रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर मलाला ने आंग सान सू ची से पूछे सवाल

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नई दिल्ली। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार का नोबल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई ने विरोध किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जो हो रहा है उससे मैं दुखी हूं.

मलाला ने स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची इस अत्याचार पर हस्तक्षेप करने की अपील की है. उन्होंने लिखा, “बीते कई सालों में मैंने इस दुखद और शर्मनाक व्यवहार की निंदा की है. मैं इंतज़ार कर रही हूं कि नोबल पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची भी इसका विरोध करें. पूरी दुनिया और रोहिंग्या मुसलमान इंतज़ार कर रहे हैं.”

मलाला ने रोहिंग्या मुसलमानों के साथ हो रही हिंसा रोकनी की अपील करते हुए कुछ सवाल भी किए हैं. उन्होंने कहा कि हिंसा बंद करो. आज मैंने तस्वीरें देखीं जिनमें म्यांमार के सुरक्षाबल बच्चों की हत्या कर रहे हैं. इन बच्चों ने किसी पर हमला नहीं किया लेकिन फिर उनके घर जला दिए गए.

मलाला ने सवाल किया कि अगर उनका घर म्यांमार में नहीं है तो उनकी पीढ़ियां कहां रह रही थीं? उनका मूल कहां है? उन्होंने कहा, “रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार की नागरिकता दी जाए. वह देश जहां वे पैदा हुए हैं.”

पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए मालाला ने कहा कि दूसरे देशों, जिनमें मेरा अपना देश पाकिस्तान शामिल है, उन्हें बांग्लादेश का उदाहरण अपनाना चाहिए और हिंसा व आतंक से भाग रहे रोहिंग्या परिवारों को खाना, शरण और शिक्षा दें.

भारत में व्हाट्सऐप बिजनेस की टेस्टिंग शुरु

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नई दिल्ली। इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप ने बिजनेस करने लिए एक अलग ऐप लॉन्च की है. इस ऐप में अकाउंट्स को वेरिफाइड किया जाएगा. जिसके जरिए कंपनियां ग्राहकों से संवाद कर पाएंगे. बता दें कि इस ऐप के जरिए यूजर्स आने वाले समय में पीले चैटबॉक्स से कंपनियों से सीधे संवाद भी स्थापित कर पाएंगे. इस चैट मैसेज को डिलीट करना भी नामुमकिन होगा लेकिन यूजर्स बात नहीं करने की स्थिति में कंपनियों को ब्लॅाक कर पाएंगे.

सूत्रों के अनुसार, भारत में व्हाट्सऐप ने इस फीचर की शुरू कर दी है. बता दें कि यह सर्विस कथित तौर पर बुक माय शो के साथ शुरू की गई है. बुक माय शो ने अपने यूजर्स को टिकट बुकिंग की कन्फर्मेशन भेजी है. एक यूजर ने इसका स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर भी किया है. स्क्रीनशॉट में लिखे मैसेज में कंपनी ने यूजर को जानकारी दी है कि हम इस चैट में आपको टिकट की कन्फर्मेशन भेजेंगे. अगर आप मैसेज नहीं चाहते तो Stop लिखकर भेजें.

वहीं, बुक माई शो से भी पता चला हे कि यह फीचर पायसट टेस्टिंग फेज से आगे निकल गया है तथा वो इसका पूरी तरह से यूज कर रहे हैं. व्हाट्सएप बिज़नेस सर्विस अब बुक माई शो के अलावा कैब प्रवाइडर ओला और होटल रूम कंपनी ओयो भी करने जा रही है. इसके बाद हो सकता है कि जल्द ही ओला भी ओटीपी मैसेज और इनवॉइस व्हाट्सएप के जरिए भेजे.

जम्मू-कश्मीर में CRPF काफिले पर आतंकी हमला

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया है. इस हमले में 4 जवान घायल हो गए हैं. ये हमला जम्मू हाइवे पर काजीगुंद में किया गया. आतंकियों ने ग्रेनेड से सीआरपीएफ जवानों को निशाना बनाया है.

