ममता के सामने नहीं टिकी भाजपा, 148 में से जीती 140 सीटें

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के सामने भारतीय जनता पार्टी टिक नहीं पाई है. बंगाल में हुए निकाय चुनावों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को बुरी तरह हरा दिया है. चुनाव में टीएमसी ने विपक्षी दलों को लगभग कुचलते हुए जबरदस्त जीत हासिल की है. 13 अगस्त को हुए निकाय चुनाव का परिणाम 18 अगस्त को आया. यह परिणाम चौंकाने वाला हैं. इस चुनाव में देश भर में अपनी सरकार बनाने का दावा करने वाले पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दावे को जबरदस्त धक्का लगा है.

148 वॉर्डों पर हुए इस निकाय चुनावों में से 140 पर ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस को जीत मिली है. चुनाव पश्चिम बंगाल के बुनियादपुर, धूपगुड़ी, दुर्गापुर, हल्दिया, पांसकुरा, कूपर्स कैम्प और नैहाटी में हुए थे. बुनियादपुर की 14 सीटों में से 13 पर टीएमसी के उम्मीदवार जीते हैं जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गई है.वहीं धूपगुड़ी की कुल 16 सीटों में से टीएमसी को 12 और भाजपा को चार सीटें हासिल हुई हैं. कूपर्स कैम्प में तो भाजपा खाता तक नहीं खोल पाई. यहां की सभी 12 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा कर लिया है. दुर्गापुर में भी सभी 43 सीटों तृणमूल को जीत मिली है. नैहाटी में 16 में से 14 पर तृणमूल, एक पर वाममोर्चा और एक पर अन्य प्रत्याशी विजयी हुए हैं. पांसकुरा में 18 सीटों में से तृणमूल ने 17 और बीजेपी ने एक सीट पर जीत हासिल की है. हल्दिया में भी सभी 29 सीटों पर टीएमसी ने जीत दर्ज कराई है. इस चुनाव के परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि भारत को जीतने का सपना देखने वाली भाजपा के लिए राह आसान नहीं है. बंगाल में ममता बनर्जी, ओडिसा में नवीन पटनायक, तामिलनाडु में जयललिता की पार्टी और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य में चंद्रबाबु नायडू जैसे नेता अमित शाह के 350+ के दावे की हवा उड़ाने के लिए काफी हैं.

भाजपा नेता की गौशाला में मरी 200 से ज्यादा गायें

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक की भारतीय जनता पार्टी के नेता की गोशाला में 200 से ज्यादा गायों की मौत हो गई है. राजपुर गांव के ग्रामीणों ने इलाके के SDM को शिकायत करके बताया है कि मृत गायों को गांव के एक सुनसान इलाके में दफना दिया गया है.

आरोप है कि कम से कम 200 गाय भुखमरी और दवाओं की कमी के चलते राज्य के दुर्ग स्थित राजपुर गांव में मर गईं. कई गायों को गोशाला के करीबी ही दफन कर दिया है जबकि कुछ शवों को जिन्हें दफनाया नहीं गया था वो आस-पास पाए गए हैं.

भाजपा नेता हरीश वर्मा जो जमूल नगर निगम के उपाध्यक्ष भी हैं, वो यह गोशाला बीतें सात सालों से चला रहे हैं. पुलिस ने कहा कि हरीश वर्मा को छत्तीसगढ़ कृषि पशु संरक्षण संरक्षण-2004, पशु अधिनियम के लिए क्रूरता की धारा 190 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 409 की धारा 4 और 6 के तहत शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था.

राजपुर सरपंच के पति सेवा राम साहू ने कहा कि हमने देखा कि दो दिन पहले गोशाला के पास जेसीबी मशीनें चल रही थीं और हमने कुछ मीडिया के व्यक्तियों को बताया. जब हम यहां पहुंचे, तो हमने पाया कि जमीन पर मृत गायों को दफनाने के लिए की गड्ढे खोदें जा रहा थे. वो कम से कम 200 की संख्या में थीं.

