रेयान स्कूल की प्रिंसिपल सस्पेंड, बच्चे के मौत पर भड़के अभिभावक

0

गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के बच्चे प्रद्युम्न की बेरहमी से हत्या के बाद आज दूसरे दिन भी गुस्साए अभिभावकों का प्रदर्शन जारी है. अभिभावकों के गुस्से को देखते हुए प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है. मगर वह लोग स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

बीते शुक्रवार बस कंडक्टर अशोक ने स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ने वाले प्रद्युम्न की बेरहमी से हत्या कर दी थी. कबूलनामे में अशोक ने बताया कि वह प्रद्युम्न के साथ कुकर्म करने की कोशिश कर रहा था. प्रद्युम्न ने शोर मचाया तो उसने मासूम का गला रेत दिया. घटना के बाद प्रद्युम्न के परिजनों और अभिभावकों ने गुड़गांव पुलिस कमिश्नर के दफ्तर का घेराव किया था. शनिवार सुबह एक बार फिर वह लोग कमिश्नर दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने के लिए जुटे. सीपी ऑफिस के बाहर अभिभावकों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है.

प्रद्युम्न के परिजन महज बस कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. उनकी मांग है कि स्कूल के खिलाफ भी FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए. वहीं अभिभावकों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए शनिवार को स्कूल मैनेजमेंट ने प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है. स्कूल से बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. वहीं आरोपी बस कंडक्टर अशोक के परिजन उसका बचाव कर रहे हैं. अशोक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. पत्नी ने कहा, ‘अशोक इस तरह के नहीं हैं. पुलिस ने अशोक को फंसाया है.’ बताते चलें कि अशोक के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं. अशोक के गांव वाले भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

मैक्सिको में आए भूकंप से 61 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल

0

मैक्सिको। मैक्सिको के दक्षिणी तट पर आए भीषण भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है. भूकंप के कारण सैकड़ों इमारतें ढह गईं. घबराए लोग आधी रात को सड़कों पर निकलने को मजबूर हो गए. देश के दूसरे हिस्से में ‘कातिया’ तूफान से निपटने की तैयारी में जुटे मैक्सिको के लिए यह दूसरी बड़ी राष्ट्रीय आपदा के रूप में उभरा है. इस तूफान के आज वेराक्रूज में खाड़ी तट पर पहुंचने की आशंका है. श्रेणी दो के इस तूफान से जानलेवा बाढ़ के आने का खतरा भी बना हुआ है.

मैक्सिको सिविल डिफेंस एजेंसी के प्रमुख ने दक्षिणी राज्य ओक्साका में 45 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. अन्य 12 लोगों की मौत चियापास में हुई है और टबैस्को के खाड़ी तट पर भी तीन लोग मारे गए हैं. यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप गुरुवार रात 11 बजकर 49 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर आया था.

राष्ट्रपति पेना नियेटो के मुताबिक भूकंप के कारण कम से कम 200 लोग घायल हो गए हैं. नेश्नल इमर्जेंसी कमेटी के प्रमुख लुइस फ़िलीपे पुएन्टे ने ट्विटर पर कहा, ”नेश्नल इमर्जेंसी कमेटी सात सितंबर के भूकंप के कारण फिलहाल 58 लोगों की मौत की ख़बर दे रही है.”

इसका केंद्र दक्षिण चियापास में तापाचुला से 165 किलोमीटर पश्चिम में जमीन से 69.7 किलोमीटर की गहराई में था. इसके कई घंटों बाद तक क्षेत्र में भूकंप के बाद के झटके महसूस किए गए. मैक्सिको की भूकंप संबंधी सेवा ने कहा कि भूकंप दक्षिणी चियापास राज्य के तटीय शहर तोनाला से करीब 100 किलोमीटर दूर प्रशांत सागर के अपतटीय इलाके में तकरीबन रात 11 बजकर 49 मिनट पर आया. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 8.1 बताई. इतनी तीव्रता का भूकंप 1985 में आया था, जिसमें मैक्सिको सिटी में 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.

यह देश में आया सबसे तबाही मचाने वाला भूकंप था. भूकंप इतना शक्तिशाली था कि उसने अपने केंद्र से करीब 800 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित मैक्सिको सिटी में भी घरों और इमारतों को हिला दिया और लोग बाहर भागने लगे. भूकंप के झटके देश के बड़े हिस्से में महसूस हुए.

गोरखपुर युनिवर्सिटी के छात्रों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में छात्रों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया. ये छात्र गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को धरना प्रदर्शन कर रहे थे. मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई छात्र घायल हो गए.