सीआरपीएफ की 163 बटालियन के जवान पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान उनके काफिले पर ग्रेनेड फेंका गया. जिससे चार जवान घायल हो गए. घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इससे पहले सोमवार को जम्मू कश्मीर के सोपोर में हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आंतकियों को मार गिराया. सुरक्षाबलों को बारामूला जिले के सोपोर के शंकर गुंड क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी, जिसके उन्होंने इलाके को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन किया. खुद को घिरा हुआ देख कर आतंकियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी.

सुरक्षाबलों ने भी इसका जवाब देते हुए दोनों आतंकियों को मार गिराया. इन आतंकियों के पास से एक AK47 रायफल और पिस्टल बरामद हुई है. शनिवार को भी दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम के बेहीबाग में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया था. मारा गया लश्कर आतंकी इश्फाक पद्दार लेफ्टिनेंट उमर फयाज की हत्या भी शामिल था.

वहीं शनिवार को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम के बेहीबाग में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया था. मारा गया लश्कर आतंकी इश्फाक पद्दार लेफ्टिनेंट उमर फयाज की हत्या में भी शामिल था.

सिरसा डेरा आश्रम से पुलिस को मिला हथियारों का जखीरा

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सिरसा। दो साध्वियों के रेप केस में 20 साल की जेल की सजा काट रहे डेरा सच्चा प्रमुख बाबा राम रहीम के काले कारनामों का एक-एक कर खुलासा हो रहा है. डेरा सच्चा सौदा के सिरसा डेरे से पुलिस को भारी मात्रा में हथियार मिले हैं. पुलिस ने एक अभियान के दौरान ये हथियार डेरे से बरामद किये हैं. इनमें कई राइफल, रिवॉल्वर और गन शामिल हैं. हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा के डेरों से हथियार बरामद होने का सिलसिला जारी है.

अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए डेरे से हथियार बरामद किए हैं. रोहतक की सुनरिया जेल में कैद गुरमीत राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से पुलिस को भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा मिला है. इन हथियारों में कई राइफल, रिवॉल्वर और अलग-अलग तरह की बंदूकें शामिल हैं. हरियाणा और पंजाब में अबतक डेरा सच्चा सौदा के कई डेरों और नामचर्चा घरों से हथियार बरामद हो चुके हैं.

सदर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने अपील की थी कि जिन लोगों के पास लाइसेंस हथियार है वो जमा करवाए. अब तक पुलिस को 33 हथियार जमा करवाए गए हैं. बाकी जिन्होंने हथियार जमा नहीं करवाए हैं पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रही है. सिरसा डेरे से इतने हथियार बरामद होने से पुलिस भी हैरान है. डेरे से बरामद किए गए हथियारों को पुलिस ने सिरसा के सदर थाने में रखा गया है. पुलिस डेरे से बरामद हुए हथियारों की जांच कर रही है. इसके साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में यहां हथियार क्यों जुटाए गए थे.

दिल्ली पुस्तक मेले में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए ‘सम्यक प्रकाशन’ को मिला कांस्य पदक

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नई दिल्ली। दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे नौ दिवसीय 23वें पुस्तक मेले का समापन रविवार को हो गया. पुस्तक मेले के आखिरी दिन प्रकाशकों को पदक देकर सम्मानित किया गया. इस मेले में सम्यक प्रकाशन को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक सम्मान दिया गया. सम्यक प्रकाश तथागत बुद्ध, अम्बेडकराइट और दलित आधारित पुस्तकों का प्रकाशन करता है.

सम्यक प्रकाशन को यह सम्मान हिंदी भाषा में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मिला. यह सम्मान फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (एफआईपी) के अध्यक्ष एन. के. मेहरा, महासचिव नवीन गुप्ता और मुख्य अतिथि कुमार ई.डी. ने दिए.

हिंदी भाषा में श्रेष्ठ प्रदर्शन में किताब घर प्रकाशन को स्वर्ण पद, साहित्य अकादमी को रजत पदक और सम्यक प्रकाशन को कांस्य पदक मिला.

अंग्रेजी भाषा में श्रेष्ठ प्रदर्शन में उपकार को स्वर्ण पदक , फुल मार्क्स प्राइवेट लिमिटेड को रजत पदक और नवनीत एजुकेशन लिमिटेड को कांस्य पदक मिला.

