मुसलमानों के खिलाफ नियम बनाने वाली संस्था है संसदः औवेसी

नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से अपने भड़काऊ बयान से देश की विधायिका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया है.

अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आज मुल्क के सेकुलर लोग कहां हैं. अखलाक को मारा गया, नोमान को मारा गया, जुनैद को मारा गया…टोपी पहनना गुनाह है क्या? मुसलमान होना गुनाह है क्या? ओ विश्व हिंदू परिषद वालों, आरएसएस वालों, नरेंद्र मोदी सुन लो ये मुल्क किसी एक का नहीं. ये जितना तेरा है, मुल्क मेरा भी है. अगर हिंदू तिलक लगाकर घूम सकता है, तो मुसलमान भी टोपी पहन सकता है.

अकबरुद्दीन ओवैसी यहीं नहीं रुके. उन्होंने देश की विधायिका पर मुसलमानों के खिलाफ काम करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों की बर्बादी के कानून किसी चौक-चौराहे पर नहीं बल्कि संसद, विधानसभा जैसे सदनों में बनते हैं.

हो सकता है चीन-भारत युद्धः चाइनीज थिंकटैंक

China India conflict बीजिंग। सिक्किम सेक्टर में सीमा विवाद के चलते भारत और चीन के मध्य हो रही तनातनी के बीच चीनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बीजिंग पूरी प्रतिबद्धता से अपनी सम्प्रभुता की रक्षा करेगा, फिर चाहे उसे युद्ध ही क्यों न करना पड़े. चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा है कि हालात नहीं सुधरे तो दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो सकता है. डोका ला क्षेत्र में तीसरे सप्ताह भी गतिरोध जारी रहने के बीच चीन की सरकारी मीडिया और थिंकटैंक्स ने कहा, “यदि भारत और चीन के बीच विवाद को उचित ढंग से सुलझाया नहीं गया तो युद्ध संभव है.” दोनों देशों के बीच यह सबसे लंबा तनाव है. जम्मू-कश्मीर से लेकर अरणाचल प्रदेश तक चीन के साथ जुड़ी भारत की 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा का 220 किलोमीटर हिस्सा सिक्किम सेक्टर में ही पड़ता है. ‘शंघाई म्युनिसिपल सेन्टर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज’ में प्रोफेसर वांग देहुआ ने कहा, “चीन भी 1962 से बहुत अलग है.” वे रक्षा मंत्री अरुण जेटली के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2017 का भारत 1962 से बहुत अलग है. जेटली ने कहा था, “यदि वे हमें याद दिलाना चाहते हैं तो 1962 के हालात अलग थे और 2017 का भारत अलग है.” वांग का कहना है, “भारत 1962 से ही चीन को अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मानता आ रहा है, क्योंकि दोनों देशों में कई समानताएं हैं. उदाहरण के लिए दोनों ही बहुत बड़ी जनसंख्या वाले विकासशील देश हैं.” ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, “यदि भारत और चीन के बीच हालिया विवाद उचित ढंग से नहीं सुलझाया गया तो जंग के हालात पैदा हो सकते हैं, यह कहते हुए पर्यवेक्षकों ने रेखांकित किया कि चीन किसी भी सूरत में अपनी सम्प्रभुता और सीमा की रक्षा करेगा.” अखबार का कहना है, “1962 में, चीन ने भारत के साथ जंग की थी, क्योंकि वह चीन की सीमा में घुस आया था. इसके परिणाम स्वरूप चीन के 722 और भारत के 4,383 सैनिक मारे गये थे.” इसने कहा कि विशेषज्ञों ने दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए विवाद का हल निकालने को कहा है. अखबार के अनुसार, शंघाई इंस्टिट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्टडीज में सेन्टर फॉर एशिया-पैसिफिक स्टडीज के निदेशक जाओ गांचेंग ने कहा, “दोनों पक्षों को संघर्ष या युद्ध की जगह विकास पर ध्यान देना चाहिए.” उन्होंने कहा, “दोनों के बीच संघर्ष अन्य देशों को फायदा उठाने का अवसर दे सकता है, जैसे अमेरिका को.” वांग ने कहा, “भारत को चीन के प्रति अपना द्वेषपूर्ण रवैया छोड़ना चाहिए क्योंकि बेहतर संबंध दोनों पक्षों के लिए लाभप्रद हैं.” जाओ ने कहा, “भारत सीमावर्ती रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में चीन के साथ बराबरी करने की कोशिश कर रहा है.”

महिला को गर्भपात कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत

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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 26 सप्ताह की गर्भवती महिला को गर्भपात कराने की अनुमति आज यानि 3 जुलाई प्रदान कर दी क्योंकि उसके गर्भ में पल रहा भ्रूण दिल की गंभीर बीमारी से ग्रस्त है. जज दीपक मिश्रा और जज ए. एम खान्विलकर की खंडपीठ ने कहा कि इस महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण का तत्काल चिकित्सीय प्रक्रिया से कोलकाता स्थित एसएसकेएम अस्पताल में समापन किया जाना चाहिए.

कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड और एसएसकेएम अस्पताल की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद यह निर्देश दिया. रिपोर्ट में यह सलाह दी गयी थी कि गर्भ में पल रहे भ्रूण का समापन किया जाना चाहिए क्योंकि यदि गर्भावस्था जारी रखी गयी तो मां को गंभीर मानिसक आघात हो सकता है और बच्चे का यदि जन्म हुआ भी तो दिल की बीमारियों के लिये उसकी कई सर्जरी करनी पडे़गी.

पीठ ने कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मद्देनजर हम यह अनुरोध स्वीकार करते हैं और इस महिला के गर्भ का चिकित्सीय प्रक्रिया से समापन करने का निर्देश देते हैं. गर्भ में पल रहे बच्चे के गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होने की जानकारी मिलने के बाद इस महिला और उसके पति ने गर्भपात कराने की अनुमति के लिये उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था क्योंकि भ्रूण की विसंगति मां के लिये भी घातक हो सकती थी.

