डायन बताकर महिला को मार डाला, पंचो ने स्नान करवाकर धो दिए ‘पाप’

अजमेर। अजमेर जिले के केकड़ी कस्बे में चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना हुई. केकादेड़ा कस्बे में महिला को डायन बताकर हत्या कर देने के मामले में रविवार (13 अगस्त) देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार शाहपुरा स्थित कारखाना के पास रेगर बस्ती निवासी चंद्रप्रकाश, कादेड़ा स्थित रेगर मोहल्ला निवासी महावीर, सोनिया, पिंकी और गोपीचंद को गिरफ्तार किया है.

3 अगस्त को कादेड़ा में कन्यादेवी रैगर को उसके ससुराल के ही सदस्यों ने डायन घोषित कर उस पर अत्याचार शुरू किए. उसे सांकलों से बांधा और जलते अंगारों से झुलसाया गया. उसे मल तक खिलाया गया. घायल कन्यादेवी इस अत्याचार को सह नहीं पाई और उस समय अचेत हो गई. अगले दिन शाम को उसकी मौत हो गई. मामले को दबाने की कोशिश की गई और गुपचुप अंतिम संस्कार कर दिया गया.

40 वर्षीय कन्या देवी के पति की मौत क्या हुई, परिवार के लोग ही जान के दुश्मन बन गए. उसे डायन बताया गया. फिर शुरू कर दिया अमानवीय यातनाओं का दौर. लोहे की चेन से बुरी तरह पीटा गया. कपड़े उतरवाकर मोहल्ले में घुमाया गया. आंख और दोनों हाथ को अंगारों से दाग दिए. इससे भी मन नहीं भरा तो धधरते अंगारों पर बिठा दिया. बुरी तरह से घायल कन्या देवी की अगले दिन मौत हो गई.

घटना पर पर्दा डालने के लिए आनन-फानन में उन्हीं लोगों ने अंतिम संस्कार भी करा दिया. इसके बाद जो हुआ वह और भी चौंकाने वाला था. पंच पटेलों ने महिला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के तो सारे गुनाह माफ कर दिए. कहा- पुष्कर सरोवर में स्नान करो और गायों के लिए एक बोरी अनाज, एक ट्रैक्टर चारा और पांच टैंकर पानी देकर ‘पापमुक्त’ हो जाओ.

दूसरी ओर, पीड़ित परिवार को पाबंद कर दिया कि किसी को इस बारे में बताया तो समाज से बाहर कर देंगे. गनीमत रही कि महिला के एक रिश्तेदार महादेव ने शनिवार को यह मामला पुलिस तक पहुंचा दिया.

मृतका के बेटे कालूराम ने घटना के बारे में बताया. कालूराम ने कहा कि रात के 11 बजे थे. हम आंगन में सो रहे थे. तभी वो लोग आए और मां की चोटी पकड़क घसीटने लगे. मां चिल्लाई तो लोहे की चेन से मारना शुरू कर दिया. कहा- चलानिया भैरूजी का भाव आया है. तू डाकन (डायन) है. मैं रोने लगा तो मुजे एक कमरे में बंद कर दिया. मां चीखती रही. कभी हाथों में अंगारे रख दिए, कभी आग पर बिठा दिया. मैं चाहता हूं कि मेरी मां को मारने वाले लोगों को कड़ी सजा मिले.

साभारः दैनिक भास्कर

गोरखपुर में बच्चों की मौत पर शिवसेना आक्रामक, पूछा कहां है अच्छे दिन?

मुंबई। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पिछले 7 दिनों में हुई 60 से ज्यादा मौतों को को लेकर शिवसेना ने मोदी सरकार और योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. इस मामले में सिर्फ विपक्षी पार्टियां ही नहीं बल्कि सरकार की सहयोगी पार्टियां भी योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही हैं.

शिवसेना ने इस हादसे को ‘सामूहिक बालहत्या’ करार दिया है. सामना में लिखा है कि उत्तर प्रदेश में हुआ ये बड़ा हादसा, स्वतंत्रता दिवस का अपमान है. गरीबों के साथ जो हुआ, ये बेहद निंदनीय है. मोदी पर हमला करते हुए सामना में लिखा गया है कि उनकी ‘मन की बात’ को समझने की बजाय, उनकी वेदनाओं की खिल्ली उड़ाई जाती है, आखिर इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार कौन है?

