G20 सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में उतरे लोग

हैम्बर्ग। अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहली बार जी20 सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं लेकिन उनके आने से पहले ही उनके खिलाफ बिगुल बज गया. ट्रंप के खिलाफ हैम्बर्ग में जबर्दस्त हिंसक प्रदर्शन हुआ. असल में यह विरोध जर्मनी में हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के विरोध है.

गुरुवार को पुलिस के साथ संघर्ष के दौरान करीब 76 प्रदर्शनकारी घायल हो गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार  वैश्वीकरण-विरोधी ‘वेल्कम टू हेल’  शांतिपूर्ण रैली ने शाम होते-होते हिंसक रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को पानी की बौछारें, मिर्च स्प्रे और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा.

पुलिस ने कहा कि उसे पहले से यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एक लाख संभावित हिंसक प्रदर्शनकारियों के यहां एकत्र होने की आशंका थी,  जिसके वजह से शहर में बीस हजार से अधिक अधिकारियों को तैनात किया गया था. पुलिस ने बार-बार पूंजीवाद-विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह को अपने चेहरों से मास्क को हटाने के लिए कहा और जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें प्रदर्शन कर रहे लोगों के समूह से अलग कर दिया गया.

काले मुखौटे पहने इन प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन पर बोतलों और ईंटों से हमला किया और उसकी खिड़की को तोड़ दिया. इस प्रर्दशन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की मुश्किलें काफी बढ़ गयी हैं जोकि पहली बार जी20 सम्मेलन में शामिल होने जा रहे है.

सुप्रीम कोर्ट ने देश में आईआईटी-जेईई की काउंसिलिंग पर रोक लगाई

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जेईई-एडवांस्ड प्रवेश परीक्षा काउंसिलिंग पर रोक लगा दी है. असल में यह फैसला 18 बोनस अंक देने के मामले का है जिस पर सुनवाई करते हुए आईआईटी, ट्रिपल आईटी और एनआईटी समेत अन्य इंजीनियरिंग कालेज की काउंसलिंग और दाखिले की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा है कि एडमिशन की इजाज़त बोनस अंक देने के मामले मे सुनवाई के बाद ही दी जा सकती है. मामले में अगली सुनवाई आगामी सोमवार को होगी.

कोर्ट के फैसले के बाद इंजीनियरिंग कालेज में काउंसलिंग और दाखिले का कार्यक्रम कानूनी अड़चनों में फंसता रहा है. ऐसे में करीब 33  हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य बीच में ही लटक गया. कोर्ट ने कहा कि बोनस अंक देने का मामला एक परेशानी है और इसका जल्द निपटारा किया जाना जरुरी है.

बता दें की मामले की सुनवाई के दौरान आईआईटी पक्ष के वकील ने कहा था की करीब 2.5 लाख छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांचना संभव नहीं है, ऐसे में बोनस अंक देना ही प्रैक्टिकल समाधान है. कोर्ट ने इशारा किया कि वो अपने वर्ष 2005 में दिए गए फैसले को आगे बढ़ाएगा, जिसके तहत गलत सवाल पर उसे ही अंक दिया जा सकता है, जिसने सवाल को हल किया है. कोर्ट ने कहा भी कि बोनस अंक देने का मसला आईआईटी के सवालों की तरह मुश्किल से भरा हुआ है जिससे बड़ी मुश्किल काउंसिलिंग में शामिल होने वाले छात्रों को ही होगी जिसके ऊपर सैकड़ो छात्रों का भविष्य टिका हैं.

   

डेढ़ लाख CCTV कैमरे लगाएगी दिल्ली सरकार

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी अपने घोषणा पत्र के सभी वादों को धीरे-धीरे पूरा करती जा रही है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान CCTV कैमरे लगवाने का वादा अब केजरीवाल पूरा करने जा रहे हैं. दिल्ली में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम केजरीवाल सरकार ने अब शुरु कर दिया है. पीडब्ल्यू मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने सीएम केजरीवाल को एक रिपोर्ट भेजी है. जिसके मुताबिक डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे न सिर्फ रिहायशी कॉलोनियों में बल्कि बाजार में भी लगाए जाएंगे और पिछड़े इलाकों में भी समान रूप से ध्यान दिया जायेगा.

सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के लिए हर इलाके में सेंट्रल मॉनिटरिंग केंद्र बनाए जाएंगे. जिसका रखरखाव करने की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए और बाजार के एसोसिएशन पर होगा. इस बारे में 15 अगस्त तक पीडब्लूडी मंत्री सत्येंद्र जैन को सूचित करने के लिए कहा गया है. अक्टूबर महीने में इसके लिए ग्लोबल टेंडर होगा और जनवरी 2018 तक कैमरे लग जाने की उम्मीद जताई जा रही है.

दिल्ली सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में कुल 250 करोड़ रुपये में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे यानी एक सीसीटीवी करीब 16 हजार 667 रुपये का पड़ेगा. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार डीटीसी और क्लस्टर बसों में 140 करोड़ रुपये की लागत से 6350  बसों में कुल 19050  सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रही है. दिल्ली सरकार का यह कदम सुरक्षा के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण है, जिससे अपराधों पर लगाम लगाने के पूरे प्रयास किए जाएगें और अपराधियों की पहचान कैमरे द्वारा करके उनकी धरपकड़ तेज हो जाएगी.

 

योगीराज में बीजेपी नेता ने कराया मुजरा

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नोएडा। नोएडा के कासना कोतवाली क्षेत्र के एक मकान में पुलिस ने छापा मारकर 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. मौके से 2 महिलाएं और एक भाजपा का स्थानीय नेता फरार हो गया. पुलिस ने पकड़े गए लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की.

दरअसल कासना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर 4 में मकान नंबर 136 में पुलिस को कुछ स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि कान में कुछ लोग अनैतिक काम कर रहे हैं. सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बतया कि पुलिस को 100 नंबर पर 5 जुलाई को दोपहर ढाई बजे सूचना मिली कि कंपलीशन के मकान में कुछ लोग कई दिनों से हंगामा कर रहे हैं और मकान में कई दिनों से अनैतिक काम हो रहे हैं. पुलिस ने मौके पर छापेमारी की तो मकान से कुछ लोग पुलिस को देखकर मकान से फरार हो गए, जिसमें 2 महिलाएं भी शामिल थीं.

पुलिस ने मौके पर शराब के नशे में धुत लोगों को पकड़ लिया. पुलिस ने पकड़े गए 13 लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि सभी लोग यूपी के चंदौली जिले के रहने वाले हैं. सीओ ने बताया कि पुलिस को पूछताछ में पता चला कि सभी लोग 28 जून को ग्रेटर नोएडा आए हुए थे और सभी चंदौली जिले के साहबगंज ब्लॉक के पंचायत सदस्य हैं.

16 जुलाई को बलॉक प्रमुख का चुनाव होना हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने वाले हैं. चंदौली क्षेत्र में कुल 75 पंचायत सदस्ट हैं. चंदौली के भाजपा के ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी ने भाजपा के ही दादरी में रहने वाले स्थानीय नेता के संरक्षण में यहां रूके हुए थे. पुलिस ने छापा मारा तो सभी नेता शराब के नशे में म्यूजिक सिस्टम पर दो महिलाओं के साथ डांस करते हुए रंगरेलियां मना रहे थे. पकड़े गए लोगों में राजू, रामेश उपाध्याय, राजन, गिरिश नंदन, रामधर, दिनेश पांडेय, रमेश भिखारी दास, गुलाब, हिमांशु, महेंद्र, सतीश को हिरासत में लेकर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने चीफ जस्टिस और राज्यपाल को RTI के अंदर आने की वकालत की

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा बयान दिया है जिसमें कहा है कि देते हुए कहा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और राज्यपाल के दफ्तर को भी आरटीआई के अंदर आना चाहिए. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और अमितवा रॉय की पीठ ने यह सवाल केंद्र सरकार के द्वारा बांबे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया.

खबरों के अनुसार जवाब में केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटिर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही इस तरह का मामला लंबित है. उस याचिका को भी इस याचिका के साथ जोड़ दिया जाना चाहिए.वहीं वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि राज्यपाल के रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और इसे आरटीआई के दायरे में भी लाया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि पिछले दिनों बांबे हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि गवर्नर ऑफिस को पब्लिक अथॉरिटी घोषित कर देना चाहिए. बांबे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी.