जातिवादी गुंडें नहीं उठने दे रहे थे दलित बेटी की बंदौली, लिया पुलिस का सहारा

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जयपुर। देश आजाद हुए 70 साल हो गए हैं लेकिन आज भी लोग आजाद नहीं है. लोग मानसिक गुलामी में जी रहे है. समाज में आज भी दलितों को घृणा की दृष्टि से देखा जा रहा है, ऐसा ही मामला खिंवाड़ा थाना क्षेत्र के गुड़ा दुर्जन गांव में सामने आया है.

दरअसल, गुड़ा दुर्जन गांव के निवासी ने पुलिस-प्रशासन को शिकायत की थी कि उनकी पुत्री की शादी 3 जुलाई को है. रविवार को पुत्री को घोड़ी पर बंदौली निकालने का गांव के कुछ जातिवादी लोग विरोध कर रहे हैं. एसपी दीपक भार्गव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ बाली गुलाबसिंह के साथ खिंवाड़ा थाना प्रभारी राजूराम चौधरी को पुलिस दल के साथ मौके पर भेजा.

गांव पहुंची पुलिस अफसरों ने दोनों पक्षों से काफी समझाइश की, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा में दुल्हन की बंदौली निकाली गई. तय कार्यक्रम के अनुसार दुल्हा सोमवार सुबह युवती के घर बरात आएगी और शादी का आयोजन होगा जिसको देखते हुए भी गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस को तैनात किया गया है.

GST: 32 रूपए महंगा हुआ घरेलू LPG सिलेंडर, कमर्शियल हुआ सस्ता

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नई दिल्ली। 1 जुलाई से देश भर में GST लागू हो चुका है और अब इसका असर आम आदमी पर दिखने लगा है. जीएसटी लागू होते ही घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं जिससे आम आदमी को बड़ा झटका लगा है. अब लोगों को एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए 32 रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे. दरअसल, ये दाम जीएसटी लागू होने और सब्सिडी में कटौती से बढ़ेंगे. नए दाम 1 जुलाई से लागू हो चुके हैं.

जानकारी के मुताबिक, जीएसटी के लागू होने से पहले कई राज्यों को एलपीजी के लिए टैक्स नहीं देना होता था, लेकिन कुछ राज्यों में इस पर 2-4 प्रतिशत का वैट लगता था. लेकिन अब क्योंकि एलपीजी को 5% के स्लैब में रखा गया है, तो इसकी कीमत में 12-15 रुपए की बढ़ौतरी हो रही है. कमर्शियल सिलेंडर हुआ सस्ता जून से सब्सिडी में कटौती का असर भी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. उदाहरण के तौर पर, जो ग्राहक सब्सिडी के पात्र हैं, उन्हें जून तक दी गई 119.85 रुपए की सब्सिडी में कटौती की गई है.

नई अधिसूचना के मुताबिक, अब सिर्फ 107 रुपए ही उनके बैंक खाते में आएंगे.’ इन दोनों का संयुक्त प्रभाव यह होगा कि हर सिलिंडर पर 32 रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे. अलग-अलग राज्यों की कीमत में अंतर होगा. जीएसटी के आने से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में 69 रुपए तक की कटौती हुई है. इससे पहले कमर्शियल सिलेंडर पर 22.5% तक का टैक्स लगता था, लेकिन अब इसे 18% स्लैब में रखा गया है जिसके कारण दाम घटे है.

भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को 95 रन से हराया

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डर्बी। एकता बिष्ट के पांच विकेट की बदौलत भारत ने आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के राउंड रॉबिन मैच में आज यहां पाकिस्तान को 95 रन से हराकर जीत की हैट्रिक बनाई. भारतीय टीम के 170 रन के साधारण से लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम एकता (18 रन पर पांच विकेट) की बलखाती गेंदों के सामने 48 .1 ओवर में मात्र 74 रन पर ढेर हो गई. तेज गेंदबाज मानसी जोशी ने दो जबकि झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने भी एक-एक विकेट चटकाया. पाकिस्तान की ओर से कप्तान सना मीर ने सर्वाधिक 29 रन बनाए. उनके अलावा सलामी बल्लेबाज नाहिदा खान (23) ही दोहरे अंक में पहुंच पाई. एकता को उनके प्रदर्शन के लिए प्‍लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया. इससे पहले भारतीय टीम नासरा संधू (26 रन पर चार विकेट) और सादिया यूसुफ (30 रन पर दो विकेट) की घातक स्पिन के सामने नौ विकेट पर 169 रन ही बना सकी. तेज गेंदबाज डायना बेग ने भी 28 रन देकर एक विकेट हासिल किया. भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज पूनम राउत ने सर्वाधिक 47 रन की पारी खेली जबकि दीप्ति शर्मा ने 28 रन बनाए. सुषमा वर्मा (33) और झूलन गोस्वामी (14) ने सातवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. भारत तीन मैचों में तीन जीत से छह अंक के साथ अंक तालिका में सबसे ऊपर है जबकि पाकिस्तान को अपने तीनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. भारतीय टीम के लक्ष्य का पीछा करने उतरे पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने आठवें ओवर में 14 रन तक ही चार विकेट गंवा दिए. एकता ने दूसरे ओवर में अपनी चौथी ही गेंद पर आयशा जफर (1) को रणआउट किया. नाहिदा हालांकि झूलन के अगले ओवर में भाग्यशाली रही जब दीप्ति शर्मा ने गली में उनका मुश्किल कैच टपका दिया. जावेरिया खान (4) ने झूलन पर पारी का पहला चौका जड़ा लेकिन एक गेंद बाद रणआउट हो गईं. उन्होंने डीआरएस का सहारा भी लिया लेकिन तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को सही करार दिया. एकता ने इसके बाद लगातार ओवरों में सिदरा नवाज (0) और इराम जावेद (0) को रणआउट करके पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ी. दीप्ति ने नैन अबीदी (5) को बोल्ड करके पाकिस्तान को पांचवां झटका दिया जबकि मानसी ने असमाविया इकबाल को विकेटकीपर सुषमा के हाथों कैच कराके टीम का स्कोर छह विकेट पर 26 रन किया. नाहिदा और कप्तान सना ने आठ ओवर से अधिक तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया. नाहिदा इसके बाद हरमनप्रीत की गेंद को सुषमा के हाथों में खेल गई. उन्होंने 62 गेंद में तीन चौकों की मदद से 23 रन बनाए. सना ने एकता पर चौके के साथ 27वें ओवर में टीम के 50 रन पूरे किए लेकिन बायें हाथ की इस स्पिनर ने अगले ओवर में नासरा (1) और डायना (0) को लगातार गेंदों पर पेवेलियन भेजा. सना और सादिया (नाबाद 3) ने नौ ओवर से अधिक समय तक पाकिस्तान की हार को टाला लेकिन मानसी ने विरोधी कप्तान को बोल्ड करके भारत को जीत दिला दी. इससे पहले, मैच में बल्‍लेबाजी करते हुए मैच में भारत की शुरुआत खराब और बेहद धीमी रही टीम का स्कोर जब सात रन था तभी चौथे ओवर की तीसरी गेंद पर शानदार फॉर्म में चल रही मंधाना (2) पेवेलियन लौट गईं. पूनम और दीप्ति ने हालांकि विकेट पर अपने पैर जमाए लेकिन रनों की गति को बढ़ा नहीं सकीं. दोनों ने 18.5 ओवरों में 3.55 की औसत से सिर्फ 67 रन जोड़े. अर्धशतक से तीन रन दूर पूनम को संधु ने अपना शिकार बनाया और यहां से भारत के विकेट ताश के पत्तों की तरह गिरने लगे. कप्तान सिर्फ आठ रन ही बना सकीं. अंत में सुषमा और झूलन ने सातवें विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी कर टीम को इस स्कोर तक पहुंचाने में मदद की. मानशी जोशी चार रन और पूनम यादव छह रनों पर नाबाद लौटीं. पाकिस्तान की तरफ से नाशरा संधू ने सर्वाधिक चार विकेट लिए. सादिया युसूफ को दो सफलता मिलीं. डायना बेग और असमाविया इकबाल के हिस्से एक-एक विकेट आया.

चौथे वनडे में विंडीज ने भारत को 11 रनों से हराया

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नार्थ साउंड। चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रविवार (दो जुलाई) को वेस्‍टइंडीज की टीम ने भारत को 11 रन से हरा दिया और श्रृंखला में पहली जीत दर्ज कर ली. पहले खेलते हुए वेस्‍टइंडीज की टीम मात्र 189 रन पर ढेर हो गई, लेकिन गेंदबाजों की शानदार गेंदबाजी के दम पर मेजबान टीम ने भारत पर जोरदार जीत दर्ज कर ली. भारत की ओर से ओपनर अजिंक्य रहाणे ने 60 रन और महेंद्र सिंह धौनी ने 54 रन की पारी खेली. इन दोनों के अलावा सभी खिलाड़ी असफल रहे. कप्तान कोहली मात्र 3 रन बनाये.

इससे पहले उमेश यादव की अगुआई में गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन की बदौलत भारत ने को नौ विकेट पर 189 रन के स्कोर पर रोका. पिछले दो मैच गंवाकर श्रृंखला में 0-2 से पिछड़ रही वेस्टइंडीज की टीम करो या मरो के इस मुकाबले में उमेश (36 रन पर तीन विकेट), हादर्कि पंड्या (40 रन पर तीन विकेट), और कुलदीप यादव (31 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने कभी सहज स्थिति में नजर नहीं आई.

मेजबान टीम का कोई बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया. टीम की ओर से सलामी बल्लेबाजों एविन लुईस और काइल होप ने सर्वाधिक 35-35 रन बनाए जबकि शाई होप (25) और रोस्टन चेज :24: भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे. वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया जिसके बाद काइल और लुईस ने टीम को धीमी लेकिन ठोस शुरआत दिलाई. विश्व कप 2015 के बाद पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे मोहम्मद शमी (बिना विकेट के 33 रन) और उमेश की धारदार गेंदबाजी के सामने दोनों ने पहले 10 ओवर में 31 रन जोड़े. इस दौरान शमी ने दो जबकि उमेश ने एक ओवर मेडन फेंका. पहले 10 ओवर में सिर्फ दो चौके लगे जबकि लुईस ने उमेश पर एक छक्का भी मारा. वर्ष 2015 के बाद 40 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में यह सिर्फ तीसरा मौका है जब वेस्टइंडीज ने पहले 10 ओवर में कोई विकेट नहीं गंवाया. होप ने रविंद्र जडेजा के लगातार ओवरों में चौके मारे. उन्होंने पंड्या पर भी चौका जड़ा लेकिन अगली गेंद पर स्वीपर कवर में केदार जाधव को कैच दे बैठे. लुईस ने जडेजा पर जारी का दूसरा छक्का जड़ा. विराट कोहली ने इसके बाद गेंद कुलदीप को थमाई और बायें हाथ के इस चाइनामैन गेंदबाज ने लुईस को कप्तान के हाथों कैच करा दिया. वेस्टइंडीज के रनों का शतक 27वें ओवर में पूरा हुआ. कुलदीप ने पिछले मैच की तरह इस बार भी रोस्टन चेज को बोल्ड किया. जेसन मोहम्मद ने कुलदीप पर चौका जड़ा लेकिन पंड्या ने शाई होप को विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों कैच कराके वेस्टइंडीज को चौथा झटका दिया.

