आतंकी हमले में 276 लोगों की मौत और 300 घायल

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सोमालिया

मोगादिशू। सोमालिया की राजधानी मोगादिशू में शक्तिशाली विस्फोट में 276 लोग मारे गए हैं. धमाके में 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं. देश के सूचना मंत्री ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी. धमाकों में मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय नागरिकों ने इसे अब तक का सबसे शक्तिशाली विस्फोट बताया है.

पुलिस कैप्टन मोहम्मद हुसैन ने बताया कि इस विस्फोट को होडान जिले के एक व्यस्त मार्ग पर स्थित होटल को निशाना बनाया गया. धमाके 276 लोगों की मौत हो गई और 300 लोग घायल हो गए हैं. सुरक्षाबलों ने संदेह होने पर इस ट्रक का पीछा करना शुरु किया था.

सोमालियाई नेता अब्दीरहमान उस्‍मान ने अपने ट्वीट में इस हमले को ‘बर्बर’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि तुर्की और केन्या सहित कई देशों ने मेडिकल सहायता की पेशकेश की है. शनिवार को विदेश मंत्रालय समेत महत्वपूर्ण मंत्रालयों के पास व्यस्त चौराहे को निशाना बनाकर किये गए ट्रक बम विस्फोट के बाद अस्पतालों में भारी भीड़ लग गई है.

घटना के विरोध में रविवार को विस्फोट की जगह पर बड़ी संख्या में गुस्साए लोग जमा हुए. सोमालिया सरकार ने हमले को ‘राष्ट्रीय आपदा’ करार देते हुए अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन अल-शबाब को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है.

अफ्रीका का यह घातक आतंकी संगठन इससे पहले भी कई बार मोगादिशू के महत्वपूर्ण इलाकों को अपना निशाना बना चुका है. हालांकि इस हमले को लेकर उसने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है. ट्रंप प्रशासन और नवनिर्वाचित सोमालियाई राष्ट्रपति ने इस साल के शुरू में अल-शबाब के खिलाफ सैनिक कार्रवाई तेज करने की घोषणा की थी. जिसके बाद अल-शबाब ने अपने हमले तेज करने की धमकी दी थी.

दिवाली से पहले थोक महंगाई दर में कमी; फिर भी महंगे हुए प्याज़, अंडे और मीट

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थोक महंगाई में लगातार दो माह की तेजी के बाद पहली गिरावट दर्ज की गयी है. अगस्त में यह चार महीने के उच्चतम स्तर 3.24 प्रतिशत पर रही थी. इससे पहले जुलाई में यह 1.88 प्रतिशत रही थी. पिछले साल सितंबर में थोक महंगाई दर 1.36 प्रतिशत दर्ज की गयी थी. सरकार द्वारा आज यहां जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सितंबर की तुलना में इस साल सितंबर में खाद्य पदार्थो के दाम 2.04 प्रतिशत की मामूली दर से बढ़े हैं. इस श्रेणी में महंगाई दर कम रहने का मुख्य कारण दालों के दाम एक साल पहले की तुलना में 24.26 प्रतिशत और आलू के 46.52 प्रतिशत घटना रहा है. गेहूँ की कीमतों में 1.71 प्रतिशत और मोटे अनाजों में 0.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी. सितंबर में थोक महंगाई दर कम होने में सब्जियों के दाम में आई कमी ने सहारा दिया है. महीने दर महीने आधार पर सितंबर में खाने पीने की चीजों की थोक महंगाई दर 1.99 पर आ गई है. इससे पहले महीने यह 4.41 फीसदी पर थी. सितंबर 2017 में फूड आर्टि‍ल्‍स की थोक महंगाई दर गिरकर 2.04 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 5.75 फीसदी थी. थोक महंगाई दर में फूड इन्‍फ्लेशन की हिस्‍सेदारी 15.26 फीसदी है. सितंबर में सब्जियों के दाम गिरे हैं. सब्जियों की थोक महंगाई गिरकर 15.48 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 44.91 फीसदी पर थी. फलों की थोक महंगाई भी पिछले महीने गिरकर 2.93 फीसदी पर आ गई जो अगस्‍त में 7.35 फीसदी थी.

