तेजाब पीड़ितों को हर माह 8 हजार पेंशन: पंजाब सरकार

0
होशियारपुर। पंजाब सरकार की ओर से एक अच्छी योजना शुरू की गयी है. तेजाब हमले के पीड़ितों को 8 हजार रुपये प्रति महीने की दर से मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने का फैसला किया गया है. इस वित्तीय सहायता संबंधी प्राप्त हुए आवेदनों का निपटारा एक महीने के भीतर किया जाएगा. तेजाब पीड़ितों को यह आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए डिप्टी कमिश्नर की चेयरमैनशिप में तेजाब पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता स्कीम पंजाब 2017 के नाम से जिला स्तरीय कमेटी भी स्थापित की जा चुकी है. इस संबंधी जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्जवल ने बताया कि इस स्कीम का मुख्य उदेश्य तेजाब पीड़ितों की सहायता करना है ताकि वे असहनीय हादसे के बाद भी अपना जीवन सम्मान से गुजार सकें. उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन, जिला सामाजिक सुरक्षा अफसर, जिला प्रोग्राम अफसर इस कमेटी में शामिल होंगे. इसके अलावा दो फौजदारी कानून के माहिर (जिन में कम से एक एक महिला) तथा तेजाब पीड़ित के पारिवारिक सदस्य भी इस कमेटी में शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि तेजाब पीड़ित केसों संंबंधी कमेटी के सदस्य सचिव जिला सामाजिक सुरक्षा अफसर के मोबाइल नंबर 9463775566 तथा दफ्तर के संपंर्क नंबर 01882-240830 पर संपर्क किया जा सकता है. डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि यह सहायता तेजाब के हमले के कारण अपंग हुई महिलाओं को ही दी जाएगी तथा यह सहायता केवल पंजाब राज्य के निवासी के लिए ही है. उन्होंने बताया कि वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पीड़ित खुद तथा अगर वे तेजाबी हमले के कारण खुद आवेदन देने की स्थिती में न हो तो उसके परिजन, वारिस, पारिवारिक सदस्य, रिश्तेदार की ओर से भी आवेदन दिया जा सकता है.        

भाजपा विधायक के आवास पर रेप की कोशिश

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली योगी सरकार में अपराध दिन बे दिन बढ़ते जा रहे हैं पर हद तो तय हो गयी जब एक महिला से रेप की कोशिश भाजपा विधायक के आवास पर की गयी. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित बटलर पैलेस में भाजपा विधायक के सरकारी आवास पर विधायक के नौकर और गनर द्वारा रेप का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है. गुरुवार रात हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

बता दें की हजरतगंज स्थित बटलर पैलेस में आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के साथ ही कई मंत्री और विधायक रहते हैं. वहीं भाजपा के वाराणसी कैंट से विधायक सौरभ श्रीवास्तव का भी सरकारी आवास भी है. बताते हैं कि गुरुवार रात को आवास में गनर मनोज तिवारी व नौकर सोहनलाल थे. उन लोगों ने गैराज में रहने वाली लड़की को उसके भाई के नाम आए वारन्ट की जांच करने के बहाने बुलाया था. आरोप है कि विधायक के नौकर सोहनलाल ने गुरुवार रात गैराज पर आया और दरोगा द्वारा जांच के लिए विधायक आवास पर बुलाए जाने की बात कही. जिसके बाद पीड़िता अपनी मां के साथ वहां पहुंची. आरोप हैं कि गनर मनोज तिवारी ने पहले मां से तीन-चार सवाल पूछे, फिर उन्हें बाहर कर दिया और उसे अंदर बुला लिया. वह अंदर गई तो नौकर ने दरवाजा बंद कर लिया, फिर उसके साथ दोनों छेड़छाड़ करने लगे. विरोध करने पर दुराचार की कोशिश की. मौजूद लोगों ने विधायक सौरभ श्रीवास्तव को सूचना दी. विधायक ने इंस्पेक्टर हजरतगंज आनन्द शाही को फोन कर घटना की जानकारी दी. इंस्पेक्टर आनन्द शाही ने बताया कि विधायक के घर से गनर व नौकर को गिरफ्तार कर लिया गया. इंस्पेक्टर शाही ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ‘ए’, 384 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लड़की के बयान भी ले लिये गये हैं.

