काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के गुलाई दावा खाना इलाके में बम धमाका हुआ. इस बम धमाके में 35 लोगों की मौत हो गई. धमाके में 42 लोग घायल भी हुए. रिपोर्ट्स के मुताबिक एक आत्मघाती हमलावर ने कार में बम विस्फोट कर दिया. अभी तक इस की आतंकी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है. मौके पर रेस्क्यू किया जा रहा है. मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है. काबुल में बीते दो महीने में हुआ यह दूसरा बड़ा हमला है. इससे पहले 31 मई को इंडियन एंबेसी के पास हुए ब्लास्ट में 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.
बम धमाके में 35 लोगों की मौत हो गई है. शुरू में 12 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी लेकिन मरने वालों की संख्या का आंकड़ा बढ़कर अब 35 हो गया है. वहीं घायलों की संख्या भी 10 से बढ़कर 42 हो गई है. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर के निशाने पर कौन था. पुलिस ने धमाके की जगह की घेराबंदी कर ली है. वहीं अभी तक किसी संगठन ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
गौरतलब है साल 2017 की शुरुआत से अभी तक अफगानिस्तान में हुए बम धमाकों में लगभग 1662 लोग मारे जा चुके हैं. यह आंकड़ें यूएन द्वारा दिए गए हैं. इस बम धमाके से दो हफ्ते पहले आईएस ने भी एक काबुल की एक मस्जिद में हुए बम धमाके की जिम्मेदारी ली थी. मस्जिद में हुए बम धमाक में 4 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं यूएन के आंकड़ों के मुताबिक बीते मई महीने में एक ट्रक पर हुए बम धमाके में 150 लोगों की मौत हो गई थी. काबुल में बम धमाके में 35 लोगों की मौत, 42 घायल
काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के गुलाई दावा खाना इलाके में बम धमाका हुआ. इस बम धमाके में 35 लोगों की मौत हो गई. धमाके में 42 लोग घायल भी हुए. रिपोर्ट्स के मुताबिक एक आत्मघाती हमलावर ने कार में बम विस्फोट कर दिया. अभी तक इस की आतंकी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है. मौके पर रेस्क्यू किया जा रहा है. मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है. काबुल में बीते दो महीने में हुआ यह दूसरा बड़ा हमला है. इससे पहले 31 मई को इंडियन एंबेसी के पास हुए ब्लास्ट में 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.
बम धमाके में 35 लोगों की मौत हो गई है. शुरू में 12 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी लेकिन मरने वालों की संख्या का आंकड़ा बढ़कर अब 35 हो गया है. वहीं घायलों की संख्या भी 10 से बढ़कर 42 हो गई है. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर के निशाने पर कौन था. पुलिस ने धमाके की जगह की घेराबंदी कर ली है. वहीं अभी तक किसी संगठन ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
गौरतलब है साल 2017 की शुरुआत से अभी तक अफगानिस्तान में हुए बम धमाकों में लगभग 1662 लोग मारे जा चुके हैं. यह आंकड़ें यूएन द्वारा दिए गए हैं. इस बम धमाके से दो हफ्ते पहले आईएस ने भी एक काबुल की एक मस्जिद में हुए बम धमाके की जिम्मेदारी ली थी. मस्जिद में हुए बम धमाक में 4 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं यूएन के आंकड़ों के मुताबिक बीते मई महीने में एक ट्रक पर हुए बम धमाके में 150 लोगों की मौत हो गई थी. अमित शाह का सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक
नई दिल्ली। पिछले दिनों मीडिया में खबर आई थी कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने सादगी का उदाहरण पेश करने के लिए चार्टर्ड प्लेन (विशेष विमान) और फाइल स्टार होटल से बचते हैं. विभिन्न रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शाह सामान्य हवाई जहाज से सफर करते हैं और जहां जाते हैं वहां भाजपा नेताओं या कार्यकर्ताओं के घर पर रुकना पसंद करते हैं.
लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने वास्तविकता दिखाने के लिए अमित शाह की तस्वीरें शेयर करते हुए इन खबरों को बीजेपी का प्रोपगैंडा बताया.
Sidmtweets हैंडल से सिड नामक यूजर ऐसी ही एक खबर को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, “ये हालिया समय में पेड और फेक न्यूज का सबसे हास्यास्पद उदाहरण हैं. मीडिया की विश्वसनीयता को क्या हो रहा है? बस गूगल भर करने की जरूरत थी?”
सिड ने अपने ट्वीट के साथ अमित शाह की चार्टर्ड विमान में एक पत्रकार को इंटरव्यू देने वाली तस्वीर भी लगाई. पत्रकार निखिल वागले ने अमित शाह को ट्वीट करते हुए लिखा कि अगर उन्हें पारदर्शिता में भरोसा है तो वो बीजेपी द्वारा पिछले तीन सालों में मीडिया को दिए गए विज्ञापनों इत्यादि का ब्योरा सार्वजनिक करें, तब उनकी सादगी नजर आयेगी.
भाजपा की दलित राजनीतिः अमित शाह ने दलित के घर किया भोजन
जयपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार (23 जुलाई) को जयपुर में बारिश के बीच पार्टी के बूथ स्तर के एक दलित कार्यकर्ता के घर जाकर भोजन किया. उनके साथ राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी और कुछ अन्य नेता मौजूद थे.
