ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड के काशीपुर में ‘एशियाई संस्कृति व इसके पुनरोत्थान में बौद्ध धर्म की प्राप्तियां’ विषय पर 28 जुलाई से तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. इस सम्मेलन के आखिरी दिन 30 जुलाई को समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को इंटरनेशनल ग्लोबल पीस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे भी सम्मेलन में पहुंच सकते हैं.
आयोजित होने वाले सम्मेलन में विश्व के 26 देशों के बौद्ध विचारक मंथन करेंगे. अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष रेवरेंड महानायक महाथेरो अश्वघोष ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सम्मेलन में 26 देशों के बौद्ध विचारकों को आमंत्रित किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि सम्मेलन में बौद्ध समाज के विकास पर चर्चा की जाएगी इसके साथ ही इसका विस्तार करने की नीतियों पर भी चर्चा की जाए.
अश्वघोष ने कहा कि सम्मेलन आने लोगों को बौद्ध धम्म के इतिहास के बारे में भी बताया जाएगा. बौद्ध समाज के देश-विदेश से बुद्धिजीवी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. बौद्ध धर्म के विकास के लिए काम करने वाले बौद्धो को सम्मानित किया जाएगा.
13 देशों के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में पहुंचने के लिए सहमति दे दी है. उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य तथागत बुद्ध के संदेश सभी लोगों का पहुंचाना है. वर्तमान में जो परिदृश्य दुनिया में बना है, उससे तभी बाहर निकला जा सकता है, जब सभी लोग तथागत बुद्ध के बताए रास्ते पर चलेंगे.



तिरुवनंतपुरम। सांप्रदाय़िक ताकतों ने इस बार एक प्रख्यात मलयाली लेखक केपी रमनउन्नीन को निशाना बनाया है. लेखक को धमकी भरा गुमनाम खत मिला है. उसमें आरोप लगाया गया है कि उनके हालिया लेखों की वजह से मुस्लिम युवक ‘भटक’ रहे हैं. उसमें चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि वह अपनी हरकतों से बाज आएं और छह महीने के भीतर इस्लाम कबूल कर लें. यदि वह ऐसा नहीं करते तो उनके दाहिने हाथ और बाएं पैर को काट दिया जाएगा. रमनउन्नी को छह दिन पहले कोझिकोड स्थित आवास पर मिले इस खत के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.