आनंद कुमार की दर्दनाक कहानी सुन भावुक हुए अमिताभ बच्चन

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‘कौन बनेगा करोड़पति 9’ का सीजन इस वक्त खूब जोर शोर के साथ चल रहा है. वहीं इस गेम शो की टीआरपी भी काफी ऊंची जा रही है. कल यानी 8 सितंबर 2017 को केबीसी 9 का दसवां एपिसोड प्रसारित किया गया. शुक्रवार के एपिसोड में कंटेस्टेंट के तौर पर पंजाब, सीआरपीएफ ऑफिसर किशोर कुमार हॉट सीट पर विराजमान हुए. गुरुवार को किशोर कुमार ने 5000 रुपए की राशि जीती थी. इसके बाद समय की पाबंदी के चलते एपिसोड को खत्म करना पड़ा था.

इसके साथ ही शुक्रवार को एक बार फिर से केबीसी 9 में किशोर कुमार का स्वागत किया गया. कुमार शो में 3.2 लाख रुपए की धनराशि जीत कर घर गए. इसके बाद शो में नए सेगमेंट का आरंभ हुआ. केबीसी में शुक्रवार को एक स्पेशल सेगमेंट खेला जाता है जिसका नाम है ‘नई चाह, नई राह’. पिछले सेगमेंट में इंडिय वुमन क्रिकेट टीम और कप्तान को बुलाया गया था. इस हफ्ते के स्पेशल सेगमेंट में इस बार ‘सुपर 30 फाउंडर-आनंद कुमार’ को बुलाया गया.

आपको बता दें, अमिताभ बच्चन ने शो का ये स्पेशल सेगमेंट शुरू होने से पहले आनंद का परिचय देते हुए यह भी कहा था कि, उनकी फिल्म ‘आरक्षण’ में उन्होंने जो किरदार निभाया था वह ‘आनंद कुमार’ से ही इंस्पायर्ड था. शो में आनंद ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में गरीब के दिन देखें हैं. वह कहते हैं, ‘पिताजी चाहते थे कि हम और पढ़ें लिखें, लेकिन उनका अचानक देहांत हो गया. उन्हें हार्ट अटैक हुआ. इसके बाद हमारे घर की हालत और खराब हो गई. तब मेरी मां ने पापड़ बनाना शुरू किया. ये पापड़ मैं और मेरा भाई, हम दोनों बेचने के लिए जाया करते थे. और कहते थे, आनंद पापड़ वाला.. आनंद पापड़ वाला.’

वहीं मैथ्स के जादूगर आनंद कुमार ने कहा कि वह शो में जो भी धनराशी जीतेंगे उसे वह अपने स्टूडेंस की पढ़ाई और स्कूल पर लगाएंगे. शो में आनंद के साथ उनके एक्स स्टूडेंट अनिरुद्ध सिन्हा ने हॉटसीट पर उनका साथ दिया. शो के अंत तक आनंद कुमार 25 लाख रुपए जीतने में कामयाब रहे. इससे पहले के एपिसोड में गुजरात के रूपाभाई हडियाल 12 लाख 50 हजार के सवाल में आ कर अटक गए थे. इसके चलते उन्होंने समझदारी और ज्यादा लालच न करते हुए दिखाते हुए वहीं पर शो क्विट कर दिया.

