प्रो कबड्डी लीग की इनामी राशि बढ़कर 3 करोड़ हुई

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नई दिल्ली। कबड्डी टूर्नामेंट के आयोजन के बाद इस खेल के दर्शको में जबरदस्त इजाफा हुआ है. बता दें की 28 जुलाई से हैदराबाद में शुरू हो रहे प्रो कबड्डी लीग के पांचवें सीजन की इनामी राशि में जबर्दस्त बढ़ोतरी की गई है. इस सीजन के लिए कुल इनामी राशि 8 करोड़ रुपये कर दी गई है. 2016 में आयोजित हुए चौथे सीजन की इनामी राशि 2 करोड़ रुपये थी. ये लीग 28 जुलाई से शुरू होकर 28 अक्टूबर (करीब 13 हफ्ते) तक चलेगी.

प्रो कबड्डी के पांचवें सीजन में 12 टीमें 138 मैचों में हिस्सा लेंगी और तीन करोड़ की खिताबी राशि जीतने की कोशिश करेंगी. इस टूर्नामेंट की उपविजेता टीम को 1.80 करोड़ रुपये जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 1.20 करोड़ रुपये मिलेंगे.

टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को मिलने वाली राशि में भी इस बार बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिसे अतीत में कबड्डी के स्टार अनूप कुमार और मनजीत छिल्लर जैसे खिलाड़ी जीत चुके हैं. इस बार टूर्नामेंट के बेस्ट खिलाड़ी को इनाम में 15 लाख रुपये दिए जाएंगे.

प्रो कबड्डी के पांचवें सीजन के उद्घाटन मुकाबले में 28 जुलाई को हैदराबाद में तेलुगु टाइटंस की टीम इस लीग में डेब्यू कर रही टीम तमिल थलाइवाज से भिड़ेगी. फैंस इस टूर्नामेंट के मैचों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और लाइव स्ट्रीमिंग हॉटस्टार पर देख सकते हैं जिसमें मजेदार रोमांच होने का पूरा अंदाजा है.

दीपिका पादुकोण को इस तस्वीर के लिए किया गया ट्रोल

Dipika Padukone मुंबई। ऐक्ट्रेस दीपिका पादुकोण एक बार फिर ट्रोलर्स के निशाने पर उस वक्त आ गईं जब उनकी एक तस्वीर को लेकर लोगों ने उनके खानपान को लेकर मजे लेने शुरू कर दिए. ट्रोलर्स को दीपिका की यह तस्वीर पसंद नहीं आई तो उन्होंने ट्रोल करना शुरू कर दिया. इससे पहले हाल ही दीपिका ने एक मैगजीन के लिए हॉट फोटोशूट कराया था, जिसमें उनके बोल्ड अंदाज को लेकर उन्हें निशाने पर लिया गया था. डिंपल ब्यूटी दीपिका पादुकोण को यह कहकर ट्रोल किया गया कि वह बहुत दुबली और कमजोर दिखती हैं. दरअसल, दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपना ब्लैक आउटफिट में फोटो शेयर किया था. यह वैनिटी फेयर यूके के लिए कराए गए एक फोटोशूट का फोटो है. इस तस्वीर पर कुछ ने लिखा कि वह काफी दुबली दिख रही हैं. हालांकि, दीपिका ने फिलहाल इस पर कोई जवाब नहीं दिया है. किसी ने लिखा कि मुझे यह तस्वीर पसंद नहीं है. हद तो तब हो गई जब एक शख्स ने यह तक लिख दिया कि,’खाना नहीं है घर में…’ और यह कहकर उसने कुछ खाने की सलाह तक दे डाली. इतना ही नहीं, दीपिको का कुछ ने कुपोषण तो किसी ने टाइफाइड का मरीज कहकर भी मजाक उड़ाया. दीपिका का यह फोटो वायरल हो रहा है और इसपर 5 लाख से भी अधिक कॉमेंट आ चुके हैं. हालांकि, दीपिका के फैन्स अपनी चहेती ऐक्ट्रेस का बचाव भी कर रहे हैं और ट्रोलर्स को मुंहतोड़ जवाब देने की भी कोशिश कर रहे हैं. बता दें कि दीपिका पादुकोण ‘पद्मावती’ में रानी पद्मावती का कैरेक्टर प्ले कर रही हैं. इस मूवी में दीपिका के साथ शाहिद कपूर भी स्क्रीन शेयर करेंगे. दीपिका के इस्टांग्राम अकाउंट पर 18 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं और वह सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहती हैं.

