संभव है क्या विचार की हत्या?

पत्रकार गौरी हत्याकांड का कारण विचारधारा है या कानून व्यवस्था? हत्या की वारदात से फैली सनसनी के बाद यह बहस शुरू हुई. शुरुआत विचारधारा से हुई. विचारधारा की बात खारिज करने के लिए कानून व्यवस्था की बात रखी गई. अब अगर हत्या के कारणों की पड़ताल के लिए अपराधशास्त्रीय नज़रिए से सोचना हो तो वह रिपोर्ट कैसी होगी?

न्यायालिक विज्ञान क्या सोचता है? गौरी की हत्या के पीछे क्या चोरी, लूट या डकैती का मकसद दिखता है? अब तक के परिस्थिति जन्य साक्ष्यों में ऐसी कोई बात नज़र नहीं आती. रंजिश के लिहाज़ से देखें तो कुछ अंदेशे जरूर जताए जा सकते हैं. लेकिन ये रंजिश रुपए पैसे या ज़मीन जा़यदाद को लेकर हो इसका भी कोई संकेत अभी तक नहीं मिला. इस हत्याकांड से जो लोग चिंतित हैं वे बार-बार यही कह रहे हैं कि गौरी एक पत्रकार थीं और उनकी पत्रकारिता से कुछ लोग नाराज़ थे. एक तथ्य यह है कि गौरी पर दबिश के लिए उन पर अदालत में मानहानि का एक मुकदमा भी किया गया था. लेकिन अड़चन ये है कि लिखने पढ़ने से भी हत्याओं की नौबत आ सकती है इसे अदालतों में साबित करना ज़रा मुश्किल काम होता है. कम से कम कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचारधारा को हत्या का कारण साबित कर पाना और भी मुश्किल हो जाता है. सिर्फ एक सूरत है कि हत्यारे आकर खुद ही कबूल कर लें कि दूसरे की विचारधारा उसे इतनी नापसंद आई कि उसने हत्या कर दी. फिलहाल यह संकेत भी नहीं मिल रहा है कि कोई इस हत्या की जिम्मेदारी लेने को तैयार होगा. ज़ाहिर तौर पर हत्याकांड से कम चिंतित लोग मामले को कानून व्यवस्था का साधारण मामला मानते हुए इसे सिर्फ दुखद घटना बता रहे हैं और मौखिक दुख जताकर अपनी नैतिकता का निर्वाह कर रहे हैं. वैसे इस मामले का आगा देखते हुए बहुत सी बातें कही जा सकती हैं लेकिन हत्याकांड के मकसद को लेकर इससे ज्य़ादा बात कम से कम फिलहाल तो नहीं की जा सकती. इसलिए और भी नहीं क्योंकि मकसद कुछ भी निकले लेकिन पत्रकार के घर में घुसकर सात गोलियां दाग कर उनकी हत्या तो हुई है सो एक मुकदमा बन गया है. लिहाज़ा न्यायिक व्यवस्था के हवाले से ऐसे मामलो में ज्यादा दखल ठीक नहीं माना जाता.

इस कांड का दार्शनिक पहलू विचारधाराओं के बीच खूनखराबा नई बात नहीं. इतिहास भरा पड़ा है. अपनी विचारधारा के बहाने ही तमाम भयानक, वीभत्स और घिनौनेे युद्ध मानव ने देखे हैं. लेकिन विचारधाराओं के बीच अघोषित युद्ध या छù युद्ध एक नई प्रवृत्ति है. इन युद्धों के अघोषित होने के पीछे का दर्शन गौरतलब है. कौन नहीं समझता कि प्रत्यक्ष युद्ध से वही डरता है जो अपनी नैतिकता सिद्ध करने में खुद को असमर्थ पाता है. इसीलिए दुनिया में आजकल वैचारिक युद्धों का चलन ही कम होता जा रहा है. इस लिहाज़ से गौरी हत्याकांड को देखें तो इस युद्ध में सिर्फ गौरी को मार डालने का ही मकसद नहीं दिखता. इस हत्या के ज़रिए यह संदेश भी हो सकता है कि बाकी सब भी डरिए. अपराधशास्त्र की भाषा में इसे डेटरेंट यानी प्रतिरोधात्मक उपाय कहते हैं. पहले रूप् को स्फैसिफिक डेटरेंस और दूसरे को जनरल डेटरेंस कहते हैं. गौरी हत्याकांड में अपराधियों ने एक पत्रकार को जो सजा़ दी है वह उन्हें सबक सिखाने की बजाए दूसरों को डराने या सबक सिखाने के मकसद से ज्यादा लगती है. सो यह मामला सामान्य प्रतिरोध का ज्यादा दिखता है.