प्रादेशिक भाषा में श्रेष्ठ प्रदर्शन में प्रकाशन विभाग (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) को स्वर्ण पदक, अक्षर पब्लिकेशन को रजत पदक और नेशनल बुक ट्रस्ट को कांस्य पदक मिला.

मंत्रीमंडल विस्तार पर मोदी और जेटली में ठनी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार नरेन्द्र मोदी और भाजपा के चार बड़े नेताओं के बीच मतभेद की खबर है. मामला इतना बढ़ गया है कि मोदी को गुजरात से दिल्ली लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक केंद्रीय मंत्री ने तो मंत्रीपद से इस्तीफे की ही पेशकश कर दी. मामला संघ के शीर्ष पदाधिकारियों तक जा पहुंचा और मोदी को अपने पैर पीछे खींचने पड़े.

रविवार को मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के दौरान मोदी की निगाह गृहमंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर भी थी. इसकी भनक मिलते ही एक सितंबर की रात को गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर एक बैठक हुई. इस बैठक में राजनाथ सिंह के अलावा अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी मौजूद थे.

असल में प्रधानमंत्री मोदी सुविधा के लिहाज से बड़े मंत्रियों से और ज्यादा समर्पण चाहते थे, जबकि इन मंत्रियों को लगता था कि वो अपना काम ठीक से कर रहे हैं. यह भी कहा गया कि नोटबंदी को एक साल बीतने के बावजूद गरीब तबके की उम्मीदें पूरी नहीं हुई. इस मामले का ठीकरा सरकार का शीर्ष नेतृत्व जेटली के सिर पर फोड़ना चाहता था. इससे जेटली भी अनमने हुए.

इस बैठक में तीन घंटे तक इन चारों नेताओं के बीच मंथन चला. बैठक में आम राय यह थी कि वे साढ़े तीन साल से अपने मंत्रालय जिम्मेदारी से चला रहे हैं. कार्यकाल के अंतिम दौर में वे अपने मंत्रालय छोड़कर दूसरे मंत्रालयों में जाते हैं तो चुनाव के समय उनके कामों का श्रेय दूसरों को जाएगा. साथ ही चुनावी साल में नए मंत्रालयों की चुनौती होगी.

गडकरी सड़क परिवहन में किए कामों को चुनाव से पहले अंतिम मुकाम तक पहुंचाना चाहते हैं. वहीं सुषमा स्वराज को लगता है कि विदेश मामलों और खासकर चीन के साथ हाल में मिली रणनीतिक सफलता का श्रेय उन्हें जाता है. ऐसे में उनके मंत्रालय से छेड़छाड़ ठीक नहीं है.

आखिरकार बाजी चली राजनाथ सिंह ने. राजनाथ सिंह ने वृंदावन के केशवधाम में चल रही संघ और उसके संगठनों की बैठक में यह संदेश भिजवाया कि वे मंत्रिपद छोड़कर संगठन में काम करना चाहते हैं, ताकि खुलकर काम करने की आजादी मिल सके. राजनाथ सिंह का संदेश वृंदावन में उस समय पहुंचा जब पार्टी और संघ दोनों का शीर्ष नेतृत्व मौजूद था.

खबर पहुंचते ही खलबली मच गई. असल में ऐसा कर राजनाथ सिंह ने विरोध दर्ज करा दिया था. राजनाथ की नाखुशी और बड़े मंत्रियों की सोच को वृंदावन की बैठक ने भी बल दिया. और आखिरकार मोदी और अमित शाह को अपने पैर खिंचने पड़े.

इस मामले ने भाजपा के शीर्ष नेताओं और मोदी-शाह की जोड़ी के बीच एक लकीर तो खिंच ही दी है.

ब्रिक्स ने आतंकी समूहों पर जताई चिंता

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श्यामन। ब्रिक्स देशों ने सोमवार को तालिबान, अल-कायदा और पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा एवं जैश-ए-मुहम्मद जैसे आतंकी संगठनों द्वारा की जाने वाली हिंसा पर गंभीर चिंता जाहिर की. इसके साथ ही इन देशों ने आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक समझौते को शीघ्रता से अंगीकार करने की मांग की. अपनी घोषणा में ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका ने सभी देशों से अपील की कि वे आतंकवाद से निपटने के लिए एक समग्र रूख अपनाए.