शिवसेना ने अपने मुखपुत्र सामना में इस घटना को लेकर योगी सरकार और मोदी सरकार पर हमला बोला है. सामना में लिखा है कि यूपी के गोरखपुर अस्पताल में 70 बच्चों की मौत को सामूहिक बालहत्या ही कहेंगे, यह गरीबों की बदकिस्मती है. वहीं सामना में मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा है कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने के बावजूद, आज भी सरकारी अस्पतालों में गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए अच्छे दिन नहीं आए हैं.

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि पिछले कई सालों से अगस्त के महीने में कई बच्चे गोरखपुर के इस अस्पताल में दिमागी बुखार की चपेट में आकर जान देते है. उन्होंने आंकड़े भी पेश किए. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर तो नहीं कहा लेकिन, उनकी बात का अर्थ ये ही था कि हर साल अगस्त में बच्चे मरते ही है.

जमीनी विवाद पर हुई दलित की पिटाई, इंसाफ के लिए लगाई सीएम योगी से गुहार

लखनऊ। लखनऊ से लगभग 27 किलोमीटर दूर रहीमाबाद के कोतवाली क्षेत्र में एक दलित की पिटाई का मामला सामने आया है. मामला रहीमाबाद के बाकी नगर गांव का है. जहां गांव के कुछ लोगों ने दलित की पिटाई कर दी.

दरअसल, दलित को तहसील प्रशासन से जमीन आबंटित की थी. जब दलित जमीन की मेड़बंदी करने गया तो गांव के कुछ लोगों ने अपनी गुंडागर्दी के बल पर उसको मेड़ बनाने से रोक दिया, दलि के विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे जमकर पीटा. दलित ने जब शोर मचाया तो वो लोग वहां से भाग निकले.

घटना के पंद्रह दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक एफआईआर नहीं दर्ज की है. कार्रवाई न होने से आहत पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है.

रहीमाबाद के बाकी नगर गांव निवासी रामबालक को तहसील प्रशासन ने जमीन आवंटित की थी. जिस पर लेखपाल ने नापकर कब्जा दिला दिया था. रामबालक 28 जुलाई को उक्त भूमि पर मेड़ बांध रहे थे, तभी गांव के ही अदनान अंसारी और सलमान अंसारी अपने कई साथियों के साथ आए और मेड़ बांधने से मना करते हुए कहा कि यह जमीन हमारी है. तब रामबालक ने आवंटन का हवाला देते हुए अपना हक जताया. इस पर उक्त लोगों ने रामबालक को अपशब्द कहे और पीटा. दोबारा जमीन पर कदम न रखने की धमकी दी. इस घटना से पूरा परिवार काफी डरा सहमा है.

बॉम्बे HC ने दिया सहारा समूह को झटका

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सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के तीन दिन बाद सहारा समूह की लोनावला में एंबी वैली परियोजना की नीलामी का आदेश दिया है. एंबी वैली परियोजना के आधिकारिक परिसमापक (ऑफिशियल लिक्विडेटर) ने इस नीलामी का आरक्षित मूल्य 37,392 करोड़ रुपए रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को सहारा केस की सुनवाई में कहा कि ऐंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया नहीं रुकेगी. कोर्ट ने सहारा प्रमुख की नीलामी की प्रक्रिया पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आदेश के मुताबिक रुपए जमा कराएंगे तो सही आदेश पास करेंगे. ऐंबी वैली की नीलामी रोकने के लिए सहारा प्रमुख सुब्रत राय की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी. सहारा ने अपनी याचिका में कहा था कि ऐंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया फिलहाल रोकी जाए क्योंकि रुपए वापस करने के लिए वो किसी और प्लान पर काम कर रहे हैं. सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि 14 अगस्त को जारी नीलामी का पब्लिक नोटिस को स्थगित कर दिया जाना चाहिए. ऐंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया को कम से कम 16 सितंबर तक स्थगित कर देना चाहिए, ताकि सुब्रत रॉय पैसे की व्यवस्था कर सकें. उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क में होटल बेचे गए हैं और जल्द ही सहारा खाते में पैसा आ जाएगा.