सोने में आई सबसे बड़ी गिरावट, 820 रुपए टूटा गोल्ड

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नई दिल्ली। शुक्रवार को आए तेज उछाल के बाद सोने की कीमत में शनिवार को साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है. शनिवार को सोना 820 रुपए कमजोर होकर 30,530 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर पर आ गया. यह गिरावट कमजोर वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से सुस्त मांग के चलते देखने को मिली है. यह इस साल सोने की कीमत में आई सबसे बड़ी गिरावट है. आपको बता दें कि शुक्रवार को सोना 990 रुपए बढ़कर 31,350 रुपए के स्तर पर पहुंच गया था. वहीं दूसरी ओर चांदी 42,000 रुपए प्रतिकिलोग्राम पर स्थिर बनी हुई है. ऐसा इसलिए क्योंकि औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से इन्हें ठीक ठाक मांग प्राप्त नहीं हुई है. ट्रेडर्स का कहना है कि कमजोर वैश्विक रुझान के अलावा ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से कम हुई मांग ने भी सोने की कीमत में गिरावट को तेज किया है. अगर वैश्विक स्तर पर बात करें तो न्यूयॉर्क में सोना 1,357.64 डॉलर प्रति औंस के एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद बीते दिन के कारोबार में 0.19 फीसद टूटकर 1,346 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं चांदी भी 0.91 फीसद टूटकर 17.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है. लोकल ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से घटी मांग के अलावा, डोमेस्टिक स्पॉट मार्केट ने भी इस गिरावट को तेज किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 820 रुपए लुढ़ककर क्रमश: 30,530 और 30,380 के स्तर पर आ गया है.

ब्राह्मण महिला वैज्ञानिक ने जाति का पता चलते ही ‘कुक’ को किया बाहर

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पुणे। देशभर में जातिवाद की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. दुख इस बात है कि जातिवाद पढ़ा-लिखा वर्ग फैला रहा है. पुणे से ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां मौसम विभाग की एक वैज्ञानिक ने अपनी महिला कुक के खिलाफ चौंकाने वाला मामला दर्ज कराया है. महिला वैज्ञानिक ने अपनी कुक पर जाति को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.

उनका आरोप है कि कुक ने खुद को पहले ‘ब्राह्मण’ बताया था लेकिन बाद में जब पता लगाया गया तो वो ‘यादव’ निकली. कुक के अपनी जाति छुपा कर उनकी धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग में मौसम पूर्वानुमान की उप महाप्रबंधक डॉ मेधा विनायक ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

मेधा विनायक ने पुलिस को दिए अपने स्टेटमेंट में बताया है कि उन्हें अपने माता-पिता की स्मृति में पूजा के दौरान और गणेश त्योहार के दौरान विशेष अवसरों पर भोजन तैयार करने के लिए ब्राह्मण समुदाय की एक विवाहित कुक चाहिए थी. साल 2016 में महिला ने उनसे संपर्क किया और खुद को निर्मला कुलकर्णी बताया.

पहली मुलाकात के बाद मेधा विनायक जानकारी लेने के लिए निर्मला के घर पर भी गई और वहां भी उन्हें सबकुछ ठीक लगा और उन्होंने उसे काम पर रख लिया. लेकिन कुछ दिन बाद किसी ने उनसे बताया कि जिस महिला को उन्होंने काम पर रखा है वो ब्राह्मण नहीं है. जिसके बाद उन्होंने फिर से उसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए उसके घर के आस-पास के लोगों से उसके बारे में पूछताछ की. पूछताछ के दौरान पता चला कि जिस महिला ने खुद को निर्मला कुलकर्णी बताकर पेश किया है उसका असली नाम निर्मला यादव है.

मेधा विनायक का आरोप ये भी है कि जब उसने कुक से उसकी असली जाति के बारे में पूछा तो उसने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की. मेधा विनायक कि शिकायत पर सिंहगढ़ रोड पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) धारा 419 धारा 504 के लिए धारा 354 के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

जब कुक से इस बारे में पूछा गया कि आखिर उसने अपनी जाति के बारे में झूठ क्यों बोला तो उसने कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. उस वक्त उसे नौकरी की जरूरत थी और नौकरी के लिए उसे झूठ बोलना पड़ा. मेधा विनायक को उसने ये भी बताया कि शादी के बारे में भी उसने झूठ बोला था. वो शादीशुदा नहीं है. उसके पति की मौत पहले ही हो चुकी है.