कप्तान जेसन होल्डर भी 10 गेंद में 11 रन बनाने के बाद उमेश की गेंद पर धौनी को कैच दे बैठे जिससे वेस्टइंडीज का स्कोर पांच विकेट पर 154 रन हो गया. उमेश ने रोवमैन पावेल (02) को जडेजा के हाथों कैच कराया जबकि जेसन मोहम्मद (20) अगले ओवर में पंड्या की गेंद पर तेज प्रहार करने की कोशिश में बैकवर्ड प्वाइंट पर जडेजा को ही कैच थमा बैठे. एश्ले नर्स (04) और देवेंद्र बिशू (15) ने कुछ समय विकेट पर बिताया लेकिन तेजी से रन बनाने में नाकाम रहे। उमेश ने नर्स को अपनी ही गेंद पर लपककर इस साझेदारी को तोड़ा. बिशू इसके बाद जडेजा से सटीक निशाने का शिकार बने. वेस्टइंडीज की टीम अंतिम 10 ओवर में सिर्फ 35 रन ही जोड़ सकी.

बुद्ध की आकृति वाला साबुन ले जा रहे 50 से ज्यादा दलितों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

jhansi dalit arrested

झांसी। गुजरात से लखनऊ जा रहे 50 से अधिक लोगों को झांसी रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल के साथ साबरमती एक्सप्रेस से उतार लिया गया है. उतारे गये सभी यात्री दलित समाज के बताये जा रहें हैं. उनका दोष इतना है कि वे तथागत बुद्ध की आकृति बना 125 किलो का साबुन लेकर यूपी के सीएम योगी को देने जा रहे थे. उनका कहना है कि कुशीनगर में सीएम योगी ने अपने अधिकारियों से दलितों को साबुन और सैम्पू बांटकर यह दर्शाने का प्रयास किया है कि दलित नहाते नहीं हैं. इसलिए वह उन्हें यह 125 किलों का साबुन देकर बताना चाहते है कि दलित नहाते है भी हैं और साफ-सुथरे भी रहते हैं.

रविवार की शाम अहमदाबाद से चलकर झांसी पहुंची साबरमती एक्सप्रेस को झांसी जनपद के भारी पुलिस बल ने अचानक घेर लिया. इसके बाद स्लीपर कोचों से तकरीबन 50 लोगों से अधिक को प्लेटफार्म पर उतार लिया गया. उतारे गये लोगों ने जब पुलिस से इसका कारण पूछने का प्रयास किया तो उन्हें बस यह कहते हुए नहीं बताया गया कि ऊपर से आदेश हैं इसलिए उन्हें यहीं पर उतारा गया है.

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प्लेटफार्म पर उतारे गये लोगों ने परेशान होकर वहीं बैठकर धरना शुरु कर दिया. जब धरना दे रहे लोगों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया वे सभी दलित समाज से हैं. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधिकारियों ने कुशीनगर में पहुंचकर दलित समाज के लोगों को साबुन और सैम्पू वितरण करते हुए कहा था कि यदि उन्हें सीएम योगी की सभा में आना है तो नहा धोकर आओ. इसका मतलब सीएम योगी यह दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं कि दलित नहाते नहीं हैं और वे गंदे रहते है. सीएम योगी के इस रवैये से दलित समाज के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है.

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी को बताने के लिए उन सभी ने निर्णय लिया और गुजरात में 125 किलों का भगवान बुद्ध की आकृति बना साबुन बनाया. इसके बाद उस साबुन लेकर वे उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सीएम योगी को देने के लिए जा रहे थे. जहां वे सीएम योगी को बताना चाहते है कि दलित साफ-सुधरे भी रहते हैं और मन के साफ भी हैं. वह इस साबुन को देकर सीएम योगी से कहना चाहते है कि वह अपने मन को साफ करें. केवल दलित और सभी समाज को एक साथ होने की बात कहकर ही सहानुभूति नहीं ली जाती है.

वहीं जैसे ही मीडिया को पुलिस प्रशासन ने आते देखा तो उनके हाथ-पैर फूल गये. इसके बाद पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में गुजरात से आये प्रर्दशनकारियों को स्टेशन से बाहर निकाला. इसके बाद उन्हें बस में भरकर माताटीला के गेस्ट हाउस में नजर बंद कर दिया. वहीं जब पुलिस अधिकारियों से उक्त लोगों को उतारे जाने का कारण जानने का प्रयास किया तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया.

साभारः झांसीटाइम्स

गुजरातः 12 शेरों से घिरी महिला ने दिया बच्चे को जन्म

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अहमदाबाद। गुजरात के गिर के जंगल में यहां बसने वाले शेरों के कारण पूरी दुनिया में मशहूर हैं. लेकिन आधी रात के बाद गिर के जंगल में कुछ ऐसा हुआ जैसा पहले कभी नहीं हुआ. जंगल में 12 शेरों के बीच एक बच्चे ने रोते हुए दुनिया में कदम रखा.

मंगूबेन मकवाना कभी भी 29 जून की रात नहीं भूल सकेंगी. एक तो प्रसव पीड़ा ऊपर से शेरों की दहशत. अमरेली जिले के इस सुदूरवर्ती गांव में गिर के जंगलों के पास से आधी रात में जब वे एक एंबुलेंस से अस्पताल जा रही थीं तभी एंबुलेंस को 12 शेरों ने घेर लिया. वाहन आगे नहीं बढ़ सका लेकिन प्रसव पीड़ा बढ़ती गई.

करीब 20 मिनट तक ऐसे ही हालात बने रहे. इस दौरान ‘108’ एंबुलेंस में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ ने बेहद साहस दिखाया और प्रसव प्रक्रिया में मंगूबेन की मदद की. आखिरकार शेरों से घिरी एंबुलेंस में मंगूबेन के बच्चे ने जन्म लिया. इस बीच तीन नर शेरों समेत 12 शेर वाहन का रास्ता रोककर खड़े रहे.