25 जुलाई को शीर्ष अदालत ने समस्या में फंसे सहारा प्रमुख से सेबी-सहारा खाते में सात सितंबर तक 1,500 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था. पीठ ने कहा था कि उसके बाद वह पूरा भुगतान के लिये 18 महीने का और समय दिए जाने के अनुरोध पर विचार कर सकती है .

नेपाल में बाढ़ से 55 लोगों की मौत, 200 भारतीय सहित 700 लोग फंसे

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काठमांडू। बाढ़ से केवल भारत ही नहीं नेपाल भी प्रभावित हो रहा है. भारत में बाढ़ और बारिश से अब तक सैकड़ों लोगो की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अब तक प्रभावित हैं. प्रकृति का यह अब भी जारी है. न सिर्फ भारत में बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी.  नेपाल में भारी बारिश के चलते आई बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 55 लोग मारे गए हैं जबकि देश के मध्य हिस्से में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन जिले में 200 भारतीय सहित करीब 700 पर्यटक फंसे हुए हैं.

बाढ़ और भूस्खलन से 21 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इसने गृह मंत्रालय के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए यह बताया है. चितवन में 100 से अधिक होटल आंशिक रूप से जलमग्न हो गए हैं. परसा जिले में 1000 से अधिक मकानों में पानी घुस गया है. चितवन राष्ट्रीय उद्यान के सौराहा में फंसे 700 पर्यटकों में करीब 200 भारत से हैं और इतनी ही संख्या में अन्य देशों से हैं. शेष नेपाली नागरिक हैं. गौरतलब है कि नेपाल सरकार की कैबिनेट ने कल एक आपात बैठक की थी. प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने जिला प्रशासनों को बचाव अभियान तेज करने को कहा है.

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया गया है कि मध्य और पश्चिमी मैदानों में भारी बारिश होने की संभावना है. इसने बताया कि मॉनसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और पश्चिमी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. अधिकारियों ने बताया कि पिछले शुक्रवार से बाढ़ और भूस्खलन के चलते नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़ कर 55 हो गई है. उन्होंने बताया कि 36 लोग लापता बताए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री को लेनी चाहिए मौतों की जिम्मेदारीः रामअचल राजभर

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के बसपा अध्यक्ष रामअचल राजभर ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया. उनके नेतृत्व में बसपा के प्रतिनिधि मंडल ने भी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया. रामअचल राजभर के अलावा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा, विधायक दिनेश चंद्रा, विधायक विनयशंकर तिवारी, पूर्व सभापति गणेशशंकर पांडे के साथ कई जिलों और मंडल के नेता-कार्यकर्ता शामिल थे. बसपा के प्रतिनिधी मंडल मृतको के परिवार के दुखों में शामिल हुआ और सरकार के प्रत्येक पीड़ित परिवार को 20-20 लाख मुआवजे देने की मांग की. इसके अलावा प्रतिनिधी मंडल ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की. बसपा नेताओं ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था का परिक्षण किया. बसपा नेताओं ने परिक्षण के दौरान अस्पताल में काफी लापरवाही देखी. अस्पताल में मौतों के बाद भी मरीजों का ताता लगा हुआ है. एक बेड पर दो-दो बच्चे हैं. सरकार समस्या का हल करने के बजाय बहाने बना रही है.

बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया. इसके साथ योगी सरकार की निंदा भी की. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पीड़ितों को उचित समय पर न्याय दिलाना चाहिए.

गौरतलब है कि यूपी के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले एक हफ्ते में 60 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी. 9 तारीख की आधी रात से लेकर 10 तारीख की आधी रात को 23 मौतें हुईं जिनमें से 14 मौतें नियो नेटल वॉर्ड यानी नवजात शिशुओं को रखने के वॉर्ड में हुई जिसमें प्रीमैच्योर बेबीज रखे जाते हैं. यह भी हैरतअंगेज है कि 10 अगस्त की रात को ऑक्सीजन की सप्लाई खतरनाक रूप से कम हो गई. ऑक्सीजन खत्म होने से अबतक 30 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस मामले में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो मंत्रियों को मामले की जांच के लिए गोरखपुर भेजा है.