दुर्ग जिले के पशु चिकित्सा विभाग के उप निदेशक एमके चावला ने कहा कि पिछले दो दिनों में 27 गायों का पोस्टमार्टम किया गया है. चावला ने कहा कि अन्य 50 गायों कि स्थिति गंभीर है जिनका इलाज किया जा रहा है. मौतों की संख्या बढ़ सकती है. कहा जा रहा है कि गोशाला की क्षमता 220 गायों तक हैं लेकिन यहां 650 से अधिक गाय हैं.

प्रधानमंत्री मोदी हुए लापता, वाराणसी में लगे पोस्टर

वाराणसी। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं खो गए हैं. हो गए ना हैरान! जी हां, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं लापता हो गए हैं. वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ढूंढने के लिए पोस्टर लगवाए गए हैं. लेकिन ये पोस्टर किसने लगवाए इसका पता नहीं चल पाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में उनके लापता होने के पोस्टर दिखे हैं.

पोस्टर में यह लिखा गया है कि पीएम मोदी लापता हैं और लाचार, बेबस और हताश काशीवासियों की तरफ से यह पोस्टर लगवाया गया है. पोस्टर पर एक नारा भी लिखा गया है, “जाने वह कौन सा देश जहां तुम चले गए”. इस पोस्टर के नीचे लिखा गया है लाचार, बेबस और हाताश काशीवासी.

प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ पोस्टर के नीचे लिखे संदेश में यह भी लिखा है कि आखिरी बार इन्हें वाराणसी में वोट मांगने के लिए आए हुए देखा गया था. उसके बाद से अब तक लापता हैं. लापता होने के कारण मजबूरी में गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज करानी पड़ रही है.

प्रधानमंत्री के लापता होने वाले इन पोस्टर की सूचना जैसे ही प्रशासन को लगी तो पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया जिसके बाद तुरंत ही पुलिस को इन्हें पूरे जिले से हटाने के निर्देश दे दिए गए. काशी पुलिस मोदी के लापता होने का पोस्टर लगाने वाले की तलाश में पुलिस जुट गई है. कई इलाको में सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

शिवराज सरकार के खिलाफ खड़े हुए भाजपा नेता, दिया सामूहिक इस्तीफा

धार। मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं ने शिवराज सिंह प्रशासन का विरोध कर पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है. भारतीय जनता पार्टी के कड़माल मंडल के पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. ये इस्तीफा उन्होंने मेधा पाटेकर को झूठे आरोप में फंसाए जाने के विरोध में दिया है.

मध्यप्रदेश सरकार के इस रवैए से नाराज भारतीय जनता पार्टी के मंडल कड़माल जिला धार के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष सहित 30 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया. त्यागपत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि इस सरकार से हमारा भरोसा उठ गया है. जो सरकार अपने पुनर्वास के लिए लडाई लड़ रही महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करे, कार्यकर्ताओं तथा आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर को झूठे आरोपों में फंसाकर जेल में रखे और 32 साल के संघर्ष के बाद भी पुनर्वास करने की बजाय हिंसक प्रवृत्ति अपनाए, हम ऐसी पार्टी का हिस्सा नहीं रहना चाहते.

दरअसल, मेधा पाटेकर सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाए जाने के कारण मध्य प्रदेश के डूब प्रभावितों की लड़ाई लड़ रहीं हैं. लेकिन शिवराज प्रशासन नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर को झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेज दिया है. डूब प्रभावितों को पुनर्वास की बजाय प्रशासन उन्हें डरा धमका रहा है.

नर्मदा बचाओ आंदोलन के मुताबिक, मेधा पाटकर पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं. वह नौ दिन से धार की जेल में हैं. इसके अलावा भी कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. हजारों लोगों पर प्रकरण दर्ज किए गए हैं. बिना किसी अपराध के लोगों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, अहिंसक लोगों पर हिंसा बरपाई जा रही है. हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि आंदोलन को कुचल दिया जाए.

आंदोलनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आमजन की आवाजों को दबाया जा रहा है, ताकि हर उस संघर्ष को खत्म किया जा सके जो सरकार के भ्रष्टाचार, अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण नीतियों को उजागर करने के लिए चल रहे हैं.