 

लेखक को मिली धमकी, इस्लाम कबूलो या अंजाम भुगतो

0

तिरुवनंतपुरम। सांप्रदाय़िक ताकतों ने इस बार एक प्रख्यात मलयाली लेखक केपी रमनउन्नीन को निशाना बनाया है. लेखक को धमकी भरा गुमनाम खत मिला है. उसमें आरोप लगाया गया है कि उनके हालिया लेखों की वजह से मुस्लिम युवक ‘भटक’ रहे हैं. उसमें चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि वह अपनी हरकतों से बाज आएं और छह महीने के भीतर इस्लाम कबूल कर लें. यदि वह ऐसा नहीं करते तो उनके दाहिने हाथ और बाएं पैर को काट दिया जाएगा. रमनउन्नी को छह दिन पहले कोझिकोड स्थित आवास पर मिले इस खत के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

इस मामले में लेखक का कहना है कि इस बात का कोई संकेत खत से नहीं मिलता कि इसके पीछे कौन है लेकिन ऐसा समझा जा रहा है कि इसको मलप्पुसरम जिले के मंजेरी से भेजा गया है. रमनउन्नी का कहना है कि पहले तो उन्होंने इस खत को नजरअंदाज किया लेकिन वरिष्ठ लेखकों की सलाह के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने कहा, ”मुझे इस खत के पीछे की मंशा के बारे में नहीं पता. मैंने कोझिकोड पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई और मामले को देखने का आग्रह किया है.”

पुलिस ने रमनउन्‍नी की शिकायत के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है. रमनउन्नी उपन्यासकार और लघु कहानियां लिखते हैं. वह केरल साहित्य अकादमी अवार्ड और वायलार अवॉर्ड से सम्मानित हैं. उनके पहले उपन्यास ‘सूफी परांजा कथा’ पर फिल्म भी बन चुकी है. इसका तानाबाना एक मुस्लिम व्यक्ति और हिंदू महिला की प्रेम कथा के इर्द-गिर्द बुना गया है जिसके बाबत कुछ लोग भड़क गये हैं तभी यह हरकत की गयी है.

 

देश के संविधान को अपंग बनाना चाहती है मोदी सरकार: राहुल गांधी

बंगलूरू। मोदी सरकार पर संविधान की शक्तियों को कम करने के आरोप लगातार लगते रहे हैं पर अब ताजा बयान राहुल गांधी का आय़ा है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर फिर से हमला बोला है. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से जुड़े एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, पीएम मोदी और आरएसएस आजकल एक एक कर देश की संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर रही है.

राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्र रोहित वेमुला का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘लोग कहते हैं कि रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी, मैं इसे हत्या कहता हूं, उसने जो अपमान सहे उसकी वजह से उसकी हत्या हुई, वो मारा गया क्योंकि वो दलित था.’ राहुल गांधी ने अपने भाषण में कथित तौर पर गोमांस रखने के लिए मारे गये अखलाक का भी जिक्र किया. राहुल ने कहा कि वे लोग कहते हैं कि अखलाक इसलिए मारा गया क्योंकि उसने एक गाय चुराई थी, ये झूठ है. राहुल ने कहा कि अखलाक की हत्या पर सवाल उठाने के बजाय वे लोग इस पर बहस कर रहे हैं कि फ्रिज में रखा गया मांस मटन था या बीफ.

राहुल गांधी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी और आरएसएस चाहती है कि हिन्दुस्तान इनके सामने अपनी आवाज को सरेंडर कर दे. राहुल ने आरोप लगाया कि देश को जो संविधान बाबा साहेब ने दिया है मोदी सरकार उसे खत्म कर देना चाहती है, पंगु बना देना चाहती है. राहुल ने बाबा साहेब का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चाई और सत्ता एक चीज नहीं है, अम्बेडकर इसलिए महान हुए क्योंकि उन्होंने सच का साथ दिया. राहुल यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि शहंशाह पूरी तरह से नंगा है लेकिन उसके आस पास मौजूद किसी भी व्यक्ति को ये सच्चाई कहने की हिम्मत नहीं है. राहुल गांधी ने किसानों, मजदूरों और नोटबंदी को लेकर भी सरकार पर हमला किया.

राहुल ने कहा कि सरकार सार्वजनिक मंचों पर सरकार भले ही नोटबंदी को मास्टर स्ट्रोक बताती है, लेकिन बंद कमरों में सरकार भी ये स्वीकार करती है कि ये एक बड़ी गलती थी यह सरकार तानाशाह होती जा रही है जिससे सबसे अधिक गरीब जनता परेशान है.