इससे पहले छात्र नेताओं ने यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के दोनों मेन गेट पर ताला जड़ा था. इतना ही नहीं छात्रों ने प्रशासनिक भवन की बिजली सप्लाई को भी काट दिया. जिसकी वजह से कर्मचारी प्रशासनिक भवन में बंद हो गए. जब कर्मचारियों ने गेट खोलकर बाहर निकलने चाहा छात्रों और कर्मचारियों के बीच जमकर हाथापाई हुई. मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएससी तैनात कर दी गई है.

ये सारा विवाद स्टूडेंट्स द्वारा प्रशासनिक भवन में ताला मारने के बाद शुरू हुआ था. बता दें कि चुनाव अधिकारी बीएन बैजल ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर कार्यक्रम जारी कर दिया था. इस कार्यक्रम के मुताबिक, 8 से 18 सितंबर के बीच ये चुनाव होने थे लेकिन गोरखपुर यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान पहुंचे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन चाहे तो चुनाव कराए, लेकिन इस बात का ध्यान रखे कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू हों.

डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन के घोषित शेड्यूल को निरस्त कर दिया था. इसके बाद छात्र नेता भड़क गए और प्रदर्शन करने लगे.

 

जयपुर में भड़की हिंसा, एक की मौत, 12 घायल

0

जयपुर। जयपुर के गुलाबी नगर में हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है. पांच थानों में कर्फ्यू के बाद पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है. एक मामूली सी बात पर हिंसा के बाद लोगों ने थाने का घेराव कर पथराव करना शुरु कर दिया था, जिसके बाद पुलिस फायरिंग हुई. फायरिंग की घटना में 22 साल के एक युवक की मौत हो गई और 12 लोग घायल हुए हैं.

रामगंज में चौराहे के पास ठेला हटवाने की कोशिश करने के दौरान बाइक पर जा रहे कपल को पुलिस का डंडा लग गया. इसके बाद कहासुनी शुरू हुई जो हिंसा में तब्दील हो गई. गुस्साई भीड़ ने थाने में घुसने की भी कोशिश की. घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए हैं और 1 व्यक्ति की मौत की भी खबर है. भीड़ ने कई पुलिस के वाहनों के साथ अन्य को भी नुकसान पहुंचाया.

तनाव बढ़ता देख कर पुलिस को अतिरिक्त फोर्स की मदद लेनी पड़ी. इसी बीच भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया जिसमें कई पुलिसकर्मी बुरी तरह से जख्मी हो गए. इस दौरान पुलिस की ओर से फायरिंग की सूचना भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक युवक के मारे जाने की बात कही जा रही है. हालांकि इस वायरल सूचना की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हो सकी है.

रामगंज में वाहनों को आग के हवाले की खबर के तुरंत बाद वहां दमकल की पांच गाड़ियां पहुंच गईं. जल्द ही आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया लेकिन तब तक वाहन जलकर खाक हो चुके थे. वहीं पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति की अपील की.

थाने का घेराव करने के बाद उग्र भीड़ ने आगजनी और पथराव शुरू कर दिया तो पुलिस के हाथ पांव फूल गए. आनन-फानन में भीड़ को वहां से हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा लेकिन तब तक पुलिस के कई जवान पत्थरबाजों के हाथों जख्मी हो चुके थे.

बिना इंजन चलती रही शिवगंगा एक्सप्रेस

0

वाराणसी। पिछले एक महीने में लगातार हो रहे ट्रेन घटना रूकने का नाम नहीं ले रही है. शुक्रवार (8 सितंबर) को भी एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से तीन बार बची. दिल्ली से चलकर वाराणसी जा रही शि‍वगंगा एक्सप्रेस की शुक्रवार को 44 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन बार कपलिंग टूटी.

घटना इलाहाबाद के पास रामनाथपुर से गोपीगंज के बीच हुई. हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. बता दें कि दो दिन में यह तीसरा रेल हादसा है. गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में शक्तिपुंज एक्सप्रेस और इसके बाद दिल्ली में रांची राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. हालांकि, इन हादसों में कोई हताहत नहीं हुआ.

कोचिंग डि‍पो ऑफि‍सर अभि‍षेक राय ने बताया कपलिंग तीन बार टूटी. पहली बार इलाहाबाद में रामनाथपुर के पास, दूसरी बार गोपीगंज के पास और तीसरी बार गोपीगंज से ही करीब 50 मीटर दूर जाकर. उन्होंने कहा कि कपलिंग के कुछ पार्ट्स घि‍स चुके थे. जांच के बाद बताया जाएगा कि कारण क्या है.

