रिजर्व बैंक ने कहा की लॉकर में रखे सामान गायब हुए तो बैंक जिम्मेदार नहीं

रिजर्व बैंक ने आदेश जारी किया है जिसे सुनने के बाद लोग बेहद चितिंत हैं. बैंक का कहना है कि अगर आपका कीमती सामना बैंक लॉकर से गायब होता है इसके लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा. एक आरटीआई के माध्यम से यह खुलासा हुआ है कि भारतीय रिजर्व बैंक और 19 सार्वजनिक बैंकों ने आपका सामान सुरक्षित रखने की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है.

जानकारी में यह भी पता चला है कि बैंक लॉकर से जुड़े समझौते के समझोतो में बैंक लॉकर में रखे आपके कीमती सामन की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है और आपका सामान गायब होने पर बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है. आरबीआई और 19 सार्वजनिक बैंकों की ओर से हुए इस खुलासे के बाद आरटीआई आवेदक वकील कुश कालरा ने सीसीआई यानी भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है. इस शिकायत में उन्होंने कहा है कि लॉकर सर्विस के मामले में बैंक कार्टेलाइजेशन कर रहे हैं और वह बाजार प्रतिस्पर्द्धा के खिलाफ व्यवहार कर रहे हैं.

लॉकर सुरक्षा संबंधित मामले में ग्राहक और बैंक के बीच होने वाले समझौते में यह स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि  बैंक युद्ध, देश में फैली अराजकता, चोरी, सेंधमारी की स्थिति में बैंक लॉकर में रखे सामान के नुकसान या इसके नष्ट होने की जिम्मेदारी नहीं लेता है. लॉकर में रखे सामना की जिम्मेदारी खुद ग्राहक की होगी.

देशभर में ईद की धूम

पूरे  भारत देश में ईद का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद के मौके पर ट्वीट कर देशवासियों को ईद की बधाई दी, उन्होंने लिखा है कि पवित्र माह रमजान के बाद मनाया जाने वाला ईद समाज में भाईचारे एवं सौहार्द का प्रतीक है. तो वहीं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ईद के शुभ मौके पर आशा व्यक्त की कि यह ईद सभी के जीवन में समृद्धि लाएगा और एकता और भाईचारे में हमारे विश्वास को सुदृढ़ करेगा, जो भारत की समग्र सांस्कृतिक विरासत रहा है.

वहीं जम्मू के श्रीनगर में लगातार हो रही हिंसा के बीच सोमवार सुबह ईद की नमाज अदा की गई. यहां भी लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ईद के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कश्मीर के लोगों को अमन और चैन की बहाली का संदेश दिया है. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर के हमारे भाइयों बहनों, बुजुर्गों, नौजवानों और बच्चों को तहे दिल से ईद की मुबारकबाद देता हूं. मैं विश्वास करता हुँ की अच्छाइयों और इंसानियत का ये त्योहार कश्मीर में अमन चैन और मेलजोल और खुशहाली का माहौल बढ़ाने में मददगार साबित होगा .

ईद पर जुनैद के गांव में  काली पट्टी बांधकर पढ़ी गयी नमाज

में ईद का जश्न मन रहा है तो एक जगह ऐसी भी है जहां मातम पसरा हुआ है. ट्रेन में नफरती हिंसा का शिकार हुए जुनैद के घर और हरियाणा के उस गांव में ईद के दिन खुशी नहीं है. परिवार और उसके गांव के लोग मिलकर मौत का इंसाफ मांग रहे हैं. ईदगाह पहुंचे सभी गांव वालों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांध कर नमाज अता की और जुनैद की हत्या का विरोध किया.

जुनैद हाफिज़ गुरुवार की रात लोकल ट्रेन से दिल्ली से बल्लभगढ़ जा रहे थे. उनकी उम्र 16 साल थी. ट्रेन में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला. जुनैद,  उनके भाई हाशिम और शाकिर और पड़ोसी दोस्त मोहसिन दिल्ली के सदर बाज़ार से ईद की खरीदारी कर घर लौट रहे थे. जब वो ट्रेन में चढ़े तो ट्रेन पूरी तरह खाली थी,  तो उन्हें बैठने के लिए सीट भी मिल गई. आगे चलकर ओखला में 20-25 लोग ट्रेन में चढ़े थे. चढ़ने में धक्का मुक्की हुई. उसी में जुनैद को धक्का लगा तो वो नीचे गिर गए. इस पर जुनैद ने कहा कि धक्के क्यों मार रहे हो. उन्होंने उनके सर पर टोपी देख कर कहा कि तुम मुसलमान हो, देशद्रोही हो, तुम पाकिस्तानी हो, मांस-मीट खाते हो. उन लोगो ने सर से टोपी हटा दी और उनकी दाढ़ी पकड़ने की कोशिश की. जब उन्होंने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने मार-पीट शुरू कर दी.

अगला स्टेशन तुगलकाबाद आने तक वो उन्हें मारते रहे. वहां से उन लोगों ने अपने भाई को फ़ोन किया और मदद के लिए बुलाया. उनके बड़े भाई बल्लभगढ़ स्टेशन पहुंचे. लेकिन बल्लभगढ़ पहुंचने पर उन लोगों ने उन्हें ट्रेन से उतरने नहीं दिया. वो नीचे गिरा कर उनके ऊपर चढ़े गए. जब उनके भाई उन्हें बचाने के लिए ट्रेन पर चढ़े तो उन लोगों ने उन्हें अंदर खींच लिया और उनके साथ भी मार पिटाई की.

