खुद को बताया संजय गांधी की बेटी, पहुंची कोर्ट

नई दिल्ली। गांधी परिवार का खुद को वारिस बताने वाली एक महिला सामने आयी है. इस महिला ने खुद को संजय गांधी की “गुप्त संतान”के रुप में दावा ठोका है. महिला ने दिल्ली की एक अदालत में जल्दी रिलीज होने वाली फिल्म “इंदु सरकार”पर तुंरत रोक लगाने की मांग की है. उस महिला ने दावा किया है कि फिल्म में संजय गांधी और उनकी मां इंदिरा गांधी को गलत तरीके से पेश किया गया है. प्रिया सिंह पॉल नाम की एक महिला ने दिल्ली की तीस हजारी अदालत में दायर याचिका में कहा है कि उसे गोद लिए जाने के दस्तावेज झुठे हैं. इस फिल्म में तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश किए जाने की वजह से उसे सबके सामने आना पड़ा है.

प्रिया ने दावा किया कि उनकी उम्र 48 साल है. उसने फिल्म को प्रमाण पत्र देने के खिलाफ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में अपनी आपत्ति दर्ज करायी है. उसने कहा है कि संजय गांधी की 1980 में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. संजय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे थे. संजय को इंदिरा गांधी का उत्तराधिकारी समझा जाता था. संजय की मौत के बाद उनके बड़े भाई राजीव गांधी राजनीति में आए.

लड़की ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि फिल्म निर्माताओं के अनुसार फिल्म में 30 प्रतिशत तथ्य हैं और 70 प्रतिशत कल्पना मात्र है. पॉल ने कहा कि ये कथित 30 प्रतिशत तथ्य कल्पना को जन्म देते हैं जिससे लोगों के दिमाग में एक खास राय बनेगी. पॉल ने कहा कि वो मीडिया के सुर्खियों में आने के लिए ये सब नहीं कर रही हैं. पॉल के अनुसार वो अपने “पिता” की छवि खराब किए जाने के विरोध में सामने आई हैं. खुद को संजय गांधी का दोस्त बताने वाले गोस्वामी सुशीलजी महाराज नामक व्यक्ति ने अदालत में हलफनामा देकर दावा किया है कि संजय गांधी की शादी से पहले एक “लड़की” थी और उसे इस बात की जानकारी थी. पॉल के अनुसार उन्हें बड़े होने पर अपने जैविक पिता के बारे में पता चला था. यह मसला मीडिया में आने के बाद सुर्खियों में है अब सबकी नजर कोर्ट के फैसले पर है की कोर्ट इस बारे में क्या आदेश देता है.

 

इकॉनोमी क्लास में अब नहीं मिलेगा नॉन वेज

air india

नई दिल्ली। सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया ने कॉस्ट कटिंग के चलते अब इकोनॉमी क्लास में यात्रियों को नॉन-वेज खाना नहीं परोसने का फैसला किया है. एयर इंडिया ने अपनी इकॉनमी क्लास में नॉन-वेज भोजन बंद कर दिया है. अब इकॉनमी क्लास में यात्रियों को शाहकारी भोजन ही मिल पाएगा. कंपनी ने यह फैसला घरेलू उड़ानों के लिए किया है. अधिकारियों का कहना है कि लागत घटाने के उपायों के तहत ऐसा किया गया है.

घरेलु उड़ानों के लिए बिजनेस और फर्स्ट क्लास यात्रियों को नॉन-वेज खाना पहले की तरह ही परोसा जाएगा. वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की श्रेणियों में आने वाले यात्रियों को भी नॉन-वेज भोजन मिलेगा.

एयरलाइन की ओर से दिए बयान में कहा गया है कि, एयर इंडिया ने बरबादी रोकने, लागत कम करने तथा केटरिंग सेवा में सुधार के लिए घरेलू उड़ानों में इकोनॉमी श्रेणी में मांसाहारी भोजन नहीं परोसने का फैसला लिया है. एयरलाइन के सूत्रों ने बताया कि यह फैसला पिछले महीने लागू किया गया.

पिछले सप्ताह ही खबर आई थी कि एयर इंडिया अब अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में इकॉनमी श्रेणी के यात्रियों को खाने में सलाद नहीं परोसने के बारे में विचार कर रही है. एयरलाइन खर्च काम करने के लिए प्लेन में रखी जाने वाली पत्रिकाओं की संख्या कम करने के बारे में भी सोच रही है.

राहुल गांधी ने की चीनी राजदूत से मुलाकात, कांग्रेस ने बताया फर्जी

Rahul Gandhi

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ सकते हैं. राहुल गांधी की चीनी राजदूत के साथ मुलाकात पर बवाल मच गया है. दरअसल, चीनी दूतावास के WeChat अकाउंट ने 8 जुलाई को राहुल की बैठक की पुष्टि की है, जबकि कांग्रेस ने राहुल गांधी की चीनी राजदूत से मुलाकात करने की खबरों को ‘फर्जी’ करार देते हुए सिरे से नकार दिया था.