हत्याकांड टीवी डिबेट में कांड गंभीर प्रकृति का है. लिहाज़ा इसमें रोचकता की बात करना निहायत ही अगंभीर बात होगी. लेकिन इस कांड को लेकर इलैक्ट्रॉनिक मीडिया पर ज्यादातर डिबेट भौंचक करने वाली दिखीं. मामला कर्णाटक का था लेकिन इन डिबेटों में नेता और विशेषज्ञ केंद्रीय स्तर की राजनीति के थे. एक वर्ग ने इस कांड को कानून व्यवस्था का मामला साबित करने में एड़ी से चोटी का दम लगा दिया. उन्हें बार बार यह दोहराते रहना पड़ा कि इस मामले में कर्णाटक की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है कि वह ये अपराध क्यों नहीं रोक पाई. कानून व्यवस्था का मामला बताते हुए उन्होंने आरोप लगााया कि कांग्रेस शासित प्रदेश की लोकल इंटेलिजेंस यानी खुफिया विभाग क्या करता रहा. यहां अनुमान लगाने की ज़रूरत नहीं कि अगर जहां भाजपा की सरकारें होती हैं वहां यही लोग क्या कह रहे होते हैं. हाल के तमाम मामले हमारे सामने हैं जहां सरकार ने अपनी न्यूनतम जिम्मेदारी को कबूलने की बजाए क्या क्या तर्क नही दिए.

विचारधारा की हत्या की बात कानून और व्यवस्था बनाम विचारधारा की बहस तो शुरू हो ही गई है. इसी बीच गौरी की हत्या को एक विचार की हत्या की भी कहा गया. वैसे यह बात कुछ तथ्य परक नहीं लगती. क्योंकि सिर्फ विचार ही तो है जिसे अमर और अजर कहा गया है. वाकई ऐसा कोई विचार नहीं जन्मा जिसे मार देने में मानव को सफलता मिली हो. हां उसे मारने की नाकाम कोशिश जरूर होती रही. ज्ञात इतिहास की हर सहस्राब्दी में हर सदी में ये कोशिशें हमारे अभिलेखागारों में दर्ज़ हैं. बात यहीं तक नहीं कि विचार की हत्या नहीं हो सकती बल्कि मानव के अदभुत गुण विचार का एक लक्षण यह भी है कि उसे जितना मिटाने की कोशिश की जाए वह उससे ज्यादा उभर उठता है.

इस तरह से देखें तो प्राकृतिक नियम के मुताबिक गौरी की हत्या उनके विचारों को और ज्यादा प्रसारित होने का कारण भी बन रही है. इसीलिए ऐसे व्यक्तियों को हम अपने समाज में श्रद्धा के साथ शहादत की श्रेणी में रखते हैं. बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जितने भावपूर्ण तरीके से पत्रकारों और जागरूक समाज ने गौरी को श्रद्धांजलि दी और इस कांड का आगा पीछा देखा उससे तो यह बात और भी पुख्ता हो गई कि विचार की हत्या नहीं हो सकती.

सुधीर जैन वरिष्ठ पत्रकार और अपराधशास्त्री हैं… साभारः एनडीटीवी इंडिया

स्लीवलेस फोटो ट्विटर पर पोस्ट करने से ट्रोल हुई मिताली राज

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नई दिल्ली। साल 2017 में हुए महिला विश्व कप में भले ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ट्रॉफी न जीत पाई हो, लेकिन उन्होंने हर भारतीय का दिल जीत लिया. हर किसी ने उनकी तारीफ की और शाबाशी दी. टीम की कप्तान मिताली राज ने भी शानदार कप्तानी का प्रदर्शन किया.