बिहार में आमने-सामने आए शरद औऱ नीतीश

पटना। एक दूसरे से अगल राजनैतिक राह पर चल चुके नीतीश कुमार और शरद यादव आज पटना में आमने-सामने होंगे. नीतीश कुमार ने जहां पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है तो वहीं शऱद यादव गुट इससे दूर है. शरद यादव औऱ उनके समर्थक अन्य नेताओं ने इस बैठक के बहिष्कार का ऐलान किया है. शरद यादव भी पटना में ही अपने समर्थकों के साथ सामानांतर बैठक कर रहे हैं. अपने विरोध को लेकर नीतीश कुमार इतने डरे हुए हैं कि पहले दिल्ली में प्रस्तावित बैठक को पटना में शिफ्ट किया गया, फिर होटल मौर्या में होने वाली बैठक नीतीश ने मुख्यमंत्री आवास पर ही बुला ली है.

इसके साथ ही यह लगभग तय है कि इस बैठक के साथ ही शऱद यादव औऱ नीतीश कुमार का सत्रह साल का गठबंधन टूट जाएगा. नीतीश कुमार ने वर्ष 2003 में अपनी समता पार्टी का विलय शरद यादव के जनता दल में किया था. वे लोग 17 साल तक बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन का हिस्सा रहे. जब वर्ष 2013 में बीजेपी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया, तो नीतीश कुमार ने गठबंधन से रिश्ता तोड़ लिया था.

2015 में बिहार विधानसभा चुनाव भी नीतीश कुमार ने मोदी और भाजपा गठबंधन के खिलाफ लड़ा. लालू यादव के साथ अपनी पिछली सारी अदावतों को भूलते हुए नीतीश कुमार ने बिहार के विधानसभा चुनाव के लिए लालू यादव के राष्ट्रीय जनता दल औऱ कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था मिलकर सरकार बनाई. हालांकि पिछले महीने ही लालू यादव समेत पूरे परिवार पर तमाम आरोप लगाते हुए औऱ दबाव की बात कहते हुए नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़ कर भाजपा के साथ सरकार बना लिया था. जिसे अनैतिक बताते हुए शरद यादव ने नीतीश कुमार से अपना रास्ता अलग कर लिया है.

सृजन घोटाले में नीतीश व सुशील मोदी इस्तीफा दें: लालू

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में 750 करोड़ रुपया का एनजीओ घोटाला सामने आया है. इसके तहत शहरी विकास के लिए भेजी गई यह राशि गैर-सरकारी संगठन के खातों में पहुंचाई गई. अब तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले की प्राथमिक जांच से उजागर हुआ है कि मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए सरकारी बैंकों में पैसा जमा हुआ जोकि गैर-सरकारी संगठन सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खाते में ट्रांसफर हो गया.

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व सुशील मोदी अपने पद से इस्तीफा दें. इनके रहते सही तरीके से जांच नहीं हो सकती. सुप्रीम कोर्ट से भी आग्रह करेंगे कि सृजन घोटाला मामले की मॉनिटरिंग करे. इस मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन होना चाहिए. श्री प्रसाद शुक्रवार को राजकीय अतिथिशाला में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सारी नीतियों को ताख पर रख कर राशि लुटवाने का काम किया है. इस घोटाले में बड़े-बड़े भाजपा नेता भी फंसेंगे.

सृजन संस्था की शुरुआत महज दो महिलाओं के साथ मनोरमा देवी ने की थी. धीरे-धीरे महिलाओं की संख्या बढ़ कर करीब छह हजार हो गयी. गरीब, पिछड़ी, महादलित महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें आत्मनिर्भर करने के उद्देश्य से इस संस्था की शुरुआत की गयी थी. महिलाओं का तकरीबन 600 स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें स्वरोजगार से सृजन ने जोड़ा.