हालांकि प्‍याज के दामों में सितंबर में राहत नहीं दिखी. सितंबर महीने में प्‍याज के दाम 79.78 फीसदी के स्‍तर पर पहुंच गए. वहीं, अंडे, मीट और मछलियों के दाम 5.47 फीसदी के स्‍तर पर रहे. अंडा,मीट,मछली के दाम बढ़े सितंबर में प्रोटीन प्रोडक्‍ट्स अंडा, मीट और मछली की थोक महंगाई बढ़ी है. सितंबर में इसकी महंगाई दर 5.47 फीसदी रही, जो अगस्‍त में 3.93 फीसदी थी. मिनरल्‍स की महंगाई में गि‍रावट दर्ज की गई है. पिछले महीने मिनरल्‍स की थोक महंगाई दर -7.73 फीसदी दर्ज की गई, जून में यह आंकड़ा 24.84 फीसदी पर था. आलू, दाल और गेहूं की थोक महंगाई सितंबर में भी शून्‍य से नीचे बनी रही. यह क्रमश: -46.52 फीसदी, -24.26 और -1.71 फीसदी दर्ज की गई.

सिलेंडर ब्लास्ट में 6 की मौत, हादसे में बची मासूम को गोद लेगी सरकार

कर्नाटक

बेंगलुरु। बेंगलुरु में सोमवार सुबह हुए एक सिलेंडर ब्लास्ट में छह लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद राहत और बचाव का काम जारी है. बचाव दल ने मकान के मलबे से एक बच्ची सुरक्षित बाहर निकाला है लेकिन बच्ची के मां-बाप की हादसे में मौत हो गई है.

बेंगलुरु के विकास मंत्री के जी जॉर्ज ने कहा है कि इस हादसे में मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये दिए जाएंगे. मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार उस बच्ची को गोद लेगी जिसने इस हादसे में अपने परिजनों को खो दिया है. उन्होंने कहा है कि बच्ची के परवरिश का खर्च अब सरकार उठाएगी.

इससे पहले गृहमंत्री रामालिंगा रेड्डी ने कहा है कि इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से पांच लोग इसी बिल्डिंग में रहते थे और एक पड़ोसी था. रेड्डी ने कहा कि बिल्डिंग के ग्राउंड और फर्स्‍ट फ्लोर पर रखे सिलेंडरों में गैस नहीं थी, इसलिए यह संभावना नहीं है कि विस्फोट के कारण इमारत ढही.

दमकल विभाग एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने मलबे से लोगों के शव बरामद किए. मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल थीं. दो मृतकों की पहचान कलावती (68) और रविचंद्रन (30) के तौर पर हुई है. पुलिस ने बताया कि मलबे से दो बच्चों को जीवित निकाला गया, जिनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

ये हादसा बेंगलुरु के इजीपुरा इलाके में हुआ है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सिलेंडर विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास के कई घर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. वहीं इस हादसे के बाद से राहत बचाव का काम जारी है और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

मौके पर पुलिसकर्मियों का कहना है कि मकान के मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लिया जा रहा है और घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जमीनी विवाद में निहंगों ने की दलित की हत्या, एक दर्जन से ज्यादा घायल

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संगरूर। पंजाब के संगरूर जिले के शाहपुरकलां गांव में जमीनी विवाद को लेकर निहंगो (हथियार रखने वाले सिख, इन्हें अकाली भी कहा जाता है.) और दलित समुदाय में हुई हिंसक झड़प में एक दलित की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए हैं. गंभीर रूप से घायल सभी लोगों को सुनाम के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इस घटना के बाद गांव में तनाव है. पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है.