गौरतलब है कि राहुल गांधी के भारत में चीनी राजदूत से मिलने की खबरें सिक्किम के डोकलाम में भारत-चीन सीमा विवाद के चलते आईं. भारत में चीनी दूतावास ने बताया कि 8 जुलाई को राजदूत लियो झाओहुई के साथ में राहुल गांधी से मिले. उन्होंने वर्तमान भारत- चीन संबंध के बारे में बातचीत की. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक साथ कई ट्वीट कर कहा कि कुछ समाचार चैनल भारत में चीन के राजदूत लियो झाओहुई के साथ राहुल गांधी की कथित मुलाकात की झूठी खबरें दिखा रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘न्यूज चैनल चीन का दौरा कर रहे तीन केंद्रीय मंत्रियों और जी20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के रवैये पर सवाल खड़े नहीं करेंगे’. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बारे में ये खबरें विदेश मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने गढ़ी हैं.

कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख राम्या ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि राहुल गांधी ने चीनी राजदूत से मुलाकात की या नहीं? उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले सप्ताह जर्मनी के हैम्बर्ग में जी-20 सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सीमा विवाद का मुद्दा क्यों नहीं उठाया?

उन्होंने सम्मेलन में मोदी और शी की तस्वीर को साझा करते हुए ट्वीट कर कहा, “चीन की घुसपैठ हो रही है और इस दौरान यह बैठक हुई और ‘कमजोर’ प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे के बारे में बात करना भी मुनासिब नहीं समझा.”

उन्होंने एक और ट्वीट में कहा, “अगर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने चीनी राजदूत से मुलाकात की है तो भी मुझे यह कोई मुद्दा नहीं लगता. पर प्रधानमंत्री द्वारा निजी और सार्वजनिक तौर पर सीमा विवाद को नहीं उठाना मुद्दा जरूर है.”

जीएसटी के बाद स्टेट बैंक की कई सर्विस हुईं महंगी

नई दिल्ली। जीएसटी के बाद देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने कैश ट्रांजैक्शन और विड्रॉल में बड़ा बदलाव कर दिया है. बैंक ने अपने मोबाइल एप के यूजर्स के लिए ए.टी.एम. विड्रॉल पर लगने वाले सर्विस चार्जेज को रिवाइज्ड किया है. यह नए चार्जेज 1 जून से प्रभावी हो गए हैं. बता दें कि बैंक की सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अब आपको 18 प्रतिशत सर्विस चार्ज देना होगा क्योंकि जी.एस.टी. लागू होने के बाद 3 प्रतिशत तक सर्विस चार्ज बढ़ा दिए हैं.

अगर आप एस.बी.आई. मोबाइल एप बैंक बडी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको प्रति टांजैक्शन के लिए 25 रुपए देने होंगे. इसके बाद जी.एस.टी. भी अलग से लगेगा. मतलब विड्रॉल के दौरान 25 प्लस जी.एस.टी. चार्ज देना होगा.

अगर एक लाख रुपए तक ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं तो इसके लिए आपको 5 रुपए के साथ टैक्स देना होगा. वहीं अगर आप 1 से 2 लाख रुपए तक पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर कर रहे हैं तो इसके लिए आपको 15 रुपए के साथ टैक्स अदा करना होगा और अगर आपका ऑनलाइन ट्रांसफर अमाउंट 2 से 5 लाख रुपए हैं तो इसके लिए आपको 25 रुपए के साथ टैक्स देना होगा. अगर कोई ग्राहक 20 से ज्यादा कटे-फटे नोट बदलना चाहता है या बदले जाने वाले नोटों की वैल्यू 5,000 रुपए से ज्यादा है तो एस.बी.आई. प्रत्येक ऐसे नोट पर 2 रुपए का चार्ज और टैक्स लेगा.

 

पनामा केस में प्रधानमंत्री से भी होगी पूछताछ

panama papers

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनके दो बेटों के खिलाफ लंदन में गलत तरीके से प्राप्त धन से संपत्ति खरीदने के आरोप लगे थे. इन आरोपों की जांच कर रही जेआईटी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी दूसरे पखवाड़े की पहली रिपोर्ट सौंपी. सुप्रीम कोर्ट ने 20 अप्रैल को दिए गए फैसले में सरकार से कहा था कि इन आरोपों की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम, जेआईटी का गठन किया जाए. अदालत ने मामले में हो रही जांच से संतोष जताया और कहा कि जेआईटी को 60 दिनों के अंदर जांच पूरी कर लेनी चाहिए जैसा कि पहले निर्धारित किया गया था. अदालत के 20 अप्रैल के आदेश के तहत जेआईटी को अपनी जांच 60 दिनों के अंदर पूरी करनी होगी. लेकिन इसे अदालत के साथ 15 दिनों की रिपोर्ट साझा करनी होगी. अदालत ने जेआईटी को अतिरिक्त समय न देने की चेतावनी भी दी. जेआईटी की बाधाओं और समस्याओं पर जवाब देते हुए पीठ की अध्यक्षता करने वाले जज एजाज अफजल खान ने जेआईटी को जांच का अलग से लिखित ब्यौरा देने के लिए कहा. इस बीच शरीफ के बेटे हुसैन नवाज़ की तस्वीर के मुद्दे ने अदालत में जोर पकड़ा. क्योंकि हुसैन का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अदालत की पीठ से कहा कि तस्वीर से जुड़ी उनकी याचिका पर जल्दी से जल्दी सुनवाई की जाए. हुसैन ने अपनी याचिका में अदालत से कहा कि एक आयोग का गठन किया जाए और जांच की जाए कि तस्वीर कैसे खींची गई और कैसे सोशल मीडिया में प्रसारित हुई. शरीफ के परिवार और उनके समर्थकों ने दावा किया कि हुसैन का जांचकर्ताओं के समक्ष कमरे में अकेले बैठने की तस्वीर का उद्देश्य शरीफ परिवार को परेशान करना था. अदालत ने सुनवाई की तारीख 12 जून रखते हुए जेआईटी से कहा कि हुसैन की याचिका पर जवाब दें. शरीफ के दो बेटे हुसैन और हसन जेआईटी के समक्ष पेश हो चुके हैं. मामले में जेआईटी प्रधानमंत्री से भी पूछताछ करेगी.