बल्लभगढ़ से कुछ लोग ट्रेन से उतरे और यहां से आगे ट्रेन चालू हुई तो उन लोगों ने चाकू निकाल लिया और शाकिर को मारना शुरू किया. जुनैद ने बीचबचाव किया तो उन्होंने जुनैद को भी मारा. जुनैद को उन्होंने इतना मारा था कि वो नीचे गिर गए. उन्हें लगा कि जुनैद मर गए हैं तो अगले स्टेशन असावटी में उन्हें फेंक दिया. इसके बाद वो ट्रेन की पिछली साइड से उतरे जबकि हम प्लेटफॉर्म से उतरे.

फिर उन लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया. जब ओखला से ट्रेन चली थी तो 20-25 ही लोग थे, लेकिन धीरे-धीरे ट्रेन में भीड़ हो गई और उन्हें छोड़ कर पूरा डिब्बा गैर मुसलमानों से भरा था. पूरे डिब्बे के लोग एक हो गए थे. सब लोगों ने कहा ये मुसलमान हैं, देश द्रोही हैं इनको मारो.

वहीं हरियाणा के डीसीपी विष्णु दयाल ने कहा कि वारदात रात में हुई और दूसरा ट्रेन में मौजूद लोगों को भी मदद करनी चाहिए थी. साथ ही कहा कि खांडावली गांव के लोगों ने काली पट्टी नहीं बांधी , बल्कि बाहर से लोग इस गांव में काली पट्टी बांधकर आए हैं. उनका कहना था वो इसी गांव से ताल्लुक रखते हैं ना कि बाहर के , तो हम उनके साथ है. उन्होंने बताया कि, इस मामले में अभी एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है बाकी कुछ आरोपी आरोपियों की पहचान हो गई है. उनको जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. वही गांव वालों ने इस शोक में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज किया. इस तरह का विरोध दूसरे अन्य शहरों में भी किया गया.

टीम इंडिया ने विंडीज को 105 रन से हराया

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पोर्ट ऑफ स्पेन। वेस्टइंडीज़ में चल रही वनडे सीरीज के दूसरे वनडे में भारत ने आसानी से वेस्टइंडीज़ को हरा दिया. बारिश से बाधित इस मैच में टीम इंडिया 105 रनों से जीती. टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को क्वींस पार्क ओवल, पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए दूसरे वनडे मैच में 105 रनों से मात देकर पांच मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है. बारिश से बाधित यह मैच 43-43 ओवर का कर दिया गया था. जिसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 43 ओवर में 5 विकेट गंवा कर 310 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 311 रनों का लक्ष्य दिया था.

जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 43 ओवर में 6 विकेट गंवा कर 205 रन ही बना पाई और भारत ये मैच 105 रनों से जीत गया. वेस्टइंडीज की ओर से शाई होप ने सबसे ज्यादा 81 रन बनाए वहीं रोस्टन चेस ने 33 रनों की पारी खेली. भारत की ओर से कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. अजिंक्य रहाणे को उनकी बेहतरीन 103 रनों पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया.

ईद पर भी नहीं माने पत्थरबाज, CRPF कैंप पर हमला

अनंतनाग। ईद के त्योहार के मौके पर भी कश्मीर में पत्थरबाज अपनी हरकत से बाज नहीं आए. कश्मीर के अनंतनाग की जंगलातमंडी में लोगों ने सीआरपीएफ कैंप पर पत्थरबाजी की. जिसके बाद फोर्स ने उनपर आंसू गैस भी छोड़ी. पत्थरबाज वहां पर मूसा के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे. ईदगाह के पास पत्थरबाजी के दौरान दो सीआरपीएफ जवान घायल हो गए हैं. इसके अलावा घाटी में कई जगहों पर पत्थरबाजी की खबरें सामने आ रही हैं. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इंडिया टुडे द्वारा पत्थरबाजों पर किए गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया.

श्रीनगर में पत्थरबाजों ने ईद के दिन भी CRPF के जवानों पर हमला किया. श्रीनगर के ईदगाह का इलाके में पत्थरबाजों ने नमाज के पहले सुरक्षा के लिए तैनात CRPF की टुकड़ी पर हमला किया. CRPF के साथ-साथ जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों पर पत्थरबाजों ने पत्थर बरसाए. पत्थरबाजी में CRPF के 2 जवान घायल हो गए. खबर यह भी है कि इस पत्थरबाजी में स्थानीय पुलिस के 4 जवान और 1 आम नागरिक भी घायल हो गए हैं. पत्थरबाजों के झुंड को भगाने के लिए सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. लगभग 100 पत्थरबाजों के हुजूम ने CRPF जम्मू कश्मीर पुलिस पर नमाज शुरु होने से पहले ही ईद गाह इलाके में पत्थर बरसाने शुरू कर दिया.

सीआरपीएफ कमांडेंट भावेश चौधरी ने आज तक से बातचीत में कहा पत्थर बाजों ने ईदगाह इलाके में नमाज शुरु होने से पहले ही जवानों पर पत्थरों से हमला शुरु कर दिया. भावेश चौधरी ने कहा कि पत्थरबाजों ने नमाज शुरु होने से पहले ही सुरक्षा के लिए तैनात सीआरपीएफ जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों पर हमला कर दिया जिसमें सीआरपीएफ के 2 जवान, कश्मीर पुलिस के 4 जवान और 1 आम नागरिक घायल हो गए हैं. पत्थर बाजों ने ईद के पवित्र दिन भी हिंसा करते हुए अपना असली चेहरा आवाम के सामने रख दिया है.