 

सहारनपुर हिंसा में दलितों ने 700 से ज्यादा लोगों के खिलाफ दी तहरीर

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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जातीय हिंसा को लेकर तनाव अभी थमा नहीं है. मामला शांत होने के बाद अब दलित पक्ष ठाकुरों के विरोध में स्वर मुखर करता नजर आ रहा है. दलित पक्ष की ओर से सात सौ से अधिक ठाकुरों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है. आरोपित ठाकुर पक्ष के लोगों पर दलितों के घर में तोड़फोड़ करने, आगजनी करने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.

5 जुलाई को दलित पक्ष ने पुलिस को शिकायत पत्र देते हुए चार-चार अलग अलग तहरीर सौंपी हैं. जिनमें ठाकुर पक्ष के 24 नामजद लोगों को नामजद किया गया है जबकि 700 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मारपीट और लूट का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने जांच के बाद केस दर्ज करने का आश्वासन दिया है.

सहारनपुर के एक स्थानीय दैनिक में प्रकाशित खबर के मुताबिक जातीय हिंसा के इस मामले में चार अलग-अलग तहरीर सहारनपुर देहात के पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई हैं. एक तहरीर में ठाकुर पक्ष के तीन सौ अज्ञात पर आगजनी और लूटपाट का आरोप लगाया गया है. दूसरी तहरीर में अनुज कुमार ने चार को नामजद किया है जबकि पांच अज्ञात लोग इसमें शामिल हैं. इसी तरह अन्य दो तहरीरों में भी ठाकुर पक्ष के कई लोगों को नामजद और सैंकड़ो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने चारों तहरीर बडगांव थाने भेज दी हैं.

जातीय हिंसा की घटना के बाद 23 मई को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती शब्बीरपुर गांव में दलितों का हाल जानने पहुंची थी. उनके वहां से जाने के बाद फिर से हिंसा भड़क गई थी. उस हिंसा में कुछ दंगाईयों ने आशीष नामक एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस इस मामले में आरोपी की तलाश में थी. पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था. जिसके मुख्य आरोपी सुधीर ने 6 जुलाई को अदालत में सरेंडर कर दिया है. अब आरोपी पुलिस रिमांड पर है.

बताते चलें, इस जातीय हिंसा के बाद कई नेताओं ने शब्बीरपुर का दौरा किया था. यहां तक कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर भी सहारनपुर पहुंचे थे. इस मामले में सपा और बीजेपी नेताओं पर दोनों पक्षों के लोगों को भड़काने का आरोप भी लगा है. हालांकि इस मामले में सबसे ज्यादा भीम आर्मी के चन्द्रशेखर का नाम सुर्खियों में रहा था.

ताजा मिली जानकारी के मुताबिक सब्बीरपुर प्रकरण मे कोर्ट ने आज सात लोगों की जमानत स्वीकार कर ली है. अब दलित पक्ष के कुल 20 लोग जेल से बाहर आ चुके हैं. जबकि ठाकुर पक्ष के एक भी व्यक्ति की अभी तक जमानत नहीं हो पायी है. ओर बाकी बचे 15 लोगो की जमानत भी जल्द ही करा ली जाएगी.

यूपी के ‘सुस्त अधिकारी’ उम्र से पहले होगें रिटायर

लखनऊ अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक नया फैसला लेने जा रहे हैं यह निर्णय सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के संबध में है. अब सरकार उम्र से पहले ही ऐसे कर्मचारियों को रिटायर करने का ऐलान कर रही है जो अपने काम के प्रति सुस्ती दिखाते हैं. ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को सरकार ने 50 साल की उम्र में ही रिटायरमेंट देने का फैसला किया है.

योगी का ये फैसला कई लोगों की नींद उड़ाने वाला है. फैसले को लागू किए जाने से पहले ही अलग-अलग सरकारी विभागों में हलचल बढ़ गई है.

बता दें कि अधिकारियों के इस रिटायरमेंट को लेकर योगी सरकार केंद्र सरकार की राह पर ही है. केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले तीन साल में कई अधिकारियों को कंपलसरी रिटायरमेंट दिया है. करीब आधा दर्जन आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार रिटायरमेंट दे चुकी है. सरकार ने फैसला किया है कि जो सरकारी कर्मचारी और अधिकारी काम में सुस्त हैं, उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट  दिया जाएगा. इसके लिए कार्मिक विभाग ने शासनादेश भी जारी कर दिया है.

सुस्त  माने जाने वाले ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की लिस्ट तैयार की जाएगी. उसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस में रिटायरमेंट का कोई कारण नहीं बताया जाएगा. तीन महीने का नोटिस पीरियड रहेगा, उसके बाद ऐसे अधिकारियों को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा.