 

लव जिहाद जैसा कुछ नहीं, लड़की ने मुस्लिम बन किया निकाह: हाईकोर्ट

नई दिल्ली। 17 वर्षीय नाबालिग को हिंदु से इस्लाम में परिवर्तित करके शादी करने में कोर्ट का बड़ा फैसला आय़ा है. इस मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट ने शख्स को रेप और अपहरण के आरोपों से बरी कर दिया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार सरपाल ने 18 जुलाई को इस मामले पर निर्णय सुनाते हुए कहा कि मुस्लिम लॉ के तहत जब लड़की तरुण यौवन प्राप्त कर लेती है तो वह शादी कर सकती है, जिसे आमतौर पर 14-15 वर्ष की उम्र में प्राप्त किया जाता है. धर्मांतरण के बाद, लड़की भले ही 17 साल की हो, वह मुस्लिम लड़के से शादी करने के लिए सक्षम हो जाती है.

बता दें की यह लड़की पिछले साल 9 जुलाई को अपने घर से लापता हो गई थी, जिसके बाद दोनों ‘निकाह’ करके साथ रहने लगे थे. लड़की की मां की ओर से ईस्ट दिल्ली के कल्याणपुरी पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. परिवार ने कहा कि उन्हें शक है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी बेटी को बहलाया है, जिसके बाद अपहरण का मामला दर्ज किया गया था. कोर्ट के सामने पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक पांच महीने बाद लड़की को पश्चिम बंगाल से पिछले साल दिसंबर में बरामद किया गया. वह उस शख्स के साथ रह रही थी. पुलिस दोनों को दिल्ली लेकर आ गई थी.

लड़की ने अपने बयान में खुद के बालिग होने का दावा किया. फैसले का औचित्य बताते हुए जज ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लड़की के बयान में कोई अभियुक्त साक्ष्य नहीं है.

ग्रेजुएट्स के लिए ‘झारखंड पुलिस’ में वैकेंसी

झारखंड पुलिस में  ग्रेजुएट्स के लिए कई पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं.  इसके लिए झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) ने विज्ञापन जारी किया है. पदों का विवरण: सब इंस्‍पेक्टर कुल पदः 3019 आयु सीमा: न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 26 वर्ष शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी. अंतिम तिथि: 13 अगस्त, 2017 ऐसे करें आवेदन: इच्छुक उम्मीदवार संबंधित वेबसाइट पर क्लिक करके सावधानीपूर्वक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करें. उम्मीदवार आगे की चयन प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. आवेदन शुल्कः सामान्य उम्मीदवारों के लिए 460 रुपये और SC/ST के लिए 115 रुपये सैलरी: 40000 रुपये प्रति माह संबंधित वेबसाइट का पताः jhpolice.gov.in        

ग्राहकों को फ्री में फोन देगा रिलायंस

jio offer

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कम आय वर्ग वाले मोबाइल फोन उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए आज जियो फोन पेश करने की घोषणा की और कहा कि यह देश में 2जी फीचर फोन के युग का अंत कर देगा.

उन्होंने दावा किया कि ग्राहक के लिए इस फोन की प्रभावी लागत शून्य होगी क्योंकि इसे खरीदने के लिए जमा करवाई जाने वाली 1500 रुपये की राशि तीन साल बाद फोन लौटाने पर वापस कर दी जाएगी. यानी 1500 रुपये की राशि जमानत के रूप में जमा करवाकर यह फोन खरीदा जा सकता है. तीन साल बाद जब फोन लौटाया जाएगा तो उक्त पैसा ग्राहक को लौटा दिया जाएगा. जियो फोन के लिए पहले बुकिंग करवानी होगी.

अंबानी की इस पहल को उनकी दूरसंचार कंपनी जियो के लिए नये विशेषकर निम्न आयवर्ग वाले ग्राहकों को रिझाने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है. जियो के ग्राहकों के लिए इस 4जी फोन पर वायस काल हमेशा मुफ्त रहेंगी. वहीं 153 रुपये के मासिक शुल्क वाले पैकेज में अनलिमिटेड डेटा की पेशकश की जाएगी.

अंबानी ने आज यहां आरआईएल की 40वीं वार्षिक आम बैठक में कंपनी की इस नई योजना की घोषणा करते हुये देश के 50 करोड़ फीचरफोन इस्तेमाल करने वालों को सस्ते में स्मार्टफोन की सुविधायें वाला जियो फोन उपलब्ध कराने का वादा किया. उन्होंने कहा कि 24 अगस्त से 1,500 रुपये जमा करके जियो फोन की बुकिंग कराई जा सकेगी. यह राशि 36 महीने बाद फोन लौटाने पर रिफंड भी कर दी जायेगी इस लिहाज से फोन की प्रभावी लागत शून्य होगी.

