चीन सीमा से AN-32 विमान लापता, सर्च ऑपरेशन में वायुसेना के साथ थल सेना भी जुटी

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना का Antonov AN-32 विमान अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास स्थित मेचुका एयरबेस से पिछले कुछ घंटे से लापता है. विमान के गायब होनेे के बाद वायुसेना ने इसेे खोजने के लिए सर्च अभियान चलाया था, लेकिन अब-तक इस विमान केे बारे मेंं कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.जानकारी अनुसार सर्च ऑपरेशन रात तक जारी रहेगा. इस अभियान में वायुसेना के साथ थल सेना भी जुट गई है. स्थल के संभावित स्थान की कुछ जानकारी प्राप्त हुई है. हालांकि, अभी तक किसी मलबे को नहीं देखा गया है.

बता देें कि इस विमान में 13 लोग सवार हैं. विमान से अंतिम बार दोपहर 1 बजे संपर्क हुआ था. इस विमान में सवार लोगों में चालक दल के आठ सदस्य और पांच यात्री शामिल हैं. घटना की जानकारी मिलने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना के उप प्रमुख राकेश सिंह भदौरिया से बातचीत की और सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की.

जानकारी अनुसार इस विमान ने दोपहर 12.25 बजे जोरहाट से उड़ान भरी थी, लेकिन दोपहर 1 बजे के बाद से विमान से संपर्क टूट गया . वायुसेना ने इस विमान को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया है. इस अभियान के लिए सुखोई 30 एयरक्राफ्ट और सी-130 स्पेशल ऑपरेशन एयरक्राफ्ट को लॉन्च किया गया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना के उप प्रमुख से विमान की जानकारी ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना के उप प्रमुख से बात कर लापता विमान के बारे में जानकारी ली है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘कुछ घंटों से लापता IAF के AN-32 एयरक्राफ्ट को लेकर मैंने एयर फोर्स के वाइस चीफ एयर मार्शल राकेश सिंह भदौरिया से बात की है. उन्होंने लापता विमान का पता लगाने के लिए इंडियन एयर फोर्स की तरफ से उठाए गए कदमों की मुझे जानकारी दी. मैं विमान में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं.’

2016 में बंगाल की खाड़ी से लापता हो गया था AN-32 विमान
इससे पहले जुलाई 2016 में, भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान 29 लोगों के साथ बंगाल की खाड़ी से लापता हो गया था. इस विमान ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए चेन्नई के एक एयरबेस से उड़ान भरी थी. इस विमान का उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद रडार सेे संपर्क टूट गया था. इस विमान के लापता होने के बाद वायुसेना ने अबतक का सबसे लंबा खोजी अभियान चलाया था, जो लगभग एक माह तक चला था. इसके बाद भी विमान के बारे में कुछ पता नहीं चल सका था.

मेचुका में पहले भी दुर्घटनाग्रस्त हो चुका AN-32 एयरक्राफ्ट
जुलाई 2016 से पहले यह विमान दो बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है. पहली बार 25 मार्च 1986 को हिंद महासागर के ऊपर से यह विमान गायब हुआ था. तब यह विमान सोवियत यूनियन से ओमान के रास्ते होते हुए भारत आ रहा था. इसमें तीन क्रू मेंबर और चार यात्री सवार थे. तब इस विमान और उन लोगों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाया था. उसके बाद दूसरी बार 10 जून 2009 को अरुणाचल प्रदेश के मेचुका से उड़ान भरने के बाद ये विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस समय एएन-32 विमान में कुल 13 लोग सवार थे.

जानिए, Antonov An-32 विमान के बारे में
Antonov An-32 दो इंजन वाला टर्बोप्रोप मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है. ये एयरक्राफ्ट रूसी विमान एएन-26 का आधुनिक वर्जन है. इस विमान की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह किसी भी मौसम में उड़ान भरने में सझम है. इस एयरक्राफ्ट को इंदिरा गांधी की सरकार के समय रूस और भारत के बीच दोस्ताना संबंध और भारतीय वायुसेना की जरूरतों को देखते हुए मंगाया गया था. इसका अधिकतम इस्तेमाल कम और मध्यम हवाई दूरी के लिए सैन्य साजो-सामान पहुचांने, आपदा के समय घायलों को अस्पताल लाने-ले जाने और जावनों को एक जगह दूसरी जगह पहुंचाने में किया जाता है. भारत में जब भी युद्ध और प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों हुई है इस विमान ने इंडियन एयरफोर्स का बहुत साथ निभाया है. कारगिल युद्ध के दौरान यह विमान जवानों को दुर्गम स्थानों पर भेजने में अहम साबित हुआ था.

दुनिया में इस्तेमाल
दुनिया के 10 देशों में 240 से अधिक एएन विमान संचालित किए जा रहे हैं. भारत में 105 विमान अभी सेवा में हैं.

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