आपको बता दें कि पिछले कई दिनों से लगातार कश्मीर का माहौल बिगड़ा है. अभी हाल ही में कश्मीर के नौहटा में नमाज के दौरान ड्यूटी कर रहे DSP मोहम्मद अयूब पंडित की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. जिससे माहौल बिगड़ा है.

मूसा ने किया था बड़ा खुलासा जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से लगातार आतंकियों के खिलाफ सेना बड़ी कार्रवाई कर रही है. कई आतंकी मारे भी गए हैं. अब इसको लेकर तालिबान-ए-कश्मीर के लीडर ज़ाकिर मूसा ने बड़ा खुलासा किया है. मूसा का कहना है कि आर्मी ने पिछले 7 दिनों में जिन आतंकियों को मारा है, उनमें से अधिकतर की जानकारी खुद उसने ही सेना को दी थी. मूसा ने कहा कि हाल ही में दो ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के जुनैद मट्टू और निसार अहमद जैसे लोगों के बारे में उसने ही जानकारी दी थी. मुसा के ग्रुप की ओर से एक वीडियो जारी कर इस बात की जानकारी दी गई.

पत्रिका के पांच साल और वेब चैनल के शानदार आगाज के गवाह बनें सैकड़ों लोग

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बामसेफ, डी. एस. फोर व बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक बहुजन नायक मान्यवर कांशी राम जी अपने भाषणों में अक्सर कहते थे कि अगर बहुजन समाज के पढे-लिखे नौकरी पेशा लोग अपना थोड़ा सा पैसा, थोड़ा सा समय और थोड़ा सा दिमाग भी समाज को दे दें तो हम इस देश में बहुत बड़ा आन्दोलन खड़ा करके अपनी सरकारें बनाकर समाज के प्रत्येक हिस्से के सभी अधिकारों को सुरक्षित रख सकते हैं. कांशी राम जी के इसी फार्मूले से पाँच साल पहले शुरू हुई “दलित दस्तक” पत्रिका आज अपने लाखों पाठकों के साथ जवानी की परवान चढ़ रही है और मुख्यधारा की मीडिया से टक्कर ले रही है. विगत 24 दिसंबर को दलित दस्तक ने अपना वेब चैनल भी लांच कर दिया. दलित दस्तक नाम से शुरू हुए इस वेब चैनल को यू-ट्यूब पर देखा जा सकता है. बहुजन नायकों, बहुजन आंदोलन और तथागत बुद्ध को समर्पित एक प्रोमो के जरिए वेब चैनल को लांच किया गया. इसकी लॉन्चिंग देश के संसद भवन के पास स्थित कॉस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में हुई.

देश में प्रचलित छोटे-बड़े लगभग 800 चैनलों के बीच दलित दस्तक वेब पोर्टल भी सामने है. यहां दीगर बात यह है कि सामाजिक, राजनैतिक व धार्मिक क्षेत्रों के संघर्ष में दलित-बहुजन समाज में काफी अनुभव व उदाहरण नजर आते हैं, परन्तु मीडिया के क्षेत्र में बहुजन समाज ने सही ढंग से पदार्पण भी नहीं किया है तो फिर उदाहरण का तो सवाल ही नहीं उठता, हां पत्रकारिता क्षेत्र में उदाहरण मिल सकते हैं.

इतिहास में दर्ज होने लायक इस ऐतिहासिक घटना में मुख्य अतिथि चिन्तक व विचारक आनन्द श्री कृष्ण जी थे, जबकि वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश जी व बौद्ध चिन्तक बौद्धाचार्य शान्तिस्वरूप बौद्ध विशिष्ठ अतिथि के तौर पर शामिल हुए. विचारक, चिंतक व समाजशास्त्री प्रो. विवेक कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. कार्यक्रम का संचालन दलित दस्तक के संपादक मंडल की सदस्य डॉ. पूजा और मुंबई में बतौर कलाकार काम करने वाले रंगकर्मी मानवेन्द्र ने किया.

श्रोताओं और दर्शकों से खचाखच भरे दिल्ली के संभ्रान्त क्लबों में एक कांस्टीटयुशन क्लब में यू.पी, उतराखण्ड, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, छतीसगढ़, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित तमाम अन्य हिस्सों से भी लोग मौजूद थे. कार्यक्रम की खास बात तमाम बड़े साहित्यकारों-लेखकों की मौजूदगी भी रही. सिर्फ सोशल मीडिया और फोन के माध्यम से बात करने भर से ही बहुजन समाज के पढ़े-लिखे विद्वानों, चिन्तकों, सामाजिक-धार्मिक कार्यकर्ताओं, लेखकों इत्यादि का दिल्ली और दिल्ली के बाहर से पहुंचना कुछ ना कुछ तो दर्शा रहा था. इस विषय पर बहुत से तर्क व विचार हो सकते हैं. इन सब के बीच में एक विचार यह भी है कि ये लोग किसी मनुवादी पार्टी के विरोध में नहीं या किसी अन्य के विरोध में नहीं बल्कि अपना कुछ ना कुछ बनाने के लिए एकत्रित हुए हैं.