13 साल में महिला अफसर के 25 तबादले, PM से गुहार

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भोपाल। मध्य प्रदेश में एक महिला अधिकारी से बड़ा भेदभाव सामने आया है. उन्होंने अपनी आपबीती सुनाते हुये कहा है उनके 13 वर्ष में 25 तबादले किए गए हैं. हैरानी की बात यह है कि इस अफसर पर कोई घपले-घोटाले का आरोप नहीं है. बता दें की यह वही महिला अफसर हैं, जिन्होंने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में वर्ष 2011 में 50 लाख का पुरस्कार जीतकर अमिताभ बच्चन को भी अपना कायल बना दिया था. राजगढ़ जिले के ब्यावरा में तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का तबादला अब सीधी जिले में कर दिया गया है. शिवराज सरकार के इस आदेश से वह काफी दुखी हैं. उन्होंने अपनी परेशानी एक ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बताई है. उन्होंने ट्वीट किया, ’13 साल की नौकरी के दौरान यह मेरा 25वां तबादला है. जब भी मेरा तबादला किया गया, हर बार मुझे 500 किलोमीटर दूर ही भेजा गया.’ अमिता सिंह ने कहा कि तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे और उन्होंने ग्वालियर-चंबल संभाग में किसी भी जगह पर ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था, मगर उनका तबादला सीधी जिले में कर दिया गया है. उन्होंने अपनी परेशानी बताने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है और प्रधानमंत्री को भी ट्वीट किया है. अब देखते हैं कि प्रधानमंत्री इस बारे में संज्ञान लेते हैं या नहीं.

BSNL लाया आपके लिए खास अॉफर, मिलेगी ये सर्विस

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के साथ तालमेल बिठाते हुए भारत संचार निगम लि. (BSNL) ने शुक्रवार को देश भर में अत्याधुनिक ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क (एनजी-ओटीएन) लॉन्च किया, जो बेहद हाई-स्पीड की ब्रांडबैंड सेवा देगी.

संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने एनजी-ओटीएन को लॉन्च करते हुए देश में आधुनिक तकनीक की हाई-स्पीड वाली ब्रॉडबैंड सेवा मुहैया कराने के लिए BSNL की सराहना की.

सिन्हा ने कहा कि सरकार ने साल 2018 के दिसंबर तक 2,50,000 ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड और 1,00,000 गांवों में ऑप्टिकल फाइबर ब्राडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. सिन्हा ने कहा कि NG-OTN देश के 100 शहरों में उपलब्ध है और इस प्रोजेक्ट पर 330 करोड़ रुपए की लागत आई है.

इस मौके पर बीएसएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि कंपनी के कुल 11.5 करोड़ ग्राहक हैं और एनजी-ओटीएन उन्हें बेहद हाई-स्पीड की ब्रॉडबैंड सेवा देगी. उन्होंने कहा कि बीएसएनएल और फाइबर होम की साझेदारी से देश को ऐसी कई परियोजनाएं मिलेगी.

ऊंची जाति से होना चाहिए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार: RSS

नई दिल्ली। अब उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी अपनी जुबानबाजी चालू कर दी है. आरएसएस प्रमुख उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए एनडीए की तरफ से दक्षिण भारत के ‘ऊंची जाति’ के उम्मीदवार को खड़ा करने के पक्ष में है. समाचार एजेंसी आईएएनएस के सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस ने यह सुझाव इसलिए दिया है क्योंकि सत्ताधारी एनडीए ने दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है, जो उत्तर भारत से हैं.

बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि आरएसएस की पंसद महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.विद्यासागर राव हैं, जो इस पद के लिए दौड़ में सबसे आगे निकल सकते हैं, क्योंकि उनके पास सार्वजनिक जीवन का बड़ा अनुभव है. तेलंगाना से बीजेपी के वरिष्ठ नेता राव अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री रह चुके हैं.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर चर्चा के लिए आरएसएस के दो वरिष्ठ नेताओं भैय्याजी जोशी और कृष्ण गोपाल से मुलाकात की. उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 5 अगस्त को होना है. सूत्रों के अनुसार, तीनों नेताओं ने दिल्ली में आरएसएस के मुख्यालय केशव कुंज में मुलाकात की. इनके बीच डेढ़ घंटे से ज्यादा वक्त तक चर्चा हुई.

भाभी ने दिया बेटी को जन्म तो देवर ने दोस्त के साथ मिलकर हॉकी से पीटा

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पटियाला। पंजाब के पटियाला शहर में एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक शख्स अपनी भाभी को दोस्त के साथ मिलकर हॉकी से पीट रहा है. उस महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने एक बेटी को जन्म दिया और ससुराल वालों की दहेज की मांग पूरी नहीं की.

मामला पटियाला के डिविजन नंबर-2 थाना क्षेत्र के नाभा गेट का है. जहां गुरुवार को एक महिला के देवर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी भाभी की हॉकी से जमकर पिटाई की. इस घटना में महिला के पति भी शामिल था. इसी दौरान किसी ने अपने मोबाइल से पिटाई का वीडियो बना लिया.

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला का देवर उसे बेरहमी के साथ पीट रहा है. वो और उसका दोस्त लगातार हॉकी से महिला की पिटाई कर रहा है. महिला मदद के लिए चिल्ला रही है. रहम की भीख मांग रही है. मगर उन दोनों ने उस पर कोई रहन नहीं दिखाया.