विराट कोहली और संजीव गोयनका का अनोखा कदम

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देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और नए खिलाड़ियों को पहचान-सम्मान दिलाने के मकसद से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम एटलेटिको दे कोलकाता के सह-मालिक संजीव गोयनका ने मिलकर एक नई पहल की है.

दोनों मिलकर देश में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप और अवार्ड देकर सम्मानित करेंगे. यह स्कॉलरशिप विराट कोहली फाउंडेशन (वीकेएफ) और आरपी संजीव गोयनका ग्रुप द्वारा दी जाएगी. वीकेएफ इस पहल में सालाना दो करोड़ रुपये की मदद देगा.

इस मौके पर एक कार्यक्रम में विराट ने कहा, “मैं हमेशा से मानता हूं कि हमारे देश में सिर्फ एक खेल नहीं है बल्कि एक खेल संस्कृति है जो पूरे देश में फैली हुई है. लेकिन, उन्हें एक मंच चाहिए, पहचान चाहिए. उन्हें सुविधाएं चाहिए. इसलिए हमने सोचा की यह सही समय है जब इन खेलों और खिलाड़ियों को नई पहचान दी जाए. हम सिर्फ उन खिलाड़ियों का सम्मान नहीं करेंगे जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, हम उन कोच का भी सम्मान करेंगे जो खिलाड़ियों की मदद कर रहे हैं. हम इस अवार्ड को बड़ा बनाना चाहते हैं.”

राधे मां पर लगा जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने का आरोप

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नई दिल्ली। बलात्कारी राम रहीम के जेल जाने के बाद अब राधे मां भी जेल जा सकती है. बाबा बलात्कार करने के आरोप में जेल गया तो राधे मां पर भी जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगा है. यह आऱोप विश्व हिंदू परिषद के एक सदस्य ने लगाया है.

विश्व हिंदू परिषद के सदस्य रहे सुरेंद्र मित्तल ने कहा कि राधे मां उन्हें कई तरीके से उत्तेजित करने की कोशिश करती थी. वो कई बार उन्हें आई लव यू भी बोलती थी. लेकिन बातों में आने की जगह जब सुरेंद्र ने इस सब का विरोध किया तो वो भड़क गई और अपशब्द कहने लगी, जिसके बाद उन्होंने राधे मां के पास जाना बंद कर दिया. सुरेंद्र मित्तल अब राधे मां के खिलाफ केस दायर करने की तैयारी कर रहे हैं. सुरेंद्र ने कहा कि ये मामला दो साल पुराना है, जिसे मीडिया में भी काफी कवरेज मिला था. सुरेंद्र मित्तल के वकील ने मामले में राधे मां को नोटिस भी भेजा था. अब वो राधे मां के खिलाफ अदालत की अवमानना करने का केस दायर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि हाई कोर्ट इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे. सुरेंद्र ने कहा कि, झूठी पहचान बनाकर घूम रहे लोग, खास तौर से बाबा और स्वामियों की असलियत को सामने लाना चाहिए.

कुछ दिन पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कपूरथला जिले के एसएसपी को नोटिस जारी कर पूछा था कि स्वघोषित देवी राधे मां के खिलाफ एक्शन नहीं लिए जाने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई को अवरुद्ध करने का मामला क्यों नहीं चलाया जाए. जस्टिस दया चौधरी की एकमात्र बेंच ने सुरेंद्र मित्तल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसएसपी को यह नोटिस भेजा था. अब इस मामले में सुनवाई 13 अक्टूबर को की जाएगी.