आतंकवाद से निपटने के क्रम में चरमपंथ से निपटने और आतंकियों के वित्त पोषण के स्रोतों को अवरूद्ध करने की भी बात की गई. समूह ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के साथ-साथ तालिबान, आईएसआईएस, अल-कायदा और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद एवं हक्कानी नेटवर्क समेत इसके सहयोगी संगठनों द्वारा की जाने वाली हिंसा पर चिंता जाहिर की.

समूह ने ईस्टर्न तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट और इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उज्बेकिस्तान, तहरीक-ए-तालिबान और हिज्ब उत-तहरीर जैसे आतंकी संगठनों का भी जिक्र किया. ब्रिक्स ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से कंप्रीहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेरेरिज्म अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र समझौते को जल्दी ही अंतिम रूप दिए जाने और इसे अंगीकार किए जाने की मांग करते हैं.

योगी सरकार का महिला सुरक्षा दावा फेल, राजधानी में हुआ गैंगरेप

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला विकास और महिला सुरक्षा के दावे करने वाली योगी सरकार लगातार असफल होती जा रही है. योगी सरकार की नाक के नीचे ही यूपी की राजधानी लखनऊ में सामूहिक बलात्कार की घटना हुई है. पुलिस प्रशासन समय पर एक्शन लेता तो एक महिला का बलात्कार होने से बच जाता.

लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में कार सवार युवकों ने ग्रेजुएशन की छात्रा का अपहरण कर लिया. इसके बाद उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया है. आरोप है कि दरिंदों में एक युवती को जानता था. उसने फोन करके उसे अपने पास बुलाया. युवती बताई जगह पहुंची, तो मुंह पर कपड़ा बांधकर बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया.

पीड़िता के मुताबिक, उसको जब होश आया तो वह एक कमरे में बंद पड़ी थी. उसके साथ उन बदमाशों ने बारी-बारी से गैंगरेप किया. उसने जब विरोध किया, तो दरिंदों ने उसकी बुरी तरह से पिटाई भी कर दी. इसके बाद आरोपियों ने उसे कुछ पैसे देकर बस से वापस भेज दिया. पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची. डरी-सहमी उसने परिजनों को आपबीती सुनाई.

परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे. पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करके इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पीड़िता का मेडिकल जांच कराया जा रहा है. पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, उन लोगों ने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की वरना आज उसकी इज्जत बच जाती.

अब भूल से भी किसी महिला को न कहना ‘छम्मकछल्लो’, मिलेगी सजा

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ठाणे। अब किसी लड़की को ‘छम्मकछल्लो’ कहा तो खैर नहीं है. जी हां ठाणे की एक अदालत ने ‘छम्मकछल्लो’ शब्द का इस्तेमाल कर उसे बुलाना ‘एक महिला का अपमान करने’ के बराबर कहा है. अमूमन स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में पुरुष बिना सोचे-समझे लड़कियों के लिए कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर देते हैं जो गलत इशारा देते हैं. अदालत के इस फैसले के बाद उम्मीद है कि इन शब्दों को बोलते हुए वो दो बार सोचेंगे. क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो कोर्ट में पेशी के लिए जाते ही नजर आएंगे.

एक मजिस्ट्रेट ने पिछले सप्ताह शहर के एक निवासी को ‘अदालत के उठने तक’ साधारण कैद की सजा सुनाई थी और उस पर एक रुपए का जुर्माना लगाया था. आरोपी के एक पड़ोसी ने उसे अदालत में घसीटा था. पड़ोसी महिला की शिकायत के अनुसार, 9 जनवरी 2009 को जब वह अपने पति के साथ सैर से लौट रही थी, तब उसे एक कूड़ेदान से ठोकर लग गई. महिला ने कहा कि यह कूड़ेदान उक्त आरोपी ने सीढ़ियों पर रखा था.

आरोपी इस दंपति पर चिल्लाने लगा और उन्हें कई चीजें कहने के बीच उसने महिला को ‘छम्मकछल्लो’कहकर पुकारा. इस शब्द से गुस्साकर महिला ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. तब महिला ने अदालत का रुख किया. 8 साल बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट आर टी लंगाले ने उनके मामले को उचित ठहराते हुए कि आरोपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (शब्द, इशारे या किसी गतिविधि से महिला का अपमान) के तहत अपराध किया है.

मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा, यह एक हिंदी शब्द है. अंग्रेजी में इसके लिए कोई शब्द नहीं है. भारतीय समाज में इस शब्द का अर्थ इसके इस्तेमाल से समझा जाता है. आम तौर पर इसका इस्तेमाल किसी महिला का अपमान करने के लिए किया जाता है. यह किसी की तारीफ करने का शब्द नहीं है, इससे महिला को चिढ़ होती है और उसे गुस्सा आता है.

क्या है पूरा मामला? दरअसल कोर्ट में साल 2009 में एक मामला आया था. जिसमें एक महिला ने अपने पड़ोसी को अदालत में घसीटा था क्योंकि उसने उस महिला को ‘छम्मकछल्लो’ कह दिया था. महिला की शिकायत के मुताबिक, 9 जनवरी 2009 को जब वह अपने पति के साथ सैर से लौट रही थी, तब उसे एक कूड़ेदान से ठोकर लग गई. महिला ने कहा कि वो कूड़ेदान उनके पड़ोसी ने ही सीढियों पर रखा था.

आरोपी इसके बाद दंपति पर चिल्लाने लगा और उन्हें बुरा-भला कहने के बीच उसने महिला को ‘छम्मकछल्लो ‘ कहकर पुकारा. इस शब्द से गुस्सा होकर महिला ने पुलिस से संपर्क किया लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. तब महिला ने अदालत का रुख किया.

अब राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 49 बच्चों की मौत

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लखनऊ। उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में भी गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज जैसा हादसा हुआ है. यहां ऑक्सीजन और दवा की कमी से 49 बच्चों की मौत हो गई है.

फर्रुखाबाद के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 30 दिनों में में करीब 49 बच्चों की मौत पर जिला प्रशासन ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करा दी है. जांच में बच्चों की मौत लापरवाही और इलाज में अभाव होना बताया गया है. यह मौतें 21 जुलाई से 20 अगस्त तक के बीच में हुई है. फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में यह मौतें हुई है. मौत की वजह भी ऑक्सीजन की कमी ही सामने आ रही है.

यहां डीएम के आदेश पर हुई एक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. मृतक बच्चों के परिवार वालों को भी अंदेशा था कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से ही हुई है.

रविवार(3 सितंबर) को डीएम के आदेश के बाद जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है, इस मामले में देर रात अस्पताल के चीफ मैडिकल ऑफिसर (सीएमओ) और चीफ मैडिकल सुप्रीटेंडेंनट (सीएमएस) के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.बीते महीने 10 अगस्त को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था जहा ऑक्सीजन की कमी से मात्र दो दिन के अंदर 36 बच्चों की मौत हो गई थी.

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि लोहिया अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में जांच कराई गई थी. जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है. जांच रिपोर्ट में प्रकाश में बिंदुओं आए अन्य पर भी कार्रवाई की जाएगी. जांच रिपोर्ट में सामने में आए अन्य बिंदुओं पर भी कार्रवाई की जाएगी. चिकित्सकों के खिलाफ आइपीसी की धारा 176, 188 व 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उपनिरीक्षक बनी सिंह को मामले की विवेचना सौंपी गई है.

यहां पढ़िए, किसको कौन सा विभाग मिला

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president ramnath kovind, vp m.v. naidu and pm modi with new cabinet minister on 3 sep
मोदी मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों के शामिल किए जाने के साथ के ही कई मंत्रियों के विभाग भी बदले गए हैं. तो कईयों के मंत्रालयों में बदलाव भी किए गए हैं. ये है मंत्रियों और मंत्रालयों की लिस्ट. कैबिनेट रैंक के मंत्री पीयूष गोयल- रेल मंत्रालय, कोयला मंत्रालय निर्मला सीतारमण- रक्षा मंत्रालय धर्मेंद्र प्रधान- केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय मुख़्तार अब्बास नक़वी- अल्प संख्यक मामलों नौ नए राज्य मंत्री राज कुमार सिंह- बिजली विभाग (स्वतंत्र प्रभार)हरदीप सिंह पुरी- शहरी विकास मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) गजेंद्र सिंह शेखावत- कृषि मंत्रालय केजे अल्फोंस- पर्यटन मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार), इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय अश्विनी चौबे- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अनंत हेगड़े- कौशल विकास मंत्रालय डॉ. सत्य पाल सिंह- मानव संसाधन विकास, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण शिव प्रताप शुक्ला- वित्त मंत्रालय वीरेंद्र कुमार- महिला एवं बाल विकास, अल्पसंख्यक मामले