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. पीड़ित महिला के परिवार ने पुलिस को शिकायत भी की. पुलिस के मुताबिक महिला की पिटाई करने वाले आरोपी देवर और उसके साथियों को मुकदमा दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि महिला का अभी फरार है.

पीड़ित महिला के परिजनों ने बताया कि इस हमले में महिला के हाथ की अंगुलियां और घुटने की हड्डियां टूट गई हैं. उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

परिजनों के मुताबिक पीड़ित महिला का विवाह दो वर्ष पहले हुआ था. तभी से उसके ससुराल वाले उससे दहेज की मांग करते थे. इसी मांग के चलते महिला को अक्सर पीटा जाता था. दरअसल, उसका पति विदेश जाना चाहता था. जिसके लिए उन्हें एक बड़ी रकम की ज़रूरत थी.

लिहाजा महिला पति और ससुराल वाले इसी लिए हमेशा दहेज की मांग करते थे. परेशान होकर महिला ने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराया था. इस संबंध में महिला आला पुलिस अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की थी. इस बात से भी उसके ससुराल वाले खासे नाराज थे. गुरुवार को मौका देखकर उन्होंने महिला को पीट डाला.

गाय के गोबर और गौमूत्र को ऑनलाइन बेचेगा RSS

नई दिल्ली। भारत में गाय के उपर राजनीति लगातार जारी है. वर्तमान सरकारें इसे लगातार वोट बैंक से भी जोड़ती रही हैं. अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एक ऑनलाइन पोर्टल खोलने की तैयारी में लगा है जिसके जरिए वह मोदी कुर्ता गोमूत्र, गाय के गोबर की खाद, गाय के गोबर का साबुन ऑनलाइन बेचेगा.

जानकारी के अनुसार बताया गया है की यह सब प्रॉडक्ट आरएसएस अपनी लैब में तैयार करता है. आरएसएस की लैब मथुरा के फरह में दीन दयाल धाम में है.

आरएसएस के एक प्रवक्ता ने बताया कि हम लैब में किसी भी तरह के किसी कैमिकल का इस्तेमाल नहीं करते हैं. हमारे यहां 50 गाय हैं. हम रोजाना गोमूत्र और उनका गोबर इकट्ठा करते हैं और जरूरत के अनुसार प्रॉडक्ट बनाने में उनका इस्तेमाल किया जाता है. दीन दयाल धाम के डायरेक्टर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर गोमूत्र से बने प्रॉडक्ट्स की बहुत मांग है. आरएसएस कैंपों का आयोजन कर रही है. इन प्रॉडक्ट्स को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाएगा

 टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक दीन दयाल धाम के डिप्टी सेक्रेटरी मनीष गुप्ता ने बताया कि कामधेनू उत्पादों को जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा. इन प्रॉडक्ट्स में कैंसर, डायबिटीज की दवा, फेस पैक और साबुन शामिल हैं. इसके अलावा मोदी कुर्ता भी जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध होगा. अभी तक यह प्रॉडक्ट्स दीन दयाल धाम और आरएसएस के कैंपों में ही उपलब्ध हैं जिसके बाद अब गाय के मूत को आनलाईन बेचने की तैयारी की जा रही है.

   

साध्वी देवा की धमकी, हज यात्रा पर हिंदू सिखाएंगे सबक

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नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा पर हमले के बाद देश के मुस्लिमों के खिलाफ विवादस्पाद बयान देने में एक औऱ नया नाम जुड़ गया है. देवा इंडिया फाऊंडेशन की निर्देशक तथा हिंदुवादी साध्वी देवा ठाकुर ने अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले को लेकर विवादित बयान दिया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि महादेव के भक्तों के साथ बुरा तो बहुत हुआ लेकिन याद रखना हज यात्रा भी निकलेगी तब हिन्दुओं बदला जरुर लेंगे.

साध्वी ने अपने इसी फेसबुक पोस्ट में आगे कहा है कि मेरे हिंदू शेरों अपना गुस्सा पाल कर रखो. बता दें कि साध्वी देवा ठाकुर हमेशा अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. पिछले दिनों इन्होंने बयान दिया था कि देश में मुस्लिमों के अधिकार हिन्दुओं से कम होने चाहिए और बुर्के को बैन कर देना चाहिए, क्योंकि बुर्के की आड़ में बहुत अपराध होते हैं.

साध्वी अपने फेसबुक पेज पर खुलेआम मुसलमानों के लिए आपत्तिजनक बातें लिखती रहती हैं. सोमवार 10  जुलाई को अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले की घटना के बाद साध्वी ने कई फेसबुक पोस्ट लिखे जिनमें उन्होंने साफ तौर पर एक धर्म विशेष के लोगों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया है. साध्वी देवा ने सिर्फ भड़काऊ पोस्ट ही नहीं लिखे बल्कि ऐसे ही वीडियो भी अपलोड किये हैं.