DU के कॉलेजों में दिल्ली सरकार का दखल, एडहॉक-परमानेंट अपॉइंटमेंट पर लगाई रोक

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने जनता, दिहाड़ी-मजदूर और तमाम सरकारी जगहों पर ठेके पर काम करने वालों के लिए जो वादे किए थे वो उससे मुकर रही है. दिल्ली के जिस किसी विभाग में वैकेंसी निकल रही है. उसे भी रद्द कर रहे हैं. हाल ही में डीएसएससबी द्वारा निकाली गई परमानेंट पीजीटी-टीजीटी वैकेंसी को भी दिल्ली सरकार ने रद्द कर दिया था. अब दिल्ली विश्वविद्यालय में निकलने वाली एडहॉक और परमानेंट पदों पर निकली वैकेंसी को रद्द कर रहे है.

दिल्ली सरकार ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र लिखकर कहा है कि दिल्ली सरकार चलाए जा रहे डीयू 28 कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी की नियुक्तियों में संतुलित प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इनमें सदस्यों की नियुक्ति विविध अनुशासनों एवं संस्थानों से होनी चाहिए.

पत्र में दिल्ली सरकार द्वारा पोषित 28 कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी संबंधी संशोधित सूची को माननीय मुख्यमंत्री/शिक्षा मंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय को अग्रिम कार्यवाई हेतु प्रेषित कर दिया है .

एकेडेमिक काउंसिल के सदस्य प्रो. हंसराज ‘सुमन’ ने बताया है कि दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय की आपसी लड़ाई के बीच एडहॉक टीचर्स, छात्र और कर्मचारियों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है. दिल्ली सरकार के 28 कॉलेजों में अक्टूबर 2016 से गवर्निंग बॉडी नहीं है. सरकार के एक दर्जन से अधिक कॉलेजों में पिछले कई वर्षों से प्रिंसिपलों के पद खाली पड़े हुए हैं जिसके कारण एडहॉक टीचर्स का परमानेंट अपॉइंटमेंट और प्रमोशन नहीं हो रहे हैं.

प्रो. सुमन ने बताया है कि दिल्ली सरकार द्वारा डीयू को भेजे गए पत्र में कहा है कि 28 कॉलेजों में एडहॉक या परमानेंट कोई भी नियुक्तियां जब तक ना की जाए तब तक कि दिल्ली विश्वविद्यालय इन सूचियों को जारी नहीं कर देता.

प्रो. सुमन ने वाइस चांसलर और दिल्ली सरकार से मांग की है कि वे लंबे समय से रुके हुए 28 कॉलेजों में परमानेंट प्रिंसिपल की अपॉइंटमेंट, लगभग दो हजार एडहॉक टीचर्स की परमानेंट अपॉइंटमेंट, सैंकड़ो टीचर्स की प्रमोशन और कर्मचारियों की नियुक्ति व पदोन्नति के न होने से कॉलेज एडहॉकीज्म पॉलिसी पर चल रहे हैं. उनका कहना है कि जल्द ही 28 कॉलेजों में सरकार व विश्वविद्यालय के व्यक्तियों की सूची भेजे ताकि गवर्निंग बॉडी बनाई जा सके और जल्द से जल्द परमानेंट अपॉइंटमेंट व प्रमोशन का कार्य शुरू कराया जा सके.

खुलासा (पार्ट-1): मोदी सरकार ने छीन लिया दलितों के हक का 2 लाख 29 हजार करोड़ रूपए

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मोदी सरकार अपने को दलितों की सबसे बड़ी हितैषी के रूप में प्रस्तुत कर रही है और हितैषी होने की मार्केंटिंग भी कर रही है. 2014 के लोकसभा चुनाव और इस दौरान होने वाले तमाम विधानसभाओं के चुनाव में उसे अपनी इस मार्केटिंग का फायदा भी मिला. आगामी सालों में गुजरात सहित अन्य राज्यों के चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने दलित समुदाय में जन्मे व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाकर अपनी इस दावेदारी को पुख्ता करने की एक बड़ी कोशिश है. लेकिन दलित हितैषी होने के खुद की मार्केटिंग से इत्तर सच के धरातल पर मोदी सरकार कहां टिकती है?

