत देने के अलावा निर्यातकों के लिए नियमों को आसान बनाया. सालाना 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों को हर महीने के बजाय अब तिमाही रिटर्न भरनी होगी. आम उपयोग वाली 27 वस्तुओं पर जीएसटी की दर में भी कटौती की गई है, इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को होगा. राजधानी में हुई इस बैठक में वित्त मंत्री ने जीएसटी की समीक्षा के लिए पैनल बनाए जाने की घोषणा की है.
आइए जानते हैं इसके बाद उपभोक्ताओं को किन चीजों पर फायदा होगा-
1. कलम, पेंसिल जैसे स्टेशनरी के सामान पर अब 28 की बजाए 18 फीसदी जीएसटी लगेगा.
2. बिना ब्रांड वाले नमकीन, अमचूर, आम पापड़ और खाकरा आदि पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है.
3. आयुर्वेदिक दवाओं पर 12 की जगह अब 5 फीसदी जीएसटी लागू होगा.
4. डीजल इंजन और पंप के कलपुर्जों पर जीएसटी की दर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत रह गई है.
5. एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत स्कूली बच्चों को दिये जाने वाले खाने के पैकेट पर जीएसटी 12 प्रतिशत के बजाए अब 5 प्रतिशत लगेगा.
6. कपड़ा क्षेत्र में उपयोग होने वाले मानव निर्मित धागे पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है.
7. मार्बल और ग्रेनाइट को छोड़कर फर्श में लगने वाले पत्थर में 28 की जगह 18 फीसदी जीएसटी लगेगा.
8. ई-कचरे पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है.
9. जरी के काम और प्रिंटिंग सामान पर अब 12 प्रतिशत के बजाए 5 प्रतिशत कर लगेगा.
10. ‘कंपोजिशन’ योजना अपनाने वाली कंपनियों के लिये भी कारोबार की सीमा 75 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है.
महिला ने दिया कैब में बच्चे को जन्म, ओला ने दी 5 साल तक फ्री राइड
पुणे। एक प्रेग्नेंट महिला ने दो अक्टूबर को ओला कैब में सफर दौरान बच्चे को जन्म दिया. महिला ने कैब की पीछे वाली सीट पर बच्चे की डिलिवरी की वहीं इस दौरान कैब के ड्राइवर यशवंत गलांडे बेहद सावधानी से गाड़ी चलाते रहे. यही नहीं ड्राइवर ने महिला को सकुशल पुणे के मंगलावर पेठ स्थित कमला नेहरू अस्पताल में भी पहुंचाया.
खबर के मुताबिक महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसके पति ने ओला कैब बुलाई थी. जब ड्राइवर को महिला की स्थिति का अंदाजा हुआ तो उन्होंने बच्चे की सुरक्षित डिलीवरी के लिए गाड़ी इस तरह चलाई ताकि महिला को कोई झटका या धक्का न लग पाए. ड्राइवर ने द हिंदू को बताया, टिंबर मार्केट पहुंचने के बाद मुझे बच्चे के रोने की आवाज आई. खुशकिस्मती यह रही कि उस दिन गांधी जयंति होने की वजह से राष्ट्रीय अवकाश था. छुट्टी की वजह से उस दिन मुझे पुणे के भयानक ट्रैफिक का सामना नहीं करना पड़ा.
महिला के घरवालों ने ड्राइवर के प्रति आभार जताया है. अस्पताल से छुट्टी मिलने के महिला और नवजात बच्चे को ड्राइवर ने घर तक भी छोड़ा. यही नहीं कैब कंपनी ओला ने महिला और बच्चे को अगले पांच सालों के लिए फ्री राइड्स का तोहफा भी दिया है. यानी कि मां और बच्चा बिना पैसों के अगले पांच साल तक कभी भी फ्री में ओला कैब से सफर कर सकते हैं. ओला ने बच्चे के नाम पर कूपन बनाया है, जिसका इस्तेमाल राइड बुक करते समय करना होगा.
अभिनेता प्रकाश राज के पक्ष में खड़ी हुई मायावती
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने मोदी सरकारी जनविरोधी नीतियों की निंदा की है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की निरंकुशता और कानून का अनुचित उपयोग लोकतंत्र की हत्या है.