साध्वी ने अपने फेसबुक लाइव वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि कट्टर हिंदू और मर्द इस वीडियो को देखें, नामर्द और मुसलमान दूर रहें. साध्वी अपने इस वीडियो में आजम खान और ओवैसी को गालियां भी दे रही हैं. हज पर जाने वाले मुसलमानों को चेतावनी देते हुए साध्वी कह रही हैं कि तुम लोग हज पर दिल्ली-मुंबई होकर ही जाओगे ना, देखना उस दिन ये शिवभक्त और गौभक्त कैसा बदला लेंगे तुमसे. गौरतलब है कि इस तरह की बयानबाजी से देश में हिदूं मुस्लिम के बीच विवाद के साथ सांप्रदायिक माहौल भी बिगड़ता है जिसके लिए सरकार को इस तरह के लोगो पर बड़ी कारवाई करनी चाहिए.

 

एम्बुलेंस के इंतजार में घंटों तड़पता रहा दलित, ठेले पर लादकर घर ले गई पत्नी

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. घटना कुशीनगर की एक दलित बस्ती पृथ्वीपुर की है. जहां एक बीमार दलित दुदही के सीएचसी अस्पताल में करीब चार घंटे तक तड़पड़ता रहा. लेकिन उसे एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली. एम्बुलेंस के इंतजार में इतनी रात हो गई कि वह जिला अस्पताल नहीं जा पाई. मजबूरन परिवार वालों को बीमार दलित को घर लेकर आना पड़ा.

दलित की हालत गम्भीर बनी हुई है. स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदनहीनता व उपेक्षा का यह आलम तब है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मुसहर जाति के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी सुविधाएं देने को आदेश दे रखा है और जिले स्तर पर इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हुए हैं.

पृथ्वीपुर गांव के मुसहरी टोला निवासी कंचन मुसहर काफी दिनों से बीमार चल रहा था. वह पेट के रोग से ग्रसित है. हालत गम्भीर होने पर परिजन उसे सीएचसी दुदही में भर्ती कराया गया. कंचन की पत्नी चमेली देवी डॉक्टर के पास पर्ची लेकर पहुंची तो डॉक्टर ने मरीज की हालत देखते ही जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया. लेकिन गम्भीर हालत में तड़पते कंचन को कोई एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई. परिजनों ने 108 पर फोन कर एम्बुलेंस की मांग की तो उधर से अस्पताल में तैनात चिकित्सक से बात कराने को कहा गया. जब चमेली चिकित्सक के पास बात कराने के लिए पहुंची तो चिकित्सक ने बात करने से न केवल इंकार कर दिया बल्कि फटकार लगा कर भगा दिया. उसके बाद करीब चार घण्टे गंभीर रूप से बीमार गरीब मुसहर तड़पता रहा लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मी को दया नहीं आई.

शाम को अंधेरा गहराने तक जब जिला अस्पताल जाने की कोई सुविधा नहीं मिली तो इस गरीब मुसहर के परिजन लाचार हो गए. बाजार से गांव जा रहे एक ठेले वाले का अनुनय-विनय कर कंचन को लाद कर परिजन किसी तरह से तीन किमी दूर अपने गांव ले आए. जहां कंचन की हालत गंभीर बनी हुई है.

इस सम्बन्ध में सीएचसी प्रभारी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने इस मामले की कोई जानकारी न होने की बात कह दी. जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने भी स्पष्ट रूप से इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया.

रूपा गांगुली के विवादास्पद बयान पर TMC का पलटवार

कोलकाता। भाजपा सांसद अपने विवादास्पद बयानों के लिये काफी चर्चा में रहे हैं. अब ताजा मामला कोलकाता का है जहां कल रूपा गांगुली ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर विवादित बयान दिया था. जिसमें उन्होंने ममता सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मैं तृणमूल काग्रेंस को सपोर्ट करने वाली सभी पार्टियों के नेताओं से कहना चाहती हूं कि वे अपनी बहू-बेटियों को ममता बनर्जी की मेहमाननवाजी के बगैर राज्य में रहने के लिए भेजेंगे तो 15 दिन में उनका बलात्कार हो जायेगा.

रूपा गांगुली के बयान पर पलटवार करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता सेवनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा है कि रूपा गांगुली देश को बताएं कि पश्चिम बंगाल में उनका कितनी बार बलात्कार हुआ है.

रूपा ने कहा है कि तृणमूल सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ गया है. राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. बता दें की रूपा कुछ दिन पहले उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट व बादुडि़या में भड़की हिंसा के बाद भाजपा नेताओं के साथ वहां दौरे के लिए जा रही थीं. तब पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था. इस दौरान उनकी गिरफ्तारी भी हो गई थी जिसके बाद से वह तृणमूल से खासा नाराज दिख रहीं थी. इसके बाद उनका यह शर्मनाक बयान देश के सामने आय़ा.