इसे बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर के नजरिये से देखना ज्यादा ठीक होगा. डॉ. अम्बेडकर ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि “सामाजिक और आर्थिक पुनर्निमाण के आमूल परिवर्तनकामी कार्यक्रम के बिना अस्पृश्य कभी भी अपनी दशा में सुधार नहीं कर सकते हैं.” भारतीय संविधान अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आर्थिक हालात में सुधार के लिए विशेष प्रावधान करने का निर्देश देता है.

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इन निर्देश के तहत समय-समय पर विविध नीतियां बनाई गई, इसमें सबसे निर्णायक महत्व का प्रावधान 1974 और 1979 में बनाई गई आर्थिक योजना, अनुसूचित जनजाति उपयोजना (TSP) और अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) थी. इसके तहत यह प्रावधान किया गया था कि केंद्रीय बजट का विशेष हिस्सा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए अलग से आवंटित किया जाएगा.

यह हिस्सा कुल जनसंख्या में उनके अनुपात के हिसाब से होगा. यानि यदि 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जातियों की कुल जनसंख्या में अनुपात 16.6 और अनुसूचित जनजातियों का 8.6 प्रतिशत है तो इसका मतलब यह है कि भारत के केंद्रीय बजट का 25.2 प्रतिशत अलग से अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आवंटित किया जाएगा. यही तरीका राज्यों के बजट में भी उस प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति की जनसंख्या के अनुपात में भी अपनाया जाएगा.

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इस संदर्भ में यह भी ध्यान देना जरूरी है कि इस विशेष आवंटन के इतर सामान्य योजनाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों की समान हिस्सेदारी होगी. आइए इस बात की पड़ताल करें कि इस विशिष्ट प्रवधान और अन्य प्रावधानों के संर्दभ में मोदी सरकार ने पिछले तीन सालों में क्या किया है?

अगले खुलासे में पढ़िए- अनुसूचित जातियों पर अरूण जेटली का बजट डॉ. सिद्धार्थ का खुलासा.

राजनाथ सिंह आज से जम्मू-कश्मीर के चार दिन के दौरे पर

श्रीनगर। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज से जम्मू एवं कश्मीर के चार दिन के दौरे पर रहेंगे. उनके साथ केन्द्रीय गृहसचिव राजीव गाबा और गृह मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी साथ रहेंगे. जम्मू कश्मीर के अपने दौरे के दौरान वे राज्यपाल एन.एन. वोहरा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात करेंगे. वे राज्य में प्रधानमंत्री के विकास पैकेज और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा भी करेंगे.

राजनाथ सिंह श्रीनगर और जम्मू में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेंगे. वे राज्य में जम्मू एवं कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवानों से भी मुलाकात करेंगे. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर यात्रा पर जाने से पहले कहा है कि वह खुले दिमाग से कश्मीर दौरे पर जायेंगे.

इस दौरान वह बातचीत के इच्छुक हर व्यक्ति से मिलने को तैयार हैं क्योंकि सरकार राज्य में हर समस्या का समाधान चाहती है. यात्रा के दौरान सिंह अनंतनाग, जम्मू और राजौरी भी जायेंगे. इस दौरान वह सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा कारोबारी जगत के लोगों से भी मुलाकात करेंगे. राजनाथ सिंह दोपहर 12 से 12.30 बजे नेहरु गेस्ट हाउस में सीएम से मुलाकात होगी. दोपहर 12.45 बजे प्रधानमंत्री के विकास पैकेज की समीक्षा करेंगे.