मिताली और इंडियन क्रिकेट टीम की कई खिलाड़ी पिछले कुछ समय से टेलीविजन के कई शोज में नजर आ चुकी हैं. हाल ही में अपने एक फोटोशूट की तैयारी की एक फोटो मिताली ने अपने ट्विटर पर पोस्ट की, जिसके चलते लोगों ने मिताली को उनके कपड़ों के लिए ट्रोल कर दिया.  इस फोटो में मिताली कुछ लड़कियों के साथ ब्‍लैक स्‍लीवलैस ड्रेस में नजर आ रही हैं. जिसके बाद से ही उनको ट्रोल करने वालों की लंबी लाइन लग गई.

ऐसे में मिताली के इस फोटो पर उन्हें कई यूजर्स ने कमेंट किया. कुछ ने तो मिताली को अपना यह फोटो हटाने की सलाह तक दे दी. कई यूर्जस ने मिताली को ऐसी ड्रेस पहन फोटो न डालने की सलाह दे दी. एक यूजर लिखा कि मिताली राज आप एक्ट्रेस नहीं हैं, आप क्रिकेटर हैं. क्यों ग्लैमरस बन रही हो.

मिताली ने इस यूजर को भी करारा जवाब देते हुए लिखा था, ‘मैं आज जहां भी हूं. वहां इसलिए हूं क्योंकि मैंने मैदान पर पसीना बहाया है. मुझे इसमें शर्मिंदा होने का कोई कारण नजर नहीं आता. मैं मैदान पर एक क्रिकेट अकैडमी उद्घाटन के सिलसिले में थी.’

मेक्सिको में 8.1 तीव्रता के भूकंप से 5 की मौत, सूनामी की चेतावनी जारी

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मेक्सिको। मेक्सिको में 8.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से 5 लोगों की मौत हो गई है. भूकंप के बाद तीन मीटर से भी उंची लहरों की सूनामी की चेतावनी जारी की गई है. मेक्सिको सिटी में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए जहां इमारतें कांपने लगीं और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए. जिसमें अभी तक पांच लोगों के मारे जाने की सूचना है.

‘एफे न्यूज’ ने मेक्सिको के आंतरिक मंत्रालय के हवाले से बताया कि क्रिस्टोबल डी लास कसास शहर में एक घर के ध्वस्त हो जाने से तीन लोगों की जबकि टबैस्को राज्य में दो बच्चों की मौत हो गई.

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक, भूकंप प्रशांत तट से 120 किलोमीटर दूर मेक्सिको के ट्रेस पिकोस के दक्षिण-पश्चिम में रात 12.49 बजे आया. यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप के बाद के (ऑफ्टरशॉक)करीब 12 झटकों की तीव्रता 5.0 से ऊपर रही और 23,000 लोगों ने संभवता तीव्र झटकों को महसूस किया.

राष्ट्रीय मौसम सेवा के प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र द्वारा मेक्सिको में तीन फुट ऊंची लहरों के साथ सुनामी की पुष्टि की गई है. सुनामी चेतावनी केंद्र ने भूकंप आने के तुरंत बाद मेक्सिको, ग्वाटेमाला, पनामा, अल सल्वाडोर, कोस्टारिका, निकारागुआ, होंडुरास और इक्वाडोर में सुनामी की लहरों के पहुंचने चेतावनी जारी की थी.

मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो ने ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रीय आपातकालीन समिति सहित नागरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय हैं.” महापौर मिग्युएल एंजेल मानकेरा ने मेक्सिको सिटी के कई हिस्सों में बिजली नहीं होने की पुष्टि की. भूकंप के झटके मध्य अमेरिकी देशों में भी महसूस किए गए.