संकल्प भूमि के 100 साल होने पर वडोदरा जाएंगी मायावती!

Mayawati

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती सितंबर महीने की 23 तारीख को वडोदरा जा सकती हैं. वडोदरा में मायावती के सियाजी पार्क स्थित संकल्प भूमि पर जाने की खबर है. असल में बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर ने 23 सितंबर 1917 को ही पारसी धर्मशाला से निकाले जाने के बाद सियाजी पार्क में रात काटी थी. घटना के सौ साल पूरा होने के मौके पर बसपा प्रमुख के वडोदरा दौरे की चर्चा है.

गुजरात में बसपा के पदाधिकारियों ने इस बारे में बहन मायावती से निवेदन किया है और मायावती ने उन्हें कार्यक्रम में पहुंचने का आश्वासन भी दिया है, हालांकि पार्टी ने अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन कयास तेज है कि बहनजी गुजरात पहुंचेगी.

भारत के इतिहास में या यूं कहे कि बहुजन आंदोलन के इतिहास में 23 सितंबर 1917 का दिन बेहद खास है. ये वही दिन है, जिस दिन 26 साल का एक युवक अपनी भीगी आंखों से एक संकल्प ले रहा था. युवक के उस एक संकल्प ने लाखों दलितों शोषितों की जिंदगी बदल दी, या यूं कहें कि भारत का इतिहास बदल दिया. वह युवक थे बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और वह जगह गुजरात का वडोदरा था.

हुआ यह था कि वडोदरा रियासत से मिले स्कॉलरशिप से डॉ. अम्बेडकर विदेश में पढ़ने गए थे. दोनों के बीच करार यह था कि स्कॉलरशिप के बदले अम्बेडकर को वडोदरा रिसायत में कुछ समय तक काम करना था. इसी करार के तहत अम्बेडकर 23 सितंबर 1917 को बड़ोदरा पहुंचे. वहां रुकने के लिए वह सराय या होटल ढूंढ़ रहे थे, लेकिन उनकी जाति के बारे में जानकर कोई भी उन्हें जगह देने को तैयार नहीं था. आखिरकार एक पारसी धर्मशाला में उन्हें रुकने की जगह मिली.

लेकिन जैसे ही हिन्दुओं को मालूम चल गया कि पारसी के धर्मशाला में रुकने वाला भीमराव अम्बेडकर नाम का व्यक्ति दलित है. बस फिर क्या था, लोग पारसी के होटल के बाहर इकट्ठा हो गए और अम्बेडकर को होटल से बाहर निकालने की मांग करने लगे. आखिरकार अम्बेडकर को बेइज्जत होकर वहां से रात के वक्त ही होटल छोड़ना पड़ा. उनके पास रात को रुकने का ठिकाना नहीं था. उन्हें वहीं पास स्थित एक पार्क में रात काटनी पड़ी, लेकिन यह रात डॉ. अम्बडेकर के जीवन की सबसे भारी रात थी. उन्होंने सोचा कि जब मुझ जैसे विदेश में पढ़े लिखे व्यक्ति के साथ हिन्दू इस तरह से व्यवहार कर रहे हैं तो जो मेरे समाज के अशिक्षित और गरीब लोग हैं, उनके साथ कैसा सलूक होता होगा?

बस… फिर क्या था. उन्होंने संकल्प लिया कि वो अपना सारा जीवन वंचित और उपेक्षित समाज के लोगों के जीवन को सुधारने में लगाएंगे. वडोदरा के जिस सियाजी पार्क में बाबासाहेब ने यह संकल्प लिया था, उसे संकल्प भूमि के नाम से जाना जाता है. हर साल वहां देश भर से अम्बेडकरवादी इकट्ठा होते हैं. आगामी 23 सितंबर को इस घटना के 100 साल पूरे हो रहे हैं. खबर है कि सौंवे साल में बाबासाहेब को श्रद्धांजलि देने के लिए बसपा अध्यक्ष मायावती भी वडोदरा पुहंच सकती हैं.

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दस रुपये की खातिर नंदू पाण्डेय ने खखनू पासवान को मार डाला

बलिया। क्या आप बता सकते हैं कि दस रुपये की कीमत कितनी होती है? जी हां, बस इतना सा, कि इसमें एक पैकेट बिस्किट आ जाए. या फिर एक छोटा सा चॉकलेट, तीन सूखी रोटी या फिर एक नमक का पैकेट, जिसके साथ एक गरीब अपनी रोटी खा लेता है. कुल मिलाकर दस रुपये की कीमत इतनी ज्यादा तो नहीं ही होती है की किसी की जान ले ली जाए. लेकिन भारत जैसे देश में यह संभव है.