मामला पनामा पेपर्स से जुड़ा हुआ है जो दर्शाता है कि शरीफ के परिवार की विदेशों में कंपनियां हैं, जो लंदन की संपत्ति की देखरेख करती हैं. पनामा पेपर्स मामले में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में शरीफ के पक्ष में फैसला 2 के बजाए 3 मतों से रहा. पनामा पेपर्स लीक में शरीफ के बेटों की कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में होने की बात पता चली, जो लंदन में महंगी संपत्ति खरीद से जुड़ी हुई हैं. विपक्षी दलों ने शरीफ पर विदेशों में धन के स्रोत का पता न बताने संसद में झूठ बोलने के आरोप लगाए हैं. शरीफ और उनके परिवार ने किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल होने से इंकार किया है.

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के दौर में हल खींच रही हैं बेटियां

भोपाल। एकतरफ सरकार बेटियों को पढ़ाने, बचाने के लिए अभियान छेड़ती है तो वही दूसरी ओर इस तरह की तस्वीरें सामने आ रही हैं. यह घटना मध्यप्रदेश राज्य के सीहोर ज़िले के बसंतपुर पांगड़ी गांव का है. रविवार को समाचार एजेंसी एएनआई ने कुछ तस्वीरें जारी की जिसमें एक किसान बैल की जगह बेटियों से खेत की जुताई कराता नज़र आ रहा है. सरदार बारेला नाम के इस किसान का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह बैल खरीद सके और उनका पालन पोषण कर सकें. उनका कहना है कि आर्थिक तंगी की वजह से उनकी 14 वर्षीय बेटी राधिका और 11 वर्ष की कुंती को कक्षा आठ के बाद अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी है.

मीडिया में तस्वीरें आने के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में ज़िले के जनसंपर्क अधिकारी आशीष शर्मा का कहना है कि प्रशासन मामले को देख रहा है. सरकारी योजनाओं के मुताबिक उस किसान की उचित मदद की जाएगी. शर्मा ने कहा कि किसान को निर्देश दिया गया है कि इस तरह के कामों में वह बच्चों को शामिल न करे

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्ष ने इस मामले को लेकर प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का गृह ज़िला है. ये बहुत ही शर्मनाक तस्वीर है. मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि राज्य में किसानों की दुर्दशा किस तरह से दूर की जाए. वहीं भाजपा नेता आलोक संजर ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि किसान सरपंच से बात करे, उसकी हरसंभव मदद करने की कोशिश की जाएगी.

बता दें पिछले महीने शुरू हुए किसान आंदोलन के बाद से प्रदेश में अब तक 51 किसान आत्महत्या कर चुके हैं. इसमें सबसे ज़्यादा 11 किसान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह ज़िले सीहोर के हैं जहां से वर्तमान तस्वीरें सामने आ रही हैं.

 

भारत के इस राज्य में है संविधान के मंदिर वाला गांव…

बस्तर। भारत में हर नुक्कड़ और चौराहे पर आपको तमाम देवताओं के मंदिर मिल जाएंगे. सुबह से शाम तक यहां भक्तों का रेला लगा रहता है. मंदिरों का आलम तो यह है कि यहां राजस्थान के हाई कोर्ट में उस मनु की मूर्ति भी है, जिसके षड्यंत्र की शिकार भारत के बहुजन आज भी हैं. लेकिन इन तमाम आडंबरों के बीच छत्तीसगढ़ में एक मंदिर ऐसा भी है जो एक उम्मीद जगाता है. प्रदेश के बस्तर जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी के फासले पर तोकापाल ब्लॉक में बुरंगपाल गांव है. दो हजार की आबादी वाला यह गांव देश में अकेला ऐसा गांव है, जहां भारत के संविधान का मंदिर है.

इसकी कहानी करीब 25 साल पहले आदिवासियों ने स्टील प्लांट के खिलाफ एक आंदोलन किया था. इसके बाद यह मंदिर स्थापित हुआ. अब एक बार फिर इस गांव में ग्रामीण लामबंद हो रहे हैं. वजह है 9 मई 2015 को दंतेवाड़ा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने साइन हुए अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट को लेकर एमओयू. ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं. हालांकि स्टील प्लांट का विरोध 2014 से चल रहा है. अबतक 14 गांव विरोध में चुके हैं. 1992 में 6 अक्टूबर को इस इलाके के मावलीभाटा में एसएम डायकेम के स्टील प्लांट का भूमिपूजन और शिलान्यास हुआ था.

