HomeTop Newsदिल्लीः स्वाति मालीवाल ने होटल से 39 लड़कियों को छुड़ाया

दिल्लीः स्वाति मालीवाल ने होटल से 39 लड़कियों को छुड़ाया

नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल महिलाओं के लिए जैसे फरिश्ता बनकर आई हैं. एक के बाद एक कई मामलों में स्वाति मालीवाल ने सैकड़ों लड़कियों की जिंदगी तबाह होने से बचा ली है. ताजा मामला मंगलवार का है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वेश्यावृति रैकेट के चंगुल से 39 लड़कियों को छुड़ाया है. स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार देर रात इन लड़कियों को दिल्ली के पहाड़गंज से आजाद कराया. इन लड़कियों को नेपाल से दिल्ली वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलने के लिए लाया गया था.

यही नहीं, इससे पहले स्वाति मालीवाल ने मंगलवार शाम वसंत विहार पुलिस थाना क्षेत्र से 18 महिलाओं को छुड़ाया था. इनमें भी 16 महिलाएं नेपाल की हैं. पुलिस ने बताया कि एक संयुक्त अभियान में वाराणसी पुलिस की अपराध शाखा और दिल्ली पुलिस ने कल वसंत विहार पुलिस थाना क्षेत्र में एक मकान पर छापेमारी की और 18 महिलाओं को छुड़ाया था.

पुलिस के मुताबिक इन महिलाओं को पिछले कुछ दिनों से घर में बंद रखा गया था और उन्हें जल्द ही तस्करी के जरिए खाड़ी देशों में भेजा जाने वाला था. उन्होंने इस बाबत पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि इन महिलाओं को आश्रय गृहों में भेजा जाएगा और उन्हें वापस भेजने के लिए नेपाली दूतावास से संपर्क किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को जहां रखा गया था, वहां से 68 पासपोर्ट बरामद किए गए जिनमें से सात भारतीय पासपोर्ट हैं.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नेपाली महिलाओं को नौकरियों का झांसा देकर फंसाया गया. छुड़ाई गई महिलाओं ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष को बताया कि वे नेपाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों की रहने वाली हैं. ज्यादातर ने भूकंप में अपने घर-परिवार गंवा दिए हैं. उनकी उम्र 18 से 30 साल के बीच है. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं.

मालीवाल ने आरोप लगाया कि ‘दिल्ली मानव तस्करी का केंद्र बन गया है. दिल्ली महिला आयोग को इन रैकेटों के बारे में पता चलता है, अन्य राज्यों की पुलिस को उनके बारे में पता चल जाता है, लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रहती है. वाराणसी पुलिस ने मुझे बताया कि मैदान गढ़ी के उस मकान का इस्तेमाल पिछले कई साल से महिलाओं की जत्थों में तस्करी के लिए होता था. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर स्थानीय पुलिस को इसके बारे में कैसे पता नहीं चला?

करन कुमार

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