इस रचनात्मक व सकारात्मक सुझबुझ में दलित -दस्तक का अहम रोल नजर आता है. इस दौरान अपने वक्तव्य में बौद्धाचार्य शांति स्वरूप बौद्ध ने ‘दलित-दस्तक’ पत्रिका की शुरूआत के बारे में और पत्रिका ने कैसे बुद्ध के धर्म को पाठकों तक पहुँचाने में योगदान दिया. मुख्य अतिथि आनन्द श्रीकृष्ण ने अशोक दास को दलित दस्तक के ईमानदार एवं सफल प्रकाशन के लिए 100 में से 100 नंबर दिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका में काले लोग जब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे तब वे भी अपनी मीडिया के माध्यम से अपने लोगों तक आन्दोलन पहुंचा रहे थे. उन्होंने कहा कि मीडिया के बिना आन्दोलन को कभी सफल नहीं बनाया जा सकता है. वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश जी ने बताया कि वर्तमान की हिन्दुत्व से ग्रसित राजनीति के विरोध में आम्बेडकारी विचारों से प्रभावित राजनीति में ठहराव सा नजर आता है लेकिन इस सभागार में उपस्थित जोश व तेज से लबालब भरे विद्वानों, लेखकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को देखकर लग रहा है कि यह ठहराव जल्द ही खत्म होगा.

 अपने जोशीले सम्बोधन में उर्मिलेश जी ने कहा कि आप आज जो सुन्दर सपने देख रहे हैं, उन सपनों की कसम कि आप लोग अपनी मीडिया स्थापित करने के उद्देश्य में जरूर सफल होंगे. मीडिया में दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की भागीदारी से सम्बन्धित विभिन्न सर्वे और आंकड़ों के आधार पर कहा कि मुख्यधारा की मीडिया में आज भी इनकी भूमिका नाम-मात्र ही है. अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं इलाहाबाद युनिवर्सिटी में पढ़ता था तो भारत और दुनिया के तमाम छोटे-बड़े लेखकों की किताबें वहाँ आस-पास में मिलती थी लेकिन डॉ. अम्बेडकर से सम्बन्धित एक भी किताब नहीं मिलती थी. मुझे गर्व है कांशी राम जी के बहुजन आन्दोलन पर जिसकी वजह से आज सैकड़ों लेखक व लाखों पाठक पैदा हुए और साहित्य भी अब मिलने लगा. और कांशी राम जी के बहुजन आन्दोलन की वजह से दफनाए गए अम्बेडकर को फिर से बाहर निकाला जा सका. उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया जगत ने बहुजन समाज के लोगों और उनकी नस्लों के साथ नाइंसाफी की है, दलित-दस्तक पत्रिका और दलित दस्तक वेब पोर्टल इस नाइंसाफी को रोकेगा इसलिए दलित दस्तक से जुड़ें और अपना हक सुनिश्चित करें.

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. विवेक कुमार ने दलित दस्तक पत्रिका की विचारधारा को समझाते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों के अंकों के कवर पेज को देखने और अन्दर के पेजों को पढ़ने से साफ-साफ पता चल जाता है कि पत्रिका की विचारधारा समता, स्वतन्त्रता, बंधुता और न्याय जो संवैधानिक मूल्य तथा उद्देश्य भी है पर आधारित हैं. उन्होंने कहा कि जिन्होंने समाज और राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में भाग लिया या प्रयास किए हैं सिर्फ उन्हीं के बारे में पत्रिका ने कार्य किया है. ‘दलित’ शब्द के बारे में उन्होंने बताया कि जब ‘दि हिन्दू’ अखबार चल जाता है तो दलित क्यों नहीं चल सकता. ‘दि हिन्दू’ को सिक्ख, ईसाई, मुस्लिम, जैन, यहूदी, पारसी, बौद्ध इत्यादि धर्म के लागे खरीद कर पढ़ सकते हैं तो दलित दस्तक क्यों नहीं पढ़ सकते. ‘दि हिन्दू’ अखबार खरीदते समय उनके दिमाग में अखबार व उसकी क्वालिटी होती है उसका धर्म नहीं. ठीक इसी प्रकार दलित-दस्तक पत्रिका खरीदते समय पत्रिका व उसकी क्वालिटी होनी चाहिए उसके वर्ग या जाति की पहचान नहीं. बहुजन आन्दोलन जो है वो एक बहुत बड़ी अवधारण है, वो बहुत बड़ी चीज है. इसको दलित-दस्तक सहारा देगा. दलित-दस्तक का उद्देश्य दलितों के इतिहास व संस्कृति तथा उनके नायकों व नायिकाओं की पुर्नस्थापना करना है. और पत्रिका ने विचारधारा के आधार पर विचारों को निर्मित करके उनको बहुजन समाज तक पहुंचाया भी है.

डॉ. विवेक ने आगे कहा कि विचारकों, बुद्धिजीवी, लेखकों, चिन्तकों, शोधार्थियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठी यह विशाल भीड़ अपने आप में यह सबूत दे रही है कि पत्रिका में छपे विचारों से लाभ ले रहे हैं और पत्रिका की क्वालिटी, दिशा, एजेण्डा इत्यादि के दुरूस्त होने का प्रमाण भी है. इस पोर्टल की विचारधारा व मूल्य वही होंगे जो ‘दलित-दस्तक’ पत्रिका के हैं.