BBAU की मनमानी, बहुजन समाज के टॉपर छात्रों का प्रवेश रोका

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बसंत कन्नौजिया
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के इतिहास विभाग की एम फिल प्रवेश परीक्षा में 100 में 94 अंक लाने वाले बसंत कनौजिया की सफलता विश्वविद्यालय के दलित विरोधी कुछ लोगों को पच नही रही है. इसलिए बसंत सहित अन्य मेधावी छात्रों का दाखिला रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन नए पैतरे चल रहा है. विवि की अनुशासन समिति ने आनन-फानन में प्रोक्टोरियल बोर्ड की मीटिंग करवाकर एक नोटिस जारी किया है कि इन लोगों के ऊपर विवि प्रशासन द्वारा FIR दर्ज है, उन लोगों का एडमिशन नही होगा. पीड़ित छात्रों का आरोप है कि ऐसा कर विवि द्वारा जारी तुगलकी फरमान व्यक्ति के शिक्षा के मौलिक अधिकार, जो भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 (A) का खुला उल्लंघन है. विवि के ये होनहार छात्र विवि में हो रही अनियमिताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे, जिसकी वजह से इन पर मामला दर्ज करवाया गया था. छात्रों का आरोप है कि इस विवि में अनुसूचित जाति के छात्रों का शोषण चरम पर है. इस वजह छात्रों के ऊपर हो रहे शोषण के कारण छात्र संवैधानिक दायरों में रहकर अपनी मांगे पूरी करने के लिए विवि प्रशासन के खिलाफ लगातार धरना प्रदर्शन करके अपना विरोध जताते हैं. लेकिन विवि प्रशासन की अनुशासन समिति किसी भी छात्र को नियम के अनुसार कोई कारण बताओ नोटिस जारी नही करती है, न ही कोई जांच समिति बनाती है और न ही कोई चेतावनी वाला नोटिस जारी करती है. विवि प्रशासन उनकी मांगें न मानकर सीधे पुलिस प्रशासन की मदद से उक्त छात्रों के खिलाफ FIR करवा देती है. छात्रों का कहना है कि हाल में ही विवि स्थित अम्बेडकर भवन के गेट का कांच अपने आप गिरकर टूट गया. कांच के अपने आप टूटने की वीडियो रिकॉर्डिंग उक्त छात्रों के पास मौजूद है तथा प्रदेश पुलिस के लॉकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) अधिकारी के सामने की बात जिसके वो गवाह भी हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों के खिलाफ झूठी FIR करवा दी. इस वजह से विवि में पढ़ने वाले अधिकतर अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र डरे सहमे रहते हैं और उनका भविष्य अंधकारमय बनाने के लिए FIR करके षड्यंत्र करते हैं. ज्ञात हो विगत जून 2017 में भ्रष्टाचार के आरोप में विवि के एक प्रोफेसर को सीबीआई ने रिश्वत लेते रंगे हांथों पकड़ लिया था. छात्रों का कहना है कि जो प्रशासनिक अधिकारी छात्रों के ऊपर उपद्रवी और गुंडे होने के आरोप लगा रहे हैं, उन प्रशासनिक अधिकारियों में ऊपर यौन शोषण, अपनी शोध छात्राओं के साथ छेड़खानी, बदतमीजी, पीएचडी स्कॉलरर्स को परेशान करने तथा उनको पीएचडी छोड़कर जाने के लिए मजबूर किये जाने और छात्रों को गाली गलौच करने का आरोप हैं, लेकिन विवि प्रशासन ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करता बल्कि उनको उल्टे उच्च पद दिया जाता जिससे उनकी मनमानी पढती जाती है. छात्रों का आरोप है कि जिस तरह से विवि प्रशासन छात्रों को झूठे मामले में फंसाकर अपनी मनमानी कर रहा है, उससे विवि की गरिमा को बहुत ठेस पहुंच रही है तथा छात्रों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, क्योकि पिछले साल भी विवि प्रशासन ने इतिहास विभाग पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र श्रेयात बौद्ध और संदीप शास्त्री का एडमिशन नही लिया था, जिससे दोनों छात्रों का एक साल बर्बाद हुआ है. जिन छात्रों के दाखिले को रोकने की बात हो रही है वो न्याय के लिए हाईकोर्ट, अनुसूचित आयोग, यूजीसी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय का दरवाजा खटखटाने जा रहे है.