जयपुर की सुशील पुरा कॉलोनी में अमित शाह और भाजपा के अन्य नेताओं ने बूथस्तर के कार्यकर्ता रमेश पचारिया के घर में जमीन पर बैठ कर पत्तल के दोने में भोजन किया. पानी के लिए मिट्टी से बना सिकोरा रखा गया था. परिवार के लोगों ने सभी मेहमानों की पूरी आवभगत की.
भाजपा दिग्गजों का पारंपरिक स्वागत किया गया और उन्हें देखने के लिए पचारिया के घर के चारों ओर सैकड़ों स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा. भाजपा के एक कार्यकर्ता ने बताया कि अमित शाह ने पचारिया के घर 25-30 मिनट बिताए. भाजपा अध्यक्ष को भोजन में चावल, दाल, चपाती, भिंडी की सब्जी, राजस्थान की मशहूर गट्टे की सब्जी और खीर परोसी गई. इसके अलावा हलवे का भी इंतजाम था.
पचारिया ने कहा कि मेहमानों के लिए खाना उनकी मां ने पकाया. सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र से विधायक और सामाजिक अधिकारिता मंत्री डॉ अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष एक बूथ स्तर के कार्यकर्ता के घर भोजन करने आए, इससे पार्टी, विशेष तौर पर निचले स्तर तक के कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा. चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी ने अपने इस बूथ लेवल के कार्यकर्ता के घर का चयन उसके सक्रिय कार्यों के आधार पर किया, न कि उसकी जाति या वर्ग को देखकर.
उन्होंने कहा, हम अपने कार्यकर्ताओं को उनके कामों के आधार पर पहचान देते हैं, न कि उनकी जाति या उनके वर्ग को देखकर. पार्टी के कामों में पचारिया की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए उसके घर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के भोजन करने का कार्यक्रम बनाया गया.
अमित शाह का तीन-दिवसीय जयपुर दौरा रविवार को संपन्न हो गया. उनके इस दौरे का मकसद राज्य में पार्टी को बूथ स्तर पर और मजबूती प्रदान करना था. राजस्थान में अगला विधानसभा चुनाव दिसंबर, 2018 तक होने की उम्मीद है. आर्मी टैंक खड़ा करने से जागेगी जेएनयू में देशभक्ति: जेएनयू VC
नई दिल्ली। दिल्ली के चर्चित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार को कारगिल विजय दिवस का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में भाषण देते हुए जेएनयू के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जनरल वीके सिंह से विश्वविद्यालय को एक सैन्य टैंक दिलवाने में मदद का अनुरोध किया.
जगदीश कुमार ने कहा कि टैंक को विश्वविद्यालय में डिस्प्ले के लिए रखा जाएगा जिससे छात्रों में राष्ट्रभक्ति जगाने के लिए प्रेरित किया जायेगा. कुलपति जगदीश कुमार ने अनुरोध किया कि अगर टैंक विश्वविद्यालय परिसर में रखा जाता है तो छात्रों को लगातार सैनिकों के बलिदान और साहस का स्मरण होता रहेगा.
बता दें की जेएनयू में पहली बार कारगिल विजय दिवस का आयोजन किया गया था. जेएनयू कैंपस में एक सैन्य टैंक को रखने का विचार 9 फरवरी, 2016 को आयोजित उस कार्यक्रम के बाद ही आया है जिसमें कथित रूप से भारत विरोधी नारे लगने के कारण छात्रों को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
जेएनयू में रविवार को ‘कारगिल विजय दिवस’ मनाया गया था. साल 1999 में हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों की शहादत की याद में ‘कारगिल विजय दिवस’ मनाया जाता है. गौरतलब है कि पिछले साल कथित भारत-विरोधी नारेबाजी के कारण जेएनयू विवादों में घिरा रहा था.
जेएनयू के शिक्षकों और छात्रों ने कारगिल के शहीदों के परिजन और पूर्व सैनिकों के संगठन ‘वेटरंस इंडिया’ के सदस्यों के साथ 2,200 फुट लंबा तिरंगा लेकर एक मार्च निकाला. कार्यक्रम में थलसेना बैंड का भी एक कार्यक्रम हुआ. इस मौके पर, कारगिल में शहीद हुए सैनिकों के परिवार की महिला सदस्यों को सम्मानित किया गया.
जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने कार्यक्रम को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया और कहा कि यह थलसेना और देश के अन्य सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करने के लिए एक अहम दिन था.
जेएनयू के मेन गेट से शुरू हुए तिरंगा मार्च में दो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जनरल वी के सिंह ‘वेट्रंस इंडिया’ के मेंटर मेजर जनरल जी डी बख्शी और क्रिकेटर गौतम गंभीर भी शामिल हुए. कार्यक्रम में तमाम लोगों ने हिस्सा लिया और 2,200 फीट लंबे तिरंगे को मेन गेट से कन्वेंस सेंटर तक करीब दो किलोमीटर लेकर गए. मार्च में 23 शहीदों के परिजनों ने भी भाग लिया.
जातिवादी गुंडों ने दलित को नंगा कर पीटा, कुकर्म का भी किया प्रयास
हिसार। भाजपा राज में दलितों पर अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है. यूपी, एमपी के बाद अब घटना हरियाणा के हिसार की है. हांसी-बरवाला मार्ग पर घिराय गांव के खेतों में चैनत गांव के एक दलित युवक की जातिवादी गुंडे द्वारा खेत से गुजरने पर नंगा करके पिटाई करने का मामला सामने आया है. जातिवादियों की मारपीट से घायल युवक ने हांसी के सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान जातिवादी गुंडों पर कुकर्म के प्रयास का भी आरोप लगाया है. पीड़ित की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हिसार रेफर कर दिया गया है.