ट्रेन के ड्राइवर ने बताया कि ट्रेन 80 से 100 की स्पीड में थी. अचानक इंजन अलग हो गया. अगर तुरंत ब्रेक लगा देता तो हादसा हो जाता.कपलिंग टूटने के बाद मालगाड़ी का इंजन लगाकर ट्रेन को मंडुआडीह स्टेशन के लिए रवाना किया गया. हालांकि, वह करीब सात घंटे लेट हो गई. मंडुणाडीह स्टेशन मास्टर नीरज कुमार ने बताया, ट्रैक पर मरम्मत किए जाने की वजह से ट्रेन लेट हुई.

Birthday Special: आशा भोसले ने 20 से ज्यादा भाषाओं में गाए 16 हजार गाने

0

प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले को आज (8 सितंबर) 83वां जन्मदिन है. आशा भोसले भारतीय सिने जगत की उन गायिकाओं में शुमार हैं, जिन्हें सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. आशा जी ने अपने संगीत के सफर में फिल्मी और गैर फिल्म लगभग 16 हजार गाने गाए हैं. और इसके लिए उनका नाम गिनिस वर्ल्ड बुक में भी लिखा जा चुका है. वर्ल्ड रिकॉर्डस को सर्टिफाई करने वाली ऑग्रेनाइजेशन वर्ल्‍ड रिकॉर्ड अकेडमी ने उन्‍हें मोस्‍ट रिकॉर्ड आर्टिस्‍ट ऑफ दी वर्ल्ड के तौर पर रिक्‍गनाइज किया है. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में उनका नाम मोस्‍ट रिकॉर्ड आर्टिस्‍ट इन म्‍यूजिक हिस्‍ट्री के लिए मेंशन किया है. सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में उनके आवाज के दीवानों की कमी नहीं है.

आशा भोसले ने सिर्फ हिन्दी में ही नहीं बल्कि कई भाषाओं जैसे मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और रूसी भाषा में कई गीत लिखे हैं. बता दें कि आशा जी ने अपने संगीत के करियर की शुरुआत 1948 में फिल्म ‘चुनरिया’ के सावन आया गाने से की थी और अपनी सुरीली आवाज से लोगों को अपना फैन बना लिया.

10 साल की उम्र से ही गाने की शुरुआत करने वावी आशा के फॉलोअर्स की कमी नहीं है. और अपने जन्मदिन के मौके पर फैंस को उनके सुरमयी सफर में उनका साथ देने के लिए शुक्रिया कहा. ट्विटर पर ट्वीट कर लिखा कि ‘आप सभी के बर्थडे विशिज के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, आप सब की शुभकामनाएं मेरे लिए बहुत वेल्यू रखती हैं.’ आशा जी ने बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री मधुबाला, हेलन और आशा पारेख के अलावा नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों में उर्मिला मतोंडकर और करीना कपूर के लिए भी गाने गाए.

संभव है क्या विचार की हत्या?

पत्रकार गौरी हत्याकांड का कारण विचारधारा है या कानून व्यवस्था? हत्या की वारदात से फैली सनसनी के बाद यह बहस शुरू हुई. शुरुआत विचारधारा से हुई. विचारधारा की बात खारिज करने के लिए कानून व्यवस्था की बात रखी गई. अब अगर हत्या के कारणों की पड़ताल के लिए अपराधशास्त्रीय नज़रिए से सोचना हो तो वह रिपोर्ट कैसी होगी?