रेल मंत्रालयः पीयूष गोयल IN सुरेश प्रभु OUT

नई दिल्ली। सुरेश प्रभु ने रेल मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया गया है. नए रेल मंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने वाले पीयूष गोयल का नाम आ रहा है. यह लगभग साफ है कि सुरेश प्रभु के बाद पीयूष गोयल ही रेल मंत्री होंगे. हालांकि खबर लिखे जाने तक उनके नाम का औपचारिक ऐलान होना बाकी था. इससे पहले नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के थोड़ी देर बाद ही सुरेश प्रभु ने ट्विट कर खुद के मंत्रालय छोड़ने की घोषणा की. अपने ट्विट में सुरेश प्रभु ने रेलवे के कर्मचारियों को शुभकामना दिया और मंत्रिमंडल छोड़ने की बात कही. सुरेश प्रभु का रेल मंत्री से इस्तीफा  व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी झटका है. क्योंकि मोदी खुद सुरेश प्रभु को रेल मंत्रालय में लेकर आए थे. मोदी को उम्मीद थी कि प्रभु रेलवे की खामियों को दूर कर उनकी महत्वकांक्षी रेल परियोजनाओं को विस्तार देंगे. इन परियोजनाओं में देश में बुलेट ट्रेन चलाना भी शामिल था, लेकिन एक के बाद एक हुए कई रेल हादसों ने न सिर्फ सुरेश प्रभु की साख को बट्टा लगाया बल्कि यह स्थिति आ गई कि उन्हें मंत्रालय छोड़ना पड़ा.

लालू का नीतीश पर निशाना, गाछ से गिरने पर बंदर को फिर दल में शामिल नहीं किया जाता

लालू यादव
पटना। केंद्रीय मंत्रिमंडल के फेरबदल में नीतीश कुमार को जगह नहीं मिलने पर लालू यादव ने चुटकी ली है. लालू ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा कि अब भाजपा उन्हें अच्छी तरह जान गई है, उसे पता चल गया है कि नीतीश कुमार केवल सत्ता में बने रहने के लिए सीटों के जुगाड़ में लगे रहते हैं, इसलिए उन्हें इस विस्तार में कोई भाव नहीं दिया गया. नीतीश पर चुटकी लेते हुए राजद अध्यक्ष ने कहा कि बंदरों के गिरोह में से जब कोई बंदर गाछ (पेड़) से नीचे गिर जाता है तो उसे फिर से गिरोह में शामिल नहीं किया जाता है. यही हाल नीतीश कुमार का है. वहीं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी जी के मंत्रिमंडल में कौन आ रहा है कौन नहीं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. मोदी जी एक कंपनी की तरह पार्टी चला रहे हैं जिसमें बस अपने कुछ लोगों को मंत्री बनाकर सम्मानित किया जा रहा है.

मोदी कैबिनेट फेरबदलः चार का प्रोमोशन नौ नए मंत्री

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नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने अपने मंत्रीमंडल का विस्तार किया है. रविवार को हुए इस विस्तार में 13 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. इसमें 4 मंत्रियों का राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रोमोशन हुआ तो वहीं 9 नए राज्यमंत्री को शपथ दिलाई गई है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के बाद सबकी निगाह इस पर है कि किसको कौन सा मंत्रालय मिलेगा. खास तौर पर सबकी नजर रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय पर टिका हुआ है. जिन मंत्रियों का राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रोमोशन हुआ है, उसमें धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण और मुख्तार अब्बास नकवी शामिल है. तो वहीं जिन नौ नए राज्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई है उसमें राजस्थान से गजेन्द्र सिंह शेखावत, यूपी से शिव प्रताप शुक्ल, आर.के सिंह, सत्यपाल सिंह, अनंत कुमार हेगड़े, बिहार के बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे, मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से वीरेन्द्र कुमार के अलावा आर.के सिंह और अल्फोंस कन्नथनम ने राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन के दौरे के लिए निकल गए.