 

संसद में विपक्षी नेताओं पर हमला, सांसद बेहोश

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काराकास। वेनेजुएला में सरकार समर्थकों ने 5 जुलाई को संसद में घुसकर विपक्षी नेताओं पर हमला बोल दिया. वेनेजुएला के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था. उसी वक्त लाल कपड़े पहने लगभग 100 लोग संसद में घुसे और हिंसा शुरू कर दी. हमले में 4 विपक्षी नेता घायल हो गए और संसद की दीवारों पर खून के छींटें फैल गए.

राष्ट्रपति मादुरो ने हिंसा की निंदा की और जांच के आदेश दिए. हमलावरों ने संसद में नेताओं, पत्रकारों और मेहमानों को कई घंटों तक बंधक बनाए रखा. सुबह संसद का सत्र चलने के दौरान ही राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कुछ लोग अंदर घुस गए.

सांसद स्ट्रेचर पर ले गए एंबुलेंस तक

सबसे ज्यादा चोटिल हुए सांसद अमेरिको डि ग्राजिया को सर पर चोट लगी, और वो वहीं बेहोश हो गए और उन्हें स्ट्रेचर पर एबुलेंस तक ले जाया गया. ग्राजिया के परिवारवालों ने बाद में बताया कि अब वह खतरे से बाहर हैं.

संसद के अंदर से फोन पर बात करते हुए विपक्षी सांसद विलियम डविला ने कहा, ‘हमे किडनैप कर लिया गया है.’ चुनाव की मांग को लेकर हिंसा जारी है, वेनेजुएला में विपक्षी पार्टी मध्यावधि चुनाव की मांग कर रही है. उनका कहना है कि इससे ही देश का आर्थिक संकट दूर हो पाएगा, वहीं सरकार का कहना है कि अमेरिका के समर्थन से विपक्ष देश में तख्तापलट करना चाहता है. इस कारण से सरकार समर्थक और विरोधियों के बीच देश में हिंसा बढ़ती जा रही है.

वेनेजुएला में अप्रैल से जारी गतिरोध से अब तक 123 सैनिकों को राजद्रोह, चोरी आदि जैसे आरोपों के चलते हिरासत में लिया जा चुका है. इनमें नौसेना, वायुसेना और नेशनल गार्ड तक के अधिकारी शामिल हैं.

डर के साए में जी रहे हैं आदिवासी परिवार

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हजारीबाग। 70 वर्षीय अमरावती कुंवर अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला है. दो दशक पहले मिले बिरसा आवास में रहती हैं, जो पूरी तरह जर्जर है. किसी भी वक्त छत का टुकड़ा गिर सकता है. इस बात का डर हमेशा उन्हें सताता है. अमरावती कुंवर का कहना है कि कई बार प्रखंड कार्यालय गई लेकिन किसी ने नहीं सुना. अमरावती का यह अनुभव कोई अकेला नहीं. दरअसल पलामू के चैनपुर प्रखंड में आज भी आदिवासी परिवार बदहाल जीवन जीने को विवश हैं.

रानीताल गांव में दो दर्जन से अधिक परहिया आदिवासी परिवार पिछले कई सालों से टूटे फूटे झोपड़े व बिरसा आवास में रहने को मजबूर हैं. रहने का समुचित व्यवस्था नहीं. कोई झुग्गी-झोपड़ियों में वास कर रहे हैं तो कई दो दशक पूर्व मिले बिरसा आवास में. बिरसा आवास पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. उसमें रहने वालों को डर सताता रहता है कि कभी भी भवन का छत गिर जाएगा के दिनों में ज्यादा परेशानी होती है. इस बात को लेकर पहिया परिवार पिछले कई सालों से प्रखंड कार्यालय व मुखिया का चक्कर काट रहे हैं. मगर उन्हें अभी तक बिरसा आवास हो या इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला.

क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया से पूछने पर उन्होंने कहा कि मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है तो जरूर उन आदिवासी परिवारों से मिलकर उनके हालात का जायजा लेंगे और प्रधानमंत्री के आवास योजना का लाभ उन्हें दिया जाएगा. अब देखने वाली बात होगी कि विधायक के द्वारा इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कब तक मिल पाएगा.