न्यायालिक विज्ञान क्या सोचता है? गौरी की हत्या के पीछे क्या चोरी, लूट या डकैती का मकसद दिखता है? अब तक के परिस्थिति जन्य साक्ष्यों में ऐसी कोई बात नज़र नहीं आती. रंजिश के लिहाज़ से देखें तो कुछ अंदेशे जरूर जताए जा सकते हैं. लेकिन ये रंजिश रुपए पैसे या ज़मीन जा़यदाद को लेकर हो इसका भी कोई संकेत अभी तक नहीं मिला. इस हत्याकांड से जो लोग चिंतित हैं वे बार-बार यही कह रहे हैं कि गौरी एक पत्रकार थीं और उनकी पत्रकारिता से कुछ लोग नाराज़ थे. एक तथ्य यह है कि गौरी पर दबिश के लिए उन पर अदालत में मानहानि का एक मुकदमा भी किया गया था. लेकिन अड़चन ये है कि लिखने पढ़ने से भी हत्याओं की नौबत आ सकती है इसे अदालतों में साबित करना ज़रा मुश्किल काम होता है. कम से कम कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचारधारा को हत्या का कारण साबित कर पाना और भी मुश्किल हो जाता है. सिर्फ एक सूरत है कि हत्यारे आकर खुद ही कबूल कर लें कि दूसरे की विचारधारा उसे इतनी नापसंद आई कि उसने हत्या कर दी. फिलहाल यह संकेत भी नहीं मिल रहा है कि कोई इस हत्या की जिम्मेदारी लेने को तैयार होगा. ज़ाहिर तौर पर हत्याकांड से कम चिंतित लोग मामले को कानून व्यवस्था का साधारण मामला मानते हुए इसे सिर्फ दुखद घटना बता रहे हैं और मौखिक दुख जताकर अपनी नैतिकता का निर्वाह कर रहे हैं. वैसे इस मामले का आगा देखते हुए बहुत सी बातें कही जा सकती हैं लेकिन हत्याकांड के मकसद को लेकर इससे ज्य़ादा बात कम से कम फिलहाल तो नहीं की जा सकती. इसलिए और भी नहीं क्योंकि मकसद कुछ भी निकले लेकिन पत्रकार के घर में घुसकर सात गोलियां दाग कर उनकी हत्या तो हुई है सो एक मुकदमा बन गया है. लिहाज़ा न्यायिक व्यवस्था के हवाले से ऐसे मामलो में ज्यादा दखल ठीक नहीं माना जाता.

इस कांड का दार्शनिक पहलू विचारधाराओं के बीच खूनखराबा नई बात नहीं. इतिहास भरा पड़ा है. अपनी विचारधारा के बहाने ही तमाम भयानक, वीभत्स और घिनौनेे युद्ध मानव ने देखे हैं. लेकिन विचारधाराओं के बीच अघोषित युद्ध या छù युद्ध एक नई प्रवृत्ति है. इन युद्धों के अघोषित होने के पीछे का दर्शन गौरतलब है. कौन नहीं समझता कि प्रत्यक्ष युद्ध से वही डरता है जो अपनी नैतिकता सिद्ध करने में खुद को असमर्थ पाता है. इसीलिए दुनिया में आजकल वैचारिक युद्धों का चलन ही कम होता जा रहा है. इस लिहाज़ से गौरी हत्याकांड को देखें तो इस युद्ध में सिर्फ गौरी को मार डालने का ही मकसद नहीं दिखता. इस हत्या के ज़रिए यह संदेश भी हो सकता है कि बाकी सब भी डरिए. अपराधशास्त्र की भाषा में इसे डेटरेंट यानी प्रतिरोधात्मक उपाय कहते हैं. पहले रूप् को स्फैसिफिक डेटरेंस और दूसरे को जनरल डेटरेंस कहते हैं. गौरी हत्याकांड में अपराधियों ने एक पत्रकार को जो सजा़ दी है वह उन्हें सबक सिखाने की बजाए दूसरों को डराने या सबक सिखाने के मकसद से ज्यादा लगती है. सो यह मामला सामान्य प्रतिरोध का ज्यादा दिखता है.

हत्याकांड टीवी डिबेट में कांड गंभीर प्रकृति का है. लिहाज़ा इसमें रोचकता की बात करना निहायत ही अगंभीर बात होगी. लेकिन इस कांड को लेकर इलैक्ट्रॉनिक मीडिया पर ज्यादातर डिबेट भौंचक करने वाली दिखीं. मामला कर्णाटक का था लेकिन इन डिबेटों में नेता और विशेषज्ञ केंद्रीय स्तर की राजनीति के थे. एक वर्ग ने इस कांड को कानून व्यवस्था का मामला साबित करने में एड़ी से चोटी का दम लगा दिया. उन्हें बार बार यह दोहराते रहना पड़ा कि इस मामले में कर्णाटक की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है कि वह ये अपराध क्यों नहीं रोक पाई. कानून व्यवस्था का मामला बताते हुए उन्होंने आरोप लगााया कि कांग्रेस शासित प्रदेश की लोकल इंटेलिजेंस यानी खुफिया विभाग क्या करता रहा. यहां अनुमान लगाने की ज़रूरत नहीं कि अगर जहां भाजपा की सरकारें होती हैं वहां यही लोग क्या कह रहे होते हैं. हाल के तमाम मामले हमारे सामने हैं जहां सरकार ने अपनी न्यूनतम जिम्मेदारी को कबूलने की बजाए क्या क्या तर्क नही दिए.

