बाबासाहेब के संपर्क में 6 सालों तक रहने वाले एल.आर बाली से जानिए बाबासाहेब की अनसुनी कहानी

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एल. आर. बाली यानी लाहौरी राम बाली को आप भीम पत्रिका के संपादक के रूप में जानते हैं। लेकिन असल में वह एक संस्थान हैं। 91 साल के बाली जी पिछले 50 से ज्यादा सालों से ‘भीम पत्रिका’ प्रकाशित कर रहे हैं। उन्होंने RPI के नेता के रूप में काम किया है। आज हम जो बाबासाहेब के लिखे को हर भाषा में पढ़ सकते हैं, (अम्बेडकर वांग्मय), जिसने करोड़ो लोगों को अम्बेडकरवादी बनाया, उसको सरकार से प्रकाशित करवाने के लिए आंदोलन करने वाले शख्स का नाम L.R Bali ही है। आपने ‘रंगीला गाँधी’ किताब का नाम सुना होगा, उसके लेखक भी बाली जी ही हैं। बाबासाहेब के आखिरी सालों में 6 वर्षों तक उनके संपर्क में रहें। हाल ही में अपने जालंधर दौरे के दौरान उनका इंटरव्यू किया। लिंक पर जाकर आप भी देखिये, यह इंटरव्यू-

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