सीबीआई का लालू यादव के 12 ठिकानों पर फिर छापा

पटना। भाजपा सरकार ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ाती है. चारा घोटाले के बाद लालू यादव रेलवे टेंडर घोटाले में घिर गए हैं, जिसको लेकर सीबीआई की टीम उनके 12 ठिकानों पर छापेमारी की. कई जगहों पर अभी भी तलाशी जारी है. इसमें पटना के अलावा दिल्ली, रांची, पुरी, गुड़गांव समेत कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी हुई थी. सीबीआई ने लालू यादव के खिलाफ केस दर्ज किया है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए होटल आवंटन में गड़बड़ी की थी.

सीबीआई सूत्रों ने बताया की राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बिहार के उप मुख्यमंत्री और उनके बेटे तेजस्वी यादव, आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी पी के गोयल, यादव के विश्वासपात्र प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सुजाता और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

वहीं लालू यादव के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर भाजपा के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है. उन्होंने जैसा किया है ये उसी का परिणाम है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर नीतीश कुमार को भी मीडिया के सामने आना चाहिए. वे मूक दर्शक बने नहीं रह सकते. उन्हें सबके सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा.

इस बीच कई राजद नेताओं ने सीबीआई की कार्रवाई को राजनीति से जुड़ा हुआ बताया. बिहार में सीबीआई की छापेमारी के बाद कई नेता लालू यादव के आवास पहुंचे.

 

IS के कब्जे में 20 हजार निर्दोष

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बगदाद। इराकी सेना जल्द ही मोसुल को इस्लामिक स्टेट यानि आईएस आतंकियों के कब्जे से छु़ड़ाने में कामयाब होने वाली है. अंतिम चरण के संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र ने करीब 20 हजार निर्दोष नागरिकों के आतंकियों के कब्जे में होने की बात कही है. भागने की कोशिश करने वालों को आतंकियों गोली मार रहे हैं.

इराकी सेना ने मोसुल को आतंकियों से आजाद कराने के लिए 8 महीने पहले अभियान चलाया था. इसमें अमेरिकी सेना भी उनकी मदद कर रही है. आईएस मोसुल के पुराने इलाके के एक क्षेत्र में सिमट गया है, जिसे छु़ड़ाने के लिए सेना को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. इराक में मानवीय मदद पहुंचाने के अभियान की संयोजक लिज ग्रांडे ने बताया कि द्विपक्षीय संघर्ष में हजारों नागरिक फंसे है.उन्होंने बताया कि यूएन के आंकलन के अनुसार, आईएस के कब्जे वाले पुराने शहर में 15 से 20 हजार नागरिक आतंकियों के कब्जे में हैं.

ग्रांडे के अनुसार, ‘संघर्ष वाले क्षेत्र में फंसे लोग खौफनाक हालात में हैं. बमबारी और लगातार गोलीबारी के चलते इन लोगों को खतरनाक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। आईएस लड़ाके अब भी वहां मौजूद हैं, जो भागने वालों को निशाना बना रहे हैं.’ गौरतलब है कि इस खूनी संघर्ष के चलते 9.15 लाख लोगों को घर-बार छो़ड़ कर भागना पड़ा है. इनमें से 7 लाख लोग अब भी विस्थापित हैं. ग्रांडे ने युद्धग्रस्त क्षेत्र के पुनर्निर्माण पर उम्मीद से कहीं ज्यादा खर्च आने की बात कही है.

ब्रिटेन में बना जिहादी जेल अमेरिका के ग्वांतानामो बे की ही तर्ज पर ब्रिटेन ने आतंकियों के लिए विशेष सेल बनाया है. इसे ‘जिहादी जेल’ का नाम दिया गया है. यह कदम ब्रिटिश जेलों में बंद कैदियों को कट्टरपंथी बनाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है. खबरों के अनुसार, ऐसा पहला सेल डरहम के समीप एचएमपी फ्रैंकलैंड में बनाया जा चुका है. एचएमपी फुल सटन (यॉर्क) और एचएमपी लांग लार्टिन (वर्केस्टरशायर) में भी ऐसे दो सेल बनाए जाएंगे. तीनों सेल में 28 सबसे ज्यादा कुख्यात आतंकियों को रखा जाएगा. ब्रिटिश जेल मंत्री सैम गिमाह ने बताया कि आतंकवाद के किसी भी रूप को खत्म करना जरूरी है. लिहाजा ऐसे कैदियों को अलग सेल में रखा जाएगा.