चैनत गांव के रहने वाले दलित ने अस्पताल में उपचार के दौरान घटना की जानकारी दी. उसने बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है. वह शनिवार(22 जुलाई) की शाम को खेत से चारा लेकर घर आ रहा था. रास्ते में उच्च जाति के लोगों ने खेत से निकलने की बात कहकर उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी. युवक ने बताया कि जातिवादी गुंडों ने उसके कपड़े उतारकर उसे निर्वस्त्र कर दिया. युवक ने आरोप लगाया कि उसके साथ कुकर्म का प्रयास भी किया गया. जातिवादियों के चंगुल से निर्वस्त्र अवस्था में निकलकर वह किसी तरह गांव में पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी.
युवक के भाई ने बताया कि पीड़ित भाई को घायल हालत में सरकारी अस्पताल में ले जाया गया जहां गंभीर हालत होने पर उसे हिसार रेफर कर दिया गया.
नजदीक के घिराय गांव में दलित युवक से मारपीट की घटना के बाद घायल युवक को इलाज के लिए हांसी व सिसाय गांव के सरकारी अस्पताल में दो-तीन घंटे तक भटकना पड़ा. इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में पहुंचे युवक को सिसाय गांव के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का क्षेत्र होने की बात कर हांसी के सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने सिसाय भेज दिया. सिसाय के डाक्टरों ने घटना का क्षेत्र हांसी के अंतर्गत होने की बात कर हांसी भेज दिया. इसके बाद घायल युवक इलाज के लिए फिर हांसी के सरकारी अस्पताल में पहुंचा. ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों द्वारा इलाज करने से इंकार करने के बाद मीडिया के दबाव के बाद डाक्टरों ने करीब तीन घंटे बाद युवक का प्राथमिक उपचार किया और गंभीर हालत होने पर उसे हिसार रेफर कर दिया.
पंजाब केसरी के मुताबिक सदर थाना प्रभारी उदयभान ने बताया कि घिराय गांव में दलित युवक को निर्वस्त्र कर मारपीट के मामले को लेकर कोई लिखित या मौखिक शिकायत थाने में नहीं पहुंची है. अब जानकारी मिली है तो पुलिस खुद अस्पताल में उपचाराधीन युवक के बयान दर्ज कर अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई करेगी. महिला विश्वकपः फाइनल में इंग्लैंड ने भारत को 9 रन से हराया
लोर्ड। महिला वर्ल्ड कप के रोमांचक फाइनल में इंग्लैंड ने भारत को 9 रन से मात देकर खिताब पर एक बार फिर अपना कब्जा जमा लिया. यह दूसरी बार है, जब भारत की टीम वर्ल्ड कप फाइनल में हारी है. इससे पहले 2005 में टीम इंडिया वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में हारी थी. भारतीय टीम इस मैच में इंग्लैंड पर हावी थी, लेकिन पूनम राउत (86) के आउट होने के बाद भारत के विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए और भारत की टीम 219 पर ऑल आउट हो गई. इस तरह इंग्लैंड ने चौथी बार वर्ल्ड कप खिताब पर अपना कब्जा जमाया. इंग्लैंड की तेज गेंदबाज आन्या शर्बसोल ने इस मैच का रुख पूरी तरह से मोड़ दिया. उन्होंने इस मैच में 6 विकेट हासिल किए. भारत ने अपने अंतिम 7 विकेट 28 रन के अंतराल पर गंवा दिए.
इससे पहले 229 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. भारत का स्कोर 5 रन ही था कि स्मृति मंधाना (0) खाता खोले बगैर पविलियन लौट गईं. इसके बाद पूनम राउत ने कैप्टन मिताली राज के साथ पारी को संभाला. लेकिन जब भारत का स्कोर 43 रन था, उस वक्त रन चुराने के प्रयास में कैप्टन मिताली राज (17) रन आउट हो गईं. इसके बाद स्टार बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने पूनम के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया. दोनों बल्लेबाजों ने अपना अनुभव झोंकते हुए तीसरे विकेट के लिए मिलकर 95 रन जोड़े.
चौथे विकेट के रूप में हरमन (51) जब आउट हुईं, तो भारत की जीत लगभग तय लग रही थी. पूनम ने एक छोर को बेहतर ढंग से संभाल कर रखा हुआ था और वेदा के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ा रही थीं. इस बीच शर्बसोल की एक गेंद पूनम के पैड से जा लगी. अंपायर ने इस पर LBW आउट दे दिया.
पूनम के आउट होने के बाद वेदा कृष्णमूर्ति पर भारत को जीत तक ले जाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाईं. भारत का लोअर ऑर्डर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुआ और उसने जीती हुई बाजी गंवा दी. पूनम के आउट होने के बाद भारतीय टीम के विकेट लगातार अंतराल के बाद गिरने लगे. 191 पर चौथा विकेट गंवाने वाली भारतीय टीम ने 201 तक पहुंचते- पहुंचते 7 विकेट गंवा दिए. इसके बाद 218 के स्कोर पर शिखा पांडे भी रन आउट हो गईं और भारत जीत से दूर रह गया.