जानकारी के मुताबिक, संगरूर जिले के शाहपुरकलां गांव में कुछ पंचायती जमीन का पिछले लंबे समय से निहंगो और दलितों में विवाद चल रहा था. आज इस विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब गांव के दलित निहंगो से जमीन का अपना बनता हिस्सा लेने के लिए उनके साथ बात करने गए. लेकिन इसी दौरान माहौल बिगड़ गया.

बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो गई. इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से धारदार हथियारों का प्रयोग किया गया. इसके चलते एक व्यक्ति तेजा सिंह की तो मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन लोग जख्मी हो गए. घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं. सभी घायलों को सुनाम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल पैदा हो गया है. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस बल पहुंच कर स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पिछले लंबे समय से गांव की जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था, लेकिन आज जब निहंगो से कब्जा लेने के लिए दलित आए तो दोनों पक्षों में झड़प हो गई.

भाजपा के खिलाफ प्रचार करेगी बर्खास्त दलित IAS

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shashi karnawat

भोपाल। सतना जिले के चित्रकूट में उपचुनाव होने वाले हैं. इस उपचुनावमें एक बर्खास्त दलित महिला आईएस ऑफिसर शशि कर्णावत शिवराज सरकार के खिलाफ प्रचार करेंगी.

कर्णावत, शिवराज सिंह के लिए आने वाले चुनाव में तनाव का कारण बन सकती हैं. बर्खास्त आईएएस शशि कर्णावत ने शिवराज सरकार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चाबंदी करना शुरू कर दिया है. वह कहती हैं कि जो पार्टी मेरी अच्छाइयों और बुराइयों के साथ मुझे स्वीकार करेगी वह उसी के साथ काम करेंगी.

शशि कर्णावत ने कहा कि चित्रकूट विधानसभा के उपचुनाव के दौरान भाजपा, खासकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रचार करेंगी. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस राजनीतिक पार्टी का समर्थन करेंगी. उन्होंने कहा कि प्रत्याशी की घोषणा के बाद तय करेंगे की किसका समर्थन करना है.

शशि ने कहा कि मैं पहली दलित महिला आईएएस हूं, जिसे सरकार ने साजिश कर फंसाया है. शशि कर्णावत के बर्खास्त होने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा था कि वह बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर सकती हैं लेकिन शशि ने साफ कर दिया है कि वह अभी फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी में नहीं जा रही हैं. लेकिन भाजपा के खिलाफ वह जरूर चुनाव प्रचार करेंगी.

जाट लड़कियों ने दलित को पीटा, इलाके में भारी तनाव

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मुजफ्फर नगर

मुज़फ्फरनगर। यूपी के मुजफ्फरनगर के एक गांव में दलित-जाट समुदाय के बीच तनातनी हो गई है. गांव में जाट समुदाय की 4 लड़कियों ने एक दलित लड़की की पिटाई कर दी, जिससे इलाके में तनाव फैल गया. घटना के बाद गांव में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और तनाव कम करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है.

दरअसल, मामला मुज़फ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मुस्तफाबाद पचेंडा स्थित जनता इंटर कॉलेज का है. यहां एक हफ्ता पहले कुछ छात्राओं के बीच मामूली बात को लेकर झगड़ा हो गया था. जिसके बाद, 13 अक्टूबर को कुछ जाट छात्राओं ने कॉलेज में दलित समाज की एक छात्रा की पिटाई कर दी थी. इसमें दलित छात्रा को चोटें भी आईं. इसे लेकर पीड़ित छात्रा की ओर से नई मंडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था.

पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न होने पर, नाराज होकर दलित परिवार ने जिलाधिकारी कार्यालय की पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने लगे. इसकी सूचना पर सर्किल ऑफिसर(सीओ) राजीव कुमार गौतम भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. यहां वे पीड़ितां के परिवार और समर्थन में आए लोगों को यह समझाने में जुट गए कि आरोपी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है और जल्द ही इसमें कार्रवाई की जाएगी.