लेकिन ग्रामीणों का आरोप था कि उनसे इस बारे में कोई सलाह नहीं ली गई, जबकि संविधान की पांचवीं अनुसूची में यह जरूरी था. प्लांट के विरोध में आदिवासी लामबंद हो गए. आंदोलन की अगुवाई यहां कलेक्टर रह चुके समाजशास्त्री डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा ने की थी. उन्होंने बुरुंगपाल गांव में ही डेरा जमा लिया. तब उन्होंने यह मंदिर यहां बनाया था. इसी जगह से पूरा आंदोलन संचालित होता था. डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा करीब 3 साल यहां रहे. लगातार यहां बैठकें होती थीं. इसके बाद 73 वां संविधान संशोधन विधेयक पारित हुआ.

हालांकि मंदिर का कोई कमरा नहीं है और ही इस पर छत है, लेकिन ग्रामीण इस स्थान का बेहद सम्मान करते हैं. 24 दिसंबर 1996 को तैयार हुआ मंदिर करीब 6 फीट लंबा और 8 फीट चौड़ा चबूतरे पर बना है. जिस पर पीछे की ओर 6 फीट ऊंची और 10 फीट चौड़ी दीवार बनी है. इस दीवार पर भारतीय संविधान में अनुसूचित क्षेत्रों के लिए ग्राम सभा की शक्तियां और इससे संबंधित इबारतें लिखी हैं. लेकिन इसमें ज्यादातर हिस्सा मिट चुका है. लोगों में इस स्थान को लेकर गजब की आस्था है. गांव में त्योहार हो या कोई नया काम शुरू करना हो, पूरा गांव यहीं जुटता है. संविधान की कसमें खाई जाती हैं, इसके बाद ही एक राय होकर काम शुरू करते हैं. यह परंपरा करीब 25 साल से लगातार कायम है. बस्तर जिले के बुरुंगपाल में वह शिलालेख जिसे संविधान का मंदिर मानकर पूजते हैं गांव के लोग.

लश्कर का आंतकवादी संदीप शर्मा जम्मू से गिरफ्तार

0

श्रीनगर. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी आतंकी संदीप शर्मा को सुरक्षाबलों ने जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले से गिरफ्तार किया है. वह मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और पेशे से शातिर अपराधी है वह लंबे समय से लश्कर से जुड़ा है. संदीप के पिता का नाम राम शर्मा है. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी मुनीर खान ने इसकी जानकारी दी.

बताया कि वह एक अपराधी है और सोपोर के शकूर के जरिए लश्कर के संपर्क में आया. बता दें संदीप उर्फ आदिल एसएचओ फिरोज भट्ट की हत्या में भी शामिल था .लश्कर के आतंकियों ने एटीएम लूटने के लिए संदीप कुमार का इस्तेमाल किया. ग्रामीण इलाकों में अनैतिक कार्यों के लिए भी लश्कर ने संदीप की मदद ली.

संदीप कुमार कश्मीर में खुद को आदिल बताकर रह रहा था. संदीप बशीर लश्करी का करीबी है. गैर कश्मीरी संदीप उसी घर में ठहरा था जहां लश्करी ने शरण ली हुई थी. मामला सामने आने के बाद नोएडा से एटीएस की एक टीम मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गई है. एटीएस की टीम संदीप शर्मा के परिवार वालों से पूछताछ करेगी.

 

बसपा ने रंजीत कुमार को बनाया रांची का जिलाध्यक्ष

0
bsp

रांची। बहुजन समाज पार्टी ने रांची का नया जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार को बनाया है. रंजीत कुमार चुटिया के निवासी है. रंजीत कुमार अब रांची जिले में बसपा का कार्यभार सभालेंगे. इनसे पहले जिलाध्यक्ष रहे जितेंद्र बहादुर को पार्टी ने अच्छी तरह से कार्य नहीं करने के कारण पद से हटा दिया गया था.

डीयू में हरियाणा बोर्ड के छात्रों के दाखिले लटके

नई दिल्ली। हरियाणा बोर्ड के छात्र इस बार बेहद परेशानी का सामना कर रहे हैं. असल में दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले हरियाणा बोर्ड के छात्रों का दाखिला रद करने की चेतावनी डीयू समिति ने दी है. यह चेतावनी उन्होंने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को मेल लिखते हुए दी है.

दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों ने जब ऑनलाइन अंक पत्र और मूल अंकपत्र के अंकों में अंतर देखा तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के छात्रों को दाखिला देने से मना किया. कुछ कॉलेजों ने छात्रों ये यह भी कहा कि वह अपने स्कूल के प्रिंसिपल से यह लिखवा कर लाएं कि जो अंकपत्र दिया गया है वह सही है.