अमरेली में ‘108’ के आपातकालीन प्रबंधन कार्याधिकारी चेतन गाढे ने कहा कि यह वाकया गुरुवार को देर रात करीब ढाई बजे का है. लुनासापुर गांव की निवासी मंगूबेन मकवाना को जाफराबाद कस्बे के सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा था.

एक देश और दो टैक्स है ‘जीएसटी’

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नई दिल्ली। देशभर में आज से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू हो गया है. जीएसटी को लेकर चल रही हवाई अटकलें आज से खत्म हो गई. वास्तविक जीवन में जीएसटी असर आज से दिखने लगा है. लोगों को जीएसटी लागू होने से आर्थिक समस्याएं आने लगी है. सरकार के प्रति लोग अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर भी जाहिर कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने रेस्टोरेंट में खाने-पीने के बिल के साथ अन्य खरीददारी के बिल भी पोस्ट कर रहे हैं. इन बिलों पर दो तरह के टैक्स लग रहे हैं. आप कुछ भी समान खरीदते हैं तो बिल में आपको दो तरह के टैक्स दिखाई देंगे. एक टैक्स राज्य सरकार के नाम से तो दूसरा टैक्स केंद्र सरकार के नाम से. ग्राहक अपने आप को ठगा से महसूस कर रहे हैं. प्रधानमंत्री सहित केंद्रिय मंत्रियों ने भी जीएसटी के जितने गुणगान किए थे, लागू होने के बाद सब फीके दिख रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा था कि जीएसटी के बाद पूरे देश में एक ही टैक्स लगेगा और अलग-अलग राज्यों में लगने वाले अलग-अलग टैक्स से आजादी मिलेगी. लेकिन वास्तविकता में केंद्र और राज्य अलग सर्विस टैक्स लग रहा है. इससे मीडिल और लोवर क्लास को नुक्सान होगा. उन्हें शॉपिंग मॉल से चीजें खरीदनी महंगी पड़ेंगी.

बीती रात संसद भवन के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी लॉन्च किया. इस दौरान सिनेमा और उद्योग जगत से लकेर राजनीति की दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं. करीब 800 लोगों की मौजूदगी में आधी रात को एक भव्य कार्यक्रम कर जीएसटी को लागू किया गया.

बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व पुजारी पर छेडछाड़ का मुकदमा दर्ज

उत्तराखंड। बदरीनाथ धाम के पूर्व मुख्य पुजारी रावल पर महाराष्ट्र की साध्वी द्वारा छेड़खानी का आरोप लगाया गया है. बदरीनाथ पुलिस ने पूर्व मुख्य पुजारी पर मुकदमा दर्ज कर दिया है. बीते कल बदरीनाथ पहुंची महाराष्ट्र की साध्वी (64) ने थाना बदरीनाथ थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया है कि वर्ष 1980 से 1994 तक प्रतिवर्ष बदरीनाथ के दर्शन के लिए आती थीं. उस वक्त बदरीनाथ के रावल विष्णु नंबूदरी थे. उन्होंने साध्वीं के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे उसने इनकार कर दिया.

साध्वी ने आरोप लगाया कि तब से वह उसका पीछा करते रहे और उसके पीछे मुंबई तक आ गए. साध्वी ने दोनों उस पुजारी पर मुंबई में उसकी संपतियां हड़पने का प्रयास करने तथा पिछले कुछ सालों के दौरान उसके परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमय परिस्थितियों में गुमशुदगी में उनकी कथित भूमिका होने का आरोप लगाया है.

साध्वी ने पूर्व रावल पर छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का आरोप भी लगाया। चमोली की पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने बताया कि साध्वी की लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.

योगीराज में गुंडाराज, दरोगा की गला काटकर हत्या

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक दरोगा की गला काटकर हत्या कर दी गई. दरोगा सहजोर सिंह बिजनौर के थाना मंडावर स्थित बालावाली पुलिस चौकी में तैनात थे. पुलिस लूट के बाद हत्या और खनन माफियाओं से रंजिश का मामला मानते हुए केस की तहकीकात मे जुटी है.

दरोगा की हत्या से आस पास के  इलाके में हड़कंप मच गया जिसका असर पूरे उत्तर प्रदेश में देखा जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, दारोगा की लाश एक खेत में पड़ी मिली थी, ग्रामीणों ने दरोगा की लाश देखते ही पुलिस को इसकी सूचना दी.

मौके पर पहुंचे चौकी पुलिसकर्मियों ने शव की शिनाख्त की. घटनास्थल से सहजोर सिंह की सर्विस पिस्टल गायब बताई जा रही है.

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया. पुलिस अभी हत्या की वजह तलाश रही है. बता दे कि जिस जगह हत्या हुई वह खादर का इलाका थाने से लगभग 8 किमी दूर है. इस इलाके में अवैध खनन काफी आम बात है. आशंका है कि दरोगा की हत्या के पीछे खनन माफियाओं का भी हाथ हो सकता है. केस की जांच में पुलिस जुट गयी है जल्दी ही केस का खुलासा हो जायेगा

 

बिहार: खेत में निकले शिवलिंग को लेकर भारी तनाव, इंटरनेट सेवा ठप

बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र में खोजपुर व बेला गांव के बीच अजीब विवाद सामने आया है. विवाद का कारण खेत में निकला शिवलिंग है. शिवलिंग का मामला  शांति से निबटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मधुबनी क्षेत्र में इंटरनेट सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया है. बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के अगले आदेश तक इंटरनेट सेवा को बंद रखा जायेगा.

बता दें की बीते पांच अप्रैल को नहर चौक के पास नवका गांव खेत से शिवलिंग मिला था. यह शिवलिंग खोजपुर गांव की एक बच्ची को मिला था, जिसके बाद वहां के लोगों ने गांव के मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना कर दी और पूजा-अर्चना करने लगे,  लेकिन बेला पंचायत के लोगों का कहना था कि शिवलिंग उनके इलाके से मिला है. इस वजह से उस पर उन लोगों का हक है.