संपादक अशोक दास ने नया प्रयोग करते हुए खुद वहां उपस्थित लोगों के बीच जाकर उनसे बात की. उन्होंने कहा कि यहां कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद हैं. सबको मंच पर बुलाना संभव नहीं है और वह खुद ही दर्शकों के बीच में पहुंच गए. उन्होंने जय प्रकाश कर्दम, डॉ. कौशल पंवार, डॉ. राजेश पासवान, राजेंद्र कश्यप, डॉ. एस.एन. गौतम सहित कार्यक्रम में मौजूद तमाम गणमान्य लोगों से पत्रिका के बारे में उनकी राय पूछी. इस दौरान तमाम पाठकों, वितरकों और प्रचारकों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया गया. कार्यक्रम में देहरादून से अनिल कुमार और हरिदास जी के साथ दून बुद्धिस्ट सोसाइटी के सात सदस्य पहुंचे थे, तो आगरा से सोबरन सिंह और उनके साथी आए थे. कार्यक्रम में देश के तमाम हिस्सों से तमाम लोग मौजूद थे.

कार्यक्रम के अंत में पिछले पांच वर्षों के दौरान जुड़े रहने वाले वितरकों, प्रचारकों और लेखकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन रंगक्रर्मी मानवेन्द्र व डॉ. पूजा राय जी ने बहुत ही सुन्दर ढंग से किया. चैनल लॉन्चिंग के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दलित दस्तक को सैंकड़ों कारपोरेट और बाजारू मीडिया चैनलों के तूफान के बीच बहुजन समाज के लोगों के लिए दिए के समान बताया. संपादक अशोक दास ने देश भर से आए सभी मेहमानों का स्वागत किया और कार्यक्रम में आने के लिए आभार जताया.

नोट- कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहने वाले पत्रिका के पाठक और शुभचिंतक कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट YOU TUBE पर DALITDASTAK के चैनल पर जाकर देख सकते हैं।

रिपोर्ट- विनोद कुमार

शोधार्थी

म.क. भावनगर यूनिर्वसिटी भावनगर

गुजरात

भारत, चीन से जून 2018 तक नहीं खरीदेगा दूध उत्पाद और चॉकलेट

नई दिल्ली। सरकार ने चीन से दूध और उसके उत्पादों तथा चॉकलेट के आयात पर प्रतिबंध की अवधि एक साल बढ़ाकर जून, 2018 कर दी है. विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना में कहा गया है, ”चीन से दूध और दुग्ध उत्पादों (चॉकलेट और चॉकलेट उत्पाद, कैंडी और कनफेक्शनरी) के आयात पर प्रतिबंध की अवधि एक साल बढ़ाकर 23 जून, 2018 कर दी है.”

खाद्य नियामक एफ.एस.एस.ए.आई. ने सरकार से इस प्रतिबंध को बढ़ाने की सिफारिश की थी. सबसे पहले यह प्रतिबंध सितंबर, 2008 में लगाया गया थ. उसके बाद से समय-समय पर इसे आगे बढ़ाया गया.

अब अफगानिस्तान, आयरलैंड को भी मिला टेस्ट टीम का दर्जा

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आईसीसी ने आयरलैंड और अफगानिस्तान को टेस्ट टीमों का दर्जा दे दिया है. गुरुवार को आयरलैंड और अफगानिस्तान की टीमों को टेस्ट खेलने का दर्जा भी मिल गया . इसके साथ ही अब टेस्ट खेलने वाले देशों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो गई है. इन दोनों देशों को पूर्ण सदस्यता देने का फैसला एकमत से गुरुवार को लंदन में हुई आईसीसी की बैठक में लिया गया. इससे पहले ये दोनों देश आईसीसी के एसोसिएट सदस्य थे.

इससे पहले भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और बांग्लादेश सहित कुल 10 टीमों को टेस्ट टीमों का दर्जा प्राप्त था, अब अफगानिस्तान और आयरलैंड को टेस्ट टीम का दर्जा मिलने के बाद आईसीसी के टेस्ट खेलने वाले देशों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है.

जीएसटी: टेलिकॉम, बैकिंग से लेकर होटल तक महंगी होंगी सेवाएं

1 जुलाई से जीएसटी लागू होने जा रहा है. इसके कारण देश में बहुत कुछ आर्थिक रूप से बदल जाएगा. कुछ चीजें महंगी होंगी, कुछ सस्ती. इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि जीएसटी के कारण आपकी बैंकिग, टेलिकॉम सर्विस, होटल और बीमा महंगा हो जाएगा. इनसे जुड़ी कंपनियां बकायदा अपने कस्टमर्स को इसकी सूचना भी देने लगी हैं.

ऐसे पड़ेगा असर पिछले कुछ दिन से बैंक अपने ग्राहकों को मेल कर बता रहे है कि जुलाई से क्रेडिट कार्ड के बिल पर लगने वाला टैक्स 15 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी हो जाएगा. इसी तरह टेलिकॉम कम्पनियों नें भी कहा था कि इनपुट टैक्स क्रेडिट पर लाभ जैसे कम होगा वैसे मासिक बिल में भी वृद्धि होगी.

टेलिकॉम को 18 की जगह 5 या 12 फीसदी वाले स्लैब में रखा जाए हालांकि टेलिकॉम सेक्टर के लचर हालात को देख कर एयरटेल और आइडिया जैसी कम्पनियों ने मंत्रालय से कहा है कि टेलिकॉम सेक्टर के साथ आवश्यक सेवाओं की तरह समझना चाहिए और इसे जीएसटी के अंदर 18 फीसदी की जगह 5 या 12 फीसदी के स्लैब के अंदर रखना चाहिए. जब दरें पिछले महीने तय की गई थीं, तो सरकार ने कहा था कि इनपुट क्रेडिट जो कंपनियों के लिए उपलब्ध होगा उस पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और इससे लगभग 3 फीसदी लागत कम हो जाएगी.