इससे पहले टॉस जीतकर पहले ब्ल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने 50 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 228 रन बनाए. इंग्लैंड को लॉरेन विनफील्ड (24) और टैमी बेयुमोंट (23) ने सधी हुई शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े. मजबूत दिख रही इंग्लैंड अचानक से बिखर गई और उसने 63 के कुल स्कोर तक अपने 3 अहम विकेट खो दिए. भारत को पहली सफलता राजेश्वरी गायकवाड़ ने दिलाई. उन्होंने विन्फील्ड को पांव के पीछे से गेंद को घूमाते हुए बोल्ड मारा. मायावती ने 2019 के लिए बनाया महाप्लान
नई दिल्ली। मायावती के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद उनका पूरा ध्यान अब पार्टी को मजबूत करने पर है. 23 जुलाई को दिल्ली में मायावती इसके लिए पार्टी के सभी दिग्गज नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुकी हैं. इस बैठक में बहन जी ने अपना महाप्लान तैयार कर लिया है.
12% जीएसटी के विरोध में पीएम मोदी को भेजा सैनेटरी नैपकिन
नई दिल्ली। सैनेटरी नैपकिन पर 12 प्रतिशत जीएसटी को लेकर विरोध जारी है. अब तमिलनाडु के कोयंबट्टूर में रेवोल्यूशनरी यूथ फ्रंट के सदस्यों ने जीएसटी का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को सैनेटरी नैपकिन के पार्सल भेजे हैं.
बता दें कि कुछ संस्थानों द्वारा और सोशल मीडिया पर सैनेटरी नैपकिन पर जीएसटी लगाने का विरोध किया जा रहा है. इस मसले को लेकर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब भी मांग है.
सैनेटरी नैपकिन पर टैक्स कम करने की मांग करने वालों का कहना है कि यह महिलाओं की मूलभूत जरूरत है. अगर ये महंगे होंगे तो महिलाएं इसे नहीं खरीद पाएंगी.
अप्रैल में शी सेज नाम की एक संस्थान ने सोशल मीडिया पर ‘लहू का लगान’ नाम से एक कैंपेन भी शुरू किया था. इसमें सैनेटरी नैपकिन को कर मुक्त करने की मांग की गई थी.
कई राजनीतिक दलों ने भी सैनेटरी नैपकिन पर लगने वाले कर का विरोध किया था. एमएनएस नेता शालिनी ठाकरे ने इस इस मसले को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात भी की थी.
वहीं, इस बीच देश में कई जगहों पर सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने का भी फैसला किया गया है. 17 मई को केरल सकार ने फैसला किया है कि हर स्कूल में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई जाएंगी.
लालू-राबड़ी की सुविधा में हुई कटौती
पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक ओर परिवार के सदस्यों पर सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग बेनामी संपत्ति व भ्रष्टाचार मामले में शिकंजा कस रहा है, वहीं अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी लालू प्रसाद यादव एवं उनकी पत्नी राबड़ी देवी को एयरपोर्ट पर दिये विशेषाधिकार को वापस ले लिया.
दोनों नेताओं को बिहार का पूर्व मुख्यमंत्री होने के कारण अब तक पटना हवाई अड्डे पर सीधे पहुंचने के लिए ‘विशेषाधिकार’ प्राप्त था, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की इस कार्रवाई के बाद अब लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को पटना एयरपोर्ट के ‘टारमैक’ तक जाने के लिए आम लोगों की तरह सुरक्षा जांच के बीच से गुजरना होगा. यानी एयरपोर्ट पर उन्हें एक वीवीआइपी होने का लाभ नहीं मिलेगा.
इनकम टैक्स ने 16 मई को सुबह लालू प्रसाद यादव के 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी. यह छापे बेनामी संपत्ति के मामले में मारे गए हैं. इनकम टैक्स ने सुबह 8.30 बजे से छापेमारी कर रही थी. इनकम टैक्स ने दिल्ली, गुड़गांव के इलाकों में छापेमारी की, इस दौरान लगभग 1000 करोड़ की संपत्ति पर छापेमारी की गई थी. जिसके बाद मीसा भारती से घंटो पूछताछ भी की गई थी.
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती भी कई आरोपों में घिरी हुई है. उनके पति के सीईओ राजेश पर शेल कंपनियो के जरिए काले से सफेद धन करने का आरोप है. इसमें कई कंपनियों के जरिए काला धन घुमाया जाता था. वहीं पैसों को काले से सफेद करने के बदले कमीशन लिया जाता था. लालू के दामाद शैलेश और बेटी मीसा की कंपनी मिशेल को भी शेल कंपनियों के जरिए पैसा दिलाया था. इसके तहत 90 लाख रुपये की रकम राजेश अग्रवाल ने शेल कंपनियो में नगद जमा कराई थी.
इससे पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव को फिर से तगड़ा झटका लगा है. आवंटित पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने साल 2011 में तेज प्रताप यादव को पटना के बाईपास इलाके में पेट्रोल पंप चलाने का लाइसेंस दिया था.
28 जुलाई से शुरू होगा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन
ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड के काशीपुर में ‘एशियाई संस्कृति व इसके पुनरोत्थान में बौद्ध धर्म की प्राप्तियां’ विषय पर 28 जुलाई से तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. इस सम्मेलन के आखिरी दिन 30 जुलाई को समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को इंटरनेशनल ग्लोबल पीस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे भी सम्मेलन में पहुंच सकते हैं.
आयोजित होने वाले सम्मेलन में विश्व के 26 देशों के बौद्ध विचारक मंथन करेंगे. अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष रेवरेंड महानायक महाथेरो अश्वघोष ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सम्मेलन में 26 देशों के बौद्ध विचारकों को आमंत्रित किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि सम्मेलन में बौद्ध समाज के विकास पर चर्चा की जाएगी इसके साथ ही इसका विस्तार करने की नीतियों पर भी चर्चा की जाए.
