दलित समाज के प्रखर बुद्धिजीवि और बिहार कैडर में 1973 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. ए. के. बिस्वास का 28 फरवरी को निधन हो गया। डॉ. बिस्वास लंबे समय से बीमार थे। उन्होंने कोलकाता में अपनी अंतिम सांस ली। उनके जीवन की कहानी संघर्ष...
डॉ. आंबेडकर ने एक बार कांग्रेस पार्टी की तुलना धर्मशाला से की थी, जहां विभिन्न विचारों और विचारधाराओं के लोगों ने शरण ली थी। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर सनातनवादी, पूंजीवादी, समाजवादी, कम्युनिस्ट, रूढ़िवादी और रूढ़िवादी विरोधी व्यक्ति और विरोधाभासी मान्यताओं वाले कई...
उत्तर प्रदेश में OBC/SC/ST वर्ग के अधिकारियों के साथ हो रहे भेदभाव ने योगी सरकार की असली मानसिकता को उजागर कर दिया है। BJP शासित राज्यों में बहुजन समाज के अधिकारियों की तरक्की में लगातार रोड़े अटकाए जा रहे हैं, और इसकी ताजा मिसाल...
प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ का नारा दिया तो जनता को यकीन हो गया कि अब प्रशासन उनकी बेटियों की हिफाजत करेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अपनी बेटी की संदेहास्पद मौत के बाद एक...
आजकल बहुजन मूवमेंट के नेतृत्व के खिलाफ बोलने का फैशन चल पड़ा है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी जी ने कुछ यूट्यूबर्स से मुलाक़ात में मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी के योगदान पर सवाल उठाया था। फिर केंद्रीय गृहमंत्री ने संसद...
प्रयागराज के महाकुंभ यात्रा में हो रहे हृदय विदारक हादसों तथा हथकड़िया और बेडि़यां पहने अवैध भारतीयों का अमेरिका से निर्वासन जैसी खबरों के मध्य कांग्रेस से संगठन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव भी इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा की...
रेल मंत्रालय में साल दर साल फ़रवरी के महीने में वाराणसी जाने के लिए स्पेशल ट्रेन बुक कराने के प्रार्थना पत्र आते हैं। इनमे से ज़्यादातर प्रार्थना पत्र पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आते हैं, और गंतव्य स्टेशन होता हैं मंडुवाडीह। प्रार्थना पत्र नवम्बर...
आरएसएस-भाजपा के चंगुल से भारतीय लोकतंत्र को निकालने के मार्ग की एक पहली बाधा राहुल गांधी पार करते हुए दिख रहे हैं। पहली चीज यह समझनी और कहनी थी कि आरएसएस-भाजपा से संघर्ष सामान्य राजनीतिक संघर्ष नहीं है, जिसमें एक पार्टी सत्ता में आती...
अख़बार में पढ़ा था कि गत दिनों बनारस में कुछ दलित छात्रों ने मनुस्मृति को जलाने का कार्यक्रम किया था, और वे सब जेल में बंद हैं। समझ में नहीं आता कि दलित ऐसी बेवकूफियां क्यों करते हैं? वे डा. आंबेडकर का अनुसरण...
हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की मृत्यु के बाद उनके स्मारक की मांग उठाई जाने लगी। कांग्रेस पार्टी का कहना था कि केंद्र सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री का स्मारक बनाने के लिए जमीन आवंटित करनी चाहिए। इस बीच केंद्र सरकार ने...
मैंने लिखा था, वे गांधी-नेहरू के बाद अंतिम हमला आंबेडकर पर ही बोलेंगे, आखिर अमित शाह ने आंबेडकर पर हमला बोल ही दिया। भारत को हिंदू राष्ट्र में तब्दील करने के मार्ग में तीन व्यक्तित्व हिंदू राष्ट्रवादियों के मार्ग में सबसे बड़ी बाधाएं हैं,...
मैंने हरियाणा के सोहना स्थित धम्मा सेंटर में भिक्षु के रूप में दस दिन बिताए। यहां न बोलना था, न आंखें मिलानी थी किसी से, जो मिल जाए वो खाना था। काम के नाम पर दिन भर ध्यान करना साधना करना। बाहरी दुनिया से...
भारतीय राजनीति में गला काट प्रतियोगिता, जानलेवा संघर्ष, षड्यंत्र, और चालबाजियों का बोलबाला है। यहाँ अनगिनत प्रतिद्वंद्वी और दुश्मन हैं—अपने भी, पराये भी, अंदर से भी, और बाहर से भी। ऐसी स्थिति में आज किसी के लिए बहनजी या उनके समान किसी नेता के...
बहुजन समाज के नायकों की फेहरिस्त लम्बी रही है। उन नायकों से प्रेरणा लेकर बाद की पीढ़ी ने भी सम्मान के लिए संघर्ष का रास्ता चुना। केशरीलाल जी, उसी श्रृंखला के नायक का नाम है। बीते 19 सितंबर 2024 को 85 साल की उम्र...
भारतीय हिन्दू समाज में जाति को आधारशिला माना गया है. इस में श्रेणीबद्ध असमानता के ढांचे में अछूत सबसे निचले स्तर पर हैं, जिन्हें 1935 तक सरकारी तौर पर 'डिप्रेस्ड क्लासेज' कहा जाता था. गांधीजी ने उन्हें 'हरिजन' के नाम से पुरस्कृत किया था,...
आज जिन जातियों को जो नाम हैं, क्या वह वह नाम उन्हें जाति व्यवस्था के जन्म के बाद ही मिला है, ऐसा नहीं है, इस बारे में एक जरूरी भ्रम जरूर दूर कर लेना चाहिए-संदर्भ बुद्ध को खीर खिलाने वाली सुजाता की जाति क्या...
(लेखक- अविनास दास) जनवरी, 2021 में रवि मुंबई आये थे। रांची में डॉक्टरों को कुछ शक़ हुआ, तो उन्हें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल रेफ़र किया था। जब मालूम पड़ा कि रवि को आख़िरी स्टेज का लंग कैंसर है, उस वक़्त मैं उनके साथ था। ज़ाहिर है,...
झारखंड राज्य चुनाव की दहलीज पर खड़ा है। यहां नवम्बर में विधानसभा के चुनाव है। ऐसे में भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए तमाम हथकंडे अपनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए अपने बयानों से तमाम दिग्गज नेता जमकर प्रोपेगेंडा फैलाने में जुटे हैं।...
लेखकः मुस्ताक अली बोहरा| आजाद हिन्दुस्तान के संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। बाबा साहब को चाहे राजनीतिज्ञ के रूप देखा जाए या फिर समाजसेवी के रूप में या वकील के रूप में, हर किसी क्षेत्र में उनका योगदान...
सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की खंडपीठ के द्वारा एक अगस्त को आरक्षण में वर्गीकरण और क्रीमी लेयर को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद दलित समाज के भीतर से विरोध उठना शुरू हो गया। इस बीच 9 अगस्त को इस बारे में केंद्र...
Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...