BSNL देेगा आठ रूपए में ये मस्त ऑफर…

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नई दिल्ली। भारत संचार निगम लिमिटेड( बीएसएनएल) ने अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए देशभर में दो नए रेट कटर प्लान पेश किए हैं. ये प्लान 19 रुपए और 8 रुपए के हैं. ये रेट कटर प्लान हैं लेकिन इनके जरिए डिस्काउंट कीमत के साथ वॉयस कॉल का ऑफर मिलेगा.

कंपनी ने ये प्लान्स 4 सितंबर से शुरू करेगी. 19 रुपए वाले प्लान लेने वाले ग्राहकों के लिए ऑन नेट कॉल 15 पैसे/मिनट और ऑफ नेट कॉल 35 पैसे/मिनट की दर से होगी. इस प्लान की वैलिडिटी 90 दिनों की होगी. 8 रुपए वाले प्लान लेने वाले ग्राहकों को यही सुविधा मिलेगी लेकिन इस प्लान की वैलिडिटी अलग होगी.

इस प्लान में ग्राहकों को 30 दिन की वैलिडिटी दी जाएगी. ये प्लान देशभर में बीएसएनएल इस्तेमाल कर रहे हर सर्किल के ग्राहकों के लिए है. लेकिन ये प्लान कंपनी के केवल प्री-पेड ग्राहकों के लिए है.

बता दें कि सूत्रों के अनुसार खबर ये है कि बी.एस.एन.एल. जल्द ही 429 रुपए का एक नया प्लान लेकर आ रहा है. इस प्लान में कंपनी 90 दिनों के लिए 1जीबी प्रतिदिन डेटा के साथ बिना किसी लिमिट के अनलिमिटेड वॉयस कॉल मुहैया कराएगी.

फिल्म रिव्यूः ‘शुभ मंगल सावधान’ हिट, पर कलेक्शन कम

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मुंबई। यौन रोग इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (उत्तेजना ह्रास) पर बेस्ड आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर स्टारर फिल्म ‘शुभ मंगल सावधान’ रिलीज हो गई है. ‘शुभ मंगल सावधान’ 2013 की तमिल कॉमेडी फिल्म ‘कल्याना समायल साधम’ पर आधारित है. फिल्म में मुदित नाम के लड़के को सुगंधा नाम की लड़की से प्यार हो जाता है और दोनों की शादी होने वाली होती है. लेकिन बीच में मुदित को एहसास होता है कि उसे लिंग संबंधी एक बीमारी है. फिल्म में इस समस्या को हल करने के लिए मुदित अपने दोस्तों की मदद लेता है.

कई बॉलीवुड सिलेब्स ने फिल्म को देखने की बात की और फिल्म को हि‍ट बताया. लेकिन इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. इस शुक्रवार रिलीज हुई ‘शुभ मंगल सावधान’ को बी टाउन स्टार्स हिट बता रहे हैं. फिल्म के इस स्टार रिव्यू की फेहरिस्त में सिद्धार्थ रॉय कपूर, आर माधवन, आयुष्मन और उनकी पत्नी, कास्टिंग निर्देशक मुकेश छाबड़ा, जैकी भगनानी, डायना पेंटी, रिचा चड्ढा, आनंद एल राय, भूमि पेडनेकर, अश्विनी अय्यर तिवारी, उपेन पटेल, ओमंग कुमार और विद्या बालन जैसी कई बॉलीवुड हस्तियों शामिल हैं.

लेकिन फिल्म की बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को देखा जाए तो ये बेहद निराशाजनक है. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विटर पर बताया कि फिल्म की ओपनिंग कलेक्शन 2.71 करोड़ रुपये रही. जबकि‍ इसके साथ ही रिलीज हुई फिल्म बादशाहो की बॉक्स ऑफिस पर ओपनिंग डे कलेक्शन करीब 14 करोड़ रु रही है.