अश्वघोष ने कहा कि सम्मेलन आने लोगों को बौद्ध धम्म के इतिहास के बारे में भी बताया जाएगा. बौद्ध समाज के देश-विदेश से बुद्धिजीवी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. बौद्ध धर्म के विकास के लिए काम करने वाले बौद्धो को सम्मानित किया जाएगा.
13 देशों के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में पहुंचने के लिए सहमति दे दी है. उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य तथागत बुद्ध के संदेश सभी लोगों का पहुंचाना है. वर्तमान में जो परिदृश्य दुनिया में बना है, उससे तभी बाहर निकला जा सकता है, जब सभी लोग तथागत बुद्ध के बताए रास्ते पर चलेंगे.
भारतीय नौसेना में इंजीनियर के लिए निकली है वैकेंसी
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ‘यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम’ के माध्यम से एग्जिक्यूटिव और टेक्निकल ब्रांच/कैडर में ऑफिसर की नियुक्तियां करेगी. आवेदन ऑनलाइन माध्यम से करना होगा. योग्य और इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई 2017 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
पद, योग्यता और आवेदन से संबंधित अन्य जानकारियां आगे पढ़ें –
एग्जिक्यूटिव ब्रांच (योग्यता उप-शाखाओं के अनुसार) योग्यता– मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से किसी भी विषय में बीई/ बीटेक डिग्री हो. कमीशन : परमानेंट/शॉर्ट सर्विस एयर ट्रैफिक कंट्रोलर योग्यता- किसी भी विषय में बीई/ बीटेक डिग्री हो. दसवीं और बारहवीं में न्यूनतम 60 फीसदी अंक हो. बाहरवीं कक्षा में अंग्रेजी में न्यूनतम 60 फीसदी अंक हासिल किया हो. कमीशन : शॉर्ट सर्विस इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी योग्यता- इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी/कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग/ कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीई/ बीटेक डिग्री हो. कमीशन : शॉर्ट सर्विस टेक्निकल ब्रांच (योग्यता उप-शाखाओं के अनुसार) इंजीनियरिंग ब्रांच योग्यता- मेकेनिकल/ मरीन/ इंस्ट्रूमेंटेशन/प्रोडक्शन/एरोनॉटिकल/ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट/कंट्रोल इंजीनियरिंग/मेटेलर्जी/ एरोस्पेस/ मेकाट्रॉनिक्स/ ऑटोमोटिव/ इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल में बीई/ बीटेक डिग्री हो. कमीशन : शॉर्ट सर्विस इलेक्ट्रिकल ब्रांच योग्यता- इलेक्ट्रिकल/ इलेक्ट्रॉनिक्स/ टेलिकम्युनिकेशन/ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन/पावर इंजीनियरिंग/ कंट्रोल सिस्टम इंजीनियरिंग/ पावर इलेक्ट्रॉनिक्स/एविऑनिक्स/इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन/ इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग में बीई/ बीटेक डिग्री हो. कमीशन : शॉर्ट सर्विस नेवल आर्किटेक्चर योग्यता- मेकेनिकल/ सिविल/ एरोनॉटिकल/ एरोस्पेस/ मेटेलर्जी/ नेवल आर्किटेक्चर/ओशन इंजीनियरिंग/मरीन इंजीनियरिंग/शिप टेक्नोलॉजी/शिप डिजाइन/शिप बिल्डिंग में बीई/ बीटेक डिग्री हो. आयु सीमा – आवेदक का जन्म 2 जुलाई 1994 से 01 जुलाई 1997 के बीच हुआ हो. – आयु की गणना में दोनों तारीखें शामिल होंगी. न्यूनतम शारीरिक मानदंड – कद (पुरुष) : 157 सेमी – कद (महिला) : 152 सेमी – वजन (पुरुष/ महिला) : सही अनुपात में.