पति के निधन बाद भागलपुर आ गयी थी मनोरमा: वर्ष 1991 में मनोरमा देवी के पति अवधेश कुमार का असामयिक निधन हो गया था. उनके पति रांची में लाह अनुसंधान संस्थान में वरीय वैज्ञानिक के रूप में पदस्थापित थे.

उनके नहीं रहने पर छह बच्चों की परवरिश का जिम्मा मनोरमा पर आ गया. वर्ष 1993-94 में उन्होंने सबौर में किराये के एक कमरे में सुनीता और सरिता नामक दो महिलाओं के सहयोग से एक सिलाई मशीन रखकर कपड़ा सिलने का काम शुरू किया. इसके बाद रजंदीपुर पैक्स ने 10 हजार रुपये कर्ज दिया. इससे कारोबार को बल मिला और कपड़े तैयार कर बाजर में बेचा जाने लगा. आमदनी बढ़ने लगी, तो सिलाई-कढ़ाई का काम आगे बढ़ता गया. एक से बढ़ कर कई सिलाई मशीनों पर काम होने लगा. इसके साथ-साथ महिलाओं की संख्या भी बढ़ने लगी.

वर्ष 1996 में मिला था रजिस्ट्रेशन: वर्ष 1996 में सृजन महिला का समिति के रूप में रजिस्ट्रेशन हुआ. इसमें मनोरमा देवी सचिव के रूप काम कर रही थी. महिलाओं को समिति से जुड़ता देख सहकारिता बैंक ने 40 हजार रुपये कर्ज दिया. काम से प्रभावित होकर सबौर स्थित ट्रायसम भवन में समिति को अपनी गतिविधियों के आयोजन की अनुमति मिली. बाद में 35 साल की लीज पर यह भवन समिति को मिल गया.

मनोरमा की मौत के बाद प्रिया बनी सचिव : मनोरमा देवी की मौत 69 वर्ष की उम्र में 14 फरवरी 2017 को हो गयी. इसके बाद उनकी बहू और अमित कुमार की पत्नी ने सचिव पद पर योगदान दिया. प्रिया कुमार शहर में बेस्ट मदर प्रतियोगिता का भी हाल में आयोजन किया था. मनोरमा देवी के बड़े पुत्र डॉ प्रणव कुमार ऑस्ट्रेलिया में चिकित्सक हैं.

छोटे पुत्र अमित कुमार भागलपुर के तिलकामांझी स्थित तुलसीनगर कॉलोनी में कुछ वर्ष पूर्व तक लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का अध्ययन केंद्र डॉ ए कुमार इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में चलाया करते थे. इसके बाद अध्ययन केंद्र बंद कर उसमें इथिकल हैकिंग का कंप्यूटर कोर्स शुरू किया.

बाद के दिनों में डॉ ए कुमार इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के बाद कुमार क्लासेस नाम से इंस्टीट्यूट चलाने लगे. इसी दौरान एक प्रयास नामक संस्था की कुमार ने शुरुआत की. इसके अंतर्गत रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाने लगा. दूसरी ओर कुमार क्लासेस की बिल्डिंग में ही इ-बिहार झारखंड नाम से न्यूज पोर्टल भी संचालित किया जाता था. अमित कुमार एक पत्रिका लीडर्स स्पीक का प्रकाशन भी कर रहे थे, जिसके वे चीफ एडिटर थे.

RBI ने जा़री किया 50 के नए नोट का सैंपल

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही 50 रुपए का नोट जारी करेगा. नए नोट पर आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे. यह नोट महात्मा गांधी वाली नई सीरीज के अंतर्गत जारी किया जाएगा. वहीं बाजार में पहले से मौजूद 50 रुपए के पुराने नोट भी मान्य होंगे. यह जानकारी आरबीआई ने एक नोटिफिकेशन के जरिए दी है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से बीते साल 8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद आरबीआई ने 500 और 2000 रुपए का नया नोट जारी किया था. नोटबंदी के बाद आरबीआई ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को अमान्य कर दिया था.

50 रुपए के नए नोट के पिछले हिस्से पर रथ के साथ हम्पी की आकृति होगी, जो कि देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगी. आपको जानकारी के लिए बता दें कि कर्नाटक स्थित हम्पी यूनेस्को की ओर से घोषित वर्ल्ड हेरिटेज साइट है. असल में यह मंदिरों और स्मारकों का शहर है.