मायावती ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने पर विभिन्न धाराओं में मुकदमें दर्ज करने की नई परम्परा शुरु हो गयी है. यह लोकतन्त्र का गला घोंटने जैसा है. भाजपा सरकार की तानाशाही कर रही है. दक्षिणी भारत के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज पर मुकदमा और उत्तर प्रदेश के शामली में दलित युवक की इसी संबंध में गिरफ्तारी यह साबित करती है कि भाजपा सरकार निरंकुश होती चली जा रही हैं.
मायावती ने कहा कि केन्द्र सरकार ने दूरदर्शन और आकाशवाणी को ’हिज़ मोदी वायस’ बनाकर उसका महत्व ही समाप्त कर दिया है. जबकि प्राइवेट मीडिया चैनलों पर अप्रत्यक्ष नियन्त्रण करके उसकी स्वतन्त्रता को खत्म करने का प्रयास लगातार जारी है. इतना ही नहीं निष्पक्ष विचार रखने वाले लेखकों, साहित्यकारों व पत्रकारों को अलग-अलग ढंग से निशाना बनाया जा रहा है.
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यह सब ऐसी घातक प्रवृत्ति है, जिससे लोकतन्त्र को खतरा पैदा हो रहा है. इस संबंध में न्यायपालिका का हस्तक्षेप होना चाहिए ताकि भाजपा सरकार निरंकुशता के व्यवहार पर अंकुश लगाया जा सके. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और आरएसएस की संकीर्ण सोच का ही परिणाम है कि समाज के दबे-कुचले लोगों को पहले जातिवादी और धार्मिक निरंकुशता का शिकार बनाया जाता है. गुजरात में गरबा का कार्यक्रम देखने पर दलित युवक की हत्या कर दी जाती है. दलित युवकों द्वारा मूंछ रखे जाने पर उन्हें सरकारी संरक्षण में अनेकों प्रकार की जुल्म-ज्यादती का शिकार बनाया जाता है.
मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार के मुखिया की ग़लत नीतियों के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त करने पर सरकारी निरंकुशता के तहत उसे जेल भेज दिया जाता है. जबकि खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाने वालों व अन्य संगीन अपराध करने वाले भाजपाई तत्वों का सात खून माफ कर दिया जाता है और उनको संरक्षण देने वाले हर प्रकार के बयान दिये जाते हैं. देश में यह विनाशक प्रवृत्ति बहुत तेज़ी से पनपती चली जा रही है, जो समाज व देश के लिये अत्यन्त ही घातक है. भाजपा एण्ड कम्पनी के लोग अपने आपको कानून व संविधान से ऊपर समझने लगे हैं, जिसके खिलाफ संघर्ष व लोगों का जागरुक होना ज़रुरी है.
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकारों द्वारा जनहित व जनकल्याण की घोर अनदेखी करने की प्रवृति का ही परिणाम है कि इनके तमाम मंत्रीगण व इनके बड़े नेता आदि जनसेवा को राजधर्म मानकर उस खास बड़ी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ निभाने के बजाय अपना समय व सरकारी संसाधन अन्यत्र ऐसी जगह बर्बाद करते हुये नज़र आते हैं जिसका कोई भी लाभ गरीबों, किसानों, बेरोजगार युवाओं व देश की आमजनता को मिलने वाला नहीं है.
सपना चौधरी ने बिहार की ज्योति को दी चपलों से धुनाई करने की धमकी
बिग बॉस सीजन-11 में इस बार कुछ ऐसे कंटेस्टेंट्स ने भाग लिया है जिनका गुस्सा हमेशा नाक पर रहता है. हम बात कर रहे हैं हरियाणवी डांसर सिंगर सपना चौधरी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के दामाद जुबैर खान और दिल्ली के मुनीष की. ये तीनों ऐसे शख्स है जिनकी पिछली लाइफ में झांक कर देखें तो ये कहने में जरा भी संदेह नहीं होगा कि ये आने वाले दिनों में किसी भी प्रतिभागी पर हाथ छोड़ सकते हैं. सपना चौधरी के बारे में तो यहां तक सुनने में आया कि वो कई बार अपने प्रोग्रामों के दौरान भी लोगों को चप्पल लेकर मारने दौड़ चुकी हैं. ऐसे में बिग बॉस के घर में पिछले दिनों जो देखने में आया वह दर्शकों को भले ना चौंकाता हो, लेकिन बिग बॉस के लिए सपना को शांत करना एक बड़ी चुनौती होगी.
