राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति युवा संघ( najjys) ने राज्यपाल को पत्र लिख कर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एससी/एसटी सेल के गठन करने की मांग की है.
जानकारी अनुसार संघ के राष्ट्रीय महासचिव अंकित पचौरी (ankit pachauri) ने देश मे हाल ही में चल रहे डॉ. पायल तड़वी मामले का हवाला देकर प्रदेश के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में एससी/एसटी वर्ग के छात्रों के लिए सेल का गठन करने की बात कही है पचौरी का कहना है कि अनु.जाति और अनु.जनजाति के विद्यार्थी अपनी समाज को लेकर प्रताड़ित और भेदभाव का शिकार होते है, पर शिकायत नही कर पाते और या तो पढ़ाई वीच में छोड़ते है या फिर अनुचित कदम उठा लेते है. अंकित पचौरी ने यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में ही एससी/एसटी सेल बनाने की मांग की है.
शिकायत पर कार्रवाई होती तो नही जाती डॉ पायल की जान.
डॉ पायल तड़वी सुसाइड मामला शोसल मीडिया पर ट्रोल कर रहा है. देश का ज्वलंत मुद्दा भी बन चुका है. डॉ पायल तड़वी ने अपनी ही सीनियर के जातिगत तानों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी, इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति युवा संघ (नाजी) के राष्ट्रीय महासचिव अंकित पचौरी ने कहा कि यदि समय पर डॉ पायल की शिकायत पर अस्पताल प्रशासन कार्यवाही करता तो पायल आत्महत्या नही करती. पचौरी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई- दिल्ली के निर्देश अनुसार विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में इस वर्ग के छात्रों की शिकायत और समस्याओं के लिए एससी/एसटी सेल गठित होना चाहिए. लेकिन कई महाविद्यालयों में आज तक गठन नही हुआ है.
हमने मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल को अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रों पर प्रताड़ना, भेदवाव एवं अन्य समस्याओं की शिकायत और निराकरण के लिये एससी/एसटी सेल का गठन यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों किये जाने का निवेदन किया है.
अंकित पचौरी,
राष्ट्रीय महासचिव
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति युवा संघ(नाजी)
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