मुकेश अंबानी ने इस अवसर पर अपने जुड़वां बच्चों आकाश और ईशा को भी कंपनी के मंच पर पेश किया. बच्चों ने इस मौके पर जियो फोन की खूबियों के बारे में बताया. इसमें वॉयस कमांड पर काल करने और संदेश भेजने की सुविधा होगी. इसके साथ ही इंटरनेट सर्फिंग और वीडियो सहित टीवी पर सामग्री देखने के लिये केबल भी उपलब्ध होगा.

हरमनप्रीत कौर के शानदार शतक से फाइनल में महिला टीम

0

नई दिल्ली। हरमनप्रीत कौर की तूफानी पारी के दम पर आईसीसी महिला विश्वकप 2017  में भारतीय महिला टीम फाइनल में पंहुच गयी है. गुरूवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मुकाबले में भारत की महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से हरा दिया है. बता दें कि 6 बार की विश्वकप विजेता ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत फाइनल में पहुंच गई है.

भारत ने निर्धारित 42 ओवरों के मैच में चार विकेट खोकर 281 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. इस बड़े लक्ष्य के सामने ऑस्ट्रेलियाई टीम 40 ओवर की दूसरी गेंद पर 245 रनों पर ही ढेर हो गई. भारत को 281 रनों के इस विशाल स्कोर तक पहुंचाने में हरमनप्रीत कौर का अहम योगदान रहा. कौर ने सिर्फ 115 गेंदों का सामना करते हुए 20 चौके और 7 छक्के लगाए और तीन अहम साझेदारी करते हुए टीम को विशाल स्कोर प्रदान किया.

तो वही दूसरी तरफ महिला विश्वकप-2017 में 20 जुलाई को खेले गए मैच में टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज ने 36 रन बनाकर कुल 392 रन के साथ अब इस टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं. हालांकि उनसे आगे ऑस्ट्रेलिया की एलिस पैरी (404) हैं. इंग्लैंड ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है और रविवार को भारत के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेला जाएगा.

बता दें कि मिताली राज ने इस पूरे टूर्नामेंट में ही शानदार बल्लेबाजी की है. ये कहना गलत नहीं होगा कि उन्हीं के दम पर टाम इंडिया फाइनल तक पहुंच सकी है. अब फाइनल में भारत का सामना रविवार को मेजबान इंग्लैंड से लॉर्ड्स मैदान पर होगा जिसके लिए भारतीय फैन बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

 

मां बनी सनी लियोनी

sunny leone

मुंबई। पिछले काफी दिनों से ऐसी खबरें थीं कि बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी जल्दी मां बनने वाली हैं. अब फैंस को ये जानकर खुशी होगी कि ये अभिनेत्री मां बन चुकी हैं. जी हां, सनी लियोनी और उनके पति डेनियल बेवर ने 21 महीने की निशा कौर को गोद लिया है. निशा महाराष्ट्र के लातुर जिले की रहने वाली हैं. बॉलीवुड की इस हॉट जोडी़ ने अपनी इस बेटी का नाम निशा कौर बेवर रखा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ये अभिनेत्री कई दिनों पहले ही निशा को गोद ले चुकी थीं लेकिन कल जाकर ये बात मीडिया के सामने आई है. इतना ही नहीं निशा के साथ सनी और बीवर की तस्वीर भी देखने को मिली है.

सनी लियोनी ने कहा कि हमने कुछ दिनों पहले ही निशा को गोद लिया है. जैसे ही मुझे निशा की तस्वीर मिली उसे देख कर मैं बहुत ही खुश हो गई. हमने कुछ दिनों पहले ही इस बात के बारे में सोचा था और इतनी जल्दी हमें ऐसा सौभाग्य मिला. मैं बहुत खुश हूं. सनी लियोनी हमेशा काम में ही व्यस्त रहती हैं इस वजह से उन्होंने बच्चा गोद लेने की सोची. इस बारे में उन्होंने कहा कि हम फैमिली शुरू करने की सोच रहे थे शेड्यूल इतना बिजी था कि ऐसा होना मुमकिन नहीं था. तो हमने सोचा क्यों न हम बच्चा गोद ले लें. इसके बारे में लोग क्या सोचते हैं मुझे नहीं पता लेकिन चाहे वो मेरा बच्चा हो या मेरा बयोलाजिकल बच्चा हो, इससे मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता.