बलात्कारी बाबा के सिरसा आश्रम में सर्च ऑपरेशन में मिली दवाईयां और प्लास्टिक करेंसी

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सिरसा। बलात्कारी बाबा का सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया है. आश्रम में पुलिस, सुरक्षाबल सहित पेरा मिलिट्री की 410 आर्मी के चार दस्ते सर्च ऑपरेशन में शामिल है. इसके अलावा डॉक्टर, बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, लौहार, जेसीबी मशीने आदि सर्च ऑपरेशन में शामिल है.

सर्च ऑपरेशन के दौरान कम्प्यूटर हार्ड डिस्क, लग्जरी कार, बिना लेवल की दवाएं और कैश मिला है. इसके अलावा, डेरा में चल रही प्लास्टिक करंसी भी बरामद की गई. टीम ने दो कमरों को भी सील किया. इस पूरी प्रोसेस के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से अप्वाइंट कोर्ट कमिश्नर एकेएस पंवार भी यहां मौजूद हैं. डेरा में तलाशी के लिए 6000 जवानों की तैनाती की गई है. अकाउंट्स खंगालने के लिए 100 बैंक वर्कर्स बुलाए गए हैं.

सिरसा स्थित डेरा आश्रम में सर्च के दौरान 12 हजार रुपये की नई करंसी. 7 हजार रुपये की पुरानी करंसी. डेरे में इस्तेमाल की जानी वाली प्लास्टिक मनी. एक लैक्सस गाड़ी, जिसका नंबर नहीं है. एक ओबी वैन. भारी मात्रा में बिना लेबल की फार्मेसी की दवाएं. इन दवाओं की गिनती की जा रही है. एक टीम राम रहीम की गुफा में गई है. यहां भी सर्च ऑपरेशन चलेगा.

इससे पहले, सिरसा के कमिश्नर प्रभजोत सिंह ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के मद्देनजर सभी अधिकारियों को उनके काम बता दिए गए हैं. जब तक ऑपरेशन चलेगा, तब तक कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी. बता दें कि 28 अगस्त को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को 10-10 यानी 20 साल की सजा सुनाई थी.

छेड़खानी को लेकर दलित-ठाकुरों में पथराव और गोलीबारी, बाबासाहेब की मूर्ति क्षतिग्रस्त

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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में एक बार हिंसा भड़क गई. यहां दलितों और ठाकुरों के बीच पथराव और गोलियां चली. इस घटना में 18 लोग घायल भी हुए. घटना की सूचना मिलने के काफी देर बाद कई थानों की पुलिस आई. ठाकुरों ने उनपर भी गोलियां दाग दी. पुलिस ने पूरी घटना को बड़ी मुश्किल से रोका.

दरअसल, मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र के भूपखेड़ी गांव के दलितों ने अपने गुरू समनदास का जन्मदिवस मनाने के लिए शिरोमणि आश्रम  में सत्संग का आयोजन किया था. जिसमें बड़ी संख्या में दलित समाज के स्त्री-पुरूषों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान ठाकुर समुदाय के लोग इस कार्यक्रम में पहुंच गए और उन्होंने दलित समुदाय की महिलाओं के साथ छेड़खानी की. जब महिलाओं ने विरोध किया तो ठाकुर समुदाय के लड़कों ने महिलाओं को जाति-सूचक गालियां भी दी. जिसके बाद दोनों समुदाय आपस में मार-पीट करने लगे.

मारपीट की सूचना पर दोनों समुदाय के सैकड़ों लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए. दोनों समुदाय में जमकर मारपीट हुई. मामला यही शांत नहीं हुआ. इसके कुछ ही देर बाद पथराव भी शुरू हो गया. हमलावरों ने बाबासाहेब अम्बेडकर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. मारपीट के दौरान गोलीबारी भी हुई. जिसमें एक पक्ष से आठ तो दूसरे पक्ष से चार लोग घायल हो गए.

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कई थानों की पुलिस के साथ एसडीएम, सीओ सहित पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर गए. ठाकुर समुदाय के लोगों ने पुलिस पर भी गोलीबारी कर दी थी. बड़ी मुश्किल से पुलिस ने उपद्रवियों को भगाया. बाद में घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया.