सीओ राजीव कुमार ने बताया कि पीड़िता के पिता अजय सिंह ने आरोपी लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जो जाट समुदाय की हैं. ये सभी लड़कियां बारहवीं कक्षा की छात्रा हैं.

बाबर-अकबर की कलंक कथा को इतिहास से निकाल रही है भाजपा: संगीत सोम

Sangeet som

मेरठ। भाजपा विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को लेकर का एक विवादित बयान दिया है. ताजमहल को उन्होंने भारतीय संस्कृति पर धब्बा बताया है. रविवार को उन्होंने कहा है कि ताज महल बनाने वाले ने उत्तर प्रदेश और हिंदुस्तान से सभी हिंदुओं का सर्वनाश करने का काम किया था. ऐसों का नाम अगर इतिहास में होगा तो वह बदला जाएगा.

संगीत सोम मेरठ के सिसौली गांव में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में ऐसी एक निशानी, जिसे नहीं कहना चाहिए. बहुत लोगों को बड़ा दर्द हुआ कि आगरा का ताजमहल ऐतिहासिक स्थलों में से निकाल दिया गया. कैसा इतिहास, कहां का इतिहास, कौन सा इतिहास? क्या वह इतिहास कि ताज महल बनाने वाले ने अपने बाप को कैद किया था? क्या वह इतिहास कि ताजमहल बनाने वाले ने उत्तर प्रदेश और हिंदुस्तान से सभी हिंदुओं का सर्वनाश करने का काम किया था? ऐसे लोगों का नाम अगर आज भी इतिहास में होगा, तो यह दुर्भाग्य की बात है और मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि इतिहास बदला जाएगा.”

सोम ने कहा कि ये कैसा इतिहास, किस काम का इतिहास जिस में अपने पिता को ही कैद कर डाला था. इन लोगों ने हिंदुस्तान में हिन्दुओं का सर्वनाश किया था. संगीत सोम बोले कि अब भाजपा सरकार देश के इतिहास से बाबर, अकबर और औरंगजेब की कलंक कथा को इतिहास से निकालने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि देश का इतिहास अब तक बिगड़ा हुआ था उसे सुधारने का काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है. यहां एक तरफ भगवान शिव, भगवान राम और भगवान कृष्ण का अवतार हुआ तो दुर्भाग्य से यहां बाबर और अकबर का अवतार भी हुआ.

राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने बीते दिनों ऐतिहासिक धरोहरों और स्थलों की एक सूची जारी की थी, जिसमें आगरा के ताजमहल का नाम नहीं था. बाद में सरकारी की उस पर सफाई आई थी कि वह गलती से उस सूची में शामिल किए जाने से रह गया था. राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया पर योगी सरकार की इस बाबत खूब आलोचना हुई थी.

दलित सांसद धरने पर बैठा, भाजपा ने गाय के गोबर और गंगाजल से किया शुद्धिकरण

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शुद्धिकरण

नई दिल्ली। समाज की पुरानी और दकियानूसी सोच को बदलने का जिम्मा नेताओं पर ही होता है. लेकिन जब देश को चलाने वाले नेता की सोच मे ही गरीबी हो तो समाज का भला क्या होगा. पिछले दिनों जिस तरह से केरल में भाजपा नेताओं ने हरकत की है वो वाकई समाज को शर्मसार कर देने वाली है.

दरअसल, स्थानीय नेता राजेश्वरी राजेंद्रन के नेतृत्व में भाजपा महिला मोर्चा की एक कार्यकर्ता ने गाय के गोबर और गंगाजल से कोलम जिले के कोट्टाराक्कारा की एक जगह का शुद्धिकरण किया. इस जगह पर कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने 24 घंटे की भूख हड़ताल की थी. 11 अक्टूबर को सुरेश ने यह भूख हड़ताल रेलवे गेज-रूपांतरण परियोजना में देरी होने के कारण किया था. कोडिकुनिल सुरेश एक दलित सासंद हैं.

