Friday, February 13, 2026
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सतेन्द्र सिंह ने 9 घंटे तैरकर पार किया न्यूजीलैंड का 24 किमी का कुक स्ट्रेट, एशिया में बनाया रिकार्ड

कुक स्ट्रेट न्यूज़ीलैंड के नॉर्थ आइलैंड और साउथ आइलैंड के बीच स्थित है। यह समुद्री मार्ग अत्यंत ठंडे पानी, तेज़ धाराओं और चुनौतीपूर्ण मौसम की परिस्थितियों के लिए विश्व भर में जाना जाता है। यह लक्ष्य विश्व की कठिनतम ओपन वॉटर तैराकियों में गिनी जाती है।

न्यूजीलैंड/दिल्ली। पद्मश्री और प्रतिष्ठित नार्वे तेनजिंग अवार्ड से सम्मानित सत्येंद्र सिंह लोहिया ने न्यूजीलैंड में कुक स्ट्रेट विजय कर लिया है। लगातार 9 घंटे 22 मिनट तैरते हुए सतेन्द्र सिंह ने 24 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान पानी का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस था। खास बात यह है कि सत्येन्द्र सिंह ऐसा करने वाले एशिया के पहले दिव्यांग तैराक हैं।
कुक स्ट्रेट न्यूज़ीलैंड के नॉर्थ आइलैंड और साउथ आइलैंड के बीच स्थित है। यह समुद्री मार्ग अत्यंत ठंडे पानी, तेज़ धाराओं और चुनौतीपूर्ण मौसम की परिस्थितियों के लिए विश्व भर में जाना जाता है। यह लक्ष्य विश्व की कठिनतम ओपन वॉटर तैराकियों में गिनी जाती है। यह विजय हासिल करने के बाद सत्येन्द्र ने भारत के तिरंगे के साथ ही बाबासाहेब के चित्र वाला ‘जय भीम’ का झंडा भी लहराया।

मध्यप्रदेश के रहने वाले सत्येन्द्र सिंह इससे पहले भी कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। दिव्यांग जनों की श्रेणी में साल 2019 में सत्येन्द्र को नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। सत्येंद्र सिंह लोहिया इससे पूर्व विश्व की कई प्रतिष्ठित समुद्री तैराकियों के लक्ष्य को सफलता पूर्वक हासिल कर चुके हैं। इसमें, इंग्लिश चैनल (इंग्लैंड), कैटालिना चैनल (अमेरिका), नॉर्थ चैनल (आयरलैंड–स्कॉटलैंड) को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं। उनकी हालिया उपलब्धि पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतेन्द्र सिंह को बधाई दी है।

इस उपलब्धि के बाद सत्येन्द्र सिंह ने दलित दस्तक से बातचीत करते हुए कहा कि- “मेरे लिए यह तैराकी केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि उन करोड़ों दिव्यांग साथियों के लिए प्रेरणा है, जो जीवन में बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।”

हालिया उपलब्धि ने निश्चित तौर पर भारत के लाल सत्येंद्र सिंह ने इस उपलब्धि से न सिर्फ दिव्यांग समाज को प्रेरणा दी है, बल्कि भारत का नाम और तिरंगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा कर दिया है। दलित दस्तक ने साल 2019 में ही सत्येन्द्र के भीतर छुपी प्रतिभा को सम्मान देते हुए अपनी मैगजीन के कवर पेज पर न सिर्फ तस्वीर प्रकाशित की थी, बल्कि उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर कवर स्टोरी भी प्रकाशित किया था।

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