इस घटना के बाद गांव में एक तनाव फैल गया. अधिकारियों ने ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ की और क्षतिग्रस्त अम्बेडकर की मूर्ति को कपड़े से ढकवाया. पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया.

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गांव से लेकर सामुदायिक अस्पताल तक दलित महिलाओं ने इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया. मौके पर एसपी सिटी और एडीएम ने जाकर घटना स्थल पर से महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कर दिया. गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पीएसी के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. फिलहाल गांव में शांति का माहौल बताया जा रहा है.

हमारे बारे में न लिखतीं तो जिंदा रहतीं गौरी लंकेश- भाजपा नेता

बेंगलुरू। भाजपा के एक नेता ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को लेकर एक आपत्ति जनक बयान दिया है. इस बयान ने जहां संघ और भाजपा के नेताओं की मंशा बता दी है तो वहीं गौरी लंकेश की हत्या को लेकर संघ और भाजपा पर सवाल उठने लगे हैं. बयान कर्नाटक से आया है.

कर्नाटक के भाजपा नेता जीवराज ने कहा कि अगर गौरी लंकेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों की मौत के जश्न के बारे में ना लिखती तो शायद आज जिंदा होतीं. भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक में जीवराज ने यह बयान दिया. जीवराज भाजपा के कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं. जीवराज ने कहा कि कांग्रेस राज में हमनें संघ के लोगों को मरते हुए देखा, जिसके बाद गौरी लंकेश ने भी उनके बारे में लेख छापा. लेकिन अगर वह इस तरह के लेखों से दूर रहतीं तो आज शायद जीवित होतीं. गौरी लंकेश मेरी बहन की तरह हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने हमारे खिलाफ लिखा वह गलत था. ये भी पढ़ेंः बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने रो कर बताई पार्टी में फूट की व्यथा

भाजपा नेता का यह बयान तब आया है जब एक दिन पहले ही भाजपा कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या को लेकर कर्नाटक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है. ऐसे में पूर्व मंत्री का बयान यह सवाल उठाता है कि गौरी लंकेश की हत्या पर भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के आंसू मगरमच्छ के तो नहीं.

गौरतलब है कि गौरी लंकेश की हत्या 5 सितंबर की देर शाम को चार अज्ञात लोगों ने उनके घर के बाहर कर दी थी. गौरी लंकेश साप्ताहिक मैग्जीन ‘लंकेश पत्रिके’ की संपादक थीं. साथ ही वह अखबारों में कॉलम भी लिखती थीं. लंकेश के दक्षिणपंथी संगठनों से वैचारिक मतभेद थे.

गौरी लंकेश के बाद अब बिहार में पत्रकार को गोली मारी, हालत गंभीर

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पटना। बेंगलुरु में मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को दो दिन बाद बिहार में एक पत्रकार को गोली मार दी गई. पत्रकार की हालत गंभीर है. दो बाइक सवारों ने पत्रकार को गोली मारी. यह घटना उस समय हुई है जब वह अपने गांव जा रहे थे.

पत्रकार का नाम पंकज मिश्रा है. पंकज मिश्रा हिंदी समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा में काम करते हैं. गुरुवार (7 सितंबर) को वह बैंक से एक लाख रुपए निकालने के बाद अपने गांव बंसी लौट रहे थे. रास्ते में उनके ही गांव के दो युवकों अंबिका और कुंदन ने उनकी गाड़ी रुकवा ली और पैसे, लैपटॉप छीनने लगे. विरोध करने पर पंकज की पीठ में गोली मार दी. पंकज ने इन दोनों का पीछा भी किया लेकिन जख्मी होने की वजह से थोड़ी दूर पर जाकर गिर पड़े.

थोड़ी दूर पर कुछ स्थानीय निवासियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया जिससे दोनों अपराधी भाग खड़े हुए. रास्ते से गुजर रहे मनोज कुमार नामक युवक ने पंकज को सोनभद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां प्राथमिक चिकित्सा के बाद पंकज को सदर अस्पताल रेफर किया गया इसके बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज भेज दिया.