ज्ञात हो कि डीयू पहले प्रमुख बोर्डो से उनके यहां के अंकपत्र की सीडी या ऑनलाइन मार्कशीट का लिंक ले लेता है जिससे दाखिला देते समय वह मूल प्रमाणपत्र के साथ अंकों का मिलान कर सके और यह पुष्ट कर सके कि छात्र ने जो प्रमाणपत्र दिया है वह सही है. इसके अलावा भी वह छात्रों से शपथ पत्र लेता है कि यदि कोई प्रमाणपत्र गलत पाया गया तो वह दाखिला रद कर देंगे. डीयू के कॉलेजों ने हरियाणा बोर्ड के छात्रों के ऑनलाइन अंकपत्र देखने के बाद उनको दाखिला दे दिया लेकिन जब प्रमाणपत्र आया तो उसमें अंतर था.

तीसरे कटऑफ तक जब हरियाणा बोर्ड के छात्र मूल अंकपत्र के आधार पर दाखिला लेने आए तो उसमें अंतर आने पर कॉलेजों ने दाखिला देने से मना कर दिया. इसके बाद मामला दाखिला समिति तक पहुंचा. इसके बाद दाखिला समिति ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को मेल भेज कर स्पष्टीकरण मांगा. लेकिन रविवार रात तक हरियाणा बोर्ड की तरफ से कोई पत्र या मेल डीयू को प्राप्त होने की सूचना नहीं है.

 डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा बोर्ड को हमने एक मेल लिखा है लेकिन उसका कोई उत्तर नहीं आया है. हम छात्रों की परेशानी से अवगत हैं और एक बार फिर बोर्ड इस बाबत लिखें है कि यदि वह इसे स्पष्ट नहीं करते हैं तो हमें हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सभी छात्रों का दाखिला रद करना पड़ेगा. ज्ञात हो कि इस वर्ष हरियाणा बोर्ड से रजिस्ट्रेशन करने वाले छात्रों की संख्या 9093 है. यह संख्या सीबीएसई और उत्तर प्रदेश बोर्ड के बाद सबसे अधिक है.

जनसंख्या नियंत्रण अभियान की रोल मॉडल होंगी गीता फोगाट

0

नई दिल्ली। बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए सरकार अब सितारों का सहारा लेने जा रही है. दंगल गर्ल गीता फोगाट अब करोड़ों देशवासियों का रोल मॉडल बनेगीं. 10 जुलाई सोमवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में दो बच्चे को जन्म देने की शपथ लेकर देश में जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के अभियान की शुरुआत करेंगी.

वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पहलवान एमिली को पटखनी दे पहला स्वर्ण पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया था. फोगाट बहनों पर बनी आमिर खान की फिल्म दंगल ने भी कमाई के सारे रिकार्ड तोड़ दिए थे. गीता के अलावा जनसंख्या नियंत्रण अभियान को अभिनेता अजय देवगन, अक्षय कुमार, पाश्र्व गायक शान व कैलाश खेर भी आगे बढ़ायेंगे. कांस्टीट्यूशन क्लब में टैक्सपेयर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा अभियान की शुरुआत मैं भारत बोल रहा हूं थीम गाने से होगी. इसमें पाश्र्व गायक शान, सुरेश वाडेकर, कैलाश खेर, अंकित तिवारी, रवि के त्रिपाठी समेत अन्य ने आवाज दी है.

बताया गया है कि कार्यक्रम में पद्म विभूषण एमएस स्वामीनाथन, ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त, गायक सुरेश वाडेकर, रवि के त्रिपाठी और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अरुण साहनी उपस्थित रहेंगे. हरियाणा के भिवानी के छोटे से गांव से लेकर पूरे विश्व में रेसलिंग में पताका फहराने वाली गीता फोगाट की कामयाबी में उनके पिता महावीर फोगाट का विशेष योगदान रहा है.

 

नाबलिग छात्रा से बलात्कार के बाद हाथ-पैर तोड़ कर गला दबाया

0

Crime against woman

शिमला। शिमला के कोटखाई तहसील में 15 साल की छात्रा के बलात्कार के बाद हत्या करने का मामला सामने आया है. छात्रा कोटखाई के महासू स्कूल में 10वी कक्षा में पढ़ती थी. आरोपियों ने छात्रा का अपहरण करने के बाद लगभग 36 घंटे कब्जे में रखा और उसके साथ बलात्कार किया.

घटनास्थल पर शराब की खाली बोतले भी मिली हैं. उनसे भी फिंगर प्रिंटस लिए गए हैं. हैवानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने उसके हाथ और पैर भी तोड़ दिए. सूत्रों से पता चला है कि पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ है कि पहले छात्रा से रेप हुआ है फिर उसका गला घोंटा गया है.

15 वर्षीय छात्रा शिलगिरी लौटते समय अचानक 4 जुलाई की शाम को गायब हो गई. 5 जुलाई की शाम को जब मृतका का छोटा भाई स्कूल से घर पंहुचा तो उसने मां-बाप को बताया कि दीदी 4 जुलाई को घर आई थी लेकिन अभी तक घर नहीं लौटी. बेटे का जबाव सुनकर मां-बाप के होश उड़ गए और खौज खबर में जुट गए. घर न पंहुचने पर 6 जुलाई को माता-पिता और परिजनों ने खोज खबर लेनी शुरू की. 6 जुलाई की सुबह 9 बजे छात्रा की लाश नग्न अवस्था में स्कूल से 4 किलोमीटर दूर घने जंगल में मिली.