महंगा होगा बीमा प्लान लेना इंश्योरेंस कम्पनियों ने भी कहा है कि लैवी के 15 से 18 फीसदी होने से यह कर प्रीमियम को आगे बढ़ाएगा और सबसे ज्यादा असर प्योर टर्म पर पड़ेगा. यदि आप 1 करोड़ का प्लान के लिए 25000 रुपए का वार्षिक प्रीमियम लेते हैं तो जीएसटी के कारण यह 4500 का हो जाएगा, जो वर्तमान में 3750 रुपए है. यूलिप के लिए इसका प्रभाव कम होगा जहां कम्पनियों द्वारा मैनेजमेंट और मृत्यु दर के लिए लिया जाता है.अगर आपका प्रीमियम 10000 रुपए साल के ऊपर टैक्स के रुप में 75 रुपए देते है तो यह बढ़ कर 90 हो जाएगा.

सरकार ने नहीं जताई सहमति इसके साथ ही 5 स्टार होटलों ने भी अपने ग्राहको को मेल कर बढ़े हुए टैक्स की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि इस टैक्स को वर्तमान के टैक्स के पास ही रखा गया है. सेवाप्रदाताओं के तर्क से सरकार नें किसी तरह की सहमति नही जताई है.

कम्पनियों को करनी होगी कीमतें कम बता दें कि एक अधिकारी नें बताया कि कम्पनियों को कम कीमतों के रुप अपनें ग्राहकों को इसका लाभ देना चाहिए, हमने मंत्रालय को इस विषय पर सेवाओं प्रदाताओं के साथ जल्द से जल्द सुलझाने के लिए कहा है ताकि ग्राहकों पर दबाव न पड़े.

10 प्रतिशत घटी पासपोर्ट की फीस

नई दिल्ली। अगर आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक या फिर 8 साल से कम की है तो आपके लिए अच्छी खबर है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इन आयु सीमा वाले लोगों के लिए पासपोर्ट ऐप्लिकेशन की फी घटाये जाने की घोषणा की है.

सुषमा स्वराज ने जानकारी देते हुए बताया कि अब से सभी नए पासपोर्ट हिंदी और इंग्लिश दोनों ही भाषाओं में होंगे, ना कि पहले की तरह केवल इंग्लिश में ही. इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक या फिर 8 साल से कम की उम्र वाले लोगों के लिए पासपोर्ट ऐप्लिकेशन सस्ता होगा. सुषमा, पासपोर्ट ऐक्ट 1957 के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रही थीं.

दिसंबर में हुई बड़ी घोषणाओं में डेट ऑफ बर्थ के प्रूफ के तौर पर बर्थ सर्टिफिकेट के मैन्डेटरी रहने की जरूरत को हटा दिया गया था. इसके साथ ही नए नियम के अनुसार अलग हो चुके या तलाकशुदा लोगों को भी अपने पूर्व पति/पत्नी के नाम का दर्शाना भी जरूरी नहीं है. वहीं साधू और सन्यासियों के लिए भी अपने माता-पिता की जगह आध्यात्मिक गुरु के नाम को ऐप्लिकेशन में भरने का विकल्प खोल दिया गया है.

पिछले वर्ष दिसंबर में यह निर्णय लिया गया था कि आवेदन करने वाले सभी लोग इनमें से किसी भी डॉक्युमेंट को जमा कर सकते हैं- मैट्रिक सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, चुनाव पहचान प्रमाण पत्र.

ऑस्ट्रेलिया ओपनः बैडमिंटन खिलाड़ी श्रीकांत ने अपने ही देश के प्रणीत को क्वार्टर फाइनल में हराया

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भारतीय बैडमिंटन के खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने अपने ही देश के बी साई प्रणीत को क्वार्टर फाइनल में हराकर आस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज के सेमीफाइनल में पहुंच गये हैं. पुरुष सिंगल्स वर्ग में शुक्रवार को खेले गए क्वॉर्टर फाइनल में श्रीकांत ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए महज 43 मिनटों में ही प्रणीत को सीधे सेटों में 25-23, 21-17 से हरा दिया.

इससे पहले श्रीकांत ने दूसरे दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी दक्षिण कोरिया को सोन वान हो को एक हफ्ते में दूसरी बार मात देते हुए क्वॉर्टरफाइनल में जगह बनाई थी. श्रीकांत ने वान हो को 15-21, 21-13, 21-13 से मात दी थी.

पिछले हफ्ते इंडोनेशिया ओपन का खिताब जीतने वाले श्रीकांत ने अपने शानदार प्रदर्शन से अपनी रैंकिंग में 11 स्थानों की छलांग लगाई और अब वह दुनिया के 11वें नंबर के खिलाड़ी बन चुके हैं.

दलित को उम्मीदवार बनाने से नहीं धुलेंगे बीजेपी के पापःशोभा ओझा

लखनऊ। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया है. कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने कहा कि बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिले को इवेंट बना दिया है. ओझा ने कहा कि पूरा देश जानता है कि उनके पास बहुमत है. फिर ये दिखावा क्यों?

उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी यह सोचती है कि एक दलित को राष्ट्रपति का उम्मीदवार बना देने से उनके पाप धुल जाएंगे, तो ऐसा नहीं होने वाला. कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी को दलितों के प्रति अपना रुझान बदलने की जरूरत है.

कांग्रेस पर योगी का वार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी पार्टी का लक्ष्य देश के अंतिम व्यक्ति का विकास है, हमारी पार्टी उसी पर आगे बढ़ रही है. रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के लिए अमित शाह और पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता हूं.

योगी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाना ही था तो वह पिछली बार भी बना सकते थे, लेकिन क्योंकि बीजेपी ने कोविंद जी का नाम आगे किया इसलिए लोगों को लड़वाने के लिए कांग्रेस ने मीरा कुमार का चुनाव किया.

ऑस्ट्रेलिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी से हारी पीवी सिंधु

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रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज के क्वॉर्टर फाइनल में हार गईं हैं. सिंधु महिला सिंगल्स वर्ग के क्वार्टर फाइनल में शीर्ष विश्व वरीयता प्राप्त ताई जु यिंग से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं हैं. यिंग ने सिंधु को एक कड़े मुकाबले में 10-21, 22-20, 22-16 से मात दी.

तीसरी वरीयता प्राप्त सिंधु ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी यिंग को कड़ी टक्कर दी, लेकिन उनसे जीत नहीं पाई. यिंग ने एक घंटे तक चले मुकाबले में सिंधु को 10-21, 22-20, 21-16 से मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया.

श्रीलंका के खेल मंत्री की तुलना ‘बंदर’ से करके फंसे गेंदबाज लसिथ मलिंगा

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श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा एक ताजा विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं जो श्रीलंका के खेल मंत्री से जुड़ा है. अपने देश के खेल मंत्री की तुलना बंदर से किए जाने के कारण मुश्किलों में घिरते दिख रहे हैं. चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के हाथों हारकर श्रीलंका के टूर्नामेंट से बाहर होने पर खेल मंत्री दयासिरी जयासेकरा बयान आया था कि श्रीलंका के कुछ खिलाड़ी बेहद मोटे हैं जो ठीक से दौड़ भी नहीं पाते.

मंत्री की इस आलोचना से नाराज मलिंगा ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि मंत्री क्रिकेट के बारे में कुछ भी नहीं जानते. मलिंगा ने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों की आलोचना की परवाह नहीं करता जो सिर्फ कुर्सी का मजा ले रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘एक बंदर एक तोते के घोंसले के बारे में क्या जानता है. ये वैसे ही है जैसे एक बंदर एक तोते के घोंसले में जाकर उसके बारे में बात करे.’

जयासेकरा ने चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद को दो बार जीवनदान दिए जाने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों की आलोचना करते हुए उन्हें मोटे पेट वाला और अनफिट करार दिया था.

मलिंगा की इस टिप्पणी के बाद उनके ऊपर जांच का खतरा मंडरा रहा है.अब देखना गौरतलब रहेगा की खेल मंत्रालय मलिंगा के खिलाफ किया कारवाई करेगा.

 

24 जून को आएगी डीयू की पहली कटऑफ

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) रजिस्ट्रार डॉ. तरुण दास ने बताया कि अंडर ग्रेजुएट(यूजी) कोर्स में एडमिशन कटऑफ की घोषणा 23 जून की शाम तक कर दी जाएगी, जिसके आधार पर एडमिशन 24 जून से शुरू हो होंगे. कटऑफ वाले दिन ही सभी कॉलेज अपनी मार्क्स मेरिट लिस्ट का नोटिफिकेशन जारी करेंगे और एडमिशन प्रोसेस शुरू करेंगे.

इससे पहले डीयू ने यूजी कोर्सेज के लिए अपना कटऑफ शेड्यूल आगे बढ़ा दिया था. यूनिवर्सिटी की पहली कटऑफ 20 जून की बजाय 24 जून को आएगी. पहली कटऑफ के आधार पर डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन और एडमिशन का प्रोसेस 24 से 28 जून तक चलेगा.

दूसरी कटऑफ 1जुलाई को आएगी. तीसरी कटऑफ 7 जुलाई को आएगी और एडमिशन प्रोसेस 7 से 10 जुलाई तक चलेगा. चौथी कटऑफ 13 जुलाई को आएगी और आखिरी यानी पांचवीं कटऑफ 18 जुलाई को आएगी.

संजय लीला भंसाली और विशाल भारद्वाज एक ही किताब पर बनाएंगे फिल्म

लेखक  हुसैन जैदी की मशहूर किताब ‘माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई’ के एक चैप्टर पर अनाम फिल्म बनाने का ऐलान कर चुके डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की दीपिका पादुकोण और इरफान खान से बातचीत चल रही है. फिल्म में दीपिका राहिमा खान उर्फ सपना दीदी की भूमिका निभा सकतीं हैं जो अपने पति के हत्यारे दाऊद इब्राहिम को खत्म करना चाहतीं है. इस फिल्म में इरफान एक ऐसे व्यक्ति का रोल निभाते दिखेंगे जो राहिमा के प्यार में पड़ जाता है और डॉन को खत्म करने में हीरोइन की मदद करता है.