इस अभिनेत्री ने आगे कहा कि यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और हम दोनों इसके आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से तैयार हैं. हम दोनों फैमिली शुरू करना चाहते हैं और यह बहुत ही शानदार है. डेनियल ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लगभग दो साल पहले जब हम एक अनाथालय गए थे तभी हमने एक बच्ची को गोद लेने का आवेदन किया था. वे लोग अद्भुत काम कर रहे हैं लेकिन हमने सोचा कि यह उनकी मदद करने के लिए बहुत अच्छा मौका होगा. बेशक आप उन सभी जरूरत मंद की मदद करना चाहते हैं लेकिन आप नहीं कर सकते. शायद इसी तरह से चीजों को शुरू किया जा सकता है.

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही सनी लियोनी ने कहा था कि वो मां बनना चाहती हैं लेकिन उन्हें प्रेग्नेंसी से डर लगता है. इसके बाद से ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि सनी लियोनी जल्द ही फैमिली शुरू कर सकती हैं. अचानक ही कल सनी लियोनी ने निशा के बारे में बताकर खुशखबरी दे दी. इसके बाद से ही इस जोड़ी बधाई मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है.

दमदार मूवी है ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’, पढ़ें रिव्यू

नई दिल्ली। ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ फिल्म में निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव ने फिल्म में महिलाओं की मन में रह जाने वाले भावनाओं को परदे पर उभारा है.

अलंकृता ने सफलता पूर्वक 18 से 55 साल तक की चार महिलाओं की समानांतर कहानी दिखाई है. उम्र के अपने-अपने पड़ाव पर जिन्दगी जी रही ये चारों महिलाएं प्यार और स्वछन्दता की भूखी हैं. निर्देशक ने शायद यह बताने की कोशिश की है कि ये सिर्फ इन चार महिलाओं की ही नहीं बल्कि हर महिला की कहानी है.

इस फिल्‍म में रिहाना ( पलाबिता बोरठाकुर) बुर्के में कैद, अपने सपनों और चाहतों को परिवार की परंपराओं के बंधनों से आजाद करना चाहती हैं, वहीं दूसरी तरफ लीला (आहाना कुमरा) एक ब्यूटी पार्लर चलती है, पर उसके सपने भोपाल की तंग गलियों से निकलना चाहते हैं. तीसरी महिला हैं बुआ जी (रत्ना पाठक शाह ) जो की विधवा हैं और उन्हें अकेलेपन से छुटकारा पाने की चाहत है. चौथी महिला है शीरीन ( कोंकणा सेन) जो की कमाल की सेल्स गर्ल हैं. शीरीन तीन बच्चों की मां हैं और उन्हें सिर्फ एक महिला की तरह इस्तेमाल होना नामंजूर है.

यह फिल्‍म की चार मुख्‍य किरदार और इन्‍हीं के आसपास फिल्‍म की कहानी घूमती है. इसके अलावा फिल्‍म में एक्‍टर विक्रांत मैसी और सुशांत सिंह भी नजर आएंगे. अलंकृता श्रीवास्तव की इस फिल्‍म में जेबुनिस्सा बंगेश और मंगेश धाकड़े ने अपना संगीत दिया है और इसके सिनेमेटोग्राफर हैं अक्षय सिंह. फिल्‍म की खामियों की बात करें तो, इसे फिल्‍मकार की नहीं, बल्कि समय की कमी माना जाए क्‍योंकि इस तरह के विषय पर पहले भी फिल्‍में बन चुकी हैं और जो हाल ही की फिल्‍म याद आती है, वह है ‘पार्च्ट’. तुलना की जाए तो उस फिल्‍म में भी कहानी की आत्मा ‘ल‍िपस्टिक अंडर माई बुर्का’ जैसी ही थी, लेकिन हर फिल्‍मकार को अपनी तरह से अपनी कहानी कहने का हक है पर बतौर आलोचक मेरी मुश्किल ये हो जाती है की विषय में फिर उतना नयापन नहीं लगता.