रेयान स्कूल की प्रिंसिपल सस्पेंड, बच्चे के मौत पर भड़के अभिभावक

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गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के बच्चे प्रद्युम्न की बेरहमी से हत्या के बाद आज दूसरे दिन भी गुस्साए अभिभावकों का प्रदर्शन जारी है. अभिभावकों के गुस्से को देखते हुए प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है. मगर वह लोग स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

बीते शुक्रवार बस कंडक्टर अशोक ने स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ने वाले प्रद्युम्न की बेरहमी से हत्या कर दी थी. कबूलनामे में अशोक ने बताया कि वह प्रद्युम्न के साथ कुकर्म करने की कोशिश कर रहा था. प्रद्युम्न ने शोर मचाया तो उसने मासूम का गला रेत दिया. घटना के बाद प्रद्युम्न के परिजनों और अभिभावकों ने गुड़गांव पुलिस कमिश्नर के दफ्तर का घेराव किया था. शनिवार सुबह एक बार फिर वह लोग कमिश्नर दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने के लिए जुटे. सीपी ऑफिस के बाहर अभिभावकों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है.

प्रद्युम्न के परिजन महज बस कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. उनकी मांग है कि स्कूल के खिलाफ भी FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए. वहीं अभिभावकों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए शनिवार को स्कूल मैनेजमेंट ने प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है. स्कूल से बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. वहीं आरोपी बस कंडक्टर अशोक के परिजन उसका बचाव कर रहे हैं. अशोक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. पत्नी ने कहा, ‘अशोक इस तरह के नहीं हैं. पुलिस ने अशोक को फंसाया है.’ बताते चलें कि अशोक के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं. अशोक के गांव वाले भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

मैक्सिको में आए भूकंप से 61 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल

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मैक्सिको। मैक्सिको के दक्षिणी तट पर आए भीषण भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है. भूकंप के कारण सैकड़ों इमारतें ढह गईं. घबराए लोग आधी रात को सड़कों पर निकलने को मजबूर हो गए. देश के दूसरे हिस्से में ‘कातिया’ तूफान से निपटने की तैयारी में जुटे मैक्सिको के लिए यह दूसरी बड़ी राष्ट्रीय आपदा के रूप में उभरा है. इस तूफान के आज वेराक्रूज में खाड़ी तट पर पहुंचने की आशंका है. श्रेणी दो के इस तूफान से जानलेवा बाढ़ के आने का खतरा भी बना हुआ है.

मैक्सिको सिविल डिफेंस एजेंसी के प्रमुख ने दक्षिणी राज्य ओक्साका में 45 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. अन्य 12 लोगों की मौत चियापास में हुई है और टबैस्को के खाड़ी तट पर भी तीन लोग मारे गए हैं. यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप गुरुवार रात 11 बजकर 49 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर आया था.

राष्ट्रपति पेना नियेटो के मुताबिक भूकंप के कारण कम से कम 200 लोग घायल हो गए हैं. नेश्नल इमर्जेंसी कमेटी के प्रमुख लुइस फ़िलीपे पुएन्टे ने ट्विटर पर कहा, ”नेश्नल इमर्जेंसी कमेटी सात सितंबर के भूकंप के कारण फिलहाल 58 लोगों की मौत की ख़बर दे रही है.”

इसका केंद्र दक्षिण चियापास में तापाचुला से 165 किलोमीटर पश्चिम में जमीन से 69.7 किलोमीटर की गहराई में था. इसके कई घंटों बाद तक क्षेत्र में भूकंप के बाद के झटके महसूस किए गए. मैक्सिको की भूकंप संबंधी सेवा ने कहा कि भूकंप दक्षिणी चियापास राज्य के तटीय शहर तोनाला से करीब 100 किलोमीटर दूर प्रशांत सागर के अपतटीय इलाके में तकरीबन रात 11 बजकर 49 मिनट पर आया. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 8.1 बताई. इतनी तीव्रता का भूकंप 1985 में आया था, जिसमें मैक्सिको सिटी में 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.

यह देश में आया सबसे तबाही मचाने वाला भूकंप था. भूकंप इतना शक्तिशाली था कि उसने अपने केंद्र से करीब 800 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित मैक्सिको सिटी में भी घरों और इमारतों को हिला दिया और लोग बाहर भागने लगे. भूकंप के झटके देश के बड़े हिस्से में महसूस हुए.