इसी को लेकर पिछले दो माह से भारी विवाद चल रहा था. बेला पंचायत के ग्रामीण धरना, प्रदर्शन व अनशन के जरिये शिवलिंग को वापस पाना चाह रहे थे. मामला सुलझता नहीं देख पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवलिंग को जब्त करने की रणनीति बनाई थी. इसी वजह से बुधवार की रात बड़ी संख्या में पुलिस जवानों के साथ अधिकारी खोजपुर गांव के शिव मंदिर पहुंचे थे.

जानकारी के मुताबिक पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में जवान खोजपुर गांव पहुंचे थे, ये लोग शिवलिंग को उखाड़ लेना चाह रहे थे. इसी बीच शुरू हुए विवाद में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि दस से ज्यादा लोग घायल हो गये. मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को विरोध की वजह से भागना पड़ा. इसके बाद गुस्साये ग्रामीणों ने जेसीबी समेत पुलिस की पांच गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था.

ग्रामीण के गुस्से को देखते हुये लगभग दस घंटे तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं गए. बाद में डीएम व एसपी की मध्यस्थता के बाद स्थिति में सुधार हुआ और शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. ग्रामीणों में आक्रोश है. बुधवार की रात विवाद के दौरान फायरिंग व जमकर पथराव हुआ था. अब इस मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है.

 

JPSC में निकली बंपर भर्तियां, जल्द करें आवेदन

झारखंड में सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों के लिए सुनहरा अवसर है. झारखंड लोक सेवा आयोग  में इस बार अच्छी खासी भर्तियां  निकली हैं. बता दें की जेपीएससी ने 396 नॉन टीचिंग स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्‍टर पदों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है.

इस भर्ती के लिए योग्‍य उम्‍मीदवार 3 जुलाई 2017 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. अधिक जानकारी के लिए नीचे जानकारी और जेपीएससी का लिंक दिया गया है उस पर क्लिक कर पूरी जानकारी पढ़ लें।

कुल पद- 396 पद

पद का नाम- नॉन टीचिंग स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्‍टर

इस पदों पर भर्ती निकली है.

1- मनोचिकित्सक – 06 पद

2- ऑपथलमोलोजिस्‍ट – 22 पद

3- बाल रोग विशेषज्ञ – 230 पद

4- आर्थोपीडिशियन – 18 पद

5- ई.एन.टी विशेषज्ञ – 20 पद

6- रेडियोलॉजिस्ट – 32 पद

7- फोरेंसिक विशेषज्ञ – 22 पद

8- त्वचा विशेषज्ञ – 23 पद

9- रोग विज्ञानी – 23 पद

योग्‍यता – पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्रासंगिक अनुशासन में या डिप्लोमा एमडी / एमएस / डीएनबी या समकक्ष डिग्री एमसीएस/डीएम के साथ.

आयु सीमा – 25 से 40 साल रखी गई है.

वेतन – 9300-34,800 रूपये प्रति माह व ग्रेड पे 4200

चयन प्रक्रिया – चयन लिखित परीक्षा और पर्सनल इंटरव्‍यू के आधार पर होगा.

ऐसे करें आवेदन – उम्मीदवार अपना ऑनलाइन आवेदन 23 जून 2017 से 13 जुलाई 2017 तक वेबसाइट http://www.jpsc.gov.in  से कर सकते हैं.

 

तैयार है ‘दबंग 3’ की स्क्रिप्टः सलमान

Dabang मुंबई। सलमान खान अगले कई सालों तक फिल्मों में व्यस्त हैं. ऐसी रिपोर्ट्स आरही है कि वह साल 2019 के बाद ही कोई नई फिल्म साइन करेंगे. उनकी आने वाली फिल्मों में ‘टाइगर ज़िंदा है’, बहन अलवीरा और अतुल अग्निहोत्री की ‘भारत”दबंग 3’ और रेमो डिसूजा की एक अनाम फिल्म शामिल है. हाल ही में मीडिया से बात करते हुए सलमान ने कहा है की ‘दबंग 3’ की स्क्रिप्ट तैयार है. अतुल और अलवीरा की फिल्म ‘भारत’ की शूटिंग के दौरान ही कभी भी इसकी शूटिंग शुरू की जा सकती है भारत का डायरेक्शन अली अब्बास ज़फर कर रहे हैं. इस फिल्म की शूटिंग रेमो की फिल्म के बाद शुरू होगी.इस दौरान अतुल की फिल्म को अभी कुछ और समय की जरूरत है. इसलिए इसी बीच में ‘दबंग 3’ की शूटिंग पूरी कर लूंगा. फिल्म की स्टोरी के बारे में बात करते हुए सलमान ने कहा, ‘इस फिल्म में पहलेऔर दूसरे पार्ट से पहले चुलबुल पांडे की ज़िंदगी के बारे में बताया जाएगा. दबंग 3 में बताया जाएगा कि कैसे चुलबुल पांडे वास्तव में चुलबुल पांडे बना. बाकी का भाग चुलबुल पांडे की अभी की ज़िंदगी के बारे में होगा.’ हालांकि सलमान ने यह साफ किया कि ‘दबंग 3’ का डायरेक्शन अरबाज़ नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ‘इससे उनके ऊपर काफी भार आ जाता है. इसलिए इस बार वह फिल्म को प्रड्यूस करेंगे.’ गौरतलब है कि सलमान की हालिया रिलीज़ फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ उनकी पहले की फिल्मों की तरह दर्शकों पर जादू नहीं चला सकी है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि कटरीना के साथ उनकी अगली फिल्म ‘टाइगर ज़िंदा है’ एक बार फिर सलमान की एक सुपरहिट फिल्म साबित होगी.