विचारधारा की हत्या की बात कानून और व्यवस्था बनाम विचारधारा की बहस तो शुरू हो ही गई है. इसी बीच गौरी की हत्या को एक विचार की हत्या की भी कहा गया. वैसे यह बात कुछ तथ्य परक नहीं लगती. क्योंकि सिर्फ विचार ही तो है जिसे अमर और अजर कहा गया है. वाकई ऐसा कोई विचार नहीं जन्मा जिसे मार देने में मानव को सफलता मिली हो. हां उसे मारने की नाकाम कोशिश जरूर होती रही. ज्ञात इतिहास की हर सहस्राब्दी में हर सदी में ये कोशिशें हमारे अभिलेखागारों में दर्ज़ हैं. बात यहीं तक नहीं कि विचार की हत्या नहीं हो सकती बल्कि मानव के अदभुत गुण विचार का एक लक्षण यह भी है कि उसे जितना मिटाने की कोशिश की जाए वह उससे ज्यादा उभर उठता है.

इस तरह से देखें तो प्राकृतिक नियम के मुताबिक गौरी की हत्या उनके विचारों को और ज्यादा प्रसारित होने का कारण भी बन रही है. इसीलिए ऐसे व्यक्तियों को हम अपने समाज में श्रद्धा के साथ शहादत की श्रेणी में रखते हैं. बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जितने भावपूर्ण तरीके से पत्रकारों और जागरूक समाज ने गौरी को श्रद्धांजलि दी और इस कांड का आगा पीछा देखा उससे तो यह बात और भी पुख्ता हो गई कि विचार की हत्या नहीं हो सकती.

सुधीर जैन वरिष्ठ पत्रकार और अपराधशास्त्री हैं… साभारः एनडीटीवी इंडिया

स्लीवलेस फोटो ट्विटर पर पोस्ट करने से ट्रोल हुई मिताली राज

0

नई दिल्ली। साल 2017 में हुए महिला विश्व कप में भले ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ट्रॉफी न जीत पाई हो, लेकिन उन्होंने हर भारतीय का दिल जीत लिया. हर किसी ने उनकी तारीफ की और शाबाशी दी. टीम की कप्तान मिताली राज ने भी शानदार कप्तानी का प्रदर्शन किया.

मिताली और इंडियन क्रिकेट टीम की कई खिलाड़ी पिछले कुछ समय से टेलीविजन के कई शोज में नजर आ चुकी हैं. हाल ही में अपने एक फोटोशूट की तैयारी की एक फोटो मिताली ने अपने ट्विटर पर पोस्ट की, जिसके चलते लोगों ने मिताली को उनके कपड़ों के लिए ट्रोल कर दिया.  इस फोटो में मिताली कुछ लड़कियों के साथ ब्‍लैक स्‍लीवलैस ड्रेस में नजर आ रही हैं. जिसके बाद से ही उनको ट्रोल करने वालों की लंबी लाइन लग गई.

ऐसे में मिताली के इस फोटो पर उन्हें कई यूजर्स ने कमेंट किया. कुछ ने तो मिताली को अपना यह फोटो हटाने की सलाह तक दे दी. कई यूर्जस ने मिताली को ऐसी ड्रेस पहन फोटो न डालने की सलाह दे दी. एक यूजर लिखा कि मिताली राज आप एक्ट्रेस नहीं हैं, आप क्रिकेटर हैं. क्यों ग्लैमरस बन रही हो.

मिताली ने इस यूजर को भी करारा जवाब देते हुए लिखा था, ‘मैं आज जहां भी हूं. वहां इसलिए हूं क्योंकि मैंने मैदान पर पसीना बहाया है. मुझे इसमें शर्मिंदा होने का कोई कारण नजर नहीं आता. मैं मैदान पर एक क्रिकेट अकैडमी उद्घाटन के सिलसिले में थी.’

मेक्सिको में 8.1 तीव्रता के भूकंप से 5 की मौत, सूनामी की चेतावनी जारी

0

मेक्सिको। मेक्सिको में 8.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से 5 लोगों की मौत हो गई है. भूकंप के बाद तीन मीटर से भी उंची लहरों की सूनामी की चेतावनी जारी की गई है. मेक्सिको सिटी में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए जहां इमारतें कांपने लगीं और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए. जिसमें अभी तक पांच लोगों के मारे जाने की सूचना है.

‘एफे न्यूज’ ने मेक्सिको के आंतरिक मंत्रालय के हवाले से बताया कि क्रिस्टोबल डी लास कसास शहर में एक घर के ध्वस्त हो जाने से तीन लोगों की जबकि टबैस्को राज्य में दो बच्चों की मौत हो गई.