सपना ने खुलेआम ऐलान कर दिया है कि वह बिहार की कॉमनर कंटेस्टेंट ज्योति की चप्पलों से धुनाई कर देगी. ये वही सपना है जो एक दिन पहले प्रतिभागी ज्योति को संस्कारों और तमिज का पाठ पढ़ा रही थी और अगले ही दिन सारी मर्यादाओं को तोड़कर ज्योति को लेकर जो जो कहा वह हैरान कर देने वाला है. ऐसे में क्या बिग बॉस सलमान खान के सामने भी सपना को शांत करने की बड़ी चुनौती होगी. ऐसे में कई सवाल उठते है. क्या बिग बॉस सलमान खान बड़ों से तमिज से बात करने की बात करने वाली सपना को हाथ छोड़ने की बात पर कोई सबक सिखाएंगे? या फिर सपना जो कहती है वो करके दिखाएंगी?
बता दें कि बिग बॉस का तीसरा दिन झगड़ों और हंगामे के नाम रहा. दिन खत्म होते होते सपना चौधरी और ज्योति के बीच बहस हो गई. स्टेज पर प्यारी सी मुस्कान लिए खड़ी सपना अपनी इमेज तोड़कर खतरनाक रूप में सामने आती हैं. उन्हें बिहार की बेटी से सेंस ऑफ ह्यूमर कुछ रास नहीं आया. वह ज्योति को पागल कहते हुए उसे चपल्लों से पीटने की बात करने लगी. ऐसे में घर के दूसरे सदस्य इस मामले में सपना को और उकसाते रहे और हंसते रहे. वहीं शिल्पा शिंदे ने ज्योति को ‘बदतमीज’ बनने की सलाह दे डाली. कुल मिलाकर धीरे-धीरे सबके चेहरों की परत उतरती जा रही है. आप तय नहीं पाएंगे कि कौन कैसा है.
कंगारुओं के खिलाफ टी-20 के लिए तैयार है विराट ब्रिगेड
ऑस्ट्रेलिया पर वनडे सीरीज में 4-1 से दमदार जीत के बाद विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया आत्मविश्वास से भरी है. विराट ब्रिगेड शनिवार को कंगारुओं से 3 मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में भिड़ेगी. यह मुकाबला टीम इंडिया को दूसरा क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलाने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के गृह नगर रांची में खेला जाएगा. ऐसे में टीम इंडिया इस मैच को जीतकर सीरीज में 1-0 से बढ़त लेने के साथ धोनी के घर में खेले जाने वाले इस मैच को खास बनाना चाहेगी.
विराट ब्रिगेड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करके आईसीसी वनडे रैंकिंग में अपनी बादशाहत हासिल की थी. ऐसे में अब टी-20 रैंकिंग में पांचवें नंबर पर काबिज टीम इंडिया का लक्ष्य तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप करके अपनी रैंकिंग और भी बेहतर करने पर होगी. कंगारुओं के खिलाफ 3-0 से जीत के साथ ही टीम इंडिया टी-20 रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंच जाएगी.
टीम इंडिया में 38 साल के अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा की वापसी हुई है, जिन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच फरवरी में खेला था. वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ उन्हें मौका नहीं दिया गया था. उनके साथ ही विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को ऋषभ पंत पर तरजीह दी गई है. श्रीलंका के खिलाफ टी-20 खेलने वाली टीम में से शार्दुल ठाकुर और अजिंक्य रहाणे को छोड़कर लगभग उसी टीम को रिटेन किया गया है.
विस्फोटक ओपनर शिखर धवन ने टीम में वापसी की है, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर रहे थे. धवन और रोहित शर्मा से भारत को अच्छी शुरूआत की उम्मीद होगी. रोहित शानदार फॉर्म में हैं, जिन्होंने वनडे सीरीज में एक शतक और दो अर्धशतक की मदद से सबसे ज्यादा 296 रन बनाए थे. वहीं श्रीलंका दौरे पर धमाका करने वाले शिखर धवन से भी तूफानी पारी की उम्मीद होगी.