17 साल बाद परदे पर अनिल-ऐश्वर्या की जोड़ी

मुम्बई। बॉलीवुड की खूबसूरत हीरोइन ऐश्वर्या राय बच्चन परदे पर फिर से छाने के लिए तैयार हैं. करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में ऐश्वर्या ने बोल्ड किरदार निभाकर जता दिया है कि उनका जमाना अभी तक खत्म नहीं हुआ है.

इस बार उनकी वापसी हो रही है मशहूर अभिनेता अनिल कपूर के साथ. यह वापसी एक लंबे अरसे के बाद हो रही है. इसलिए लोगों की नजर आने वाली फिल्म पर जरुर रहेगी. ऐश्वर्या फिल्म ‘ताल’ और हमारा ‘दिल आपके पास है’ में अनिल कपूर के साथ काम कर चुकी हैं. अब यह जोड़ी फिल्म ‘फन्ने खां’ में दिखाई देगी.

ऐश्वर्या इस फिल्म में एक नए लुक में नजर आएंगी. वह एक सिंगर का किरदार निभाएंगी और बेहद स्टाइलिश रेट्रो लुक में नजर आएंगी. इस फिल्म से ऐश अपना सिंगिंग डेब्यू भी कर सकती हैं. खबरों के मुताबित इस फिल्म में ऐश्वर्या अपनी आवाज में भी गा सकती हैं.

इस म्यूजिकल ड्रामा में ऐश्वर्या एक बार फिर अपने डेढ़ दशक पुराने को-स्टार अनिल कपूर के साथ नजर आएंगी. अनिल और ऐश ने 17 साल पहले सतीश कौशिक की फिल्म ‘हमारा दिल आपके पास है’  में पहली बार एक-दूसरे के साथ काम किया था और उसके बाद ये दोनों सुभाष घई की रोमांटिक ट्राएंगल वाली हिट म्यूजिकल फिल्म ‘ताल’ में फिर से साथ नजर आए थे. इन दोनों के साथ आने वाली फिल्म ‘फन्ने खां’ को फिल्मकार ‘राकेश ओमप्रकाश मेहरा’ प्रोड्यूस कर रहे हैं.

इस खबर का संपादन नागमणि कुमार शर्मा ने किया है.

3ODI: भारत ने वेस्टइंडीज को 93 रन से हराया

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टीम इंडिया के तूफानी बल्लेबाज महेन्द्र सिंह धोनी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत  भारत ने शुक्रवार को खेले गए तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज को 93 रन से हराकर पांच मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है.

भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 4 विकेट पर 251 रन बनाए. जिनमें भारत के लिए धोनी (79 गेंदों में 78 रन) और रहाणे (112 गेंदों में 72 रन) ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जबकि केदार जाधव ने 26 गेंदों में 40 रन की तेज पारी खेली. इसके जवाब में वेस्टइंडीज की पूरी टीम 38.1 ओवरों में ही 158 रन पर सिमट गई और भारत ने 93 रन से बड़ी जीत दर्ज की. भारत के लिए कुलदीप यादव और अश्विन ने 3-3 और हार्दिक पंड्या ने 2 विकेट लिए.

बता दें की पांचवें विकेट के लिए धोनी और जाधव ने धुआंधर साझेदारी की और महज 46 गेंदों में 81 रन जोड़ दिए. धोनी ने 79 गेंदों में 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 78 रन और जाधव ने 26 गेंदों में 4 चौकों और 1 छक्के की मदद से 40 रन की नाबाद पारी खेली.

इसके जवाब में कुलदीप यादव (41/3) , अश्विन (28/3) और पंड्या (32/2) की शानदार गेंदबाजी से वेस्टइंडीज की टीम 38.1 ओवरों में 158 रन पर सिमट गई. वेस्टइंडीज के लिए जेसन मोहम्मद ने सबसे अधिक 40 रन, कीरोन पावेल ने 30 रन और साई होप ने 24 रन की पारी खेली. लेकिन इनके अलावा और कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं सका और पूरी टीम 158 रन पर सिमट गई और भारत ने 93 रन से मैच जीतते हुए सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली. लगातार दो मैच जीतने के बाद भारत के सीरीज जीतने के चांस काफी प्रबल हो गये हैं.

 

कोलकाता प्रेसिडेंसी में अध्यापक ने लगाया जातीय शोषण का आरोप

presidency college

अनिल पुष्कर कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में पढ़ाते हैं. पुष्कर पर वहां के छात्रों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी थी, लेकिन वहां उन्हीं का भविष्य खतरे में पड़ गया है. अनिल पुष्कर का आरोप है कि कोलकाता प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में चयन के बाद से ही उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है. कारण यह रहा कि हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्षा अपने जानकार को नियुक्त कराना चाहती थीं, परन्तु सेलेक्शन बोर्ड द्वारा अनिल पुष्कर का चयन हुआ. आऱोप है कि तब से ही विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर मजूमदार जो सामाजिक विज्ञान फैकल्टी की डीन भी हैं अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर उन्हें परेशान करने लगी.

आखिरकार अनिल और उनके साथ के और असिस्टेंट प्रोफेसर को विश्वविद्यालय की ओर से 21 अप्रैल 2017 को डिस्चार्ज लैटर ‘अनसैटिसफाइड परफार्मेंस’ टिप्पणी के साथ थमा दिया गया. उससे पूर्व उन्हें नियनानुसार कोई नोटिस नहीं दिया गया. स्थिति इससे और स्पष्ट हो जाती है, जब उनकी नियुक्ति को लेकर फर्जी केस भी सामने आया. कोई आधारभूत तथ्य न होने पर वह कोर्ट द्वारा ख़ारिज कर दिया गया. उसके बाद प्रशासन द्वारा SC और OBC शिक्षकों के निष्कासन के में अपनाई गई अलोकतांत्रिक प्रक्रिया कई प्रश्न खड़े करती है.