एक अखबार के मुताबिक, विशाल भारद्वाज के अलावा संजय लीला भंसाली ने भी ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ के एक चैप्टर के राइट्स हासिल कर लिए हैं. संजय जल्द ही ‘कमाठीपुरा की मैडम’ के नाम से प्रसिद्ध गैंगस्टर ‘गंगूबाई कोठेवाली’ के जीवन पर आधारित एक फिल्म बनाने जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, भंसाली अपनी फिल्म में ‘गंगूबाई’ के रोल के लिए प्रियंका चोपड़ा को साइन करने का विचार कर रहे हैं.

आईसीसी ट्रॉफी हारने के बाद आज वेस्ट इंडीज से भिड़ेगी टीम इंडिया

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नई दिल्ली। शुक्रवार (23 जून) से शुरू होने जा रही भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 वनडे मैचों की सीरीज पर सभी की आंखें गढ़ी हुई हैं. इंग्लैंड में आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी गंवाने के बाद भारत त्रिनिदाद और टोबैगो में होने जा रहे इन मैचों में कोई ऐसी गलती दोहराना नहीं चाहता जिससे उसकी किरकिरी हो. इस सीरीज़ में भारत कैरेबियाई टीम के खिलाफ पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगा. वनडे मैचों का आयोजन 23 जून से 6 जुलाई तक होगा और टी-20 सबीना पार्क में नौ जुलाई को खेला जाएगा.

कप्तान विराट कोहली अपनी टीम में कुछ बदलाव और सुधार कर अपने रणबांकुरों के साथ विरोधी टीम को चुनौती देते नज़र आएंगे. कोहली ने इस सीरीज़ में रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह की जगह कुलदीप यादव और ऋषभ पंत को अपना जौहर दिखाने का मौका दिया है. इनके अलावा खुद कप्तान विराट कोहली, शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत और कुलदीप यादव पर भी सभी की नज़रें रहेंगी.

कप्तान कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था. उन्होंने इस श्रृखंला में तीन अर्धशतक रन बनाए थे. चैंपियंस ट्रॉफी की हार का दबाव टीम के साथ कप्तान पर ज्यादा रहेगा. विराट को इसमें बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ कुशल रणनीतिकार की भूमिका अदा करनी होगी.शिखर धवन की बात करें तो इंग्लैंड में इनके बल्ले ने खूब धमाल दिखाया. इसी फॉर्म को उन्हें इस सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगा. चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार 338 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता.

हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी. स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.

भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.

रजनीकांत की फिल्म ‘काला करिकालन’ के सेट पर करंट से एक की मौत

चेन्नई में सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘काला करिकालन’  की शूटिंग चल रही थी. वहां बने आलिशान सेट पर एक क्रू मेंबर की मौत हो गई. फिल्म ‘काला करिकालन’ के लिए चेन्नई के पूनामल्ले में ईवीपी स्टूडियो में पांच करोड़ का सेट बनाया गया था, जहां माइकल नाम का वर्कर काम कर रहा था.

जानकारी के अनुसार  माइकल का पैर बिजली के तार पर पड़ गया, जिस कारण उसकी मौत हो गई. हालांकि उसके दोस्त उसे तुरंत हॉस्पिटल ले गए थे, पर हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गयी. पूरे पुलिस मामले की जांच कर रही है. अंतिम जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही मिल पायेगी.

गौरतलब है कि फिल्म काला करिकालन में रजनीकांत के अलावा हुमा कुरैशी,  नाना पाटेकर भी मुख्य किरदार में नजर आएंगे. फिल्म को पा रंजीत ने डायरेक्ट कर रहे हैं. इससे पहले रजनी और पा रंजीत ‘काबली’ जैसी सुपर हिट फिल्म दे चुके हैं। वहीं रजनीकांत के दामाद धनुष इस मूवी के प्रोड्यूसर हैं.

50 करोड़ के जगह 50 लाख वाली फिल्म ज्यादा बेहतर : नवाजुद्दीन सिद्दीकी

अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की आने वाली फिल्म में लेखक ‘मंटो’  के किरदार को जीवंत करना हो या फिल्म ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ में अब तक का सबसे ‘बेशर्म’ किरदार निभाना हो, अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी उन फिल्मों का हिस्सा बन रहे हैं, जो अब तक राज रहे पहलुओं को उजागर करने का काम कर रही हैं. जहां मौजूदा दौर में बड़े बजट में बनी फिल्म ‘बाहुबली’ ने भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक नई मिसाल पेश की है, वहीं बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता का कहना है कि किसी फिल्म को करने का फैसला वह उसके बजट, उससे जुड़े निर्देशक या कलाकारों को देख कर नहीं करते हैं.

उन्होंने कहा कि फिल्म चाहे कितनी ही बड़ी हो या इससे चाहे कितने ही मशहूर निर्देशक जुड़े हों, लेकिन जब तक उन्हें फिल्म समझ में नहीं आती, वह नहीं करते हैं. नवाजुद्दीन के मुताबिक, “अगर कोई कहता है कि यह 50 करोड़ रुपये के बजट वाली या 70 करोड़ रुपये बजट वाली फिल्म है, तो मैं उसे छोड़ दूंगा और 50 लाख रुपये बजट वाली फिल्म करूंगा, क्योंकि संतुष्टि मेरे लिए बहुत मायने रखती है. शायद 50 करोड़ रुपये की फिल्म उस अभिनय क्षमता के नए पहलू को दिखाने का मौका न दे, जो एक छोटे बजट की फिल्म दे सकती है.