
अलवर। राजस्थान में अलवर ज़िले के भिवाड़ी में होली मनाने के दौरान एक दलित किशोर की हत्या कर दी गई. हत्या की वजह यह थी कि किशोर अपने दोस्तों के साथ मिलकर डीजे पर नाच रहा था और धूम-धाम के साथ होली मना रहा था. मृतक के पिता बाबूलाल जाटव का आरोप है कि दबंगों ने उनके किशोर बेटे नीरज जाटव की पीट-पीटकर जान ले ली.
बीबीसी के मुताबिक बाबूलाल जाटव का कहना है कि जातिवादी गुंडों ने युवक और उनके परिवार को जातिसूचक गालियां दी. दलित होकर जोशो-खरोश से होली मनाना उन लोगों को बर्दाश्त नहीं हुआ. भिवाड़ी के ही मोहर सिंह फ़ासल का कहना है कि “दलित नौजवान डीजे के साथ होली मना रहे थे. यह दबंगों को नागवार लगा और फिर हमला कर दिया गया.” पुलिस ने इस घटना में पांच लोगों को हिरासत में लिया है. लेकिन होली जैसे त्यौहार के दिन दलित युवक की हत्या उस वर्ग के तर्क को बल देती है, जो होली को दलितों का पर्व मानने से इंकार करते हैं.

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humare logo ne to holi manana nahi chahiye our to our durga puja ho ya aise bahot sare hindu o ke jo festival hai tahata our ek baat bolana chahunga ki hamare logo ne mandir me bhi nahi jana chahiye agar uske baad kai hamare uppar hamla karata hai to sare samaj ke logo ne milkar aishi shaktiyo ko usi samay nest nabut karake hamare purwajo ki jo shorya gaatha hai use dhika dena chahiye-
jaibhim jaibharat