इसके अलावा फिल्‍म की दूसरी कमी है फिल्‍म में इंटरवेल के बाद का थोड़ा सा हिस्सा, जहां फिल्‍म की कहानी की गति कम हो जाती है. इसके अलावा अगर देखें तो यह फिल्‍म समाज के सिर्फ एक वर्ग यानी मध्‍यम वर्ग या निचले माध्यम वर्ग की कहानी कहती है. अगर उच्च वर्ग की भी बात होती तो शायद रेंज और बढ़ जाती.

फिल्‍म की खूबियों की बात करें तो इसकी सबसे बड़ी खूबी है इसका स्क्रीन्प्ले, जिसे काफी खूबसूरती से लिखा गया है. दूसरी मजबूत कड़ी है इस फिल्‍म के किरदार जिन्हें शानदार तरीके से गढ़ा गया है. फिल्‍म का विषय ‘पार्च्‍ड’ जैसा है पर भोपाल में घटती ये फिल्म और इसके किरदार आपको शायद ही अहसास होने देंगे की इस तरह की कहानी आप पहले भी देख चुके हैं.

कुछ लोगों को फिल्म परिवार के साथ देखने में दिक्कत हो सकती है, फिर भी इसकी बोल्ड कहानी और ट्रीटमेंट को देखने के बाद इसे साढ़े तीन स्टार मिलते हैं.

मनुवाद की उस मुस्कान का मतलब समझिए

राज्यसभा में शोर मचा था. चार बार उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े सूबे की मुख्यमंत्री रही और राज्यसभा की सदस्य गुस्से में थीं. वह इसलिए गुस्से में थीं, क्योंकि उनको अपने उस समाज की बात कहने से रोका जा रहा था, जिससे वह ताल्लुक रखती थीं. सवाल है कि कोई संसद में क्यों आता है? संसद के एक सदस्य की क्या जिम्मेदारी होती है?

अगर आप बतौर संसद सदस्य ईमानदार हैं तो जाहिर है कि आपकी जिम्मेदारी देश और समाज के मुद्दे को सदन के सामने और सदन के जरिए देश के सामने रखना चाहिए. उस दिन भी यही हो रहा था. एक ईमानदार संसद सदस्य समाज के एक बड़े मुद्दे पर बोल रहा था. उसकी आवाज को अनसुना करने की कोशिश की गई तो वह जोर से बोलने लगा. तब विरोधियों के शोर के बीच उसकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई. आवाज बुलंद थी, दबाए नहीं दबी तो उस आवाज को बंद करने का नया तरीका ढूंढ़ा गया.

सामने शीर्ष पर बैठा शख्स मुस्कराने लगा. वह उपहास उड़ाने जैसा था. वह उस सांसद पर नहीं हंस रहा था. वह शायद उस मुद्दे पर मुस्कुरा रहा था, जिस पर सांसद बोल रही थीं. उस संसद सदस्य से वह मुस्कान बर्दाश्त नहीं हुई. वह मुस्कान उसे चिढ़ा रही थी. उसने संसद की सदस्यता ही छोड़ देने की बात कही. फिर भी वह मुस्कान कायम रही. शायद वह हैदराबाद विश्वविद्यालय की घटना पर मुस्करा रहा था. वह ऊना की घटना पर मुस्कुरा रहा था. वह डेल्टा मेघवाल पर मुस्कुरा रहा था. वह सहारनपुर पर मुस्कुरा रहा था. मनुवाद की उस मुस्कान का मतलब समझिए.

विजय यादव बने भारत ‘ए’ टीम के फील्डिंग कोच

0

फरीदाबाद। भारतीय क्रिकेट के छोटे फार्मेट की ‘ए’ टीम का भारतीय क्रिकेट में खासा योगदान रहा है जिससे विराट कोहली जैसे सितारों का उदय हुआ है. इसके लिए अब नए फील्डिंग कोच का चुनाव किया गया है. दक्षिण अफ्रीका में 26 जुलाई से शुरू हो रहे दौरे के लिए भारतीय ‘ए’ क्रिकेट टीम के क्षेत्ररक्षण कोच की जिम्मेदारी हरियाणा रणजी टीम के कोच व पूर्व भारतीय टेस्ट विकेटकीपर विजय यादव को सौंपी गई है. भारत ‘ए’ टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ हैं. फरीदाबाद के सेक्टर-11 निवासी 50 वर्षीय लेवल-3 कोच विजय यादव इन दिनों बेंगलुरु में अंडर-23 क्रिकेट शिविर में कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

अफ्रीकी दौरे पर भारत ‘ए’ टीम त्रिकोणीय वनडे सीरीज में भाग लेगी, जिसमें दो अन्य टीमें दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ और अफगानिस्तान की हैं. पहले इस सीरीज में तीसरी टीम ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ थी, पर अपने बोर्ड के साथ वेतन विवाद के चलते कंगारुओं की टीम ने नाम वापस ले लिया. भारत ‘ए’ टीम दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ टीम के खिलाफ दो चार दिवसीय मैच भी खेलेगी.

