नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के किसानों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा. हर दिन किसी न किसी किसान की मौत की खबर सामने आ रही है. अब तक, मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याओं के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. उसमें एक नाम और शामिल हो गया है. सीहोर में एक 50 वर्षीय किसान कर्ज से परेशान होकर फांसी के फंदे पर झूल गया.
इससे पहले कर्ज से परेशान एक और किसान ने 1 जुलाई को सागर जिले के खुराई इलाके में चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी. मृतक किसान प्रेमलाल अहिरवाल (24) निवासी सेमराहाट थाना खुरई का रहने वाला था. ग्रामीणों के अनुसार युवक ने 2.5 लाख रुपये में अपनी जमीन साहूकार के पास गिरवी रखी हुई थी. इसके साथ ही गांव व क्षेत्र के अन्य लोगों का भी उसे लगभग 30 हजार रुपए कर्ज देना था.
इससे पहले 2 जुलाई को मंदसौर जिले के दौरवाड़ी गांव के अन्य किसान लाल सिंह ने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. उनके पास से 9 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. शुक्रवार को भी वित्तीय संकट के चलते एक और किसान देना महारिया ने अपने घर में फांसी के फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली. राज्य के मंदसौर जिले में कर्ज माफी के लिए हुए किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद से अब तक, मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याओं के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आंदोलन के बाद प्रदेश में अब तक 50 किसान खुदकुशी कर चुके हैं.
गौरतलब है कि किसान आंदोलन के दौरान 6 जून को भड़की हिंसा के चलते पुलिस की गोली से 5 किसानों की मौत हो गई थी. इसके बाद 6 व 7 जून को आक्रोशित भीड़ ने राजमार्ग पर लगभग 30 ट्रकों को आग लगा दी थी.

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