राजनीति में बढ़ते आकाश आनंद के कदम

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बसपा प्रमुख सुश्री मायावती ने भतीजे और नेशनल को-आर्डिनेटर आकाश आनंद को तीन राज्यों के चुनाव की कमान दे दी है। आकाश आनंद गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव के चुनाव प्रमुख होंगे। आकाश आनंद इन तीनों राज्यों को लेकर चुनावी रणनीति बनाएंगे और सीधे बसपा प्रमुख और अपनी बुआ सुश्री मायावती को रिपोर्ट करेंगे। 2019 में आकाश आनंद को नेशनल को-आर्डिनेटर बनाए जाने के बाद पहली बार उनको यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। बसपा प्रमुख के इस कदम से साफ है कि आकाश आनंद अब सीधे फ्रंट पर आकर राजनीति करेंगे।

 इससे पहले आकाश आनंद पंजाब चुनाव के दौरान भी सक्रिय रहे थे। पंजाब चुनाव में अकाली दल के साथ बसपा के गठबंधन के कारण यह माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव में बसपा बेहतर प्रदर्शन करेगी। यह भी संभावना जताई जा रही थी कि तब बहनजी पार्टी के प्रदर्शन का श्रेय आकाश आनंद को देकर उन्हें आगे बढ़ाएंगी। लेकिन बसपा के खराब प्रदर्शन के बाद आकाश आनंद को यूपी चुनाव से भी दूर रखा गया। इसको लेकर काफी चर्चाएं भी चली थीं। क्योंकि तब सतीश चंद्र मिश्रा के बेटे काफी सक्रिय थे, जबकि आकाश आनंद सामने नहीं आ रहे थे। लेकिन इसके बाद जिस तरह से बहनजी ने धीरे-धीरे आकाश आनंद को राजनीति के गुर सीखने के लिए मैदान में उतारा उससे आकाश आनंद राजनैतिक तौर पर काफी परिपक्व भी हुए हैं। हाल ही में उन्हें जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार के साथ भी देखा गया था। प्रो. विवेक को बसपा का शुभचिंतक माना जाता है। ऐसे में साफ है कि आकाश आनंद लगातार समाज के बुद्धिजीवियों से भी मिलकर उनके ज्ञान और अनुभव का लाभ ले रहे हैं।

पिछले कुछ समय से वह लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं और उनके साथ बैठक कर रहे हैं। हाल ही में आकाश आनंद ने 27 अगस्त को चेन्नई में यूथ कांफ्रेंस में शिरकत की थी, जहां उन्होंने दलित समाज के राजनैतिक और सामाजिक आंदोलन पर युवाओं से चर्चा की थी। इसमें ‘जय भीम’ मॉडल पर फोकस किया गया था। आकाश आनंद के खुल कर राजनीतिक मैदान पर उतरने से बसपा के भीतर युवाओं में खासा उत्साह है।

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