बताया जाता है कि दोनों हमलावर पीड़ित पंकज के ही गांव बंशी के रहने वाले हैं और रिश्ते में चचेरे भाई हैं. कुंदन स्थानीय विधायक सत्यदेव कुशवाहा के पीए का बेटा भी है. कुंदन कुछ दिन पहले ही लूट के मामले में जमानत पर रिहा हुआ है.

रेल हादसों पर लालू ने किया ट्वीट- खूंटा बदलने से भैंस ज़्यादा दूध नहीं देती

नई दिल्ली। नई दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र में गुरुवार को एक ही दिन में तीन ट्रेनें पटरी से उतर गईं. इन घटनाओं पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने तंज कसा. उन्होंने ट्वीट किया कि एक दिन में तीन-तीन ट्रेनें पटरी से उतर गईं, इसलिए कहता हूं, खूंटा बदलने से नहीं, संतुलित आहार देने व खुराक बदलने से भैंस ज़्यादा दूध देगी.

गौरतलब है कि लगातार हो रहे रेल हादसे के बाद सुरेश प्रभु ने इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद हुए कैबिनेट फेरबदल में पीयूष गोयल को रेलमंत्री की कमान सौंपी गई थी. उस वक्त भी लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर सवाल किया था कि खूंटा बदलने से क्या भैंस ज्यादा दूध देगी.

पीयूष गोयल के रेल मंत्री बनने के बाद पहली बार एक ही दिन में तीन ट्रेन हादसे हो गए. पिछले एक महीने में यह पांचवां ट्रेन हादसा है. गुरुवार सुबह यूपी के सोनभद्र में रेल हादसे के बाद दोपहर में राजधानी दिल्ली में भी रांची राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई.

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यह हादसा शिवाजी ब्रिज के पास हुआ है, हालांकि दुर्घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है. वहीं मुंबई-पुणे के बीच खंडाला में मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी, जिसके बाद ट्रेन की समय सारणी में परिवर्तन किया गया.

खंडाला मध्य रेखा के डीएन लाइन ब्रेक डाउन के बाद लम्बी दूरी की ट्रैन के लिए लोकल 10 ट्रैन को रद्द किया गया, 5 ट्रेनों को कुछ समय के लिए रास्ते में रोक दिया गया हैं एवं 3 ट्रैन का रूट बदला गया.

सरकारी बैंकों में निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई

बैंक में नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए खुशखबरी है. इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) ने क्लर्क एग्जाम के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. कॉमन रीक्रूटमेंट प्रोसेस (CWE Cleark VII) के तहत नई जॉब्स दी जाएंगी. एक अनुमान के मुताबिक इस बार आईबीपीएस की भर्ती प्रक्रिया से बैंक क्लर्क के 7884 पदों को भरा जाएगा.

इस एग्जाम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने का प्रोसेस 12 सितंबर से शुरू होगा, इस परीक्षा में अप्लाई करने के लिए आपको 10 अक्टूबर, 2017 से पहले आवेदन करना होगा.

उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएट, कम्प्यूटर की ऑपरेटिंग और वर्किंग जानकारी होनी भी जरूरी. उम्मीदवार का SSC/ HSC/ इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन लेवल पर अंग्रेजी पास होना भी अनिवार्य है.

इस जॉब के लिए अप्लाई करने वाले आवेदक की आयु 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए, आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उम्र छूट दी गई है.

दो चरणों में होगा एग्जाम यह एग्जाम दो चरणों में लिया जाता है- पहला प्रेलिमिनरी और दूसरा मेन. इस परीक्षा की फीस जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 600 रुपये और आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार के लिए 100 रुपये की एप्लीकेशन फीस रखी गई है.

अप्लाई करने और अधिक जानकरी के लिए http://www.ibps.in/ पर जाएं.

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने रो कर बताई पार्टी में फूट की व्यथा

पटना। बिहार कांग्रेस में चल रही कलह अब खुल कर सामने आ रही हैं. महागठबंधन से नीतीश कुमार के अलग होने के बाद से ही बिहार कांग्रेस में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. पार्टी में टूट की खबरों के बीच कांग्रेस आलाकमान बिहार के सभी विधायकों को दिल्ली बुला किया है.