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक, भूकंप प्रशांत तट से 120 किलोमीटर दूर मेक्सिको के ट्रेस पिकोस के दक्षिण-पश्चिम में रात 12.49 बजे आया. यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप के बाद के (ऑफ्टरशॉक)करीब 12 झटकों की तीव्रता 5.0 से ऊपर रही और 23,000 लोगों ने संभवता तीव्र झटकों को महसूस किया.

राष्ट्रीय मौसम सेवा के प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र द्वारा मेक्सिको में तीन फुट ऊंची लहरों के साथ सुनामी की पुष्टि की गई है. सुनामी चेतावनी केंद्र ने भूकंप आने के तुरंत बाद मेक्सिको, ग्वाटेमाला, पनामा, अल सल्वाडोर, कोस्टारिका, निकारागुआ, होंडुरास और इक्वाडोर में सुनामी की लहरों के पहुंचने चेतावनी जारी की थी.

मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो ने ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रीय आपातकालीन समिति सहित नागरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय हैं.” महापौर मिग्युएल एंजेल मानकेरा ने मेक्सिको सिटी के कई हिस्सों में बिजली नहीं होने की पुष्टि की. भूकंप के झटके मध्य अमेरिकी देशों में भी महसूस किए गए.

बलात्कारी बाबा के सिरसा आश्रम में सर्च ऑपरेशन में मिली दवाईयां और प्लास्टिक करेंसी

0

सिरसा। बलात्कारी बाबा का सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया है. आश्रम में पुलिस, सुरक्षाबल सहित पेरा मिलिट्री की 410 आर्मी के चार दस्ते सर्च ऑपरेशन में शामिल है. इसके अलावा डॉक्टर, बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, लौहार, जेसीबी मशीने आदि सर्च ऑपरेशन में शामिल है.

सर्च ऑपरेशन के दौरान कम्प्यूटर हार्ड डिस्क, लग्जरी कार, बिना लेवल की दवाएं और कैश मिला है. इसके अलावा, डेरा में चल रही प्लास्टिक करंसी भी बरामद की गई. टीम ने दो कमरों को भी सील किया. इस पूरी प्रोसेस के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से अप्वाइंट कोर्ट कमिश्नर एकेएस पंवार भी यहां मौजूद हैं. डेरा में तलाशी के लिए 6000 जवानों की तैनाती की गई है. अकाउंट्स खंगालने के लिए 100 बैंक वर्कर्स बुलाए गए हैं.

सिरसा स्थित डेरा आश्रम में सर्च के दौरान 12 हजार रुपये की नई करंसी. 7 हजार रुपये की पुरानी करंसी. डेरे में इस्तेमाल की जानी वाली प्लास्टिक मनी. एक लैक्सस गाड़ी, जिसका नंबर नहीं है. एक ओबी वैन. भारी मात्रा में बिना लेबल की फार्मेसी की दवाएं. इन दवाओं की गिनती की जा रही है. एक टीम राम रहीम की गुफा में गई है. यहां भी सर्च ऑपरेशन चलेगा.

इससे पहले, सिरसा के कमिश्नर प्रभजोत सिंह ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के मद्देनजर सभी अधिकारियों को उनके काम बता दिए गए हैं. जब तक ऑपरेशन चलेगा, तब तक कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी. बता दें कि 28 अगस्त को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को 10-10 यानी 20 साल की सजा सुनाई थी.

छेड़खानी को लेकर दलित-ठाकुरों में पथराव और गोलीबारी, बाबासाहेब की मूर्ति क्षतिग्रस्त

0

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में एक बार हिंसा भड़क गई. यहां दलितों और ठाकुरों के बीच पथराव और गोलियां चली. इस घटना में 18 लोग घायल भी हुए. घटना की सूचना मिलने के काफी देर बाद कई थानों की पुलिस आई. ठाकुरों ने उनपर भी गोलियां दाग दी. पुलिस ने पूरी घटना को बड़ी मुश्किल से रोका.

दरअसल, मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र के भूपखेड़ी गांव के दलितों ने अपने गुरू समनदास का जन्मदिवस मनाने के लिए शिरोमणि आश्रम  में सत्संग का आयोजन किया था. जिसमें बड़ी संख्या में दलित समाज के स्त्री-पुरूषों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान ठाकुर समुदाय के लोग इस कार्यक्रम में पहुंच गए और उन्होंने दलित समुदाय की महिलाओं के साथ छेड़खानी की. जब महिलाओं ने विरोध किया तो ठाकुर समुदाय के लड़कों ने महिलाओं को जाति-सूचक गालियां भी दी. जिसके बाद दोनों समुदाय आपस में मार-पीट करने लगे.