कांग्रेस की कोट्टाराक्कारा यूनिट ने इस घटना के एक दिन बाद 12 अक्टूबर को अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया है. लगातार छह बार लोकसभा सांसद रहने वाले सुरेश लॉ ग्रेजुएट हैं और 1980 के दशक में यूथ कांग्रेस के नेता बने. वह विरोध स्थल से लगभग 50 किलोमीटर दूर मवेलिककर सीट से सांसद हैं.

कोट्टाराक्कारा के एक कांग्रेसी पार्षद नेल्सन थोमस ने कहा कि पार्टी दलित नेता के खिलाफ ऐसे “अत्याचार” को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने आगे कहा कि यह भाजपा की जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के “शुद्धिकरण” के खिलाफ भूख हड़ताल वाली जगह पर दूध छिड़क दिया. थोमस ने कहा कि दूध शुद्धता का प्रतीक है, गोबर नहीं. हमारे विरोध का मतलब है कि भाजपा की जातिवादी राजनीति केरल में काम न करे.

थोमस ने कहा कि सुरेश केवल कोल्लम-चेनगोट्टई रेलवे लिंक परियोजना में देरी होने का विरोध कर रहे थे. उनकी मांग थी कि परियोजना बिना किसी देरी के पूरी की जाए जिससे की स्थानीय लोगों की यात्रा में सुविधा हो सकें.

राज्य कांग्रेस के महासचिव जोसेफ वाखक्कन ने कहा है कि भाजपा की नीति “दलितों और निचले तबको के खिलाफ है.” यह एक सम्मानित दलित नेता पर हमला है. जिसे लोगों ने कई बार चुना है. हम इस मुद्दे को उच्च स्तर पर लेकर जाएंगे.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंडलम सुधाकरन ने कहा कि यह घटना भाजपा की सांस्कृतिक मानसिकता को दर्शाता है. सुधाकरन ने राज्य सरकार से भाजपा महिला मोर्चा के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की हैं. उन्होंने कहा कि यह दलित समुदाय को अपमानित करने और संसद का अपमान करने जैसा ही है. सुरेश एक लोकसभा सांसद है.

भाजपा ने “शुद्धिकरण” से इंकार नहीं किया है लेकिन सांसद सुरेश को ही आरोपी बनाया. कोल्लम भाजपा अध्यक्ष जी गोपीनाथ ने कहा कि वह (सुरेश) एनडीए सरकार द्वारा केरल और जिले को देने वाले अनुदान से बनने वाली परियोजना का श्रेय लेना चाहते हैं. सुरेश अक्सर विरोध प्रदर्शन शुरू करते हैं और परियोजनाओं के लिए श्रेय लेते हैं.

अब आप ही सोचिए एक दलित सांसद के साथ भाजपा इस तरह के जातिगत भेदभाव कर सकती है तो आम दलित लोगों के प्रति उनका क्या रवैया होता होगा?

 

मुझे लगा कि सोनिया गांधी मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति और मुझे पीएम बनाएंगी: प्रणब मुखर्जी

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मनमोहन सिंह

नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी नई किताब में यूपीए दौर के कई राज से पर्दा उठाया है. अपनी नई किताब ‘कोएलिशन ईयर्स (1996-2012)’ में प्रणब मुखर्जी ने 2012 के राष्‍ट्रपति चुनाव से पहले के वाकये का जिक्र करते हुए लिखा कि दो जून, 2012 को वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के लिए गए. उस वक्‍त राष्‍ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी थीं. मीटिंग के दौरान सोनिया गांधी ने कहा, ”प्रणबजी आप इस पद के लिए सबसे योग्य शख्स हैं लेकिन आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकार चलाने में आपकी भूमिका बेहद अहम है. लिहाजा कोई वैकल्पिक नाम सुझाएं?”