टैटू – शरीर के किसी भी हिस्से पर स्थायी टैटू मान्य नहीं होगा. – हालांकि कोहनी से लेकर हथेली के बीच अंदर की ओर तथा हथेली के पीछे बने टैटू कुछ मामलों में स्वीकार्य होंगे. वेतनमान सब लेफ्टिनेंट के पद पर 15,600 से 39,100 रुपये. साथ में ग्रेड पे 5,400 रुपये. चयन प्रक्रिया – प्राप्त आवेदनों के आधार पर अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और उन्हें कैंपस इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. – इसमें चयनित अभ्यर्थियों को सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, जो दिसंबर 2017 से लेकर अप्रैल 2018 के बीच आयोजित होगा. – एसएसबी इंटरव्यू दो चरणों में आयोजित होगा, जो पूरे पांच दिन चलेगा. – पहले चरण में ऑफिसर इंटेलिजेंस रेटिंंग टेस्ट, पिक्चर परसेप्शन और डिस्कशन शामिल होगा. यह एक दिन का होगा. इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थी ही दूसरे चरण के लिए योग्य माने जाएंगे. – दूसरे चरण में साइकोलॉजिकल टेस्ट, ग्रुप टेस्टिंग और पर्सनल इंटरव्यू देना होगा. यह चार दिन तक चलेगा. – फिर दूसरे चरण में सफल अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच होगी. – पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद ही अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के लिए नियुक्त किया जाएगा. – ट्रेनिंग – ट्रेनिंग की शुरुआत जून 2018 में होगी. यह केरल के एझिमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी में होगी. – ट्रेनिंग के बाद अभ्यर्थियों को सब लेफ्टिनेंट की रैंक पर एक अधिकारी के रूप में शामिल किया जाएगा. – चयनित उम्मीदवारों को लेफ्टिनेंट के रैंक पर नियुक्ति किया जाएगा. उनका प्रोबिशन पीरियड दो साल या आरंभिक ट्रेनिंग पूरी होने तक (जो पहले पूरा हो) का होगा. यहां होगा एसएसबी इंटरव्यू बेंगलुरु, भोपाल, कोयम्बटूर और विशाखापट्टनम. खास तारीखें – ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख : 31 जुलाई 2017 – एसएसबी इंटरव्यू का आयोजन होगा : दिसंबर 2017 से अप्रैल 2018 के मध्य. अधिक जानकारी यहां वेबसाइट : www.joinindiannavy.gov.in फोन : 011-23010151
धोनी ने लॉन्च किया अपना ब्रैंड ‘सेवन’
रांची। धोनी ने गुरुवार को अपने होमटाउन रांची में अपने ब्रैंड ‘सेवन’ का पहला स्टोर खोला. अपनी जर्सी और बर्थडे के नाम पर धोनी ने इस ब्रैंड का नाम सेवन रखा है, जोकि उनकी कंपनी रिती स्पोर्ट्स की एक स्पोर्ट्स अपैरल ब्रैंड है. धोनी रिती स्पोर्ट्स के मालिक और ब्रैंड ऐंबैस्डर हैं.
धोनी ने ‘सेवन’ के पहले स्टोर लॉन्च की तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की और लिखा, ‘सेवन का पहला स्टोर मेरे होमटाउन रांची में खुला. लोगों से मिला ढेर सारा प्यार और स्नेह, कुछ समय स्टोररूम में बिताना पड़ा.
रिती स्पोर्ट्स के सह-मालिक अरुण पाण्डेय भी स्टोर लॉन्चिंग के मौके पर मौजूद थे. धोनी ने क्रिकेट मैदान के बाहर भी रिती स्पोर्ट्स के रूप में बिजनेस में भी सफलता हासिल की है. कुछ साल पहले इस कंपनी को लेकर धोनी पर हितों के टकराव के मामले में विवाद भी हो चुका है. लेकिन धोनी की इस कंपनी का कामयाबी का सफर जारी है.
पिछले साल आई धोनी की बायोपिक, ‘धोनीः एन अनटोल्ड स्टोरी’ को रिती स्पोर्ट्स ने ही प्रॉड्यूस किया था. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ते हुए 150 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी.
रिलीज से पहले लीक हुई ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’
नई दिल्ली। बॉलीवुड के स्टार एक्टर अक्षय कुमार की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ रिलीज होने से पहले ही लीक हो गई है. अपनी फिल्म के लीक होने की जानकारी देते हुए अक्षय कुमार ने इस पर दुख जताया है.
अक्षय कुमार ने फिल्म के लीक होने पर अपने फैंस से एक अपील की है. अक्षय कुमार ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ”पायरेसी के खिलाफ लड़ाई बेहद ही जरूरी है. हम फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ के लीक होने की घटना पर क्राइम ब्रांच के एक्शन की उम्मीद करते हैं. मैं अपने दोस्त, कलीग्स, फैंस और दर्शकों से अपील करना चाहता हूं कि वह पायरेसी को ना कहें. आप सभी का शुक्रिया.”
अग्रेंजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रेमो डिसूजा के पास एक शख्स पहुंचा जिसने कहा कि उसने ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ देख ली है.’ यह बात सुनकर रेमो हैरान रह गए और उन्होंने उस शख्स से कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है, तो उस शख्स ने कहा कि उसके पास यह फिल्म उसकी पेन ड्राइव में मौजूद है. रेमो ने उसके बाद यह पेन ड्राइव देखी और फिर इस बात का उन्हें विश्वास हुआ.
रेमो ने बताया है, ”मैंने इस बात की जानकारी अक्षय कुमार को देने की कोशिश की, लेकिन लंदन में होने की वजह से उन्होंने फोन नहीं उठाया. इसके बाद फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा अरोड़ा को दी.”
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि रेमो से जानकारी मिलने के बाद फिल्म के निर्माताओं ने इस बात की शिकायत क्राइम ब्रांच से की है. फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा अरोड़ा इस बात की शिकायत करने के बाद अपने बयान में क्राइम ब्रांच का शुक्रिया अदा किया है. साथ ही उन्होंने फैन्स से कहा है कि अब परेशानी वाली कोई बात नहीं है.
आपको बता दें कि अक्षय और भूमि पेडनेकर इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. अक्षय, भूमि के अलावा फिल्म में दिवेंदु शर्मा, सुधीर पांडे, शोभा खोटे और अनुपम खेर महत्वपुर्ण भूमिका में हैं. फिल्म ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ 11 अगस्त, 2017 को रिलीज होगी.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर परविंदर अवाना पर बदमाशों का हमला
ग्रेटर नोएडा। योगी राज में आम आदमी तो परेशान है ही पर अब ताजा मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पर हमले का है. नोएडा के बेखौफ बदमाशों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर परविंदर अवाना पर शुक्रवार को हमला बोल दिया. इसमें परविंदर के साथ-साथ उनके दो साथी भी चोटिल हो गए हैं. इस हमले में उनकी कार भी क्षतिग्रस्त हुई है. हमलावर खुद को सुंदर भाटी गैंग से जुड़ा बता रहे थे. घटनास्थल के पास एक फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है. परविंदर ने अज्ञात के खिलाफ मामले की तहरीर दी है.