वहीं नोट के अगले हिस्से पर महात्मा गांधी का चित्र, इलेक्ट्रोटाइप (50) वाटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड जिसपर भारत और आरबीआई लिखा होगा, बाईं ओर अशोक स्तंभ और नंबर पैनल में बढ़ते हुए क्रम के साथ अन्य फीचर भी होंगे. वहीं नोट के बाईं ओर प्रिंटिंग यानी छपाई का साल लिखा हुआ होगा. साथ ही नोट पर स्वच्छ भारत अभियान का स्लोगन, इसका लोगो और लैंग्वेज पैनल भी मौजूद होगा.

ICC के रैकिंग में टॉप पर रहे कोहली

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भारतीय कप्तान विराट कोहली ताजा वनडे रैकिंग में बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर कायम हैं. शुक्रवार को जा़री रैंकिंग में कोहली 873 की रेटिंग के साथ टॉप पर हैं. रविवार से शुरू होने वाली 5 वनडे मैचों की सीरीज के दौरान उनके पास दूसरे नंबर पर काबिज डेविड वॉर्नर पर बढ़त बनाने का अच्छा मौका रहेगा. इन दोनों के बीच अभी 12 अंक का अंतर है.अन्य भारतीय बल्लेबाजों में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (12वें), शिखर धवन (13वें) और उप-कप्तान रोहित शर्मा (14वें) शीर्ष 15 में शामिल हैं. हालांकि कोई भी भारतीय गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं है. तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (13वें) शीर्ष 15 में शामिल एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं.

आईसीसी वनडे टीम रैंकिंग में भारत अभी नंबर 3 पर है और उसे इस पोजिशन पर बने रहने के लिए आगामी सीरीज 4-1 से जीतनी होगी. भारत के अभी 114 अंक हैं और अगर वह 3-2 से भी सीरीज जीतता है, तो उसके 113 अंक हो जाएंगे और वह दशमलव में गणना करने पर इंग्लैंड से पीछे खिसक जाएगा जो अभी चौथे नंबर पर है.इस बीच श्रीलंका की निगाहें आगामी सीरीज के दौरान आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में सीधे क्वालिफाई करने पर टिकी रहेंगी. उसे 50 ओवर के शीर्ष टूर्नामेंट में अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए कम से कम दो मैच जीतने होंगे. सीधे क्वालिफिकेशन की आखिरी तारीख 30 सितंबर है. श्रीलंका अभी 88 अंक लेकर 8वें स्थान पर है. उसके वेस्टइंडीज से 10 अंक अधिक हैं. कैरेबियाई टीम के लिए मेजबान इंग्लैंड के अलावा 7 अन्य शीर्ष रैकिंग वाली टीमों में जगह बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा.

आईसीसी वनडे टीम रैंकिंग में अंतिम 4 स्थानों पर रहने वाली टीमों को क्वालिफाइंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेना होगा, जिसमें आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग चैंपियनशिप की शीर्ष चार टीमें और आईसीसी वर्ल्ड क्रिकेट लीग की चोटी की 2 टीमें भी भाग लेंगी. इस क्वालिफाइंग प्रतियोगिता में शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में खेलेंगी. दो मैच जीतने से श्रीलंका के 90 अंक हो जाएंगे और ऐसे में अगर वेस्टइंडीज आयरलैंड के खिलाफ 13 सितंबर को होने वाला एकमात्र वनडे और इंग्लैंड के खिलाफ 19 से 29 सितंबर तक होने वाली सीरीज के सभी 5 मैच भी जीत लेता है, तब भी उसके अंकों की संख्या 88 पर ही पहुंच पाएगी.