प्रणब मुखर्जी ने लिखा, ”मीटिंग खत्म होने के बाद मुझे लगा कि सोनिया गांधी यूपीए के राष्‍ट्रपति पद के प्रत्‍याशी के लिए मनमोहन सिंह के नाम पर विचार कर रही हैं. मैंने सोचा कि यदि मनमोहन सिंह को राष्‍ट्रपति बनाया जाएगा तो वह मुझे प्रधानमंत्री पद के लिए चुन सकती हैं. मैंने इस बारे में भी चर्चा सुनी कि कौशांबी पहाड़ियों में छुट्टियां बिताने के दौरान भी उन्होंने इस विचार पर मंथन किया.”

एक घटना में उन्‍होंने मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के बाद मनमोहन सिंह से विदेश मंत्री के रूप में अपनी मुलाकात का जिक्र अपनी किताब में करते हुए लिखा है, ”मैं जब मनमोहन सिंह से मिलने उनके ऑफिस पहुंचा तो उन्‍होंने बताया कि शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के पद से इस्‍तीफा दे दिया और सोनिया गांधी ने सुझाव दिया है कि मुझे इस पद भार को संभाल लेना चाहिए. मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि उन्‍होंने सोनिया गांधी से ऐसा नहीं करने को कहा है क्‍योंकि मैं विदेश मंत्री के रूप में पहले ही उस घटना के बाद युद्ध जैसे हालात को संभाल रहा था. लिहाजा ऐसे में इस पद को छोड़ना मेरे लिए मुनासिब नहीं था. फिर यह तय किया गया कि पी चिदंबरम को गृह मंत्रालय की जिम्‍मेदारी दी जाए.”

शुक्रवार को इस प्रणब मुखर्जी की पुस्‍तक के प्रकाशित होने के मौके पर मौजूद पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने वर्ष 2004 में अपने प्रधानमंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुना और ”प्रणबजी मेरे बहुत ही प्रतिष्ठित सहयोगी थे.” उन्होंने कहा, ”इनके (मुखर्जी के) पास यह शिकायत करने के सभी कारण थे कि मेरे प्रधानमंत्री बनने की तुलना में वह इस पद (प्रधानमंत्री) के लिए अधिक योग्य हैं. पर वह इस बात को भी अच्छी तरह से जानते थे कि मेरे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था.”

DM की कुर्सी पर बैठे भाजपा मंत्री, सोशल मीडिया पर हुई फजीहत

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bihar

पटना। सत्ता का नशा जब सर चढ़ कर बोलता है तो हमारे मंत्री जी अजीबोगरीब हकरत करने लगते हैं. कुछ इसी तरह की हरकतें करते दिखें बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा. जो भाजपा कोटे से श्रम मंत्री बनाए गए हैं. दरअसल मंत्री बनने के बाद वे पहली बार शेखपुरा के डीएम ऑफिस में पहुंचे थे. जहां पर डीएम साहब मंत्री के स्वागत के लिए कुछ सामान मंगवाने बाहर निकल गए. मौका देखकर मंत्री जी तपाक से डीएम साहब की कुर्सी पर बैठ गए. और खुद डीएम दरबार लगाते दिखे.

अब मंत्री जी के इस हरकत से उनका कुछ ज्यादा ही छीछालेदर हो रहा है. क्योकि उनके सर्मथकों ने भी मौके का फायदा उठाते हुए तपाक से मंत्री की तस्वीर ले ली थी. और फेसबुक पर पोस्ट कर दिया था. अब जिस तरह से सोशल मीडिया पर मंत्री फोटो वायरल हो रही है. उनके लिए सफाई देने के आलावा और कोई चारा नहीं दिख रहा है. उन्होंने अपनी सफाई भी दी तो बचकाना तरीके से. उनका कहना था कि कि डीएम साहब जाने से पहले ये बता कर नहीं गए थे कि उन्हें कहां बैठना है

दूसरी तरफ आरजेडी के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मंत्री जी पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है, “हारे हुए लोगों को सता मिली है तो सिर चकराया हुआ है. बिहार में इनका इतना मन बढ़ा हुआ है कि राज्यपाल से मिलेंगे तो उनकी कुर्सी पर भी बैठ जायेंगे.”

