केंद्रपाड़ा। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक दलित लड़की को आंगनबाड़ी सेंटर का कुक बनाए जाने के बाद यह सेंटर तीन महीने तक बंद रखना पड़ा। दरअसल, दलित समाज की लड़की को आंगनवाड़ी सेंटर का कुक बनाने पर तमाम मां-बाप ने अपने बच्चों को वहां भेजना ही बंद कर दिया। इससे 60 बच्चों का भविष्य संकट में है। नवंबर 2025 में राजनगर ब्लॉक में घड़ियामाला ग्राम पंचायत के नुआगांव सेंटर में सरमिस्ता सेठी को आंगनवाड़ी हेल्पर के तौर पर अपॉइंट किया था।
इसके तुरंत बाद गांव की कमेटी ने दलित के अपॉइंटमेंट के विरोध में बच्चों को आंगनवाड़ी सेंटर भेजना ही बंद कर दिया। यही नहीं ग्रेजुएट होने के बावजूद सिर्फ अपनी जातीय पहचान के चलते सरमिस्ता सेठी को ऊंची जाति के मां-बाप से खुले तौर पर विरोध का सामना करना पर रहा है। इस गांव में करीब 45 परिवार रहते हैं, जिनमें सात दलित परिवार भी शामिल हैं। राजनगर ब्लॉक के चीफ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (सीडीपीओ) दीपाली मिश्रा जो खुद सवर्ण समाज से हैं, उनके समझाए जाने के बावजूद ऊंची जाति के लोग अपने बच्चों को सेंटर भेजने के लिए तैयार नहीं हैं और खिंचतान बनी हुई है।

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