अपना झूठा रसूख, खोखली इज्जत और भोथड़ा चुके जातीय दंभ के कारण भारत का एक तबका दस रुपये के लिए किसी की जान लेने से नहीं चूकता. भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां आज भी अगर एक गरीब और दलित समाज का आदमी स्वघोषित किसी ऊंचे रसूखदार के खेत में काम करने से मना कर देता है तो उसकी इज्जत चली जाती है. और वह इसे लोकतांत्रिक देश में एक गरीब का हक न समझ कर अपना अपमान समझ बैठता है.

भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जहां एक गरीब इंसान हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी अपनी मजदूरी को हक से मांगने की बजाय हाथ जोड़कर मांगता है. और यहां यह भी गुंजाइश रहती है कि सामने वाला उसे दूसरे दिन आने के लिए कह कर टाल देता है. और कई बार यह दूसरा दिन कभी नहीं आता. और जब कभी कोई गरीब इंसान अपनी मजदूरी को लेने की जिद्द कर बैठता है तो कभी उसे चारा काटने की मशीन में डालकर काट दिया जाता है तो कभी घर के दरवाजे पर पेड़ से बांधकर पीटा जाता है. और कभी उसे अपनी मेहनत और पसीने की कमाई मांगने की गुस्ताखी करने पर इतना पीटा जाता है कि उसकी मौत हो जाती है.

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के गृह जिले उत्तर प्रदेश के बलिया में एक ऐसी ही घटना घटी है. जहां जातीय दंभ में डूबे एक शख्स ने रिक्शा चालक को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई. बलिया के बैरिया थाना स्थित चांदपुर गांव में महज 10 रुपये के विवाद में अहंकार में डूबे नंदू पाण्डेय नाम के इंसान ने वृद्ध रिक्शा चालक खखनू पासवान को इतना पीटा की उसकी मौत हो गई.

विवाद मजह दस रुपये का था, वृद्ध रिक्शा चालक खखनू पासवान अपना मेहनताना मांग रहा था लेकिन रिक्शा वाले का हक से पैसा मांगना नंदू पाण्डेय को अपना अपमान लग गया और उसने वही किया जो सनातन धर्म के कथित रक्षक मानवता को ताक पर रखकर हजारों सालों से करते आए हैं.

खखनू पासवान की हत्या के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन कर रही है, लेकिन खखनू पासवान ने जीते जी कभी यह नहीं सोचा होगा कि उसे कभी दस रुपये की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पर जाएगी.

नीतीश के कार्यक्रम में हटाई गयी तेजस्वी  की नेमप्लेट

पटना। बिहार की राजनीति इस वक्त ठीक दिशा में नहीं चल रही है. जेडीयू और आऱजेड़ी महागठबंधन में इस वक्त कुछ भी ठीक नजर नहीं आ रहा. पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी आमंत्रित किया गया था.

कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार तो पहुंचे लेकिन तेजस्वी यादव इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नहीं पहुंच पाये. हालात ये हुए कि कार्यक्रम में मंच पर तेजस्वी यादव के लिए कुर्सी लगी हुई थी और मंच पर उनकी नेमप्लेट भी लगी हुई थी, लेकिन जब उपमुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल होने नहीं पहुंचे तो पहले उनकी नेमप्लेट को ढंक दिया गया और बाद में मंच से हटा दिया गया.

बता दें की यह घटना बिहार सरकार की ओर से ये आयोजित ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ कार्यक्रम में देखने को मिली. जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम में तेजस्वी यादव को आमंत्रित किया गया था. उनके पहुंचने का कार्यक्रम भी तय माना जा रहा था, इसीलिए तेजस्वी यादव की कुर्सी और नेमप्लेट मंच पर लगाई गई. उनकी सीट नीतीश कुमार के बिल्कुल बगल में ही लगी थी, लेकिन कार्यक्रम की शुरुआत होने पर नीतीश कुमार तो पहुंचे लेकिन तेजस्वी यादव नहीं पहुंचे.

ऐसे में पहले तो उनकी नेमप्लेट को ढंक दिया गया और बाद में उनकी सीट को हटाना पड़ गया. इस घटना को महागठबंधन की खटास से जोड़कर देखा जा रहा है.

जम्मूः सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, 3 आतंकी ढेर

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जम्मू। जम्मू कश्मीर के सटोरा त्राल में एक बार फिर से सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. सेना ने अब तक तीन आतंकियों को मार गिराया है. फिलहाल ऑपरेशन जारी है. अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद यह दूसरी मुठभेड़ है. इससे पहले 11 जुलाई को ही सेना ने कश्मीर के बड़गाम में तीन आतंकियों को मार गिराया था. मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सटोरा त्राल में तीन से चार आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही सेना की 42 आरआर और राज्य पुलिस के विशेष अभियान दल व सीआरपीएफ के जवानों के एक संयुक्त कार्यदल ने घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान शुरु किया था. सुबह सात बजे सटोरा में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरु हुई और साढ़े आठ बजे तक दो आतंकी मारे गए थे. तीसरा आतंकी अगले एक घंटे के दौरान मारा गया.