प्रथम दृष्टया यह जातिवादी मामला है. हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्षा तथा अन्य जातिवादी शिक्षकों द्वारा अनिल पुष्कर पर जातिवादी हमले होते रहे थे. शुरुआती दिनों में जब अनिल ने जॉब ज्वाइन किया तो उन्होंने घर जाने के लिए प्रार्थना पत्र लिखित रूप में दिया, ताकि वह घर जाकर अपना सामान ला सकें. विभाग में छुट्टी देते हुए यह विश्वास दिलाया गया कि अगर वीसी के कुछ कहने पर विभागध्यक्ष देख लेंगी, परन्तु जब वे एक सप्ताह बाद लौटकर आये तो पता चला कि वीसी नाराज इस बात पर थी कि न्यू फैकल्टी छुट्टी पर कैसे चला गया. उसके बाद ऑनलाइन लीव एप्लीकेशन सिखाने के नाम पर उनकी छुट्टियां काट ली गईं, जबकि अन्य लोगों की छुट्टियां मैनेज हो रही थीं.

अनिल कहते हैं कि प्रताड़ना के कई तरीके थे. मसलन विभागीय बैठकों की सूचनाएं नहीं देना. हर वक्त मानसिक रूप से प्रताड़ित करना. विभागीय साप्ताहिक सेमिनारों में भी ज्ञान के वर्चस्व तथा जाति से अनिल को दो-चार होना पड़ा. सवाल न करने देना. उदहारण के लिए एक ‘समकालीन मणिपुरी कविता’ पर एक सेमीनार में विभागाध्यक्षा के लेक्चर के बाद उनके ही आग्रह पर अनिल ने जब टिप्पणी की तो उन्हें आन्दोलनकारी बताते हुए अपमानित किया गया. ऐसे अनेक उदाहरण हैं. अनिल कहते हैं, ‘मुझे यह अहसास होने लगा था कि अनुसूचित जाति से आने के कारण मेरी प्रतिभा इनके जाति- अभिजात्यपन पर भारी पड़ रही रही थी.’ प्रेसीडेंसी कॉलेज के हिन्दी विभाग के भीतर जाति का सवाल बहुत बड़ा है. अनिल के उच्च शिक्षित होने के बावजूद हिन्दी विभाग का ब्राह्मण समूह उन्हें निचले दर्जे का समझता रहा. अतः ऐसे कई मौके आये जब अनिल प्रताड़ित हुए. अनिल बताते हैं कि ‘हद तो तब हो गयी जब विभागाध्यक्षा द्वारा कहा गया कि दलितों की पैदाइश तो शायद उन नाजायज संबंधों से हुई हैं जब उच्च कुल के पुरूषों द्वारा निचली जाति की महिलाओं के साथ जबरन शारीरिक संबंध कायम किये गये. तब मैं इनकी समझ और सोच पर आश्चर्यचकित था.’

अनिल के अकादमिक क्रेडिट को भी विभाग में नकारा जाने लगा. नैक के समक्ष उनके अकादमिक काम को मानने से इनकार कर दिया गया. अनिल के ऑनलाइन और प्रिंट मिडिया में छपे हुए कई लेखों को उन्होंने यह कहते हुए खारिज किया कि इनमें से एक भी आर्टिकल लिटररी और रिसर्च आर्टिकल नहीं है जबकि उसके ही समक्ष सीनियर शिक्षकों के सामान्य से लेखों को नैक में शामिल किया गया था. इसके साथ ही परीक्षा के समय अनिल पुष्कर द्वारा बनाये गए प्रश्न पत्र को पूरी तरह से बदल देना जो केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है, या उन्हें परेशान करने के नित्य नये तरीके इजाद करना, तथा बच्चों को लिखित शिकायत करनी के लिए मानसिक दबाव बनाना आदि प्रताड़ना की लम्बी फेहरिश्त है.

अनिल कहते हैं, ‘2016 की तमाम घटनाओं के बाद 2017 की जितनी भी कक्षाएं ली हैं, उनमें से अधिकांश के रिकार्डिंग्स मौजूद हैं, जबकि अन्य सीनियर अध्यापकों से पूछा जाना चाहिए कि उनकी कितनी कक्षाओं की रिकार्डिंग मौजूद हैं.’ वे यह भी कहते हैं कि ‘छात्रों में भी यह सन्देश आ चुका था कि विभागाध्यक्ष मेरे खिलाफ कोई साजिश कर रही हैं इसलिए वे अनिल की हर क्लास की रिकार्डिंग करने लगे थे.

विभागध्यक्ष के कारनामे कई हैं. मसलन, कई बार अनिल को बुलाकर कहना कि लेक्चर अच्छा देते हो लेकिन केवल लेक्चर देने से काम नहीं चलेगा तुम नोट्स भी लिखवाओ जबकि छात्रों के पास पहले ही हैण्डराइटिंग में नोट्स मौजूद होते थे. अनिल पुष्कर द्वारा लिए गये असाइनमेंट को खारिज करना और छात्रों को टॉर्चर करने के लिए दुबारा लिखित परीक्षा लेना. या विद्यार्थियों पर दवाब बनाना कि अनिल के खिलाफ शिकायत करें. लेकिन विद्यार्थियों ने अनिल और उनके साथ निष्कासित अन्य शिक्षकों का साथ दिया. विश्वविद्यालय से निष्कासन के बाद छात्र आशंकित और आक्रोश में थे, उन्होंने एकजुट होकर प्रशासन के सामने इस फैसले का विरोध किया, जिसकी ख़बरें अखबारों में दर्ज हैं. अनिल और उनके साथी प्राध्यापक का एक महिला विभागाध्यक्ष द्वारा जाति-उत्पीड़न सवाल खड़ा करता है कि आखिर एक शोषित समूह को दूसरे शोषित समूह का उत्पीड़न करने में आखिर क्या सुख मिलता है. अंततः शोषण की संस्कृति ही पुष्ट होती है.

लेखिका सामाजिक कार्यकर्ता हैं. संपर्क: dimpledu1988@gmail.com