परिजनों ने बेटी की खोज के लिए रिश्तेदारों के साथ जंगलों में भी तलाश की थी. उन्होंने सोचा कि कहीं उनकी बेटी जंगली जानवरों का शिकार तो नहीं बन गई. लेकिन जब वास्तविकता सामने आई तो सबके होश उड़ गए. स्कूल से महज 4 किलोमीटर दूर जंगल में नाबालिग की लाश को गड्ढे में फेंका गया था.

शिमला पुलिस के मुताबिक, छात्रा से पहले रेप और फिर हत्या की गई. शक है कि बेटी के साथ गैंगरेप हुआ है. एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी महासू में डेरा डाले बैठे हैं लेकिन पांच दिन से ज्यादा के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा और पुलिस खाक छान रही है. एक बात तो तय है कि गुनाहगार शातिर हैं. उन्होंने कोई भी सुराग नहीं छोड़ा है. शिमला के एसपी डी डब्लयू नेगी ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे खड़ा करेगी.

गुनाहगारों को गिरफ्तार करने में हो रही देरी से स्थानीय लोंगो में भारी आक्रोश है. लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो चुके हैं. स्थानीय जनता में अपने बच्चों को लेकर असुरक्षा की भावना पनप रही है. लोग बच्चों को घर से बाहर भेजने से भी डर रहे है. सरोज कंवर, महासू पंचायत प्रधान ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्हें मौत से कम सजा न हो. शिमला से लेकर कोटखाई तक लोगों में उबाल है. सोशल मीडिया पर भी प्रदेश से लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. सोमवार (10 जुलाई) को कोटखाई में बंद का ऐलान किया गया है.

घर से सात किलोमीटर दूर है स्कूल नाबालिग को भी घर से करीब 7 किलोमीटर घने जंगलों से होकर स्कूल जाना पड़ता था और डेढ़ घंटे का सफर कर स्कूल पहुंचते थे. प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भी ऐसी घटना ने सवाली निशान खड़े कर दिए है. शिक्षा विभाग से लेकर शासन-प्रशासन भी सवालों के घेरे में है.

एसपी शिमला और ठियोग के डीएसपी टीम के साथ मौके पर छानबीन में जुटे हुए हैं. मामले की तह तक जाने के लिए कुछ फोन सर्विलांस पर लगाए गए हैं. जुन्गा लैब के विशेषज्ञों से मदद ली जा रही है. बिसरा भी लैब भेजा गया है. घटनास्थल से बरामद शराब की खाली बोतलों से फिंगर प्रिंट लिए गए हैं. अभी तक करीब 15 लोगों से पुलिस पूछताछ की जा चुकी है.

दंगे की झूठी तस्वीर पोस्ट कर भाजपा नेता ने फैलायी अफवाह  

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की घटना पर इस समय देश में चौतरफा राजनीति जारी है ऐसे में कुछ नेता आग मे घी का काम कर रहे हैं जिसमें बीजेपी नेता नूपुर शर्मा का नाम भी जुड़ गया है. पश्चिमी बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में करीब एक हफ्ते से सांप्रदायिक तनाव जारी है. ऐसे में बीजेपी जहां ममता सरकार पर हिंसा रोकने में नाकामी का आरोप लगा रही है. इस बीच बीजेपी की एक नेता पर किसी दूसरे जगह की तस्वीर को पश्चिम बंगाल की बताकर सोशल मीडिया पर शेयर करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने का मामला सामना आया है.

बता दें की बीजेपी नेता नूपुर शर्मा ने शनिवार को ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट कर लोगों से पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की थी. जिस तस्वीर को पोस्ट किया गया था उस पर लिखा था कि पश्चिम बंगाल में शांति और गरिमा का हर मोर्चे पर बुरा हाल हुआ है. तस्वीर में एक गाड़ी को जलते हुए दिखाया गया है और उसके आस-पास दंगाइयों की भीड़ दिख रही है. शर्मा के ट्वीट के बाद बड़ी संख्या में ट्विटर यूजर्स ने उन पर गलत तस्वीर के माध्यम से नफरत भड़काने का आरोप लगाया.

संगीतकार विशाल डडलानी ने भी नूपुर शर्मा के ट्वीट पर तीखा जवाब दिया. उन्होंने लिखा, ‘2002 के गुजरात दंगे की तस्वीरों का इस्तेमाल बंगाल में सांप्रदायिक नफरत फैलाने के लिए हो रहा है. इस अकाउंट की रिपोर्ट क्यों नहीं की गई है उनके अकाउंट को बंद क्यों नहीं किया गया है जब नेता ही अफवाह फैला रहे हैं तो शांति की उम्मीद किस से की जायेगी.