आशीष कुलकर्णी ने छोड़ी कांग्रेस, लगाए बड़े आरोप

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नई दिल्ली। कांग्रेस के कोऑर्डिनेशन सेंटर के सदस्य और राहुल गांधी के करीबी सहयोगी रहे आशीष कुलकर्णी ने पार्टी छोड़ दी है. पार्टी से अपने इस्तीफे के साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी को कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की अफवाहों पर भी सवाल खड़े किए. राहुल के करीबी सहयोगी रहे आशीष ने उन्हें भेजे अपने इस्तीफे में कहा कि प्रियंका के प्रमोशन की अफवाहें पार्टी के ही ऐसे दिग्गज चेहरे फैला रहे हैं, जो 2014 की करारी हार के कारण नहीं बता पा रहे. आशीष ने कहा कि अब ऐसे लोग हार का सारा दोष राहुल गांधी पर मढ़ना चाहते हैं. यही नहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी में वंशवाद बढ़ने के भी आरोप लगाए.

आशीष कुलकर्णी  ने कहा कि कांग्रेस अब कश्मीर मुद्दे पर अलगाववादियों के साथ खड़ी दिखती है. उन्होंने कहा कि जेएनयू प्रकरण में कांग्रेस एक तरह से अल्ट्रा लेफ्ट के साथ सहानुभूति दिखाती नजर आई. आशीष ने लिखा कि पार्टी ने जमीनी हकीकत से दूरी बना ली है और मौजूदा स्थितियों को समझने और कार्यकर्ताओं से जुड़ने में असफल साबित हो रही है.इन अफवाहों को ‘घृणित’ करार देते हुए कुलकर्णी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि पुराने नेताओं की ओर से ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं ताकि ऐसी धारणा बने कि पार्टी में राहुल के नेतृत्व पर अविश्वास का माहौल है.

2009 के बाद से ही कांग्रेस के वॉर रूम से जुड़े रहे आशीष ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर कई सवाल खड़े किए हैं. राहुल गांधी को संबोधित 3 पेज के अपने पत्र में आशीष ने लिखा, ‘हम पार्टी में प्रबंधन को मजबूत नहीं कर सके हैं. महाराष्ट्र, असम, गोवा, अरुणाचल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पार्टी की निर्णयहीनता के चलते हार का सामना करना पड़ा है. यही स्थिति हिमाचल और गुजरात में भी दोहराई जा सकती है.

महिला सांसद ने बुर्के को बताया सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

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सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर पाउलिन हैंसन संसद में बुर्का पहनकर आईं. पाउलिन हैंसन ऑस्ट्रेलिया में बुर्का के खिलाफ मुहिम चला रही हैं. इसी मुहिम के तहत वो बुर्का पहनकर संसद पहुंची और कहा, इस पर बैन लगाना जरूरी है. हालांकि उनके इस कैंपेन को कई मुस्लिम सांसदों ने आलोचना की है.

मुस्लिम विरोधी, प्रवासी विरोधी ‘वन नेशन माइनर पार्टी’ की नेता पाउलिन हैंसन ने गुरुवार को दस मिनट से ज्यादा समय के लिए सिर से लेकर टखने तक काले रंग का बुर्का पहना.

उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर ऐसे लिबास पहनने पर रोक लगाई जाए. अटॉर्नी जनरल जॉर्ज ब्रैंडिस ने कहा कि उनकी सरकार बुर्का पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी जिसे लेकर उनकी तारीफ की गई और उन्होंने हैंसन की आलोचना करते हुए इसे ऑस्ट्रेलिया में मुस्लिम अल्पसंख्यकों का अपमान करने वाला ‘स्टंट’ बताया.

बाद में पाउलिन ने कहा, ‘मैं बुर्का उतारकर काफी खुश हूं क्योंकि पार्लियामेंट में इसे पहनकर नहीं आना चाहिए था.’ पाउलिन ने सिर से लेकर टखने तक काले रंग का बुर्का पहना था.

JNU के छात्रों से मारपीट और छात्रा से रेप करने की कोशिश

नई दिल्ली। देश की सबसे प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों पर लाठियों से हमला करने का मामला सामने आया है. यह घटना थाना सूरजकुंड क्षेत्र की है जहां दोस्तों के साथ घूमने आए छात्र के साथ ऐसा हुआ. इनके साथ एक छात्रा भी थी जिसके साथ रेप और छेड़छाड़ की कोशिश की गई.

दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर सूरजकुंड थाने को भेजी है. छात्रा ने फरीदाबाद पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उससे और उसके दोस्तों से जबरदस्ती लिखवाया गया कि वो कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते और मामला दर्ज नहीं किया गया. सूरजकुंड के एसएचओ ने आरोप को गलत बताया. सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि छात्रों ने बिना किसी दबाव के बयान दिया. जेएनयू की छात्रा ने पुलिस को बताया कि 14 अगस्त को जेएनयू के छह छात्र और वह असोला वन्यजीव अभयारण्य के अंदर बनी एक झील के पास गए थे. रात को 8:30 बजे वो लौट रहे थे. छात्रा अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर मेन रोड पर जा रही थी और चार दोस्त पीछे पैदल आ रहे थे. तभी रास्ते में कुछ युवकों ने बाइक रुकवा ली. छात्रों में एक अल्पसंख्यक भी था. रास्ते में मिले युवक धार्मिक भावनाओं को भड़काने लगे और उसे परेशान करने लगे. छात्रों के विरोध करने पर भी वो नहीं माने और लड़की से अश्लील हरकत करने लगे और रेप का प्रयास किया. तभी 8-9 लोगों ने उनपर लाठियों से हमला किया. आरोपियों ने उनकी आईडी मांगी और मोबाइल भी तोड़ दिया. जेएनयू के स्टूडेंट इसकी शिकायत दर्ज कराने सूरजकुंड गए तो पुलिस ने उनसे जबरदस्ती लिखवा लिया की वो कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते. छात्रा ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दी और वसंत कुंज थाने ने जीरो एफआईआर कर थाना सूरजकुंड पुलिस को भेजी. थाना सूरजकुंड प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज ने कहा कि विद्यार्थी मानव रचना यूनिवर्सिटी के सामने मौजूद खूनी झील पर गए थे. वहां पर बहुत सी चेतावनियां भी लिखी थीं लेकिन वो देर रात तक वहां रहे और जब वो वापस लौटे तो ये घटना हुई. कंट्रोल रूम को जब जानकारी मिली तो पुलिस वहां पहुंची.

हम पाकिस्तानी नहीं हिन्दुस्तानी मुसलमान हैंः फारूक अब्दुल्ला

नई दिल्ली। अपनी नई सियासी राह को तलाशने के लिए शरद यादव गुरूवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में साझी विरासत बचाओ के नाम पर एक सम्मेलन कर विपक्ष को एक जुट करने की कवायद में लगे हैं. शरद यादव के इस सम्मेलन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा गुलाम नवी आजाद के साथ 17 बड़े विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के नेता शामिल हुए.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने भी देश के हालात पर चिंता जताई, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि भारत, चीन और पाकिस्तान का सामना किया जा सकता है, लेकिन दुर्भाग्यवश आज भीतर से खतरा है, बाहर से नहीं. अब्दुल्ला ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के अंदर कोई चोर बैठा हुआ है, जो हमारा बेड़ा गर्क कर रहा है.

केंद्र सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पहले हमारी लड़ाई अंग्रेजो से थी लेकिन अब अपनों से है. खुद को हिन्दुस्तानी मुसलमान कहते हुए उन्हें फक्र होता है. लेकिन जो लोग जोड़ने की बात करते हैं वही बांटने में लगे हैं. पहले एक पाकिस्तान बना चुके है लेकिन अब पाकिस्तानी बनाने में लगे हैं. उनसे कहा जाता है कि वह वफादार नहीं है लेकिन पलटवार करते हुए वह कहते हैं कि आप दिलदार नहीं हैं. हम लोगों के पास 1947 में पाकिस्तान जाने का विकल्प था. लेकिन आज हमें पाकिस्तानी कहा जा रहा है. हम पाकिस्तानी या अंग्रेजी मुसलमान नहीं हैं, हम हिन्दुस्तानी मुसलमान हैं. फारूक अब्दुला ने कहा कि देश में ऐसा भ्रम फैलाया जा रहा है जैसे कश्मीर के मुसलमान पाकिस्तानी हैं.