गोरखपुर के बेजान बच्चों के मां-बाप का दर्द

 

जरा सोचिए, हाथों में अपने बच्चों के बेजान शरीर को ढ़ोकर ले जाते मां-बाप के मन में क्या चल रहा होगा. अपने बच्चों के जन्म से लेकर उनके शरीर के बेजान होने तक न जाने कितनी बार उन्होंने उसे आसमान की ओर उछाला होगा, गोद में उठाया होगा, चूमा होगा लेकिन सरकारी और संवेदनहीन तंत्र ने उन दर्जनों बच्चों की सांसे छीन ली. बच्चों के बिलखते मां-बाप और परिवारजनों को देखना, अंदर तक इतना टीस दे गया कि उसका दर्द जाने में वक्त लगेगा.

लेकिन क्या सत्ताधारियों को भी फर्क पड़ा होगा? क्या उन लोगों को फर्क पड़ा होगा जो अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाने के जिम्मेदार थे? अगर फर्क नहीं पड़ा तो एक बार गोरखपुर के उस अस्पताल से घूम आओ जहां बच्चों के बेजान शरीर लिए उनके घरवाले रो-रोकर पागल हो रहे हैं. नहीं जा सकते तो टीवी पर ही देख लो. याद रखो, ये बच्चे मरे नहीं हैं, इन्हें तुमलोगों ने मारा है.

सरकारी आदेशः राजस्थान यूनिवर्सिटी में 2 अक्टूबर को नहीं होगी छुट्टी

जयपुुर। राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इस बार दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर अवकाश नहीं रहेगा. ये व्यवस्था इसी साल से लागू होगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्‍य की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने ये बात कही है. उन्‍होंने कहा है कि 2 अक्‍टूबर के दिन कॉलजों में गांधी जयंती मनाई जाएगी. इसी कारण से अवकाश रद्द किया गया है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों सहित सभी संस्थानों को अवकाशों की सूची दो महीने पहले ही भेजी जा चुकी है. अक्टूबर में संस्थानों में मुहर्रम और दीपावाली के अवकाश रहेंगे.

खबरें ये भी हैं कि राज्‍य सरकार ने सरकारी छुट्टी का नया केलेंडर जारी किया है. इसमें गांधी जयंती को वर्किंग डे दिखाया गया है. जबकि यूनिवर्सिटीज और सरकारी कालेजों के पूर्व शिक्षण कैलेंडर में इस दिन अवकाश घोषित किया गया था.

इस खबर के आने के बाद यह भी कहा गया है कि केवल उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ही ये कैलेंडर बनाया गया है.

मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत की जांच करेगी बसपा की टीमः मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मृत्यु को यूपी सरकार की लापरवाही बताते हुए निंदा की है. मायावती ने कहा कि यह अत्यंत ही दुखद और दर्दनाक घटना है. इसके लिए भाजपा सरकार की जितनी भर्त्सना की जाए कम है. उन्होंने मांग की है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच हो और पीड़ित परिवार को हर प्रकार की मदद की जाए.

बसपा सुप्रीमों ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सरकार की उदासीनता और अनदेखी के कारण पिछले छह दिनों में 60 से अधिक बच्चों की मौत हो गई. उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लिए जनहित और जनकल्याण के मामले ज्यादा महत्व नहीं रखते क्योंकि उनके लिए दलित-विरोधी, पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम-विरोधी मामलों के साथ-साथ तिरंगा, वंदेमातरम, मदरसा, व एंटी रोमियो जैसे मुद्दे ज्यादा मायने रखते हैं.

मायावती ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर मांओं की गोद उजड़ने की दर्दनाक घटना उस समय हुई है जब यूपी के मुख्यमंत्री स्वयं गोरखपुर में सरकारी दौरे पर थे और राजनीति व पूजा-पाठ आदि से थोड़ा समय निकालकर सरकारी विभागों के कार्यकलापों की समीक्षा कर रहे थे. इस दौरान आश्चर्यचकित कर देने वाली इस घटना का होना वास्तव में यूपी सरकार की क्षमता और उसकी कार्यप्रणाली की सफलता पर एक नहीं बल्कि सौ सवालिया निशान खड़े करता है.

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि इस दर्दनाक घटना की संवेदनशीलता को गंभीरता से लेते हुए बसपा के तीन सदस्सीय उच्च प्रतिनिधि मण्डल को तत्काल गोरखपुर जाकर अस्पताल का दौरा करने, पीड़ित परिवार को सांत्वना देने तथा उन्हें न्याय पहुंचाने का भरोसा दिलाने का निर्देंश दिया गया है.