प्रशासन ने जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े आतंकी हमले की आशंका के चलते अलर्ट जारी किया है. बिजबिहाड़ा से श्रीनगर और पंथाचौक-नौगाम- हैदरपोरा-बेमिना बाईपास और एचएमटी से गांदरबल मार्ग को संवेदनशील घोषित किया है. हमले के लिए आतंकी संगठनों ने तीन से चार दस्ते बनाए हैं. प्रत्येक दस्ते में दो से तीन आतंकी शामिल हैं. कुछ आतंकियों को श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम और माच्छुवा में देखा गया है. सुरक्षाबलों ने सभी इलाके घेरकर तलाशी अभियान छेड़ रखा है.

आतंकियों के पास राकेट लांचर जैसे घातक हथियार होने के इनपुट मिले हैं. हमले को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने प्रत्येक दस्ते में एक साल के दौरान आतंकी बनने वाले युवकों को भी शामिल कर रखा है. सूत्रों की मानें तो आतंकी आधार शिविरों या श्रद्घालुओं के वाहनों पर भीड़ भरे इलाकों में ग्रेनेड से हमला कर सकते हैं. संबधित अधिकारियों ने बताया कि सटोरा मे एक दो आतंकी और हैं. उन्हें भी जिंदा अथवा मुर्दा पकडऩे के लिए अभियान को जारी रखा गया है.

हमले की आशंका थी तो अमरनाथ यात्रियों को क्यों नहीं बचा पायी मोदी सरकार: ओवैसी

हैदराबाद। अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादी हमले के बाद नेताओं के बयान लगातार आते रहे हैं जिसमें मोदी सरकार की नाकामियों की चौतरफा निदां हो रही है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार से पूछा है कि जब यात्रियों पर हमले की आशंका की खुफिया सूचना थी, फिर वह उन्हें बचाने में क्यों नाकाम रही.

ओवैसी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर दूसरी बार हमला हुआ है. उन्होंने मांग की कि सरकार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि हमले की आशंका की खुफिया सूचना के बावजूद वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में क्यों नाकाम रही. इससे जुड़ी खबर मीडिया में भी 26 जून को आई थी. ओवैसी ने कहा, “यही समय है, जब केंद्र में भाजपा अपनी दिशा में सुधार करे.” उन्होंने आरोप लगाया कि लश्कर-ए-तैयबा तथा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर सलाहुद्दीन कश्मीर घाटी में 2008 जैसे हालात पैदा करना चाहता है.

हमले की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि निर्दोष श्रद्धालुओं की मौत पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास करने वाले लोगों को जनता द्वारा समझ जाना बहुत जरुरी है और कश्मीर की नासूर समस्या को खत्म करने का उपाय ढूढना अब जरुरी हो गया है.

 

आदिवासी महिलाओं से रेप के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

Adivasi protest in Raiganj

रायगंज। पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर में चार आदिवासी महिलाओं से बलात्कार करने की घटना सामने आई है. आदिवासी समन्वय समिति ने दक्षिण दिनाजपुर के रायगंज इलाके में विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जमकर हंगामा किया. यही नहीं उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ दुकानों में तोड़फोड़ की. सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह पर संपत्ति को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस भी वहां मौजूद रही. पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास करती रही.

चार आदिवासी महिलाओं के यौन उत्पीड़न के विरोध में रायगंज शहर रणक्षेत्र में बदल गया. शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए. तीर-धनुष से लैस आदिवासी उग्र हो उठे. उन्होंने कई दुकानों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. उन्होंने बस स्टैंड स्थित आइटीटीयूसी का ऑफिस भी जला दिया. पास में ही स्थित एक गोदाम को भी आग के हवाले कर दिया गया है. बड़ी संख्या में गाड़ियों को भी जलाया गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि रायगंज शहर के विद्रोही मोड़ से लेकर सिलीगुड़ी मोड़ तक नजारा किसी रणक्षेत्र जैसा था. इस इलाके की कई दुकानों में तोड़फोड़ की गयी. स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा है. घटना के विरोध में रायगंज शहर व्यवसायी समिति ने अनिश्चितकालीन बंद बुलाया है.

विभिन्न आदिवासी संगठनों के सदस्यों ने तांडव करने के बाद रायगंज के सिलीगुड़ी मोड़ इलाके में एनएच 34 को जाम कर दिया. इस जाम की वजह से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. तोड़फोड़ के विरोध में बाजार में कई जगहों पर व्यवसायियों ने भी सड़क जाम की. आदिवासी नेताओं का कहना है कि दोषियों को सजा की मांग को लेकर हमने जुलूस निकाला है. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भरत राठौर ने कहा कि दुष्कर्म के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी की तलाश जारी है. आदिवासियों संगठनों को हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए था.