मनीष पांडे 16 सदस्य भारतीय टीम के कप्तान हैं. आइपीएल में चेन्नई सुपर किंग और इस वर्ष पंजाब किंग्स इलेवन से खेलने वाले मोहित शर्मा और राहुल तेवतिया ने विजय से ही प्रशिक्षण लिया है.

 

 खालसा कॉलेज ने SC/ST छात्रों का दाखिला रोका

नई दिल्ली। मोदी सरकार में दलित भेदभाव के मुद्दे शिक्षा संस्थानो में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. ताजा मामला दिल्ली के खालसा कॉलेज का है. वाणिज्य वर्ग के स्नातकोत्तर एमकॉम में आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों का श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज ने दाखिला रोक दिया है. इस बारे में कॉलेज का कहना है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग ने उसे अल्पसंख्यक कॉलेज का दर्जा दिया है. प्रिंसिपल ने डीयू की दाखिला समिति के चेयरमैन और कॉमर्स की विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है. पत्र में उन्होंने कहा है कि हाई कोर्ट के आदेश 20 जून 2016 ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग के निर्देशानुसार कॉलेज को अल्पसंख्यक स्टेटस के अनुसार छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति प्रदान की है.

हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार ही वह स्नातक स्तरीय दाखिला दे रहा है, जबकि स्नातकोत्तर के लिए प्रवेश प्रक्रिया डीयू की शर्तो और नियमों के अनुसार होगी. सिख समुदाय के छात्रों को अल्पसंख्यक मानते हुए पचास फीसदी सीटें उनके लिए हैं, जबकि शेष सीटें अनारक्षित हैं. बिजनेस और कॉमर्स की दाखिला समिति के सदस्य हंसराज सुमन ने भी इस संबंध में कुलपति को पत्र लिखा है.

सुमन ने बताया कि वह जल्द ही कॉमर्स डिपार्टमेंट के इस मुद्दे को लेकर कुलपति से मिलेंगे, क्योंकि उच्च शिक्षा में दलित, ओबीसी कोटे के छात्रों को आने से रोकने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. छात्रों के अलावा इन कॉलेजों ने दलित शिक्षकों की नियुक्तियों पर भी अल्पसंख्यक के नाम पर रोक लगा दी है. जिसके बाद से दलित और पिछड़े छात्रों को बड़ी परेशानी और भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है.

नहीं मनाने दिया भीम आर्मी जिलाध्यक्ष का बर्थडे, पुलिस ने फेंका केक

0

सहारनपुर। पुलिस द्वारा जातीय हिंसा के आरोप में बंद किये भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल वालिया का कल जन्मदिन था. जिसके लिए जेल प्रशासन से जन्मदिन मनाने की इजाजत मिल गयी थी. गुरुवार को कमल की बर्थडे-पार्टी के लिए उसकी मां कांति देवी, पत्नी काजल, बेटा कौशिक, कार्तिक, बेटी कीर्ति तथा भाई सचिन, विपिन व अन्य कुछ परिचित केक व मिठाई लेकर जेल पहुंचे थे. जिसके कुछ देर बाद विरोधी दल व मीडिया भी पहुंच गई.

कुछ देर बाद जेलर राजीव मिश्र ने परिजनों को जेल के अंदर जाने से साफ मना कर दिया. जेलर मिश्र ने परिजनों द्वारा लाए गए केक, मिठाई व जूस को बाहर फिंकवा दिया. इसके बाद जेलर पूरे मामले में लीपापोती करने में जुट गए. मीडिया से बातचीत में जेलर राजीव मिश्र ने कहा की जन्मदिन मनाने की इजाजत नहीं दी गयी, जेल गेट के अंदर जाने से पहले ही केक व मिठाई को फिकवा दिया गया है.

वहीं डीएम पीके पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि कमल के परिजन केक लेकर जेल पहुंचे जरूर थे, मगर उसे अंदर जाने नहीं दिया गया. गेट के बाहर ही केक को रखवा दिया था.