विधायकों से पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी व विधायक दल के नेता सदानंद सिंह को दिल्ली बुलाकर सोनिया गांधी ने मुलाकात की थी. उसके बावजूद भी स्थिति समान्य नहीं हुई है. आरोप प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी पर लग रहे हैं. वे पार्टी के कुछ विधायकों के साथ पार्टी को तोड़ सकते हैं.

एक इंटरव्यू के दौरान अशोक कैमरे के सामने फफक कर रो पड़े. उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी को खड़ा करने में 25 साल लगाया है. उसके बाद मेरे ऊपर ऐसे आरोप लग रहे हैं. इन आरोपों पर फिर सफाई देने में मुझे 15 साल लग जाएंगे. उन्होंने आरोप यह भी लगाया कि पार्टी के बड़े नेता ही ये सब कर रहे हैं. वे लोग अपने चहेते को बिहार में पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहते हैं.

दरअसल, खबर यह भी है कि राहुल विधायकों से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी की छुट्टी कर सकते हैं. सूत्र बता रहे हैं कि कुछ विधायक अशोक चौधरी को पसंद नहीं करते हैं.

मानदेय बढ़ने के बाद भी सड़कों पर उतरे शिक्षामित्र

लखनऊ। शिक्षा मित्रों के हो रहे लगातार विरोध प्रदर्शन का फल मंगलवार (5 सितंबर) को मिला. योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को मानदेय 3500 रूपए से बढ़ाकर दस हजार रूपए मासिक करने का फैसला किया. लेकिन शिक्षामित्र इस फैसले से खुश नहीं हुए.

बड़ी संख्या में शिक्षामित्र देवरिया के टाउनहाल से प्रदर्शन करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठे गए. आक्रोशित शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. शिक्षामित्रों ने इस मामले को लेकर एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि इससे ज्यादा वेतन तो दैनिक मजदूर कमा लेते हैं. सोशल मीडिया पर भी शिक्षामित्र इस फैसले को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं.

बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार अपने कार्यालय से कहीं जाने के लिए निकले. शिक्षामित्रों ने उन्हें धरनास्थल पर बुलाकर अपनी बात कही. बीएसए ने नियमानुसार कार्यवाही का भरोसा दिया. कुछ शिक्षामित्रों ने एक स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा शिक्षामित्र कहे जाने पर ऐतराज जताया.

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के उपाध्यक्ष श्याम लाल ने कहा कि सरकार का यह फैसला शिक्षामित्रों को स्वीकार नहीं है. शिक्षामित्र बहुत जल्द इस मुद्दे को लेकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे भविष्य को लेकर प्रदेश सरकार बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं है. एक दैनिक मजदूर भी 10 हजार रुपए से ज्यादा कमा लेता है. सरकार ने किस आधार पर मानदेय़ 10 हजार करने का फैसला किया है. हम इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक पैदल मार्च निकालेंगे.

रिकॉर्ड जीत के बाद श्रीलंका से आई बुरी खबर, युवा भारतीय क्रिकेटर की मौत

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम और उसके प्रशंसक इस समय श्रीलंका में मिली 9-0 (3 टेस्ट मैच, 5 वनडे और 1 टी-20) की जीत की खुशी मना रहे हैं, लेकिन इसी दौरान श्रीलंका से एक बुरी खबर आई है. एक युवा प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेटर की श्रीलंका के एक स्विमिंग पूल में डूबकर मौत हो गई है.

यह खिलाड़ी भारतीय अंडर-17 टीम का सदस्य था और उसकी उम्र अभी महज 12 साल थी. समाचार एजेंसी पीटीआइ ने इस क्रिकेटर की पहचान मोनाथ सोना नरेंद्र के रूप में की है. यह क्रिकेटर गुजरात के सूरत का रहने वाला था.

