मुंबई एयरपोर्ट पर लगे अडाणी के बोर्ड को शिव सैनिकों ने तोड़ दिया है। दरअसल मराठी अस्मिता केंद्रित राजनीति करने वाली शिवसेना छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना आइकन मानती है। ऐसे में जब अडाणी ग्रुप ने मुंबई एयरपोर्ट का अधिग्रहण करने के बाद उस पर जब अडाणी का बोर्ड लगाया, तो शिवसैनिकों ने इसे मराठी अस्मिता पर हमला बताया। अडाणी ग्रुप ने इसी साल जुलाई में मुंबई एयरपोर्ट के मैनेजमेंट का काम संभाला है। अडाणी ग्रुप के पास फिलहाल 74 फीसदी की हिस्सेदारी है।
इस बीच अडानी ग्रुप की ओर से कहा गया है कि एयरपोर्ट का नाम अब भी छत्रपति शिवाजी के नाम पर है। उसमें कोई तब्दीली नहीं की गई है। बता दें कि बीते कुछ सालों में अडानी ग्रुप ने एयरपोर्ट्स के मैनेजमेंट का अधिकार लेने में बड़ा निवेश किया है। केरल के कोच्चि एयरपोर्ट से लेकर मुंबई एयरपोर्ट तक का कॉन्ट्रैक्ट अडानी ग्रुप ने हासिल किया है।

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