गुजरात में दलितों की चमड़ी उधेड़ी जाएगी, तो पागल ही होगा विकास: कांग्रेस

गुजरात के विकास मॉडल को देश का सबसे आधुनिक मॉडल माना जाता है. इसी गुजरात मॉडल का प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया है. लेकिन अब गुजरात चुनाव के मद्देनजर विकास के इसी गुजरात मॉडल पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ना केवल सवाल बल्कि कांग्रेस पार्टी तो यहां तक कह रही है कि गुजरात में विकास पागल हो गया है. बीजेपी के तमाम मंत्री और नेता राहुल गांधी की ओर से विकास पर दिए बयान को गुजरात की जनता का अपमान बता रहे हैं लेकिन फिर भी कांग्रेस पार्टी अपने नेता के बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच विकास के इसी मॉडल को लेकर ‘आजतक’ के कार्यक्रम पंचायत आजतक में तीखी बहस हुई.

विकास के पागल होने को लेकर अपने नेता राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि हमें जुमलों से आगे बढ़कर अब जिम्मेदारी तय करनी होगी. उन्होंने कहा कि जब सूरत के व्यापारियों पर बीजेपी सरकार में लाठी चार्ज होता है तो विकास पगलाएगा ही. उन्होंने कहा कि जब गुजरात में पटेल समुदाए के लोगों पर 12 हजार मुकदमे दर्ज होंगे और पुलिस घर में घुसकर महिलाओं-बुजुर्गों पर डंडे बरसाएगी तो विकास पगला ही जाएगा.

कांग्रेस प्रवक्ता यहीं नहीं रुके, सुरजेवाला ने विकास के पागल हो जाने के और भी उदाहरण भी पेश किए. उन्होंने कहा कि जब उना में दलित साथियों की चमड़ी उधेड़ दी जाएगी तो विकास पगलाएगा ही. उन्होंने कहा कि सूबे के नौजवानों को अस्थाई नौकरी पर रखा जाएगा और पूरी सैलरी भी नहीं दी जाएगी तो विकास पागल ही होगा. युवाओं रो नौकरी नहीं मिलेगी और वो इधर-उधर भटकेगा तो विकास पगलाएगा ही.

सरकार आंकड़ों का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात विकास के तमाम मापदंडों में लगातार नीचे खिसक रहा है. मानव विकास सूचकांक से लेकर, शिक्षा, शिशु मृ्त्यु दर, कुपोषण जैसे तमाम उदाहरण में गुजरात फिसलता जा रहा है तो विकास का पागल हो जाना तय है. केंद्र सरकार में मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुरजेवाला के आरोपों को जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एक सामाजिक मुद्दे पर राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार हर मामले में दखल देकर सुधार की कोशिशों में जुटी है. निर्मला ने कहा कि अगर हमारे विकास का मॉडल ठीक नहीं है तो कांग्रेस की जहां सरकार है वहां के मॉडल के बारे में हमें बताती क्यों नहीं.

बिग बॉस 11′ के आकाश का झूठ पकड़ा गया, विशाल ददलानी को बताया था भाई

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‘बिग बॉस 11’ के कंटेस्‍टेंट आकाश ददलानी ने खुद को जानेमाने म्‍यूजिक डायरेक्‍टर विशाल ददलानी का रिश्‍तेदार बताया था. विशाल ददलानी से जुड़ी कई बातें आकाश घरवालों को बता चुके हैं. आकाश एक रैपर हैं और वे जब इस शो में आये थे तो उन्‍होंने खुद को म्‍यूजिक लवर बताया था. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि विशाल ददलानी आज तक आकाश से कभी मिले ही नहीं है.