मारपीट की सूचना पर दोनों समुदाय के सैकड़ों लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए. दोनों समुदाय में जमकर मारपीट हुई. मामला यही शांत नहीं हुआ. इसके कुछ ही देर बाद पथराव भी शुरू हो गया. हमलावरों ने बाबासाहेब अम्बेडकर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. मारपीट के दौरान गोलीबारी भी हुई. जिसमें एक पक्ष से आठ तो दूसरे पक्ष से चार लोग घायल हो गए.

ये भी पढ़ेंः गौरी लंकेश के बाद अब बिहार में पत्रकार को गोली मारी, हालत गंभीर

कई थानों की पुलिस के साथ एसडीएम, सीओ सहित पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर गए. ठाकुर समुदाय के लोगों ने पुलिस पर भी गोलीबारी कर दी थी. बड़ी मुश्किल से पुलिस ने उपद्रवियों को भगाया. बाद में घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया.

इस घटना के बाद गांव में एक तनाव फैल गया. अधिकारियों ने ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ की और क्षतिग्रस्त अम्बेडकर की मूर्ति को कपड़े से ढकवाया. पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया.

ये भी पढ़ेंः हमारे बारे में न लिखतीं तो जिंदा रहतीं गौरी लंकेश- भाजपा नेता

गांव से लेकर सामुदायिक अस्पताल तक दलित महिलाओं ने इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया. मौके पर एसपी सिटी और एडीएम ने जाकर घटना स्थल पर से महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कर दिया. गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पीएसी के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. फिलहाल गांव में शांति का माहौल बताया जा रहा है.

हमारे बारे में न लिखतीं तो जिंदा रहतीं गौरी लंकेश- भाजपा नेता

बेंगलुरू। भाजपा के एक नेता ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को लेकर एक आपत्ति जनक बयान दिया है. इस बयान ने जहां संघ और भाजपा के नेताओं की मंशा बता दी है तो वहीं गौरी लंकेश की हत्या को लेकर संघ और भाजपा पर सवाल उठने लगे हैं. बयान कर्नाटक से आया है.

कर्नाटक के भाजपा नेता जीवराज ने कहा कि अगर गौरी लंकेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों की मौत के जश्न के बारे में ना लिखती तो शायद आज जिंदा होतीं. भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक में जीवराज ने यह बयान दिया. जीवराज भाजपा के कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं. जीवराज ने कहा कि कांग्रेस राज में हमनें संघ के लोगों को मरते हुए देखा, जिसके बाद गौरी लंकेश ने भी उनके बारे में लेख छापा. लेकिन अगर वह इस तरह के लेखों से दूर रहतीं तो आज शायद जीवित होतीं. गौरी लंकेश मेरी बहन की तरह हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने हमारे खिलाफ लिखा वह गलत था. ये भी पढ़ेंः बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने रो कर बताई पार्टी में फूट की व्यथा

भाजपा नेता का यह बयान तब आया है जब एक दिन पहले ही भाजपा कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या को लेकर कर्नाटक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है. ऐसे में पूर्व मंत्री का बयान यह सवाल उठाता है कि गौरी लंकेश की हत्या पर भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के आंसू मगरमच्छ के तो नहीं.

गौरतलब है कि गौरी लंकेश की हत्या 5 सितंबर की देर शाम को चार अज्ञात लोगों ने उनके घर के बाहर कर दी थी. गौरी लंकेश साप्ताहिक मैग्जीन ‘लंकेश पत्रिके’ की संपादक थीं. साथ ही वह अखबारों में कॉलम भी लिखती थीं. लंकेश के दक्षिणपंथी संगठनों से वैचारिक मतभेद थे.

गौरी लंकेश के बाद अब बिहार में पत्रकार को गोली मारी, हालत गंभीर

2

पटना। बेंगलुरु में मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को दो दिन बाद बिहार में एक पत्रकार को गोली मार दी गई. पत्रकार की हालत गंभीर है. दो बाइक सवारों ने पत्रकार को गोली मारी. यह घटना उस समय हुई है जब वह अपने गांव जा रहे थे.

पत्रकार का नाम पंकज मिश्रा है. पंकज मिश्रा हिंदी समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा में काम करते हैं. गुरुवार (7 सितंबर) को वह बैंक से एक लाख रुपए निकालने के बाद अपने गांव बंसी लौट रहे थे. रास्ते में उनके ही गांव के दो युवकों अंबिका और कुंदन ने उनकी गाड़ी रुकवा ली और पैसे, लैपटॉप छीनने लगे. विरोध करने पर पंकज की पीठ में गोली मार दी. पंकज ने इन दोनों का पीछा भी किया लेकिन जख्मी होने की वजह से थोड़ी दूर पर जाकर गिर पड़े.

