डॉ. अंबेडकर ही एक ऐसे महापुरुष हैं जिनका जन्मदिन, उनके जन्मदिन से पहले और सप्ताह और महीनों बाद तक मनाया जाता रहता है। संविधान निर्माण में डॉ. अम्बेडकर की भूमिका के बारे में कौन नहीं जानता? संविधान में बहुत सारे प्रावधान हैं लेकिन अभी...
नेहरू की जगह सरदार पटेल पी.एम. होते तो देश के हालात कुछ और होते। ये सवाल नेहरू या कांग्रेस से नाराज हर नेता या राजनीतिक दल खासकर संघी/ जनसंघी/ भाजपायी हमेशा उठाते रहे हैं। समय समय पर समाचार पत्र और पत्रिकाओं में भी इसकी...
बढ़ती आर्थिक असमानता अर्थशास्त्र में विकास के सकारात्मक सूचक के रूप में मानी जाती है। परंतु यह सिद्धान्त केवल पश्चिमी देशों में लागू होता है। भारत जैसे सोपानिक, जातीय रूप से विखण्डित समाज में आय और संसाधनों का असमान वितरण जातीय रूप धारण कर...
तमिलनाडु। तामिलनाडु के कोयंबरटूर जिले से एक हैरान करने वाली खबर आई है। जिले के सेनगुट्टईपलायम में एक दलित छात्रा को इसलिए कक्षा के बाहर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी, क्योंकि उसे पीरियड आ गया था। इस मामले में पीड़ित छात्रा के परिजनों ने पुलिस...
भारतीय पुनर्जागरण के पुरोधा राजा राममोहन राय, देवेन्द्र नाथ टैगोर, विवेकानंद और दयानंद सरस्वती नहीं, बल्कि जोतिराव फुले, शाहू जी, पेरियार, सावित्रीबाई फुले, ताराबाई शिंदे और पंडिता रमाबाई हैं। भारतीय पुनर्जागरण का केंद्र बंगाल नहीं, महाराष्ट्र है। इस पुनर्जागरण की नींव जोतीराव फुले ने...
हम आपको अपना मानते हैं, तब भी जब आप हमारे ग्रंथों को अपना नहीं मानते। फिर भी हम हिन्दू वो लोग हैं, जो आपको स्वीकार करते हैं और गले लगाकर चलते हैं। वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान संसद में बौद्ध धर्म पर...
वाराणसी। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में पीएचडी में दाखिले को लेकर शिवम सोनकर अभी धरने पर बैठे ही थे कि विश्वविद्यालय में जातिवाद का नया मामला सामने आ गया है। खबर है कि दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले सीनियर प्रोफेसर को अंगूठा दिखाते हुए...
आज एक अप्रैल है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का स्थापना दिवस। वह रिजर्व बैंक जिसकी स्थापना में बाबासाहेब डॉ. आंबडेकर की अहम भूमिका थी। जी हां, बाबासाहेब आंबेडकर ने न सिर्फ भारतीय संविधान को बनाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि रिजर्व बैंक की स्थापना...
बोधगया महाविहार मुक्ति का आंदोलन भारत से होते हुए अब दुनिया के तमाम देशों में पहुंच चुका है। दुनिया के तमाम हिस्सों में मौजूद अंबेडकरवादी और बौद्ध समाज के लोगों ने भारत में चल रहे इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। बीते दिनों...
हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे, तू मुझे अच्छी लगती है... यह मुजफ्फरनगर के मोहम्मद मोनिस और आरिश के शब्द हैं जिन्होंने नाबालिग दलित लड़की से छेड़छाड़ की और उसके Private Parts को छुआ। जब बच्ची के पिता ने इसका विरोध किया, तो मुस्लिम समुदाय के...
ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले में भूखमरी के कारण एक दादी को अपने पोते को मात्र 200 रुपये में बेच दिया। पोते की उम्र सात साल है। यह सिर्फ़ एक घटना नहीं, बल्कि इस देश की असलियत है। यह कोई पहली घटना नहीं...
नई दिल्ली। भारत के श्रेष्ठ संस्थान जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सोशल साइंस विभाग में प्रोफेसर, डॉ. विवेक कुमार ने देश का नाम विश्व पटल पर रौशन कर दिया है। समाज विज्ञानियों और वैज्ञानिकों की AD वर्ल्ड रैंकिंग द्वारा वर्तमान वर्ष 2025 की...
नई सदी में हाशिये के समाज में जन्मे किसी लेखक के आकस्मिक तौर पर निधन से बहुसंख्य वंचित वर्गों के बुद्धिजीवी और एक्टिविस्टों को 6 मार्च, 2025 जैसा आघात कब लगा था, मुझे याद नहीं! उस दिन सुबह अपार प्रतिभा और अतुलनीय मेधा के...
जगन मोहन रेड्डी का भव्य महल, जिसे एक पूरे पहाड़ को समतल कर बनाया गया, राजनीतिक विलासिता और सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग का एक स्पष्ट उदाहरण है। 61 एकड़ में फैला यह आधुनिक किला सात आलीशान इमारतों से बना है, जिसमें ऐसी भव्य सुविधाएँ...
तमिलनाडु में जातिवादी गुंडों ने दलित समाज के एक युवक की उंगली काट दी। जातिवादियों ने यह तब किया जब वह युवक बस से 11वीं की परीक्षा देने जा रहा था। इस दौरान जातिवादी गुंडों ने युवक को बस से खींच लिया और उसकी...
पटना। बोध गया महाविहार को ब्राह्मणों से मुक्त कराने का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। 7 मार्च को यह मामला बिहार विधानसभा में उठा। बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सतीश कुमार दास ने BP Act को निरस्त करने का प्रस्ताव...
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छह मार्चा को मुंबई के धारावी में चमार स्टूडियो के सुधीर राजभर से मुलाकात की है। इस मुलाकात पर राहुल गांधी ने लिखा-
चमार स्टूडियो के संस्थापक सुधीर राजभर लाखों दलित युवाओं की कहानी...
नई दिल्ली। सोशलिस्ट फैक्टर के एडिटर फ्रैंक हुज़ूर हमारे बीच नहीं रहे। कल 5 मार्च की रात दिल्ली में हार्ट अटैक से उनका देहांत हो गया। वह मॉडल टाउन में अपने मित्र के यहाँ रुके थे। अपनी पत्रिका सोशलिस्ट फैक्टर के जरिये उन्होंने अपनी...
आज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मेरे जनसभा कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के गुंडों ने संगठित तरीके से जानलेवा हमला किया। लगभग 250 के झुंड में आए इन असामाजिक तत्वों ने कार्यक्रम स्थल पर पथराव किया, हिंसा फैलाई, हमारे कार्यकर्ताओं...
महाबोधि मुक्ति आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप्पी साधे रखना उन लोगों की दोहरी मानसिकता को उजागर करता है, जो केवल अवसरवादिता के आधार पर बौद्ध धर्म का नाम लेते हैं। नरेंद्र मोदी, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को बुद्ध की भूमि कहकर गौरव...
Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...