 

रायबरेली नरसंहार मामले में योगी के दो मंत्री आमने-सामने

लखनऊ। रायबरेली नरसंहार मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के दो मंत्री एक दूसरे के लिए खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं. गौरतलब है की ऊंचाहार में जमीन विवाद में पांच लोगों की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अब योगी सरकार के मंत्री बृजेश पाठक ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर निशाना साधा है. असल में बृजेश पाठक ने स्वामी प्रसाद मौर्य को ऊंचाहार में पांच लोगों की हत्या के मामले में हत्यारों का संरक्षक बताया है. पाठक ने मौर्य के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अपराधियों को सरंक्षण देने वाले बख्शे नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

बता दें की नरसंहार मामले पर कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि जो लोग मारे गए हैं, वो किराए के गुंड़े थे. उन पर अलग-अलग थानों में केस दर्ज है. घटना में मारे गए सभी पांचों शातिर अपराधी थे. वे प्रधान की हत्या के उद्देश्य से गांव में गए थे, जहां ग्रामीणों के कोपभाजन का शिकार हुए. मौर्य ने आगे कहा कि कुछ जातिवादी सोच वाले लोग इसका विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मारे गए लोग ब्राह्मण नहीं थे, बल्कि अपराधी थे.

रायबरेली की ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में हुए वीभत्स सामूहिक हत्याकांड की लगातार निंदा की जा रही है. रविवार को हत्याकांड के विरोध में सैकड़ों ब्राह्मणों ने प्रदर्शन किया. हत्याकांड में तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी और दो लोगों को गाड़ी में जिंदा जला दिया गया था.

 

बिहार में बिजली गिरने से 19 की मौत, असम बाढ़ से बेहाल

0
पटना। बिहार में अलग-अलग प्राकृतिक घटनाओं से गंभीर जनहानि हुई है वहां आकाशीय बिजली गिरने से 19 लोगो के मारे जाने की खबर है. वहीं असम राज्य में बाढ़ की स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो गई है. वहां बाढ़ से अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार के सात जिलों में बिजली गिरने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए .जहां कुछ इलाके में हल्की और पूर्वोत्तर में एक -दो स्थानों पर भारी बारिश हुई. एक अधिकारी के अनुसार बिजली गिरने से वैशाली जिले में पांच लोगों की, पटना और भोजपुर में तीन-तीन लोगों की, सारण में दो लोगों की और रोहतास, नालंदा और अररिया जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. वहीं दुसरी और असम राज्य का बुरा हाल है, बता दें कि असम के करीमगंज जिले में बाढ़ से एक और व्यक्ति की मौत होने के साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 26 हो गई है, जबकि 15 जिले में करीब पांच लाख लोग प्रभावित हुए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 1096 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 41 हजार 200 हेक्टेयर क्षेत्र की फसल क्षतिग्रस्त हुई है. इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात की और उन्हें हरसंभव केंद्रीय सहायता देने का आश्वासन दिया. एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य सरकार ने 128 राहत शिविर बनाए हैं. असम में इस समय ब्रहमपुत्र, दिखो धनसिरी, जिया भरली, बेकी और कुशीयार नदियां उफान पर हैं जिन से हुआ नुकसान अरबों रुपये में है.      

ट्रेन में महिलाओं के साथ हुई ‘गंदी हरकत’, हेल्पलाइन से मदद मांगी तो हंसने लगे अफसर

0
pooja nair post

मुंबई। मुंबई की लोकल ट्रेन में एक शर्मनाक घटना का मामला सामने आया है. अपने साथ घटी इस घटना को एक 22 साल की लड़की फेसबुक पर लिखा. 22 साल की पूजा नायर ने अपने फेसबुक पर ट्रेन में घटी शर्मनाक घटना को साझा किया.

पूजा नायर ने फेसबुक पर लिखा कि वह अपनी दोस्त के साथ दोपहर में वोरिवली से दादर जा रही थी. लोकल ट्रेन के लेडीज़ कम्पार्टमेंट में वह बैठी थी. वहां पर उनके अलावा 6 महिलाएं और बैठी थीं, वहीं उसके पास ही हैंडीकैप्ड एरिये के पास एक लड़का खड़ा था. वह वहां से एक लड़की की ओर इशारा कर रहा था, तभी उसने लड़की की तरफ देखकर इशारा किया और गाली देना शुरू कर दिया. उसने 30 सेकंड में 6 बार गाली दी.

पूजा ने लिखा कि जिसके बाद वो सीधा मेरी ओर आ गया, मैंने अपना मुंह नीचे कर लिया. लेकिन वो मेरे पास आया और गाली देना शुरू कर दिया. मेरी तरफ देखते हुए उसने अपना हाथ नीचे किया, अपनी पैंट खोली और गंदी हरकत करने लगा. जिसके बाद मैंने मदद के लिए साथ बैठी महिला से कहा कि वो महिला हेल्पलाइन को फोन करे, उसके बाद हमने महिला हेल्पलाइन को फोन किया.

महिला ने आगे लिखा कि जब मैंने हेल्पलाइन में फोन किया, तो उन्हें फोन पर सारी बात बताई. लेकिन सभी बात सुनकर वह हंसने लगा और फटाफट फोन काट दिया. जैसे ही अगला स्टेशन कांदिवली आया, तो वह आदमी वहां से जाने लगा. हम उस कम्पार्टमेंट में 6 महिलाएं थी, अगर सभी चाहती तो उस व्यक्ति को आसानी से सबक सिखा सकती थीं. जैसे ही मैं उस आदमी की ओर बढ़ी, उसने मुझे कहा कि वह उसका रेप कर देगा. मैंने उसे कहा कि हिम्मत है तो करो.