जानकारी के मुताबिक वह अपने चार साथियों के साथ पूल में था, लेकिन कुछ देर बाद वह डूबने लगा. श्रीलंकाई अखबार संडे टाइम्स के मुताबिक भारतीय खिलाड़ी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी. फिलहाल पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार है कि मौत की वजह क्या रही.

बताया जा रहा है कि मृत खिलाड़ी 19 सदस्यों वाले भारतीय दल का हिस्सा था. भारतीय टीम श्रीलंका में एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने गई थी. वहां वे एक होटल में रुके हुए थे और कुछ खिलाड़ी पूल में नहा रहे थे. फिलहाल श्रीलंकाई पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है.

शुभ मंगल सावधान और बादशाहो की BoxOffice रिपोर्ट

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मुंबई। आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर की फिल्म शुभ मंगल सावधान ने जहां घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर अपने रिलीज़ के छठे दिन दो करोड़ से ज़्यादा का कलेक्शन किया वहीं मिलन लूथरिया डायरेक्टेड बादशाहो की कमाई में चार करोड़ से कुछ ज़्यादा जुड़ गए.

आर एस प्रसन्ना निर्देशित तमिल हिट फिल्म का रीमेक यानि शुभ मंगल सावधान को घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर बुधवार को दो करोड़ 12 लाख रूपये का कलेक्शन मिला है. कलेक्शन में मंगलवार के दो करोड़ 85 लाख रूपये के कलेक्शन के मुकाबले 73 लाख रूपये कम रहा लेकिन फिल्म अब भी स्टेडी ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रही है. शुभ मंगल सावधान का कुल नेट इंडिया कलेक्शन अब 21 करोड़ 96 लाख हो गया है. इस फिल्म से पहले वीक में 25 करोड़ रूपये की उम्मीद की गई थी और अब भी एक दिन समय है.

पाकिस्तान में एक हफ़्ते लेट से यानि इस शुक्रवार से रिलीज़ हो गई अजय देवगन, इमरान हाशमी , इलियाना डिक्रूज़ और ईशा गुप्ता स्टारर फिल्म बादशाहो ने छठे दिन घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर चार करोड़ 30 लाख रूपये का कलेक्शन किया. एक दिन के भीतर ये बड़ी गिरावट दर्ज़ की गई. मंगलवार को कमाई छह करोड़ 12 लाख रूपये थी. फिल्म का नेट इंडिया कलेक्शन अब 60 करोड़ 54 लाख रूपये पहुंच गया है लेकिन अब पहले वीक में फिल्म की कमाई का 75 करोड़ तक पहुंचना मुश्किल लग रहा है, जिसकी उम्मीद जताई गई थी.

बस स्टैंड की छत गिरने से 9 लोगों की मौत, 20 ज्यादा फंसे

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कोयंबटूर। तमिलनाडु के कोयंबटूर में बड़ा हादसा हुआ है. यहां एक बस स्टैंड की छत गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई है. इनमें पांच लोगों के शव बरामद कर लिया गया है. इस हादसे में करीब 20 लोगों के फंसे होने की आशंका है. फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है.

पूरा मामला कोयंबटूर के सोमानूर बस स्टैंड का है. बताया जा रहा है कि बस स्टैंड की छत गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई. इनमें 5 का शव बरामद कर लिया गया है. वहीं 20 लोगों के अभी फंसे होने की आशंका है. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त वहां कई लोग मौजूद थे. फिलहाल राहत और बचाव का काम जारी है.

हादसे के वक्त बस स्टैंड के अंदर कई लोग बैठे थे. हादसे के बाद मौके पर भगदड़ और चीख पुकार मच गई. वहां मौजूद लोग मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए आगे आए और हादसे की सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंचकर पुलिस और राहत-बचाव दल ने लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया. अब तक इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई है. वहीं कई अन्य घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

पुलिस ने बताया कि घटना की वजह से बस का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छत कंक्रीट की बनी हुई थी. बताया जा रहा है कि बस का इंतजार कर रहे छत गिरने की चपेट में आए. तीन एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया. घायलों का इलाज कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में चल रहा है.