ऐसा सुनने में आया था कि आकाश ने खुद को विशाल के मृत भाई का बेटा बताया था. इसे लेकर आकाश ने ट्वीट कर बताया है कि वो आकाश को नहीं जानते और न ही वे उनके रिश्‍तेदार हैं. विशाल ने लिखा,’ बिग बॉस के अंदर कोई व्‍यक्ति है जो मुझे अपना रिश्‍तेदार बता रहे हैं. मैंने इसे चेक किया और पता चला कि वे काफी दूर के रिश्‍तेदार है. मैं उन्‍हें नहीं जानता.’ उन्‍होंने आगे लिखा,’ उन्‍होंने मुझे टेक्‍स्‍ट भी किया था और वह काम मांग रहे थे. उन्‍होंने कई बार मुझसे इस बारे में बात भी करने की कोशिश की. लेकिन सिर्फ सरनेम एक सा होने से काम नहीं मिलता. अगर वह मेरे पिता ‘मरे हुए भाई’ (जैसा वह कहते हैं) होते भी तो मैं उन्‍हें काम नहीं देता.’

म्‍यूजिक डायरेक्‍टर ने लिखा,’ उन्‍हें मेहनत के दम पर यहां आना होगा और अपने लिए खुद जगह बनानी होगी. मैं आपको बता दूं कि मेरा कोई भाई नहीं है. यह क्लियर है कि मैं इन्‍हें नहीं जानता.’ बता दें कि इस सीजन का दूसरा ऐसा मामला है जब किसी सदस्‍य ने अपनी गलत पहचान बनाई हो. इससे पहले जुबैर खान ने खुद को अंडरवर्ल्‍ड दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर का दामाद बताया था. लेकिन बाद में ऐसा खुलासा हुआ कि वे उनके रिश्‍तेदार नहीं हैं. सलमान खान ने भी उन्‍हें झूठी पहचान बताने के लिए खूब खरी-खोटी सुनाई थी.

पुलवामा में सुरक्षा बलों ने लश्कर के 2 आतंकी किए ढेर

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पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को मार गिराया. मुठभेड़ के दौरान एक आम नागरिक की भी मौत हो गई और एक जख्मी हो गया. मारे गए दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे.

सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों को पुलवामा के लस्सीपोरा के एक घर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने उस घर को घेर लिया और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी. खुद को घिरता देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी जिसकी जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी ढेर हो गए.

मारे गए दोनो आतंकियों की पहचान वसीम शाह और नशीर के तौर पर हुई.आपकों बता दें कि दोनों आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी थे जिसमें से एक A++ कैटेगरी का और दूसरा B कैटेगरी का था. जानकारी के अनुसार लश्कर कमांडर वसीम शाह जो आतंकी संगठन के लिए युवाओं की भर्तियां करता था.

ऑपरेशन के दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने जवानों पर पथराव भी किया. आतंकियों के पास से एक AK-47, एक AK-56 और छह मैगजीन मिली हैं. आईजी मुनीर खान ने बताया कि उनको वहां दो आतंकियों के छिपे होने की जानकारी थी इस वजह से पुलिस, आर्मी और सीआरपीएफ ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया था.

आईजी मुनीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के दोनों आतंकियों के मारे जाने का पुष्टि करते हुए बताया कि आतंकी वसीम शाह को उर्फ अबू उसामा का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है क्योंकि वो लगातार आतंकी गतिविधियों में संलिप्त रहता था और घाटी के युवाओं को आतंकी सगंठन में शामिल करवाने का काम करता था. वसीम शाह के उपर 7 एफआईआर दर्ज थी.

वसीम शाह का मारा जाना लश्कर के लिए एक बड़ा झटका है. उन्होंने सुरक्षा बलों को इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई दी और कहा कि ये सुरक्षाबलों की तत्परता का ही परिणाम है कि आतंकियों के हमलें के कई प्रयासों को विफल कर दिया और सीमा पर घुसपैठ के प्रयासों के दौरान करीब 70 आतंकवादी मार गिराए.