विदेशी मीडिया ने कोविंद और भाजपा पर कसा तंज

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने के कारण भारत के प्रमुख पदों पर हमेशा से विदेशी मीडिया की नजर रही है. समय-समय पर भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के चुने जाने पर विदेशी मीडिया अपनी टिप्पणी करता रहा है. रामनाथ कोविंद के भारत के 14वें राष्ट्रपति चुने जाने पर भी तमाम देशों के अखबारों में लेख लिखे गए हैं. हालांकि ये लेख भाजपा को अखर सकते हैं, क्योंकि तमाम देशों की मीडिया ने भाजपा द्वारा रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने और फिर उनके राष्ट्रपति बनने को भाजपा की साजिश करार दिया है… तो कुछ अखबारों ने इसे दलितों को लुभाने के लिए उठाया गया कदम बताया है.

आइए कुछ अखबारों पर नजर डालते हैं-

ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ ने यह दावा किया है कि कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाना मोदी का दलितों को लुभाने और दलित समुदाय के बीच राजनीतिक वोट हासिल करने का तरीका है.

अमेरिकी दैनिक The Voice of America का कहना है की “बीजेपी” की एक सोची समझी रणनीति है, जो बार-बार देश के दलित समाज के चेहरों को आगे करके अपनी पहचान चाहती है, जबकि ये पार्टी हिन्दू राष्ट्रवादी एजेंडों पर काम करती है.

संबंधित वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

आयरलैंड के अखबार The Irish Times ने लिखा है कि रामनाथ कोविंद भले ही भारत के दूसरे दलित राष्ट्रपति बनने जा रहें हो, लेकिन यह बात भी साफ है कि वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रह चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद आरएसएस के साथ अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत की थी जो की समाज में इस्लाम और ईसाई धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने का काम करता रहा है. The Irish Times ने भाजपा के इस कदम को उसकी सोची समझी साजिश कहा है.

देखना होगा कि भारतीय मीडिया इन खबरों को कितनी तव्वजो देता है.

फेसबुक पर खबरें पढ़ने के लिए देने पड़ेंगे पैसे

0
facebook news

नई दिल्ली। फेसबुक पर न्यूज पढ़ने वालों के लिए एक बुरी खबर है. फेसबुक यूजर से न्यूज पढ़ने का चार्ज लेने की योजना बना रहा है. यही नहीं फेसबुक के माध्यम से न्यूज दिखाने वाले मीडिया हाउस से भी फेसबुक चार्ज लेगा.  अभी तक हमलोग मजे में फेसबुक पर न्यूज पढ़ रहे हैं, लेकिन यह मौज जल्द ही खत्म होने वाली है.

फेसबुक जल्द ही न्यूज फीड में दिखने वाले खबर की संख्या सीमित करने वाला है. यानी ज्यादा और बड़े मीडिया संस्था की खबरों को पढ़ने के लिए आपको पैसे देने पड़ सकते हैं. इसके लिए फेसबुक न्यूज सब्सक्रिप्शन सर्विस शुरू कर सकता है.

फेसबुक के सोशल न्यूज पार्टनरशिप के हेड कैम्पबेल ब्राउन ने बताया कि यह फीचर अक्टूबर 2017 तक शुरू किया जा सकता है. ब्राउन ने बताया कि अक्टूबर से फेसुबक न्यूज फीड में दिखने वाले खबरों की संख्या 10 करने वाला है. इसके बाद फेसबुक न्यूज के लिए यूजर्स को पब्लिशर्स के होमपेज पर भेजेगा जहां उसे सब्सक्रिप्शन लेना होगा.

इस समय फेसबुक न्यूज का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म हो गया है. ऐसे में मीडिया संस्थान और पब्लिशर हाउस ने फेसबुक से शिकायत की है कि फेसबुक पर खबरों को शेयर करने से उन्हें घाटा हो रहा है. अब ऐसे मे फेसबुक एक पे वॉल पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से मीडिया हाउस और पब्लिशर्स के साथ फेसबुक का एग्रीमेंट होगा.  एग्रीमेंट के बाद ही न्यूज फेसबुक पर शेयर हो सकेंगी. यानी जिसका फेसबुक के साथ एग्रिमेंट होगा, वहीं फेसबुक पर खबर पब्लिश कर सकेगा.

यह सर्विस दो साल पहले गूगल के AMP को टक्कर देने के लिए शुरू की गई थी. गूगल AMP चुनिंदा मीडिया समूहों की खबरों को मोबाइल वेब ब्राउजिंग के लिए ऑप्टिमाइज करता है.