जानकारी के अनुसार नोएडा के हरौला गांव निवासी परविंदर का एक मकान कासना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर चाई फोर में भी है. शुक्रवार को वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटे थे. जलाभिषेक के बाद वह सेक्टर चाई फोर वाले मकान पर चले गए थे. शाम करीब साढ़े छह बजे वह दो दोस्तों के साथ अपनी कार से बर्फ लेने साइट फोर की एक फैक्ट्री में गए थे. वहां पर कार से आए पांच-छह बदमाश झगड़ा कर रहे थे बाद में वे भागने लगे. तभी परविंदर भी अपनी कार से चल दिए.
इस बीच बदमाशों को लगा कि परविंदर उनका पीछा कर रहे हैं. उन्होंने अपनी कार रोककर परविंदर व उनके साथियों पर लाठी-डंडे तथा हाकी स्टिक से हमला बोल दिया. परविंदर को दाएं हाथ समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गुम चोट लगी है. दोनों दोस्तों को भी चोट आई है. बदमाशों ने परविंदर की कार भी क्षतिग्रस्त कर दी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है मामले की जांच शुरू हो गयी है.
सावधान! चिकन मोमोज में मिलाया जा रहा कुत्ते का मांस
नई दिल्ली। क्या आप मोमोज खाते है? अगर हां तो यह खबर जरूर पढ़ें. अगर आप बाजार में मोमोज खाने के शौकीन हैं, तो जरा सावधान हो जाएं क्योंकि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि दिल्ली में चिकन मोमोज में कुत्ते का मांस मिलाकर ग्राहकों को खिलाया जा रहा है.
दिल्ली कैंट में मोमोज की दुकानों को बंद करा दिया गया है. कैंट बोर्ड के सीईओ का कहना है कि कंप्लेंट आ रही थी कि मोमोज वाले कुत्ते का मीट मिलाकर मोमोज बेच रहे थे. यह एक हैरान करने वाली खबर है. इसके बाद मामोज की गुणवत्ता की जांच करने का आदेश जारी किया गया.
मोमोज की गुणवत्ता खराब है तो दुकानदार का सामान जब्त कर दुकान बंद कराने को कहा गया. एनफोर्समेंट विंग के अफसरों ने बताया कि सीईओ के आदेश के बाद गोपीनाथ बाजार, सदर बाजार और वेंडिंग जोन के सैकड़ों दुकानदारों के यहां जांच की गई. कैंट एरिया की आर्मी कैंटीन में मोमोज बेचने पर रोक लगा दी गई है. गड़बड़ी पाए जाने पर 20 दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया गया है.
वहीं एक रेस्तरां के मालिक ने बताया कि कुछ समय पहले ऐसा ही एक मामला गुड़गांव में भी सामने आया था. पॉश इलाकों से पालतू कुत्ते गायब हो रहे थे. ऐसे में स्थानीय लोगों को शक हुआ कि अवैध बूचड़खानों के बंद होने के कारण इन कुत्तों को शिकार बनाया जा रहा है और मोमोज, बिरयानी और कबाब में कुत्तों के मीट का इस्तेमाल किया जा रहा है. मालिक का मानना है कि ऐसा दिल्ली में भी हो सकता है.
इराक में गायब 39 भारतीयों पर सुषमा ने बोला झूठ
नई दिल्ली। इराक में गायब 39 भारतीयों के बारे में इंडिया टुडे की इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है. कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को विदेशमंत्री सुषमा स्वराज पर देश को भ्रमित करने का आरोप लगाया. बाजवा का कहना है कि पिछले तीन साल से इराक में गायब 39 भारतीय मोसुल के जेल में बंद थे और आईएसआईएस ने उस जेल को तबाह कर दिया है.
बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि गायब भारतीय इराक की किसी जेल में बंद हो सकते हैं. इसके बाद इंडिया टुडे की टीम ने गायब भारतीयों की खोज में मोसुल का दौरा किया, लेकिन उनके जीवित होने के कोई संकेत नहीं मिले.
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि इंडिया टुडे की इंवेस्टिगेशन ने साबित कर दिया है कि विदेशमंत्री सुषमा स्वराज झूठ बोल रही हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के लोगों से झूठ बोलने और 39 भारतीयों के परिवार की भावनाओं से खेलने के लिए विदेशमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि संसद में विदेश मंत्री द्वारा दी गई जानकारी भ्रामक है. हमें चिंतित होना चाहिए कि क्या वे जीवित हैं? कहां हैं? अगर वहां जेल नहीं है, तो हमें यह देखना चाहिए कि क्या विदेश मंत्रालय ने जानकारी सत्यापित की है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में खुद इन भारतीयों के जीवित होने का दावा किया था. रविवार को स्वराज ने कहा था कि इराक में 2014 में लापता हुए 39 भारतीय नागरिक बाडुश की एक जेल में कैद हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि इलाके में जारी संघर्ष के खत्म होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. सुषमा ने लापता भारतीयों के परिजनों से मुलाकात के दौरान यह भरोसा दिलाया था कि सरकार इन सभी भारतीयों को हर हाल में वापस लाएगी.