गोरखपुर युनिवर्सिटी के छात्रों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में छात्रों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया. ये छात्र गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को धरना प्रदर्शन कर रहे थे. मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई छात्र घायल हो गए.

इससे पहले छात्र नेताओं ने यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के दोनों मेन गेट पर ताला जड़ा था. इतना ही नहीं छात्रों ने प्रशासनिक भवन की बिजली सप्लाई को भी काट दिया. जिसकी वजह से कर्मचारी प्रशासनिक भवन में बंद हो गए. जब कर्मचारियों ने गेट खोलकर बाहर निकलने चाहा छात्रों और कर्मचारियों के बीच जमकर हाथापाई हुई. मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएससी तैनात कर दी गई है.

ये सारा विवाद स्टूडेंट्स द्वारा प्रशासनिक भवन में ताला मारने के बाद शुरू हुआ था. बता दें कि चुनाव अधिकारी बीएन बैजल ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर कार्यक्रम जारी कर दिया था. इस कार्यक्रम के मुताबिक, 8 से 18 सितंबर के बीच ये चुनाव होने थे लेकिन गोरखपुर यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान पहुंचे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन चाहे तो चुनाव कराए, लेकिन इस बात का ध्यान रखे कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू हों.

डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन के घोषित शेड्यूल को निरस्त कर दिया था. इसके बाद छात्र नेता भड़क गए और प्रदर्शन करने लगे.

 

जयपुर में भड़की हिंसा, एक की मौत, 12 घायल

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जयपुर। जयपुर के गुलाबी नगर में हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है. पांच थानों में कर्फ्यू के बाद पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है. एक मामूली सी बात पर हिंसा के बाद लोगों ने थाने का घेराव कर पथराव करना शुरु कर दिया था, जिसके बाद पुलिस फायरिंग हुई. फायरिंग की घटना में 22 साल के एक युवक की मौत हो गई और 12 लोग घायल हुए हैं.

रामगंज में चौराहे के पास ठेला हटवाने की कोशिश करने के दौरान बाइक पर जा रहे कपल को पुलिस का डंडा लग गया. इसके बाद कहासुनी शुरू हुई जो हिंसा में तब्दील हो गई. गुस्साई भीड़ ने थाने में घुसने की भी कोशिश की. घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए हैं और 1 व्यक्ति की मौत की भी खबर है. भीड़ ने कई पुलिस के वाहनों के साथ अन्य को भी नुकसान पहुंचाया.

तनाव बढ़ता देख कर पुलिस को अतिरिक्त फोर्स की मदद लेनी पड़ी. इसी बीच भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया जिसमें कई पुलिसकर्मी बुरी तरह से जख्मी हो गए. इस दौरान पुलिस की ओर से फायरिंग की सूचना भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक युवक के मारे जाने की बात कही जा रही है. हालांकि इस वायरल सूचना की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हो सकी है.

रामगंज में वाहनों को आग के हवाले की खबर के तुरंत बाद वहां दमकल की पांच गाड़ियां पहुंच गईं. जल्द ही आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया लेकिन तब तक वाहन जलकर खाक हो चुके थे. वहीं पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति की अपील की.

थाने का घेराव करने के बाद उग्र भीड़ ने आगजनी और पथराव शुरू कर दिया तो पुलिस के हाथ पांव फूल गए. आनन-फानन में भीड़ को वहां से हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा लेकिन तब तक पुलिस के कई जवान पत्थरबाजों के हाथों जख्मी हो चुके थे.

बिना इंजन चलती रही शिवगंगा एक्सप्रेस

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वाराणसी। पिछले एक महीने में लगातार हो रहे ट्रेन घटना रूकने का नाम नहीं ले रही है. शुक्रवार (8 सितंबर) को भी एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से तीन बार बची. दिल्ली से चलकर वाराणसी जा रही शि‍वगंगा एक्सप्रेस की शुक्रवार को 44 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन बार कपलिंग टूटी.