मायावती ने कहा कि बसपा यूपी के अध्यक्ष रामअचल राजभर, विधानसभा में बसपा दल के नेता लालजी वर्मा और क्षेत्र के पार्टी प्रभारी दिनेश चन्द्रा गोरखपुर जाकर घटना की जानकारी प्राप्त कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे. क्योंकि भाजपा नेतागण सही तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने व जनता को असली मुद्दे से भटकाकर उन्हें गुमराह करने के मामलों में काफी ज़्यादा महारत रखते हैं. वे जनहित की अनदेखी करना, अपनी जिम्मेदारी से भागना और फिर जनता को बहकाना खूब अच्छी तरह से जानते हैं.

बिहार में फिर बन सकती है लालू यादव की सरकार!

पटना। बिहार में बदलते सियासी घटनाक्रम में आने वाले दिनों में बड़ा राजनैतिक परिवर्तन देखने को मिल सकता है. राज्यसभा सांसद अली अनवर को पार्टी से निकालने के बाद शरद यादव को राज्यसभा में जद यू के नेता पद से हटा दिया गया है. वहीं अपने तीन दिवसीय बिहार दौरे में पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों की नब्ज टटोलने के बाद दिल्ली लौटकर शरद यादव बड़ा फैसला कर सकते हैं.

जिस तरह से नीतीश कुमार और शरद यादव आमने-सामने आ गए हैं, उसमें अभी शरद यादव खेमे की कोशिश नीतीश कुमार और भाजपा गठबंधन की सरकार को गिराने की है. शरद खेमे के सूत्रों की माने तो यह खेमा बिहार में वापस लालू यादव और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की रणनीति पर काम भी करने लगा है. बिहार में राजद और कांग्रेस पार्टी को मिलाकर देखें तो यह बहुत मुश्किल भी नहीं दिख रहा है.

भाजपा के समर्थन से सरकार बनाते हुए नीतीश कुमार ने 131 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा था. विश्वास मत के दौरान नीतीश के पक्ष में 131 और विपक्ष में 108 वोट पड़ें थे. 243 सीटों वाले बिहार विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की जरूरत है. ऐसे में विपक्षी खेमा जिसमें लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी है, उसमें अगर शरद यादव खेमे से 14 से 15 विधायक आ जाते हैं तो एक बार फिर बिहार का राजनैतिक परिदृश्य बदल सकता है.

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एक बार बिहार विधानसभा में दलों की स्थिति पर नजर डालें तो यह मुश्किल नहीं लगता. बिहार विधानसभा में दलों की स्थिति इस प्रकार है.

कांग्रेस- 27 भाजपा- 53 जनता दल (यू)- 71 राष्ट्रीय जनता दल- 80 राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी- 2 लोक जन शक्ति पार्टी- 2 कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट)(लिबरेशन)- 3 हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर)- 1 निर्दलीय- 4 हालांकि सारा दारोमदार शरद यादव पर है. यह देखना होगा कि शरद यादव के साथ जनता दल के कितने विधायक खड़े होते हैं. बिहार के इस पूरे राजनैतिक परिदृश्य में कम्यूनिस्ट पार्टी के 3 और 4 निर्दलीय विधायकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है.

देखिए, डीएम ने खुदकुशी से ठीक पहले वीडियो में बताया सुसाइड का कारण

नई दिल्ली।  डीएम मुकेश पांडे के सुसाइड नोट के बाद उनका सुसाइड से पहले का वीडियो सामने आया है. गाजियाबाद के पास कोटगांव रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करनेवाले बक्सर के डीएम का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मुकेश कुमार उन वजहों के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं जिन्होंने उन्हें आत्महत्या करने के लिए उकसाया. मुकेश ने बताया कि उनकी पत्नी बहुत एग्रेसिव हैं और उनके माता-पिता के साथ पत्नी की न बनने की वजह से उन्हें दोनों में तालमेल बिठाने में काफी परेशानी आ रही है.

गाजियाबाद के पास कोटगांव रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करनेवाले बक्सर के डीएम का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मुकेश कुमार उन वजहों के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं जिन्होंने उन्हें आत्महत्या करने के लिए उकसाया.