थोड़ी दूर पर कुछ स्थानीय निवासियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया जिससे दोनों अपराधी भाग खड़े हुए. रास्ते से गुजर रहे मनोज कुमार नामक युवक ने पंकज को सोनभद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां प्राथमिक चिकित्सा के बाद पंकज को सदर अस्पताल रेफर किया गया इसके बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज भेज दिया.

बताया जाता है कि दोनों हमलावर पीड़ित पंकज के ही गांव बंशी के रहने वाले हैं और रिश्ते में चचेरे भाई हैं. कुंदन स्थानीय विधायक सत्यदेव कुशवाहा के पीए का बेटा भी है. कुंदन कुछ दिन पहले ही लूट के मामले में जमानत पर रिहा हुआ है.

रेल हादसों पर लालू ने किया ट्वीट- खूंटा बदलने से भैंस ज़्यादा दूध नहीं देती

नई दिल्ली। नई दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र में गुरुवार को एक ही दिन में तीन ट्रेनें पटरी से उतर गईं. इन घटनाओं पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने तंज कसा. उन्होंने ट्वीट किया कि एक दिन में तीन-तीन ट्रेनें पटरी से उतर गईं, इसलिए कहता हूं, खूंटा बदलने से नहीं, संतुलित आहार देने व खुराक बदलने से भैंस ज़्यादा दूध देगी.

गौरतलब है कि लगातार हो रहे रेल हादसे के बाद सुरेश प्रभु ने इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद हुए कैबिनेट फेरबदल में पीयूष गोयल को रेलमंत्री की कमान सौंपी गई थी. उस वक्त भी लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर सवाल किया था कि खूंटा बदलने से क्या भैंस ज्यादा दूध देगी.

पीयूष गोयल के रेल मंत्री बनने के बाद पहली बार एक ही दिन में तीन ट्रेन हादसे हो गए. पिछले एक महीने में यह पांचवां ट्रेन हादसा है. गुरुवार सुबह यूपी के सोनभद्र में रेल हादसे के बाद दोपहर में राजधानी दिल्ली में भी रांची राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई.

ये भी पढ़ेंः गौरी लंकेश के बाद अब बिहार में पत्रकार को गोली मारी, हालत गंभीर

यह हादसा शिवाजी ब्रिज के पास हुआ है, हालांकि दुर्घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है. वहीं मुंबई-पुणे के बीच खंडाला में मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी, जिसके बाद ट्रेन की समय सारणी में परिवर्तन किया गया.

खंडाला मध्य रेखा के डीएन लाइन ब्रेक डाउन के बाद लम्बी दूरी की ट्रैन के लिए लोकल 10 ट्रैन को रद्द किया गया, 5 ट्रेनों को कुछ समय के लिए रास्ते में रोक दिया गया हैं एवं 3 ट्रैन का रूट बदला गया.

सरकारी बैंकों में निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई

बैंक में नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए खुशखबरी है. इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) ने क्लर्क एग्जाम के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. कॉमन रीक्रूटमेंट प्रोसेस (CWE Cleark VII) के तहत नई जॉब्स दी जाएंगी. एक अनुमान के मुताबिक इस बार आईबीपीएस की भर्ती प्रक्रिया से बैंक क्लर्क के 7884 पदों को भरा जाएगा.

इस एग्जाम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने का प्रोसेस 12 सितंबर से शुरू होगा, इस परीक्षा में अप्लाई करने के लिए आपको 10 अक्टूबर, 2017 से पहले आवेदन करना होगा.

उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएट, कम्प्यूटर की ऑपरेटिंग और वर्किंग जानकारी होनी भी जरूरी. उम्मीदवार का SSC/ HSC/ इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन लेवल पर अंग्रेजी पास होना भी अनिवार्य है.

इस जॉब के लिए अप्लाई करने वाले आवेदक की आयु 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए, आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उम्र छूट दी गई है.

दो चरणों में होगा एग्जाम यह एग्जाम दो चरणों में लिया जाता है- पहला प्रेलिमिनरी और दूसरा मेन. इस परीक्षा की फीस जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 600 रुपये और आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार के लिए 100 रुपये की एप्लीकेशन फीस रखी गई है.

अप्लाई करने और अधिक जानकरी के लिए http://www.ibps.in/ पर जाएं.