घटना इलाहाबाद के पास रामनाथपुर से गोपीगंज के बीच हुई. हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. बता दें कि दो दिन में यह तीसरा रेल हादसा है. गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में शक्तिपुंज एक्सप्रेस और इसके बाद दिल्ली में रांची राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. हालांकि, इन हादसों में कोई हताहत नहीं हुआ.

कोचिंग डि‍पो ऑफि‍सर अभि‍षेक राय ने बताया कपलिंग तीन बार टूटी. पहली बार इलाहाबाद में रामनाथपुर के पास, दूसरी बार गोपीगंज के पास और तीसरी बार गोपीगंज से ही करीब 50 मीटर दूर जाकर. उन्होंने कहा कि कपलिंग के कुछ पार्ट्स घि‍स चुके थे. जांच के बाद बताया जाएगा कि कारण क्या है.

ट्रेन के ड्राइवर ने बताया कि ट्रेन 80 से 100 की स्पीड में थी. अचानक इंजन अलग हो गया. अगर तुरंत ब्रेक लगा देता तो हादसा हो जाता.कपलिंग टूटने के बाद मालगाड़ी का इंजन लगाकर ट्रेन को मंडुआडीह स्टेशन के लिए रवाना किया गया. हालांकि, वह करीब सात घंटे लेट हो गई. मंडुणाडीह स्टेशन मास्टर नीरज कुमार ने बताया, ट्रैक पर मरम्मत किए जाने की वजह से ट्रेन लेट हुई.

Birthday Special: आशा भोसले ने 20 से ज्यादा भाषाओं में गाए 16 हजार गाने

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प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले को आज (8 सितंबर) 83वां जन्मदिन है. आशा भोसले भारतीय सिने जगत की उन गायिकाओं में शुमार हैं, जिन्हें सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. आशा जी ने अपने संगीत के सफर में फिल्मी और गैर फिल्म लगभग 16 हजार गाने गाए हैं. और इसके लिए उनका नाम गिनिस वर्ल्ड बुक में भी लिखा जा चुका है. वर्ल्ड रिकॉर्डस को सर्टिफाई करने वाली ऑग्रेनाइजेशन वर्ल्‍ड रिकॉर्ड अकेडमी ने उन्‍हें मोस्‍ट रिकॉर्ड आर्टिस्‍ट ऑफ दी वर्ल्ड के तौर पर रिक्‍गनाइज किया है. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में उनका नाम मोस्‍ट रिकॉर्ड आर्टिस्‍ट इन म्‍यूजिक हिस्‍ट्री के लिए मेंशन किया है. सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में उनके आवाज के दीवानों की कमी नहीं है.

आशा भोसले ने सिर्फ हिन्दी में ही नहीं बल्कि कई भाषाओं जैसे मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और रूसी भाषा में कई गीत लिखे हैं. बता दें कि आशा जी ने अपने संगीत के करियर की शुरुआत 1948 में फिल्म ‘चुनरिया’ के सावन आया गाने से की थी और अपनी सुरीली आवाज से लोगों को अपना फैन बना लिया.

10 साल की उम्र से ही गाने की शुरुआत करने वावी आशा के फॉलोअर्स की कमी नहीं है. और अपने जन्मदिन के मौके पर फैंस को उनके सुरमयी सफर में उनका साथ देने के लिए शुक्रिया कहा. ट्विटर पर ट्वीट कर लिखा कि ‘आप सभी के बर्थडे विशिज के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, आप सब की शुभकामनाएं मेरे लिए बहुत वेल्यू रखती हैं.’ आशा जी ने बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री मधुबाला, हेलन और आशा पारेख के अलावा नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों में उर्मिला मतोंडकर और करीना कपूर के लिए भी गाने गाए.