अपनी फेसबुक पोस्ट पर उन्होंने सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल उठाया. पूजा ने लिखा कि हेल्पाइन्स नंबर क्या हमारी मदद करते हैं? या महिलाओं की समानता का दिखावा किया जाता है?

आपको बता दें कि इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें किसी ट्रेन या फ्लाइट में इस तरह की गंदी हरकतें महिलाओं के साथ हुई हैं. उदाहरण के तौर पर पिछले हफ्ते ही बंगलुरु से मुंबई जा रही एक फ्लाइट में एक व्यक्ति को महिला के साथ अश्लील हरकत करते हुए पकड़ा गया था. आरोपी महिला को अपना प्राइवेट पार्ट दिखा रहा था. 31 वर्षीय आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. कुछ दिनों पहले ऐसा ही एक मामला दिल्ली एयरपोर्ट पर सामने आया था.

भगोड़े माल्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

0
नई दिल्ली। भारत के भगौड़ो बिजनेसमैन विजय माल्या पर सुप्रीम कोर्ट आज यानि सोमवार को फैसला सुनाएगा. यह फैसला कोर्ट की अवमानना मामले में सुनाया जायेगा जिसमें 9 मई को माल्या को कोर्ट की आज्ञा की अवमानना का दोषी माना गया था बता दें की माल्या ने कोर्ट के आदेश के विरुद्ध जाकर अपने बच्चों के अकाउंट में 40 मिलियन डॉलर ट्रांसफर किए थे. इस मामले में कोर्ट ने माल्या को आदेश दिया था कि वह 10 जुलाई को कोर्ट में पेश हों. माल्या एक साल से यूके में है, वहां लंदन की अदालत में उसके प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई चल रही है. भारत ने ब्रिटेन से निवेदन किया है कि माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए. पिछले दिनों जी 20 सम्मेलन के दौरान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन की पीएम टेरीज से इस संबंध में बात भी की थी. बता दें की विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइन भारत के 13 बैंकों की 9000 करोड़ रुपये की लोन डिफॉल्टर घोषित हो चुकी है. 31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइन्स पर बैंकों का 6963 करोड़ रुपए बकाया था. इस कर्ज पर ब्याज के बाद माल्या पर कुल कर्ज 9432 करोड़ रुपए हो चुका है. किंगफिशर एयरलाइन्स अक्टूबर 2012 में बंद हो गई थी. दिसंबर 2014 में इसका फ्लाइंग परमिट भी कैंसल कर दिया गया है.

जातिवादी गुंडे ने दलित किशोरी के हाथों से उठवाया मल

उत्तर प्रदेश। भाजपा सरकार में दलित उत्पीड़न की घटनाऐँ जितनी तेजी से बढ़ रही हैं उस तरह का उत्पीड़न अन्य किसी सरकार में नहीं हुआ. एक ओर जहां सरकार स्वच्छता अभियान का खूब जमकर प्रचार कर रही है वहीं हाथ से मल उठवाने जैसी घटनाऐं सामने आ रही हैं.

अब वर्तमान घटना बुलंदशहर स्थित औरंगाबाद क्षेत्र के गांव बकौरा की है जहां  शनिवार 8 जुलाई को दलित किशोरी को एक ठाकुर किसान के खेत में शौच जाना बहुत भारी पड़ गया. उस किसान ने किशोरी के हाथों से  मल उठवाकर खेत से बाहर फिंकवाया और गंदी गंदी गालियां देकर डराया धमकाया.ड़की ने उसका विरोध किया तो उसकी पिटाई की गई, जिसमें किशोरी के कपड़े फट गए और कई  जगह खरोंचे भी आयी  .

पुलिस ने युवती और उसके परिजनों की  शिकायत के पर उस युवक को हिरासत में ले लिया है. घटना के बाद से गांव की दोनों बिरादरियों में तनाव का माहौल है.

जानकारी के मुताबिक 16 वर्षीय दलित किशोरी सुबह करीब पांच बजे किसान के खेत में खुले में शौच गई थी. शौच करके वह ठाकुर किसान के खेत से बाहर निकल रही थी. तभी किसान ने उसको रोक लिया.

उसने किशोरी को डांट-फटकार लगाई और खेत से मल उठाकर बाहर फेंकने को कहा. मल उठाने से इंकार करने पर किसान का पारा चढ़ गया.  पीड़ित किशोरी ने घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी. इसकी सूचना यूपी-100 पर पुलिस को दी गई. पुलिस ने आरोपी किसान को हिरासत में ले लिया.  पीड़िता ने आरोपी को नामजद कर तहरीर दी है. उधर, मामला पुलिस तक पहुंचने पर आरोपी पक्ष परिजनों पर फैसले को दबाव बनाने में जुटा है पर सवाल अब भी यही उठता है कि इस तरह के दलित उत्पीड़न की घटनाऐँ कब जाकर खत्म होंगी.