Tuesday, February 17, 2026
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बुद्ध शरण हंस की स्मृति में पटना में श्रद्धांजलि सभा

विगत दिनों अंबेडकर मिशन पत्रिका के संपादक और वरिष्ठ अंबेडकरवादी बुद्ध शरण हंस का परिनिर्वाण हो गया था। तब से उनके प्रशंसकों में उनके सम्मान और याद में एक श्रद्धांजलि सभा के आयोजन की चर्चा हो रही थी। 15 फरवरी 2026 को पटना के दारोगा राय पथ अवस्थित बुद्ध विहार में यह सभा आयोजित हुई।

पटना। विगत दिनों अंबेडकर मिशन पत्रिका के संपादक और वरिष्ठ अंबेडकरवादी बुद्ध शरण हंस का परिनिर्वाण हो गया था। तब से उनके प्रशंसकों में उनके सम्मान और याद में एक श्रद्धांजलि सभा के आयोजन की चर्चा हो रही थी। 15 फरवरी 2026 को पटना के दारोगा राय पथ अवस्थित बुद्ध विहार में यह सभा आयोजित हुई। इस दौरान बिहार और देश के तमाम हिस्सों से उनके पाठक और प्रशंसक इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान बुद्ध शरण हंस जी कि प्रतिमा का अनावरण किया गया।
उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए मैंने बताया कि हंस साहब की पहचान मुख्यतः ब्राह्मणवाद के यम के रूप रही है, किंतु वह इससे आगे की चीज थे। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के 1938 वाले मनमाड़ भाषण से प्रेरित होकर अपने चिंतन को सामाजिक कष्टों के निवारण से आगे बढ़कर बहुजन के आर्थिक कष्टों के निवारण पर केंद्रित किया था, जिसका सबूत 1977 में प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘शोषितों की समस्या है”, जिसमें उन्होंने बहुजन की आर्थिक मुक्ति का 50 साल आगे का विजन प्रस्तुत किया था। बहुजनों की आर्थिक मुक्ति के लिए ही, वह डायवर्सिटी मिशन से जुड़े। आज भारतीय राजनीति पूरी तरह डायवर्सिटी पर केंद्रित है और इसका बड़ा श्रेय बुद्ध शरण हंस साहब को जाता है।

बिहार के बाहर से आए मशहूर लेखक डॉ विजय कुमार त्रिशरण, डॉ . सिद्धार्थ रामू, पीएल आदर्श सहित पटना के प्रख्यात शिक्षाविद प्रो रमाशंकर आर्या, पूर्व आयकर कमिश्नर व आंबेडकरवादी वीरेंद्र कुमार, विधायक ललन कुमार, प्रो हुलेश मांझी, मा. केदार मांझी, प्रो अमित पासवान, मा. संतोष पासवान सहित अन्य अनेक गणमान्य शख्सियतों ने हंस साहब के व्यक्तित्व और योगदान पर रोशनी डाला। कार्यक्रम की शुरुआत सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में उनकी प्रतिमा का अनावरण करके हुआ।सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ कि बुद्ध विहार में परिनिवृत डॉ. करुणाकर के साथ हंस साहब की भी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंच संचालन परिनिवृत बुद्ध शरण हंस साहब की विरासत को आगे बढ़ा रहीं जया कुमारी यशपाल ने किया।

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