Adivasi protest in Raiganj

क्या है मामला आरोप है कि रविवार को रायगंज थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित बस स्टैंड के विश्रामागार से एक शिक्षिका समेत चार आदिवासी महिलाओं को बंदूक की नोक पर उठा लिया गया. उन्हें एक घर में ले जाकर उनका बलात्कार किया गया. ढाई घंटे तक इन महिलाओं को नारकीय यातना झेलनी पड़ी. दो आदिवासी नाबालिग लापता थीं. इधर, इस घटना की जांच में जुटी पुलिस ने अब तक तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है. मालदा के गाजोल से दोनों आदिवासी लड़कियों को बरामद किया गया.

इस घटना के विरोध में शुक्रवार को रायगंज के चंडीतला मोड़ से आदिवासियों का जुलूस रायगंज बस स्टैंड पहुंचा. जुलूस में शामिल तीर-धनुष से लैस हजारों आदिवासियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन कियाकिया. रायगंज बस स्टैंड के आसपास का क्षेत्र जलकर राख हो गया है. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने कई मोटरसाइकिलों और साइकिलों को जला दिया. बस स्टैंड के आसपास की दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की गई. ट्रैफिक बूथ को भी तोड़ दिया गया. इसके चलते रायगंज शहर में आतंक फैल गया.

कश्मीरी मुस्लिमों की सेना में रोको भर्ती, मदरसों को बंद करो: VHP

नई दिल्ली। अपनी बयानबाजी के लिए विवादों में रहने वाले संगठन विश्व हिन्दु परिषद का एक बेतुका बयान सामने आया है. अमरनाथ यात्रियों पर हमले के बाद देश में बौखलाहट का माहौल तो है ही ऐसे में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद ने कश्मीर मामले में सरकार पर कठोर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 10 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता कश्मीर में आतंक प्रभावित क्षेत्रों में जाकर सेना का उत्साह बढा़येंगे.

वीएचपी कोंकन के अध्यक्ष शंकरराव गायकर ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सेना में कश्मीरी मुस्लिमों की भर्ती बंद होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना दोनों में ही कश्मीरी मुस्लिमों की भर्ती बंद करे. गायकर ने यह भी कहा कि अगर सेना और पुलिस में कश्मीरी मुसलमानों की भर्ती बंद नहीं होगी तो सेना पर पत्थर फेंकने वाले लोग एक दिन सेना में भर्ती होंगे और देश के खिलाफ साजिश करेंगे.

शंकरराव ने मदरसों को बंद करने की बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार को घाटी में चल रहे सभी मदरसों को बंद कर देना चाहिए. आतंक की नर्सरी क्लास इन्ही मदरसों में लगती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार हिंदुत्व की कोर पॉलिसी पर चले और धारा 370 को हटाये. गौरतलब है कि इस तरह के भड़काऊ बयानों के लिए वीएचपी संगठन पहले से ही विवादों में रहा है अब फिर से इस तरह के बयान के बाद कश्मीर में माहौल बिगड़ने  के पूरे आसार हैं.

 

जातीय हिंसाः एक दलित की मौत, गर्भवती सहित तीन घायल

Sultanpur सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद भी दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही. आए दिन दलितों पर सवर्ण समुदाय के लोग हमला कर रहे हैं. दलितों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है. सुलतानपुर के रामनाथ पुर गांव में कुछ ब्राह्माणों ने एक दलित परिवार पर हमला कर दिया. दलित परिवार के मुखिया सहित गर्भवती बहु-बेटे और पत्नी की सवर्णों ने लाठी-डंडों से पिटाई कर दी. जिसमें परिवार के मुखिया की मौत हो गई. सूचना के बाद पहुंची यूपी 100 ने घायलों को 108 एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परिवार के मुखिया को मृत घोषित कर दिया. बहू-बेटे व पत्नी की हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने पुलिस की दो टीमें की गठित है. मृतक के बेटे की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के रामनाथपुर गांव निवासी दलित रामजीत (45) के घर पर शुक्रवार (14 जुलाई) की दोपहर बाद करीब दो बजे गांव के ही ब्राह्मणों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया. रामजीत के घर में जो भी मिला उसे जमकर पीटा. पिटाई के बाद हमलावर फरार हो गए. पिटाई से रामजीत, पत्नी सुमित्रा (42), बेटा मंजीत (25) व गर्भवती बहू अंतिमा (20) पत्नी मंजीत गंभीर रूप से घायल हो गए. तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमलावरों के जाने के बाद हिम्मत जुटाकर रामजीत के घर पहुंचे ग्रामीणों ने इसकी सूचना यूपी 100 को दी. सूचना के बाद पहुंची यूपी 100 ने 108 एंबुलेंस को बुलाकर सभी को सीएचसी जयसिंहपुर भेजा. पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने बताया कि एएसपी सूर्यकांत त्रिपाठी को घटना स्थल पर जांच के लिए भेजा गया है. पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की, इसकी भी जांच की जा रही है.