सोमवार को विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने भी ‘आजतक’ से बातचीत में कहा था कि लापता 39 भारतीय नागरिक बादुश की जेलों में हो सकते हैं. उनको यह जानकारी इराक के एनएसए की ओर से मिली है. विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह हाल ही में इराक का दौरा करके लौटे थे.
सिंह ने दौरा करने के बाद खास बातचीत में कहा कि उन्हें जो जानकारी इराक में रहते हुए मिली है. उनके मुताबिक 39 भारतीय जीवित है और सभी वहां जेलों में बंद है. हालांकि इंडिया टुडे की पड़ताल में ऐसी कोई जेल नहीं मिली हैं, जहां पर ये भारतीय बंद हों. दुनिया की सबसे खतरनाक जगह मोसुल पहुंचकर इंडिया टुडे ने बादुश की जेलों को खोजा, लेकिन ऐसी कोई जेल नहीं मिलीं. खूंखार आतंकी संगठन ISIS खुद बादुश की जेलों को नष्ट कर चुका है.
सेना के पास केवल 10 दिन युद्ध लायक गोला-बारूद: CAG रिपोर्ट
नई दिल्ली। सरकार के साथ-साथ भारत के लोगों के लिए कैग की रिपोर्ट परेशान करने वाली है. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय सेना के पास 10 दिन के बड़े युद्ध की स्थिति के लिए भी पर्याप्त गोला-बारूद नहीं है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जाती है.
संसद में शुक्रवार को पेश रिपोर्ट में कहा गया है कि सैन्य मुख्यालय ने 2009-13 के बीच खरीदारी के जिन मामलों की शुरुआत की, उनमें अधिकतर जनवरी 2017 तक लंबित थे. ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) के कामकाज की तीखी आलोचना करते हुए कहा गया है कि 2013 से ओएफबी की ओर से आपूर्ति किए जाने वाले गोला-बारूद की गुणवत्ता और मात्रा में कमी पर ध्यान दिलाया गया, लेकिन इस दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है. उत्पादन लक्ष्य पूरा करने में भी कमी कायम रही.
गोला-बारूद डिपो की सुरक्षा पहलू पर भी रिपोर्ट में कहा गया है कि दमकलकर्मियों और उपकरणों की कमी से हादसे का खतरा बना रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी में सेना के गोला-बारूद प्रबंधन का फॉलोअप ऑडिट किया गया. बताया गया है कि ऑपरेशन की अवधि की जरूरतों के हिसाब से सेना में वॉर वेस्टेज रिजर्व रखा जाता है. हालांकि गोलाबारूद की इस चिंताजनक कमी को दूर करने के लिए सरकार ने हाल ही में सेन्या उपप्रमुख के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए हैं, ताकि तेजी से गोलाबारूद की खरीदारी की सके.
स्कूल के टॉयलेट में छात्रा ने दिया बच्ची को जन्म, पड़ोसी करता था रेप
नई दिल्ली। दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में 10वीं की छात्रा ने बच्ची को जन्म दिया तो सबके होश उड़ गए. बाद में पता चला कि वह रेप की शिकार हो रही थी. आरोपी पड़ोस में रहने वाला 51 साल का ऑटो चालक निकला. उसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.
शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह किशोरी का 4-5 बार यौन शोषण कर चुका था. किशोरी को अपने चंगुल में रखने के लिए रुपयों का लालच देता था. लड़की को शुरू में अपने प्रेग्नेंट होने का पता नहीं चला. जब पेट फूलने लगा तो आरोपी ने उसे बच्चा गिराने की दवा खिला दी, जिसके असर से उसे स्कूल में प्री-मच्योर डिलिवरी (26 सप्ताह) हो गई.
पुलिस ने कहा कि सबसे हैरानी की बात यह कि बच्ची के परिजनों को भी उसके प्रेग्नेंट होने का अंदाजा नहीं लगा. उन्हें लग रहा था कि किसी बीमारी या गैस की वजह से किशोरी का पेट फूल रहा है. स्कूल से उसकी डिलिवरी की खबर मिली तो वह भी हैरान रह गए. नाबालिग मां और नवजात शिशु एक सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं. फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी मिलिंद डुंबरे ने घटनाक्रम की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि पुलिस को अस्पताल से मामले की सूचना मिली थी. अस्पताल में होश आने के बाद किशोरी ने जो बताया, उससे आरोपी ऑटो वाले की करतूत का खुलासा हुआ. आरोपी की फौरन धर-पकड़ के लिए एसीपी हुक्माराम के सुपरविजन में पुलिस टीम बनाई गई. किशोरी की स्कूल में डिलीवरी और पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी घर से फरार हो गया था, जिसे इंस्पेक्टर अनिल चौहान व एसआई प्रियंका की टीम ने कल अरेस्ट कर लिया. उसकी पहचान 51 साल के अब्दुल गफ्फार के तौर पर हुई.
किशोरी ने 20 जुलाई को स्कूल के बाथरूम में बच्ची को जन्म दिया था. बताया जा रहा है कि उस रोज स्कूल में किशोरी का कंपार्टमेंट का एग्जाम था. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी किशोरी की नादानी का फायदा उठा रहा था. उसे यौन शोषण के बाद कभी 500 तो कभी 800 रुपये देता था, ताकि वह लालच के चलते उसके चंगुल में फंसी रहे. इस तरह चार-पांच बार रेप कर चुका था. किशोरी ने जब उसे पेट फूला होने और दर्द के बारे में बताया तो उसने उसे गर्भपात की दवा खिला दी. इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और स्कूल में ही उसकी डिलिवरी हो गई.