स्पेन में ISIS का बड़ा आतंकी हमला, 13 की मौत और 100 से ज्यादा घायल

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बार्सिलोना। स्पेन के बार्सिलोना और कैम्ब्रिल्स में गुरुवार को आतंकी हमला हुआ. बार्सिलोना के सिटी सेंटर में आतंकियों की एक वैन ने कई लोगों को कुचल दिया. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए. वहीं, दूसरा हमला बार्सिलोना से 100 किलोमीटर दूर कैम्ब्रिल्स में हुआ. यहां कार ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर भागने की कोशिश की. इस घटना में 1 पुलिसकर्मी सहित 7 लोग घायल हो गए. हालांकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 4 आतंकियों को मार गिराया है. वहीं, एक संदिग्ध आतंकी को घायल कर गिरफ्तार कर लिया गया है.

कैटोलोनिया प्रांत की पुलिस ने एक बयान में कहा कि बार्सिलोना के लॉस रामब्लास इलाके में एक व्यक्ति ने वाहन से टक्कर मारी. इसमें कई लोग घायल हो गए. घटना वाले इलाके की घेराबंदी कर दी गई, मौके पर कई एंबुलेंस और पुलिस वाहन मौजूद हैं. लास रामब्लास बार्सिलोना का बहुत मशहूर एवं व्यस्त इलाका है. आमतौर पर यहां पर्यटकों की खासी भीड़ होती है और रात तक मनोरंजन कार्यक्रम चलते रहते हैं. स्पेन अब तक इस तरह के चरमपंथी हमले से बचा रहा है जो हाल के समय में फ्रांस, बेल्जियम और जर्मनी में हुए हैं.

आईएस ने ली जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने हमले की जिम्मेदारी ली है. पुलिस ने ट्विटर पर इस घटना को ‘भयावह’ बताया. क्षेत्रीय गृह मंत्री जोआक्विम फोर्न ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. उन्होंने बताया कि हमले में घायल हुए लोगों में से 10 की स्थिति गंभीर है.

दलित महिला ने मजदूरी से किया इनकार तो सवर्णों ने काट डाली नाक

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक दलित महिला की नाक काटने का मामला सामने आया है. महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने बंधुआ मजदूर बनने से साफ इनकार कर दिया था.

महिला का आरोप है कि उसे और उसके पति को जबरन बंधुआ मजदूरी करने के लिए कहा जा रहा था. इनकार करने पर उसकी नाक काट दी गई. मामले का संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश महिला आयोग ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है. इस मामले में दलित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की शिकायत को महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े ने गंभीर मानते हुए पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं तथा कहा कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाये और उन्हें कडी से कड़ी सजा दी जाए.

पीड़ित महिला दलित परिवार से आती है. पुलिस ने बताया कि बीते सोमवार को ऊंची जाति के आरोपी बाप-बेटे ने घर में मजदूरी का काम कराने के लिए पीड़ित महिला और उसके पति को वहां आने को कहा लेकिन दोनों ने इससे इनकार कर दिया. आरोप है कि इसी बात से आरोपियों को गुस्सा आ गया.

आरोपी बाप-बेटे ने दलित दंपति को जातिसूचक गाली देते हुए उनकी जमकर पिटाई की. इसके बाद पीड़िता जब अपने पति को अस्पताल लेकर जा रही थी, उसी समय एक आरोपी ने उसकी नाक काट दी. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े को आपबीती सुनाई.

सुरखी पुलिस थाना प्रभारी आर एस बागरी ने बताया कि सोमवार को नरेन्द्र सिंह (32) और उसके पिता साहब सिंह ने राघवेन्द्र धानक (40) एवं उसकी पत्नी जानकी को अपने घर पर आने और मजदूरी का काम करने को कहा था. थाना प्रभारी बागरी ने बताया कि महिला की शिकायत पर हमने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 एवं 324 सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर  दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.