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सूत्रों का कहना है कि मुकेश पांडे काफ़ी समय से तनाव में चल रहे थे. साथ ही पारिवारिक समस्याओं से भी जूझ रहे थे. छपरा के रहनेवाले मुकेश पांडे 2012 बैच के आईएएस अफ़सर थे और बीते 31 जुलाई को ही बक्सर ज़िले के डीएम का पदभार संभाला था. आईएएस के तौर पर यह उनकी पहली पोस्टिंग थी. इससे पहले वह कटिहार में बतौर डीडीसी तैनात थे.

बसपा सम्मेलनः बनारस रैली की जगह और तारीख बदली

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती द्वारा हर महीने की 18 तारीख को घोषित कार्यकर्ता महासम्मेलन में एक फेरबदल है. पहले चरण में 18 सितंबर को मेरठ में रैली के बाद 18 अक्टूबर को दूसरी रैली वाराणसी में प्रस्तावित थी. लेकिन अब इस रैली का स्थान और तारीख बदल दिया गया है.

18 अक्टूबर को वाराणसी में प्रस्तावित कार्यकर्ता महासम्मेलन अब आजमगढ़ में होगा. आजमगढ़ में यह महासम्मेलन 18 की बजाय 25 अक्टूबर को होगा. यह परिवर्तन दीपावली को देखते हुए किया गया है. असल में दीपावली 19 अक्टूबर को है.

गौरतलब है कि मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार के अहंकारी, विद्वेषपूर्ण, पक्षपाती, जातिवादी, तानाशाही, लोकतंत्र और जनविरोधी रवैये के खिलाफ बसपा चुप नहीं बैठेगी. भाजपा का पर्दाफाश करने के लिए देशभर में और मुख्यरूप से उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम चलाया जाएगा. जिसके तहत उत्तर प्रदेश में अगले महीने 18 सितंबर से मंडल स्तर पर कार्यकर्ता महासम्मेलन हर महीने आयोजित किए जाएंगे. जबकि देश के अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया नवंबर महीने से शुरु होगी. प्रत्येक महासम्मेलन में बसपा सुप्रीमो मायावती मुख्त अतिथि के तौर पर शामिल होंगी.

रामदयाल मुंडा पर बनी फिल्म ‘नांची से बांची’

नई दिल्ली। झारखंड के आंदोलन में रामदयाल मुंडा का नाम उन चुनिंदा लोगों में है, जिनकी वजह से इस प्रदेश की देश भर में एक बौद्धिक पहचान भी बन सकी. आ.डी मुंडा के नाम से दुनिया भर में मशहूर रामदयाल मुंडा शिक्षाविद् के साथ साथ एक लेखक, कलाकार और राजनीतिज्ञ रहे. आदिवासी अधिकारों के लिए झारखंड, बिहार और दिल्ली से लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक से उन्होंने मजबूत आवाज उठायी.

उन्हीं रामदयाल मुंडा को लेकर आदिवासी मामलों पर डाक्यूमेंटरी और शार्ट फिल्में बनाने वाले मेघनाथ और बिजू टोपे ने एक डाक्यूमेंटरी फिल्म बनाई है. 70 मिनट की इस फिल्म का नाम है ‘नाची से बांची’. दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 10 अगस्त को इस फिल्म की स्क्रीनिंग हुई. इसमें मुंडा को चाहने वालों के अलावा कला क्षेत्र के कई लोगों ने शिरकत की.

रामदयाल मुंडा से संबंधित वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

इस फिल्म में झारखंड के उनके गांव से लेकर अमेरिका और आस्ट्रेलिया में बिताए जीवन के महत्वपूर्ण लोगों और घटनाओं को भी शामिल किया गया है. इस डाक्यूमेंटरी फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद तमाम लोगों ने मेघनाथ और बिजू टोपे के इस प्रयास की सराहना की, और इसे एक जरूरी फिल्म बनाया.

मुंडा ऐसे विरले शख्सियत थे, जिनको संगीत नाटक अकादमी और पद्मश्री सम्मान दोनों मिला. वो राज्यसभा के सदस्य भी रहे थे. मुंडा के बेटे गुंजल मुंडा के नैरेशन के जरिए बनी यह फिल्म नई पीढ़ी में मुंडा के संदेश ‘जे नाची से बांची’ को पहुंचाने में सफल रही है.